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India-Netherlands Water Project & MP Govt Bus Service Launch

India-Netherlands Water Project & MP Govt Bus Service Launch

Hindi News Career India Netherlands Water Project & MP Govt Bus Service Launch | 26 Sept 11 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत और नीदरलैंड ने वाटर प्रोजेक्ट को लेकर दो MoU साइन किए 25 सितंबर को भारत और नीदरलैंड ने गुजरात की कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के लिए दो MoU साइन किए। ये MoU दिल्ली में नौवें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 के दौरान गुजरात सरकार के कल्पसर विभाग और डच नॉलेज संस्थानों डेल्टारेस और टीयू डेल्फ्ट के बीच हुए। इस परियोजना में साबरमती, माही और धाधर नदियों के पानी (रन-ऑफ) और नर्मदा नदी से लाए गए पानी का इस्तेमाल करके एक मीठे पानी का जलाशय बनाने की योजना है। इस समझौते के तहत डच इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और प्रशिक्षण का भारत को फायदा मिलेगा। जल क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग को मजबूत करने, विशेष रूप से कल्पसर परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी सहयोग बढ़ाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर इस साल मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान चर्चा हुई थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. टेनिस खिलाड़ी परिक्षित सोमानी पर 4 साल का बैन 25 सितंबर को भारतीय टेनिस खिलाड़ी परिक्षित सोमानी पर डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के कारण 4 साल का बैन लगाया गया। परिक्षित पर ये बैन प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाए जाने के बाद इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) के इंडिपेंडेंट ट्रिब्यूनल ने लगाया है। 26 साल के परिक्षित का 31 जुलाई 2025 को कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए ATP चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान डोप टेस्ट हुआ था। परिक्षित के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाया गया था। इसके बाद उन्हें 23 सितंबर 2025 को प्रोविजनल सस्पेंड किया गया था। परिक्षित ने फरवरी 2026 में अपनी सफाई में कहा था कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य द्वारा बनाया खाना खाया था। ITIA और परिक्षित की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद ट्रिब्यूनल ने फूड-कंटैमिनेशन की थ्योरी को साइनटिफिकली गलत और भरोसे के लायक नहीं माना। परिक्षित 2015 में ITF यूरोप और अमेरिका में टूर्नामेंट खेलने वाली इंटरनेशनल टूरिन टीम के लिए चुने गए थे। 2018 में परिक्षित ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) मेंस सिंगल्स में पहली बार टॉप-50 में पहुंचे। परिक्षित 2022 में AITA मेंस डबल्स में में पहली बार टॉप 20 में पहुंचे। परिक्षित ने जुलाई 2023 में ATP टूर में करियर-हाई डबल्स रैंकिंग 256 हासिल की थी। सोमानी ने 19 अगस्त 2026 को ITIA के सामने ट्रिमेटाजिडाइन ड्रग को लेकर अपना पक्ष रखा था। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. अभिराम सिंह ICC के एसोसिएट मेंबर अपॉइंट हुए 25 सितंबर को अभिराम सिंह यादव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की मुख्य कार्यकारी कमेटी में एसोसिएट मेंबर के प्रतिनिधि अपॉइंट हुए। वर्तमान में अभिराम वे परसातुआन क्रिकेट एसोशियन इंडोनेशिया के चेयरमैन हैं। उनका कार्यकाल जून 2027 तक रहेगा। CEC में एसोसिएट मेंबर के अन्य प्रतिनिधि में गुरदीप और अनुराग भा शामिल हैं। ICC की ये कमेटी इंटरनेशनल क्रिकेट के नियमों, कैलेंडर और व्यापारिक मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। अभिराम गुरुमूर्ति पलानी के ICC बोर्ड में जाने के बाद इस पद पर अपॉइंट हुए हैं। 2014 से अभिराम इंडोनेशिया क्रिकेट से जुड़े और 2023 में इंडोनेशिया क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन भी रहे। अभिराम की लीडरशिप में इंडोनेशिया की महिला टीम ने 2023 ICC अंडर-19 वुमेन T20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था। निधन (DEATH) 4. एक्टर मुश्ताक खान का निधन 24 सितंबर को एक्टर मुश्ताक खान का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। आशिकी में दर्जी रफू मास्टर और हम हैं राही प्यार के में भगवती प्रसाद मिश्रा का उनका किरदार काफी चर्चित हुआ। मुश्ताक ने अभिनय की शुरुआत थिएटर से की थी और साल 1980 में फिल्म अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 1990 के दशक में मुश्ताक आशिकी, सड़क, साथी, हम हैं राही प्यार के, क्रांतिवीर, राजा, मेजर साब और मन जैसी फिल्मों में नजर आए। मुश्ताक ने 2007 की फिल्म वेलकम में मजनू भाई के साथी बल्लू के किरदार से उन्हें खास पहचान मिली। इसके बाद वेलकम बैक, स्त्री और स्त्री 2 जैसी फिल्मों में भी मुश्ताक नजर आए थे। मिसलीनियस 5. एमपी में सुगम परिवहन सेवा शुरू, 351 बसें लॉन्च 25 सितंबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और CM मोहन यादव ने भोपाल मध्य प्रदेश में 351 बसों के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा लॉन्च की। ये बसें भोपाल-इंदौर समेत 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी चलेंगी। इनमें 180 इलेक्ट्रिक बसें हैं। शुरुआत में कुल 351 बसें सड़कों पर उतारी गईं। सरकार का पहले साल 1,500 और 2031 तक 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य है। योजना का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ शहरों के बीच सुलभ, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इसके तहत ट्रांसपोर्ट सुधार के लिए 5 एजेंडा बनाए गए हैं, जिसमें पहला क्लीन ट्रांसपोर्ट है। 6. वडोदरा डिवीजन में 166 करोड़ से ज्यादा के रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी 24 सितंबर को इंडियन रेलवे ने वेस्टर्न रेलवे के वडोदरा डिवीजन में अलकापुरी में चार-लेन वाले रोड ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण को मंजूरी दी है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की लागत 166 करोड़ रुपए से ज्यादा है और इस लागत को रेलवे और राज्य सरकार बराबर-बराबर बांटेंगे। साथ ही, ये प्रोजेक्ट वडोदरा रेलवे स्टेशन के आस-पास कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और क्रॉसिंग की बेहतर व्यवस्था भी देगा। ये ROB वडोदरा रेलवे स्टेशन, GSRTC बस स्टेशन और बनने जा रहे हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) स्टेशन के लिए भी जरूरी कनेक्टिविटी देगा। इससे वडोदरा रेलवे स्टेशन, GSRTC बस स्टेशन और आगामी हाई-स्पीड रेल/बुलेट ट्रेन स्टेशन तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। ग्रेड-सेपरेटेड सुविधा होने के कारण सड़क यातायात और रेलवे संचालन को अलग-अलग रखने में मदद मिलेगी। आज का इतिहास 1580 में सर फ्रांसिस ड्रेक ने अपनी ऐतिहासिक विश्व यात्रा पूरी की और दुनिया का चक्कर लगाने वाले पहले अंग्रेज बने। 1820 में ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने बंगाल पुनर्जागरण के प्रमुख स्तंभ और महान समाज सुधारक थे। 1932 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और

