Wednesday, 10 Jun 2026 | 05:53 AM

Trending :

EXCLUSIVE

आकाश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बने:5 साल के लिए मिली जिम्मेदारी, मई-जून तक आ सकता है कंपनी का IPO

आकाश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बने:5 साल के लिए मिली जिम्मेदारी, मई-जून तक आ सकता है कंपनी का IPO

रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल आर्म ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ ने आकाश अंबानी को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से ठीक पहले की गई है। रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, आकाश अंबानी का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है और वे अगले 5 साल तक इस पद पर रहेंगे। मई के अंत या जून में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स संभव बाजार विशेषज्ञों और रेगुलेटरी फाइलिंग के संकेतों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स मई के अंत या जून के महीने में अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) फाइल कर सकता है। आकाश अंबानी को एमडी बनाने के फैसले को इसी लिस्टिंग की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। कंपनी अपनी लीडरशिप टीम को मजबूत कर निवेशकों को एक स्पष्ट विजन देना चाहती है। 2014 से रिलायंस जियो के बोर्ड में शामिल हैं आकाश आकाश अंबानी अक्टूबर 2014 से रिलायंस जियो इन्फोकॉम (RJIL) के बोर्ड का हिस्सा हैं। वे ग्रुप की डिजिटल और टेलीकॉम स्ट्रैटेजी को करीब से देखते रहे हैं। जून 2022 में उन्हें रिलायंस जियो इन्फोकॉम का चेयरमैन बनाया गया था। अब जियो प्लेटफॉर्म्स के एमडी के रूप में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी, क्योंकि यह कंपनी रिलायंस के पूरे डिजिटल इकोसिस्टम को कंट्रोल करती है। वित्त वर्ष 2026 में ₹1.46 लाख करोड़ रही कमाई कंपनी की फाइनेंशियल्स काफी मजबूत हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 1.46 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू (कमाई) हासिल किया है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 30,000 करोड़ रुपए से ज्यादा रहा। क्या होता है जियो प्लेटफॉर्म्स का काम? जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी है। इसमें रिलायंस जियो इन्फोकॉम (टेलीकॉम), माई जियो, जियो सिनेमा, जियो सावन और अन्य डिजिटल ऐप्स शामिल हैं।

आकाश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बने:5 साल के लिए मिली जिम्मेदारी, मई-जून तक आ सकता है कंपनी का IPO

आकाश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बने:5 साल के लिए मिली जिम्मेदारी, मई-जून तक आ सकता है कंपनी का IPO

रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल आर्म ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ ने आकाश अंबानी को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से ठीक पहले की गई है। रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, आकाश अंबानी का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है और वे अगले 5 साल तक इस पद पर रहेंगे। मई के अंत या जून में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स संभव बाजार विशेषज्ञों और रेगुलेटरी फाइलिंग के संकेतों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स मई के अंत या जून के महीने में अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) फाइल कर सकता है। आकाश अंबानी को एमडी बनाने के फैसले को इसी लिस्टिंग की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। कंपनी अपनी लीडरशिप टीम को मजबूत कर निवेशकों को एक स्पष्ट विजन देना चाहती है। 2014 से रिलायंस जियो के बोर्ड में शामिल हैं आकाश आकाश अंबानी अक्टूबर 2014 से रिलायंस जियो इन्फोकॉम (RJIL) के बोर्ड का हिस्सा हैं। वे ग्रुप की डिजिटल और टेलीकॉम स्ट्रैटेजी को करीब से देखते रहे हैं। जून 2022 में उन्हें रिलायंस जियो इन्फोकॉम का चेयरमैन बनाया गया था। अब जियो प्लेटफॉर्म्स के एमडी के रूप में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी, क्योंकि यह कंपनी रिलायंस के पूरे डिजिटल इकोसिस्टम को कंट्रोल करती है। वित्त वर्ष 2026 में ₹1.46 लाख करोड़ रही कमाई कंपनी की फाइनेंशियल्स काफी मजबूत हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 1.46 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू (कमाई) हासिल किया है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 30,000 करोड़ रुपए से ज्यादा रहा। क्या होता है जियो प्लेटफॉर्म्स का काम? जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी है। इसमें रिलायंस जियो इन्फोकॉम (टेलीकॉम), माई जियो, जियो सिनेमा, जियो सावन और अन्य डिजिटल ऐप्स शामिल हैं।

जौ या चना… मई-जून में कौन सा सत्तू शरीर को देता ज्यादा ताकत और ठंडक? एक्सपर्ट से समझें

sattu (AI image)

Last Updated:May 11, 2026, 09:48 IST Jau vs chana sattu : गर्मी बढ़ते ही लोग शरीर को ठंडा रखने वाले देसी ड्रिंक्स की तलाश में जुट जाते हैं. ऐसे में सत्तू का शरबत फिर से लोगों की पहली पसंद बन रहा है. लेकिन अब सवाल यह उठने लगा है कि जौ का सत्तू ज्यादा फायदेमंद है या चने का? दोनों ही देसी सुपरफूड माने जाते हैं और गांव से लेकर शहर तक खूब पिए जाते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों सत्तू के फायदे अलग-अलग हैं और जरूरत के हिसाब से इनका चुनाव करना चाहिए. प्रयागराज के हेल्थ एक्सपर्ट डॉ सुबोध ने कंफ्यूजन दूर कर दिया है. आयुर्वेद के सतुआ में फायदे – आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, गर्मी के दिनों में लू से बचने के लिए घर से निकलने से पहले सत्तू या सत्तू का शरबत पी लें तो लू लगने का खतरा बहुत कम हो जाता है. सत्तू प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने में मदद करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स सुबोध बताते हैं कि चने का सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर माना जाता है. यही वजह है कि इसे पीने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और शरीर को एनर्जी मिलती है. गर्मियों में मजदूर, किसान और जिम जाने वाले लोग इसे खूब पसंद करते हैं. कई लोग इसे “देसी प्रोटीन ड्रिंक” भी कहते हैं. वहीं जौ का सत्तू शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए ज्यादा जाना जाता है. इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिन्हें गर्मी ज्यादा लगती है या पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए जौ का सत्तू बेहतर विकल्प माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग सुबह खाली पेट नमक, नींबू और भुना जीरा डालकर सत्तू का घोल पीते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी कम महसूस होती है और लंबे समय तक ताजगी बनी रहती है. कई जगहों पर जौ और चने का सत्तू मिलाकर भी पिया जाता है, ताकि दोनों का फायदा एक साथ मिल सके. फूड एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर वजन घटाना चाहते हैं, तो जौ का सत्तू ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह हल्का होता है. वहीं शरीर को ताकत और प्रोटीन चाहिए, तो चने का सत्तू बेहतर विकल्प हो सकता है. हालांकि दोनों को सही मात्रा में ही पीना चाहिए. जरूरत से ज्यादा सत्तू पीने पर कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने जैसी दिक्कत भी हो सकती है. आजकल बाजार में फ्लेवर्ड और पैकेट वाले सत्तू भी आने लगे हैं, लेकिन गांवों में लोग अब भी देसी तरीके से तैयार सत्तू को ज्यादा पसंद करते हैं. कम खर्च में शरीर को ठंडक, ताकत और भरपूर एनर्जी देने की वजह से सत्तू आज भी गर्मियों का सबसे भरोसेमंद देसी ड्रिंक माना जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।