Prateek Yadav Death Reason; Pulmonary Embolism Symptoms

Hindi News Lifestyle Prateek Yadav Death Reason; Pulmonary Embolism Symptoms | Lung Blood Clot Causes 10 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक हाल ही में 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन हो गया। वह दिवंगत नेता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे। डॉक्टर्स ने उनकी मौत की वजह ‘पल्मोनरी एम्बॉलिज्म’ बताई है। इस कंडीशन में फेफड़ों की नसें ब्लॉक हो जाती हैं और हार्ट फेल हो जाता है। ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ और ‘अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी’ की गाइडलाइन 2026 के मुताबिक, पल्मोनरी एम्बॉलिज्म वस्कुलर (नसों से जुड़ी बीमारी) डेथ का तीसरा सबसे बड़ा कारण है। साल 2024 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक ऑटोप्सी बेस्ड भारतीय स्टडी के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती मरीजों में करीब 16% मौतों की मुख्य वजह ‘पल्मोनरी एम्बॉलिज्म’ पाई गई। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में जानेंगे कि- पल्मोनरी एम्बॉलिज्म क्या है? किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? सवाल- पल्मोनरी एम्बॉलिज्म क्या है? जवाब- यह एक गंभीर हेल्थ कंडीशन है, जिसमें फेफड़ों की आर्टरीज में अचानक ब्लॉकेज हो जाता है और ब्लड सप्लाई प्रभावित होती है। इसमें शरीर के किसी हिस्से (ज्यादातर पैर की नसों) में बना ब्लड क्लॉट टूटकर खून के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाता है। यह पल्मोनरी आर्टरी को ब्लॉक कर देता है। ज्यादतर मामलों में डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) के कारण पैर की नसों में बने ब्लड क्लॉट ही फेफड़ों में जाकर ब्लॉकेज की वजह बनते हैं। सवाल- पल्मोनरी एम्बॉलिज्म और डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) में क्या संबंध है? जवाब- डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) और पल्मोनरी एम्बॉलिज्म का सीधा कनेक्शन है। पॉइंटर्स से समझते हैं- DVT एक हेल्थ कंडीशन है, जिसके कारण शरीर की नसों (अक्सर पैरों) में ब्लड क्लॉट बनते हैं। अगर ये क्लॉट वहीं बना रहे तो DVT रहता है, लेकिन जब यही क्लॉट टूटकर ब्लड के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाता है और वहां की नस को ब्लॉक कर देता है, तो इसे पल्मोनरी एम्बॉलिज्म कहते हैं। यानी ज्यादातर मामलों में पल्मोनरी एम्बॉलिज्म की शुरुआत DVT से ही होती है। इसलिए DVT को समय पर पहचानना और इलाज करना बहुत जरूरी होता है। सवाल- पल्मोनरी एम्बॉलिज्म होने पर क्या संकेत दिखते हैं? जवाब- ज्यादातर मामलों में इसके संकेत अचानक नजर आते हैं। इन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। ग्राफिक में पल्मोनरी एम्बॉलिज्म के सभी संकेत देखिए- सवाल- डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) के संकेत क्या हैं? जवाब- इसके शुरुआती संकेत कई बार हल्के होते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। पॉइंटर्स में देखिए- पैर में सूजन (अक्सर एक पैर में)। पैर में दर्द या ऐंठन, खासकर पिंडली (काल्फ) में। नसें को उभरना। स्किन या उभरी नसों का लाल या नीला पड़ना। स्किन सामान्य से ज्यादा गर्म रहना। नसों के आसपास मसल्स टाइट होना। भारीपन महसूस होना। चलने या खड़े होने पर दर्द बढ़ना। सवाल- अगर DVT के संकेत दिखें तो क्या तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? जवाब- हां। इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह ब्लड क्लॉट टूटकर फेफड़ों तक पहुंच सकता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है या रुक सकता है। सवाल- यह ब्लड क्लॉट फेफड़ों तक कैसे पहुंच जाता है? जवाब- नसों में बने क्लॉट कभी-कभी टूट जाते हैं। ये ब्लड के साथ बहते हुए नसों के जरिए हार्ट तक पहुंचते हैं। हार्ट जब ब्लड को पंप करता है तो ये क्लॉट्स फेफड़ों की आर्टरीज में भी पहुंच जाते