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US-Iran 2-Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000-Point Surge

US-Iran 2-Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000-Point Surge

Hindi News Business US Iran 2 Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000 Point Surge | KSE 100 Jumps 9.34% नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तानी शेयर मार्केट में 2 मार्च को 16,000 अंक यानी करीब 9.57% की गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज (8 अप्रैल, बुधवार) पाकिस्तान के शेयर बाजार में 14,000 अंकों की रिकॉर्ड तेजी आई। कराची स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स कराची 100 (KSE) 14,162.58 अंक यानी 9.34% बढ़कर 165,836.05 पर बंद हुआ। यह KSE-100 इंडेक्स के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले कराची स्टॉक एक्सचेंज में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई थी। इस तेजी के बाद नियमों के तहत ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। सीजफायर से पाकिस्तान के बाजार में तेजी अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग पर 2 हफ्ते के लिए ब्रेक लग गया है। दोनों देशों ने पाकिस्तान-चीन की मध्यस्थता के बाद इस सीजफायर पर सहमति जताई है। समझौते के तहत अमेरिका, इजराइल और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे, साथ ही ईरानी सेना की मदद से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को तबाह करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से रास्ता नहीं मिला तो वह ईरान की पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान-चीन की मध्यस्थता से सीजफायर पर सहमति बनी। 2 मार्च को इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट आई थी पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में पिछले कुछ हफ्तों से अस्थिरता थी। KSE-100 इंडेक्स 7 अप्रैल को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। हालांकि, 2 मार्च को इसमें 16,089 अंकों यानी 9.57% की गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। यह गिरावट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण आई थी। अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में होगी आगे की बातचीत रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह युद्धविराम बातचीत का रास्ता खोलने के लिए किया गया है। संभावित बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि युद्धविराम तुरंत लागू होगा और बातचीत का उद्देश्य अंतिम समझौते तक पहुंचना है। क्रूड ऑयल 15% सस्ता, 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आया सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। यह 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले क्रूड ऑयल 109.27 डॉलर प्रति बैरल था। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। क्रूड ऑयल सस्ता होने से पाकिस्तान में घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल सस्ता होने से पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं। 3 अप्रैल को पेट्रोल 137 पाकिस्तानी रुपया और डीजल 184 रुपया महंगा किया गया था। विरोध के बाद सरकार ने पेट्रोल 80 रुपया सस्ता किया था। अभी पेट्रोल 378 रुपया प्रति लीटर और डीजल 520.35 रुपया प्रति लीटर मिल रहा है। पिछले हफ्ते पाकिस्तान में पेट्रोल ₹458 के पार पहुंच गया था पिछले हफ्ते पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे महंगा हो गया था। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 पाकिस्तानी रुपया के पार पहुंच गया। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 55% का इजाफा किया था। यह फैसला युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद लिया गया था। पाकिस्तान का 1 रुपया भारत के 33 पैसे के बराबर होता है। यानी भारत के 100 रुपए की वैल्यू पाकिस्तान में करीब 300 रुपया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और डीजल के दाम में 55% का इजाफा किया था। भारत का सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद सीजफायर के ऐलान से आज भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी आई। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। एशियाई बाजार में भी तेजी रही साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6.87% चढ़कर 5,872 पर बंद हुआ।जापान का निक्केई 5.39% चढ़कर 56,308 पर बंद हुआ।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 3.09% चढ़कर 25,893 पर बंद हुआ।चीन का शंघाई कंपोजिट 2.69% बढ़कर 3,995 पर पहुंच गया है। अमेरिकी बाजार में 7 अप्रैल को मिला जुला कारोबार डाउ जोन्स 85 अंक (0.18%) गिरकर 46,548 के स्तर पर बंद हुआ।टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 0.098% चढ़कर 22,017 पर बंद हुआ।S&P 500 इंडेक्स 5 अंक (0.076%) बढ़कर 6,616 पर बंद हुआ। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद: निफ्टी 874 अंक बढ़ा; ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज यानी बुधवार 8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Fuel Prices Cut | Rupee Falls Record Low; Gold, Silver Rates Surge

