हरियाणवी प्लेयर कॉमनवेल्थ मेडलिस्टों संग KBC पहुंचीं, ₹12.5 लाख जीते:गोल्ड मेडलिस्ट शर्मिला की कहानी सुन भावुक हुए अमिताभ; धनखड़ का बिना लाइफलाइन सटीक जवाब

कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट शर्मिला धनखड़ अपनी फैमिली के साथ कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के शो में पहुंचीं। उनके साथ लवलीना बोरगोहेन, झंडू कुमार और अस्मिता डे ने भी शो में हिस्सा लिया। हॉट सीट पर बैठकर इन खिलाड़ियों ने साढ़े 12 लाख भी जीते। एक-एक कर अभिताभ बच्चन ने चारों खिलाड़ियों की कहानी सुनी। हरियाणा के महेंद्रगढ़ की शर्मिला की कहानी सुनकर बिग-बी भावुक हो गए। उन्होंने शर्मिला की बड़ी बेटी से भी बात की। शो में उन्होंने बिना लाइफ लाइन लिए एक सवाल का जवाब भी दिया। अन्य खिलाड़ियों ने 11 सवालों के जवाब दिए। 13वें सवाल पर पहुंचते ही टाइम ओवर का हूटर बज गया। इस एपिसोड की शूटिंग 11 अगस्त को मुंबई में हुई थी, जिसका प्रसारण सोमवार रात हुआ। शर्मिला का बिना लाइफ लाइन सटीक जवाब शो में शर्मिला की कहानी सुनकर अमिताभ बच्चन भावुक हो गए। उन्होंने कहा, लोगों को केवल खेल की मेहनत दिखाई देती है लेकिन इसके पीछे की कहानी पता नहीं होती। इसके बाद बिग-बी ने शर्मिला की बड़ी बेटी अनुज से भी बात की। अनुज ने कहा, मां के मेडल की वजह से वो आज शो में आ पाई है। अब तक अमिताभ बच्चन को टीवी पर ही देखते थे। शो में शुरुआत 6 सवालों में बॉक्सर लवलीना बोहगोहेन और पैरा पावर लिफ्टर झंडू कुमार ने सवालों के जवाब दिए, सातवें सवाल से शर्मिला और अस्मिता डे हॉट सीट पर आ गई। सवाल किया गया कि सभी 10 महिला टी-20 वर्ड कप खेलने वाली खिलाड़ी कौन है? शर्मिला ने तुरंत सही जवाब देते हुए हरमनप्रीत कौर का नाम लिया। अमिताभ बच्चन ने उन्हें एक लाइफ लाइन लेने का भी मौका दिया, मगर शर्मिला ने इससे इनकार कर दिया और अपने जवाब पर डटी रहीं। सही जवाब होने पर जब उनसे पूछा गया कि उन्हें इसका उत्तर कैसे पता था, शर्मिला ने कहा- मैं महिलाओं का क्रिकेट मैच देखती हूं। अब जानिए, चारों प्लेयर्स ने अमिताभ को क्या कहानी सुनाई… वो सवाल, जिनके जवाबों से खिलाड़ियों ने साढ़े 12 लाख रुपए जीते.. सवाल (5 हजार रुपए के लिए): इनमें से किसका स्वाद आमतौर पर मीठा होता है? जवाब: ठेकुआ सवाल (10 हजार रुपए के लिए): ट्यूबलाइट, दबंग जैसी फिल्मों में किस अभिनेता ने काम किया है? जवाब: सलमान खान सवाल (15 हजार रुपए के लिए): पानी की बोतल की क्षमता किस इकाई से मापी जाती है ? जवाब: लीटर सवाल (20 हजार रुपए के लिए): पूर्वोतर भारत में कामाख्या के नजदीक सराय घाट पर दो पुल बने हुए हैं? जवाब: ब्रह्मपुत्र सवाल (25 हजार रुपए के लिए): उस शहर के बारे में कौनसा कथन सही है, जहा छत्रपति शिवाजी महाराज हवाई अड्डा स्थित है? जवाब: समुंद्र के पास स्थित है। सवाल: मीरा बाई चानू किस खेल में ओलिंपिक मेडलिस्ट हैं। सही उत्तर: वेटलिफ्टिंग सवाल (50 हजार रुपए के लिए): कौन सा शहर राजस्थान में है। जवाब: जोधपुर। सवाल (1 लाख रुपए के लिए): इनमें से कौनसा कथन चित्र में दिखाई गई सभी 4 भाषाओं में सही है। जवाब: सभी दक्षिण भारतीय भाषाएं हैं। सवाल (2 लाख रुपए के लिए): यदि हिंदी में गुरु और अंग्रेजी में टीचर हैं तो जापानी में वही शब्द क्या होगा ? सही उत्तर: सेन्सेई। सवाल (3 लाख रुपए के लिए): किसी खेल और उससे जुड़ी संस्कृति की इनमें से कौन सी जोड़ी गलत हैं ? जवाब: सैम्बो मलेशियाई। सवाल (5 लाख रुपए