हैं। सवाल- शरीर में ब्लड क्लॉट बनता कैसे है? जवाब- शरीर में ब्लड क्लॉट बनना एक सामान्य और नेचुरल प्रोसेस है। यह बॉडी का खुद को प्रोटेक्ट करने का एक मैकेनिज्म है। शरीर में कहीं चोट या कट लगने पर ब्लड रोकने के लिए बॉडी क्लॉट्स बनाती है। समस्या तब होती है, जब चोट के बिना ही नसों के अंदर ब्लड क्लॉट बनने लगते हैं। ज्यादातर मामलों में यह DVT जैसी कंडीशन के कारण होता है। सवाल- ब्लड क्लॉटिंग कहां-कहां हो सकती है? जवाब- बॉडी में ब्लड वेसल्स का करीब 60,000 मील लंबा नेटवर्क होता है। इसमें कहीं भी ब्लड क्लॉट बन सकता है। इसके लक्षण क्लॉट के प्रकार और ऑर्गन्स के मुताबिक बदल सकते हैं। पैर (DVT)- यह सबसे कॉमन है। इसमें पैरों की गहरी नसों में क्लॉट बनता है। फेफड़े- फेफड़ों में ब्लड क्लॉट फंस जाता है। इससे ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है। जिस कारण पल्मोनरी एम्बॉलिज्म हो सकता है। हार्ट- हार्ट आर्टरीज में क्लॉट बनता है। इससे हार्ट अटैक हो सकता है। ब्रेन- ब्रेन की नस में क्लॉट बनने पर स्ट्रोक हो सकता है। आंत/किडनी (रेयर)- ब्लड की सप्लाई रुकने से ऑर्गन्स डैमेज हो सकते हैं। सवाल- क्या यह अचानक होने वाली बीमारी है? जवाब- नहीं, ज्यादातर मामलों में इसकी शुरुआत पहले से शरीर में बने ब्लड क्लॉट (अक्सर पैरों की नसों में) से होती है, जो बाद में टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है। सवाल- क्या यह हमेशा जानलेवा होती है? जवाब- इसकी गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि क्लॉट कितना बड़ा है। आमतौर पर छोटे क्लॉट दवाओं से ठीक हो जाते हैं। इनके रहते हुए भी ब्लड फ्लो होता रहता है। अगर क्लॉट बड़ा है तो यह नस के बड़े हिस्से को ब्लॉक कर सकता है। फेफड़ों में पहुंचा तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। सवाल- पल्मोनरी एम्बॉलिज्म के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं? जवाब- पल्मोनरी एम्बॉलिज्म का खतरा कुछ खास स्थितियों और लाइफस्टाइल फैक्टर्स में ज्यादा बढ़ जाता है। ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ और ‘अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी’ के मुताबिक, इन रिस्क फैक्टर्स की पहचान समय पर करना बेहद जरूरी है। ग्राफिक में सभी रिस्क फैक्टर्स देखिए- सवाल- इसका इलाज कैसे होता है? जवाब- इसके ट्रीटमेंट का मकसद लंग्स के ब्लड क्लॉट को खत्म करना और नए क्लॉट बनने से रोकना होता है। इसके लिए दवाएं दी जाती हैं। कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत हो सकती है। एंटीकोआगुलेंट्स (Anticoagulants) ये दवाएं ब्लड को पतला रखती हैं। इससे क्लॉटिंग बढ़ती नहीं है। क्लॉटिंग को धीरे-धीरे खत्म कर देती हैं। थ्रोम्बोलाइसिस (Thrombolysis) इसमें दवाएं नस या कैथेटर(एक पतली ट्यूब है जिससे दवा सीधे नस में दी जाती है) के जरिए दी जाती हैं। ये ब्लड क्लॉट को घोल देती हैं। आमतौर पर जब ब्लड थिनर्स पर्याप्त न हों या स्थिति गंभीर हो तब इस्तेमाल
Prateek Yadav Ashes Immersion Haridwar

लखनऊ4 मिनट पहले कॉपी लिंक सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की अस्थियां आज हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी। शनिवार सुबह 9:15 बजे पत्नी अपर्णा अपनी बड़ी बेटी प्रथमा, पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन के साथ अस्थियां लेकर निकली हैं। परिवार लखनऊ एयरपोर्ट से चार्टर्ड प्लेन से हरिद्वार के लिए रवाना होगा। शिवपाल के बेटे बदायूं से सांसद आदित्य यादव भी साथ जा रहे हैं। वह अमौसी एयरपोर्ट पर प्रतीक का अस्थि कलश लेकर अपर्णा से आगे चलते दिखे। परिवार ने 6 सीटर चार्टर्ड प्लेन बुक किया है। हालांकि, सपा प्रमुख अखिलेश यादव जाएंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। चार्टर्ड प्लेन देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरेगा। वहां से परिवार कार से हरिद्वार पहुंचेगा। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की मौजूदगी में अस्थि-विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रतीक यादव का लखनऊ में 13 मई को 38 साल की उम्र में निधन हो गया था। अगले दिन 14 मई को उनका अंतिम संस्कार किया गया था। उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी थी। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता हैं और वर्तमान में यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। 2 तस्वीरें देखिए- लखनऊ एयरपोर्ट पर शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव (बदायूं सांसद) प्रतीक का अस्थि कलश लेकर जाते दिखे। उनके पीछे अपर्णा, उनके भाई अमन, बेटी पद्मजा हैं। लखनऊ से शनिवार सुबह 9:15 बजे ससुर अरविंद बिष्ट, साले अमन और प्रतीक यादव की बड़ी बेटी प्रथमा अस्थियां लेकर हरिद्वार के लिए रवाना हुए। ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे प्रतीक की मां साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। 1990 में चंद्रप्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया। इसी दौरान साधना और मुलायम की करीबी हो गई। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से शादी कर ली और सार्वजनिक तौर पर प्रतीक को बेटे का हक दिया था प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। उन्हें महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। प्रतीक का रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। 2022 के चुनावी हलफनामे में अपर्णा और प्रतीक की चल-अचल संपत्ति 23 करोड़ रुपए बताई गई थी। प्रतीक ने अपर्णा से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं। प्रतीक ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था-‘All is Good’, यानी सब अच्छा है। प्रतीक यादव के अस्थी विसर्जन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 7 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तराखंड में है अपर्णा यादव का मायका अपर्णा यादव मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उनका उत्तरकाशी जिले के डुंडा ब्लॉक स्थित गढ़बरसाली (कुरा) गांव में मायका है। अपर्णा का परिवार लंबे समय से उत्तराखंड से जुड़ा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में जैसे ही यह दुखद समाचार पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। प्रतीक के निधन की खबर जैसे ही उनकी पत्नी अपर्णा यादव के पैतृक गांव तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोगों ने गहरा दुख जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। 14 मिनट पहले कॉपी लिंक एयरपोर्ट पर अस्थिकलश लेकर जाते दिखे आदित्य अमौसी एयरपोर्ट पर शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव अस्थिकलश लेकर जाते दिख रहे हैं। उनके पीछे अपर्णा यादव छोटी बेटी पद्मजा और अपने भाई अमन बिष्ट के साथ चल रही हैं। पद्मजा को प्रतीक बहुत प्यार करते थे। 22 मिनट पहले कॉपी लिंक अपर्णा ने रात 1 बजे सोशल मीडिया पर डाला था पोस्ट अपर्णा यादव ने रात के 1 बजे सोशल मीडिया पर अस्थि विसर्जन से संबंधित पोस्ट किया था। इस पोस्ट में लिखा- ‘पूज्य स्मरणीय श्री प्रतीक यादव की पवित्र अस्थियों के विसर्जन का कार्यक्रम हरिद्वार के चौधरी चरण सिंह वीवीआईपी घाट पर दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया जाएगा। सभी शुभचिंतकों से प्रार्थना है कि वो पहुंचें जिससे हमें शक्ति मिलेगी। 34 मिनट पहले कॉपी लिंक अमौसी एयरपोर्ट पर VIP लाउंज में बैठी हैं अपर्णा अपर्णा यादव भी अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंच चुकी हैं। वह VIP लाउंज में बैठी हुई हैं। यह जानकारी दैनिक भास्कर रिपोर्टर को विश्वस्त सूत्रों ने दी है। 