डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के असहयोग आदेश के बीच एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंची। कंगना से जब रणवीर सिंह पर लगे कथित बैन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना रनोट ने इवेंट के दौरान रणवीर सिंह का जिक्र करते हुए कहा, “आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।” रुकावटों से नहीं पड़ता कोई फर्क कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।” डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं। अपनी फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं कंगना रणवीर सिंह के मुद्दे पर कमेंट करने के साथ ही कंगना इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। मंगलवार को इसी फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जहां वे मीडिया से रूबरू हुईं। कंगना फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। इवेंट के दौरान उन्होंने अपनी फिल्म और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के असहयोग आदेश के बीच एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंची। कंगना से जब रणवीर सिंह पर लगे कथित बैन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना रनोट ने इवेंट के दौरान रणवीर सिंह का जिक्र करते हुए कहा, “आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।” रुकावटों से नहीं पड़ता कोई फर्क कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।” डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं। अपनी फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं कंगना रणवीर सिंह के मुद्दे पर कमेंट करने के साथ ही कंगना इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। मंगलवार को इसी फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जहां वे मीडिया से रूबरू हुईं। कंगना फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। इवेंट के दौरान उन्होंने अपनी फिल्म और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
अचानक भोजपुरी क्यों गाने लगे अक्षय कुमार:‘रगड़के नहला देब साबुन से’ पर अक्षरा सिंह संग नाचे, भोजपुरिया अंदाज के 2 कारण

पवन सिंह के ‘आई नहीं’ ने जब बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश करवाई, तो बॉलीवुड को समझ आ गया कि सफलता का असली रास्ता यूपी-बिहार के सिंगल स्क्रीन और इंस्टाग्राम रील्स से होकर गुजरता है। यही वजह है कि अपनी हिट फिल्म के लिए तरस रहे खिलाड़ी अक्षय कुमार ने अब अक्षरा सिंह और भोजपुरी के सबसे लाउड फ्लेवर का सहारा लिया है। ‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर बवाल काट रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक बहस भी छिड़ गई है। क्या अक्षय कुमार का यह दांव उन्हें वापस बॉलीवुड का खिलाड़ी नंबर-1 बना पाएगा?जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः अक्षरा सिंह और अक्षय कुमार का कौन सा नया गाना रिलीज हुआ है? जवाबः 25 मई को फिल्म वेलकम टू द जंगल का गाना ‘घिस घिस घिस’ रिलीज हो गया। सिर्फ 48 घंटे में इसे यूट्यूब पर 14 मिलियन लोगों ने देखा है। यह एक भोजपुरी गाना है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग, वल्गर और डबल मीनिंग लिरिक्स पर थिरकते दिख रहे हैं। गाने की लिरिक्स में रगड़के नहला देब साबुन से, होंठवा पे काटे जैसे मधुमक्खी, रगड़े जवानी जैसे भर-भर के, जैसे बोल इस्तेमाल किए गए हैं। गाने को विक्रम मोन्तरोज, सुप्रिया पाठक ने आवाज दी है, जबकि इसकी लिरिक्स अभिनव शेखर ने लिखी है। सवाल-2: क्या लगातार फ्लॉप फिल्म देने के कारण अक्षय कुमार भोजपुरी स्टार का सहारा ले रहे हैं? जवाबः हां, काफी हद तक। अक्षय कुमार लंबे समय से एक सुपरहिट फिल्म की तलाश में हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी है। इससे पहले 2025 में आईं उनकी फिल्में कनप्पा, स्काई फोर्स, हाउसफुल 5 और जॉली एलएल बी 3 भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ सकीं। इसलिए चर्चा है कि अक्षय कुमार अब हिट की तलाश में भोजपुरी स्टार्स और भोजपुरी गानों का सहारा ले रहे हैं। सवाल-3: क्या अक्षय कुमार पहले ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने हिट के लिए भोजपुरी स्टार और भोजपुरी गानों का सहारा लिया है? जवाबः नहीं, इससे पहले भी कई बड़े कलाकार रहे हैं, जिन्होंने समय-समय पर भोजपुरी गानों, स्टार्स या डॉयलाग/फ्लेवर का इस्तेमाल करके छप्परफाड़ कमाई की है। कुछ उदाहरण… सवाल-4ः क्या भोजपुरी अब बॉलीवुड के लिए जरूरी हो गया है? जवाबः निश्चित रूप से। पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड का शहरी/महानगरीय कंटेंट दर्शकों से कट गया था। साउथ सिनेमा (पुष्पा, कांतारा) और भोजपुरी-अवधी बेल्ट के गानों और कंटेंट ने बॉलीवुड को अहसास कराया है कि भारत का असली पैसा ‘देसी’ कंटेंट में है। बॉलीवुड अब रील्स पर राज करने के लिए रीजनल स्टार्स की सोशल मीडिया फॉलोइंग का ‘पैरासाइटिक इस्तेमाल’ कर रहा है। बॉलीवुड को भोजपुरी की जरूरत क्यों… भोजपुरी सिनेमा को अक्सर ‘कम बजट’ या ‘वल्गर’ कहकर मुख्यधारा की मीडिया में नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन इसकी वास्तविक ताकत इसकी जमीनी पकड़ है।