के लिए): इन चित्र का उल्लेख उस राज्य के नाम में है, जिसकी राजधानी शिलोंग है। सही उत्तर: मेघालय…ऑडियंस पोल का प्रयोग किया। सुपर संदूक खेल राउंड हुआ…90 सेकेंड में 10 सवाल, 7 सवाल के सही जवाब देकर फिफ्टी-फिफ्टी लाइफ मिली किस स्थान पर व्यायाम की मशीन होती है जवाब: जिम किस शब्द का अर्थ उम्मीद है। जवाब: आशा किस उपकरण से बाण मारा जाता है ? जवाब: धनुष कौन सा जानवर बड़ी बिल्ली है? जवाब: बाघ भारतीय स्वतंत्रता दिवस किस महीने में मनाया जाता है? जवाब: अगस्त कौन सा खेल बड़े मैदान पर खेला जाता है? जवाब: फुटबाल। किस फिल्म में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत की भूमिका निभाई? जवाब: नहीं दिया। इनमें से क्या तेलंगाना के लिए वाहन पंजीकरण कोड है ? जवाब: TG किस रियासत पर निजाम का शासन था? जवाब: नहीं दिया। इनमें से कौन सा शहर उत्तर प्रदेश में नहीं है ? जवाब नहीं दे पाई। सवाल: (साढ़े 7 लाख रुपए के लिए): ICC महिला टी-20 विश्व कप के सभी 10 संस्करणों में एकमात्र भारतीय कौन हैं? जवाब: हरमनप्रीत कौर सवाल: (साढ़े 12 लाख रुपए के लिए): 1887 में महात्मा गांधी से किस विश्वविद्यालय से दसवीं कक्षा पास की थी? जवाब: बॉम्बे विश्वविद्यालय सवाल: एलिस्टेयर मैककॉ इन दोनों पुस्तक शीर्षकों को कौन सा शब्द पूरा करेगा ? जवाब: चैंपियन इसके बाद टाइम ओवर का हूटर बज गया और गेम ओवर हो गया। ग्राफिक्स में इन खिलाड़ियों के बारे में जानिए:- ————– यह खबर भी पढ़ें… 2022 कॉमनवेल्थ के बाद गेम्स छोड़ना चाहती थीं शर्मिला धनखड़:मां ने कहा-अपने हिस्से की जमीन बेच दूंगी; पति ने फोकस के लिए दुकान छोड़ी कॉमनवेलथ गेम्स 2026 के महिला पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वालीं शर्मिला धनखड़ की जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब उन्होंने गेम्स से दूरी बनाने का फैसला कर लिया था। (पूरी खबर पढ़ें)
भारतीय शूटर जसपाल राणा का 49 की उम्र में निधन:6 जून को जर्मनी से लौटते वक्त तबीयत बिगड़ी थी; कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड जीते

भारत के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया है। वे 49 साल के थे। उन्हें दिल्ली के मैक्स साकेत हास्पिटल में एडमिट कराया गया था। जहां शुक्रवार सुबह जसपाल ने आखिरी सांस ली। (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)
खेल मंत्री रेखा आर्या का दावा:भविष्य में उत्तराखंड कर सकता है कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे खेलों की मेजबानी

उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को राजधानी देहरादून में दो बड़े खेल आयोजनों में शिरकत की। परेड ग्राउंड में उन्होंने जहां ‘उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब’ की वार्षिक प्रतियोगिता का शुभारंभ किया, वहीं आमवाला में ‘7वीं राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप’ के समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया। खेल मंत्री ने राज्य में खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड में जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा विकसित हुआ है, उसे देखते हुए हम आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे बड़े खेलों की मेजबानी की उम्मीद कर सकते हैं। संघर्ष और समर्पण सिखाते हैं खेल परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन करते हुए खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार के अवकाश के दिन आयोजित यह प्रतियोगिता संदेश देती है कि काम के साथ-साथ शरीर के लिए खेल भी उतना ही जरूरी है। खेल हमें परिश्रम, संघर्ष और समर्पण जैसे अहम गुण सिखाता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की प्रोत्साहन नीतियों आरक्षण और सीधी नौकरी के कारण आज युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, महासचिव प्रमोद कुमार, प्रभारी जिला खेल अधिकारी रविंदर भंडारी, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी पुनीता और संजय जोशी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आत्मरक्षा और फिटनेस का शानदार जरिया आमवाला स्थित मल्टीपरपज हॉल में दो दिवसीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप के समापन अवसर पर खेल मंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में राज्य के 8 जिलों से आए 250 से ज्यादा खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। रेखा आर्या ने बताया कि यह खेल पहले उत्तराखंड की खेल नीति में शामिल नहीं था, लेकिन गोवा राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन और मेडल जीतने के बाद इसे तुरंत नीति का हिस्सा बनाया गया। पिछले एक साल में राज्य के खिलाड़ियों ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना लोहा मनवाया है। अभिभावकों की सोच में आया सकारात्मक बदलाव खेल मंत्री ने कहा कि पेंचक सिलाट युवाओं को अनुशासन सिखाता है और आत्मरक्षा का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि अब अभिभावक खुद अपने बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह समाज में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। ऐसे में खिलाड़ियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरे उतरें।
नर्स बनने के लिए ओलिंपिक विजेता का संन्यास:कहा- मुझे ‘असली दुनिया’ का आकर्षण खींच रहा; कॉमनवेल्थ 2026 की टीम में शामिल थीं केटी आर्चीबाल्ड

ब्रिटेन की सबसे सफल और दिग्गज साइकिलिस्ट में से एक, तीन बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट केटी आर्चीबाल्ड ने अचानक संन्यास ले लिया है। हैरानी की बात यह है कि उन्हें इसी साल होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए स्कॉटलैंड की टीम में चुना गया था। लेकिन 32 वर्षीय केटी ने ट्रैक को हमेशा के लिए अलविदा कहकर अपना नया करियर चुन लिया है। अब वह एक नर्स के रूप में मरीजों की सेवा करती नजर आएंगी। केटी ने बताया कि काफी समय से ‘असली दुनिया’ का आकर्षण उन्हें अपनी ओर खींच रहा था। वह उस दुनिया को छोड़ने से डर रही थीं जिसे वह जानती हैं और उसमें माहिर हैं। लेकिन उनका मानना है कि अब उनके अंदर कोई डर नहीं बचा है। केटी ने कहा कि मैं उस स्टार्ट लाइन तक पहुंचने के लिए बेताब थी लेकिन अब मेरा दिमाग और शरीर साथ नहीं दे रहा है। समय आ गया है कि नई पीढ़ी अपना जलवा बिखेरे। अपने नए सफर के बारे में बात करते हुए केटी ने बताया कि वह फिलहाल एक नर्स बनने की ट्रेनिंग ले रही हैं और उन्हें इस नए पेशे से प्यार हो गया है। उनका कहना है कि जब लोगों को मदद की सख्त जरूरत हो और वे आप पर भरोसा कर सकें, तो उनके लिए वह भरोसेमंद इंसान बनना बहुत ही खास एहसास देता है। इस भावुक मौके पर केटी ने अपने शानदार सफर के लिए कोच, टीम के साथियों और परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से अपनी मां और अपने दिवंगत पार्टनर रैब वार्डेल को याद किया। गौरतलब है कि रैब का 2022 में 37 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से अचानक निधन हो गया था। केटी ने कहा कि रैब ने ही उन्हें सिखाया था कि जीवन में रिलैक्स रहने और मजे करने से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है और वह हर दिन इन दोनों चीजों में बेहतर हो रही हैं। 