Chhindwara School Mid Day Meal Controversy

Chhindwara School Mid Day Meal Controversy

Hindi News Career Chhindwara School Mid Day Meal Controversy | Rotten Potatoes Video 15 मिनट पहले कॉपी लिंक एमपी के छिंदवाड़ा के मानेगांव में स्कूली बच्चों के मध्यान भोजन यानी मिड डे मील में खाने की गुणवत्ता, सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्कूल का वीडियो सामने आया है जिसमें स्टूडेंट्स को कच्चे आलू खिलाए जा रहे थे जिनकी क्वालिटी भी बेहद खराब थी। मिड डे मील की ग्रामीणों ने शिकायत की थी मानेगांव के इस स्कूल में बच्चों को खराब खाना मिलने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी कि बच्चों को स्कूल में बेहद घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा है। मिड डे मील बनाने वाली वर्कर ने प्रिंसिपल की शिकायत भी की है। उनका कहना है कि प्रिंसिपल मेडम हमें कोई भी राशन उपलब्ध नहीं करवाती हैं जिससे हम अच्छा और जरूरत के मुताबिक खाना बना सकें। प्रिंसिपल के मुताबिक स्कूल में मिड डे मील बनाने की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन ही देखता है इसीलिए हम खाने में क्वालिटी बेहतर हो इसका ध्यान रखते हैं। कहीं खाने में बाल, कीड़े आते हैं इसी हफ्ते डिंडौरी विकासखंड के देवरी मिंगडी एकीकृत माध्यमिक स्कूल में बच्चों को मैन्यू के मुताबिक मध्यान्ह भोजन नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई थी। छात्राओं ने खाने की क्वालिटी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कभी-कभी खाने में बाल और कीड़े भी मिलते हैं। बुधवार को स्कूल में कढ़ी-चावल परोसे गए थे। रसोइयों से पूछने पर उनका कहना था कि जैसा राशन मिलता है, उसी के अनुसार भोजन बनाया जाता है। यूपी के हमीरपुर के स्कूल का भी वीडियो वायरल 7 सितंबर को यूपी के हमीरपुर में बच्चे चावल और दाल का पानी खाते नजर आए। बच्चों को मिड-डे मील के नाम पर केवल चावल, हल्दी, जीरा और पानी परोसे जाने का वीडियो और मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें सब्जी या दाल की जगह केवल हल्दी-पानी जैसा घोल मिलने के आरोप लगे। इससे पहले भी पूनिया देवली गांव के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 27 छात्र बीमार पड़ गए थे। बच्चों ने जी मिचलाने, उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की थी। प्रिंसिपल- शिकायत की तो, केस कर देंगे गुरुवार 10 सितंबर को बिहार के चाकंद ग्राम में उर्दू मध्य विद्यालय अमराहा के छात्रों ने खराब मिड डे मील के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। छात्रों का आरोप है कि मिड डे मील की क्वालिटी बहुत ज्यादा खराब है। स्कूल में शिकायत करने पर प्रिंसिपल कहते हैं कि ‘खाना है तो खाओ, वर्ना घर चले जाओ’ । साथ ही बच्चों को धमकाया जाता है कि अगर कहीं शिकायत की तो केस कर देंगे। बिहार में कहीं नमक की जगह डिटर्जेंट, कहीं सब्जी में कीड़े बीते हफ्ते बिहार के सिर्फ अरवल जिले के सदर प्रखंड के करीब 75 सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए गए खाने में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी। खाने में कीड़े देखकर बच्चों ने खाना खाने से इंकार कर दिया था। कई जगहों पर प्लेटों में रखा खाना बच्चों ने फेंक दिया। स्कूल में खाना परोसने के दौरान कई स्कूलों में सब्जी के अंदर छोटे-छोटे सफेद कीड़े दिखाई दिए। खाने में कीड़े देखने के बाद शिक्षा विभाग में शिकायत की गई। बिहार के नालंदा में स्कूल में मिड डे मील में नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर मिलाने की खबर सामने आई थी। मिड-डे-मील खाने के बाद 34 बच्चों के बीमार पड़े थे और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्कूल के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया था। राजस्थान में गंदे कंटेनर में खाना जोधपुर के कुछ सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे मिड-डे मील का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें बच्चों के लिए लाए जा रहे खाने के बर्तन (ड्रम) बेहद गंदे और खाना (रोटियां व सब्जियां) खराब व जली हुई स्थिति में थीं। मामले के तूल पकड़ने और वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एक जांच कमेटी का गठन किया था। केंद्र सरकार के मुताबिक मिड डे मील का फॉर्मेट मिड-डे मील का साप्ताहिक मैन्यु और खाने की मात्रा राज्य सरकार और केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक तय किया जाता है। देशभर में 10.35 लाख से ज्यादा सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल हैं जहां रोज लगभग 8.5 करोड़ बच्चे स्कूल में मिड डे मील खाते हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ें.. ‘इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा’:गोरखपुर की यूनिवर्सिटी में छात्रों को धमकाते SI का वीडियो वायरल, एक महीने में 10 से ज्यादा कॉलेज प्रोटेस्‍ट दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी यानी DDU कैंपस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सब इंस्पेक्टर (दरोगा) स्टूडेंट्स को धमकाते हुए कह रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Shahdol School Video | Students Cleaning School Roof Without Safety