04:47 AM16 मई 2026 कॉपी लिंक थोड़ी देर में हरिद्वार के लिए रवाना होगा परिवार प्रतीक की अस्थियां लेकर परिवार लखनऊ एयरपोर्ट पहुंच गया है। थोड़ी देर में चार्टर प्लेन से परिवार रवाना होगा। परिवार के पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 04:31 AM16 मई 2026 कॉपी लिंक प्रतीक अस्थियां लेकर परिवार लखनऊ से हरिद्वार के लिए रवाना प्रतीक यादव की अस्थियां आज हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी। शनिवार सुबह 9:15 बजे ससुर अरविंद बिष्ट, साले अमन और प्रतीक की बड़ी बेटी प्रथमा घर से अस्थियां लेकर निकले हैं। चार्टर्ड प्लेन सीधे देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर उतरेगा। वहां से परिवार कार से हरिद्वार पहुंचेगा। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की मौजूदगी में अस्थि-विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 03:57 AM16 मई 2026 कॉपी लिंक 14 मई को हुए प्रतीक के अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें देखिए- अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद रहीं। दोनों ने पिता की चिता पर लकड़ी रखी। अपर्णा के पिता यानी ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने प्रतीक की चिता को मुखाग्नि दी। प्रतीक की डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर शव वाहन पर लगाई गई। अखिलेश प्रतीक की छोटी बेटी पद्मजा से बातचीत करते रहे। उन्होंने बच्ची को चॉकलेट भी दी। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी तो उनके सामने अपर्णा फूट-फूटकर रोईं। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने अपर्णा यादव को ढांढस बंधाया। देवर
Prateek Yadav Death Funeral LIVE Photos Update; Akhilesh Yadav Aparna Yadav

लखनऊ3 मिनट पहले कॉपी लिंक सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का आज लखनऊ में बैकुंठ धाम पर सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार होगा। प्रतीक का बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निधन हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। उनके शरीर पर छह चोटें भी पाई गईं, जो मौत से पहले लगी थीं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 एक दिन पुरानी थीं। विसरा सुरक्षित रखा गया है। जब प्रतीक की मौत हुई, तब पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम में थीं। लौटीं तो बेटियों से लिपटकर रोने लगीं। प्रतीक का शव उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। अखिलेश, डिंपल समेत यादव परिवार के सभी सदस्य पहुंचे थे। श्रद्धांजलि देते वक्त अखिलेश भावुक नजर आए। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। पत्नी अपर्णा भाजपा की नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, वे फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है। प्रतीक के निधन से जुड़ी 3 तस्वीरें अपर्णा यादव असम से लखनऊ लौटीं तो बेटियों से लिपटकर रोने लगीं। प्रतीक की बॉडी के पास पहुंचीं तो एकटक चेहरा निहारती रहीं। अखिलेश ने अपने छोटे भाई प्रतीक को श्रद्धांजलि दी। सपा प्रमुख भावुक नजर आए। अपर्णा यादव ने अपनी दोनों बेटियों की सीएम योगी से मुलाकात कराई। वे योगी को बाहर तक छोड़ने भी आईं। ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे प्रतीक की मां साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। 1990 में चंद्रप्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया। इसी दौरान साधना और मुलायम की करीबी हो गई। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से शादी कर ली और सार्वजनिक तौर पर प्रतीक को बेटे का हक दिया था। प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। उन्हें महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। प्रतीक का रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। 2022 के चुनावी हलफनामे में अपर्णा और प्रतीक की चल-अचल संपत्ति करीब 23 करोड़ रुपए बताई गई थी। प्रतीक ने अपर्णा से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं। प्रतीक ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था-अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था-‘All is Good’, यानी सब अच्छा है। प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 4 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रतीक की शादी में अमिताभ- जया बच्चन आई थीं, तस्वीरें देखिए… प्रतीक के निधन के बाद उनकी शादी की तस्वीरें सामने आई हैं। शादी में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन समेत कई हस्तियां शामिल हुई थीं। 26 मिनट पहले कॉपी लिंक 9:30 बजे अंतिम दर्शन के लिए खुलेगा घर का गेट प्रतीक यादव के अंतिम दर्शन के लिए सुबह 9:30 बजे घर का गेट खुलेगा। इसके बाद लोग उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। फिर बैकुंठ धाम में प्रतीक का अंतिम संस्कार होगा। 27 मिनट पहले कॉपी लिंक विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष बोले- बहुत दुखद घटना है विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा- बहुत दुखद घटना है। मैं अपने संगठन विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से दुख व्यक्त करता हूं। 32 मिनट पहले कॉपी लिंक अपर्णा यादव ने रात में सोशल मीडिया पर किया पोस्ट अपर्णा यादव ने बुधवार आधी रात सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने परिवार की ओर से प्रतीक यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शोक संतप्त परिवार में अपर्णा यादव ने खुद के साथ बेटियों प्रथमा और पद्मजा यादव के नाम लिखे हैं। 36 मिनट पहले कॉपी लिंक बैकुंठ धाम में होगा अंतिम संस्कार, बता रहे रिपोर्टर आदित्य तिवारी 38 मिनट पहले कॉपी लिंक संतकबीरनगर से अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचा युवक संतकबीरनगर से आए शैलेश यादव ने कहा- मुझे प्रतीक के निधन से बहुत दुख हुआ। मैं उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचा हूं। 40 मिनट पहले कॉपी लिंक घर का गेट अभी बंद, बाहर पुलिस फोर्स तैनात अपर्णा यादव के घर का गेट अभी बंद है। बाहर पुलिस फोर्स तैनात है। समर्थक और चाहने वाले जुट रहे हैं। 42 मिनट पहले कॉपी लिंक अंतिम यात्रा के लिए डीसीएम वाहन तैयार प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा 11 बजे निकाली जाएगी। कल से ही लोगों का घर पर पहुंचना जारी है। आज भी कई जिलों से उनके चाहने वाले पहुंच रहे हैं। घर के बाहर अंतिम यात्रा के लिए डीसीएम वाहन फूलों से सजाकर तैयार कर दिया गया है। 57 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रतीक की बॉडी पर चोट के 6 निशान मिले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रतीक की छाती, दाएं हाथ, कोहनी से कलाई तक और बाएं हाथ की कलाई से ऊपर 6 चोटों के निशान मिले हैं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 एक दिन पुरानी थीं। डॉक्टरों के मुताबिक, बीमारी की वजह से बाएं पैर के अंगूठे का नाखून नीला था। 57 मिनट पहले कॉपी लिंक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- कार्डिएक अरेस्ट से जान गई लखनऊ मेडिकल कॉलेज ने प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बुधवार शाम जारी की। डॉक्टरों के मुताबिक, फेफड़ों में बड़ी मात्रा में खून के थक्के जम गए थे। इसी वजह से हार्ट और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मौत हुई। हार्ट और फेफड़ों से मिले खून के थक्कों के नमूनों को आगे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। शरीर के अंदरूनी अंगों को भी केमिकल जांच के लिए प्रीजर्व किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, हाईपर टेंशन, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। (पूरी रिपोर्टर पढ़िए) 02:41 AM14 मई 2026 कॉपी लिंक सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा बोले- प्रतीक यादव की मौत संदिग्ध, हाईकोर्ट के पूर्व जज जांच करें समाजवादी पार्टी नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा,
Prateek Yadav Depression : क्या डिप्रेशन सिर्फ उदासी या मौत का रास्ता? डॉक्टर से जानिए कितनी खतरनाक है यह बीमारी

Last Updated:May 13, 2026, 12:43 IST Prateek Yadav Depression : सपा मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की दुखद मृत्यु ने एक बार फिर मेंटल हेल्थ और डिप्रेशन जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ दी है. हमारे समाज में अक्सर डिप्रेशन जैसा मुद्दा चर्चा का विषय नहीं बनता. अधिकांश लोग सोचते हैं ये कोई बीमारी नहीं है. लेकिन जो लोग डिप्रेशन में होते हैं उन्हें पता है कि यह कितनी खतरनाक बीमारी है. ऐसा कहा जा रहा है कि प्रतीक यादव घोर डिप्रेशन के शिकार थे. इसकी वजह से मौत हुई या नहीं, इसकी रिपोर्ट तो बाद में आएगी लेकिन हमने इस मुद्दे पर डॉ. से जानना चाहा कि क्या डिप्रेशन सिर्फ उदासी है या मौत का रास्ता. डिप्रेशन से मौत का कितना कनेक्शन कितना. Prateek Yadav Depression : प्रतीक यादव फिटनेस फ्रीक थे. इस कारण वे सोशल मीडिया पर अक्सर इंफ्लुएंसर की तरह छाए रहते थे. उनकी बॉडी और फिटनेस को देखते हुए कोई यह नहीं कह सकता था कि उन्हें कोई बीमारी है. हालांकि शुरुआती चर्चाओं में ऐसा कहा जा रहा है कि प्रतीक यादव डिप्रेशन से जूझ रहे थे. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि कभी-कभी कारोबार में आर्थिक नुकसान होने पर लोग बहुत दुखी हो जाते हैं. तो क्या कारोबार में घाटा ही डिप्रेशन की वजह थी. या कुछ और. लेकिन असली सवाल यह है कि क्या डिप्रेशन इतनी शक्तिशाली हो सकती है कि वह इंसान की जान ले ले? इस विषय पर हमने फोर्टिस अस्पताल, गुरुग्राम में सीनियर साइकेट्रिस्ट डॉ. नेहा अग्रवाल से बात की. क्या कारोबार में नुकसान बनी डिप्रेशन की वजह डॉ. नेहा अग्रवाल ने बताया कि डिप्रेशन के कई कारण होते है. कारोबार में घाटा भी इसकी वजह हो सकती है लेकिन यह जरूरी नहीं. वास्तव में डिप्रेशन खतरनाक बीमारी है जो अगर गंभीर हो जाए तो उसमें इंसान अपना सुध-बुध खो बैठता है और उसके मन में बार-बार मरने के विचार आते हैं. उसे लगता है कि मौत ही उसके दुख को खत्म करने का आखिरी रास्ता है. इस केस में अक्सर डिप्रेशन से जूझ रहे लोग सुसाइड कर लेते हैं. लेकिन इससे पहले काफी लंबा समय वह डिप्रेशन में बिताता है. वह हमेशा उदास रहता है, निराश रहता है और धीरे-धीरे वह सबसे अलगाव महसूस करने लगता है. इस तरह देखा जाए तो डिप्रेशन से लोगों की मौत भी हो सकती है लेकिन इसमें अधिकांश केस सुसाइड के ही होते हैं. मतलब इंसान बहुत ज्यादा डिप्रेशन में हो और उसमें चीजों को समझने की क्षमता कम होने लगे तो एक्सट्रीम कंडीशन में वह सुसाइड कर सकता है लेकिन अगर किसी की मौत सुसाइड से नहीं होती है और मौत हो जाती है तो उसमें बहुत लंबा वक्त लगेगा. इससे पहले शरीर के अधिकांश महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचेगा. डिप्रेशन है क्या वैज्ञानिक भाषा में कहें तो डिप्रेशन केवल उदासी या निराशा भर नहीं है. यह एक न्यूरोलॉजिकल और मूड डिसऑर्डर है. डॉ. नेहा अग्रवाल बताती हैं कि इसका मतलब यह हुआ कि जब व्यक्ति गहरी उदासी में चला जाता है तो उसके ब्रेन में कई तरह की रासायनिक हलचलें घट-बढ़ जाती है. इसका मुख्य कारण मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमिटर्स का असंतुलन है. सेरोटोनिन, डोपामाइन और नोरपेनेफ्रिन जैसे हार्मोन न्यूरोट्रांसमीटर है. ये व्यक्ति की भावनाओं और ऊर्जा को नियंत्रित करते हैं. जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो उसके ब्रेन की संरचना में हिप्पोकैम्पस और एमिग्डाला के बीच संचार तंत्र धीमा हो जाता है. ब्रेन का हिप्पोकैम्पस वाला हिस्सा हमारे याददाश्त का केंद्र है जबकि एमिग्डाला वाला हिस्सा डर और भावनाओं का केंद्र है. इसमें संतुलन होना आवश्यक है. इन सबके साथ ही शरीर में तनाव वाला हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है जो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संपर्क को बाधित करता है. इस अवस्था में व्यक्ति की सोच में गहराई कम हो जाती है, तार्किकता का अभाव होने लगता है, नींद में कमी या ज्यादा नींद आने लगती है, सामान्य शारीरिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगती है. इससे मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर- MDD कहा जाता है. डिप्रेशन का लक्षण क्या है