Thursday, 16 Apr 2026 | 04:32 AM

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28वीं बार उत्तराखंड आ रहे PM मोदी:एलिवेटेड रोड से सफर कर पहुंचेंगे डाट काली मंदिर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

28वीं बार उत्तराखंड आ रहे PM मोदी:एलिवेटेड रोड से सफर कर पहुंचेंगे डाट काली मंदिर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (14 अप्रैल) को 28वीं बार उत्तराखंड दौरे पर पहुंचेंगे। इस बार वे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे समेत कई बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिससे विकास और कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 11:15 बजे सहारनपुर पहुंचेंगे, जहां वे दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद करीब 11:40 बजे उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर स्थित देहरादून के मां डाट काली मंदिर में दर्शन-पूजा करेंगे। यहां से वे देहरादून के लिए रवाना होंगे और आशारोड़ी से उनका रोड शो शुरू होगा, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ेगा। रोड शो के बाद करीब 12:30 बजे प्रधानमंत्री महिंद्रा ग्राउंड पहुंचेंगे, यहां वे दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता के पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण भी किया जाएगा। 2015 से शुरू हुआ दौरों का सिलसिला प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार 11 सितंबर 2015 को उत्तराखंड आए थे। ऋषिकेश में स्वामी दयानंद गिरी से मुलाकात के साथ उनके दौरों की शुरुआत हुई। उत्तराखंड से पीएम मोदी का धार्मिक जुड़ाव भी मजबूत रहा है। वे प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक केदारनाथ, बदरीनाथ, मुखबा और आदि कैलाश जैसे प्रमुख स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। अब पढ़िए एक्सप्रेसवे में क्या खास… 14 वे-साइड फैसिलिटी, बिना रुके सफर के लिए पूरी तैयारी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए 14 वे-साइड फैसिलिटी (रेस्ट एरिया) विकसित की गई हैं। यहां पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और बेसिक सर्विस जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे लंबी दूरी के सफर में बार-बार रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरे कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा बिना रुकावट पूरी हो सके। इसके लिए 7 इंटरचेंज बनाए गए हैं, जहां से वाहन आसानी से अलग-अलग शहरों और सड़कों से जुड़ सकेंगे। 18.6 किमी एलिवेटेड रोड समेत मजबूत इंजीनियरिंग ढांचा इस एक्सप्रेसवे में 18.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में ट्रैफिक सीधे ऊपर से गुजर सके। इसके अलावा पूरे रूट में 19 बड़े अंडरपास, 57 छोटे अंडरपास और 4 मेजर ब्रिज बनाए गए हैं। यह स्ट्रक्चर न सिर्फ ट्रैफिक को स्मूद बनाता है, बल्कि स्थानीय कनेक्टिविटी भी बनाए रखता है। लोकल लोगों के लिए सर्विस रोड और सुरक्षित ट्रैफिक सिस्टम स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड बनाई गई है। यहां सुरक्षित यू-टर्न, क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। साथ ही एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है, जिससे ट्रैफिक की निगरानी, कंट्रोल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स बेहतर तरीके से हो सके। दिल्ली-देहरादून सफर 6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जाएगा दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा अब पहले से कहीं तेज होने जा रही है। मौजूदा पारंपरिक रूट (दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर-रुड़की-देहरादून / NH-58, NH-334) से यह दूरी करीब 235 किमी है, जिसे तय करने में ट्रैफिक जाम, शहरों के भीतर से गुजरने