Shahdol School Video | Students Cleaning School Roof Without Safety

Hindi News Career Shahdol School Video | Students Cleaning School Roof Without Safety 4 मिनट पहले कॉपी लिंक मप्र के शहडोल जिले के गोरतरा गांव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। काम के दौरान स्कूल भवन पर काई जमी हुई थी। साथ ही छत पर चढ़ने-उतरने के लिए कोई सुरक्षित इंतजाम भी नजर नहीं आ रहा है। ऊंचाई पर काई में चढ़ते बच्चे नजर आए ये वीडियो शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। बारिश की वजह से स्कूल बिल्डिंग में काई जमी नजर आ रही है लेकिन बच्चों को को ऊंचाई पर चढ़ाकर सफाई का काम करवाया जा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों के पेरेंट्स और ग्रामीणों ने स्कूल पर नाराजगी जताई है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद ट्राइबल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर आनंद राय ने कहा है कि जांच कराई जाएगी। बिहार में बच्चे कुदाल से सफाई कर रहे थे हाल ही में बिहार के एक स्कूल का भी वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में बिहार के सरकारी स्कूल में पढ़ाई के समय बच्चों से सफाई करवाई जा रही है। इस वीडियो में बच्चे कुदाल लेकर सफाई कर रहे हैं। जबकि स्कूल में उस समय क्लासेज चल रही है। ये घटना मध्य विद्यालय कोकला की है। वहीं बच्चे ये सफाई हेडमास्टर के कहने पर कर रहे थे। टॉयलेट की सफाई कर रहे हैं बच्चे वहीं 27 अगस्त को मंडला जिले के मवई विकासखंड के प्राइमरी स्कूल का एक वीडियो सामने आया था। इसमें बच्चे पढ़ाई के बजाय स्कूल परिसर और टॉयलेट की सफाई करते दिख रहे हैं। कुछ क्लासेज में झाड़ू लगाते हुए नजर आ रहे हैं। शिक्षकों को नोटिस जारी किया बच्चों से टॉयलेट और क्लासेस की सफाई कराए जाने पर गंभीर सवाल भी उठे। स्कूलों में साफ-सफाई के लिए पर्याप्त पैसा अलॉट किया जाता है इसके बावजूद भी बच्चों से यह काम कराया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है और चार शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। ऐसे इसके साथ ही हाल ही में एक ओर वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें सभी बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में हैं और मजदूरों के साथ मिलकर रेत उठा रहे हैं। 6- 14 साल तक के बच्चों को पढ़ने के अधिकार 6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक अधिकार है। RTE एक्ट इसी अधिकार को लागू करता है। यदि बच्चों को पढ़ाई के बजाय नियमित किसी काम में लगाया जा रहा है, तो यह उनके शिक्षा के अधिकार के भी विरुद्ध जा सकता है। गलती की सजा के तौर पर भी बच्चों से स्कूल में काम नहीं करवाया जा सकता। ऐसा करने पर RTE Act धारा 17 के तहत केस हो सकता है। —————– ये खबर भी पढ़ें.. कहीं क्लास की छत गिरी, कहीं चलता पंखा:कर्नाटक में छह बच्चे घायल, दिल्ली स्कूल में छात्रा का सिर फटा देश में सरकारी स्कूलों की खस्ताहालत आए दिन सामने आ रही है। बुधवार को कर्नाटक के बागलकोट में एक सरकारी स्कूल की छत का कंक्रीट गिरने से 6 बच्चे घायल हो गए हैं पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Mandla School Viral Video | Dilapidated Building Students Study Under Tarpaulin