फ्लॉप का डर, अक्षय कुमार ने लिया भोजपुरी का सहारा:वल्गर लिरिक्स वाले गाने के बोल- रगड़के नहला देब साबुन से, ऐसे ही गाने से फंसे नोरा-संजय

फिल्म वेलकम टू द जंगल का गाना घिस घिस घिस आज रिलीज हो चुका है। ये एक भोजपुरी गाना है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग, वल्गर और डबल मीनिंग लिरिक्स पर थिरकते दिखे हैं। जाहिर तौर पर लगातार फ्लॉप फिल्में दे रहे अक्षय कुमार अब इस नई स्ट्रेटेजी के साथ भोजपुरी ऑडियंस को टारगेट करते हुए भोजपुरी स्टार्स का सहारा ले रहे हैं। अक्षय कुमार ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से फिल्म वेलगम टू द जंगल गाने की एक झलक शेयर की है। गाने के कैप्शन में अक्षय कुमार ने लिखा है, फटेगा स्पीकर और ब्रेक होगा पूरा डांस फ्लोर। घिस घिस घिस सॉन्ग आज रिलीज हो रहा है। एक नजर अक्षय कुमार के भोजपुरी गाने पर फ्लॉप के डर से अक्षय कुमार ने लेनी पड़ी भोजपुरी स्टार्स की मदद! अक्षय कुमार लंबे समय से एक हिट फिल्म की तलाश में हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी है। इससे पहले 2025 में आईं उनकी फिल्में कनप्पा, स्काई फोर्स, हाउसफुल 5 और जॉली एलएल बी 3 भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ सकीं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अक्षय कुमार अब हिट की तलाश के लिए भोजपुरी स्टार्स और भोजपुरी गानों का सहारा ले रहे हैं। अक्षय कुमार की पिछली पिछली 6 फिल्में और उनका बजट गाने के बारे में- फिल्म वेलकम टू द जंगल गाने का टाइटल है, घिस घिस घिस। गाने की लिरिक्स में रगड़के नहला देब साबुन से, होंठवा पे काटे जैसे मधुमक्खी, रगड़े जवानी जैसे भर-भर के, जैसे बोल इस्तेमाल किए गए हैं। गाने को विक्रम मोन्तरोज, सुप्रिया पाठक ने आवाज दी है, जबकि इसकी लिरिक्स अभिनव शेखर ने लिखी है। ऐसे ही गाने से फंसे संजय दत्त-नोरा फतेही नोरा फतेही और संजय दत्त भी एक ऐसे ही बोल वाले गाने सरके चुनरिया तेरी के चलते विवादों में हैं। दोनों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर समन भी किया गया और महिला आयोग द्वारा दोनों को फटकार भी लगाई गई है। महिला आयोग के सामने पेश हुए संजय दत्त और नोरा फतेही दोनों ने कहा कि उन्हें लिरिक्स की जानकारी नहीं थी। आयोग के सामने माफी मांगते हुए 50 आदिवासी बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई। वहीं दूसरी तरफ नोरा ने ऐलान किया कि वो अब से आइटम सॉन्ग में काम नहीं करेंगी। विवाद के बाद इस गाने को डिलीट किया गया था।
फ्लॉप का डर, अक्षय कुमार ने लिया भोजपुरी का सहारा:वल्गर लिरिक्स वाले गाने के बोल- रगड़के नहला देब साबुन से, ऐसे ही गाने से फंसे नोरा-संजय

फिल्म वेलकम टू द जंगल का गाना घिस घिस घिस आज रिलीज हो चुका है। ये एक भोजपुरी गाना है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग, वल्गर और डबल मीनिंग लिरिक्स पर थिरकते दिखे हैं। जाहिर तौर पर लगातार फ्लॉप फिल्में दे रहे अक्षय कुमार अब इस नई स्ट्रेटेजी के साथ भोजपुरी ऑडियंस को टारगेट करते हुए भोजपुरी स्टार्स का सहारा ले रहे हैं। अक्षय कुमार ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से फिल्म वेलगम टू द जंगल गाने की एक झलक शेयर की है। गाने के कैप्शन में अक्षय कुमार ने लिखा है, फटेगा स्पीकर और ब्रेक होगा पूरा डांस फ्लोर। घिस घिस घिस सॉन्ग आज रिलीज हो रहा है। एक नजर अक्षय कुमार के भोजपुरी गाने पर फ्लॉप के डर से अक्षय कुमार ने लेनी पड़ी भोजपुरी स्टार्स की मदद! अक्षय कुमार लंबे समय से एक हिट फिल्म की तलाश में हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी है। इससे पहले 2025 में आईं उनकी फिल्में कनप्पा, स्काई फोर्स, हाउसफुल 5 और जॉली एलएल बी 3 भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ सकीं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अक्षय कुमार अब हिट की तलाश के लिए भोजपुरी स्टार्स और भोजपुरी गानों का सहारा ले रहे हैं। अक्षय कुमार की पिछली पिछली 6 फिल्में और उनका बजट गाने के बारे में- फिल्म