अनूपपुर फ्लाईओवर: सर्विस लाइन निर्माण में फंसा जमीन का पेंच:वन विभाग की दीवार और रेलवे क्वार्टर बना बाधा; जून तक बहाल होगा यातायात

अनूपपुर जिला मुख्यालय पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी आई है, लेकिन सर्विस लाइन का काम जमीनी विवाद में फंस गया है। रेलवे फाटक से कोतवाली तिराहे के बीच एक ओर वन विभाग की दीवार और दूसरी ओर रेलवे क्वार्टर का हिस्सा मार्ग में आ रहा है। इसके कारण फिलहाल इस हिस्से में सर्विस लाइन की सुविधा नहीं मिल सकेगी। सेतु निगम ने फिलहाल इस कार्य को रोककर मुख्य रिटेनिंग वॉल के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। जून तक पुल पर यातायात बहाल करने का लक्ष्य सेतु निगम शहडोल के एसडीओ प्रदीप सिंह बघेल ने बताया कि बारिश से पहले जून तक फ्लाईओवर ब्रिज का मुख्य कार्य पूरा कर लिया जाएगा। रिटेनिंग वॉल में मिट्टी भरने और ऊपरगामी मार्ग को तैयार करने का काम जारी है। विभाग का दावा है कि जून माह में पुल पर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा, जिससे रेलवे फाटक के दोनों ओर फंसे रहने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। 8 साल की देरी और ब्लैक लिस्ट की चेतावनी 20 करोड़ की लागत से बन रहा यह ब्रिज पिछले 8 वर्षों से लंबित है, जबकि इसे मात्र 18 महीने में पूर्ण होना था। निर्माण की सुस्त गति को देखते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने ठेकेदार को 10 अप्रैल से ब्लैक लिस्ट करने और 6 प्रतिशत जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी। प्रशासनिक सख्ती के बाद ठेकेदार ने मौके पर मशीनरी और मैनपावर बढ़ाकर काम की गति तेज की है। वन विभाग और रेलवे से पत्राचार जारी सर्विस लाइन के लिए आवश्यक भूमि को लेकर सेतु निगम ने वन विभाग और रेलवे से संपर्क किया है। वन विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में राय मांगी है, लेकिन वहां से जवाब मिलने में हो रही देरी ने काम को प्रभावित किया है। एसडीओ ने बताया कि जब तक भूमि का पेंच नहीं सुलझता, तब तक कोतवाली तिराहे की ओर सर्विस रोड का निर्माण संभव नहीं होगा।
40 प्लस लोगों की डेटिंग एप पर बढ़ रही सक्रियता:भारत के 2027 तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डेटिंग सर्विस मार्केट बनने की उम्मीद

देश में डेटिंग एप की लोकप्रियता बढ़ रही है। भारत दुनिया में तेजी से बढ़ते डेटिंग एप मार्केट में से एक है। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक देश में डेटिंग एप्स के करीब 10 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं। निवेश प्लेटफॉर्म स्मॉलकेस की रिसर्च के अनुसार, भारत के 2027 तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डेटिंग सर्विस मार्केट बनने की उम्मीद है। खास बात ये है कि इन डेटिंग एप पर युवाओं के साथ ही 40 साल से अधिक उम्र के लोगों की सक्रियता बढ़ रही है। एडल्टरी को अपराध के दायरे से बाहर करने के बाद विवाहेत्तर संबंधों के लिए भी लोग डेटिंग एप पर जा रहे हैं। ग्लीडेन जैसे विवाहेत्तर संबंधों पर केंद्रित डेटिंग एप के भी देश में 40 लाख से ज्यादा यूजर हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक इस एप पर महिलाओं की संख्या बीते कुछ वर्षों में ढाई गुना तक बढ़ गई है। ये सिर्फ ट्रेंड नहीं, बदलते सामाजिक मानदंडों का भी प्रतीक है। त्वरित और अक्सर आभासी संतुष्टि के लिए लोग सामाजिक वर्जनाएं तोड़ने से भी नहीं हिचक रहे हैं। गहरे सामाजिक परिवर्तन का संकेत फोर्ब्स इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 40 प्लस लोगों की डेटिंग एप पर सक्रियता केवल ‘अफेयर’ या ‘कैजुअल डेटिंग’ तक सीमित नहीं है। यह एक गहरे सामाजिक परिवर्तन का संकेत है। समाजशास्त्री कहते हैं, विवाह अब भी महत्वपूर्ण संस्था है, लेकिन उसके भीतर और बाहर रिश्तों की परिभाषा बदल रही है। कॉर्पोरेट लाइफ की भाग-दौड़ और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आपस में भावनात्मक जुड़ाव की कमी लोगों को डिजिटल दुनिया की ओर धकेलती है। इप्सोस के एक सर्वे के मुताबिक लोग अफेयर करने के लिए हमेशा गलत कारण नहीं रखते। कुछ लोग डिजिटल दुनिया में छोटा सा थ्रिल या रोमांच ढूंढते हैं। 