और मिक्स लेन के कारण आमतौर पर 6 घंटे लग जाते हैं, खासकर वीकेंड और सीजन में समय और बढ़ जाता है। नए एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 212 किमी रह जाएगी, यानी करीब 23 किमी की सीधी बचत होगी। इन जिलों और राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से एनसीआर, पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी तेज होगी। पूर्वी दिल्ली (अक्षरधाम, सोनिया विहार) को हाई-स्पीड कनेक्शन मिलेगा, जिससे रोजगार और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। पश्चिमी यूपी के बागपत, शामली, मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिले सीधे एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगे, जिससे यात्रा समय घटेगा और गन्ना, एग्रो इंडस्ट्री व लॉजिस्टिक्स सेक्टर को फायदा होगा। उत्तराखंड में देहरादून को सीधा 6-लेन कनेक्शन मिलेगा, जबकि हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश स्पर के जरिए जुड़कर पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। हाथियों के लिए 12KM एलिवेटेड रास्ता, शोर-रोशनी भी कंट्रोल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर तैयार किया गया है, जो राजाजी नेशनल पार्क और शिवालिक वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। यहां करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन बनाया गया है, जिसके नीचे से हाथी समेत जंगली जानवर बिना किसी रुकावट के आवाजाही कर सकेंगे। वन्यजीवों पर असर कम करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शोर को नियंत्रित करने के लिए नॉइज बैरियर लगाए गए हैं, जबकि रात में तेज रोशनी से बचाने के लिए लाइट कंट्रोल सिस्टम भी लगाया गया है, ताकि जानवरों को प्राकृतिक जंगल जैसा माहौल मिल सके। अब 3 पॉइंट्स में कॉरिडोर के बारे में जानिए 10.97 किमी अंडरपास, 12 किमी एलिवेटेड सेक्शन गणेशपुर से आशारोड़ी के बीच कुल 10.97 किलोमीटर लंबा वाइल्ड लाइफ अंडरपास तैयार किया गया है, जबकि इसके ऊपर करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है। इसका मतलब है कि वाहनों की आवाजाही ऊपर और जानवरों की नीचे बिना रुकावट जारी रहती है। ऊंचाई 6-7 मीटर, हाथियों के लिए भी फ्री मूवमेंट कॉरिडोर की औसत ऊंचाई 6 से 7 मीटर रखी गई है, ताकि बड़े स्तनधारी जीव खासकर हाथी भी आराम से इसके नीचे से गुजर सकें। यह डिजाइन खास तौर पर हाथियों के पारंपरिक माइग्रेशन रूट को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 2 एलीफैंट अंडरपास + 8 एनिमल अंडरपास गणेशपुर-देहरादून (NH-307) के 18.2 किमी लंबे हिस्से में वन्यजीवों के लिए 2 विशेष एलीफैंट अंडरपास और 8 अन्य एनिमल अंडरपास बनाए गए हैं। इससे अलग-अलग प्रजातियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग पॉइंट सुनिश्चित किए गए हैं। पर्यटन और कारोबार दोनों को मिलेगा बड़ा बूस्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से यात्रा समय 2.5 घंटे रह जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, धनोल्टी और चकराता जैसे पर्यटन स्थलों पर वीकेंड ट्रिप्स में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हरिद्वार-ऋषिकेश स्पर के जरिए धार्मिक पर्यटन कुंभ, चारधाम और गंगा स्नान तक पहुंच भी तेज और आसान होगी, जिससे होटल, ट्रैवल और लोकल ट्रांसपोर्ट का कारोबार बढ़ेगा। वहीं, व्यापार के लिहाज से यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-एनसीआर के इंडस्ट्रियल क्लस्टर को पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे- रुड़की, हरिद्वार, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से सीधे जोड़ेगा। इससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और एफएमसीजी, फार्मा, ऑटो पार्ट्स व कृषि उत्पादों में निवेश के नए मौके बनेंगे। कुल

