New Online Gaming Rules Come into Effect Today; Gaming Certificates to Remain Valid for Up to 10 Years; Non-Money Games Now Exempt from Registration

Hindi News Business New Online Gaming Rules Come Into Effect Today; Gaming Certificates To Remain Valid For Up To 10 Years; Non Money Games Now Exempt From Registration नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में ऑनलाइन गेमिंग की इंडस्ट्री में आज से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने प्रोमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026 शुक्रवार, 1 मई 2026 से लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेमिंग से होने वाले वित्तीय और सामाजिक नुकसान को रोकना और भारत को ग्लोबल गेमिंग हब बनाना है। ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन, विज्ञापन भी नहीं कर पाएंगे नए नियमों के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। इसमें किस्मत पर आधारित (चांस) और कौशल पर आधारित (स्किल) दोनों तरह के गेम्स शामिल हैं, जिनमें पैसे का दांव लगाया जाता है। अब इन गेम्स का विज्ञापन या प्रमोशन करना भी गैरकानूनी होगा। बैंकों और पेमेंट गेटवे को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स के ट्रांजैक्शन प्रोसेस न करें। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और 5 साल तक की जेल सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया है। ऑनलाइन मनी गेम ऑफर करने पर 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर जेल की अवधि 5 साल तक बढ़ सकती है और जुर्माना 2 करोड़ रुपए तक लग सकता है। इन गेम्स का विज्ञापन करने पर भी 2 साल की जेल या 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। 45 करोड़ लोग प्रभावित, 20 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान भारत में ऑनलाइन गेमिंग का बाजार तेजी से बढ़ा है और 2024 में यह 232 अरब रुपए यानी 23,200 करोड़ रुपए का था। डेटा के मुताबिक, देश के लगभग 45 करोड़ लोग मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से प्रभावित हुए हैं, जिसमें लोगों को 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसी को देखते हुए सरकार ने ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स (मनोरंजन वाले खेल) को बढ़ावा देने और मनी गेम्स को खत्म करने का फैसला लिया है। अब ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया रखेगी नजर नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) का गठन किया गया है। डिजिटल ऑफिस: ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का ऑफिस दिल्ली में होगा, यह एक डिजिटल-फर्स्ट रेगुलेटर है। डिसिजन मेकिंग प्रोसेस: यह अथॉरिटी 90 दिनों के भीतर तय करेगी कि कोई गेम ‘मनी गेम’ की कैटेगरी में है या वह ‘ई-स्पोर्ट्स’ के रूप में सुरक्षित है। रजिस्ट्रेशन: ई-स्पोर्ट्स के लिए अब 10 साल तक का डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। पहले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल रहती थी। शिकायत निवारण: यूजर्स की शिकायतों के लिए दो-स्तरीय सिस्टम होगा। अगर कंपनी समाधान नहीं करती, तो यूजर अथॉरिटी के पास अपील कर सकेंगे। युवाओं की सुरक्षा के लिए एज गेटिंग और पेरेंटल कंट्रोल डिजिटल माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए कंपनियों को अब कई सेफ्टी फीचर्स देने होंगे। इनमें उम्र का वेरिफिकेशन, समय की पाबंदी और माता-पिता के लिए कंट्रोल टूल्स (पेरेंटल कंट्रोल) शामिल हैं। इससे युवाओं को लत और मानसिक तनाव से बचाने में मदद मिलेगी। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… सुओ मोटो: अथॉरिटी खुद किसी गेम का रिव्यू कर उसे क्लासिफाई कर सकती है। ई-स्पोर्ट्स बॉडीज: ई-स्पोर्ट्स से जुड़ी इंस्टीट्यूशंस खुद आवेदन कर सकती हैं। केंद्र सरकार: सरकार स्पेसिफिक सोशल गेम्स को नोटिफाई कर सकती है। किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम सरकार ने गेम खेलने वालों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए टू-टियर ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को डेटा रिटेंशन (डेटा संभाल कर रखना) और समय-समय पर कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। गृह मंत्रालय को भी इस अथॉरिटी का हिस्सा बनाया गया है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले गेम्स को ब्लॉक करने जैसी कार्रवाई की जा सके। प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। भविष्य की राह, डिजिटल इकोनॉमी और नए रोजगार सरकार का मानना है कि इन नियमों से भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। ई-स्पोर्ट्स और सुरक्षित सोशल गेम्स के बढ़ने से डिजाइन, टेक्नोलॉजी और कंटेंट क्रिएशन के सेक्टर में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 2027 तक इस सेक्टर के 316 अरब रुपए यानी 31,600 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ई-स्पोर्ट्स क्या है? यह एक कॉम्पिटिटिव डिजिटल स्पोर्ट्स है जिसमें टीम वर्क और स्किल की जरूरत होती है। इसे अब नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के तहत पहचान मिल सकती है। क्या करें अगर कोई प्लेटफॉर्म पैसा मांगे? ऐसे प्लेटफॉर्म्स की शिकायत तुरंत ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी’ या साइबर सेल में करें, क्योंकि