डॉ. नेहा अग्रवाल कहती हैं कि जब व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो वह बहुत उदास रहने लगता है. वह होपलेसनेस होने लगता है. उसे लगता है कि उसका जीवन बेकार है. उसका तार्किकता वाला हिस्सा कम करने लगता है. इससे आत्महत्या केे ख्याल आते हैं. जब इसका इलाज न किया जाए तो यह सीवर हो जाता है. इसमें ब्रेन के अंदर ऑवऑल न्यूरोट्रांसमीटर का लेवल चेंज होने लगता है. कई बार इंसान डिसीजन मेकिंग नहीं कर पाते है. सीवर डिप्रेशन का भी इलाज नकिया जाए तो यह साइकोटिक डिप्रेशन में बदल जाता है. यह एक्सट्रीम कंडीशन है. इसमें डिसीजन लेने की क्षमता बहुत कम हो जाती है. इसमें व्यक्ति रिएलिटी से टच खो देता. वह सही-गलत से अवगत नहीं रह पाते, उसका जजमेंट खराब होने लगता है. उसे लगता है कि हर कोई हमारे बारे में गलत सोच रहा है या गलत करने वाला है. ऐसे में बार-बार अपना जीवन बेकार लगने लगता है और खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगता है. कई बार ऐसा लगता है कि मर जाउंगा तो सब ठीक हो जाएगा. कुछ मामलों में दूसरों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. तो क्या डिप्रेशन में बिना सुसाइड भी मौत हो सकती है अब असली सवाल यही है कि अगर डिप्रेशन में इंसान सुसाइड नहीं करता है तो क्या अपने आप मौत हो सकती है. डॉ. नेहा अग्रवाल बताती हैं कि इस केस में आमतौर पर सुसाइड ही सबसे बड़ा कारण है लेकिन अगर सुसाइड कारण नहीं है तो डिप्रेशन से मौत होने में सालों समय लगता है और इससे पहले शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों का खराब होना इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है. अगर आत्महत्या नहीं हो तो डिप्रेशन वाले व्यक्ति दो अन्य बड़े कारण होते हैं. पहला है कि इस उदासी भरे जीवन में वह खाना-पीना छोड़ दें. खाना-पीना छोड़ने से शरीर में कई तरह की प्रक्रियाएं होंगी जो अंततः मौत की ओर ले जाएंगी. दूसरा कारण है कि जब व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो उसमें कॉर्टिसोल हार्मोन बहुत बढ़ जाता है और इम्युनिटी बहुत कमजोर होने लगती है. इससे पूरे शरीर में इंफ्लामेशन बढ़
Prateek Yadav Story Explained; BJP Aparna Yadav | Pulmonary Embolism

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। महज 38 साल की उम्र में उनकी मौत की खबर से लोग हैरान हैं। प्रतीक की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। वह कभी सार्वजनि . प्रतीक जब 3 साल के थे, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया। फिर मां साधना ने मुलायम सिंह यादव से शादी की। मुलायम ने प्रतीक को बेटे का हक दिया। प्रतीक ने 15 साल पहले अपर्णा बिष्ट से लव मैरिज की। इसके बाद प्रतीक कभी पत्नी से विवाद, तो कभी प्रॉपर्टी विवाद को लेकर ही चर्चा में आए। करीबी बताते हैं कि प्रतीक ने धीरे-धीरे दोस्तों से भी दूरी बना ली थी। कहा जा रहा है कि प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लेकिन इसकी जानकारी सिर्फ परिवार तक ही सीमित थी। 13 दिन पहले यानी 30 अप्रैल को भी प्रतीक की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 3 दिन बाद आराम मिल गया था। इसके बाद वे बिना डॉक्टर की परमिशन लिए घर चले गए थे। लग्जरी कारों और बॉडी बिल्डिंग के शौकीन प्रतीक यादव की कहानी… प्रतीक की 4 तस्वीरें… प्रतीक को लग्जरी गाड़ियों का शौक था। उनके पास लैंबोर्गिनी और पोर्शे जैसी गाड़ियां थीं। प्रतीक यादव फिटनेस को लेकर काफी सजग थे। वे न सिर्फ खुद बॉडी बिल्डर थे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते थे। प्रतीक और अपर्णा की 2 बेटियां है। हाल ही में उन्होंने बेटी का जन्मदिन मनाया था। प्रतीक ने सोशल मीडिया पर आखिरी पोस्ट 3 अप्रैल को किया था। उन्होंने लिखा था- ‘इंजन दहाड़ उठा, आसमान ने रास्ता दिया और मैंने पूरी तरह कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। बचपन में पिता ने छोड़ा, फिर मां ने मुलायम से शादी की 7 जुलाई 1987। फर्रुखाबाद के व्यवसायी चंद्रप्रकाश गुप्ता के घर प्रतीक