वेलकम टू द जंगल गाने का टाइटल है, घिस घिस घिस। गाने की लिरिक्स में रगड़के नहला देब साबुन से, होंठवा पे काटे जैसे मधुमक्खी, रगड़े जवानी जैसे भर-भर के, जैसे बोल इस्तेमाल किए गए हैं। गाने को विक्रम मोन्तरोज, सुप्रिया पाठक ने आवाज दी है, जबकि इसकी लिरिक्स अभिनव शेखर ने लिखी है। ऐसे ही गाने से फंसे संजय दत्त-नोरा फतेही नोरा फतेही और संजय दत्त भी एक ऐसे ही बोल वाले गाने सरके चुनरिया तेरी के चलते विवादों में हैं। दोनों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर समन भी किया गया और महिला आयोग द्वारा दोनों को फटकार भी लगाई गई है। महिला आयोग के सामने पेश हुए संजय दत्त और नोरा फतेही दोनों ने कहा कि उन्हें लिरिक्स की जानकारी नहीं थी। आयोग के सामने माफी मांगते हुए 50 आदिवासी बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई। वहीं दूसरी तरफ नोरा ने ऐलान किया कि वो अब से आइटम सॉन्ग में काम नहीं करेंगी। विवाद के बाद इस गाने को डिलीट किया गया था।
साबुन से बाल धोएंगे तो क्या होगा? क्या हेयर वॉश के लिए शैम्पू जरूरी, एक्सपर्ट से जान लीजिए सच

Last Updated:May 10, 2026, 09:00 IST Soap vs Shampoo for Hair Wash: कई लोग नहाने वाले साबुन से बाल धो लेते हैं. अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या बालों में साबुन लगाना सही है या शैम्पू ज्यादा बेहतर है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक साबुन का हाई pH लेवल बालों को रूखा और कमजोर बना सकता है, जबकि शैम्पू बालों और स्कैल्प की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है. साबुन मुख्य रूप से स्किन की सफाई के लिए बनाया जाता है और बालों के लिए हार्श हो सकता है. Can Soap Damage Your Hair: नहाने के लिए अधिकतर लोग साबुन का इस्तेमाल करते हैं. नहाते समय पुरुष अक्सर साबुन से बाल भी धो लेते हैं. कई बार साबुन की वजह से बाल चिपचिपे हो जाते हैं और उलझ जाते हैं, जबकि शैम्पू से बाल धोने पर बाल सॉफ्ट हो जाते हैं. कुछ लोग मानते हैं कि बालों में साबुन लगाना नुकसानदायक होता है और शैम्पू लगाना फायदेमंद होता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि साबुन और शैम्पू में क्या अंतर है और हेल्दी बालों के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर माना जाता है. यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया साबुन स्किन की सफाई के लिए बनाया जाता है. इसमें मौजूद तत्व और उसका हाई pH लेवल बालों के लिए हार्श साबित हो सकता है. अगर नियमित रूप से बालों में साबुन लगाया जाए, तो इससे स्कैल्प की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है. धीरे-धीरे बाल रूखे, बेजान और कमजोर होने लगते हैं. कई लोगों के बाल साबुन से धोने के बाद उलझने और टूटने लगते हैं. कई बार स्कैल्प में खुजली जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं. यही वजह है कि लंबे समय तक बालों पर साबुन इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक शैम्पू खासतौर पर बालों और स्कैल्प को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. इसका pH लेवल बैलेंस्ड होता है, जिससे बालों की सफाई के साथ उनकी नमी और चमक भी बनी रहती है. शैम्पू बालों को बिना ज्यादा ड्राई किए स्कैल्प पर जमा गंदगी, पसीना और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद करता है. आजकल बाजार में अलग-अलग हेयर टाइप के अनुसार शैम्पू उपलब्ध हैं. हालांकि सिर्फ महंगा शैम्पू इस्तेमाल कर लेने से बाल पूरी तरह हेल्दी नहीं हो जाते हैं. बालों की अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और सही हेयर केयर रूटीन भी बेहद जरूरी है. शरीर में पोषण की कमी होने पर बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं. इसलिए हेयर केयर के साथ-साथ लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना चाहिए. एक्सपर्ट की मानें तो ऑयली स्कैल्प वाले लोगों को सप्ताह में 2 से 3 बार शैम्पू करना चाहिए, क्योंकि उनकी स्कैल्प पर जल्दी तेल और गंदगी जमा हो जाती है. ड्राई या घुंघराले बालों वाले लोगों के लिए सप्ताह में 1 से 2 बार शैम्पू करना पर्याप्त माना जाता है, ताकि बालों की प्राकृतिक नमी बनी रहे. जरूरत से ज्यादा शैम्पू करने से स्कैल्प का नेचुरल ऑयल कम हो सकता है, जिससे बाल रूखे, कमजोर और बेजान दिखाई देने लगते हैं. हमेशा अपने हेयर टाइप के अनुसार माइल्ड और सल्फेट-फ्री शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए और शैम्पू के बाद कंडीशनर जरूर लगाना चाहिए. इससे बालों की नमी और चमक बनी रहती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें








