ड्रोन हमले के बाद सऊदी ने तेल पाइपलाइन बंद की:होर्मुज बंद होने के बाद इसी से रोजाना 50 लाख बैरल तेल भेज रहा था

सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन बंद कर दी है। गुरुवार को हुए ड्रोन हमले में पाइपलाइन से जुड़े पंपिंग स्टेशनों में आग लग गई और कुछ लोग घायल हुए। ईरान जंग के चलते होर्मुज बंद होने के बाद सऊदी इसी पाइपलाइन से रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल भेज रहा था। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाइपलाइन पर गुरुवार को कई हमले हुए थे। इसके बाद इसे एहतियात के तौर पर बंद किया गया। मंत्रालय की टीमें पाइपलाइन को सुरक्षित करने और नुकसान का पता लगाने में जुटी हैं। ड्रोन हमले से पंपिंग स्टेशनों में लगी आग अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में पाइपलाइन के पास बने पंपिंग स्टेशनों को निशाना बनाया गया। पंपिंग स्टेशन पाइपलाइन में तेल को आगे भेजने में मदद करते हैं। शुक्रवार को ली गई सैटेलाइट तस्वीर में एक पंपिंग स्टेशन पर आग से काफी नुकसान दिखाई दिया। एक दूसरी तस्वीर में स्टेशन से काला धुआं निकलता दिखा। अभी यह साफ नहीं है कि पाइपलाइन को सीधे कितना नुकसान हुआ है। यह भी पता नहीं है कि पाइपलाइन फिर से कब शुरू होगी। सऊदी का दावा- इराक से आए थे ड्रोन सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रियाद और मदीना इलाकों में पाइपलाइन पर कई ड्रोन से हमला किया गया। सऊदी के मुताबिक, ये ड्रोन इराक से आए थे। सऊदी ने कहा कि इराक के प्रधानमंत्री के कहने पर उसने अभी जवाबी हमला नहीं करने का फैसला किया है। सऊदी चाहता है कि इराक पहले अपनी जमीन से होने वाले ऐसे हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई करे। इराक ने भी हमले की निंदा की है। इराकी सरकार ने कहा कि वह इस मामले की जांच करेगी और अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों पर हमला करने के लिए नहीं होने देगी। खबर अपडेट हो रही है…
ड्रोन हमले के बाद सऊदी ने तेल पाइपलाइन बंद की:होर्मुज बंद होने के बाद इसी से रोजाना 50 लाख बैरल तेल भेज रहा था

सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन बंद कर दी है। गुरुवार को हुए ड्रोन हमले में पाइपलाइन से जुड़े पंपिंग स्टेशनों में आग लग गई और कुछ लोग घायल हुए। ईरान जंग के चलते होर्मुज बंद होने के बाद सऊदी इसी पाइपलाइन से रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल भेज रहा था। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाइपलाइन पर गुरुवार को कई हमले हुए थे। इसके बाद इसे एहतियात के तौर पर बंद किया गया। मंत्रालय की टीमें पाइपलाइन को सुरक्षित करने और नुकसान का पता लगाने में जुटी हैं। ड्रोन हमले से पंपिंग स्टेशनों में लगी आग अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में पाइपलाइन के पास बने पंपिंग स्टेशनों को निशाना बनाया गया। पंपिंग स्टेशन पाइपलाइन में तेल को आगे भेजने में मदद करते हैं। शुक्रवार को ली गई सैटेलाइट तस्वीर में एक पंपिंग स्टेशन पर आग से काफी नुकसान दिखाई दिया। एक दूसरी तस्वीर में स्टेशन से काला धुआं निकलता दिखा। अभी यह साफ नहीं है कि पाइपलाइन को सीधे कितना नुकसान हुआ है। यह भी पता नहीं है कि पाइपलाइन फिर से कब शुरू होगी। सऊदी का दावा- इराक से आए थे ड्रोन सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रियाद और मदीना इलाकों में पाइपलाइन पर कई ड्रोन से हमला किया गया। सऊदी के मुताबिक, ये ड्रोन इराक से आए थे। सऊदी ने कहा कि इराक के प्रधानमंत्री के कहने पर उसने अभी जवाबी हमला नहीं करने का फैसला किया है। सऊदी चाहता है कि इराक पहले अपनी जमीन से होने वाले ऐसे हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई करे। इराक ने भी हमले की निंदा की है। इराकी सरकार ने कहा कि वह इस मामले की जांच करेगी और अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों पर हमला करने के लिए नहीं होने देगी। खबर अपडेट हो रही है…
रणवीर सिंह बने BMW इंडिया के नए ब्रांड एंबेसडर:नई दिल्ली में नई 7 सीरीज रेंज लॉन्च हुई, डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी

नई दिल्ली में BMW इंडिया ने शुक्रवार को अपनी नई BMW 7 सीरीज रेंज लॉन्च की। इस खास मौके पर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को BMW इंडिया का नया ब्रांड एंबेसडर के तौर पर पेश किया गया। लॉन्च इवेंट में नई BMW 7 सीरीज रेंज से पर्दा रणवीर सिंह ने उठाया। इस मौके पर BMW की फ्लैगशिप 7 सीरीज और रणवीर सिंह की मौजूदगी एक साथ देखने को मिली। रणवीर सिंह ने ब्रांड एंबेसडर के तौर पर इस लॉन्च में हिस्सा लिया। BMW के मुताबिक, यह साझेदारी एक्सीलेंस, एम्बिशन और कुछ असाधारण करने की चाह को दर्शाती है। BMW की फ्लैगशिप सेडान पेट्रोल और पूरी तरह इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ उपलब्ध होगी। पूरी तरह इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस मॉडल BMW i7 M70 भी भारत में ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। BMW i7 M70 अब तक की सबसे पावरफुल BMW 7 सीरीज होगी। इन कारों की बुकिंग BMW इंडिया की डीलरशिप पर की जा सकती है, जबकि डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। रणवीर इससे पहले स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड फेस थे। फरवरी 2025 में स्कोडा ने उन्हें अपना पहला ‘ब्रांड सुपरस्टार’ घोषित किया था। कंपनी ने रणवीर को अपनी नई ब्रांड स्ट्रेटेजी और कायलाक SUV के प्रमोशनल कैंपेन में शामिल किया था। हालांकि रणवीर का कार कंपनियों से जुड़ाव सिर्फ स्कोडा तक सीमित नहीं रहा है। वह पहले मारुति सुजुकी नेक्सा के भी ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं। 2014 में उन्हें नेक्सा रेंज का चेहरा बनाया गया था। खास बात यह है कि रणवीर खुद भी महंगी और लग्जरी कारों के शौकीन हैं। उनके कार कलेक्शन में फेरारी 296 जीटीबी, जीएमसी हमर ईवी 3एक्स, रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और मर्सिडीज-मेबैक जीएलएस 600 जैसी गाड़ियां शामिल हैं। यह बॉलीवुड सितारे भी कार कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं शाहरुख खान: शाहरुख खान लंबे समय से हुंडई मोटर इंडिया का चेहरा हैं। हुंडई के साथ उनकी साझेदारी 1998 में सैंट्रो के विज्ञापन से शुरू हुई थी। इसके बाद वह कंपनी के कई प्रचार अभियानों में नजर आए हैं। विक्की कौशल: विक्की कौशल टाटा मोटर्स के यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े ब्रांड फेस रहे हैं। वह टाटा कर्व के प्रचार अभियान में भी नजर आ चुके हैं। कार्तिक आर्यन: कार्तिक आर्यन को मारुति सुजुकी की ब्रेजा के प्रचार अभियान से जोड़ा गया है। वह कंपनी के ‘मोर पावर टू योर प्ले’ अभियान का हिस्सा रहे हैं। रणबीर कपूर: रणबीर कपूर लंबे समय से रेनॉल्ट इंडिया से जुड़े रहे हैं। वह कंपनी की कई कारों के प्रचार अभियानों में नजर आ चुके हैं। आयुष्मान खुराना- आयुष्मान खुराना को टोयोटा इंडिया के साथ ब्रांड पार्टनर के तौर पर जोड़ा गया है। वह कंपनी के प्रचार अभियानों का हिस्सा रहे हैं।
कुनिका सदानंद ने पूनम ढिल्लों पर लगाए गंभीर आरोप:बोलीं- उनकी गाड़ी में CINTAA ऑफिस के पेपर्स रखे जा रहे थे, वीडियो बनाने से भी रोका

CINTAA के भीतर चल रही कानूनी लड़ाई और कोर्ट के आदेश पर होने वाले चुनाव के बीच एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने आरोप लगाया कि ऑफिस के कुछ दस्तावेज पूनम ढिल्लों की कार में रखे जा रहे थे और उन्हें इसका वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की गई। एक वीडियो में कुनिका सदानंद ने मामले को लेकर कहा, “मैं CINTAA की आज की स्थिति देखकर बहुत दुखी हूं। मैंने पिछले 40 साल में किसी कमेटी का ऐसा व्यवहार नहीं देखा।” कुनिका ने बताया कि उन्हें CINTAA ऑफिस से दस्तावेज हटाए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचीं। उनके मुताबिक, मनीष चतुर्वेदी और प्रीति ने फोन कर बताया कि पिछली कमेटी के लोग जल्दबाजी में कागजात ले जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कहा कि दस्तावेजों को रोकने के लिए चैरिटी कमिश्नर का आदेश जरूरी है। कुनिका के अनुसार, दस्तावेजों को टेंपो से कार्तिक कॉम्प्लेक्स स्थित ऑफिस ले जाया जा रहा था। कुनिका ने कहा कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) से जुड़े लोगों ने टेंपो को रोक दिया और दस्तावेजों को CINTAA के ऑफिस में रखकर वहां ताला लगा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग दस्तावेजों को पूनम ढिल्लों की कार में रख रहे थे। कुनिका के मुताबिक, इसका वीडियो बनाया गया और पुलिस से प्रक्रिया रोकने के लिए कहा गया। कुनिका ने बताया कि पुलिस ने कुछ दस्तावेज दिखाए, जिनमें कुछ कोर्ट के कागजात थे। उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 16 तारीख को है, इसलिए दस्तावेजों को लॉक करके रखने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरे के कथित बयान का भी जिक्र किया। कुनिका के अनुसार, पद्मिनी ने कहा कि वह कागजात सुरक्षित रखने के लिए ले जा रही थीं। कुनिका ने सवाल उठाया कि उन्हें दस्तावेज किससे सुरक्षित