Thursday, 16 Apr 2026 | 03:37 AM

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कॉन्स्टेबल ने साथियों के साथ किया एजेंट का अपहरण:दतिया में दिनदहाड़े बोलेरो से उठाया; 7 KM पीछा कर 2 गिरफ्तार, आरक्षक फरार

कॉन्स्टेबल ने साथियों के साथ किया एजेंट का अपहरण:दतिया में दिनदहाड़े बोलेरो से उठाया; 7 KM पीछा कर 2 गिरफ्तार, आरक्षक फरार

दतिया में बाइक की बकाया किस्त मांगने के विवाद में शिवपुरी के दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी ने अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर गुरुवार दोपहर एक 21 वर्षीय रिकवरी एजेंट का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया। आरोपियों ने एजेंट के साथ मारपीट कर उसे जबरन बोलेरो में बैठाया और रास्ते में डराने के लिए फायरिंग भी की। दतिया पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर 7 किलोमीटर तक पीछा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में आरक्षक राजपाल मांझी सहित 4 अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस ने अपहरण और मारपीट का केस दर्ज कर लिया है। ऑनलाइन सेंटर से बोलेरो में बैठाया, रास्ते में की फायरिंग जानकारी के अनुसार, दतिया निवासी 21 वर्षीय विजय बाल्मीकि एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करता है। उसने एक ग्राहक को बाइक फाइनेंस करवाई थी, जिसकी किस्तें बकाया थीं। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद आरोपी पक्ष ने विजय के अपहरण की योजना बनाई। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे विजय दतिया के एक ऑनलाइन सेंटर पर मौजूद था। तभी छोटू मांझी, उसका भाई आरक्षक राजपाल मांझी (थाना दिनारा, शिवपुरी), बंटी उर्फ मुस्लिमान और अन्य साथी वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले विजय के साथ मारपीट की और फिर उसे जबरन एक बोलेरो वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया। अपहरण के दौरान आरोपियों ने रास्ते में विजय के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। सूत्रों के अनुसार, उसे डराने के उद्देश्य से फायरिंग भी की गई थी। पुलिस ने 7 KM किया पीछा, एजेंट को सड़क पर छोड़कर भागे घटना की सूचना मिलते ही दतिया पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को अपनी ओर आता देख, आरोपी एजेंट को सड़क पर छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने लगभग 7 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी छोटू मांझी और बंटी उर्फ मुस्लिमान को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, आरक्षक राजपाल मांझी सहित चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। ये खबर भी पढ़ें… दतिया में फायरिंग और बैंक एजेंट अपहरण के आरोपी गिरफ्तार दतिया में अवैध हथियारों से फायरिंग कर दहशत फैलाने और बैंक एजेंट का अपहरण करने के आरोप में दो मुख्य आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के गोंडा मोहल्ले में हुई थी… पूरी खबर पढ़िए

चैटजीपीटी की मदद से घर ₹9.5 करोड़ में बिका:₹95 लाख ज्यादा कीमत मिली, बिना एजेंट 5 दिन में डील हुई

चैटजीपीटी की मदद से घर ₹9.5 करोड़ में बिका:₹95 लाख ज्यादा कीमत मिली, बिना एजेंट 5 दिन में डील हुई