हिसार में शादी करने जा रहा फर्जी मेजर अरेस्ट:पुलवामा का रहने वाला, हिंदू बनकर शादी डॉट कॉम पर फंसाया; चंडीगढ़ से खरीदी ड्रेस

हिसार में शादी करने जा रहा फर्जी मेजर अरेस्ट:पुलवामा का रहने वाला, हिंदू बनकर शादी डॉट कॉम पर फंसाया; चंडीगढ़ से खरीदी ड्रेस

हरियाणा के कैथल पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी आर्मी मेजर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक मुस्लिम है और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला है। उसके पास से आर्मी की वर्दी भी बरामद हुई है, जो चढ़ीगढ़ से खरीदी थी। वह मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर खुद को आर्मी मेजर बताकर हिंदू युवतियों को फंसाता था। गिरफ्तारी के वक्त वह हिसार की युवती से मिलने जा रहा था, जिससे वह शादी करने वाला था। कैथल पुलिस ने मामला हिसार से जुड़ा होने के कारण उसे वहां की पुलिस के हवाले कर दिया। हिसार पुलिस ने जब उसकी कुंडली खंगाली तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। पता चला कि अब तक वह 10 से ज्यादा युवतियों से मेजर बनकर ठगी कर चुका है। हिसार की रहने वाली युवती से 30 हजार रुपए भी ठग चुका था। इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज हुई है। फिलहाल, पुलिस उसे पूछताछ कर रही है। पता किया जा रहा है कि उसके अलावा इस अपराध में कौन-कौन शामिल है। उसका बैकग्राउंड क्या है और उसके परिवार में कौन है। इसके अलावा सबसे खास बात यह है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि टारगेटेड बेस क्राइम से जुड़ा हो। कौन है फर्जी मेजर और कैसे पकड़ा गया, सिलसिलेवार पढ़ें… नाम मेहराजुद्दीन, पुलवामा का रहने वाला: कैथल पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी की पहचान मेहराजुद्दीन आजम निवासी गांव अवनीपुरा, जिला पुलवामा, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। कैथल में तितराम चौक पर पुलिस ने जांच के लिए के लिए एक ओला कैब को रोका। कैब में सवार युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम निशांत सहारण बताया। आर्मी की वर्दी दिखाई तो पुलिस को शक हुआ: पुलिस के मुताबिक, जब युवक से पूछा गया कि वह क्या करता है तो उसने बैग से सेना की वर्दी दिखाते हुए कहा कि वह आर्मी में मेजर है। उसकी इसी बात पर पुलिसकर्मियों को शक हुआ। क्योंकि उसने बैग खोलकर वर्दी पहले दिखाई, पेशा बाद में बताया। सख्ती से पूछताछ में खुद का नाम आजम बताया : इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे कैब से बाहर बुलाकर उसकी पोस्टिंग, रेजिमेंट और कागजात आदि के बारे में पूछताछ की तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। पेशे से जुड़े कोई कागजात भी नहीं दिखा सका। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम मेहराजुद्दीन आजम बताया। हिसार में युवती से मिलने की बात की तो खुली पोल : पुलिस ने यहां आने का कारण पूछा तो बताया कि वह हिसार में एक हिंदू लड़की से मिलने जा रहा था। उससे उसकी शादी की बात चल रही थी। युवती के स्वजन अपनी बेटी से युवक से शादी करवाने की तैयारी भी कर रहे थे। पुलिस ने युवती के परिवार से संपर्क किया तो उन्होंने भी निशांत से कॉन्टेक्ट होने की बात बताई, ना कि मेराजुद्दीन से। इसके बाद कैथल पुलिस ने उसे हिसार पुलिस को सौंप दिया। यहां जानिए कैसे करता था मेहराजुद्दीन ठगी…. निशांत सहारण नाम से बनाई फर्जी प्रोफाइल : हिसार पुलिस की पूछताछ में मेहराजुद्दीन ने बताया कि उसने शादी डॉट कॉम पर फर्जी आईडी बना रखी है। इसमें उसने खुद का नाम निशांत सहारण और पेशा आर्मी मेजर बताया हुआ है। वर्दी में कुछ फोटो भी लगा रखे थे। इसी वेबसाइट पर वह हिंदू लड़कियों को फंसाता था। हिसार सहित कई जगह की युवतियों को ठग चुका : पुलिस के मुताबिक, मेहराजुद्दीन ने बताया कि हिसार की युवती को भी उसने शादी डॉट कॉम पर ही कॉन्टेक्ट किया था। खुद को मेजर बताकर उसे विश्वास में लिया और करीब 30 हजार रुपए ठग लिए। इसके अलावा वह करीब दस से ज्यादा युवतियों को भी ऐसे ही ठग चुका है। खरड़ में वेटर, चंडीगढ़ से खरीदी वर्दी : मेहराजुद्दीन ने बताया कि वह 2021 में मोहाली के खरड़ में वेटर का काम करता था। दो साल तक यहां काम करने के बाद वह गांव लौट गया। इसके बाद 2025 में फिर से खरड़ आया। इस बार उसे काम नहीं मिला तो उसने शादी डॉट कॉम पर फर्जी आईडी बनाकर खुद को सेना का अधिकारी बताया। चंडीगढ़ से ही उसने आर्मी की वर्दी भी खरीदी थी। खरड़ से ही वह कैब करके हिसार आ रहा था। युवती के परिवार ने भी दर्ज कराई शिकायत उधर, मामला सामने आने के बाद हिसार की युवती ने भी मेहराजुद्दीन के खिलाफ थाना आजाद नगर में ठगी मामला दर्ज कराया है। इसमें धर्म बदलकर और शादी का झांसा देकर रुपए ठगने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, हिसार पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। मेहराजुद्दीन से पूछताछ भी की जा रही है। पता किया जा रहा है कि किन लड़कियों से वह ठगी कर चुका है। ठगी से बचने के लिए पुलिस की आमजन से अपील ​हिसार पुलिस प्रवक्ता दीपक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए आमजन से अपील की कि ऑनलाइन वैवाहिक साइटों पर मिलने वाले किसी भी व्यक्ति पर बिना पूर्ण सत्यापन के विश्वास न करें। अपनी निजी जानकारी और धनराशि साझा करने से पहले सामने वाले व्यक्ति की पहचान की अच्छी तरह जांच अवश्य करें।

तमिलनाडु चुनाव 2026: सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवार | शपथ पत्र संपत्ति डेटा का खुलासा | राजनीति समाचार

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 12:07 IST तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिलनाडु चुनाव के लिए दायर चुनावी हलफनामों के आधार पर, अभिनेता से नेता बने और टीवीके प्रमुख विजय सबसे अमीर उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं। भाजपा नेता अन्नामलाई और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (बाएं से दाएं) जैसे ही तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए आगे बढ़ रहा है, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच एक उच्च-दांव लड़ाई के लिए मंच तैयार हो गया है। दक्षिणी राज्य में मतदान 23 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में सत्तारूढ़ द्रमुक शामिल है, जो लगातार कार्यकाल पर नजर गड़ाए हुए है; एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए, जो वापसी के लिए जमीन तलाश रहा है; और टीवीके, जिसका नेतृत्व अभिनेता से नेता बने विजय कर रहे हैं, जो चुनावी शुरुआत करने के लिए तैयार है। तमिलनाडु में सबसे अमीर उम्मीदवार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए दायर चुनावी हलफनामों के आधार पर, अभिनेता से नेता बने और टीवीके (तमिलगा वेट्ट्री कज़गम) के प्रमुख विजय 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की घोषणा करते हुए नामांकन दाखिल करने वालों में सबसे अमीर उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं। विजयपेरम्बूर और त्रिची पूर्व निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतरे, ने लगभग 603.20 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जिसमें विभिन्न खातों में 213 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि भी शामिल है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, हलफनामे के अनुसार, उनकी संपत्ति में बीएमडब्ल्यू 530, टोयोटा लेक्सस, टोयोटा वेलफायर और बीएमडब्ल्यू आई7 जैसी हाई-एंड कारें शामिल हैं। अद्भुत अर्जुनविल्लीवक्कम से चुनाव लड़ रहे टीवीके नेता ने 197.52 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जैसा कि 23 अप्रैल के विधानसभा चुनावों के लिए उनके नामांकन पत्र के साथ दायर हलफनामे से पता चला है। हलफनामे के अनुसार, अर्जुन ने अपने नाम पर 180.03 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और अपनी पत्नी डेज़ी अर्जुन के नाम पर 162.14 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। उदयनिधि स्टालिनद्रमुक नेता और उपमुख्यमंत्री ने 20.64 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जो उनके पिता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से लगभग तीन गुना अधिक है। तमिलनाडु में सबसे गरीब उम्मीदवार भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के प्रारंभिक चरण के आंकड़ों के अनुसार, “सबसे गरीब” उम्मीदवारों में से एक बड़ी संख्या तमिलनाडु से स्वतंत्र दावेदार हैं, जिनमें से कई ने 1,000 रुपये या उससे कम की संपत्ति घोषित की है। मोहम्मद मुबारक, अंबूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के उम्मीदवार की पहचान 6 लाख रुपये की घोषित संपत्ति के साथ सबसे गरीब उम्मीदवारों में से एक के रूप में की गई है। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 12:07 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु चुनाव 2026: सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवार | शपथ पत्र संपत्ति डेटा का खुलासा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)डीएमके बनाम एआईएडीएमके(टी)विजय टीवीके संपत्ति(टी)सबसे अमीर उम्मीदवार तमिलनाडु(टी)सबसे गरीब उम्मीदवार तमिलनाडु(टी)उदयनिधि स्टालिन की संपत्ति(टी)तमिलनाडु राजनीतिक लड़ाई

IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म:अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे

IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म:अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे

केंद्र सरकार ने आईटी नियमन- 2021 में बदलाव का नया मसौदा जारी कर दिया है। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सरकारी निर्देशों की अनदेखी नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्देश, गाइडलाइन, एडवाइजरी माननी ही होगी। यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित डिजिटल मीडिया कंपनियां सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराई जाएंगी। इससे इन कंपनियों को सेफ हार्बर के तहत मिलने वाली कानूनी ढाल खत्म कर दी जाएगी। आईटी नियमों में सबसे अहम बदलाव यह है कि प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए हर कंटेंट के लिए खुद जिम्मेदार होंगे। फिलहाल 14 अप्रैल तक सरकार ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव, आपत्तियां मांगी हैं। डिलीट नहीं कर सकेंगे डेटा सेफ हार्बर’ को आसान भाषा में ऐसे समझें कानूनी ढाल: यह सोशल मीडिया कंपनियों को मिला एक सुरक्षा कवच है, जो कहता है कि अगर किसी यूजर ने प्लेटफॉर्म पर कोई गलत पोस्ट या वीडियो डाला है, तो उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। शर्तिया सुरक्षा: यह सुरक्षा तभी तक मिलती है जब तक कंपनियां सरकार के नियमों को मानती हैं। अगर वे शिकायत मिलने पर 3 घंटे के भीतर SGI नहीं हटातीं, तो यह सुरक्षा कवच खत्म हो जाता है और पुलिस कंपनी पर भी केस दर्ज कर सकती है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने कहा- सरकार सेंसरशिप लगा रही आईटी नियमों में बदलाव का विरोध शुरू हो गया है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने आरोप लगाया है कि सरकार ऑनलाइन कंटेंट पर सेंशरशिप लगाना चाहती है। इसका मकसद सरकार पर तंज कसने, मखौल उड़ाने, नकल करने वाले कंटेंट पर अंकुश लगाना है। सरकार सेफ हार्बर पर चोट करके आम यूजर्स पर नकेल कसना चाह रही है। ……………. यह खबर भी पढ़ें… AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, आज से नए नियम लागू: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हुए। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…

नीतीश ने MLC पद छोड़ा, अब आगे क्या-क्या होगा:पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री; JDU का डिप्टी CM, शपथ से लेकर इस्तीफे की डेट आई सामने

नीतीश ने MLC पद छोड़ा, अब आगे क्या-क्या होगा:पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री; JDU का डिप्टी CM, शपथ से लेकर इस्तीफे की डेट आई सामने

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यह तय हो गया कि अब वह कुछ दिनों के बाद आगे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। नीतीश के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या-क्या होगा। नीतीश कब मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे। नई सरकार कब बन सकती है, जानिए आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। नीतीश के इस्तीफे से 2 चीजें तय नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। वह बतौर मुख्यमंत्री विधान परिषद के सदस्य (MLC) थे। उनका MLC का कार्यकाल 2030 तक बचा था, लेकिन उन्होंने 30 मार्च को MLC पद छोड़ दिया। दरअसल, ऐसा नहीं करते तो उनकी राज्यसभा की सदस्यता अपने-आप खत्म हो जाती। इसे ऐसे समझिए… अब जब नीतीश कुमार ने MLC पद से इस्तीफा दे दिया है तो 2 चीजें तय हो गईं हैं। 1. भाजपा का बनेगा मुख्यमंत्रीः नीतीश कुमार के विधान परिषद से जाने के बाद तय हो गया है कि अब वह ज्यादा दिनों तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। देश की आजादी के बाद भाजपा पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि, अब तक NDA के घटक दलों ने आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है कि नीतीश कुमार के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और किस पार्टी का होगा। 2. JDU का होगा डिप्टी CM: नई सरकार में JDU भाजपा की पुरानी भूमिका में लौट जाएगी। JDU के खाते में डिप्टी CM का पद जाएगा। पार्टी एक डिप्टी बनाती है या दो, यह नीतीश कुमार तय करेंगे। अब आगे क्या-क्या होगा… BJP-JDU की टॉप लीडरशिप की बैठकः बताया जा रहा है कि अब राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज होगी। 2-3 अप्रैल को दिल्ली में भाजपा की टॉप लीडरशिप के साथ JDU के बड़े नेताओं की मुलाकात होगी, जिसमें बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा हो सकती है। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद की शपथः भाजपा नेता और नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद शिवेश राम ने बताया था- बिहार से चुने गए राज्यसभा सांसदों की शपथ की डेट 10 अप्रैल तय की गई है। उस दिन हमलोगों को शपथ लेने के लिए बुलाया गया है।’ इसका मतलब हुआ कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ ले सकते हैं। 10-11 अप्रैल को छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री पदः बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से पटना लौटने के बाद 10 अप्रैल की शाम या 11 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यपाल को CM पद से त्याग पत्र सौंप देंगे। उसके बाद वह नई सरकार बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। 12-14 अप्रैल को विधायक दल की बैठकः मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद NDA के घटक दल (BJP, JDU, LJP(R) HAM, RLM) अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे। इसमें वह अपना नेता चुनेंगे। इस बैठक के बाद NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें विधानमंडल दल के नेता का चुनाव होगा। जो नेता बनेगा, वही अगला मुख्यमंत्री होगा। बताया जा रहा है कि यह बैठक 12, 13, 14 अप्रैल के बीच होगी। खास बात है कि BJP विधायक दल का नेता ही अगला मुख्यमंत्री होगा। JDU विधानमंडल दल का नेता डिप्टी CM होगा। 14 अप्रैल बाद नई सरकार बनेगीः बिहार में खरमास 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है। खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं होता है। ऐसे में 14 अप्रैल के बाद नई सरकार शपथ ले सकती है। बताया जा रहा है कि 15-17 अप्रैल के बीच नई सरकार का गठन हो जाएगा।