Mandla School Viral Video | Dilapidated Building Students Study Under Tarpaulin

Hindi News Career Mandla School Viral Video | Dilapidated Building Students Study Under Tarpaulin कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक मप्र के मंडला के एक स्कूल का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे, स्कूल के जर्जर भवन के बाहर तिरपाल (पॉलिथीन की छत) लगाकर पढ़ रहे हैं। ये वीडियो मंडला के तलैया टोला का है। इसमें स्कूल बिल्डिंग पर लिखा है स्कूल चलें हम। जबकि बच्चे एक तिरपाल के नीचे बैठे हुए हैं, साथ ही टीचर्स भी उनके पास ही बैठे हैं। पास ही धूप में एक व्हाइट बोर्ड लगा है और यही बोर्स इन सभी बच्चों का भविष्य है क्योंकि सभी इसी बोर्ड के भरोसे पढ़ रहे हैं। 1-5 तक की क्लासेस एक ही जगह लग रहीं रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कूल में पहली क्लास से लेकर पांचवी क्लास के बच्चे हैं। हालांकि इस छात्रों की संख्या कम है लेकिन ये सभी छात्र एक साथ बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल मे लगभग 25-28 छात्र हैं और स्कूल में दो शिक्षक हैं। दीवारों पर बड़े-बड़े क्रेक, छत भी टपकती है वीडियो देखकर किसी को भी लग सकता है कि भला ये बच्चे बिल्डिंग होने के बाद भी तिरपाल के नीचे क्यों पढ़ रहे हैं। दरअसल ये स्कूल पूरी तरह जर्जर है। दीवारों पर बड़े-बड़े क्रेक हैं। बारिश में किताबें भीगी सुखाने के लिए रखीं, जिससे बच्चों की सुरक्षा दांव पर है। बरसात में स्कूल की छत भी टपकती है। इसी वजह से टीचर्स छात्रों को बाहर बैठाकर पढ़ा रहे हैं। स्कूल में छत और दीवारों से सीमेंट की पपड़ी भी गिरती रहती है। कई बार सरकार को लिख चुके हैं चिट्ठी रिपोर्ट के मुताबिक टीचर्स ने कहा- बच्चे पढ़ना चाहते हैं लेकिन कोई व्यवस्था नहीं है। हम उन्हें पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हम कई बार भवन की मरम्मत करने के लिए गुहार लगा चुके हैं पर अब तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। टीचर्स रोज खुद बांधते हैं तिरपाल टीचर्स का कहना है कि हम पूरी कोशिश करते हैं कि बच्चों को सुरक्षित रख सकें। स्कूल की जर्जर हालत की वजह से हम रोज खुद ही तिरपाल बांधते हैं और पढ़ाने के बाद उसके अगले दिन के लिए खोलकर रखते हैं। यहां सांप-बिच्छू के आने का भी खतरा है, कई बार निकल भी आते हैं। हम बस कोशिश कर रहे हैं कि स्कूल आते इन बच्चों को अपनी पूरी कोशिश कर बेहतर शिक्षा दे पाएं। ——————– ये खबर भी पढ़ें.. दिल्ली के प्ले-स्कूल में बच्चे को कुर्सी से बांधकर पीटा:पेरेंट्स ने कहा- 3 साल के बच्‍चे को लात मारी, थप्‍पड़ मारे; CCTV में दर्ज हुई मारपीट उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित एक प्लेस्कूल में तीन साल के बच्चे को कुर्सी से बांधकर कथित तौर पर बेरहमी से पीटने का एक वीडियो सामने आया है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Madhya Pradesh Rajnath Singh Inauguration

