Monday, 13 Apr 2026 | 04:55 PM

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एनेस्थेसिया ओवरडोज से 17 साल के लड़के की हुई मौत:दो डॉक्टरों पर गैरइरादतन हत्या के आरोप तय; सबूतों के आधार पर चलेगा ट्रायल

एनेस्थेसिया ओवरडोज से 17 साल के लड़के की हुई मौत:दो डॉक्टरों पर गैरइरादतन हत्या के आरोप तय; सबूतों के आधार पर चलेगा ट्रायल

इंदौर में सर्जरी के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से 17 साल के किशोर अमित सेन की मौत के मामले में कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है। जिला कोर्ट ने दो डॉक्टरों डॉ. कुश बंडी और डॉ. खुशबू चौहान के खिलाफ भादंवि की धारा 304 (भाग-2)/34 के तहत आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने दोनों आरोपियों द्वारा आरोपों से मुक्त करने के लिए दायर आवेदन पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, खारिज कर दिए। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से ट्रायल के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई 2 मार्च तय की है। अब दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमित ट्रायल चलेगा। यह है मामला पुलिस जांच के अनुसार, एनेस्थेसिया की ओवरडोज दिए जाने और अन्य चिकित्सकीय लापरवाहियों के कारण अमित सेन की मौत हो गई। दरअसल सड़क हादसे में घायल अमित को 29 मई 2023 को लसूडिया थाना क्षेत्र से राजश्री नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। उसके बाएं पैर की सर्जरी होनी थी, इसी दौरान बेहोशी के इंजेक्शन के बाद उसकी हालत बिगड़ी और मृत्यु हो गई। मामले में पहले अस्पताल संचालक डॉ. देवेंद्र भार्गव, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुश बंडी और एनेस्थेटिस्ट डॉ. खुशबू चौहान के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। हालांकि 24 फरवरी 2024 को डॉ. भार्गव के निधन के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई। शेष दो डॉक्टरों के खिलाफ चालान पहले ही पेश हो चुका है और अब ट्रायल आगे बढ़ेगा। जांच में सामने आई गंभीर खामियां घटना के बाद तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर नर्सिंग होम की जांच कराई गई थी, जिसमें कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। इसके बाद नर्सिंग होम को सील भी किया गया। मृतक अमित अपने पिता रिंकू सेन का इकलौता पुत्र था।