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक शख्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके अपना घर करीब 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपए) में बेच दिया है। मियामी में रहने वाले रॉबर्ट लेविन ने घर बेचने के लिए किसी रियल एस्टेट एजेंट की मदद नहीं ली, बल्कि चैटजीपीटी को अपना गाइड बनाया। लेविन ने केवल 5 दिनों के अंदर ही अपने घर की डील क्लोज कर दी। खास बात यह है कि घर की जो कीमत लोकल एजेंट्स ने बताई थी, लेविन को AI की सलाह की वजह से उससे 95 लाख रुपए ज्यादा मिले। मार्केटिंग से लेकर कागजी कार्रवाई तक सब AI ने किया न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रॉबर्ट लेविन यह टेस्ट करना चाहते थे कि क्या AI घर बेचने की पूरी प्रोसेस को अकेले संभाल सकता है। उन्होंने घर की सही कीमत तय करने (प्राइसिंग), लिस्टिंग तैयार करने और मार्केटिंग कंटेंट लिखने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया। लेविन ने बताया कि उन्होंने हर छोटे-बड़े फैसले के लिए टूल पर भरोसा किया। AI ने बताया- घर कब लिस्ट करें और क्या बदलाव करें चैटजीपीटी ने लेविन को न केवल कंटेंट लिखकर दिया, बल्कि यह भी बताया कि घर को मार्केट में उतारने का सबसे सही समय क्या है ताकि खरीदार तुरंत आकर्षित हों। टूल ने उन्हें घर में कुछ छोटे सुधार करने की भी सलाह दी, जिससे प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ने में मदद मिली। लेविन के मुताबिक हमने वैसा ही किया, जैसा टूल ने बताया। 3 दिन में 5 ऑफर आए, एजेंट्स के अनुमान से ₹95 लाख ज्यादा मिले घर को मार्केट में लिस्ट करने के महज तीन दिनों के भीतर लेविन को 5 खरीदारों के ऑफर मिल गए। उन्होंने घर को 1 मिलियन डॉलर में बेच दिया। यह कीमत रियल एस्टेट एजेंटों द्वारा दिए गए अनुमान से 95 लाख रुपए ज्यादा थी। लाखों का कमीशन बचाया, पर प्रोफेशनल की सलाह भी मानी लेविन ने कहा कि AI के इस्तेमाल से उन्होंने एजेंट को दी जाने वाला कमीशन बचा लिया। हालांकि, उन्होंने सावधानी बरतते हुए कागजी कार्रवाई के लिए एक वकील की मदद जरूर ली। लेविन का मानना है कि AI पूरी तरह से पेशेवरों की जगह नहीं ले सकता, लेकिन यह काम को बहुत आसान और किफायती बना देता है। ये खबर भी पढ़ें… आईफोन-15 और 16 जैसे पुराने मॉडल्स ₹5,000 तक महंगे होंगे: एपल ने इंसेंटिव देना बंद किया, रिटेलर्स ग्राहकों से वसूलेंगे यह कीमत भारत में अब पुराने आईफोन खरीदने पर ग्राहकों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। एपल ने आईफोन 15 और 16 जैसे पुराने मॉडल्स पर रिटेलर्स को डिमांड जनरेशन (DG) सपोर्ट यानी इंसेंटिव देना बंद करने का फैसला किया, जिससे कीमतें करीब 5,000 रुपए तक बढ़ सकती हैं। मनीकंट्रोल के मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह फैसला इसी हफ्ते लागू हो सकता है। हाल ही में कैशबैक ऑफर्स 6,000 से घटाकर 1,000 रुपए किए गए थे, जिससे आईफोन 17 सीरीज महंगी हुई और अब पुराने मॉडल्स की कीमतें भी बढ़ जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…

इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के दौरे के दौरान पार्टी की रणनीति को लेकर मंथन हुआ। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की गई। इस बैठक में शहर कार्यकारिणी, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद कार्यालय में भोजन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की की स्थिति बन गई। मालवा-निमाड़ पर फोकस, इंदौर बनेगा केंद्र कांग्रेस अब मालवा-निमाड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इंदौर को केंद्र बनाकर रणनीति तैयार कर रही है। बैठक में शहर की 9 विधानसभा सीटों के साथ पूरे क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। पार्टी बूथ स्तर से अभियान शुरू करने की तैयारी में है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके। हरीश चौधरी की सख्त चेतावनी बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ कहा कि जो नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच नहीं जा रहे, वे पार्टी के नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सक्रिय होकर मैदान में उतरने की नसीहत दी। बैठक के बाद अव्यवस्था, धक्का-मुक्की बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस कार्यालय में अव्यवस्था भी देखने को मिली। भोजन वितरण के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल उठने लगे।

कुरुक्षेत्र के तीन युवक उज्बेकिस्तान में किडनैप:बंधक बनाकर रखा, टॉर्चर किया; 45 लाख की फिरौती लेकर छोड़े, एजेंट ने भेजना था स्पेन