का जन्म हुआ। मां साधना नर्स थीं। लेकिन एक साल बाद ही पिता चंद्रप्रकाश गुप्ता ने उनकी मां को छोड़ दिया। तीन साल बाद यानी 1990 में दोनों का तलाक हो गया। बहुत कम उम्र में प्रतीक की दुनिया सिर्फ मां तक सिमट गई। उस वक्त साधना सैफई मेडिकल कॉलेज में तैनात थीं। एक बार मुलायम की मां मूर्ति देवी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मेडिकल कॉलेज में एक नर्स मूर्ति देवी को गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी। उस समय साधना वहां मौजूद थीं और उन्होंने नर्स को ऐसा करने से रोक दिया। साधना की वजह से ही मूर्ति देवी की जान बची थी। मुलायम इससे काफी प्रभावित हुए और दोनों के बीच रिश्ता शुरू हो गया। 2007 में साधना ने मुलायम सिंह यादव से शादी कर ली। इसके बाद प्रतीक को मुलायम ने अपना लिया। 2007 में मुलायम ने अपने खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक शपथपत्र दिया। इसमें लिखा था- मैं स्वीकार करता हूं कि साधना गुप्ता मेरी पत्नी हैं और प्रतीक मेरा बेटा है। चार साल पहले साधना गुप्ता का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। ये तस्वीर मई 2019 की है। तब मुलायम अपने नए घर में शिफ्ट होने वाले थे। ये उसी घर के पूजा के वक्त तस्वीर है। तस्वीर में साधना और अपर्णा दोनों हैं। ब्रिटेन से MBA, राजनीति नहीं कारोबार चुना प्रतीक यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम किया। फिर ब्रिटेन चले गए और यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एमबीए किया। पढ़ाई पूरी कर जब वे भारत लौटे, तो पिता मुलायम चाहते थे कि वह राजनीति में कदम रखें। लेकिन प्रतीक ने राजनीति की राह नहीं चुनी और रियल एस्टेट में अपनी किस्मत आजमाने लगे। तस्वीर पिछले साल नंवबर की है। जब प्रतीक, पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ सैफई (इटावा) में एक शादी में हिस्सा लेने पहुंचे थे। अपर्णा से बर्थडे पार्टी में मिले, लव-मैरिज की प्रतीक और अपर्णा यादव की लव स्टोरी काफी चर्चित रही। दोनों स्कूल के दिनों से दोस्त थे। एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में दोनों की मुलाकात हुई, जहां ई-मेल आईडी एक्सचेंज होने से दोस्ती की शुरुआत हुई। यह दोस्ती कब 8-10 साल की रिलेशनशिप में बदल गई, पता ही नहीं चला। 2011 में दोनों की सैफई में शाही अंदाज में शादी हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन जैसे बड़े मेहमान शामिल हुए। प्रतीक और अपर्णा की दो बेटियां हैं। शादी की 3 तस्वीरें देखिए- पिता ने चैलेंज दिया, तो जिम का शौक चढ़ा एक बार प्रतीक यादव का वजन 103 किलो हो गया था। पिता मुलायम सिंह ने उन्हें देखा तो कहा- वजन कम करो, तो तुम्हें बड़ा इनाम देंगे। प्रतीक ने पिता का चैलेंज स्वीकार किया और वजन घटाने के लिए जिम जाना शुरू किया। उन्होंने अपना वजन 36 किलो तक घटा लिया। यहीं से उन्हें जिम का शौक चढ़ गया। इसके बाद उन्होंने लखनऊ के गोमतीनगर में जिम भी खोल लिया और बॉडी बिल्डिंग करने लगे। रियल एस्टेट बिजनेस और जिम से पैसा आने पर उन्हें लग्जरी कारों का भी शौक हो गया। उन्होंने लैंबोर्गिनी और पोर्शे जैसी गाड़ियां खरीदीं। वे ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ नाम की एक एनजीओ भी चलाते थे, जो पशु कल्याण और बेघर लोगों की मदद जैसे सामाजिक कार्यों पर फोकस करती थी। प्रतीक पशु प्रेमी थी। वे ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ नाम की एक एनजीओ भी चलाते थे। पत्नी और कारोबार की वजह से सुर्खियों में रहे… तलाक का ऐलान किया, 9 दिन बाद सुलह हुई: प्रतीक यादव ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों के बीच सुलह हो गई। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- “All is good यानी सब अच्छा है। चैंपियन वो होते हैं, जो अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल समस्याओं को खत्म कर देते हैं। हम चैंपियंस का परिवार हैं।” कारोबारी पर 5 करोड़ की रंगदारी मांगने की FIR कराई: प्रतीक रियल एस्टेट








