Dainik Bhaskar & Aditya Birla MF Workshop: Invest to Beat Inflation

ग्वालियर11 घंटे पहले कॉपी लिंक आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड के जोनल मैनेजर, इन्वेस्टर एजुकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूटर डेवलपमेंट अभिजीत देशमाने ने वर्कशॉप को संबोधित किया। हर व्यक्ति बचत कर अपना फ्यूचर सुरक्षित करना चाहता है, क्योंकि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिसे बीट करना जरूरी है। इसके लिए एसआईपी को बेहतर माध्यम माना जा सकता है, लेकिन पूरी प्लानिंग के साथ। एसडब्ल्यूपी को भी रेगुलर आय का बेहतर विकल्प माना जा सकता है। यह कहना था आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड के जोनल मैनेजर, इन्वेस्टर एजुकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूटर डेवलपमेंट अभिजीत देशमाने का। वे शुक्रवार को होटल क्लार्सइन में दैनिक भास्कर और आदित्य बिड़ला म्यूचुअल फंड की शिक्षित निवेशक- विकसति भारत वषय पर रखी गई अवेयरनेस वर्कशॉप में शामिल शहरवासियों को संबोधित कर रहे थे। पैनल डिस्क्शन में कैपिटल वैंचर्स के अमित अग्रवाल, आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के क्लस्टर हेड हसन नकवी और ब्रांच हेड दीपक माधवानी ने ऑडियंस के सवालों के जवाब दिए। निवेश में फ्यूचर का प्लान हो उन्होंने कहा कि आप अच्छे निवेशक तभी माने जाएंगे, जब उसमें अनुशासन हो और सतर्कता हो। निवेश से पहले अपना गोल सेट करें। इसमें फ्यूचर का प्लान हो। जैसे 3 साल बाद आपको व्हीकल लेना है, 10 साल बाद आपको घर लेना है आदि। कुछ निवेशक निरंतरता न रखने और अनुशासन में न रहने भटक जाते हैं। वे सोचते हैं उनकी वेल्थ को ग्रोथ नहीं मिल रही है। ग्राेथ मिलती है, लेकिन एक टाइम बाद। निवेशकों को 12 से 15 प्रतिशत की ग्रोथ पर न ध्यान देते हुए अपनी प्रोफाइल को समझना होगा और धैर्य रखना होगा। वर्कशॉप के अन्य वक्ता ग्वालियर रैंज के डीआईजी अमित सांघी और राज्य साइबर सेल ग्वालियर जोन प्रभारी संजीव नयन शर्मा थे। इस बीच पैनल डिस्कशन रखा गया, इसमें सवाल जवाब हुए। पैनल डिस्क्शन में कैपिटल वैंचर्स के अमित अग्रवाल, आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के क्लस्टर हेड हसन नकवी और ब्रांच हेड दीपक माधवानी ने ऑडियंस की शंका का समाधान किया। निवेश करने से पहले मार्केट स्टडी करें: देशमाने अभिजीत देशमाने ने बताया कि निवेश करने से पहले निवेशक को मार्केट स्टडी करना जरूरी है। म्यूचुअल फंड को बेहतर ऑप्शन कहा जा सकता है। इसमें रिस्क की संभावनाएं घट जाती हैं। म्यूचुअल फंड एक ऐसा तरीका है, जिसमें आपको सेफ्टी मिलती है, क्योंकि इसे सेवी ने रेगुलेटिड किया है। लिक्विडिटी भी मिलती है और रिटंर्स भी। 30 पहले जाएंगे सेंसेक्स 100 पर था, जो आज 80 हजार पर आ गया है। यह सब एक झटके में नहीं हुआ है। 30 साल में मार्केट में कई उतार चढ़ाव आए। आगे भी उतार-चढ़ाव आता रहेगा, लेकिन इस बीच निवेशित रहना जरूरी है। अनुशासित ढंग से निवेश करना होगा, क्योंकि पता नहीं प्रॉब्लम कब आ जाए। सेल्फ फाइनेंस डिसिप्लिन सिर्फ एसआईपी से आ सकता है। उम्र के हिसाब इंवेस्टमेंट का फंडा पुरा हो चुका है। इसे गोल बेस्ड कीजिए। म्यूचुअल फंड के अलग-अलग प्लान हैं। निवेश लंबी अवधि के लिए हो। निवेश में सावधानी बरतना बेहद जरूरी ग्वालियर रैंज के डीआईजी अमित सांघी ने कहा कि साइबर क्राइम का दायरा बढ़ चुका है। अगर हम बात करें तो पिछले दो सालों में 400 प्रतिशत शिकायतें बढ़ गई हैं। अगर आप साइबर फ्राॅड के शिकार हुए हैं आपने एक या डेढ़ घंटे के भीतर साइबर क्राइम पोर्टल या 1930 पर शिकायत की तो मदद मिल सकती है। जो पैसा म्यूल अकाउंट में जा रहा है उसे रोका जा सकता है। बहुत केस हैं, जिनमें हमने सफलता पाई है। वॉट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टा चलाते समय सावधनी बरतें। कोई निवेश करने की कहे तो लालच में न आएं। अगर लालच में आते हैं तो शुरू में आपको फायदा होगा। आप और इंवेस्ट करेंगे तो फंस जाएंगे। इसलिए ऐसे लोगों से बचें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bangladesh PM Oath Ceremony | Taique Rehman; Lok Sabha Speaker Om Birla Attends

ढाका3 दिन पहले कॉपी लिंक तारिक रहमान ने मंगलवार शाम बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ ली। बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले आज दोपहर में BNP के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। रहमान के अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी और एक बौद्ध मंत्री दिपेन देवान चकमा भी शामिल है। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। सभी 24 राज्य मंत्री नए हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी मौजूद रहे। वहीं पीएम मोदी ने तारिक रहमान को भारत आने का न्योता दिया। पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 में से 209 सीटें जीतकर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया था। इसके अलावा 3 सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत हासिल की। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में दोनों ने हाथ मिलाया। तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए। शपथ ग्रहण में स्पीकर ओम बिरला, बांग्लादेश के पूर्व चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस समेत दुनियाभर के कई नेता मौजूद रहे। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे। ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की। उन्होंने नई सरकार बनने पर भारत की ओर से शुभकामनाएं दीं। यह मुलाकात ढाका में नई सरकार के शपथ लेने के तुरंत बाद हुई। बैठक के दौरान ओम बिरला ने तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने बताया कि दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि भारत और बांग्लादेश मिलकर आम लोगों के हित में काम करेंगे। मुलाकात में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने की बात कही, जिससे दोनों देशों के लोगों को सीधा फायदा मिले और रिश्ते और मजबूत हों। ओम बिरला ने तारिक रहमान को शुभकामना पत्र भी दिया। संविधान बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज इस बीच संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। दरअसल, 12 फरवरी को संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी हुआ था। इसमें 62% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करेगी। इस अवधि के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते। जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत घट जाती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी। BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं। इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है। योजना थी कि नए संसद सदस्य के साथ-साथ इस परिषद के सदस्य भी बनें और दोनों के लिए शपथ लें, लेकिन BNP ने इसे असंवैधानिक बताते हुए केवल संसद सदस्य की शपथ ली है। जुलाई चार्टर से कोई नेता अधिकतम 10 साल ही पीएम रह सकेगा जुलाई चार्टर के तहत PM के लिए जीवनभर कुल 10 साल (या अधिकतम दो टर्म) की सख्त टर्म लिमिट लगाई गई है, ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता में न रह सके। PM पार्टी चीफ के पद के साथ नहीं रह सकता, इमरजेंसी घोषणा के लिए कैबिनेट और विपक्षी लीडर की लिखित सहमति जरूरी होगी। प्रेसिडेंट की भूमिका मजबूत होगी, जैसे कई स्वतंत्र संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में प्रेसिडेंट को ज्यादा स्वतंत्र अधिकार मिलेंगे, जो पहले PM के प्रभाव में थे। बाइकैमरल संसद (ऊपरी सदन) बनने से PM-केंद्रित निचले सदन के फैसलों पर कंट्रोल लगेगा और कई संस्थाओं के लिए अलग सेलेक्शन कमिटी बनेंगी, जिससे PM का एकतरफा नियंत्रण कम होगा। नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई। बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई। मुख्य समारोह शाम 4 बजे शुरू होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके शुरुआती मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी शामिल होंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं। कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए व्यक्ति देश/संगठन ओम बिरला लोकसभा स्पीकर,









