love triangle bloody end : friendship illicit relationship | husband wife woh | delhi police mystery suspicion of extra marital affairs | पति, पत्नी और वो… दोस्ती या अवैध संबंध? जानें दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली. कहते हैं कि शक एक ऐसा जहर है जो हंसते-खेलते परिवार को नरक बना देता है. दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या किसी महिला को मदद करना भी गुनाह है? क्या शादी के बाद अगर कोई महिला किसी मर्द के साथ दोस्ती करता है तो उसे अवैध रिश्ता ही माना जाएगा? दिल्ली में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर रहा है कि शादीशुदा महिला किसी गैरमर्द के साथ एक कमरे में दोस्त बनकर क्या रह सकता है? क्या गोकुलपुरी में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद दिल्ली पुलिस की जांच महिला के अवैध संबंध के एंगल पर भी होगी? पढ़ें दिल्ली में पति, पत्नी और वो की एक ऐसी कहानी, जिसका क्लाइमेक्स धीरे-धीरे बाहर आने लगा है और जिसका अंत रोंगटे खड़े कर देने वाला था. पति ने पत्नी के दोस्त की हत्या कर दी है. हत्या के बाद पत्नी ने दिल्ली पुलिस को बयान दिया है कि उसके पति ने एक ऐसे शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी, जो उसके बुरे वक्त में बच्चों के लिए फरिश्ता बनकर आया था. कहानी की शुरुआत होती है करीब 10 महीने पहले. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली 35 वर्षीय महिला का पति गौरी शंकर यादव गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती था. घर में खाने के लाले पड़े थे और बच्चों का भविष्य अंधकार में था. उस वक्त रवि नाम का युवक महिला के जीवन में सहारा बनकर आया. कहानी पति, पत्नी और वो की महिला के मुताबिक रवि ने न केवल महिला की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर भी बनाया. रवि की मदद से ही महिला ने गोकुलपुरी में एक फूड स्टॉल शुरू किया, ताकि वह अपने बच्चों को पाल सके. जब महिला के सामने रहने का संकट आया तो रवि ने ही उसे एक कमरा किराए पर दिलाया और उसकी ढाल बनकर साथ खड़ा रहा. पति के लौटने के बाद क्या हुआ? लेकिन 6 फरवरी को गौरी शंकर यादव सूरत से दिल्ली वापस लौटा तो उसे अचानक दोनों के संबंध को लेकर शक होने लगा. एक ही घर में रवि की मौजूदगी उसे खटकने लगी. गौरी शंकर को लगने लगा कि उसकी पत्नी और रवि के बीच अवैध संबंध हैं. उसे यह अहसान नहीं दिखा कि उसकी गैरमौजूदगी में रवि ने ही उसके परिवार को बिखरने से बचाया था. 7 फरवरी की रात को रवि को लेकर पति-पत्नी के बीच जमकर झगड़ा हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि डरी हुई पत्नी ने मामला शांत करने के लिए रवि को छत पर सोने के लिए भेज दिया. उसे लगा कि सुबह तक गुस्सा ठंडा हो जाएगा, लेकिन उसे क्या पता था कि रवि के लिए वह रात आखिरी साबित होगी. अगली सुबह का वो खौफनाक मंजर अगली सुबह जब महिला ऊपर पहुंची, तो उसकी चीख निकल गई. रवि खून से लथपथ पड़ा था. पास ही लकड़ी की एक मोटी छड़ी पड़ी थी, जो रवि के सिर पर वार करने की वजह से दो टुकड़ों में टूट चुकी थी. चारों तरफ खून ही खून था. रवि को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी गौरी शंकर यादव को हिरासत में ले लिया. कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह शक की आग में इतना अंधा हो गया था कि उसने गुस्से में रवि के सिर पर डंडे से कई वार किए. पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया है, जिसमें उसने रवि के ‘एहसानों’ और पति के ‘क्रूर’ व्यवहार की पूरी कहानी सुनाई है.
