Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away | Nepal Minister Resigns

Hindi News Career Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away | Nepal Minister Resigns | Current Affairs 2026 3 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने इस्तीफा दिया 22 अप्रैल को नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गुरुंग पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी और कारोबारी दीपक भट्ट से संबंध का आरोप है। इसके साथ ही गुरुंग पर निवेश और वित्तीय लेनदेन को लेकर भी सवाल उठे रहे थे। नेपाल के अखबार की रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग ने निष्पक्ष जांच और आपसी टकराव से बचने के लिए पद छोड़ने की बात कही। गुरुंग 27 मार्च को बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी की सरकार में गृहमंत्री बने थे। गृहमंत्री बनने के अगले ही दिन उन्होंने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। गुरुंग सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे। हालांकि, उनकी उम्र 36 साल है। सुदन गुरुंग जेन Z प्रोटेस्ट में आक्रामक तरीके से भाषण देने की वजह से जल्द ही युवाओं में लोकप्रिय हो गए थे। गुरुंग नई सरकार बनने के बाद पद छोड़ने वाले दूसरे मंत्री हैं। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार को अनुशासनहीनता के आरोप में हटाया गया था। नेशनल (NATIONAL) 2. केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के लिए नोटिफिकेशन जारी किया 22 अप्रैल को केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के बनने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। 1 मई 2026 से ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू हो जाएगा। ये नोटिफिकेशन ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत लागू किया गया है। नए नियमों के मुताबिक अब सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल होगी। ऐसे गेम्स जिनमें पैसे का लेनदेन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। नए नियम के मुताबिक, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। IT सचिव एस.कृष्णन के मुताबिक, सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह बोझ न पड़े। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक गेम्स को किस कैटेगरी में रखा गया है- सुओ मोटो: अथॉरिटी खुद किसी गेम का रिव्यू कर उसे क्लासिफाई कर सकती है। ई-स्पोर्ट्स बॉडीज: ई-स्पोर्ट्स से जुड़े इंस्टीट्यूशंस खुद आवेदन कर सकते हैं। केंद्र सरकार: सरकार स्पेसिफिक सोशल गेम्स को नोटिफाई कर सकती है। किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। सरकार ने गेम खेलने वालों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए टू-टियर ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को डेटा रिटेंशन (डेटा संभाल कर रखना) और समय-समय पर कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। गृह मंत्रालय भी अब IT अथॉरिटी का हिस्सा होगा, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले गेम्स को ब्लॉक करने जैसी कार्रवाई की जा सके। नए नियम में रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या को पहले ही शामिल किया जा चुका है। ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी: ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। टीम में IT मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। ये टीम देश में चल रहे गेम्स की निगरानी करेगी और उनके क्लासिफिकेशन को तय करके यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करेगी। निधन (DEATH) 3. बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का निधन 23 अप्रैल को बीकाजी के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) शिवरतन अग्रवाल का निधन हो गया। वे 74 साल के थे। शिवरतन अग्रवाल ने साल 1987 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। बीकाजी को शिवरतन ने बहुत छोटे लेवल से शुरू किया था, जो आज एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित है। शिवरतन अग्रवाल ने सिर्फ 8वीं तक पढ़ाई की थी, उन्होंने अपने क्रिएटिव विजन से बीकाजी को एक ब्रांड बनाया। शिव रतन ने अपना बिजनेस शुरू करने से पहले कई देशों की यात्रा की और प्रोडक्शन स्ट्रेटजी को समझा। भुजिया पहले सिर्फ हाथों से ही बनाई जाती थी मगर शिवरतन ने मशीन से भुजिया बनाने का सेट-अप बनाया। बीकाजी भारत का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने मशीन से भुजिया बनाई। इससे बीकाजी की प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी दोनों बढ़ी। 2022 में IPO के बाद इंडियन स्टॉक एक्सचेंज में बिकाजी को लिस्टेड कराया, जो आज एक इंटरनेशनल ब्रांड है। शिवरतन एक पारंपरिक अग्रवाल व्यवसायी परिवार से हैं, जिसकी जड़ें बीकानेर के मिठाई और नमकीन व्यापार में गहराई से जुड़ी हुई हैं। बीकाजी के 250 से ज्यादा प्रोडक्ट्स हैं। ये भारत के अलावा अमेरिका, UAE, ऑस्ट्रेलिया, रूड, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, नीदरलैंड समेत 32 देशों में मिलते हैं। शिवरतन के बेटे दीपक अग्रवाल कंपनी के MD हैं। शिवरतन अग्रवाल ने अपने खानदानी बिजनेस ‘हल्दीराम’ के बंटवारे के बाद बीकाजी शुरू किया था। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. ट्रम्प ने नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को पद से हटाया 22 अप्रैल को अमेरिकी रक्षा विभाग ने अमेरिकी नेवी प्रमुख जॉन फेलन को पद से बर्खास्त कर दिया गया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बयान जारी कर कहा कि फेलन तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ रहे हैं। फेलन ने एक दिन पहले ही वाशिंगटन डीसी में नौसेना के वार्षिक सम्मेलन में बड़ी संख्या में नाविकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया था और पत्रकारों से अपने एजेंडे पर चर्चा की थी। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से फेलन और पेंटागन के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार मतभेद चल रहे थे। फेलन ट्रंप के चुनाव अभियान के प्रमुख दानदाताओं में से एक थे और उन्होंने निजी निवेश फर्म रगर मैनेजमेंट एलएलसी की स्थापना की थी। फेलन ने 24 मार्च 2025 को नौसेना सचिव के पद की शपथ ली थी। फेलन की जगह पर नौसेना के वर्तमान अवर सचिव हंग काओ को कार्यवाहक नौसेना सचिव नियुक्त किया गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसके साथ ही परमाणु
Nepal Home Minister Resigns Amid Financial Irregularities Allegations

काठमांडू9 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके निवेश और शेयर पर उठे सवालों के बीच उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया। ANI के मुताबिक उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और हितों के टकराव से बचने के लिए पद छोड़ना जरूरी था। गुरुंग ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि हाल में उनके वित्तीय लेन-देन और शेयर को लेकर उठे सवालों को उन्होंने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है।” गुरुंग 26 मार्च से गृह मंत्री के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल की नई सरकार में यह दूसरा मामला है, जब किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया था। नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार में गुरुंग 26 मार्च को गृह मंत्री बने थे। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी से संबंधो को लेकर विवाद स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग के एक कारोबारी दीपक भट्ट से संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। दीपक भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। भट्ट पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच चल रही है, जिसके बाद गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों पर भी सवाल उठने लगे थे।गुरुंग ने कहा कि Gen Z आंदोलन देश में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, “जब मेरे 46 साथियों के बलिदान से बनी सरकार पर सवाल उठते हैं, तो उसका जवाब नैतिकता ही है।” गुरुंग ने मीडिया, नागरिकों और युवाओं से भी ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलने की अपील की। नेपाल में Gen Z आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे गुरुंग गुरुंग सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे थे। हालांकि उनकी उम्र 36 साल है, जिस पर यह सवाल भी उठा कि वे Gen Z का हिस्सा नहीं हैं। उन्हें 27 मार्च को बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी की सरकार में गृहमंत्री बनाया गया। नियुक्ति के अगले ही दिन उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। दोनों नेताओं को 28 मार्च की सुबह गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 8 सितंबर को Gen Z प्रदर्शनों के पहले दिन हुई लापरवाही से हुई मौतों के मामले में जांच आयोग की सिफारिश पर हुई थी। हालांकि बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया। बालेन शाह सरकार के विवादित फैसले भारत से आने वाले सामान पर सख्ती- नई सरकार ने 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामान पर अनिवार्य शुल्क लगा रही है। सीमा के लोग और व्यापारी का कहना है कि, यह फैसला आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। छात्र राजनीति पर रोक- सरकार ने कॉलेजों में छात्र संघों और राजनीतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। छात्रों का कहना है कि यह उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। पूर्व नेताओं पर कार्रवाई- सत्ता में आते ही उन्होंने भ्रष्टाचार और पुरानी मौतों के मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य बड़े नेताओं के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी के आदेश दिए, जिसे कुछ लोग बदले की राजनीति बता रहे हैं। शिक्षा में बदलाव- कक्षा 5 तक पारंपरिक परीक्षाएं खत्म करने का फैसला भी विवाद में रहा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