40+ पुरुषों और महिलाओं के लिए डेटिंग के लक्ष्य अलग 40 प्लस में रोमांस के प्रति पुरुष और महिलाओं का नजरिया बिल्कुल अलग हो सकता है। डेटिंग एप क्वैकक्वैक की एक रिपोर्ट के मुताबिक 40 वर्ष की आयु के बाद महिलाएं, ऐसा प्यार तलाशती हैं जो भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करे। जो खुले विचारों वाले हों, अपने आप को अभिव्यक्त कर सकें। इन महिलाओं के लिए भावनात्मक उपस्थिति आवश्यक है। दूसरी ओर, पुरुष आमतौर पर ऐसे संबंधों की ओर अधिक आकर्षित होते हैं जो भरोसेमंद और प्रबंधनीय हों। पुरुष भावनात्मक शांति को प्राथमिकता देते हैं। एप के फाउंडर रवि मित्तल कहते हैं, ‘भारत में डेटिंग के मामले में उम्र अब बड़ी बाधा नहीं रह गई है। अलग-अलग पीढ़ी के बीच प्राथमिकता अलग-अलग हैं।’ रिश्तों से जुड़े अपराधों में हो रही बढ़ोतरी – देश में पिछले कुछ समय से शादी, डेटिंग या लिव‑इन जैसे अंतरंग रिश्तों में हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की सितंबर 2025 में जारी रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में महिलाओं के खिलाफ 4.48 लाख अपराध दर्ज हुए, जो 10 साल में सबसे ज्यादा हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी, महाराष्ट्र, प. बंगाल और राजस्थान सबसे आगे हैं। एक सर्वे के मुताबिक करीब 59% शादियां पार्टनर की बेवफाई की वजह से टूट रही हैं। – चाइल्डलाइट ग्लोबल चाइल्ड सेफ्टी इंस्टीट्यूट की स्वाइप रॉन्ग’ नामक रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों के खिलाफ अपराध करने वाले पुरुषों द्वारा डेटिंग साइटों का उपयोग करने की संभावना गैर-अपराधियों की तुलना में करीब चार गुना अधिक होती है। रिपोर्ट कहती है, बैंकिंग और गेमिंग में इस्तेमाल होने वाले मजबूत उपयोगकर्ता पहचान तरीकों को डेटिंग एप प्लेटफॉर्म द्वारा भी अपनाया जाना चाहिए। पहचान छिपाने की आसानी, क्षणिक आनंद इसकी वजह क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. काकोली राय कहती हैं, समाज में बड़ा बदलाव आ रहा है। वैवाहिक संबंधों में तनाव के मामले पिछले कुछ वर्षों में डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। इसके पीछे डेटिंग एप भी बड़ी वजह हैं। पहले सामाजिक ताना-बाना बहुत मजबूत होता था, संयुक्त परिवार और समाज का डर लोगों को बंधनों से बाहर जाने से रोकता था। डेटिंग एप पर लोग क्षणिक और अस्थायी आनंद के लिए जाते हैं। इनमें अपनी पहचान छिपाने की आसानी होती है और अक्सर एप पर बने रिश्तों में कोई उत्तरदायित्व नहीं होता। जीवन के दूसरे पड़ाव में साथी मिलने में आसानी के कारण भी इन एप पर जा रहे हैं। कुछ लोग वैवाहिक जीवन की नीरसता के बीच डिजिटल दुनिया में रोमांच ढूंढने की कोशिश में सामाजिक नियम तोड़ रहे हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी में आसानी होने से लोगों के बीच ऐसे एप का उपयोग बढ़ रहा है। अधिकतर लोग शुरुआत में भावनात्मक अकेलापन दूर करने के लिए डेटिंग एप पर जाते हैं लेकिन जब इनको इसमें अनूठापन मिलता है और रोमांच पैदा होता है तो फिर वे बार-बार इसमें जाते हैं। उन्हें इसमें आत्मसंतुष्टि मिलती है। समाज और कानून का डर नहीं रहता।’ – डॉ. ओपी रायचंदानी, वरिष्ठ मनोचिकित्सक
अधूरे रेलवे ओवरब्रिज और सर्विस रोड की मांग पर चक्काजाम:टिमरनी में सीएम दौरे से पहले वार्डवासियों का विरोध, परेशान लोग सड़क पर उतरे

हरदा जिले की टिमरनी तहसील मुख्यालय में मंगलवार शाम को वार्ड नंबर 3 के निवासियों ने कुशवाहा कॉलोनी के पास चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन रेलवे ओवरब्रिज के अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने, नागरिकों को धूल-गड्ढों बचाने और सर्विस रोड की मांग को लेकर किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन से एक दिन पहले भाजपा पार्षद सुनील दुबे के नेतृत्व में यह जाम लगाया गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पार्षद सुनील दुबे ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले करीब दो सालों से चल रहा है, लेकिन अब तक यह केवल 40 से 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। इस दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए वार्ड नंबर 3 की कुशवाहा कॉलोनी से एक वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था। इस मार्ग से बड़े और छोटे वाहनों का लगातार आवागमन जारी है, जिससे स्थानीय लोगों को पूरे दिन धूल और बड़े-बड़े गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है। बोले- लोगों का घरों में रहना मुश्लिक हुआ दुबे ने जानकारी दी कि ब्रिज का निर्माण भोपाल की पुनीत चड्ढा कंपनी द्वारा किया जा रहा है। वैकल्पिक मार्ग से केवल छोटे वाहनों और यात्री बसों के निकलने की निर्धारित तिथि 11 जनवरी को समाप्त हो चुकी है। कॉलोनी के निवासियों ने सर्विस रोड बनाने के लिए चार बार प्रदर्शन किया है, लेकिन न तो सर्विस रोड बनाई गई है और न ही ब्रिज का निर्माण पूरा हुआ है, जिससे यहां के लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पार्षद दुबे ने आरोप लगाया कि ब्रिज निर्माण कंपनी के कर्मचारी छोटे वाहनों के लिए बनाए गए मार्ग से पैसे लेकर लोडेड डंपरों को निकलने दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 5 फरवरी को एसडीएम संजीव कुमार नागू ने सड़क किनारे का अतिक्रमण हटाया था। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सबसे पहले सर्विस रोड बनाई जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। फिलहाल, टीआई मुकेश गौड़ और नायब तहसीलदार चक्काजाम कर रहे लोगों को समझाइश दे रहे हैं।
24 घंटे में गारंटी के साथ पार्सल की डिलीवरी:देरी होने पर मिलेगा पूरा पैसा, डाक विभाग की 3 प्रीमियम सर्विस लॉन्च

अब आप इंडिया पोस्ट के जरिए अपने जरूरी डॉक्युमेंट्स या पार्सल 24 घंटे के अंदर भेज सकेंगे। भारतीय डाक विभाग ने आज 17 मार्च को 3 नई प्रीमियम सर्विस लॉन्च की हैं। इस सर्विस में डाक विभाग से आपको लिखित गारंटी मिलेगी। खास बात ये है कि अगर तय समय में डिलीवरी नहीं हुई तो ‘मनी-बैक गारंटी’ के तहत आपको पूरे पैसे वापस मिलेंगे। डाक विभाग की 3 नई सर्विस दिल्ली-मुंबई समेत 6 शहरों में पहले फेज की शुरुआत डाक विभाग ने इस सर्विस को फिलहाल देश के 6 प्रमुख मेट्रो शहरों में शुरू किया है। इनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। इन शहरों में डिलीवरी के टाइमलाइन को पूरा करने के लिए विभाग ने अलग से प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाई हैं और पार्सल भेजने के लिए हवाई जहाज का इस्तेमाल होगा। बिना OTP नहीं मिलेगा पार्सल, 4 खास फीचर्स सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के मामले में भी डाक विभाग ने बड़ा अपग्रेड किया है: सिंधिया बोले- 30 लाख करोड़ का होगा ई-कॉमर्स मार्केट सर्विस लॉन्च करते हुए दिल्ली के आकाशवाणी भवन से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह इंडिया पोस्ट के लिए बदलाव का समय है। उन्होंने बताया कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार अभी करीब 11 लाख करोड़ रुपए का है, जिसके 2030 तक 3 गुना बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। डाक विभाग इसी बढ़ते बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करना चाहता है। सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग अब आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। बिजनेस के लिए ‘बुक नाऊ, पे लेटर’ की सुविधा छोटे और बड़े कारोबारियों को लुभाने के लिए विभाग ने कई खास फीचर्स दिए हैं। थोक शिपमेंट के लिए फ्री पिकअप की सुविधा मिलेगी। बिजनेस हाउसेस के लिए सेंट्रलाइज्ड बिलिंग और API इंटीग्रेशन जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। इससे कंपनियां सीधे डाक विभाग के सिस्टम से जुड़कर अपने पार्सल ट्रैक और मैनेज कर सकेंगी। —————- ये खबर भी पढ़ें… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई: कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं; केवल वे लोग कराएं जिनका रिकॉर्ड अधूरा केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें…
दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X 2 घंटे डाउन रहा:एप और वेब दोनों जगह नहीं चला; 1 महीने में दूसरी बार सर्विस ठप हुई

इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस आज (16 फरवरी) को दुनियाभर में 2 घंटे ठप रहीं। हजारों यूजर्स फीड एक्सेस नहीं कर पाने और ब्लैंक स्क्रीन दिखने की शिकायत की। हालांकि यह बीच में कुछ समय के लिए फिर से चालू और बंद होता रहा। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट ‘डाउनडिटेक्टर’ पर शाम 6.30 से 8.30 बजे तक 45,000 से ज्यादा लोगों ने शिकायतें की। हालांकि फिर सर्विस बहाल हो गई। इस दौरान यूजर्स का कहना था कि वे न तो अपनी टाइमलाइन देख पा रहे थे और न ही नई पोस्ट कर पा रहे थे। X की सर्विस 1 महीने में दूसरी बार ठप हुई है। इससे पहले 16 जनवरी को भी भारत,अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में हजारों यूजर्स को एक्सेस करने में परेशानी हुई थी। 49% यूजर्स वेबसाइट नहीं चला पा रहे थे डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के 49% यूजर्स वेबसाइट नहीं चला पा रहे थे। वहीं,41% लोगों को एप इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है और करीब 10% ने बताया कि टाइमलाइन लोड करने में दिक्कत हुई। एप और वेब दोनों पर लोडिंग की समस्या, ग्रोक AI भी बंद रहा इस आउटेज का असर मोबाइल एप्लिकेशन और डेस्कटॉप वर्जन दोनों पर देखा गया। यूजर्स ने बताया कि एप खोलने पर उन्हें सिर्फ ब्लैंक स्क्रीन दिखी। इसके साथ ही मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट ‘ग्रोक’ भी काम नहीं कर रहा था। यूजर्स के रिफ्रेश करने पर पुरानी पोस्ट गायब हो रहीं और कोई नया डेटा लोड नहीं हो रहा था। X की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं इलॉन मस्क या X की सपोर्ट टीम ने अभी तक इस आउटेज की वजह या इसके ठीक होने के समय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आमतौर पर X ऐसे मामलों में आंतरिक रूप से पैच अपडेट जारी करता है, जिसके बाद सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती है। बार-बार होने वाले इन तकनीकी हादसों ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। X के 4 आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं। ———————- ये खबर भी पढ़ें… रेलवे टिकट बुकिंग वेबसाइट और एप फिर से डाउन: छठ पर्व पर हजारों यात्री परेशान; तत्काल टिकट बुक नहीं कर पाए छठ पर्व के पहले दिन आज यानी, 25 अक्टूबर को IRCTC की वेबसाइट और एप डाउन हो गए। लोगों को सुबह 10 बजे से रेल टिकट बुक करने में परेशानी हो रही है। इससे पहले दिवाली पर भी IRCTC की वेबसाइट और एप डाउन हो चुके हैं। आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म डाउन डिटेक्टर के मुताबिक सुबह 9:00 बजे से लोगों ने साइट और एप डाउन होने की शिकायत दर्ज करानी शुरू कर दी थी। सुबह 10 बजे करीब 180 लोगों ने इसे रिपोर्ट किया था। सोशल मीडिया पर भी लोग वेबसाइट डाउन होने की शिकायत करते रहे। पूरी खबर पढ़ें…