एडीआर डेटा आउट: भारत के शीर्ष 10 सबसे अमीर और सबसे गरीब राज्यसभा सांसद कौन हैं | सूची जांचें | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 14:32 IST तेलंगाना के डॉ. बंदी पार्थ सारधी 5300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ सबसे आगे हैं, उनके बाद पंजाब के राजिंदर गुप्ता हैं। प्रतिनिधित्व के लिए उपयोग की गई छवि एडीआर ने ताज़ा डेटा जारी किया है, जिसमें मौजूदा राज्यसभा सांसदों के बीच बड़े पैमाने पर संपत्ति के बंटवारे को उजागर किया गया है, जिसमें घोषित संपत्ति केवल 3.79 लाख रुपये से लेकर 5300 करोड़ रुपये से अधिक है। सूची में सबसे ऊपर, तेलंगाना के डॉ. बंदी पार्थ सारधी ने 5300 करोड़ रुपये से अधिक की कुल संपत्ति घोषित की है, जिससे वह सबसे अमीर राज्यसभा सांसद बन गए हैं। उनके बाद पंजाब के राजिंदर गुप्ता हैं जिनकी संपत्ति 5053 करोड़ रुपये से अधिक है। शीर्ष ब्रैकेट में अन्य प्रमुख नामों में अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी (2577+ करोड़ रुपये) और डॉ अभिषेक मनु सिंघवी (2558+ करोड़ रुपये) शामिल हैं। यहां तक ​​कि 10वें सबसे अमीर सांसद दिलीप कुमार रे ने भी 456 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जो शीर्ष स्तर के बीच महत्वपूर्ण वित्तीय ताकत को रेखांकित करता है। सबसे अधिक संपत्ति वाले शीर्ष 10 राज्यसभा सांसद क्र.सं. नाम राज्य दल कुल संपत्ति (रुपये) लगभग (करोड़) 1 डॉ. बंदी पार्थ सारधी तेलंगाना बीआरएस 53,00,21,49,910 5300+ करोड़ 2 राजिंदर गुप्ता पंजाब एएपी 50,53,04,58,711 5053+ करोड़ 3 अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी आंध्र प्रदेश वाईएसआरसीपी 25,77,75,79,180 2577+ करोड़ 4 डॉ अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना कांग्रेस 25,58,24,05,863 2558+ करोड़ 5 जया अमिताभ बच्चन उतार प्रदेश। सपा 15,78,88,62,397 1578+ करोड़ 6 कपिल सिब्बल उतार प्रदेश। आईएनडी 6,08,60,76,970 608+ करोड़ 7 संत्रप्त मिश्र ओडिशा बीजद 5,95,39,63,406 595+ करोड़ 8 विक्रमजीत सिंह साहनी पंजाब एएपी 4,98,45,98,383 498+ करोड़ 9 मेदा रघुनाधा रेड्डी आंध्र प्रदेश वाईएसआरसीपी 4,75,46,01,816 475+ करोड़ 10 दिलीप कुमार रे ओडिशा आईएनडी 4,56,94,25,872 456+ करोड़ सबसे कम संपत्ति वाले शीर्ष 10 राज्यसभा सांसद क्र.सं. नाम राज्य/संघ राज्य क्षेत्र दल कुल संपत्ति (₹) 1 संत बलबीर सिंह पंजाब एएपी 3,79,972 2 महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा मणिपुर भाजपा 5,48,594 3 प्रकाश चिक बड़ाईक पश्चिम बंगाल एआईटीसी 9,25,000 4 एए रहीम केरल सीपीआई (एम) 11,62,414 5 सुमित्रा बाल्मीक मध्य प्रदेश भाजपा 17,85,000 6 स्वाति मालीवाल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एएपी 19,22,519 7 वी शिवदासन केरल सीपीआई (एम) 20,80,070 8 डोला सेन पश्चिम बंगाल एआईटीसी 30,13,321 9 संजय सिंह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एएपी 31,22,090 10 पिल्ली सुभाषचंद्र बोस आंध्र प्रदेश वाईएसआरसीपी 32,82,877 पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 14:32 IST समाचार राजनीति एडीआर डेटा आउट: भारत के शीर्ष 10 सबसे अमीर और सबसे गरीब राज्यसभा सांसद कौन हैं | सूची जांचें अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राज्यसभा सांसदों के बीच संपत्ति का विभाजन(टी)सबसे अमीर राज्यसभा सांसद(टी)राज्यसभा सांसदों की संपत्ति(टी)राज्यसभा सांसदों की वित्तीय ताकत(टी)सांसदों की घोषित संपत्ति(टी)शीर्ष सबसे धनी सांसद(टी)राज्यसभा संपत्ति असमानता(टी)सबसे अधिक संपत्ति वाले सांसद

आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा की रिलीज डेट हुई अनाउंस:10 जुलाई को रिलीज होगी स्पाई यूनिवर्स की फिल्म; मेकर्स ठुकरा चुके ₹215 करोड़ की OTT डील

आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा की रिलीज डेट हुई अनाउंस:10 जुलाई को रिलीज होगी स्पाई यूनिवर्स की फिल्म; मेकर्स ठुकरा चुके ₹215 करोड़ की OTT डील

आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, अनिल कपूर और बॉबी देओल स्टारर स्पाई यूनिवर्स फिल्म ‘अल्फा’ 10 जुलाई 2026 को रिलीज होगी। प्रोडक्शन हाउस यश राज फिल्म्स (YRF) ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की पुष्टि की है। पहले यह फिल्म 2025 में आने वाली थी, लेकिन बाद में इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई थी। फिल्म ‘अल्फा’ को लेकर पहले यह चर्चा थी कि इसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेकर्स को नेटफ्लिक्स की ओर से 215 करोड़ रुपए की डील का ऑफर मिला था। हालांकि, आदित्य चोपड़ा और उनकी टीम ने इसे ठुकरा दिया। फिल्म में आलिया-शरवरी का दमदार एक्शन इस फिल्म में पहली बार आलिया भट्ट और शरवरी वाघ लीड रोल में जासूसी करती नजर आएंगी। फिल्म में दोनों का हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलेगा। इनके साथ ही अनिल कपूर और बॉबी देओल भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में हैं। हालांकि, मेकर्स ने अब तक उनके किरदारों को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है। 2024 में हुआ था फिल्म का ऐलान फिल्म ‘अल्फा’ की घोषणा साल 2024 में की गई थी। पहले इसे 17 अप्रैल 2026 को रिलीज करने की योजना थी, लेकिन अब नई तारीख 10 जुलाई तय की गई है। फिल्म केवल हिंदी में ही नहीं, बल्कि तमिल और तेलुगू भाषा में भी रिलीज होगी। स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल लीड फिल्म होने के नाते मेकर्स को इससे काफी उम्मीदें हैं। शिव रवैल ने किया है डायरेक्शन फिल्म ‘अल्फा’ का निर्देशन शिव रवैल ने किया है और इसे आदित्य चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया है। बॉक्स ऑफिस क्लैश की बात करें तो फिलहाल 10 जुलाई के आस-पास किसी बड़ी फिल्म की रिलीज नहीं है। यह सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ (4 जून) के करीब एक महीने बाद रिलीज होगी। ऐसे में फिल्म को सिनेमाघरों में अच्छी स्क्रीन मिलने की संभावना है।

AI क्रांतिः तैयार सॉफ्टवेयर का दौर खत्म:भारतीय आईटी इंडस्ट्री के अरबों डॉलर बिजनेस मॉडल को बदल रहे, डेटा और एआई एजेंट का जमाना

AI क्रांतिः तैयार सॉफ्टवेयर का दौर खत्म:भारतीय आईटी इंडस्ट्री के अरबों डॉलर बिजनेस मॉडल को बदल रहे, डेटा और एआई एजेंट का जमाना

ग्लोबल टेक इंडस्ट्री एक निर्णायक मोड़ पर हैं, जहां पुराने अरबों डॉलर के बिजनेस मॉडल तेजी से ध्वस्त हो रहे हैं। क्लाउड, एआई और ऑटोमेशन ने पारंपरिक आईटी सर्विसेज, महंगे सॉफ्टवेयर लाइसेंस और लंबी अवधि के मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स को चुनौती दी है। अब कोडिंग, टेस्टिंग और सपोर्ट जैसे काम एआई टूल्स के जरिए तेजी से और कम लागत में किए जा रहे हैं। इससे आईटी कंपनियों के राजस्व पर दबाव पड़ रहा है। टेक जगत में इस बदलाव को सासपोकैलिप्स कहा जा रहा है, जो पारंपरिक सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस कंपनियों के लिए किसी प्रलय से कम नहीं है। इसकी दहशत में भारत समेत दुनियाभर के आईटी कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं। भारत में एक माह में आईटी इंडेक्स 14% से अधिक टूट चुका है, जो हालिया वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है। खास बात यह है कि इसकी अगुवाई भारतीय मूल के दिग्गज कर रहे हैं। जानते हैं ऐसे कुछ मार्केट लीडर्स के बारे में राहुल पाटील: 11 विभागों का काम एआई करेगा; आईटी के शेयर गिरे एन्थ्रोपिक में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर राहुल पाटील ने एआई मॉडल क्लाउड को चैटबॉट से आगे बढ़ाकर एक ऑटोनॉमस एआई वर्कफ्लो टूल क्लाउड कोवर्क में बदल दिया। इसमें 11 ऐसे प्लग-इन हैं जो अलग-अलग विभागों (लीगल, सेल्स, मार्केटिंग, डेटा आदि) के काम कर सकते हैं। इसकी लॉन्चिंग के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सॉफ्टवेयर और आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। राहुल ने कंप्यूटर साइंस में बीई बेंगलुरु से किया। अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में मास्टर किया। राहुल पाटील इससे पहले ओरेकल क्लाउड, अमेजन बेव सर्विसेज, स्ट्राइप और माइक्रोसॉफ्ट में अहम ओहदों पर रह चुके हैं। श्रीधर रामास्वामी: डेटा सॉल्यूशंस से सेल्सफोर्स, ओरेकल को कड़ी चुनौती स्नोफ्लेक सीईओ श्रीधर रामास्वामी के नेतृत्व में कंपनियों को अलग-अलग स्रोतों (एप्स, वेबसाइट) से डेटा जोड़ने, स्टोर करने और उसी डेटा पर एप्लिकेशन बनाने की सुविधा देता है। कंपनियां अब तैयार सॉफ्टवेयर (जैसे पारंपरिक सीआरएम) खरीदने के बजाय डेटा पर आधारित कस्टम सॉल्यूशंस बना रही हैं। स्नोफ्लेक का मॉडल एमेजन एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट एज्योर व गूगल क्लाउड तीनों पर काम करता है। इससे सेल्सफोर्स, ओरेकल जैसे एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनियों को चुनौती मिली है। रामास्वामी आईआईटी मद्रास से बीटेक और अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से पीएचडी हैं। गूगल में लंबे समय तक सीनियर वीपी रहे। 2024 में स्नोफ्लेक के सीईओ बनें। अरविंद कृष्णा: डेटा सुरक्षा के साथ कस्टम मॉडल बनाने की सुविधा दी आईबीएम सीईओ अरविंद कृष्णा कंपनी को पारंपरिक हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर दिग्गज से एआई और हाइब्रिड क्लाउड-फोकस्ड टेक कंपनी में बदल रहे हैं। वॉटसनएक्स प्लेटफॉर्म एंटरप्राइज एआई टूल्स का व्यापक इकोसिस्टम है। ये कंपनियों को एआई मॉडल बनाने, ट्रेन करने और सुरक्षित तरीके से लागू करने की सुविधा देता है। क्या बदलाव आया? मैनुअल कोडिंग, लंबी डेवलपमेंट प्रक्रिया कम हो रही है। कंपनियां अपने डेटा पर कस्टम एआई मॉडल तैयार कर सकती हैं। बैंकिंग, हेल्थकेयर, सरकारी संस्थान सुरक्षित तरीके से एआई अपना सकते हैं। कृष्णा ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग व यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय से पीएचडी। 1990 में आईबीएम से जुड़े। 2020 में सीईओ बने। रेवती अद्वैती: इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस से सॉफ्टवेयर कंपनियों को कड़ी चुनौती फ्लेक्स की सीईओ रेवती अद्वैती मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से आगे बढ़ाकर इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन प्रोवाइडर में बदल रही हैं। इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सिस्टम, हेल्थकेयर उपकरण जैसे प्रोडक्ट में सॉफ्टवेयर और एआई क्षमताएं जोड़ी जा रही हैं, जिससे डिवाइस खुद डेटा प्रोसेस कर सके। निर्णय लेने में सक्षम हो। क्या बदलाव आया? स्टैंडअलोन सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती। ग्राहक अलग-अलग समाधान खरीदने के बजाय इंटीग्रेटेड एंड-टू-एंड सिस्टम को प्राथमिकता दे रहे हैं। रेवती ने बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग और अमेरिका के थंडरबर्ड स्कूल से एमबीए किया। हनीवेल में सीनियर नेतृत्व भूमिकाओं के बाद 2019 में फ्लेक्स की सीईओ बनीं।