13 साल लंबा रहा करियर, 7 वर्ल्ड टाइटल जीते – केटी ने 19 साल की उम्र में ब्रिटेन की एंड्योरेंस स्क्वाड में जगह बनाई थी। अपने शानदार करियर में उन्होंने कुल 51 प्रमुख मेडल जीते। उनके नाम ओलिंपिक में दो स्वर्ण और एक रजत पदक, सात वर्ल्ड टाइटल, रिकॉर्ड 21 यूरोपियन टाइटल और एक कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक दर्ज है। – वह महिला ‘टीम परस्यूट’ में विश्व रिकॉर्ड धारक टीम का हिस्सा भी हैं। उनके पदकों की संख्या और भी अधिक हो सकती थी, यदि उन्हें 2022 के बर्मिंघम गेम्स और बाद में ओलिंपिक से ठीक पहले चोट व अन्य कारणों से अपना नाम वापस नहीं लेना पड़ता।
खेल मंत्री रेखा आर्या बोलीं-:2036 के ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अभी से जुटें युवा, पदक लाने वालों को मिलेगी सरकारी नौकरी

उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाने की तैयारी में है। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘पदक लाओ, नौकरी पाओ’ की नीति पर मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही, अन्य सरकारी भर्तियों में भी खिलाड़ियों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। यह बातें खेल मंत्री ने बुधवार को देहरादून में आयोजित 87वीं अंतरराज्यीय जूनियर एवं युवा राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। सरकारी नौकरी का रास्ता साफ मेडल जीतने वाले युवाओं को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, सरकार उन्हें सीधे नियुक्तियां देगी। खेल कोटे के तहत 4% आरक्षण से प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी सिस्टम का हिस्सा बनने में मदद मिलेगी। प्रदेश में खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। 2036 ओलंपिक हमारा लक्ष्य खिलाड़ियों में जोश भरते हुए खेल मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत में कई बड़े खेल आयोजन होने हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अभी से राष्ट्रमंडल खेल और वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू कर दें। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि जब ओलंपिक का मंच सजे, तो उत्तराखंड के खिलाड़ी तिरंगा लहराते हुए नजर आएं।” राष्ट्रीय खेलों से पहले उत्तराखंड में होंगे कई बड़े ट्रायल अगले वर्ष उत्तराखंड 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने जा रहा है। मंत्री ने बताया कि इन खेलों से पहले राज्य में विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के खिलाड़ियों को हाई-प्रोफाइल कॉम्पिटिशन का अनुभव देना है, ताकि वे नेशनल गेम्स में अधिक से अधिक पदक जीत सकें। विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित समारोह के अंत में मंत्री ने टेबल टेनिस प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन के महासचिव एमपी सिंह, अध्यक्ष मेघा अहलावत, यतिन टिप्पणिस, राजू दुग्गल, प्रिंस वेपोन और केके शर्मा समेत कई खेल प्रेमी और पदाधिकारी मौजूद रहे।







