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अनंत सिंह बोले- मैं अब चुनाव नहीं लड़ूंगा:बिना नीतीश के लड़ने से मतलब नहीं, तेजस्वी का नाम लेने पर भड़के, कहा- किसका नाम ले लिया

अनंत सिंह बोले- मैं अब चुनाव नहीं लड़ूंगा:बिना नीतीश के लड़ने से मतलब नहीं, तेजस्वी का नाम लेने पर भड़के, कहा- किसका नाम ले लिया

बाहुबली अनंत सिंह ने सोमवार को विधानसभा के बाहर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे। बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा। निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए। अनंत सिंह ने ये भी दावा किया कि मैं 1 महीने में जेल से छूट जाऊंगा। असली अपराधी पकड़ा जाएगा। अनंत सिंह सोमवार को बेऊर जेल से राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डालने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने NDA के पांचों कैंडिडेट्स की जीत का भी दावा किया। 1 महीने पहले ली थी विधायक की शपथ बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने 1 महीने पहले विधायक पद की शपथ ली थी। सदन के अंदर बिना पढ़े उन्होंने कहा- मैं अनंत सिंह ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं कानून द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा। मैं बिहार राज्य के विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करूंगा। शपथ लेने के बाद अनंत सिंह ने विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार से मुलाकात की। इसके बाद वो CM नीतीश के पास पहुंचे और उनके पैर छुए। इस दौरान CM नीतीश ने अनंत सिंह के तिलक के बारे में पूछा। इसके बाद अनंत सिंह जाकर अपनी सीट पर बैठ गए। करीब 10 मिनट बाद वो विधानसभा से फिर जेल के लिए निकल गए। शपथ की कुछ तस्वीरें देखिए… अनंत सिंह बोले- मैं निर्दोष हूं, मुझे न्याय की उम्मीद विधानसभा से निकलने के दौरान अनंत सिंह ने कहा, ‘मैं न्याय की उम्मीद करता हूं। जांच चल रही है, 100 परसेंट न्याय मिलने की उम्मीद है। विपक्ष अब बोलने लायक नहीं है। तेजस्वी को अब किसी और पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना होगा।’ नीट छात्रा रेप-हत्या मामले में अनंत सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बेऊर जेल से अनंत सिंह को एंबुलेंस से विधानसभा लाया गया था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से शपथ लेने में देरी हुई।’ जब उनसे पूछा गया कि वो मोकामा की जनता से कब मिलेंगे। इस पर उन्होंने कहा, ‘जब जज साहब चाहेंगे तब ही ना जेल से बाहर आएंगे। मैंने बेल के लिए अप्लाई किया है।’ कोर्ट में अनंत सिंह ने ये अर्जी दी थी 28206 वोट से जीते अनंत सिंह अनंत सिंह 28206 वोटों के अंतर से मोकामा सीट से जीतकर विधायक बने हैं। उन्हें 91416 वोट मिले। दूसरे नंबर पर राजद की प्रत्याशी वीणा देवी रहीं। उन्हें 63210 वोट मिले। अनंत सिंह की जीत के जश्न में पुराने बंगले में करीब 50 हजार लोगों के लिए भोज की व्यवस्था की गई थी। अनंत सिंह के भोज की 2 तस्वीरें… 2020 में कोर्ट ने अनंत सिंह को दी थी इजाजत 2020 विधानसभा चुनाव में भी अनंत सिंह जेल से ही चुनाव जीते थे। जब विधानसभा का सत्र शुरू हुआ तो उन्होंने शपथ लेने के लिए पैरोल मांगी। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया और उन्होंने विधानसभा में आकर शपथ ली थी। अब जानिए वो पूरा मामला जिसे लेकर अनंत सिंह जेल में बंद हैं 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक में राजद नेता और जनसुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह पर लगे थे। उन्हें 1 नंवबर की रात गिरफ्तार किया गया था। 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद बेऊर जेल में डाला गया। दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई। बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है। घोड़े, गाय और गाड़ियों के शौकीन हैं अनंत सिंह

Pappu Yadav Vs Anant Singh: Beur Jail history | Who is the biggest rangbaaz inside Beur Jail

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Pappu Yadav Vs Anant Singh: पटना का बेऊर जेल क्या एक बार फिर से बाहुबलियों का अखाड़ा बनेगा? पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की बेऊर में एंट्री से क्या बदल जाएगा जेल में बाहुबली नेताओं का गणित? बिहार का वह जेल जहां जहां सत्ता और जुर्म का ‘कॉकटेल’ पकता है, क्या पप्पू यादव की एंट्री और पहले से ही जेल में बंद मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू होगी? बेऊर कारा का इतिहास गवाह है कि बाहुबलियों के लिए यह जेल कम गेस्ट हाउस ज्यादा मानी जाती है. बीते शुक्रवार रात को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी और उन्हें बेऊर जेल भेजे जाने के आदेश ने इस हाई-प्रोफाइल जेल को एक फिर से चर्चा में ला दिया है. सियासी हलकों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पप्पू यादव की जमानत जल्दी नहीं मिलती है तो वह लंबे समय तक बेऊर जेल में रह सकते हैं. ऐसे में क्या वह वहां शांति से रह पाएंगे? हालिया पुलिस रिपोर्टों के अनुसार पटना और आसपास के इलाकों में होने वाली रंगदारी और हत्या की कई साजिशें बेऊर जेल के अंदर रची गई थीं. इस जेल में बंद बाहुबली विधायक रीतिलाल यादव पर जेल से ही रंगदारी मांगने के आरोप लगे थे. इसके बाद चुनाव से ठीक पहले उन्हें भागलपुर जेल ट्रांसफर कर दिया गया था. अब पप्पू यादव जैसे कद्दावर नेता की मौजूदगी जेल के अधिकारियों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं होने वाली है. क्योंकि पप्पू यादव भी जेल में जनता दरबार लगा सकते हैं. बेऊर जेल में बंद दो बड़े ‘रंगबाज’ अनंत सिंह और पप्पू यादव आमने-सामने बेऊर जेल बिहार की राजनीति और अपराध की दुनिया का वो हॉटस्पॉट है जहां बाहुबली नेता और गैंगस्टर सब आराम फरमाते हैं. यह जेल कोई साधारण जगह नहीं. इस जेल का उद्घाटन करने वाले बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव भी चारा घोटाले में आरोपी होने के बाद इसी जेल में कई रात बिताए थे. इस जेल में सेलफोन, चाकू, ड्रग्स और यहां तक कि पॉलिटिकल डील्स की खबरें बाहर आती रहती हैं. अक्सर इस जेल में छापे पड़ते रहते हैं. बेऊर जेल बाहुबलियों का नया ठिकाना पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की एंट्री ने सबको चौकन्ना कर दिया है. क्या जेल में एक बार फिर से ‘रंगबाजी’ का नया दौर शुरू होने वाला है? पिछले पांच साल में कई बड़े चेहरे इस जेल में आए और फिर रिहा होकर निकल गए. इस जेल में ऐसे-ऐसे ‘मेहमान’ रहे हैं, जिनके नाम सुनकर ही पुलिस की नींद उड़ जाती है. वर्तमान में अनंत सिंह और पप्पू यादव जैसे नेता इस जेल में बंद हैं. इससे पहले सूरजभान सिंह, आनंद मोहन, मुन्ना शुक्ला और रीतलाल यादव जैसे बाहुबली नेता भी बंद रह चुके हैं. मुन्ना शुक्ला पिछले दिनों भागलपुर जेल से बेऊर जेल शिफ्ट हुए थे. फिर वह भागलपुर जेल चले गए हैं. इसी तरह रीतलाल यादव भी अबी भागलपुर जेल में ही हैं. हालांकि, वह रहने वाले पटना जिला के हैं. बेऊर जेल में कौन-कौन बाहुबली हैं बंद? बड़े बाहुबली नामों में इस समय अनंत सिंह और पप्पू यादव ही दो नेता हैं, जो इस जेल में बंद हैं. पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने फोर्जरी केस में अरेस्ट किया गया. पहले उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रखा गया, फिर कोर्ट के ऑर्डर पर बेऊर जेल शिफ्ट कर दिया गया. पप्पू यादव इस जेल में कोई नया ‘मेहमान’ नहीं हैं, वो पहले भी कई बार जेल के ‘गेस्ट’ रह चुके हैं. 2004 में तो सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बेऊर से तिहाड़ शिफ्ट कर दिया था, क्योंकि वो जेल से सेलफोन पर पॉलिटिकल डील्स कर रहे थे. वहीं अनंत सिंह बिहार चुनाव से ठीक पहले दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं. बेऊर में विकी जैसे ड्रग्स किंग और अनंत सिंह जैसे नेता पहले से मौजूद हैं. पप्पू की वोकल पर्सनैलिटी और पुरानी दुश्मनी से टेंशन बढ़ सकती है. लेकिन पुलिस सतर्क है. पप्पू यादव की एंट्री से जेल का ‘बैलेंस’ बिगड़ सकता है. पप्पू अपनी ‘जन सेवा’ वाली इमेज अगर जेल में भी चलाएंगे तो हो सकता है कि कुछ दिक्कतें शुरू हो जाएं. कुलमिलाकर बेऊर जेल का इतिहास बताता है कि बाहुबली जेल से भी ‘शो’ चलाते रहे हैं. ऐसे में अगला ट्विस्ट कब आएगा, यह देखने वाली बात है.