Fuel Prices Cut | Rupee Falls Record Low; Gold, Silver Rates Surge

नई दिल्ली21 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोने और चांदी की कीमत से जुड़ी रही। अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के कारण सोना 28 दिन में 16,155 और चांदी 45,053 सस्ती हुई है। वहीं, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सोने में आज ₹3,263, चांदी में ₹13 हजार गिरावट: ईरान जंग से 28 दिन में सोना ₹16 हजार सस्ता, चांदी ₹45 हजार नीचे आई अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3,263 रुपए घटकर 1.43 लाख रुपए रहा। इससे पहले बुधवार को यह 1.46 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 13,167 रुपए घटकर 2.22 लाख रुपए रह गई, जो 25 मार्च को 2.35 लाख रुपए पर थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 28 दिन में 16,155 और चांदी 45,053 सस्ती हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटी: दाम नहीं बढ़ेंगे; कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियों को ₹30 प्रति लीटर तक घाटा हो रहा था सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है। यूएस-इजराइल के साथ ईरान की जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों को 30 रुपए प्रति लीटर तक घाटा हो रहा था। घाटा कवर करने के लिए तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 1690 अंक गिरकर 73,583 पर आया: निफ्टी 486 अंक टूटा, 22820 पर बंद; ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली शेयर बाजार में 27 मार्च को गिरावट रही। सेंसेक्स 1690 अंक (2.25%) की गिरावट के साथ 73,583 पर आ गया है। वहीं निफ्टी में भी 486 अंक (2.09%) की गिरावट रही, ये 22,820 पर बंद हुआ। आज ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. रुपया 94.7 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर: इस वित्त वर्ष डॉलर के मुकाबले 10% गिरा, 14 साल का रिकॉर्ड टूटा; विदेशी सामान महंगे होंगे भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 94.7 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा। मिडिल ईस्ट युद्ध और एनर्जी सप्लाई रुकावटों से यह गिरावट आई। एक महीने में रुपया करीब 4% गिरा, जबकि FY 2025-26 में 10% से ज्यादा टूट चुका है। यह पिछले 14 सालों की सबसे बड़ी गिरावट है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, ईरान युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. केंद्र ने कॉमर्शियल LPG कोटा 50% से बढ़ाकर 70% किया: स्टील-ऑटो और टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता, रेस्टोरेंट्स के बाद बड़े उद्योगों को 20% अतिरिक्त सप्लाई केंद्र सरकार ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने शुक्रवार (27 मार्च) को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के एलोकेशन यानी कोटा को 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जो पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं। सरकार ने साफ किया है कि स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे ज्यादा लेबर वाले सेक्टर को प्राथमिकता दी जाएगी। मिडल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से भारत में LPG की सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