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Hindi News Business Gaming Certificate Valid 10 Years | Govt Approves Ethanol Blending In Jet Fuel नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी रही। सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। वहीं सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को भी मंजूरी दे दी है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। इंफोसिस के चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए जाएंगे। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे: गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. HCL के शेयर 10% गिरकर एक-साल के निचले स्तर पर: 11 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट; चौथी तिमाही के नतीजों का असरी HCLटेक के शेयर बुधवार, 22 अप्रैल को 10% गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 1281 रुपए पर आ गए हैं। यह अक्टूबर 2015 के बाद शेयर का सबसे खराब एक दिन का प्रदर्शन है। चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों और FY27 की निराशाजनक गाइडेंस के बाद कई ब्रोकरेज ने रेटिंग डाउनग्रेड और प्राइस टारगेट कट किए हैं। इस वजह से शेयरों में ये गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. टेस्ला की भारत में सबसे लंबी SUV मॉडल YL लॉन्च: फुल सेल्फ ड्राइविंग मोड के साथ सिंगल चार्ज पर चलेगी 681km; कीमत ₹61.99 लाख इलॉन मस्क की EV कंपनी टेस्ला इंडिया ने आज भारतीय बाजार में अपनी सबसे लंबी SUV मॉडल वाई एल लॉन्च कर दी है। यह भारत में टेस्ला की पहली कार ‘मॉडल वाई’ का ज्यादा स्पेस वाला और थ्री-रो वर्जन है। इस कार की सबसे बड़ी खूबी इसका 681km का रेंज और 6-सीटर सीटिंग लेआउट है। टेस्ला मॉडल वाई एल की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 61.99 लाख रुपए है। यह स्टैंडर्ड मॉडल वाई (59.89 लाख रुपए) से करीब 2.10 लाख रुपए महंगी है। कंपनी ने कार की बुकिंग शुरू कर दी है और ग्राहकों को इसकी डिलीवरी भी जल्द दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News Business Gaming Certificate Valid 10 Years | Govt Approves Ethanol Blending In Jet Fuel नई दिल्ली36 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी रही। सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। वहीं सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को भी मंजूरी दे दी है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। इंफोसिस के चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए जाएंगे। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे: गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. HCL के शेयर 10% गिरकर एक-साल के निचले स्तर पर: 11 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट; चौथी तिमाही के नतीजों का असरी HCLटेक के शेयर बुधवार, 22 अप्रैल को 10% गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 1281 रुपए पर आ गए हैं। यह अक्टूबर 2015 के बाद शेयर का सबसे खराब एक दिन का प्रदर्शन है। चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों और FY27 की निराशाजनक गाइडेंस के बाद कई ब्रोकरेज ने रेटिंग डाउनग्रेड और प्राइस टारगेट कट किए हैं। इस वजह से शेयरों में ये गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. टेस्ला की भारत में सबसे लंबी SUV मॉडल YL लॉन्च: फुल सेल्फ ड्राइविंग मोड के साथ सिंगल चार्ज पर चलेगी 681km; कीमत ₹61.99 लाख इलॉन मस्क की EV कंपनी टेस्ला इंडिया ने आज भारतीय बाजार में अपनी सबसे लंबी SUV मॉडल वाई एल लॉन्च कर दी है। यह भारत में टेस्ला की पहली कार ‘मॉडल वाई’ का ज्यादा स्पेस वाला और थ्री-रो वर्जन है। इस कार की सबसे बड़ी खूबी इसका 681km का रेंज और 6-सीटर सीटिंग लेआउट है। टेस्ला मॉडल वाई एल की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 61.99 लाख रुपए है। यह स्टैंडर्ड मॉडल वाई (59.89 लाख रुपए) से करीब 2.10 लाख रुपए महंगी है। कंपनी ने कार की बुकिंग शुरू कर दी है और ग्राहकों को इसकी डिलीवरी भी जल्द दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल हुई नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है। अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी। इससे गेम डेवलपर्स को बार-बार रिन्यूअल की प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं आईटी सचिव के मुताबिक, जिन गेम्स में असली पैसों का लेन-देन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। एस. कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नॉन-रियल मनी गेम्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल सकते हैं। उनके लिए यह प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल रखी गई है। हालांकि, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव आईटी सचिव ने जानकारी दी कि नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऑनलाइन गेमिंग: पुराने VS नए नियम ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ें…
ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल हुई नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है। अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी। इससे गेम डेवलपर्स को बार-बार रिन्यूअल की प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं आईटी सचिव के मुताबिक, जिन गेम्स में असली पैसों का लेन-देन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। एस. कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नॉन-रियल मनी गेम्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल सकते हैं। उनके लिए यह प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल रखी गई है। हालांकि, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव आईटी सचिव ने जानकारी दी कि नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ें…