किडनैपिंग की खौफनाक साजिश, लड़कियां सावधान! राजधानी में घूम रही हैं बिना नंबर की गाड़ियां, बैठने से पहले..

Last Updated:February 11, 2026, 12:00 IST Delhi Crime News ground Report: दिल्ली की सड़कों पर ऐसी गाड़ियां तेजी से घूम रही है जिनकी कोई जांच तक नहीं हो रही है और ये लोगों को बेवकूफ बनाकर अपनी गाड़ी में बैठाने की कोशिश करते हैं. दिल्ली में कही जाते समय सतर्क और सावधान रहे. लोकल 18 के साथ कई महिलाओं ने इस दुर्घटना पर बातचीत की. वे महिलाएं इस तरह के जाल में फसने से बाल-बाल बची हैं. नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली… जिसे हम दिल वालों की दिल्ली कहते हैं, आज उसी दिल पर डर रेंग रहा है. दिनदहाड़े, भीड़भाड़ वाली सड़कों पर बिना नंबर की गाड़ियां घूम रही हैं. ना पुलिस का खौफ, ना कानून की चिंता. ये गाड़ियां तलाश में हैं किसी अपराध की नहीं, बल्कि किसी शिकार के. कैब का इंतजार कर रहे लोग, खासकर अकेली खड़ी लड़कियां, इनके आसान निशाने पर हैं. यह अकेली खड़ी लड़की से कहते हैं कि ‘गूगल मैप गलत दिखा रहा है’, ‘आपकी कैब तो यही है’, ‘नंबर मैच नहीं हो रहा, लेकिन बैठ जाइए’… इन्हीं झूठे बहानों के पीछे छिपी है किडनैपिंग की खौफनाक साजिश. ये कोई फिल्म की कहानी नहीं है बल्कि ये हकीकत है और यही दिल्ली की सड़कों पर हो रहा है. दिल्ली की सड़कों पर ऐसी गाड़ियां तेजी से घूम रही हैं जिनकी कोई जांच तक नहीं हो रही है. ऐसे समझें पूरा मामलादिन शुक्रवार 6 फरवरी समय दोपहर के 2:00 और स्थान राष्ट्रपति भवन के पीछे की सड़क वहां पर लोकल 18 की रिपोर्टर खड़े होकर अपनी कब का इंतजार कर रही थी. कैब को आने में 8 मिनट का वक्त लग रहा था क्योंकि कैब ड्राइवर जाम में फंस गया था तो महिला रिपोर्टर सड़क पर खड़े होकर कैब का इंतजार कर रही थी. तभी बिना नंबर की एक गाड़ी आई जिसके पीछे लिखा हुआ था TO126HRO271G. टूर एम गाड़ी वहां पहुंचती है और उसमें बैठा ड्राइवर सबसे पहले पूछता है कि क्या आपने कैब बुक की है. वह बोल देती है हां. यही जानकर गाड़ी के अंदर बैठा ड्राइवर कहता है कि आपकी कैब यही है आप इसी में बैठ जाइए. गूगल पर जो लोकेशन, गाड़ी का नंबर और समय दिखा रहा है वो पूरी तरह से गलत है, लेकिन महिला ड्राइवर गाड़ी का नंबर एक बार फिर चेक करती है. ड्राइवर 2 से 3 बार कहता है कि बैठ जाइए देर मत करिए लेकिन महिला रिपोर्टर अपनी सूझबूझ से उसे मना कर देती और कहती है कि मेरी कैब ड्राइवर से बात हुई है और वह जाम में फंसा हुआ है. उसे आने में टाइम लगेगा. तुम झूठ बोल रहे हो. जैसे ही वह यह कहती है तुरंत गाड़ी वहां से चली जाती है. द्वारका की महिला के साथ भी हुई यही घटनाद्वारका की रहने वाली रेनू बताती हैं कि उनके साथ भी ऐसी ही घटना हुई. उन्होंने रैपिडो बुक की थी और रैपिडो को आने में वक्त लग रहा था. तब तक उन्होंने सड़क के किनारे खड़े होकर अपनी गाड़ी का आने का इंतजार करना शुरू कर दिया. तभी अचानक बिना नंबर की एक इनोवा गाड़ी आई जिसके पीछे कुछ भी नहीं लिखा हुआ था और उसमे बैठा ड्राइवर उनसे कहता है कि क्या आप अपनी कैब का इंतजार कर रही है.