Madhya Pradesh Rajnath Singh Inauguration

Hindi News Career Madhya Pradesh Rajnath Singh Inauguration | Nepal Relief Aid Updates 6 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत ने नेपाल को राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी 27 अगस्त को भारत ने बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी। दूसरी खेप में भारत ने 37.5 टन राहत सामग्री भेजी हैं, इसमें दवाओं की खेप और खाने के पैकेट भेजे गए हैं। इससे पहले बुधवार को भी भारत ने 10 टन की पहली खेप भेजी थी, इसमें सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री काठमांडू भेजी गई थी। भारत की पहली खेप में कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं। ये राहत सामग्री भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान के जरिए हिंडन एयरबेस से भेजी गई थी। नेपाल में बुधवार को तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई, टिमुरे से त्रिशूली बाजार और बेत्रावती तक बाढ़ के पानी और मलबे ने घर, सड़कें और पुल तबाह कर दिए। इसमें अब तक मरने वालों का आंकड़ा 273 है। इनमें नेपाल में 270 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। वहीं, करीब 1,500 लोग अब भी लापता हैं। भारत ने ये मदद ह्यूमाइनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ सामग्री (HADR) के तहत भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और राहत प्रयासों में सहयोग जारी रखेगा। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 2. नागेश सिंह नाउरू गणराज्य में भारत के अगले राजदूत होंगे 26 अगस्त को भारत सरकार ने नागेश सिंह को नाउरू गणराज्य का अगला राजदूत प्रतिनिधि अपॉइंट किया। वे वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में भारत के हाई कमिश्नर हैं और इसके साथ ही नाउरू की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। भारत के हाई कमिश्नर को नाउरू के लिए साथ ही मान्यता दी जाती है, क्योंकि नाउरू में भारत का अलग स्थायी दूतावास नहीं है। नागेश 1995 बैच के IFS ऑफिसर हैं और विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर भी काम कर चुके हैं। नागेश सिंह 2022 से 2025 तक थाईलैंड में भारत के राजदूत के तौर पर काम कर चुके हैं। निधन (DEATH) 3. पुलित्जर प्राइज विनर फोटोग्राफर साल वेडर का निधन 27 अगस्त को प्रसिद्ध अमेरिकी फोटो जर्नलिस्ट साल वेडर के निधन की जानकारी आई। वे 99 साल के थे। वेडर को उनकी ऐतिहासिक फोटो ‘बर्स्ट ऑफ जॉय’ के लिए जाना जाता है, जिसमें वियतनाम युद्ध से लौटे एक अमेरिकी युद्धबंदी के परिवार से मिलने की तस्वीर है। ये तस्वीर 17 मार्च 1973 को कैलिफोर्निया के ट्रैविस एयर फोर्स बेस पर ली गई थी। इस तस्वीर के लिए वेडर को 1974 में पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वेडर एसोसिएट प्रेस (AP) के प्रसिद्ध फोटोग्राफर थे। वेडर ने अपने करियर में वियतनाम युद्ध विरोधी प्रदर्शनों और कई अन्य महत्वपूर्ण अमेरिकी घटनाओं की भी तस्वीरें खींचीं। वेडर के निधन की ऑफिशियल खबर गुरुवार को आई और उनका निधन 22 अगस्त को हुआ। ये तस्वीर वियतनाम युद्ध में अमेरिकी भागीदारी के अंत और सैनिकों की घर वापसी का एक बड़ा प्रतीक बनी। 4. पोलका डॉट क्वीन यायोई कुसामा का निधन 26 अगस्त को जापान की मशहूर कलाकार यायोई कुसामा के निधन की जानकारी मिली। वे 97 साल की थी। गुरुवार को उनकी कंपनी ने उनके निधन की जानकारी दी। कुसामा दुनिया की सबसे मशहूर आर्टिस्ट थीं, उन्हे पोलका डॉट क्वीन भी कहा जाता था। कुसामा डॉटस के साथ ही इंफिनिटी, मिरर रूम और पंपकिन स्कल्पचर के लिए जानी जाती थीं। कुसामा 1957 में अमेरिका गईं और न्यूयॉर्क के एवेंट-ग्रेड आर्ट आंदोलन में महत्वपूर्ण नाम बनीं। कुसामा ने पेंटिंग और मूर्तिकला के अलावा परफॉर्मेंस आर्ट, फिल्म, फैशन, कविता और उपन्यास में भी काम किया। कुसामा ने 2017 में टोक्यो में यायोई कुसामा म्यूजियम खोला। जापान ने उन्हें ऑर्डर ऑफ कल्चर समेत कई बड़े सम्मान दिए। जापान ने यायोई कुसामा को ऑर्डर ऑफ कल्चर समेत कई बड़े सम्मान दिए। समझौता (AGREEMENT) 5. भारत और फ्रांस ने इंजन बनाने के लिए MoU किया 26 अगस्त को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और फ्रांस की Safran हेलिकॉप्टर इंजन ने SAFHAL हेलिकॉप्टर इनजंस प्राइवेट लिमिटेड के जरिए ‘अरावली’ नाम के नए हाई-पावर हेलीकॉप्टर इंजन के विकास और उत्पादन के लिए समझौता किया। इस इंजन की कैपिसीटी 3,500-4,000 शाफ़्ट हॉर्सपावर (shp) है। इस MoU के तहत दोनों मिलकर डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई का काम करेंगे। ये भारत को हाई-पावर हेलीकॉप्टर इंजन की डिजाइन और निर्माण क्षमता में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इस MoU से भविष्य में विदेशी इंजन पर निर्भरता कम करने और भारत में एयरो-इंजन तकनीक तथा MRO क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। भारत-फ्रांस HAL और Safran की साझेदारी से पहले चीता, चेतक के इंजन और ALH, LCH तथा LUH में इस्तेमाल होने वाले शक्ति इंजन के लिए भी काम कर चुके हैं। मिसलिनीयस 6. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 450 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया 27 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर में 450 करोड़ रुपये की लागत वाले T-72 टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस प्रोजेक्ट कर तहत इंडियन आर्मी के T-72 टैंकों की मरम्मत, जांच और तकनीकी अपग्रेड के लिए सुविधा तैयार की जाएगी। प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद जबलपुर में भी सेना के T-72 टैंकों को लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा। पहले चरण में यहां हर साल 12 T-72 टैंकों का पूरा ओवरहॉल और अपग्रेड होगा। इसके लिए आधुनिक प्लांट के साथ टेस्टिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा। T-72 टैंकों के ओवरहॉल की मुख्य जिम्मेदारी आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVNL) की हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री (HVF), आवड़ी की है। नई सुविधा बनने के बाद जबलपुर में टैंकों के ओवरहॉल की क्षमता बढ़ सकेगी। इससे सेना के जिन T-72 टैंकों को बड़ी मरम्मत या तकनीकी सुधार की जरूरत होगी, उन्हें जल्द दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा सकेगा। 472 करोड़ की परियोजना शुरू होने से पहले ही व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर ने इसका ट्रायल किया गया था। फैक्ट्री ने दो T-72 टैंकों का ओवरहॉल पूरा करके भारतीय