कुरुक्षेत्र के तीन युवक उज्बेकिस्तान में किडनैप:बंधक बनाकर रखा, टॉर्चर किया; 45 लाख की फिरौती लेकर छोड़े, एजेंट ने भेजना था स्पेन

कुरुक्षेत्र जिले में तीन युवक को स्पेन भेजने का झांसा देकर एजेंट ने उज्बेकिस्तान में किडनैप करवा दिया। यहां किडनैपर्स ने 3 दिन तक उनको हाथ-पांव बांधकर रखा और टॉर्चर किया। उन्होंने टॉर्चर की वीडियो दिखाकर परिवार से 45 लाख रुपए की फिरौती मांगी। किडनैपर्स ने परिवार को वीडियो कॉल पर धमकाया कि उन्होंने एजेंट से इन तीनों को खरीदा है। अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उनके बच्चों को मार देंगे। परिवार से 45 लाख रुपए की फिरौती वसूलने के बाद अगले दिन तीनों को छोड़ा गया। एजेंट ने उज्बेकिस्तान से स्पेन का वीजा लगवाने का भरोसा दिया था। 15 लाख रुपए में बात तय सुनील कुमार का बेटा मोहन लाल, कुलदीप सिंह का बेटा बहादुर सिंह ओर सोमप्रकाश का बेटा मनदीप है। तीनों कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं। सुनील कुमार, कुलदीप सिंह और सोम प्रकाश ने बताया कि, मोहन लाल, बहादुर सिंह और मनदीप को स्पेन भेजने की बात हुई थी। आरोपी एजेंट प्रेम सैनी, उसकी पत्नी अनीता रानी और उनके साथी अकरम खान व अली ने उन तीनों से 15-15 लाख रुपए मांगे थे। इसमें 2-2 लाख एडवांस, बाकी पेमेंट स्पेन पहुंचने पर देना तय हुआ था। स्पेन की जगह उज्बेकिस्तान भेजा आरोपी एजेंट ने जनवरी 2026 में पासपोर्ट के साथ तीनों परिवार से 2-2 लाख रुपए एडवांस लिए। पैसे लेकर आरोपी एजेंट ने बच्चों को जाने का रूट बदल दिया। आरोपी ने आश्वासन दिया कि सीधे स्पेन नहीं जा सकते। इसलिए पहले उज्बेकिस्तान, फिर अजरबैजान, उसके बाद उनको स्पेन भेजा जाएगा। 16 फरवरी को करवाई फ्लाइट आरोपी ने 9 फरवरी को उज्बेकिस्तान का वीजा दिया और 16 फरवरी को फ्लाइट करवा दी। 15 फरवरी की शाम को परिवार तीनों को लेकर दिल्ली के महिपालपुर होटल पहुंचे। यहां अकरम खान और अली ने युवकों के पासपोर्ट-टिकट देखे और फोटो लेकर उज्बेकिस्तान में उनके लोग होने का दावा किया। साथ ही आश्वासन दिया कि उनके लोग तीनों युवकों को रिसीव कर लेंगे। 16 फरवरी शाम 4 बजे तीनों युवक उज्बेकिस्तान पहुंच गए। एयरपोर्ट पर अकबर खान और दानिश खान नाम के दो लोग आए। उन्होंने एजेंट प्रेम सैनी, अकरम और अली का हवाला दिया और अपने साथ लेकर चले गए। दो दिन बाद 18 फरवरी को युवकों का फोन उनके पास आया। हाथ-पैर बांध किया टॉर्चर किडनैपर्स ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर दिखाया कि उनके बच्चों के हाथ-पैर बांध रखे हैं और उनके साथ मारपीट की जा रही है। उसी दिन बाबा खान नाम के शख्स का फोन आया, जिसने धमकाया कि उसने तुम्हारे बच्चों को प्रेम सैनी, अकरम और अली से खरीद लिया है। 45 लाख रुपए मांगे उसने धमकाते हुए 45 लाख रुपए की फिरौती मांगी और कहा कि पैसे नहीं तो जान खतरे में। वे घबरा गए और प्रेम सैनी से बातचीत की। आरोपी एजेंट ने कहा कि उनको पैसे दे दो, हम बच्चों को छुड़वा लेंगे। 20 फरवरी उन्होंने 45 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए। अगले ही दिन आरोपियों ने बच्चों को छोड़ दिया और टिकट करवाने की बात कही। पुलिस ने किया मामला दर्ज परिवार ने उसी दिन उनकी टिकट करवाई और अगले ही दिन तीनों बच्चे सुरक्षित घर वापस आ गए। उन्होंने आरोपी एजेंट से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन उन्होंने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। अब शिकायत पर पुलिस ने थाना कृष्णा गेट में आरोपी एजेंट पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मुरैना जिला अस्पताल में फायरिंग का VIDEO:प्रसूता को ले जाने के लिए भिड़े 2 निजी अस्पतालों के एजेंट; केस दर्ज करने शिकायत का इंतजार

मुरैना जिला अस्पताल में फायरिंग का VIDEO:प्रसूता को ले जाने के लिए भिड़े 2 निजी अस्पतालों के एजेंट; केस दर्ज करने शिकायत का इंतजार

मुरैना जिला अस्पताल के नवीन प्रसूति गृह के बाहर 15 मार्च की रात कैलारस से आई एक प्रसूता को अपने-अपने अस्पताल ले जाने की होड़ में निजी अस्पतालों के दो एजेंटों के बीच फायरिंग हो गई। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस अस्पताल प्रबंधन की ओर से शिकायत दर्ज कराने का इंतजार कर रही है। 15 मार्च की रात लगभग 2:17 बजे एक निजी एंबुलेंस से प्रसूता डिलेवरी के लिए कैलारस से मुरैना जिला अस्पताल आई थी। जैसे ही एंबुलेंस नवीन बिल्डिंग के मुख्य गेट पर पहुंची, वहां शिवाय हॉस्पिटल और सिटी हॉस्पिटल के एजेंट पहले से मौजूद थे। महिला को अपने-अपने अस्पताल ले जाने की होड़ में दोनों एंबुलेंस धारी एजेंटों के बीच विवाद हो गया और गोलियां चल गईं। फायरिंग करने के बाद दोनों एजेंट मौके से फरार हो गए और प्रसूता भी जिला अस्पताल के बजाय इलाज के लिए कहीं और चली गई। पुलिस को शिकायत का इंतजार जिला अस्पताल परिसर में निजी अस्पतालों का हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है, जिससे मरीजों और स्टाफ में दहशत का माहौल है। शनिवार रात दोनों एजेंटों के बीच हुई इस फायरिंग की पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया ने कहा, “जिला अस्पताल परिसर में मरीज ले जाने को लेकर गोली चली है दो लोग चिन्हित किए है।” उन्होंने आगे कहा, “अब अस्पताल प्रबंधन कोई फरियादी भेजे तब मामला दर्ज किया जाए।” सिविल सर्जन बोले- रात में मरीजों को आने ही नहीं दिया जाता सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “एजेंटो के द्वारा गोली चलाकर दहशत फैलाने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी घटना घटित हुई है।” उन्होंने कहा, “अब बदमाशों से दुश्मनी कौन ले असुरक्षा का माहौल है। निजी नर्सिंग होम के द्वारा बदमाश एजेंट एंबुलेंस देकर जिला अस्पताल के पास छोड़ दिए है।” उन्होंने आरोप लगाया, “मरीजों को अस्पताल में आने ही नहीं दिया जाता। यह सब रात में अधिक होता है दिन में मैं खुद राउंड लगता हूं।” डॉ. तोमर ने कहा, “15 की रात में भी यही हुआ। उस महिला मरीज का अभी तक नहीं पता कहां इलाज लिया होगा।” उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “जिला अस्पताल में कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है स्टाफ और मरीज के साथ। कई बार लिखित में भी शिकायत की है।” उन्होंने स्पष्ट किया, “अभी नेत्र शिविर में व्यस्त थे पुलिस को कार्रवाई हेतु पत्र लिखा गया था।”