रखने थे। कुनिका ने आरोप लगाया कि पूनम ने एक व्यक्ति का फोन छीनकर तोड़ने की कोशिश की और उन्हें वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया। कुनिका ने कहा कि पुलिस ने कागजात के एक कार्टन पर ताला लगाने की अनुमति दी और बाद में उस लॉकिंग सिस्टम पर टेप लगाया गया। उन्होंने कहा कि CINTAA के संस्थापकों ने कभी नहीं सोचा होगा कि संगठन में ऐसी स्थिति आएगी। गुरुवार को CINTAA के मुंबई कार्यालय में दोनों गुटों पूनम ढिल्लों खेमा और उपासना सिंह-FWICE खेमा के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कानूनी दस्तावेजों को कथित तौर पर कार्यालय से बाहर ले जाने और चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। अगस्त की शुरुआत में पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुटों के बीच मतभेद के बाद CINTAA (सिने और टीवी कलाकार संघ) की कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। जिनमें से 8 निर्वाचित सदस्य थे। इसके बाद FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने 12 सितंबर को CINTAA के नए चुनाव कराने की घोषणा की। पूनम ढिल्लों के नेतृत्व वाले गुट ने 25 अगस्त को दिंडोशी सत्र न्यायालय में चुनाव की वैधता को चुनौती दी थी। 8 सितंबर को अदालत ने चुनाव कराने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव होने पर उसके परिणाम मामले के अंतिम फैसले के अनुरूप होंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उपासना सिंह ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा विश्वास था। उन्होंने बताया कि CINTAA के इतिहास में पहली बार 51 लोगों ने नामांकन दाखिल किए हैं। उनका कहना है कि कार्यकारी समिति के भंग होने के बाद कार्यकारी आम बैठक में लिए गए फैसले अमान्य हैं। FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि अदालत ने 12 सितंबर को चुनाव कराने की अनुमति दी है और चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम घोषित होने तक CINTAA के सोशल मीडिया खातों को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में वर्सोवा और अंबोली पुलिस स्टेशनों को भी पत्र लिखा गया है। CINTAA के बैंक खाते भी चुनाव परिणाम आने तक फ्रीज किए गए हैं।
जयपुर एयरपोर्ट पर ग्लैमरस अंदाज में दिखीं उर्वशी रौतेला:रवि शास्त्री को देख फैन्स में उत्साह; अजय देवगन से हनी सिंह तक के डुप्लिकेट भी पहुंचे

जयपुर में शुक्रवार को जयपुर एयरपोर्ट पर बॉलीवुड, क्रिकेट और मनोरंजन जगत की हस्तियों की आवाजाही से माहौल खास नजर आया। दोपहर की फ्लाइट से बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला जयपुर पहुंचीं। इसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रवि शास्त्री भी एयरपोर्ट पर नजर आए। वहीं, कुछ समय बाद अजय देवगन, हनी सिंह, गोविंदा और अनिल कपूर जैसे बॉलीवुड सितारों के लुक लाइक डुप्लिकेट्स ने भी जयपुर में दस्तक दी। ये कलाकार जयपुर के एक होटल में परफॉर्म करेंगे। सेलिब्रिटीज जैसे लुक वाले इन कलाकारों की मौजूदगी ने एयरपोर्ट पर यात्रियों और प्रशंसकों का ध्यान खींचा। ग्लैमरस अंदाज में पहुंचीं उर्वशी रौतेला दोपहर की फ्लाइट से अभिनेत्री उर्वशी रौतेला जयपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उन्होंने ग्लैमरस लुक में एंट्री ली। उन्हें देखते ही कुछ प्रशंसक उनके साथ तस्वीर लेने के लिए आगे आए। उर्वशी ने भी फैंस को निराश नहीं किया और उनके साथ फोटो क्लिक करवाए। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद वे सीधे अपने होटल के लिए रवाना हो गईं। उनके जयपुर आने को लेकर शहर में उनके प्रशंसकों के बीच भी उत्सुकता देखने को मिली। क्रिकेटर रवि शास्त्री को देख प्रशंसकों में खासा उत्साह इसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे। शास्त्री जयपुर में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आए हैं। एयरपोर्ट पर उनकी मौजूदगी ने क्रिकेट प्रशंसकों का भी ध्यान खींचा। क्रिकेट से जुड़े लंबे और सफल करियर के कारण रवि शास्त्री की जयपुर में भी बड़ी फैन फॉलोइंग है। एयरपोर्ट पर उन्हें देखकर क्रिकेट से जुड़े लोगों और प्रशंसकों में खास उत्साह नजर आया। सितारों के हमशक्लों ने भी बढ़ाई चमक शुक्रवार को जयपुर एयरपोर्ट पर सिर्फ फिल्म और क्रिकेट जगत की हस्तियां ही आकर्षण का केंद्र नहीं रहीं। बॉलीवुड के लोकप्रिय सितारों के लुक लाइक डुप्लिकेट्स भी जयपुर पहुंचे। अजय देवगन, हनी सिंह, गोविंदा, अनिल कपूर और सलमान खान के लुक लाइक डुप्लिकेट्स जयपुर आए हैं। ये सभी कूकस स्थित एक 5 सितारा होटल में होने वाले कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुतियां देने के लिए पहुंचे हैं। इन कलाकारों का अंदाज और हावभाव संबंधित बॉलीवुड सितारों से काफी मेल खाने के कारण ये लुक लाइक कलाकार अक्सर मनोरंजन कार्यक्रमों में आकर्षण का केंद्र रहते हैं। जयपुर में भी इनके पहुंचने के बाद कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
चीन में आय में असमानता बढ़ी, माओ की किताबें लोकप्रिय:नौकरी और बढ़ती स्पर्धा से परेशान जेन-जी इसे संघर्षों से निपटने का तरीका मान रहे

आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग (माओ जेदांग) की मृत्यु के 50 साल बाद उनकी किताबें और भाषण फिर चर्चा में हैं। खासकर जेन-जी और युवा प्रोफेशनल के बीच। वजहें साफ हैं। अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है। नौकरियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। शिक्षा और रोजगार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। आय असमानता की चिंता बढ़ी है। ऐसे में कुछ युवा माओ की रचनाओं को सिर्फ राजनीतिक दस्तावेज नहीं मान रहे। वे इसे संघर्षों से निपटने का तरीका मान रहे हैं। चीनी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, माओ के विचार कई युवाओं के लिए ‘संकट से निपटने की ताकत का स्रोत’ बन रहे हैं। यह वापसी इसलिए भी खास है, क्योंकि जेन-जी माओ को निजी स्मृति की तरह नहीं जानती। वह उन्हें इतिहास के एक बड़े किरदार की तरह देखती है। उनके शब्दों को आज के दबाव के हिसाब से नए अर्थ में पढ़ती है। भविष्य को लेकर अनिश्चितता से जूझ रहे युवाओं का बड़ा वर्ग माओ के पुराने विचारों को आज की मुश्किलों को समझने, उनसे जूझने और समाधान खोजने के तौर पर देख रहा है। मार्क्स ऑफ माओत्से तुंग’ रही। यह किताब सबसे ज्यादा बिकी भी है। वहीं, ई-कॉमर्स साइट ताओबाओ पर माओ के चित्रों और विचारों वाले 20,000 से ज्यादा मग बिक चुके हैं। सोशल मीडिया पर माओ के भाषणों और लेखों को नौकरी, निजी संघर्ष और रिश्तों की समस्याओं से जोड़कर पेश किया जा रहा है। ऑनलाइन रीडिंग ग्रुप और एआई से बने ऑडियो-वीडियो भी युवा पीढ़ी तक पहुंच रहे हैं। युवाओं को माओ में ऐसा क्या मिल रहा एडिलेड यूनिवर्सिटी के चीनी अध्ययन के प्रोफेसर मोबो गाओ के अनुसार, कड़ी प्रतिस्पर्धा, संपत्ति की असमानता और रोजगार की सीमित संभावनाओं के बीच कुछ युवाओं को माओ के वर्ग और संघर्ष से जुड़े विचार अपने अनुभवों को समझने का तरीका दे सकते हैं। जेन-जी के लिए माओ एक ऐतिहासिक नेता से ज्यादा ऐसे व्यक्ति हैं, जिसके लेखन में मुश्किल हालात से लड़ने और असफलता के बाद आगे बढ़ने की बातें खोजी जा सकती हैं। गाओ कहते हैं कि जेन-जी माओ के कार्यों को जीवन की चुनौतियों से निपटने की गाइडबुक के रूप में पढ़ रहे हैं, न कि राजनीतिक दस्तावेज के तौर पर। अमेरिका से तनाव बढ़ा तो माओ के विचार फिर वायरल हुए – माओ ने 1946 में कहा था कि साम्राज्यवाद और परमाणु बम ‘पेपर टाइगर’ हैं- यानी वे ऊपर से खतरनाक लगते हैं, लेकिन असल में कमजोर हैं। हाल के वर्षों में जब अमेरिका से व्यापार तनाव बढ़ा तो माओ के साम्राज्यवाद संबंधी ‘पेपर टाइगर’ जैसा विचार चीन के सोशल मीडिया पर प्रमुखता से छाया रहा। -1938 में लिखी माओ की किताब ‘ऑन प्रोट्रैक्टेड वॉर’ के संदर्भ भी ऑनलाइन चर्चा में रहे। इससे माओ की छवि के दो पहलू सामने आते हैं- एक ओर निजी मुश्किलों में संघर्ष का प्रतीक और दूसरा- बाहरी दबाव के सामने चीन की ताकत और राष्ट्रीय स्वतंत्रता का प्रतीक। यह युवाओं को लुभा रहा है।
नशा मुक्त हरियाणा थीम पर क्रिकेट लीग में शराब पार्टी,VIDEO:देहरादून स्टेडियम में सिंगर ने कोहनी से खोली बोतल, साथी बोले- वाह भाई के मारा है

देहरादून में ‘नशा मुक्त हरियाणा और खेलों को बढ़ावा’ देने की थीम पर चल ही हरियाणवी आर्टिस्ट क्रिकेट लीग (ACL) में शराब पार्टी का वीडियो सामने आया है। इसमें कलाकार योगेश उर्फ योगी दहिया कोहनी मारकर शराब की बोतल खोलते नजर आ रहे हैं। उनके आसपास कुछ अन्य कलाकार भी खड़े नजर आ रहे हैं। पीछे से एक शख्स की आवाज भी सुनाई देती है, जो योगी के बोतल खोलने के अंदाज पर कहता है- ‘वाह भाई वाह… के मारा है रै।’ इसके बाद कलाकार बोतल के साथ एंजॉय करते नजर आते हैं। आयोजक साहिल सोहरडा के अनुसार, देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 9 सितंबर को ओपनिंग सेरेमनी के बाद 10 सितंबर से लीग के मैच शुरू हुए थे। ओपनिंग सेरेमनी में प्रांजल दहिया और खासा आला चाहर समेत कई कलाकार पहुंचे थे। दैनिक भास्कर ने जब योगी दहिया से बात की तो उन्होंने इस पर सफाई दी। बोले-ये सेलिब्रेशन का वीडियो किसी ने वायरल कर दिया। शराब बोतल खोलने की 2 तस्वीरें:- पहले जानिए, वीडियो में क्या दिख रहा… योगी के हाथ में शराब की बोतल देहरादून के रायपुर स्थित राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में हरियाणवी आर्टिस्ट क्रिकेट लीग चल रही है। इस लीग में खेल रहे कलाकार योगी दहिया का 15 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है। इसमें योगी कई कलाकारों के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ में शराब की बोतल है। कोहनी मारकर ढक्कर खोला योगी कोहनी मारकर बोतल खोलते हैं। इसके बाद ढक्कन खोलकर बोतल को ऊपर उठाते हैं। यहां एक टेबल पर कुछ ग्लास और खाना भी नजर आ रहा है। इसके बाद योगी ग्लास में शराब डालते हैं। स्टेडियम के अंदर कुछ प्लेयर भी खड़े नजर आ रहे हैं। योगेश दहिया की सफाई-बोले सेलिब्रेशन का वीडियो वायरल हुआ जीत का जश्न मना रहे थेः सोनीपत के बढ़खालसा निवासी योगेश उर्फ योगी दहिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में वायरल वीडियो पर सफाई दी। बोले-हर साल आर्टिस्ट की क्रिकेट लीग होती है। मैच जीत के बाद खिलाड़ियों ने सेलिब्रेशन किया था। सेलिब्रेशन का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वे टीम में खिलाड़ी के तौर पर शामिल हुए थे और जीत के बाद टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ सेलिब्रेशन कर रहे थे। 3 विकेट से जीती थी जगन्नाथ टीमः योगेश दहिया ने बताया कि 9 सितंबर को जगन्नाथ टीम का मुकाबला मांगेराम लीजेंड टीम से हुआ था। मांगेराम लीजेंड की टीम ने 163 रन बनाए थे। इसके जवाब में जगन्नाथ टीम ने लक्ष्य हासिल करते हुए 3 विकेट से मुकाबला जीत लिया था। जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों ने सेलिब्रेशन किया। 2015 से हरियाणवी इंडस्ट्री में कामः दहिया ने बताया कि वह बॉडी बिल्डर होने के साथ-साथ हरियाणवी कलाकार, मॉडल और एक्टर भी हैं। वे वर्ष 2015 से हरियाणवी इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। 100 से ज्यादा हरियाणवी सॉन्ग कर चुके हैं। प्रोफेशनल क्रिकेटर नहीं हैं, बल्कि शौक के तौर पर क्रिकेट खेलते हैं। आर्टिस्ट की क्रिकेट लीग में भी वे इसी शौक के चलते हिस्सा लेते हैं। अब क्रिकेट लीग के बारे में जानिए… 90 हरियाणवी कलाकार बने क्रिकेटर लीग के आयोजक कलाकार पिंटू पाबड़ा और साहिल सेहरडा हैं। साहिल ने बताया कि 9 से 13 सितंबर तक आर्टिस्ट चैंपियन लीग (ACL) का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ‘नशा मुक्त हरियाणा और खेलों को बढ़ावा’ देना है। इस लीग में हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े करीब 90 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। कलाकारों को 6 टीमों में बांटा गया है और 5 दिन तक क्रिकेट मैच खेले जा रहे हैं। हरियाणा के कवियों के नाम पर टीमें लीग की 6 टीमों के नाम हरियाणा के प्रसिद्ध कवियों और कलाकारों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें जाट मेहर सिंह लीजेंड, धनपत लीजेंड, बाजे भगत लीजेंड, मांगेराम लीजेंड, लख्मीचंद लीजेंड और जगन्नाथ लीजेंड शामिल हैं। सभी टीमों के बीच क्रिकेट मुकाबले कराए जा रहे हैं। ये कलाकार लीग में शामिल इस लीग में योगी दहिया, रोमी हुडा, एचडी कुंडू, अमित ढूल, जीत घनघस और आर मान सहित कई कलाकार खेल रहे हैं। लीग की ओपनिंग में केडी देसी रॉक, प्रांजल दहिया, खासा आला चाहर समेत हरियाणा के कई कलाकार पहुंचे थे।
मूवी रिव्यू- हैवान:अक्षय-सैफ की इस टक्कर में आंखों से ज्यादा दिमाग का खेल, जानिए प्रियदर्शन ने कितना चौंकाया और क्या रह गई कमी

कास्ट- अक्षय कुमार, सैफ अली खान डायरेक्टर- प्रियदर्शन ड्यूरेशन- 2 घंटे 44 मिनट रेटिंग- 3/5 प्रियदर्शन, अक्षय कुमार और सैफ अली खान, नाम सुनकर ही लगता है कि मामला कुछ बड़ा होने वाला है। ऊपर से कहानी में एक ऐसा नेत्रहीन किरदार है, जिसकी आंखें भले दुनिया नहीं देख पातीं, लेकिन उसके कान, नाक और दिमाग कमाल का काम करते हैं। सामने है अक्षय कुमार का खूंखार परशुराम का किरदार, जो बदले की आग में जल रहा है। यानी एक तरफ ऐसा आदमी जिसे दिखाई नहीं देता और दूसरी तरफ ऐसा आदमी जिसे रोकना आसान नहीं। ‘हैवान’ का यह मुकाबला कागज पर काफी दिलचस्प है और फिल्म कई जगह इस दिलचस्पी को पर्दे पर भी उतारती है। बस दिक्कत यह है कि फिल्म अपने असली खेल तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा वक्त लेती है। कैसी है फिल्म की कहानी? श्याम राणे जन्म से नेत्रहीन है। परिवार की जिम्मेदारियां उठाते हुए वह मुंबई की एक बड़ी बिल्डिंग में काम करता है। आंखों की रोशनी नहीं है, लेकिन आवाज, खुशबू और स्पर्श से आसपास की दुनिया को समझने की उसकी क्षमता असाधारण है। दूसरी तरफ है परशुराम गोखले। जेल से बाहर आने के बाद उसके पास गुस्सा है, पुराना हिसाब है और बदला लेने की पूरी तैयारी। श्याम की जिंदगी में एक बच्ची से जुड़ा ऐसा राज आता है, जो उसे सीधे परशुराम के निशाने पर ला खड़ा करता है। इसके बाद शुरू होता है असली बिल्ली-चूहे का खेल, जहां श्याम को उस दुश्मन से बचना है जिसे वह देख नहीं सकता, और परशुराम को उस आदमी से निपटना है जो उसकी हर आहट सुन सकता है। कहानी का आइडिया मजेदार है और खासकर श्याम के सेंसेस को जिस तरह इस्तेमाल किया गया है, उसमें काफी गुंजाइश है। लेकिन फिल्म को वहां तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। कहानी में दम है, बस रफ्तार थोड़ी और तेज होती तो मजा दोगुना हो जाता। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? सैफ अली खान श्याम के किरदार में काफी सहज नजर आते हैं। उन्होंने नेत्रहीन किरदार को बेचारा बनाने की गलती नहीं की। श्याम शांत है, जिम्मेदार है और जरूरत पड़ने पर खतरनाक भी हो सकता है। सैफ की अंडरप्ले की गई एक्टिंग इस किरदार को विश्वसनीय बनाती है। अक्षय कुमार के लिए यह रोल अलग है। परशुराम में हीरो वाली चमक नहीं, बल्कि एक अजीब बेचैनी और गुस्सा है। अक्षय ने किरदार को पूरी एनर्जी के साथ निभाया है। हालांकि कुछ जगह उनका गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि डर पैदा होने के बजाय सीन थोड़ा ओवर-द-टॉप लगने लगता है। जिस ‘हैवान’ से खौफ पैदा होना चाहिए, वह हर बार उतना डरावना नहीं बन पाता। शारिब हाशमी पुलिस वाले के रोल में फिल्म के तनाव के बीच हंसी की खिड़की खोलते हैं और कई जगह खूब मजा देते हैं। बोमन ईरानी भरोसेमंद हैं। असरानी की मौजूदगी फिल्म में गर्माहट लाती है। सैयामी खेर और श्रिया पिलगांवकर को अच्छे कलाकार होने के बावजूद सीमित जगह मिली है। और मोहनलाल की झलक ‘ओप्पम’ देखने वालों के लिए खास तोहफा है। कैसा है डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष? कॉमेडी के लिए मशहूर प्रियदर्शन यहां एक डार्क थ्रिलर लेकर आए हैं। उनका यह नया रंग देखने में अच्छा लगता है। फिल्म में माहौल बनाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी कमी इसकी रफ्तार है। कुछ हिस्से कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे रोकते हुए लगते हैं। गाने और कुछ लंबे भावनात्मक हिस्से थ्रिलर की गति को तोड़ते हैं। जब फिल्म श्याम और परशुराम के बीच आमने-सामने का खेल शुरू करती है, तब इसका असर बेहतर होता है। श्याम की सुनने और सूंघने की क्षमता को कहानी में इस्तेमाल करना भी दिलचस्प है। सिनेमैटोग्राफी फिल्म के मूड के साथ जाती है। मुंबई की ऊंची इमारतें, बंद गलियां और रात के दृश्य कहानी को जरूरी अंधेरा देते हैं। खासकर तनाव वाले सीन्स में कैमरा और साउंड मिलकर माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के मजबूत हिस्सों में है। कई जगह संगीत से ज्यादा आवाजें और खामोशी तनाव पैदा करती हैं, जो श्याम के किरदार को देखते हुए फिल्म की कहानी के लिए बिल्कुल सही चुनाव है। बस एडिटिंग टेबल पर थोड़ी और सख्ती होती तो फिल्म ज्यादा चुस्त हो सकती थी। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? प्रीतम का म्यूजिक फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है, लेकिन कोई गाना ऐसा नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी कानों में घूमता रहे। ‘मेरे हीरो हैं’ भावनात्मक हिस्सों में ठीक बैठता है और ‘रंगियारा’ थोड़ा हल्कापन देता है। लेकिन इस फिल्म में असली काम गानों से ज्यादा बैकग्राउंड स्कोर करता है। ‘ओप्पम’ का असर: पुरानी कहानी, नया तड़का ‘हैवान’ प्रियदर्शन की ही मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का हिंदी रूपांतरण है। मूल फिल्म में मोहनलाल ने नेत्रहीन श्याम जैसे किरदार को निभाया था। यहां सैफ अपनी अलग छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं और काफी हद तक सफल भी होते हैं। हिंदी संस्करण में एक्शन, इमोशन, कॉमेडी और स्टारडम का मसाला थोड़ा ज्यादा है। यही इसे ‘ओप्पम’ से अलग बनाता है, लेकिन कभी-कभी यही मसाला थ्रिलर की कसावट कम भी करता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘हैवान’ में आइडिया है, बड़े सितारे हैं और प्रियदर्शन का अलग अंदाज भी। सैफ का शांत श्याम और अक्षय का बेचैन परशुराम आमने-सामने आते हैं तो फिल्म में असली मजा शुरू होता है। समस्या सिर्फ इतनी है कि जिस थ्रिल के लिए दर्शक टिकट खरीदता है, फिल्म उसे थोड़ा इंतजार करवाकर देती है। अगर आपको डार्क थ्रिलर में थोड़ा मसाला, इमोशन और कॉमेडी पसंद है तो ‘हैवान’ आपको निराश नहीं करेगी। लेकिन अगर उम्मीद है कि फिल्म शुरू से आखिर तक सीट की पकड़ मजबूत रखेगी, तो मामला थोड़ा ढीला पड़ता है। कुल मिलाकर, ‘हैवान’ में काटने वाले दांत जरूर हैं, बस हमला थोड़ा देर से होता है।
मूवी रिव्यू- हैवान:अक्षय-सैफ की इस टक्कर में आंखों से ज्यादा दिमाग का खेल, जानिए प्रियदर्शन ने कितना चौंकाया और क्या रह गई कमी

कास्ट- अक्षय कुमार, सैफ अली खान डायरेक्टर- प्रियदर्शन ड्यूरेशन- 2 घंटे 44 मिनट रेटिंग- 3/5 प्रियदर्शन, अक्षय कुमार और सैफ अली खान, नाम सुनकर ही लगता है कि मामला कुछ बड़ा होने वाला है। ऊपर से कहानी में एक ऐसा नेत्रहीन किरदार है, जिसकी आंखें भले दुनिया नहीं देख पातीं, लेकिन उसके कान, नाक और दिमाग कमाल का काम करते हैं। सामने है अक्षय कुमार का खूंखार परशुराम का किरदार, जो बदले की आग में जल रहा है। यानी एक तरफ ऐसा आदमी जिसे दिखाई नहीं देता और दूसरी तरफ ऐसा आदमी जिसे रोकना आसान नहीं। ‘हैवान’ का यह मुकाबला कागज पर काफी दिलचस्प है और फिल्म कई जगह इस दिलचस्पी को पर्दे पर भी उतारती है। बस दिक्कत यह है कि फिल्म अपने असली खेल तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा वक्त लेती है। कैसी है फिल्म की कहानी? श्याम राणे जन्म से नेत्रहीन है। परिवार की जिम्मेदारियां उठाते हुए वह मुंबई की एक बड़ी बिल्डिंग में काम करता है। आंखों की रोशनी नहीं है, लेकिन आवाज, खुशबू और स्पर्श से आसपास की दुनिया को समझने की उसकी क्षमता असाधारण है। दूसरी तरफ है परशुराम गोखले। जेल से बाहर आने के बाद उसके पास गुस्सा है, पुराना हिसाब है और बदला लेने की पूरी तैयारी। श्याम की जिंदगी में एक बच्ची से जुड़ा ऐसा राज आता है, जो उसे सीधे परशुराम के निशाने पर ला खड़ा करता है। इसके बाद शुरू होता है असली बिल्ली-चूहे का खेल, जहां श्याम को उस दुश्मन से बचना है जिसे वह देख नहीं सकता, और परशुराम को उस आदमी से निपटना है जो उसकी हर आहट सुन सकता है। कहानी का आइडिया मजेदार है और खासकर श्याम के सेंसेस को जिस तरह इस्तेमाल किया गया है, उसमें काफी गुंजाइश है। लेकिन फिल्म को वहां तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। कहानी में दम है, बस रफ्तार थोड़ी और तेज होती तो मजा दोगुना हो जाता। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? सैफ अली खान श्याम के किरदार में काफी सहज नजर आते हैं। उन्होंने नेत्रहीन किरदार को बेचारा बनाने की गलती नहीं की। श्याम शांत है, जिम्मेदार है और जरूरत पड़ने पर खतरनाक भी हो सकता है। सैफ की अंडरप्ले की गई एक्टिंग इस किरदार को विश्वसनीय बनाती है। अक्षय कुमार के लिए यह रोल अलग है। परशुराम में हीरो वाली चमक नहीं, बल्कि एक अजीब बेचैनी और गुस्सा है। अक्षय ने किरदार को पूरी एनर्जी के साथ निभाया है। हालांकि कुछ जगह उनका गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि डर पैदा होने के बजाय सीन थोड़ा ओवर-द-टॉप लगने लगता है। जिस ‘हैवान’ से खौफ पैदा होना चाहिए, वह हर बार उतना डरावना नहीं बन पाता। शारिब हाशमी पुलिस वाले के रोल में फिल्म के तनाव के बीच हंसी की खिड़की खोलते हैं और कई जगह खूब मजा देते हैं। बोमन ईरानी भरोसेमंद हैं। असरानी की मौजूदगी फिल्म में गर्माहट लाती है। सैयामी खेर और श्रिया पिलगांवकर को अच्छे कलाकार होने के बावजूद सीमित जगह मिली है। और मोहनलाल की झलक ‘ओप्पम’ देखने वालों के लिए खास तोहफा है। कैसा है डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष? कॉमेडी के लिए मशहूर प्रियदर्शन यहां एक डार्क थ्रिलर लेकर आए हैं। उनका यह नया रंग देखने में अच्छा लगता है। फिल्म में माहौल बनाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी कमी इसकी रफ्तार है। कुछ हिस्से कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे रोकते हुए लगते हैं। गाने और कुछ लंबे भावनात्मक हिस्से थ्रिलर की गति को तोड़ते हैं। जब फिल्म श्याम और परशुराम के बीच आमने-सामने का खेल शुरू करती है, तब इसका असर बेहतर होता है। श्याम की सुनने और सूंघने की क्षमता को कहानी में इस्तेमाल करना भी दिलचस्प है। सिनेमैटोग्राफी फिल्म के मूड के साथ जाती है। मुंबई की ऊंची इमारतें, बंद गलियां और रात के दृश्य कहानी को जरूरी अंधेरा देते हैं। खासकर तनाव वाले सीन्स में कैमरा और साउंड मिलकर माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के मजबूत हिस्सों में है। कई जगह संगीत से ज्यादा आवाजें और खामोशी तनाव पैदा करती हैं, जो श्याम के किरदार को देखते हुए फिल्म की कहानी के लिए बिल्कुल सही चुनाव है। बस एडिटिंग टेबल पर थोड़ी और सख्ती होती तो फिल्म ज्यादा चुस्त हो सकती थी। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? प्रीतम का म्यूजिक फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है, लेकिन कोई गाना ऐसा नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी कानों में घूमता रहे। ‘मेरे हीरो हैं’ भावनात्मक हिस्सों में ठीक बैठता है और ‘रंगियारा’ थोड़ा हल्कापन देता है। लेकिन इस फिल्म में असली काम गानों से ज्यादा बैकग्राउंड स्कोर करता है। ‘ओप्पम’ का असर: पुरानी कहानी, नया तड़का ‘हैवान’ प्रियदर्शन की ही मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का हिंदी रूपांतरण है। मूल फिल्म में मोहनलाल ने नेत्रहीन श्याम जैसे किरदार को निभाया था। यहां सैफ अपनी अलग छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं और काफी हद तक सफल भी होते हैं। हिंदी संस्करण में एक्शन, इमोशन, कॉमेडी और स्टारडम का मसाला थोड़ा ज्यादा है। यही इसे ‘ओप्पम’ से अलग बनाता है, लेकिन कभी-कभी यही मसाला थ्रिलर की कसावट कम भी करता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘हैवान’ में आइडिया है, बड़े सितारे हैं और प्रियदर्शन का अलग अंदाज भी। सैफ का शांत श्याम और अक्षय का बेचैन परशुराम आमने-सामने आते हैं तो फिल्म में असली मजा शुरू होता है। समस्या सिर्फ इतनी है कि जिस थ्रिल के लिए दर्शक टिकट खरीदता है, फिल्म उसे थोड़ा इंतजार करवाकर देती है। अगर आपको डार्क थ्रिलर में थोड़ा मसाला, इमोशन और कॉमेडी पसंद है तो ‘हैवान’ आपको निराश नहीं करेगी। लेकिन अगर उम्मीद है कि फिल्म शुरू से आखिर तक सीट की पकड़ मजबूत रखेगी, तो मामला थोड़ा ढीला पड़ता है। कुल मिलाकर, ‘हैवान’ में काटने वाले दांत जरूर हैं, बस हमला थोड़ा देर से होता है।
बिपाशा बसु की प्रोटीन ड्रिंक में दिखे कीड़े:तुकाराम मुंढे से मांगी मदद, कहा- आप हमारी इकलौती उम्मीद हैं

एक्ट्रेस बिपाशा बसु को प्रोटीन पाउडर के नए खुले जार में छोटे-छोटे कीड़े मिले हैं। उन्होंने इसका वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। बिपाशा ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे को टैग किया और मामले में दखल देने की अपील की। बिपाशा ने लिखा ड्रिंक के वीडियो के साथ लिखा है, ‘तुकाराम मुंढे आप ही हमारी एकमात्र उम्मीद हैं। ताकि हम जो भी चीजें खरीदें, उनमें खराब या मिलावटी सामान न मिले।’ वीडियो में बिपाशा ने अपनी उंगली पर एक छोटा सा कीड़ा दिखाया। उन्होंने कहा, ‘इस आइसोप्योर में छोटे-छोटे कीड़े भरे हुए हैं। बहुत ही छोटे कीड़े। यह नया डिब्बा है, जिसे हमने अभी खोला है।’ इसके बाद उन्होंने उंगली पर कीड़ा दिखाते हुए कहा, ‘ये रहे कीड़े, इसमें ऐसे ही कीड़े भरे हुए हैं।’ महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर लोगों का ध्यान बढ़ रहा है। तुकाराम मुंढे राज्यभर में फूड बिजनेस के खिलाफ कई तरह की जांच और कार्रवाई कर रहे हैं। श्वेता तिवारी ने डिलीवरी में कॉकरोच आने पर मांगी थी तुकाराम मुंढे से मदद श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंढे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ प्रीति जिंटा और ट्विंकल खन्ना ने भी बात रखी हाल ही में मुंबई में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा को काली टी-शर्ट पहने देखा गया। इस टी-शर्ट पर ‘टीम तुकाराम मुंढे’ लिखा था। उनके इस कपड़े को अधिकारी के फूड सेफ्टी अभियान के समर्थन के तौर पर देखा गया। मुंढे की इंस्पेक्शन पर हो रही चर्चा को लेकर ट्विंकल खन्ना ने भी अपनी बात रखी थी। एक पोस्ट में एक्ट्रेस से लेखिका बनीं ट्विंकल ने लिखा, ‘क्या किसी सरकारी अधिकारी को बस अपना काम करते हुए देखना इतनी अनोखी बात है कि यह खबर बन गई है?’ सलमान खान ने भी दोस्त की तुकाराम मुंढे के नाम से फिरकी ली सलमान खान ने अपनी दोस्त सृष्टि साहनी के मुंबई के बांद्रा में खुले नए कैफे ‘द टक शॉप एट सेवियोज’ का वीडियो शेयर किया। साथ ही सलमान ने दोस्त को कैफे की हाइजीन बनाए रखने की मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। सलमान ने लिखा, “सृष्टि मेरी कॉफी रिफिल करना प्लीज। कीमत मत बढ़ाना, क्वालिटी मेंटेन करना। हाइजीन मेंटेन रखना, वरना मैं HIM को भेज दूंगा और काम हो जाएगा, बहन।” सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन “HIM” का इशारा महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ओर माना जा रहा है। यह बात ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई तेज है।