School Students Block Road Over Muddy Path

School Students Block Road Over Muddy Path

7 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश में स्कूल तक जाने वाली कच्ची और कीचड़ भरी सड़क से परेशान छात्राओं ने अपनी-अपनी साइकिल सड़क पर रखकर चक्का जाम किया। यह घटना ग्राम मझगुआ पतोल, थाना हटा, जिला दमोह की है। इस जाम से सड़के के दोनों ओर लोगों का आना – जाना रूक गया। स्कूल तक जाने वाला करीब 1 किलोमीटर का रास्ता कच्चा और बदहाल है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। यह प्रदर्शन 22 अगस्त 2026 को दोपहर साढ़े 11 बजे शुरू हुआ। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे तेज बारिश होने लगी। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी गांव की मुख्य सड़क पर पहुंच गए। छात्राओं के प्रदर्शन में जमा हुई ग्रामीणों की भीड़ बारिश के बीच स्कूली ड्रेस में छात्राओं के प्रदर्शन का वीडियो बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्कूली छात्राओं द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। ग्रामीणों ने विद्यार्थियों की मांग को जायज बताया। उनका कहना है कि करीब एक किलोमीटर के इस कच्चे रास्ते का इस्तेमाल सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण और किसान भी करते हैं। उन्हें भी यहां से गुजरने में परेशानी होती है। प्रशासन ने दिया व्यवस्था का आश्वासन बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर पक्की सड़क बनाने की मांग की। सूचना मिलने पर कार्यपालिका मजिस्ट्रेट और तहसीलदार उमेश तिवारी मौके पर पहुंचे। पटवारी सुधीर राज भी मौजूद रहे। तहसीलदार ने विद्यार्थियों के साथ स्कूल तक जाकर कच्चे रास्ते का निरीक्षण किया। छात्राएं हाथों में तख्तियां और सड़कों पर साइकिल रखकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि छात्राओं की मांग स्कूल तक स्थायी पक्की सड़क बनाने की है। छात्रों और ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी सड़क बनने से ही हर साल बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी से निजात मिल सकेगी। ये खबर भी पढ़ें छात्रों के धरने से बदली खस्ता हाल स्कूल की हालत:जर्जर भवन गिरा, मरम्मत का काम शुरू; आशुतोष रांका ने शेयर किया वीडियो सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अपने X अकाउंट पर जोधावास स्थित उस सरकारी स्कूल का वीडियो शेयर किया है जिसके खिलाफ कुछ दिन पहले ही स्कूल के छात्रों ने आंदोलन किया था। इस स्कूल का नाम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Chhatarpur Students Stop Minister Dilip Ahirwar Convoy Over School Issues

Chhatarpur Students Stop Minister Dilip Ahirwar Convoy Over School Issues

Hindi News Career Chhatarpur Students Stop Minister Dilip Ahirwar Convoy Over School Issues 16 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले चंदला विधानसभा क्षेत्र के माध्यमिक शाला बसराही के छात्रों ने भाजपा विधायक और मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला जब इलाके से गुजर रहा था तभी स्कूली छात्र-छात्राओं ने उन्हें रोक लिया। यहां स्कूली बच्चे अपने विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सड़क निर्माण की मांग सबसे पहले उठाई बच्चों ने क्षेत्र में स्कूल तक सड़क बनवाने और मौजूदा सड़कों की बेहतर व्यवस्था की मांग सबसे पहले रखी। उनका कहना था कि खराब सड़कों की वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसका असर विद्यार्थियों पर भी होता है और उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों ने मंत्री से सड़क समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। छात्रों ने कहा कि उन्होंने काफिले को रोकने का सहारा इसलिए लिया क्योंकि पहले उठाए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ था। लखनऊ में जेन अल्फा ने हाईवे जाम किया लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर जेन-अल्फा 17 अगस्त को सड़कों पर नजर आई। सुबह 7 बजे बारिश के बीच करीब 250 जेन-अल्फा छात्राएं दुबग्गा-कानपुर बायपास चौराहे पर इकट्ठा हो गईं। सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। छात्राएं मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय से ढाई किमी चलकर यहां तक पहुंचीं। 6वीं से 12वीं कक्षा तक के इस स्कूल को समाज कल्याण विभाग चलाता है। प्रदर्शन के दौरान बाईपास के चारों तरफ 2 से 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। 4 थानों और चौकियों से पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस ने करीब 2 घंटे तक छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे DM को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। जब बात नहीं बनी, तो छात्राएं हजरतगंज स्थित DM आवास की तरफ चल दौड़ने लगीं। लखनऊ-हरदोई हाईवे पर रॉन्ग साइड में दौड़ती छात्राओं के पीछे-पीछे पुलिसकर्मी भी दौड़ पड़े। जब छात्राएं मोहान रोड से 8 किमी दूर बालागंज चौराहे पर पहुंचीं तो एसीपी काकोरी शकील अहमद और एडीसीपी धनंजय ने उन्हें रोका। उनसे बातचीत की। उनके सामने ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्हें पूरी बात बताई। सुबह 7 बजे दुबग्गा-कानपुर बायपास पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था। अधिकारियों ने स्कूल में छात्राओं से सीधे बात करने का आश्वासन दिया। एसीपी काकोरी ने छात्राओं को बताया कि अधिकारी की समस्या का समाधान आज ही करेंगे। इसके बाद छात्राएं मान गईं और उन्हें ई-बसों से वापस स्कूल भेज दिया गया। छात्राओं से मिलने भारी बारिश के बीच विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, सचिव व निदेशक संजीव सिंह, समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार और सरोजनीनगर एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह स्कूल पहुंचे। करीब ढाई घंटे की बातचीत के बाद सभी अफसर स्कूल से बाहर निकले। छात्राएं सड़क पर नारेबाजी करने लगीं तो सड़क पर दोनों तरफ जाम लग गया। ‘स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षक नहीं’ छात्राओं का कहना था कि उनके स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षक नहीं हैं। साल भर से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह ठप है। इंटरनेट की उचित व्यवस्था न होने के कारण वे ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले पातीं हैं। इसी साल कई छात्राओं की बोर्ड परीक्षा भी होनी है। विद्यालय में सुबह 11:30 बजे समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव, सचिव, एसडीएम और स्कूल के टीचर छात्राओं से बात कर रहे हैं। जोरदार बारिश हो रही है। ये खबर भी पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Vidisha School Children Video Viral

