दिल्ली में ठांय-ठांय, तिहाड़ से निकलते ही 2 गैंगस्टर ने मचाया था कोहराम, पुलिस ने ठोक दी गोली | delhi crime branch encounter nandu gang vinod vicky sanyasi bharat manni kapil sangwan arrested shooting extortion tihar jail

Last Updated:February 22, 2026, 18:42 IST Delhi Enconter News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिंदापुर फायरिंग मामले में वांछित दो खतरनाक अपराधियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े इन बदमाशों ने एक कारोबारी को धमकाने के लिए दफ्तर पर गोलियां चलाई थीं. मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है. दिल्ली पुलिस का एनकाउंटर. नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों और उनके गुर्गों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा और सफल ऑपरेशन अंजाम दिया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े और जेल में बंद गैंगस्टर विनोद उर्फ विक्की संन्यासी के दो सक्रिय गुर्गों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. यह मुठभेड़ द्वारका के पास हुई. इस पूरे मामले की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जब आरोपियों ने बिंदापुर इलाके में एक बड़े कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग की थी. यह फायरिंग किसी जमीन विवाद को गैंगस्टर के हक में सुलझाने और रंगदारी वसूलने के मकसद से की गई थी. बिंदापुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम को इन अपराधियों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया. डीसीपी क्राइम हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर पवन कुमार और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी भरत उर्फ मन्नी और वीराज उर्फ विरोधी किसी नई सुरक्षित जगह की तलाश में कुतुब विहार की ओर जाने वाले हैं. रात करीब 2:10 बजे पुलिस ने एक संदिग्ध स्कूटी को आते देखा जिसकी नंबर प्लेट टूटी हुई थी. दोनों का एनकाउंटर कैसे हुआ? पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो आरोपियों ने भागने की कोशिश की और अंधेरे का फायदा उठाकर झाड़ियों की ओर दौड़ते हुए पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. आरोपी भरत उर्फ मन्नी ने हेड कांस्टेबल अमित कुमार पर सीधी फायरिंग की, जिसमें वे बाल-बाल बचे. जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस ने 3 राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली भरत के दाहिने पैर में लगी. दूसरा आरोपी वीराज भी पकड़ा गया, जिसकी पिस्तौल पुलिस पर फायरिंग के दौरान जाम हो गई थी. तिहाड़ में बनी थी खूनी साजिश जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी भरत उर्फ मन्नी (23 साल) पर पहले से ही चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह इसी साल 21 जनवरी को तिहाड़ जेल से बाहर आया था. जेल में ही उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर विक्की संन्यासी से हुई थी. विक्की ने ही भरत को उत्तम नगर के एक प्लॉट विवाद में कारोबारी को धमकाने का काम सौंपा था. आरोपी वीराज उर्फ विरोधी, जो पहले बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था, नशे की लत के कारण भरत के साथ जुड़ गया और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया. पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद 2 पिस्तौल 4 खाली कारतूस और 3 जिंदा कारतूस के साथ 1 होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद किया है. घायल आरोपी भरत को तुरंत द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. क्राइम ब्रांच अब इस मामले में बड़ी साजिश के एंगल से जांच कर रही है कि कैसे जेल में बंद अपराधी स्थानीय अपराधियों को हायर कर शहर में दहशत फैला रहे हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi First Published : February 22, 2026, 18:42 IST
दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का जाल, 513 किलो नशीली दवाएं जब्त, क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन – crime branch team busted internationl drug racket sized 513 kilogram banned substance

होमताजा खबरDelhi दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का जाल, 513 किलो नशीली दवाएं जब्त Last Updated:February 22, 2026, 12:51 IST नेशनल कैपिटल दिल्ली ड्रग तस्करों का अड्डा बनता जा रहा है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 513 किलो नशीली दवाएं बरामद की हैं. इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की टीम ने ऐसे की एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. देश की राजधानी में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 513 किलोग्राम नशीली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया है. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई दवाओं में ट्रामाडोल ट्रेकैम, नाइट्रोजेप, अल्प्राजोलम, जोल्पिडेम और ट्रामाडोल ट्रेकेन जैसी प्रतिबंधित दवाएं शामिल हैं. ये दवाएं अवैध रूप से देश और विदेश में सप्लाई की जा रही थीं. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा और ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क का खुलासा किया. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था. फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है. इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में ‘स्मैक’ की आपूर्ति करने वाले एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को बताया था कि आरोपियों के कब्जे से करीब 60 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमीन खान, राशिद, बलबीर, आसिफ और इकरार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अमीन खान उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है और उसे 12 फरवरी को पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में नोएडा लिंक रोड के पास से गिरफ्तार किया गया. वह कथित तौर पर ‘स्मैक’ की खेप पहुंचाने के लिए वहां आया था. तलाशी के दौरान उसके पास से 291 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किया गया. यूपी से जुड़ा था कनेक्शन पूछताछ के दौरान अमीन खान ने खुलासा किया कि वह बदायूं के सप्लायरों से स्मैक लाकर पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छोटी-छोटी मात्रा में बेचता था. उसने बताया कि खोडा चौक और शशि गार्डन समेत कई क्षेत्रों में वह नियमित रूप से नशीले पदार्थ की आपूर्ति करता था. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए बदायूं से उसके दो सप्लायरों राशिद और बलबीर को गिरफ्तार किया, जिनके पास से अतिरिक्त 35.85 ग्राम स्मैक बरामद हुई. जांच के दौरान पुलिस ने अमीन खान के कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिससे उसके स्थानीय संपर्कों का पता चला. इसके बाद पुलिस ने त्रिलोकपुरी निवासी उसके दो सहयोगियों आसिफ और इकरार को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी सीधे तौर पर अमीन खान के संपर्क में थे और उससे स्मैक लेकर स्थानीय स्तर पर उसकी बिक्री करते थे. पहले से थे वॉन्टेड पुलिस ने बताया कि आसिफ और इकरार पहले से ही मादक पदार्थ तस्करी के एक अन्य मामले में वांछित थे. उनके खिलाफ मयूर विहार थाने में दर्ज मामले में उद्घोषणा की कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी थी. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा थे, जो उत्तर प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर तक मादक पदार्थों की तस्करी करता था. जांच में यह भी सामने आया है कि अमीन खान इससे पहले मेरठ में इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है. पिछले कुछ महीनों से वह दिल्ली में किराये पर रहकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : February 22, 2026, 12:43 IST
Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST
मुंबई पुलिस के रडार पर कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? | mumbai police crime branch may interrogate lawrence bishnoi anmol bishnoi in bollywood director rohit shetty case

Lawrence Bishnoi: बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग में क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग शामिल है? क्या लॉरेंस बिश्नोई या उसके भाई अनमोल बिश्नोई से मुंबई पुलिस पूछताछ करने वाली है? मुंबई के जूहू में बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास के बाहर एक फरवरी को अज्ञात हमलावरों ने 4-5 राउंड फायरिंग की. गोलीबारी से बालकनी के ग्लास पैनल में निशान आए, लेकिन रोहित शेट्टी सुरक्षित बच गए. उस वक्त रोहित शेट्टी अपने घर के सातवें मंजिल पर थे. इस घटना के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 12 स्पेशल टीम बनाईं और 100 से ज्यादा CCTV चेक किए. मुंबई पुलिस को इस केस मेंपुणे से बाइक पर आए हमलावर का सुराग मिला. पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया, बाद में 4 गिरफ्तार किए. शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से लिंक का शक, खासकर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े शुभम लोनकर का मिला है. यह घटना बॉलीवुड में संगठित अपराध और गैंगवार की आशंका बढ़ा रही है. ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल केस पूरे देश में चर्चा में है. ऐसे में अहमदाबाद जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद अनमोल बिश्नोई से क्या मुंबई पुलिस पूछताछ करेगी? लॉरेंस बिश्नोई से होगी पूछताछ! बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के जूहू स्थित आवास शेट्टी टावर के बाहर 1 फरवरी की देर रात हुई गोलीबारी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. अज्ञात हमलावरों ने करीब 4-5 राउंड फायर किए, जिसमें एक गोली बालकनी के ग्लास पैनल को तोड़ते हुए अंदर गई, लेकिन रोहित शेट्टी और उनके परिवार के कोई सदस्य घायल नहीं हुए. उस समय रोहित शेट्टी अपने घर की सातवीं मंजिल पर मौजूद थे. मुंबई पुलिस ने इस घटना के 12 घंटे के भीतर चार लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए शख्स का नाम स्वप्निल साकत, सिद्धार्थ येन्पुरे, आदित्य गायकवाड़, समर्थ पोमाजी है. सभी गिरफ्तार शख्स का उम्र 18 साल से 23 साल के बीच है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने हमलावरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया. मुंबई पुलिस के रडार पर क्यों और कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? रोहित शेट्टी के घर फायरिंग पर बड़ा अपडेट मुबंई पुलिस ने एक और आरोपी अमन मारोटे को नोटिस जारी किया गया. ये सभी शुभम लोनकर के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आरोपी है. शूटर अभी फरार है. गिरफ्तार लोगों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए लोनकर से संपर्क किया और स्कूटर खरीदकर उसे जूहू में छोड़ दिया था. क्या बिश्नोई ब्रदर्स से होगी पूछताछ? रोहित शेट्टी के घर हमला करने के बाद कुछ घंटों बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली. शुभम लोंकर और आरजू बिश्नोई से जुड़े अकाउंट से पोस्ट में लिखा कि यह ट्रेलर है और अगर रोहित शेट्टी ने उनके काम में दखल दिया तो अगली गोलियां उनके छाती में या बेडरूम में लगेंगी. पोस्ट में पूरे बॉलीवुड को चेतावनी दी गई कि बाबा सिद्दीकी की तरह हालात न हों तो अपनी राह सुधारें. पुलिस इस पोस्ट की आईपी ट्रेस कर रही है. मुंबई पुलिस हल्के में नहीं ले रही ये घटना अब सवाल उठ रहा है कि क्या मुंबई पुलिस अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करेगी? सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच इस पर विचार कर रही है ताकि असली मोटिव और साजिश का पता लगे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि शुभम लोनकर ने लोकल लोगों को भर्ती किया, ऐसा लगता है वह बॉलीवुड में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है और एक्सटॉर्शन नेटवर्क को फिर से सक्रिय करना चाहता है.. हालांकि, यह भी संभव है कि लोनकर ने बिश्नोई की जानकारी के बिना यह कदम उठाया हो. फिलहाल कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है, लेकिन पूछताछ की संभावना मजबूत है. मुंबई पुलिस के रडार पर क्यों और कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई, जो तिहाड़ जेल में बंद हैं, इस केस में सीधे रडार पर नहीं दिख रहे. जांच अभी शूटर्स और लोनकर पर केंद्रित है, लेकिन अगर बड़े लेवल की साजिश सामने आई तो अनमोल पर भी नजर जा सकती है. यह घटना बॉलीवुड में संगठित अपराध और गैंगवार की आशंका को बढ़ा रही है. रोहित शेट्टी ने कोई पूर्व धमकी नहीं मिलने की बात कही है, लेकिन उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस अब शूटर को पकड़ने पर फोकस कर रही है, जिसकी गिरफ्तारी से पूरी साजिश खुल सकती है. जांच जारी है और अगले कुछ दिनों में बड़े खुलासे की उम्मीद है.