बंधुआ मजदूरी का खुलासा, बैतूल के 18 मजदूर मुक्त:16–18 घंटे काम कराया, मारपीट की; मजदूर बोले-ठेकेदार और एजेंट पर FIR हो

बंधुआ मजदूरी का खुलासा, बैतूल के 18 मजदूर मुक्त:16–18 घंटे काम कराया, मारपीट की; मजदूर बोले-ठेकेदार और एजेंट पर FIR हो

बैतूल जिले के 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर से तीन महीने बाद मुक्त कराया गया है। एजेंट और ठेकेदारों द्वारा इन मजदूरों को मजदूरी का झांसा देकर सोलापुर ले जाया गया था, जहां उनसे जबरन गन्ना कटाई का काम कराया जा रहा था। ये मजदूर बैतूल के भीमपुर विकासखंड के ग्राम धुंधरी और हरदा जिले के दिदमंदा गांव के निवासी हैं। मजदूरों ने बताया कि उन्हें महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पानमंगुर गांव में बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरों के अनुसार, उनसे प्रतिदिन 16 से 18 घंटे काम कराया जाता था। विरोध करने या आराम करने पर उन्हें गालियां दी जाती थीं और मारपीट की जाती थी। शौच के लिए जाने पर भी निगरानी रखी जाती थी और देरी होने पर पिटाई की जाती थी। उन्हें मोबाइल फोन पर बात करने की भी अनुमति नहीं थी। एजेंट और ठेकेदार ने पैसे हड़प लिए मजदूरों का आरोप है कि उन्हें कोई मजदूरी नहीं दी गई। एजेंट और ठेकेदार ने उनके पैसे हड़प लिए। एक एजेंट ने 4 लाख रुपये लेकर भुगतान का वादा किया था, लेकिन एक भी रुपया नहीं दिया गया। किसी तरह मजदूरों ने जानसाहस संस्था के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर मदद मांगी। सूचना मिलने पर संस्था की टीम बैतूल से सोलापुर पहुंची और स्थानीय प्रशासन की सहायता से सभी मजदूरों को मुक्त कराया। बैतूल कलेक्टर ने सोलापुर कलेक्टर से समन्वय स्थापित कर मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। बैतूल लौटने के बाद मजदूरों ने कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है। उन्होंने एजेंट और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मजदूरों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें उनका बकाया मेहनताना दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से भविष्य में कोई भी ठेकेदार मजदूरों के साथ ऐसी धोखाधड़ी या शोषण नहीं कर पाएगा।

AI क्रांतिः तैयार सॉफ्टवेयर का दौर खत्म:भारतीय आईटी इंडस्ट्री के अरबों डॉलर बिजनेस मॉडल को बदल रहे, डेटा और एआई एजेंट का जमाना

AI क्रांतिः तैयार सॉफ्टवेयर का दौर खत्म:भारतीय आईटी इंडस्ट्री के अरबों डॉलर बिजनेस मॉडल को बदल रहे, डेटा और एआई एजेंट का जमाना

ग्लोबल टेक इंडस्ट्री एक निर्णायक मोड़ पर हैं, जहां पुराने अरबों डॉलर के बिजनेस मॉडल तेजी से ध्वस्त हो रहे हैं। क्लाउड, एआई और ऑटोमेशन ने पारंपरिक आईटी सर्विसेज, महंगे सॉफ्टवेयर लाइसेंस और लंबी अवधि के मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स को चुनौती दी है। अब कोडिंग, टेस्टिंग और सपोर्ट जैसे काम एआई टूल्स के जरिए तेजी से और कम लागत में किए जा रहे हैं। इससे आईटी कंपनियों के राजस्व पर दबाव पड़ रहा है। टेक जगत में इस बदलाव को सासपोकैलिप्स कहा जा रहा है, जो पारंपरिक सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस कंपनियों के लिए किसी प्रलय से कम नहीं है। इसकी दहशत में भारत समेत दुनियाभर के आईटी कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं। भारत में एक माह में आईटी इंडेक्स 14% से अधिक टूट चुका है, जो हालिया वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है। खास बात यह है कि इसकी अगुवाई भारतीय मूल के दिग्गज कर रहे हैं। जानते हैं ऐसे कुछ मार्केट लीडर्स के बारे में राहुल पाटील: 11 विभागों का काम एआई करेगा; आईटी के शेयर गिरे एन्थ्रोपिक में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर राहुल पाटील ने एआई मॉडल क्लाउड को चैटबॉट से आगे बढ़ाकर एक ऑटोनॉमस एआई वर्कफ्लो टूल क्लाउड कोवर्क में बदल दिया। इसमें 11 ऐसे प्लग-इन हैं जो अलग-अलग विभागों (लीगल, सेल्स, मार्केटिंग, डेटा आदि) के काम कर सकते हैं। इसकी लॉन्चिंग के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सॉफ्टवेयर और आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। राहुल ने कंप्यूटर साइंस में बीई बेंगलुरु से किया। अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में मास्टर किया। राहुल पाटील इससे पहले ओरेकल क्लाउड, अमेजन बेव सर्विसेज, स्ट्राइप और माइक्रोसॉफ्ट में अहम ओहदों पर रह चुके हैं। श्रीधर रामास्वामी: डेटा सॉल्यूशंस से सेल्सफोर्स, ओरेकल को कड़ी चुनौती स्नोफ्लेक सीईओ श्रीधर रामास्वामी के नेतृत्व में कंपनियों को अलग-अलग स्रोतों (एप्स, वेबसाइट) से डेटा जोड़ने, स्टोर करने और उसी डेटा पर एप्लिकेशन बनाने की सुविधा देता है। कंपनियां अब तैयार सॉफ्टवेयर (जैसे पारंपरिक सीआरएम) खरीदने के बजाय डेटा पर आधारित कस्टम सॉल्यूशंस बना रही हैं। स्नोफ्लेक का मॉडल एमेजन एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट एज्योर व गूगल क्लाउड तीनों पर काम करता है। इससे सेल्सफोर्स, ओरेकल जैसे एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनियों को चुनौती मिली है। रामास्वामी आईआईटी मद्रास से बीटेक और अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से पीएचडी हैं। गूगल में लंबे समय तक सीनियर वीपी रहे। 2024 में स्नोफ्लेक के सीईओ बनें। अरविंद कृष्णा: डेटा सुरक्षा के साथ कस्टम मॉडल बनाने की सुविधा दी आईबीएम सीईओ अरविंद कृष्णा कंपनी को पारंपरिक हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर दिग्गज से एआई और हाइब्रिड क्लाउड-फोकस्ड टेक कंपनी में बदल रहे हैं। वॉटसनएक्स प्लेटफॉर्म एंटरप्राइज एआई टूल्स का व्यापक इकोसिस्टम है। ये कंपनियों को एआई मॉडल बनाने, ट्रेन करने और सुरक्षित तरीके से लागू करने की सुविधा देता है। क्या बदलाव आया? मैनुअल कोडिंग, लंबी डेवलपमेंट प्रक्रिया कम हो रही है। कंपनियां अपने डेटा पर कस्टम एआई मॉडल तैयार कर सकती हैं। बैंकिंग, हेल्थकेयर, सरकारी संस्थान सुरक्षित तरीके से एआई अपना सकते हैं। कृष्णा ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग व यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय से पीएचडी। 1990 में आईबीएम से जुड़े। 2020 में सीईओ बने। रेवती अद्वैती: इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस से सॉफ्टवेयर कंपनियों को कड़ी चुनौती फ्लेक्स की सीईओ रेवती अद्वैती मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से आगे बढ़ाकर इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन प्रोवाइडर में बदल रही हैं। इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सिस्टम, हेल्थकेयर उपकरण जैसे प्रोडक्ट में सॉफ्टवेयर और एआई क्षमताएं जोड़ी जा रही हैं, जिससे डिवाइस खुद डेटा प्रोसेस कर सके। निर्णय लेने में सक्षम हो। क्या बदलाव आया? स्टैंडअलोन सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती। ग्राहक अलग-अलग समाधान खरीदने के बजाय इंटीग्रेटेड एंड-टू-एंड सिस्टम को प्राथमिकता दे रहे हैं। रेवती ने बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग और अमेरिका के थंडरबर्ड स्कूल से एमबीए किया। हनीवेल में सीनियर नेतृत्व भूमिकाओं के बाद 2019 में फ्लेक्स की सीईओ बनीं।

Delhi Police Caught Chines Agent: मोबाइल तोड़ा, चेक बुक जलाये, फिर भी नहीं बच सका गिरफ्तारी से, ऐसे दबोचे गए 3 चीनी एजेंट | delhi police busts international stock market scam cyber fraud racket 3 chines agent held

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Last Updated:February 09, 2026, 12:40 IST Delhi Police Caught Chines Agent: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार चीन से जुड़े हैं और ये ठगी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए विदेश भेजते थे. दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 42.5 लाख की ठगी का मामला सुलझाया है. दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन नई दिल्ली. दिल्ली में साइबर ठगों ने अब सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जड़ें जमा ली हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ‘Cy-Hawk’ ऑपरेशन के तहत एक हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह न केवल भारतीय नागरिकों को स्टॉक मार्केट के नाम पर ठग रहा था, बल्कि ठगी की रकम को चीनी हैंडलर्स की मदद से क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अबतक तीन साइबर ठगों को गिरप्तार किया है. उत्तम नगर के 56 साल के शख्स रंजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 42.5 लाख रुपये की ठगी की गई है. क्राइम ब्रांच ने 17 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच और पहली गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की टीम ने जब पैसों के लेन-देन (Money Trail) का पीछा किया, तो पता चला कि ठगी की रकम 36 अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी. इनमें से एक खाता सब्बीर अहमद निवासी मुनिरका के नाम पर था, जिसमें यूको बैंक के जरिए साढ़े तीन लाख से ज्यादा रुपये आए थे और उसी दिन चेक के जरिए निकाल लिए गए थे. इसके बाद होने लगी ताबड़तोड़ गिरफ्तारी पुलिस ने 21 जनवरी 2026 को सब्बीर को धर दबोचा. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह महज 2% कमीशन के लिए 9-10 बैंक खाते खुलवाकर उनकी किट दूसरे गैंग को सौंप चुका है. सब्बीर की निशानदेही पर पुलिस ने 5 फरवरी 2026 को बाटला हाउस से दो और आरोपियों मो. सरफराज और मो. दिलशाद को गिरफ्तार किया. इन दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि उनके सीधे संबंध चीनी हैंडलर्स के साथ हैं. क्रिप्टोकरेंसी से पैसे भेजते थे ये आरोपी ठगी के पैसों का इस्तेमाल चीनी नागरिकों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने के लिए करते थे, जिससे पैसा आसानी से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार चला जाता था. ये बैंक अधिकारियों से साठगांठ कर डमी उम्मीदवारों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाते थे. सब्बीर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही इन्होंने चेक बुक जला दी और सिम कार्ड तोड़ दिए, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले. हालांकि, पुलिस ने उस मोबाइल हैंडसेट को बरामद कर लिया है जिससे यह पूरा खेल संचालित हो रहा था. पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं. इससे पहले सितंबर 2025 में भी इन्हें दिल्ली की ‘साइबर वेस्ट’ पुलिस ने ठगी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था. जेल से बाहर आते ही इन्होंने फिर से अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए काम करना शुरू कर दिया. डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि यह मॉड्यूल बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस अब उन बैंक अधिकारियों और चीनी एजेंटों की तलाश कर रही है जो इस मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं. ऐसे में किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर मिले ‘स्टॉक मार्केट टिप्स’ पर भरोसा न करें. निवेश के लिए केवल सेबी (SEBI) द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 12:40 IST