LPG Crisis India | Russia Oil Deal, Silver Price Drop

LPG Crisis India | Russia Oil Deal, Silver Price Drop

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर कच्चे तेल से जुड़ी रही। ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज रूट बंद हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने के बाद भारत करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदेगा। वहीं जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर लंबी लाइनें लगी हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। फरवरी महीने के रिटेल महंगाई दर के आंकड़े आएंगे। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत: रिलायंस-IOC ने बुकिंग की, ईरान जंग के बीच सप्लाई बंद होने के बाद फैसला ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज रूट बंद हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने के बाद भारत करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदेगा। यह दावा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों ने रूस से तेल के एग्रीमेंट किए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. देशभर में LPG की किल्लत, एजेंसी के बाहर लंबी लाइनें: UP-बिहार में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बंट रहे, अयोध्या में राम रसोई बंद अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर लंबी लाइनें लगी हैं। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना नहीं बन पा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. चांदी आज करीब ₹5,000 गिरकर ₹2.66 लाख/किलो पर आई: सोना ₹42 बढ़कर ₹1.60 लाख पर पहुंचा, इस साल कीमत में ₹27 हजार का इजाफा सोने में 11 मार्च को मामूली तेजी और चांदी में गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 42 रुपए बढ़कर ₹1.60 लाख पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 4,934 रुपए घटकर ₹2.66 लाख पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.71 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. लैपटॉप-डेस्कटॉप इस साल 35% तक महंगे होंगे: मार्च में 10% बढ़ सकती है कीमतें, 12% बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी; मेमोरी-GPU के दाम बढ़ने का असर देश में अगले कुछ महीनों में लैपटॉप और डेस्कटॉप खरीदना महंगा पड़ सकता है। प्रोसेसर और ग्राफिक्स कार्ड (GPU) जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स के दाम बढ़ने से इस साल लैपटॉप-डेक्सटॉप की कीमतों में 35% तक के उछाल की संभावना है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में इस बढ़ोतरी की वजह से इस साल कंप्यूटर बाजार की ग्रोथ में 8% तक की कमी आ सकती है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. अमेरिका में 50 साल बाद पहली नई रिफाइनरी बनेगी: रिलायंस के साथ पार्टनरशिप, ट्रम्प बोले- ये अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी डील रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अमेरिका में ऑयल रिफाइनरी बनाने के लिए डील की है। अमेरिका में पिछले 50 सालों में यह पहली नई ऑयल रिफाइनरी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 11 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इसकी जानकारी दी। ट्रम्प ने कहा कि यह 300 अरब डॉलर यानी, करीब 27 लाख करोड़ रुपए की एक ऐतिहासिक डील है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी वर्कर्स, हमारे एनर्जी सेक्टर और साउथ टेक्सस के शानदार लोगों की बहुत बड़ी जीत है। रिलायंस के निवेश लिए उन्होंने धन्यवाद दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 6. शाओमी 17 अल्ट्रा फ्लैगशिप स्मार्टफोन भारत में लॉन्च: 200MP लाइका कैमरा और स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 प्रोसेसर, कीमत ₹1,39,999 चाइनीज टेक कंपनी शाओमी ने 11 मार्च को भारतीय बाजार में अपना सबसे पावरफुल फ्लैगशिप स्मार्टफोन ‘शाओमी 17 अल्ट्रा’ लॉन्च कर दिया है। इस फोन को स्टैंडर्ड शाओमी 17 मॉडल के साथ पेश किया गया है। जिसकी डिटेल यहां क्लिक कर देख सकते हैं। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का पहला ऐसा फोन है जिसमें लाइका का 1-इंच LOFIC सेंसर दिया गया है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसमें 200 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा और प्रोफेशनल फोटोग्राफी किट जैसे फीचर्स मिलते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