रेनू बोल देती हैं कि हां मैं अपनी कैब का इंतजार कर रही हूं. इतना कंफर्म होते ही ड्राइवर कहता है मैं ही आपका कैब ड्राइवर हूं. उसके बाद सब कुछ वही बोलता है जो उसने पहले महिला रिपोर्टर को बोला था और रेनू उसकी बातों में आ भी जाती है. जब तक रेनू दरवाजा खोलकर अपना सामान गाड़ी में रखी रही थी तभी उनके पास रैपिडो ड्राइवर की कॉल आ गई और उसने कहा कि मैडम आप कहां है मैं आपकी लोकेशन पर पहुंच रहा हूं बस इतना सुनते ही रेनू हैरान हो जाती है और तुरंत अपना सामान गाड़ी से निकाल कर दरवाजा पटक देती है. यही नहीं वह डर कर शोर मचाने लग जाती है. इतना होते ही ड्राइवर वहां से गाड़ी लेकर भाग जाता है. आप भी हो जाएं बेहद सावधानअगर आप भी देश की राजधानी दिल्ली में रहते हैं या देश के किसी भी कोने में रहते हैं और कोई आपको इसी तरह से बेवकूफ बनाने की कोशिश करें तो आप उसकी बातों में ना आए. सतर्क और सावधान हो जाएं और तुरंत वहां से हट जाएं. हमेश भीड़भाड़ वाले इलाके में ही खड़े होकर अपने कैब का इंतजार करें. अगर कोई आपके साथ ऐसा करता भी है तो उसकी शिकायत पुलिस में जरूर दें. About the Author Mohd Majid with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें First Published : February 11, 2026, 12:00 IST
हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस और गिरफ्तारी | Hyderabad Fake Number Plate Case 23 Challans Fraud

होमताजा खबरक्राइम आपकी गाड़ी का नंबर भी हो सकता है चोरी; हैदराबाद में सामने आया फर्जी नंबर प्लेट Last Updated:February 11, 2026, 07:03 IST Hyderabad Fake Number Plate Case: हैदराबाद के चदरघाट में एक व्यक्ति ने दूसरे की बाइक की नंबर प्लेट लगाकर 23 बार ट्रैफिक नियम तोड़े. जब असली मालिक के पास चालान पहुंचे तो उसने पुलिस में शिकायत की. सीसीटीवी फुटेज और आईटी सेल की मदद से पुलिस ने जालसाज को गिरफ्तार कर लिया है ख़बरें फटाफट हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस Hyderabad Fake Number Plate Case: डिजिटल सर्विलांस और हाई-टेक ट्रैफिक कैमरों के इस दौर में तकनीक जहाँ सुरक्षा का वादा करती है वहीं अपराधी इसका काट भी ढूंढ रहे हैं. हैदराबाद के चदरघाट इलाके से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने वाहन मालिकों की नींद उड़ा दी है. यहाँ एक शातिर जालसाज ने अपनी बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर न सिर्फ कानून का मजाक बनाया बल्कि एक बेगुनाह नागरिक के लिए गंभीर मानसिक और आर्थिक मुसीबत खड़ी कर दी. यह मामला पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि अपराधी कैमरों की आंखों में धूल झोंककर अपनी पहचान छुपा रहा था. दरअसल पीड़ित शख्स को पिछले कुछ समय से लगातार ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान के मैसेज मिल रहे थे. जब उसने ऑनलाइन पोर्टल चेक किया तो उसके होश उड़ गए. उसकी बाइक के नाम पर कुल 23 चालान लंबित थे जबकि उसने वे गलतियां कभी की ही नहीं थीं. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि चालान की तस्वीरों में जो बाइक दिख रही थी उस पर नंबर प्लेट तो पीड़ित की थी लेकिन चालक कोई और था. इस खुलासे के बाद पीड़ित को समझ आया कि वह किसी गहरी साजिश का शिकार हो गया है और उसकी गाड़ी की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. आरोपी की चालाकी और बेखौफ अंदाजआरोपी इतना चालाक था कि वह जानता था कि ट्रैफिक कैमरे केवल नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं. उसने अपनी बाइक पर पीड़ित के वाहन की हूबहू डुप्लीकेट नंबर प्लेट लगवा ली थी. वह बेखौफ होकर सिग्नल तोड़ता और बिना हेलमेट गाड़ी चलाता था. उसे लगा था कि वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि जुर्माना किसी और के खाते में जा रहा था और पहचान भी किसी और की इस्तेमाल हो रही थी. रॉन्ग साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार जैसी खतरनाक गलतियां करने के बावजूद वह शहर में खुलेआम घूम रहा था क्योंकि कैमरों की निगरानी में वह पीड़ित की पहचान ओढ़े हुए था. सीसीटीवी और आईटी सेल ने दबोचापरेशान होकर असली मालिक ने चदरघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी सेल की मदद ली और उन इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जहाँ-जहाँ चालान कटे थे. पुलिस ने आरोपी के आने-जाने के पैटर्न को ट्रैक किया और एक सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया. जब उसकी बाइक की गहन जांच हुई तो पता चला कि चेसिस नंबर और इंजन नंबर उस फर्जी प्लेट से मेल नहीं खाते थे. यह घटना पहचान की चोरी का एक खतरनाक रूप है और अब पुलिस आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कर रही है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana First Published : February 11, 2026, 07:03 IST
New Delhi BRICS Sherpa Meeting

Hindi News Career New Delhi BRICS Sherpa Meeting | Keralas Ramya NatGeo Award; Feb 11 Current Affairs 11 दिन पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. नई दिल्ली में पहली BRICS शेरपा बैठक हुई 9 फरवरी को पहली ब्रिक्स (BRICS) शेरपा बैठक नई दिल्ली में शुरू हुई। इकोनॉमिक रिलेशन सेक्रेटरी सुधाकर दलेला ने इसकी अध्यक्षता की और ब्रिक्स शेरपा सदस्य देशों के मेम्बर्स के साथ बैठक की। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले होने वाली ये एक हाई लेवल मीटिंग है। ब्रिक्स शेरपा, ब्रिक्स में शामिल होने वाले सदस्य देशों के सीनियर ऑफिसर्स और डिप्लोमैट्स के बीच होने वाली मीटिंग है। ब्रिक्स सम्मेलन से पहले मीटिंग में सीनियर ऑफिसर ड्राफ्ट, प्लानिंग और डॉक्यूमेंट्स तैयार करते हैं। ब्रिक्स सदस्य देशों के सभी प्रतिनिधि इस मीटिंग में भाग ले रहे हैं। पहली बार बेलारूस भी ब्रिक्स के पार्टनर मेंबर के तौर पर हिस्सा ले रहा है। ब्रिक्स शेरपा नाम रखा गया क्योंकि वे सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की ओर से बात करने वाले हैं। ठीक वैसे ही ‘शेरपा’ (गाइड) पर्वतारोहियों को ऊंचे हिमालयी रास्तों पर गाइड करते हैं। 13 जनवरी को भारत ने ऑफिशियली 18वें ब्रिक्स (BRICS) 2026 की अध्यक्षता संभाली थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स 2026 की थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया था। इस साल की थीम बिल्डिंग फॉर रिजिलेन्स, इनोवेशन कॉर्पोरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी रखी गई है। ब्रिक्स नाम इसके संस्थापक सदस्य देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से बना है। वहीं मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया बाद में इस फोरम के पूर्ण सदस्य बने हैं। 