बड़वानी में कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत:दो गंभीर घायल; बिलियापानी घाट पर ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

बड़वानी के पाटी थाना क्षेत्र के गोलगांव में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। बिलियापानी घाट पर बड़वानी से सेमलेट जा रही एक इको वाहन गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 600 मीटर गहरी खाई में गिरी कार पुलिस के अनुसार, वाहन चालक को नींद आने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 600 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में सकरीया पिता रजान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक इकराम पिता रुलसिंग ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बड़वानी अस्पताल से वापस लौट रहे थे जानकारी के मुताबिक, सेमलेट गांव के चार युवक रात में एक गंभीर बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए पाटी लाए थे। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया था। बीमार व्यक्ति को अस्पताल छोड़कर ये युवक वापस अपने घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रभारी एसडीओपी महेश सुनैया के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद खाई से मृतकों और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में दो की मौत, दो घायल पुलिस ने बताया कि सकरीया पिता रजान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि इकराम पिता रुलसिंग की मौत अस्पताल में हुई। बियालाल पिता भीमसिंग और भंगा पिता रजान गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बड़वानी भेजा गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों का मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
शिवपुरी NH-27 पर 5 ऊंटों को कुचला, मौत:दो दिन बाद भी मालिक लापता, हाईवे से 300 मीटर दूर मिले शव

शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-27 (NH-27) पर एक भीषण सड़क हादसे में पांच ऊंटों की दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार रात पड़ौरा चौराहे के पास (झांसी की ओर) एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क से गुजर रहे ऊंटों के झुंड को बेरहमी से कुचल दिया। हैरानी की बात यह है कि हादसे के दो दिन बीत जाने के बाद भी ऊंटों का मालिक सामने नहीं आया है और न ही पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। घटना का खुलासा तब हुआ जब वहां से गुजर रहे एक कार चालक ने सड़क पर मृत पड़े ऊंटों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शनिवार को जब कोलारस पुलिस वीडियो के आधार पर मौके पर पहुंची, तो हाईवे पर ऊंटों के शव नहीं मिले। आखिरकार, रविवार सुबह (आज) हाईवे से करीब 300 मीटर दूर पांचों ऊंटों के शव पड़े हुए दिखाई दिए। लाखों का नुकसान, फिर भी शिकायत करने नहीं पहुंचा ऊंट पालक एक साथ पांच ऊंटों की मौत से लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है, इसके बावजूद अब तक ऊंट पालक ने कोलारस थाने पहुंचकर कोई एफआईआर (FIR) या शिकायत दर्ज नहीं कराई है। फिलहाल पुलिस के लिए यह एक पहेली बना हुआ है कि ये ऊंट किसके थे, उनका मालिक कहां का रहने वाला है और इतने बड़े नुकसान के बावजूद वह सामने क्यों नहीं आ रहा है? राजस्थान के चरवाहों के होने की प्रबल आशंका स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, अक्सर गर्मियों के मौसम में राजस्थान से कई चरवाहे और बंजारे अपने ऊंट और भेड़ों के झुंड लेकर शिवपुरी जिले की सीमा में चराने के लिए आते हैं। मजबूत अंदेशा जताया जा रहा है कि मृत ऊंट भी उन्हीं राजस्थानी चरवाहों के हो सकते हैं, जो शायद कानूनी पचड़े से बचने के लिए मौके से चले गए। फिलहाल कोलारस पुलिस अज्ञात वाहन और ऊंटों के मालिक की तलाश में जुट गई है।
एनेस्थेसिया ओवरडोज से 17 साल के लड़के की हुई मौत:दो डॉक्टरों पर गैरइरादतन हत्या के आरोप तय; सबूतों के आधार पर चलेगा ट्रायल

इंदौर में सर्जरी के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से 17 साल के किशोर अमित सेन की मौत के मामले में कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है। जिला कोर्ट ने दो डॉक्टरों डॉ. कुश बंडी और डॉ. खुशबू चौहान के खिलाफ भादंवि की धारा 304 (भाग-2)/34 के तहत आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने दोनों आरोपियों द्वारा आरोपों से मुक्त करने के लिए दायर आवेदन पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, खारिज कर दिए। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से ट्रायल के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई 2 मार्च तय की है। अब दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमित ट्रायल चलेगा। यह है मामला पुलिस जांच के अनुसार, एनेस्थेसिया की ओवरडोज दिए जाने और अन्य चिकित्सकीय लापरवाहियों के कारण अमित सेन की मौत हो गई। दरअसल सड़क हादसे में घायल अमित को 29 मई 2023 को लसूडिया थाना क्षेत्र से राजश्री नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। उसके बाएं पैर की सर्जरी होनी थी, इसी दौरान बेहोशी के इंजेक्शन के बाद उसकी हालत बिगड़ी और मृत्यु हो गई। मामले में पहले अस्पताल संचालक डॉ. देवेंद्र भार्गव, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुश बंडी और एनेस्थेटिस्ट डॉ. खुशबू चौहान के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। हालांकि 24 फरवरी 2024 को डॉ. भार्गव के निधन के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई। शेष दो डॉक्टरों के खिलाफ चालान पहले ही पेश हो चुका है और अब ट्रायल आगे बढ़ेगा। जांच में सामने आई गंभीर खामियां घटना के बाद तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर नर्सिंग होम की जांच कराई गई थी, जिसमें कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। इसके बाद नर्सिंग होम को सील भी किया गया। मृतक अमित अपने पिता रिंकू सेन का इकलौता पुत्र था।