Vidisha School Children Video Viral

Hindi News Career Vidisha School Children Video Viral | SDM Announces Bridge & Cycles 2 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के पलोह गांव में स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। तेज बहाव वाली नदी पर बने स्टॉप डैम को पार करते हुए इन बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि बच्चे किस परेशानी के साथ स्कूल बैग हाथ में लिए स्टॉप डेम पार कर रहे हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के संकरे पिलरों पर चलते और बीच के गैप को छलांग लगाकर पार करते दिखाई दे रहे हैं। पिछले 5 साल से इसी रास्ते से जा रहे हैं स्कूल यह वीडियो विदिशा जिले के पालोह गांव का है। वीडियो में दिख रहे बच्चे करुआ गांव के रहने वाले हैं और पालोह के हाई स्कूल में पढ़ते हैं। अगर ये बच्चे सड़क वाले रास्ते से स्कूल जाएं, तो उन्हें रोज करीब 8 से 10 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। इसी वजह से वे रोज स्टॉप डैम पार कर स्कूल पहुंचते हैं। वे पिछले 5 साल से इसी रास्ते से स्कूल जा रहे हैं। VIDEO वायरल होने के बाद जागा प्रशासन वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की जानकारी ली। विदिशा के एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित रास्ते से स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नदी पर अस्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही प्रभावित गांवों के पास नया स्कूल खोलने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करना पड़े। देश भर के लोगों ने जताई चिंता वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं। देशभर के लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कई यूजर्स ने कहा कि अगर बच्चे इतने सालों से इसी तरह स्कूल जा रहे थे, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई? बेरखेड़ी कलां के बच्चे उफनती नदी पार करने को मजबूर मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेरखेड़ी कलां (बरखेड़ा कला) से वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यहां स्कूली छात्र-छात्राएं उफनती हुई कोपरा नदी को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कोपरा नदी पर बनी पुलिया पूरी तरह टूट चुकी है। बच्चे बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के एक-दूसरे का हाथ पकड़कर और ग्रामीणों के सहारे इस खतरनाक उफनती नदी को पार कर रहे हैं। कई बार भीगने की वजह से बीमार हो जाते हैं बच्चे मरम्मत नहीं होने से अब थोड़ी बारिश में ही नदी उफान पर आ जाती है। सुबह स्कूल जाने के समय छात्राओं को यूनिफॉर्म संभालते हुए घुटनो तक पानी में उतरना पड़ता है। जहां मिट्टी, कीचड़ और फिसलन मे स्कूली ड्रेस खराब हो जाती है। यहां फिसलन और तेज बहाव के कारण हादसे का डर बना रहता है। कई बार बच्चे देर से स्कूल पहुंचते हैं और भीगने की वजह से बीमार हो जाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हर साल मानसून के मौसम में बच्चों को इसी तरह जान दांव पर लगाकर पढ़ाई करने जाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से लंबे समय से पुल या सुरक्षित मार्ग की मांग की है। यहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटना का भी जोखिम बना रहता है। ———————————————————— ये खबर भी पढ़ें IBPS क्लर्क के 11,403 पदों पर भर्ती निकली:किसी भी स्‍ट्रीम के ग्रेजुएट्स करें अप्‍लाई, 10-11 अक्‍टूबर को होगा प्रील‍िम्‍स इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) राष्ट्रीय बैंकों में 11,403 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 21 अगस्त 2026 तय की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

'लापता लेडीज' एक्टर बोला- डायरेक्टर ने मारने की धमकी दी:रोते हुए वीडियो पोस्ट किया; कहा-मैहर में फिल्म की शूटिंग के बाद नहीं दिए पैसे

'लापता लेडीज' एक्टर बोला- डायरेक्टर ने मारने की धमकी दी:रोते हुए वीडियो पोस्ट किया; कहा-मैहर में फिल्म की शूटिंग के बाद नहीं दिए पैसे