LPG Crisis India | Russia Oil Deal, Silver Price Drop

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नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर कच्चे तेल से जुड़ी रही। ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज रूट बंद हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने के बाद भारत करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदेगा। वहीं जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर लंबी लाइनें लगी हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। फरवरी महीने के रिटेल महंगाई दर के आंकड़े आएंगे। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत: रिलायंस-IOC ने बुकिंग की, ईरान जंग के बीच सप्लाई बंद होने के बाद फैसला ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज रूट बंद हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने के बाद भारत करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदेगा। यह दावा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों ने रूस से तेल के एग्रीमेंट किए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. देशभर में LPG की किल्लत, एजेंसी के बाहर लंबी लाइनें: UP-बिहार में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बंट रहे, अयोध्या में राम रसोई बंद अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर लंबी लाइनें लगी हैं। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना नहीं बन पा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. चांदी आज करीब ₹5,000 गिरकर ₹2.66 लाख/किलो पर आई: सोना ₹42 बढ़कर ₹1.60 लाख पर पहुंचा, इस साल कीमत में ₹27 हजार का इजाफा सोने में 11 मार्च को मामूली तेजी और चांदी में गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 42 रुपए बढ़कर ₹1.60 लाख पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 4,934 रुपए घटकर ₹2.66 लाख पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.71 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. लैपटॉप-डेस्कटॉप इस साल 35% तक महंगे होंगे: मार्च में 10% बढ़ सकती है कीमतें, 12% बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी; मेमोरी-GPU के दाम बढ़ने का असर देश में अगले कुछ महीनों में लैपटॉप और डेस्कटॉप खरीदना महंगा पड़ सकता है। प्रोसेसर और ग्राफिक्स कार्ड (GPU) जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स के दाम बढ़ने से इस साल लैपटॉप-डेक्सटॉप की कीमतों में 35% तक के उछाल की संभावना है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में इस बढ़ोतरी की वजह से इस साल कंप्यूटर बाजार की ग्रोथ में 8% तक की कमी आ सकती है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. अमेरिका में 50 साल बाद पहली नई रिफाइनरी बनेगी: रिलायंस के साथ पार्टनरशिप, ट्रम्प बोले- ये अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी डील रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अमेरिका में ऑयल रिफाइनरी बनाने के लिए डील की है। अमेरिका में पिछले 50 सालों में यह पहली नई ऑयल रिफाइनरी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 11 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इसकी जानकारी दी। ट्रम्प ने कहा कि यह 300 अरब डॉलर यानी, करीब 27 लाख करोड़ रुपए की एक ऐतिहासिक डील है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी वर्कर्स, हमारे एनर्जी सेक्टर और साउथ टेक्सस के शानदार लोगों की बहुत बड़ी जीत है। रिलायंस के निवेश लिए उन्होंने धन्यवाद दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 6. शाओमी 17 अल्ट्रा फ्लैगशिप स्मार्टफोन भारत में लॉन्च: 200MP लाइका कैमरा और स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 प्रोसेसर, कीमत ₹1,39,999 चाइनीज टेक कंपनी शाओमी ने 11 मार्च को भारतीय बाजार में अपना सबसे पावरफुल फ्लैगशिप स्मार्टफोन ‘शाओमी 17 अल्ट्रा’ लॉन्च कर दिया है। इस फोन को स्टैंडर्ड शाओमी 17 मॉडल के साथ पेश किया गया है। जिसकी डिटेल यहां क्लिक कर देख सकते हैं। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का पहला ऐसा फोन है जिसमें लाइका का 1-इंच LOFIC सेंसर दिया गया है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसमें 200 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा और प्रोफेशनल फोटोग्राफी किट जैसे फीचर्स मिलते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Airfares Surge 15% in India, Up to 70% in Vietnam as Jet Fuel Prices Double

Airfares Surge 15% in India, Up to 70% in Vietnam as Jet Fuel Prices Double

Hindi News Business Middle East Conflict 2026: Airfares Surge 15% In India, Up To 70% In Vietnam As Jet Fuel Prices Double नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर भी पड़ते दिखाई दे रहा है। भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। भारत समेत एशिया की प्रमुख एयरलाइंस ने भी टिकटों के दाम बढ़ा दिए हैं और कई कंपनियां अपने विमानों को ग्राउंडेड करने का प्लान भी बना रही हैं। जानकारों का कहना है कि यह 1970 के दशक के बाद का सबसे बड़ा तेल संकट हो सकता है। एयरलाइंस का कहना है कि ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने के कारण उनके पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा है। भारतीय एयरलाइंस आगे किराया और बढ़ा सकती हैं रिपोर्ट के अनुसार, जेट फ्यूल यानी ATF की कीमतों में हो रहे इजाफे को देखते हुए भारत की एविएशन कंपनियां आने वाले दिनों में किराया और भी बढ़ा सकती हैं। एयरलाइंस का कहना है कि ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने के कारण उनके पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा है। जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं 28 फरवरी को शुरू हुई ईरान-इजराइल जंग के बाद से तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत आज 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। वहीं एक दिन पहले ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। वहीं कई मार्केट में जेट फ्यूल की कीमतें संघर्ष शुरू होने के बाद से दोगुनी हो चुकी हैं। जंग से पहले जेट फ्यूल की कीमतें लगभग 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई है। वहीं मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण दुनियाभर में अब तक 40,000 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल भी हुई हैं। होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वियतनाम में 70% तक महंगे हो सकते हैं टिकट ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट में बताया कि वियतनाम की सरकारी मीडिया ने चेतावनी दी है कि वहां हवाई किराए में 70% तक का उछाल आ सकता है। इसकी मुख्य वजह वियतनाम की इम्पोर्टेड जेट फ्यूल पर भारी निर्भरता है। इंडस्ट्री एनालिस्ट्स के अनुसार, एशियाई एयरलाइंस यूरोपीय या अमेरिकी एयरलाइंस की तुलना में ज्यादा खतरे में हैं, क्योंकि इनके पास फ्यूल हेजिंग (ईंधन की कीमतों को लॉक करने का प्रोग्राम) की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। एविएशन सेक्टर में हर तरफ पैनिक की स्थिति है स्पार्टा कमोडिटीज की सीनियर ऑयल मार्केट एनालिस्ट जून गोह ने बताया, एविएशन सेक्टर में हर तरफ पैनिक की स्थिति है। जिन एशियाई एयरलाइंस का हेजिंग प्रोग्राम कमजोर है, वे सबसे ज्यादा मुश्किल में हैं। उन्होंने कम कीमत पर टिकट बेच दिए थे, लेकिन अब उन्हें बहुत महंगे रेट पर फ्यूल खरीदना पड़ रहा है। कुछ लो-कॉस्ट एयरलाइंस तो अब विमानों को खड़ा करने की तैयारी में हैं। क्योंकि मौजूदा फ्यूल कीमतों पर उड़ान भरना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। हालात नहीं सुधरे, तो छोटी एयरलाइंस बंद हो सकती हैं जर्मन बैंक डॉयचे बैंक के एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो दुनिया भर में हजारों विमान खड़े हो सकते हैं और कुछ छोटी एयरलाइंस बंद भी हो सकती हैं। लुफ्थांसा जैसी कंपनियों को मिल सकता है फायदा जहां ज्यादातर एयरलाइंस संकट में हैं, वहीं लुफ्थांसा जैसी कंपनियां इसे मौके के तौर पर देख रही हैं। लुफ्थांसा के CEO कार्सन स्पोह्र ने कहा कि उनकी कंपनी ने फ्यूल प्राइज को हेज किया हुआ है, जिससे उन्हें ‘रिलेटिव एडवांटेज’ मिलेगा। वे मिडिल ईस्ट की एयरलाइंस के प्रभावित होने का फायदा उठाते हुए एशिया और अफ्रीका के रूट्स पर अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद: गैस नहीं मिलने से होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत; जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इससे देश में LPG की किल्लत हो रही है। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर रोक लगा दी है। गैस सप्लाई बंद होने की वजह से कई शहरों में रेस्टोरेंट्स और होटल बंद होने की नौबत आ गई है। ऐसे में सरकारी सूत्रों का कहना है कि तेल कंपनियां तीन सदस्यी कमेटी के जरिए रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से बात करेंगी, ताकि LPG सप्लाई की दिक्कतों को समझा जा सके। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Fuel Prices Rise 5-15% Amid Iran War; No Shortage Expected

Fuel Prices Rise 5-15% Amid Iran War; No Shortage Expected

नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर AC से जुड़ी रही। गर्मी से पहले AC खरीदना महंगा हो गया है। AC डाइकिन, वोल्टास और ब्लू स्टार जैसी बड़ी कंपनियों ने कीमतें 15% तक बढ़ा दी है। वहीं अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के दौरान भारत को कच्चे तेल की कमी नहीं होगी। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. गर्मी से पहले AC खरीदना हुआ महंगा: कंपनियों ने 5-15% तक बढ़ाई कीमतें; कॉपर-एल्युमीनियम के दाम बढ़ने का असर गर्मी से पहले AC खरीदना महंगा हो गया है। AC डाइकिन, वोल्टास और ब्लू स्टार जैसी बड़ी कंपनियों ने कीमतें 15% तक बढ़ा दी है। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल जैसे कॉपर, एल्युमीनियम की बढ़ती कीमतों और माल ढुलाई के खर्च में इजाफे की वजह से दाम बढ़ाए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होगी: भारत के पास 4,000 करोड़ लीटर तेल, सरकार बोली ये 8 हफ्तों के लिए काफी अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के दौरान भारत को कच्चे तेल की कमी नहीं होगी। भारत के पास अभी कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) से ज्यादा का स्टॉक है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. विदेशी निवेशकों ने 4-दिन में भारतीय-बाजार से ₹21,000 करोड़ निकाले: ईरान-इजराइल जंग से सेंटीमेंट बिगड़ा; कच्चा तेल 92 डॉलर के पार; रुपया ऑल-टाइम-लो पर भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की ओर से भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट बिगड़ने के कारण पिछले कारोबारी हफ्ते यानी 4 ट्रेडिंग सेशन में विदेशी निवेशकों ने बाजार से करीब 21,000 करोड़ रुपए निकाले हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. टॉप-10 कंपनियों में 8 की वैल्यू ₹2.81 लाख करोड़ घटी: SBI टॉप लूजर रहा, इसकी वैल्यू ₹53,953 करोड़ घटी; ICICI और HDFC बैंक का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 8 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 2.81 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान SBI की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। SBI का मार्केट कैप 53,953 करोड़ रुपए घटकर ₹10.55 लाख करोड़ पर आ गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. अनिल अंबानी पर ₹1,085 करोड़ की धोखाधड़ी का नया केस: पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर FIR दर्ज, 2013 से 2017 के बीच हुआ फ्रॉड केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के पूर्व डायरेक्टर अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का एक नया मामला दर्ज किया है। ANI के अनुसार ये कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शिकायत पर की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Trump Tariffs Cancelled by Supreme Court; 10% Hike Announced

Trump Tariffs Cancelled by Supreme Court; 10% Hike Announced

वॉशिंगटन डीसी1 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया है। उन्होंने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इससे पहले ट्रम्प ने शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने की बात कही थी। दरअसल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रम्प को IEEPA कानून का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। इससे नाराज होकर ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर नए कानून (सेक्शन-122) का इस्तेमाल कर 10% टैरिफ लगा दिया था। इस कानून के तहत अधिकतम 15% टैरिफ ही लगाया जा सकता है।हालांकि यह टैरिफ सिर्फ 150 दिन के लिए ही लागू रहेगा। अगर इन्हें आगे बढ़ाना है तो कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। 24 फरवरी से लागू होगा 15% टैरिफ ट्रम्प ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दुनियाभर के देशों पर नया टैरिफ लगाया है। यह 15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू हो जाएगा। इससे पहले उन्होंने कल टैरिफ को अवैध बताने वाले जजों की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा- मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं। ट्रम्प ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ट्रम्प के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 अहम बातें… सुप्रीम कोर्ट के रद्द किए गए टैरिफ लागू करने के लिए मुझे संसद की जरूरत नहीं है। मैं इन्हें राष्ट्रपति के मिले अधिकारों के जरिए लागू कर सकता हूं। सुप्रीम कोर्ट में रिफंड को लेकर कोई साफ बात नहीं कही गई है। इसलिए अमेरिकी सरकार किसी भी कंपनी को टैरिफ के रूप में वसूला गया पैसा वापस नहीं करेगी। जज ने बहुत ही घटिया फैसला सुनाया है। मुझे लगता है कि अब इस मामले पर अगले दो साल तक कोर्ट में मुकदमा चलेगा। हम अगले 5 साल तक कोर्ट में ही रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विदेशी ताकतों का असर पड़ा है। अगर टैरिफ नहीं लगाए गए, तो विदेशी देश कुछ उद्योगों में अमेरिका से आगे निकलते रहेंगे। टैरिफ लगाने का यह कदम कई साल पहले के राष्ट्रपतियों को उठा लेना चाहिए था। उन्होंने हमारे देश को कमजोर होने दिया और दूसरे देशों को फायदा उठाने दिया। सेक्शन 122 के जरिए नया टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प सेक्शन 122 अमेरिका के एक कानून का हिस्सा है, जिसे ट्रेड एक्ट ऑफ 1974 कहा जाता है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि अगर देश को अचानक व्यापार घाटे या आर्थिक संकट का खतरा हो, तो वे तुरंत आयात पर टैरिफ लगा सकते हैं। इसके तहत राष्ट्रपति बिना लंबी जांच प्रक्रिया के अस्थायी तौर पर टैरिफ लगा सकते हैं। आमतौर पर यह टैरिफ 150 दिनों तक लागू रह सकता है। इस दौरान सरकार स्थिति की समीक्षा करती है और आगे का फैसला लेती है। NBC न्यूज के मुताबिक दुनिया के सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर 15% का एक जैसा ग्लोबल टैरिफ लगाने का मतलब होगा कि जिन देशों पर ज्यादा टैरिफ लगा है वह खुद घट जाएगा। कुछ उत्पादों को छूट दी गई है, जैसे कुछ कृषि उत्पाद (बीफ, टमाटर, संतरा), महत्वपूर्ण खनिज, दवाइयां, कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स और पैसेंजर वाहन। ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि यह टैरिफ पुराने वाले की जगह लेगा और वे अधिक पैसा कमाने की कोशिश जारी रखेंगे। निक्सन ने 55 साल पहले लगाया था 10% ग्लोबल टैरिफ साल 1971 में अमेरिका और दुनिया के बीच व्यापार और भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट) में भारी असंतुलन हो गया था। अमेरिका लगातार ज्यादा आयात कर रहा था और निर्यात कम कर पा रहा था, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ रहा था। इसके बाद निक्सन ने दुनियाभर के देशों पर 10% का ग्लोबल टैरिफ लगा दिया था। इसके बाद यह महसूस किया गया कि भविष्य में अगर ऐसी आर्थिक आपात स्थिति आती है, तो राष्ट्रपति के पास ऐसी चीजों से निपटने के लिए कानूनी अधिकार होने चाहिए। इसी मकसद से 1974 में “ट्रेड एक्ट 1974” पारित किया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सेक्शन 122 का पहले कभी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसलिए यह भी साफ नहीं है कि अगर इसे अदालत में चुनौती दी गई, तो अदालतें इसकी व्याख्या किस तरह करेंगी। ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। (फाइल फोटो) कोर्ट की ट्रम्प को फटकार, कहा- हर देश से युद्ध की स्थिति में नहीं इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को फटकारते हुए कहा था कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। हालांकि फैसले को लेकर 3 जजों जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई। कैवनॉ ने अपने नोट में लिखा कि टैरिफ नीति समझदारी भरी है या नहीं, यह अलग सवाल है, लेकिन उनके मुताबिक यह कानूनी तौर पर वैध थी। कैवनॉ ने अपने नोट में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के तहत लगाए गए थे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 जज हैं। इनमें से 6 जजों को रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किया है, जबकि 3 जज डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए। फैसले के खिलाफ वोट करने वाले तीनों जज रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए थे। जस्टिस ब्रेट कैवनॉ को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में 6 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया था। कोर्ट के फैसले से सभी टैरिफ खत्म नहीं हुए हैं कोर्ट के आदेश से ट्रम्प के सभी टैरिफ खत्म नहीं हुए हैं। स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए गए टैरिफ अलग कानूनों के तहत लगाए गए थे, इसलिए वे अभी भी लागू रहेंगे। हालांकि, दो बड़े कैटेगरी

India Inflation | Wholesale WPI Inflation January 2026 Data Update

India Inflation | Wholesale WPI Inflation January 2026 Data Update

नई दिल्ली5 दिन पहले कॉपी लिंक जनवरी में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 1.81% पर पहुंच गई है। इससे पहले दिसंबर में थोक महंगाई 0.83% पर थी। ये 10 महीनों में सबसे ज्यादा है। मार्च 2025 को ये 2.05% पर थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 16 फरवरी को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। रोजाना जरूरत के सामान, खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 0.21% से बढ़कर 2.21% हो गई। खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई माइनस 0.43% से बढ़कर 1.55% हो गई। फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर माइनस 2.31% से घटकर माइनस 4.01 रही। मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 1.82% से बढ़कर 2.86% रही। होलसेल महंगाई के तीन हिस्से प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं। फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, गेहूं, सब्जियां नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं मिनरल्स क्रूड पेट्रोलियम रिटेल महंगाई 8 महीनों के हाई पर जनवरी में रिटेल महंगाई पिछले महीने के मुकाबले बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33% पर थी। 8 महीनों में सबसे ज्यादा है। मई 2025 में महंगाई 2.82% पर पहुंच गई थी। होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है। जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है। महंगाई कैसे मापी जाती है? भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है। महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…