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे हुए। भारत इस साल चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। भारत ने साल 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की अध्यक्षता की थी। 2. भारत और ग्रीस से रक्षा सहयोग के लिए एग्रीमेंट किया 9 फरवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलस जॉर्जियोस डेंडियास के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-ग्रीस ने रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक एग्रीमेंट साइन किया। समझौते के तहत दोनों देश अपनी स्वदेशी डिफेंस इंडस्ट्री की क्षमता का विस्तार करने के लिए काम करेंगे। दोनों देशों के बीच हुई ये पार्टनरशिप आत्मनिर्भर भारत पहल ‘एजेंडा 2030’ सुधारों के तहत स्वदेशी डिफेंस टेक्नोलॉजी के लिए ग्रीस के साथ मिलकर काम करेगी। इस जॉइंट पार्टनरशिप का उद्देश्य जॉइंट रिसर्च, डेवलपमेंट, डिफेंस टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट का को-प्रोडक्शन करना है। दोनों देश 2030 के लिए ग्रीस के रक्षा सुधारों और आत्मनिर्भर भारत पहल के लिए अपने स्वदेशी रक्षा उद्योगों का विस्तार करने के लिए काम करेंगे। एग्रीमेंट के साथ ही ग्रीस ने घोषणा की है कि सेंटर इंडियन ओशियन रीजन (IFC-IOR) गुरुग्राम में समुद्री समन्वय को बढ़ाने के लिए ग्रीस एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी भी अपॉइन्ट करेगा। एग्रीमेंट रक्षा मंत्री निकोलस जॉर्जियोस की दो दिनों की आधिकारिक यात्रा के दौरान हुए हैं। भारत और ग्रीस ने मिलिट्री को-ऑपरेशन एग्रीमेंट 2026 किया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3 . तेजस्विन शंकर ने हेप्टाथलॉन में गोल्ड जीता 8 फरवरी को तेजस्विन शंकर ने 12वीं एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप हेप्टाथलॉन में गोल्ड जीता। तेजस्विन, एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को गोल्ड दिलाने वाले एकमात्र एथलिट हैं। तेजस्विन ने पुरुषों के हेप्टाथलॉन में 5993 अंक हासिल किए और अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले अमेरिका में उन्होंने 5650 अंक हासिल किए थे। 2022 कॉमनवेल्थ में तेजस्विन ने हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। ये कॉमनवेल्थ में भारत का पहला मेडल था। तेजस्विन नई दिल्ली के रहने वाले हैं। स्कूल में एथलेटिक्स टीचर की प्रेरणा के बाद उन्होंने शुरुआत में क्रिकेट खेलना सीखा। इसके साथ ही एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पूजा ने हाई जंप में सिल्वर, तजिंदरपाल सिंह तूर ने गोला फेंक में सिल्वर और एंसी सोजन ने हाई जंप में सिल्वर जीता है। 12वीं एशियन इंडोर एथलिटस चैंपियनशिप 6 से 8 फरवरी तक चीन के तिअनजिन में हुई। इसमें 35 देशों की टीम ने हिस्सा लिया था। चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा मेडल चीन ने जीते हैं। 2022 एशियाई खेलों (हांग्जो) और 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में डिकैथलॉन में तेजस्विन ने सिल्वर मेडल जीता है। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. रम्या श्रीराम नेशनल ज्योग्राफिक 2026 कैलेंडर में शामिल 9 फरवरी को चेन्नई की फोटोग्राफर रम्या श्रीराम को नेशनल ज्योग्राफिक 2026 कैलेंडर में जगह मिली है। रम्या को केरल के कल्चरल प्रोग्राम ‘कंडानार केलन थेय्यम’ की तस्वीर के लिए नेट जियो इंडिया वर्ल्डवाइड कॉन्टेस्ट 2025 अवॉर्ड मिला है। थेय्यम के दौरान आग के साथ किया गया एक अनुष्ठान होता है, जिसमें सदियों पुरानी प्रदर्शन परंपरा, वेशभूषा, डांस और अग्नि शामिल होती है। रम्या चेन्नई की एक कल्चरल फोटोग्राफर हैं, जो भारत की समृद्ध परंपराओं और विरासत को कैमरे में कैद करती हैं। नेट जियो इंडिया वर्ल्डवाइड कॉन्टेस्ट नेशनल ज्योग्राफिक आयोजित करता है। नेशनल ज्योग्राफिक की फोटो कॉन्टेस्ट प्राइज मनी 2500 डॉलर यानी 2.5 लाख रुपए है। नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी अपनी इंटरनेशनल साइट के जरिए ट्रैवल फोटोग्राफी, नेचर फोटोग्राफी जैसी कैटेगरी में अवॉर्ड देती है। कंडानार केलन उत्तरी केरल के कन्नूर-कासरगोड क्षेत्र का एक सांस्कृतिक नाटक है। 4 . स्टील मंत्रालय ने 85 प्रोजेक्ट्स के लिए MoU साइन किया 9 फरवरी को स्टील मंत्रालय ने 11 हजार करोड़ से ज्यादा वाले 85 प्रोजेक्ट्स के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए। विज्ञान भवन में स्टील और हेवी इंडस्ट्रीज मिनिस्टर एच डी कुमारस्वामी और राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा की मौजूदगी में ये MoU साइन हुए। MoU के बाद फाइनेंशियल ईयर 2030-31 तक 85 प्रोजेक्ट्स के जरिए करीब 8.7 मिलियन टन स्टील प्रोडक्शन बढ़ सकेगा। MoU साइन होने के बाद इलेक्ट्रिकल स्टील, कोटेड प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ेगा। इसमें मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के तहत टेक्नोलॉजी अपग्रेड की जाएगी। भारत में स्ट्रेटेजिक, इलेक्ट्रिकल और हाई एंड डाउनस्ट्रीम ऐप्लीकेशंस में इस्तेमाल के लिए स्टील का आयात होता है। PLI स्कीम 2021 में शुरू की गई थी और इसका थर्ड राउंड (PLI 1.2) नए प्रोडक्ट और सब- कैटेगरी के लिए है। आज का इतिहास (11 फरवरी) 1613 में मुगल शासक जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत
CBSE Board Exam 2026 Copy Checking Rules; Digital Evaluation

Hindi News National CBSE Board Exam 2026 Copy Checking Rules; Digital Evaluation | On Screen Marking नई दिल्ली10 दिन पहलेलेखक: अनिरुद्ध शर्मा कॉपी लिंक डिजिटल चेकिंग से टोटलिंग में गलतियां कम होंगी। वैल्यूएशन तेज होगा। (AI इमेज) इस बार सीबीएसई 12वीं के 17 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स की कॉपियां ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जांची जाएंगी। मतलब ये कि इन्हें डिजिटल तरीके से जांचा जाएगा। सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक होनी है। इसके लिए हर छात्र की सभी आंसर शीट्स (उत्तरपुस्तिका) के हर पन्ने को परीक्षा केंद्र में ही स्कैन करके कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। करीब 1 करोड़ कॉपियों के लगभग 32 करोड़ पन्ने स्कैन करके अपलोड होंगे। परीक्षक इन डिजिटल कॉपियों की जांच करके ही नंबर देंगे। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की चेकिंग पहले की तरह कागज पर ही होगी। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक इस नई व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाओं के ट्रांसपोर्ट में लगने वाला समय और खर्च बचेगा। शिक्षक अपने स्कूल में रहते हुए ही मूल्यांकन कर सकेंगे, बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, तेज और गलतीरहित बनाने के मकसद से बोर्ड ने यह प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है। 7 चरण में जानें, कैसे होगी ऑनस्क्रीन मार्किंग पहला चरण: छात्र परीक्षा केंद्र पर पहले की तरह कॉपी में उत्तर लिखेंगे। परीक्षा ऑफलाइन ही होगी। बोर्ड परीक्षा में विषय के हिसाब से 40 पेज, 32 पेज और 20 पेज की कॉपी का इस्तेमाल होता है। दूसरा चरण: सभी उत्तर पुस्तिकाएं हाई सिक्योरिटी स्कैनिंग सेंटर में स्कैन होंगी। यह स्कूल के कंप्यूटर लैब में ही होगा। हर पेज की डिजिटल इमेज बनेगी। हर कॉपी को यूनिक कोड मिलेगा। कॉपी जांचते समय छात्र का नाम व रोल नंबर नहीं दिखेगा। इससे पक्षपात की संभावना खत्म होगी। तीसरा चरण: सीबीएसई के स्कूल के टीचर कंप्यूटर लैब में ओएसिस आईडी से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल पर लॉगइन करेंगे। तब उन्हें पता चलेगा कि आज उन्हें कितनी कॉपियां जांचनी हैं। चौथा चरण: छात्र की कॉपी के स्कैन किए हुए पेज शिक्षक के सामने आएंगे। हर प्रश्न के लिए एक अलग मार्क्स कॉलम होगा, जिसमें उस प्रश्न के पूर्णांक (कुल मार्क्स) लिखे होंगे। शिक्षक उसमें छात्र के जवाब के हिसाब से जो भी मार्क डालेंगे, वह सिस्टम में अपने आप ‘सेव’ हो जाएगा। पांचवां चरण: जब कॉपी पूरी चेक हो जाएगी तो शिक्षक को अंकों का जोड़-घटाव नहीं करना है। टोटलिंग खुद होगी। छठा चरण: कुछ कॉपियों को री-चेक या मॉडरेशन के लिए दूसरे वरिष्ठ परीक्षक को भी दिखाया जा सकता है। पूरा ट्रैक रिकॉर्ड सिस्टम में रहेगा कि किस शिक्षक ने कब कितनी देर में कैसे मूल्यांकन किया। सातवां चरण: यहां से अंक सीधे सीबीएसई के रिजल्ट डेटाबेस में पहुंच जाएंगे यानी कोई मार्क ट्रांसफर, मैनुअल एंट्री और दोबारा सत्यापन की जरूरत नहीं होगी। रिजल्ट तय तारीख पर कम विवाद और ज्यादा भरोसे के साथ घोषित हो सकेंगे। कंप्यूटर लैब अनिवार्य, शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी डिजिटल चेकिंग के लिए स्कूल में कंप्यूटर लैब अनिवार्य है। लेटेस्ट इंटरनेट ब्राउजर, एडोब रीडर, कम से कम 2 एमबीपीएस की स्थिर इंटरनेट स्पीड, निर्बाध बिजली सुनिश्चित करनी होगी। वहीं, सभी ओएसिस आईडी वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा। कई बार ड्राई रन होंगे। समस्या समाधान के लिए कॉल सेंटर बनाए जा रहे हैं। बोर्ड निर्देशात्मक वीडियो भी जारी कर रहा है। —————– CBSE से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE 10वी-12वीं एग्जाम के मॉडल पेपर: परीक्षा की तैयारी के लिए Arihant Publications के पेपर डाउनलोड और प्रैक्टिस करें CBSE बोर्ड 12वीं और 10वीं की सेशन 1 परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हो रही है। एग्जाम की सबसे सटीक तैयारी के लिए सभी मेजर सब्जेक्ट्स के मॉडल पेपर्स नीचे दिए गए हैं। सभी मॉडल पेपर्स Arihant Publications के एक्सपर्ट्स ने तैयार किए हैं। इन्हें बोर्ड एग्जाम के पैटर्न पर ही तैयार किया गया है। आप इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं, शेयर कर सकते हैं और अटेम्प्ट कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