किरण राव निर्देशित फिल्म ‘लापता लेडीज’ से पहचान बनाने वाले अभिनेता सतेंद्र सोनी ने मध्य प्रदेश के मैहर में एक फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर पर धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शूटिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें मेहनताना नहीं दिया गया। सतेंद्र ने सोशल मीडिया पर रोते हुए वीडियो शेयर कर अपनी आपबीती बताई। वीडियो सामने आते ही मैहर पुलिस हरकत में आई और उन्हें व उनके साथियों को सुरक्षित मुंबई रवाना कर दिया। अब मुंबई पहुंचकर उन्होंने पुलिस और मदद करने वालों का धन्यवाद किया है। ‘पेट पालकी’ की शूटिंग के लिए पहुंचे थे मैहर सतेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर रोते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह पर शूटिंग के बाद पैसे नहीं देने, धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। सतेंद्र ने बताया कि उन्हें फिल्म ‘पेट पालकी’ की शूटिंग के लिए मैहर बुलाया गया था। उन्होंने लगातार आठ दिन तक काम किया, लेकिन शूटिंग पूरी होने के बाद प्रोड्यूसर ने पारिश्रमिक देने से इनकार कर दिया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकी भी दी गई, जिससे वे मानसिक तनाव में आ गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षित रवाना किया वीडियो सामने आने के बाद मैहर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस ने सतेंद्र और उनके साथियों से बातचीत की। कलाकारों ने बताया कि वे अब मैहर में रुककर काम नहीं करना चाहते। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पूरी सुरक्षा के साथ ट्रेन से मुंबई रवाना कर दिया। रविवार सुबह सतेंद्र ने मुंबई रेलवे स्टेशन से एक और वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने साथी कलाकारों श्रीधर दुबे और पंकज शर्मा के साथ सुरक्षित मुंबई पहुंचने की जानकारी दी। मुंबई पहुंचकर बोले- सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद वीडियो पोस्ट करते हुए सतेंद्र सोनी ने लिखा, “हम मुंबई सुरक्षित पहुंच गए हैं। बहुत-बहुत धन्यवाद मैहर पुलिस का एवं जिन लोगों ने भी हमें इस मुश्किल वक्त में सपोर्ट किया।” वीडियो में उन्होंने संकट के समय मदद करने के लिए मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह, कोतवाली टीआई अनिमेष द्विवेदी और पूरी मैहर पुलिस का दिल से आभार जताया। वीडियो देखकर पुलिस कलाकारों के पास पहुंची मैहर कोतवाली थाना प्रभारी (टीआई) अनिमेष द्विवेदी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आते ही पुलिस टीम कलाकारों के पास पहुंची। कलाकारों ने बताया कि वे अब यहां और काम नहीं करना चाहते हैं। इसके बाद सतेंद्र सोनी समेत उनके साथियों को पूरी सुरक्षा के साथ ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना कर दिया।

आशुतोष राणा के 'हमारे राम' शो के दौरान लगी आग:शॉर्ट सर्किट से कंट्रोल पैनल में भड़की लपटें, ऑडिटोरियम में अंधेरा; एक्टर और लोगों का रेस्क्यू

आशुतोष राणा के 'हमारे राम' शो के दौरान लगी आग:शॉर्ट सर्किट से कंट्रोल पैनल में भड़की लपटें, ऑडिटोरियम में अंधेरा; एक्टर और लोगों का रेस्क्यू

मध्य प्रदेश के जबलपुर में शनिवार शाम अभिनेता आशुतोष राणा के शो ‘हमारे राम’ के मंचन के दौरान रामपुर स्थित तरंग ऑडिटोरियम में अचानक आग लग गई। आग के बाद पूरे ऑडिटोरियम की बिजली बंद करनी पड़ी, जिससे परिसर में अंधेरा छा गया। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम तत्काल रोक दिया गया। अभिनेता आशुतोष राणा समेत सभी कलाकारों और दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कार्यक्रम बाधित होने के कारण आयोजकों को दूसरा शो रद्द करना पड़ा। आशुतोष राणा दे रहे थे प्रस्तुति जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7 बजे रामपुर स्थित मध्य प्रदेश विद्युत विभाग के तरंग ऑडिटोरियम में मंचन चल रहा था। कार्यक्रम में अभिनेता आशुतोष राणा सहित कई कलाकार प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान ऑडिटोरियम के ग्रीन रूम के नीचे स्थित एक कक्ष के कंट्रोल पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद कंट्रोल पैनल में आग भड़क उठी। देखते ही देखते कमरे में धुआं भर गया। आग की सूचना मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के लिए बंद की गई बिजली प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही ऑडिटोरियम की लाइटें बंद हो गईं और पूरे परिसर में अंधेरा छा गया। स्थिति को नियंत्रित करने और बड़े हादसे से बचने के लिए एहतियातन पूरे परिसर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। आग और धुएं के कारण कार्यक्रम बीच में रोकना पड़ा। आयोजकों ने तत्काल कलाकारों और दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। अभिनेता आशुतोष राणा को भी सुरक्षा के मद्देनजर ऑडिटोरियम से बाहर ले जाया गया। कर्मचारियों ने पहले खुद बुझाने की कोशिश की घटना के बाद ऑडिटोरियम प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों ने परिसर में लगे अग्निशमन उपकरणों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। हालांकि शुरुआती कोशिशों में आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी। इसके बाद नगर निगम के फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और टीम मौके पर रवाना हुई। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझने के बाद अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ।