Friday, 16 Oct 2026 | 01:47 PM

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मूवी रिव्यू- नई नवेली:घर में खुशियां लाने वाली बहू को समझा डायन, रामायण काल के रावण से क्या है उसका कनेक्शन?

मूवी रिव्यू- नई नवेली:घर में खुशियां लाने वाली बहू को समझा डायन, रामायण काल के रावण से क्या है उसका कनेक्शन?

घर में कदम रखते ही खुशियां बिखेरने वाली बहू अगर अचानक डायन करार दे दी जाए, तो समझिए मामला सिर्फ सास-बहू की नोकझोंक का नहीं है! यामी गौतम धर की ‘नई नवेली’ में रिश्तों की खटपट है, शक के मजेदार किस्से हैं, डराने की कोशिश है और फिर खुलता है रामायण काल से जुड़ा एक ऐसा रहस्य, जो कहानी को सीधे रावण तक ले जाता है। आइडिया में दम है, लेकिन क्या फिल्म आखिरी तक अपना जादू कायम रख पाती है? इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 18 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। कहानी: जब बहू की अच्छाई ही बन गई शक की वजह मेरठ के एक ऐसे परिवार में मोहिनी (यामी गौतम धर) की एंट्री होती है, जहां रिश्तों में उलझनें हैं और घर का माहौल कुछ खास खुशगवार नहीं। मोहिनी अपनी समझदारी और अपनापन से सबका दिल जीतने लगती है। लेकिन देवर बंटू (अनुराग ठाकुर) को उसकी अच्छाई कुछ ज्यादा ही रहस्यमयी लगती है। उसे शक है कि भाभी के सीधे-सादे चेहरे के पीछे कोई खतरनाक राज छिपा है—कहीं वह डायन तो नहीं! इधर, पति राजा (आदिनाथ एम. कोठारे) से जुड़ी परतें खुलती हैं और मामला घर की चारदीवारी से निकलकर पौराणिक रहस्यों तक पहुंच जाता है। रावण, मंदोदरी और भगवान राम के संदर्भों के साथ फिल्म त्रेता युग की कथा को आज के दौर से जोड़ने की कोशिश करती है। कहानी में काल शील पत्थर, राजा की जन्म नक्षत्र से जुड़ी मान्यताएं और रावण की वापसी चाहने वाली अंधेरी शक्तियां भी हैं। यानी शुरुआत घर की बहू पर शक से होती है, लेकिन आगे सवाल उठता है—इस परिवार का रामायण काल से आखिर रिश्ता क्या है? एक्टिंग: यामी का रहस्य, अनुराग की कॉमेडी यामी गौतम धर मोहिनी के किरदार में संयम और रहस्य का अच्छा मेल रखती हैं। उनके चेहरे की खामोशी भी कई बार सवाल खड़े करती है। वह किरदार को गंभीरता से निभाती हैं, लेकिन स्क्रिप्ट उन्हें वह पूरा मौका नहीं देती, जिससे उनका अभिनय और निखर सकता था। अनुराग ठाकुर फिल्म के कॉमेडी इंजन हैं। बंटू का शक, उसकी हरकतें और भाभी को लेकर उसकी थ्योरी कई जगह हंसाती हैं। लक्ष्मण रेखा वाला सीक्वेंस खास तौर पर मजेदार बन पड़ता है। आदिनाथ एम. कोठारे भावनात्मक दृश्यों में ठीक हैं, लेकिन कुछ जगह गुस्से और चीखने का अंदाज दोहराव वाला लगने लगता है। सुनीता राजवर, मीता वशिष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी, सोनल झा, आदित्य कुलश्रेष्ठ और प्रतीक पचौरी समेत सहायक कलाकार परिवार की दुनिया को विश्वसनीय बनाने में मदद करते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: शुरुआत में चटपटा तड़का, आगे पौराणिक उलझनें निर्देशक बालाजी मोहन की फिल्म का पहला हिस्सा अच्छी रफ्तार पकड़ता है। पारिवारिक खींचतान, बंटू का शक और मोहिनी के रहस्यमयी व्यवहार के बीच कॉमेडी और सस्पेंस का बढ़िया मेल बनता है। फिल्म महिलाओं के आत्मविश्वास और घर में उनके सम्मान की बात भी कहानी के भीतर पिरोती है- यह इसका एक अच्छा पहलू है। दिक्कत तब शुरू होती है, जब दूसरा हाफ पौराणिक संदर्भों और अलौकिक शक्तियों की दुनिया में ज्यादा उलझने लगता है। रावण और रामायण से जुड़े विचार दिलचस्प हैं, लेकिन उन्हें मौजूदा कहानी में पिरोने के चक्कर में पटकथा अपनी पकड़ ढीली कर देती है। हॉरर-कॉमेडी का संतुलन बिगड़ता है और जहां डर महसूस होना चाहिए, वहां कई बार सिर्फ दृश्य का शोर सुनाई देता है। राजा का राक्षसी रूप, लाल आंखें, नुकीले दांत और हरी नसें डर पैदा करने के लिए हैं, लेकिन कुछ दृश्यों में उनका असर जरूरत से ज्यादा नाटकीय हो जाता है। फिल्म का कॉन्सेप्ट जितना अनोखा है, उतनी ही कसावट इसके स्क्रीनप्ले में होती तो मजा दोगुना हो सकता था। म्यूजिक: ‘फटा पटाखा’ में है बात जीवी प्रकाश कुमार ने इस फिल्म से हिंदी सिनेमा में बतौर संगीतकार शुरुआत की है। उनका संगीत फिल्म की रंगीन, अतरंगी दुनिया के साथ मेल खाता है। ‘फटा पटाखा’ सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है, जबकि बाकी गाने कहानी से बाहर निकलने के बाद बहुत देर तक याद नहीं रहते। बैकग्राउंड स्कोर रहस्य का माहौल बनाने में मदद करता है, हालांकि सिर्फ संगीत के दम पर कमजोर पड़ते दृश्यों में जान नहीं आ पाती। फाइनल वर्डिक्ट: बहू का रहस्य दिलचस्प, लेकिन जादू अधूरा ‘नई नवेली’ का आइडिया हटकर है और यामी-अनुराग की जोड़ी कई मजेदार पल देती है। लेकिन दूसरे हाफ में पौराणिक उलझनें और ढीली पटकथा कहानी की रफ्तार रोक देती हैं। अनोखे कॉन्सेप्ट और कुछ चटपटे दृश्यों के लिए फिल्म देखी जा सकती है, बस रामायण से जुड़े इस रहस्य से बहुत ज्यादा उम्मीदें न बांधें।

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रणबीर कपूर ने कन्नड़ में की बात, फिर मांगी माफी:एक्टर यश को 'बॉस' कहकर पुकारा; 'जय श्री राम' बोलकर की स्पीच की शुरुआत

रणबीर कपूर ने कन्नड़ में की बात, फिर मांगी माफी:एक्टर यश को 'बॉस' कहकर पुकारा; 'जय श्री राम' बोलकर की स्पीच की शुरुआत

बेंगलुरु में नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे ट्रेलर का लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम रणबीर कपूर ने ‘जय श्री राम’ के नारे से अपना भाषण शुरू किया और कन्नड़ भाषा में बोलकर वहां मौजूद लोगों का सम्मान किया। वहीं रणबीर ने साउथ सुपरस्टार यश को ‘यश बॉस’ कहकर संबोधित किया। इवेंट में रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, रवि दुबे, रकुल प्रीत सिंह और निर्देशक नितेश तिवारी मौजूद रहे। रणबीर ने कन्नड़ में की बात, कम सीखने पर मांगी माफी इवेंट में जब रणबीर कपूर स्टेज पर पहुंचे तो उन्होंने ‘जय श्री राम’ बोलकर अपने भाषण की शुरुआत की फिर कन्नड़ भाषा में बोलना शुरू किया। थोड़ी कन्नड़ बोलने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जनता से माफी भी मांगी। रणबीर ने अपने अंदाज में कहा कि इस बार वे इतनी ही भाषा सीखकर आ पाए हैं और अगली बार ‘यश बॉस’ से थोड़ी ज्यादा कन्नड़ सीखकर आएंगे। यश ने फैंस से एकजुट होने के लिए कहा अपने संबोधन के दौरान अभिनेता यश ने लोगों से आपसी भेदभाव भूलकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर हम ‘बांटो और राज करो’ की तरह आपस में ही लड़ते रहे, तो दुनिया का मुकाबला कभी नहीं कर पाएंगे। यश ने कन्नड़भाषियों और पूरे दक्षिण भारत के दर्शकों से ‘रामायण’ फिल्म का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि जब नीयत सही हो, तो सभी को साथ खड़े होना चाहिए। भारतीय संस्कृति में भगवान राम के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने लोगों से इस पौराणिक गाथा को बड़े पर्दे पर देखने का आग्रह किया। देखें रामायण के दूसरे ट्रेलर की झलक … 5 नवंबर को रिलीज होगा पहला पार्ट निर्माताओं की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘रामायण’ दो हिस्सों में रिलीज की जाएगी। फिल्म का पहला पार्ट 5 नवंबर को सिनेमाघरों में आएगा। पहले भाग में भगवान राम और रावण की कहानियां अलग-अलग चलेंगी, जिससे इस पार्ट में दोनों का आमना-सामना नहीं होगा। वहीं, दोनों के बीच होने वाले ऐतिहासिक युद्ध के दृश्य अगले साल दिवाली के मौके पर रिलीज होने वाले दूसरे पार्ट में दिखाए जाएंगे।

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रणबीर कपूर ने कन्नड़ में की बात, फिर मांगी माफी:एक्टर यश को 'बॉस' कहकर पुकारा; 'जय श्री राम' बोलकर की स्पीच की शुरुआत

रणबीर कपूर ने कन्नड़ में की बात, फिर मांगी माफी:एक्टर यश को 'बॉस' कहकर पुकारा; 'जय श्री राम' बोलकर की स्पीच की शुरुआत

बेंगलुरु में नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे ट्रेलर का लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम रणबीर कपूर ने ‘जय श्री राम’ के नारे से अपना भाषण शुरू किया और कन्नड़ भाषा में बोलकर वहां मौजूद लोगों का सम्मान किया। वहीं रणबीर ने साउथ सुपरस्टार यश को ‘यश बॉस’ कहकर संबोधित किया। इवेंट में रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, रवि दुबे, रकुल प्रीत सिंह और निर्देशक नितेश तिवारी मौजूद रहे। रणबीर ने कन्नड़ में की बात, कम सीखने पर मांगी माफी इवेंट में जब रणबीर कपूर स्टेज पर पहुंचे तो उन्होंने ‘जय श्री राम’ बोलकर अपने भाषण की शुरुआत की फिर कन्नड़ भाषा में बोलना शुरू किया। थोड़ी कन्नड़ बोलने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जनता से माफी भी मांगी। रणबीर ने अपने अंदाज में कहा कि इस बार वे इतनी ही भाषा सीखकर आ पाए हैं और अगली बार ‘यश बॉस’ से थोड़ी ज्यादा कन्नड़ सीखकर आएंगे। यश ने फैंस से एकजुट होने के लिए कहा अपने संबोधन के दौरान अभिनेता यश ने लोगों से आपसी भेदभाव भूलकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर हम ‘बांटो और राज करो’ की तरह आपस में ही लड़ते रहे, तो दुनिया का मुकाबला कभी नहीं कर पाएंगे। यश ने कन्नड़भाषियों और पूरे दक्षिण भारत के दर्शकों से ‘रामायण’ फिल्म का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि जब नीयत सही हो, तो सभी को साथ खड़े होना चाहिए। भारतीय संस्कृति में भगवान राम के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने लोगों से इस पौराणिक गाथा को बड़े पर्दे पर देखने का आग्रह किया। देखें रामायण के दूसरे ट्रेलर की झलक … 5 नवंबर को रिलीज होगा पहला पार्ट निर्माताओं की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘रामायण’ दो हिस्सों में रिलीज की जाएगी। फिल्म का पहला पार्ट 5 नवंबर को सिनेमाघरों में आएगा। पहले भाग में भगवान राम और रावण की कहानियां अलग-अलग चलेंगी, जिससे इस पार्ट में दोनों का आमना-सामना नहीं होगा। वहीं, दोनों के बीच होने वाले ऐतिहासिक युद्ध के दृश्य अगले साल दिवाली के मौके पर रिलीज होने वाले दूसरे पार्ट में दिखाए जाएंगे।

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Imran Khan Mumbai FRRO Notice Controversy

Imran Khan Mumbai FRRO Notice Controversy

55 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में CJP प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है। अमेरिकी नागरिकता और OCI कार्डधारक इमरान खान इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उनके वकीलों का कहना है कि वे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि रास्ते से गुजर रहे थे। इस कार्रवाई पर फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई है। किरण राव और सबा आजाद ने पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए हैं, वहीं गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है। किरण राव और सबा आजाद ने जताया विरोध एफआरआरओ के नोटिस की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड सेलेब्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। फिल्ममेकर और आमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, “वाह, अब यह मुंबई पुलिस कर रही है?” वहीं एक्ट्रेस सबा आजाद ने भी पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “क्या!? यह पूरी तरह से गलत है।” बता दें कि 10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और कजिन जैन मैरी खान समेत 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था और बाद में छोड़ दिया था। गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने किया कार्रवाई का समर्थन इस मामले में अभिनेता गजेंद्र चौहान ने एफआरआरओ और सरकार के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं, ऐसे में उनका प्रदर्शन में शामिल होना कानून का उल्लंघन है। चौहान ने कहा, “मुझे बेहद खुशी है कि देश में छिपे देशद्रोहियों को बाहर जाने के लिए कहा गया है। इमरान खान को 28 अक्टूबर के बजाय 24 घंटे के अंदर देश से बाहर करने का सख्त आदेश मिलना चाहिए।” वहीं वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने भी कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें 15 दिन का समय देकर पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत काम किया है। अभिनेता गजेंद्र चौहान और रजा मुराद। हाई कोर्ट में आदेश को चुनौती देंगे इमरान NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की लीगल टीम अगले हफ्ते बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी। उनके एडवोकेट जुल्फीकार मेमन ने बताया कि 10 अक्टूबर को इमरान खान नाना चौक से गुजर रहे थे, तभी रास्ता बंद होने और मीडियाकर्मियों के सवाल पूछने पर उन्होंने बयान दिया था। लीगल टीम ने पुलिस से इलाके के सीसीटीवी फुटेज निकालने की मांग की है ताकि साफ हो सके कि इमरान प्रदर्शनकारी के रूप में शामिल नहीं थे। हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले इमरान ने कहा था कि वे एक शहरवासी की हैसियत से वहां पाबंदियों और लोगों की दबती आवाज को देखने आए थे। इमरान ने पुलिस वैन से हिरासत की तस्वीर भी शेयर की थी। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। ये खबर भी पढ़ें इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Imran Khan Mumbai FRRO Notice Controversy

Imran Khan Mumbai FRRO Notice Controversy

7 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में CJP प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है। अमेरिकी नागरिकता और OCI कार्डधारक इमरान खान इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उनके वकीलों का कहना है कि वे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि रास्ते से गुजर रहे थे। इस कार्रवाई पर फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई है। किरण राव और सबा आजाद ने पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए हैं, वहीं गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है। किरण राव और सबा आजाद ने जताया विरोध एफआरआरओ के नोटिस की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड सेलेब्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। फिल्ममेकर और आमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, “वाह, अब यह मुंबई पुलिस कर रही है?” वहीं एक्ट्रेस सबा आजाद ने भी पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “क्या!? यह पूरी तरह से गलत है।” बता दें कि 10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और कजिन जैन मैरी खान समेत 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था और बाद में छोड़ दिया था। गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने किया कार्रवाई का समर्थन इस मामले में अभिनेता गजेंद्र चौहान ने एफआरआरओ और सरकार के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं, ऐसे में उनका प्रदर्शन में शामिल होना कानून का उल्लंघन है। चौहान ने कहा, “मुझे बेहद खुशी है कि देश में छिपे देशद्रोहियों को बाहर जाने के लिए कहा गया है। इमरान खान को 28 अक्टूबर के बजाय 24 घंटे के अंदर देश से बाहर करने का सख्त आदेश मिलना चाहिए।” वहीं वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने भी कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें 15 दिन का समय देकर पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत काम किया है। अभिनेता गजेंद्र चौहान और रजा मुराद। हाई कोर्ट में आदेश को चुनौती देंगे इमरान NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की लीगल टीम अगले हफ्ते बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी। उनके एडवोकेट जुल्फीकार मेमन ने बताया कि 10 अक्टूबर को इमरान खान नाना चौक से गुजर रहे थे, तभी रास्ता बंद होने और मीडियाकर्मियों के सवाल पूछने पर उन्होंने बयान दिया था। लीगल टीम ने पुलिस से इलाके के सीसीटीवी फुटेज निकालने की मांग की है ताकि साफ हो सके कि इमरान प्रदर्शनकारी के रूप में शामिल नहीं थे। हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले इमरान ने कहा था कि वे एक शहरवासी की हैसियत से वहां पाबंदियों और लोगों की दबती आवाज को देखने आए थे। इमरान ने पुलिस वैन से हिरासत की तस्वीर भी शेयर की थी। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। ये खबर भी पढ़ें इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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'जेलर 2' ने पहले दिन ₹125 करोड़ कमाए:वर्ल्डवाइड ओपनिंग में 'एनिमल' का रिकॉर्ड तोड़ा; विदेशों में 'धुरंधर 2' को पछाड़ा

'जेलर 2' ने पहले दिन ₹125 करोड़ कमाए:वर्ल्डवाइड ओपनिंग में 'एनिमल' का रिकॉर्ड तोड़ा; विदेशों में 'धुरंधर 2' को पछाड़ा

साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘जेलर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग शुरुआत की है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने 15 अक्टूबर को रिलीज के पहले दिन भारत में 59.70 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने देश भर में 16,599 शो से 70.25 करोड़ रुपए का डोमेस्टिक ग्रॉस और 55 करोड़ रुपए का ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसके साथ ही फिल्म का पहले दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 125.25 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ‘धुरंधर 2’ और ‘एनिमल’ को पीछे छोड़ा विदेशों में कमाई के मामले में ‘जेलर 2’ ने इस साल जनवरी में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर 2’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ‘धुरंधर 2’ ने पहले दिन ओवरसीज में 52 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया था, जबकि ‘जेलर 2’ ने 55 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। वहीं, 125.25 करोड़ रुपए के कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ इसने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ (116 करोड़ रुपए वर्ल्डवाइड ओपनिंग) का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। फिल्म को पहले दिन सिनेमाघरों में करीब 37.46 लाख (3,746,734) दर्शक मिले। तमिल से मिले 43 करोड़, हिंदी में कमाए 3.50 करोड़ फिल्म के चार भाषाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो तमिल वर्जन का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। तमिल में फिल्म ने 9,326 शो से 43.35 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया, जहां कुल ऑक्यूपेंसी 70.8% दर्ज की गई। तेलुगु वर्जन ने 2,792 शो से 12.50 करोड़ रुपए बटोरे। वहीं, हिंदी वर्जन से 4,371 शो में 3.50 करोड़ रुपए और कन्नड़ वर्जन से 110 शो में 35 लाख रुपए का नेट कलेक्शन हुआ। इन चारों भाषाओं को मिलाकर भारत में कुल नेट कमाई 59.70 करोड़ रुपए रही। रिटायर्ड जेलर ‘टाइगर मुथुवेल पांडियन’ की कहानी नेल्सन दिलीपकुमार के डायरेक्शन में बनी ‘जेलर 2’ में रजनीकांत एक बार फिर रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आ रहे हैं। कहानी में अंडरवर्ल्ड से नई चुनौती सामने आने के बाद उन्हें अपने परिवार और विरासत की रक्षा के लिए पुराना हिंसक रास्ता अपनाना पड़ता है। इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में रजनीकांत के साथ मोहनलाल और विद्या बालन ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं।

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Jailer 2 Box Office Record

Jailer 2 Box Office Record

1 घंटे पहले कॉपी लिंक साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘जेलर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग शुरुआत की है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने 15 अक्टूबर को रिलीज के पहले दिन भारत में 59.70 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने देश भर में 16,599 शो से 70.25 करोड़ रुपए का डोमेस्टिक ग्रॉस और 55 करोड़ रुपए का ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसके साथ ही फिल्म का पहले दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 125.25 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ‘जेलर 2’ सुपरस्टार रजनीकांत की साल 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जेलर’ का सीक्वल है। ‘धुरंधर 2’ और ‘एनिमल’ को पीछे छोड़ा विदेशों में कमाई के मामले में ‘जेलर 2’ ने इस साल जनवरी में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर 2’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ‘धुरंधर 2’ ने पहले दिन ओवरसीज में 52 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया था, जबकि ‘जेलर 2’ ने 55 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। वहीं, 125.25 करोड़ रुपए के कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ इसने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ (116 करोड़ रुपए वर्ल्डवाइड ओपनिंग) का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। फिल्म को पहले दिन सिनेमाघरों में करीब 37.46 लाख (3,746,734) दर्शक मिले। तमिल से मिले 43 करोड़, हिंदी में कमाए 3.50 करोड़ फिल्म के चार भाषाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो तमिल वर्जन का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। तमिल में फिल्म ने 9,326 शो से 43.35 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया, जहां कुल ऑक्यूपेंसी 70.8% दर्ज की गई। तेलुगु वर्जन ने 2,792 शो से 12.50 करोड़ रुपए बटोरे। वहीं, हिंदी वर्जन से 4,371 शो में 3.50 करोड़ रुपए और कन्नड़ वर्जन से 110 शो में 35 लाख रुपए का नेट कलेक्शन हुआ। इन चारों भाषाओं को मिलाकर भारत में कुल नेट कमाई 59.70 करोड़ रुपए रही। रिटायर्ड जेलर ‘टाइगर मुथुवेल पांडियन’ की कहानी नेल्सन दिलीपकुमार के डायरेक्शन में बनी ‘जेलर 2’ में रजनीकांत एक बार फिर रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आ रहे हैं। कहानी में अंडरवर्ल्ड से नई चुनौती सामने आने के बाद उन्हें अपने परिवार और विरासत की रक्षा के लिए पुराना हिंसक रास्ता अपनाना पड़ता है। इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में रजनीकांत के साथ मोहनलाल और विद्या बालन ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू- ‘जेलर 2’:रजनीकांत का स्वैग बरकरार; एक्शन और सेलेब्स का मेला, कमजोर कहानी और ढीली स्क्रीनप्ले ने मजा किया किरकिरा रजनीकांत स्क्रीन पर आएं और दुश्मनों की हवा टाइट न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! उनका चश्मा लगाने का अंदाज हो, चलने का स्टाइल हो या फिर विलेन को बिना ज्यादा कुछ बोले सबक सिखाने वाला स्वैग, थलाइवा के फैंस के लिए ये सब किसी ट्रीट से कम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Prahar Movie Review | Rajkummar Rao Ujjwal Nikam Mumbai Legal Drama

Prahar Movie Review | Rajkummar Rao Ujjwal Nikam Mumbai Legal Drama

11 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक 26/11 के हमले ने मुंबई को दहला दिया था, गोलियां थमीं, लेकिन इंसाफ की जंग जारी रही। आतंक के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई अदालत में लड़ी गई। ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ इसी कानूनी संघर्ष की कहानी है, जहां हथियारों की जगह दलीलें हैं और हर सबूत की अहमियत। राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का दमदार अभिनय फिल्म को खास बनाता है। अदालत में इंसाफ की लड़ाई के साथ यह कहानी एक वकील की निजी जिंदगी में झांकती है, जहां देश की जिम्मेदारी और परिवार के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं। अविनाश अरुण के निर्देशन में बनी 2 घंटे 20 मिनट की इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 4 स्टार रेटिंग दी है। कहानी: अदालत में मुकदमा, घर में रिश्तों का इम्तिहान फिल्म में उज्ज्वल निकम (राजकुमार राव) की कहानी दिखाई गई है, जो देश के जाने-माने सरकारी वकील हैं और 26/11 हमले के आरोपी अजमल कसाब को सजा दिलाने की कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। कसाब (ललित प्रभाकर) के मुकदमे के साथ फिल्म उज्ज्वल की पत्नी ज्योति निकम (वामिका गब्बी) और बेटे अनिकेत के साथ उनके रिश्तों को भी दिखाती है। दूसरों को इंसाफ दिलाने की जिद में वह अपनी निजी जिंदगी को कितना वक्त दे पाते हैं, कहानी का भावनात्मक पहलू यही है। एक्टिंग: राजकुमार का ठहराव, ललित का दमदार अंदाज राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम के किरदार को गंभीरता और सहजता से निभाया है। उनके चेहरे के भाव और संवादों का ठहराव किरदार को विश्वसनीय बनाते हैं। वहीं, ललित प्रभाकर ने अजमल कसाब के किरदार में बेचैनी और असहजता पैदा की है। खासकर अंतिम हिस्से में उनका अभिनय ध्यान खींचता है। जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और आशीष विद्यार्थी अपने किरदारों को मजबूती देते हैं, जबकि वामिका गब्बी कहानी में भावनात्मक जुड़ाव लाती हैं। डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी: गंभीर कहानी, कहीं धीमी रफ्तार अविनाश अरुण का निर्देशन कहानी को बेवजह के फिल्मी ड्रामे से दूर रखता है। अदालत की कार्यवाही और उज्ज्वल की निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश अच्छी है। सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म के गंभीर माहौल के अनुकूल है। हालांकि, कुछ हिस्सों में स्क्रीनप्ले धीमा पड़ता है। चर्चित घटनाओं से परिचित दर्शकों के लिए कुछ दृश्यों में और रोमांच पैदा किया जा सकता था। म्यूजिक: ‘मेरे रहते’ छोड़ता है असर फिल्म में एक ही गाना ‘मेरे रहते’ है, जो अंत में आता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी भावनात्मक असर छोड़ता है। बैकग्राउंड स्कोर अदालत के तनाव को बढ़ाता है और कहानी की गंभीरता के साथ चलता है। फाइनल वर्डिक्ट ‘प्रहार’ की सबसे बड़ी ताकत राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का अभिनय है। कुछ जगह धीमी रफ्तार के बावजूद फिल्म कोर्टरूम ड्रामा और वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानियां पसंद करने वालों को बांधे रखती है। यह याद दिलाती है कि गोलियां थमने के बाद भी इंसाफ की लड़ाई खत्म नहीं होती। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू- ‘जेलर 2’:रजनीकांत का स्वैग बरकरार; एक्शन और सेलेब्स का मेला, कमजोर कहानी और ढीली स्क्रीनप्ले ने मजा किया किरकिरा रजनीकांत स्क्रीन पर आएं और दुश्मनों की हवा टाइट न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! उनका चश्मा लगाने का अंदाज हो, चलने का स्टाइल हो या फिर विलेन को बिना ज्यादा कुछ बोले सबक सिखाने वाला स्वैग, थलाइवा के फैंस के लिए ये सब किसी ट्रीट से कम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hema Malini Birthday Interesting Facts; Dream Girl Pakistani Fan

Hema Malini Birthday Interesting Facts; Dream Girl Pakistani Fan

27 मिनट पहले कॉपी लिंक 16 अक्टूबर 1948 आज से 78 साल पहले तमिलनाडु के अम्मानकुड़ी में जया लक्ष्मी प्रसव के आखिरी चरण में थीं। दो बेटे पहले से थे, तो तीसरे बच्चे के जन्म से पहले ही उन्होंने पति वी.एस.आर.चक्रवर्ती से कहा- ‘देखना, बेटी ही होगी। मैं उसका नाम हेमा मालिनी रखूंगी, जो बड़ी होकर क्लासिकल डांसर बनेगी।’ कमरे में दुर्गा, सरस्वती के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए। जया लक्ष्मी की कही बात सच साबित हुई, अस्पताल में किलकारी गूंजी, बेटी हुई थी। नाम रखा गया हेमा मालिनी, जिसे आज पूरा देश ड्रीम गर्ल के नाम से भी जानता है। मां के फैसले के अनुसार, हेमा मालिनी पहले क्लासिकल डांसर बनीं और फिर हीरोइन, लेकिन यही स्टारडम वजह रहा कि उन्होंने अपने पिता को खो दिया। वजह रही एक पाकिस्तानी फैन का घर में घुसना और फिर किचन नाइफ से दहशत फैलाना। आज हेमा मालिनी के बर्थडे के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी की रोचक कहानी- हेमा मालिनी ने होश संभाला ही था कि मां ने उनका दाखिला क्लासिकल डांसिंग में करवा दिया। खेल-कूद की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। स्कूल से लौटते ही हेमा कभी डांस क्लास, तो कभी सिंगिंग क्लास जातीं। कोई टीचर सिखाने में कोताही बरतता, तो मां तुरंत क्लासेस बदल देतीं। हेमा मालिनी के बचपन की तस्वीर। कुछ सालों बाद परिवार दिल्ली आकर बसा। क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग यहां भी जारी रही। हर आम बच्चे की तरह हेमा भी दिनभर खेलना चाहती थीं, लेकिन मां ने कुछ अलग सोच रखा था। वो हेमा के बालों में तेल डालकर चोटी बनातीं, बालों में फूल लगातीं, आंखों में काजल। टिपिकल मद्रासी लड़की की तरह घाघरा चोली पहनातीं। मां उन्हें सही ढंग से कपड़े पहनना और हाव-भाव की सीख देतीं। जब इस तरह वो कभी दिल्ली की सड़कों पर निकलतीं, तो आसपास से गुजरने वाले लोग उनका मजाक उड़ाते। हेमा इससे नाराज होतीं, तो मां कहतीं- ‘वह तुम्हें साउथ इंडियन कहते हैं, तो इसमें हर्ज क्या है, तुम साउथ इंडियन ही हो।’ कुछ साल बीते ही थे कि क्लासिकल डांस ट्रेनिंग सही ढंग से न मिल पाने के डर से जया लक्ष्मी ने पति से साफ कह दिया कि वह अपना ट्रांसफर मद्रास करवा लें। परिवार मद्रास आ गया। जल्द ही हेमा स्टेज शोज करने लगीं। एक ऐसे ही स्टेज शो में 13 साल की हेमा पर तमिल डायरेक्टर सीवी श्रीधर की नजर पड़ी। उन्होंने झट से हेमा को अगली फिल्म में कास्ट कर लिया। शूटिंग शुरू हुई। हेमा बड़े उत्साह के साथ 2 दिनों तक शूटिंग के सेट पर गईं। डायरेक्टर उनके नाम से नाखुश थे। सुझाव मिला कि नाम हेमा मालिनी की जगह सुजाता रख लिया जाए। फिर तीसरे दिन उन्हें ये कहकर फिल्म से निकाल दिया गया कि तुम बहुत दुबली-पतली हो, कभी हीरोइन नहीं बन पाओगी। 13 साल की बच्ची के लिए ये रिजेक्शन काफी भावुक रहा। मां ने तब मनोबल बढ़ाते हुए कहा- ये बस एक चैलेंज है, जिसे स्वीकार करना ही पड़ेगा। हेमा फिर मंच पर लौट गईं। कुछ समय बाद 1963 की फिल्म इंदु साथियम में हेमा मालिनी को एक गाने में डांस करने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें कई तमिल फिल्मों में छोटे रोल दिए जाने लगे। साउथ फिल्ममेकर, प्रोड्यूसर बी. अनंत स्वामी ने हेमा के लिए नए रास्ते बनाए। वो उन्हें फिल्ममेकर्स से मिलवाते और उन्हें रोल दिलवाते। बी.अनंत स्वामी हिंदी फिल्में भी प्रोड्यूस करते थे। 60 के दशक के आखिर में उन्होंने राज कपूर को लेकर फिल्म शुरू की, नाम था सपनों का सौदागर, डायरेक्टर थे महेश कौल और हीरो थे राज कपूर। अनंत स्वामी ने इस फिल्म के लिए महेश कौल को हेमा मालिनी का नाम सुझाया। वह हेमा को स्क्रीनटेस्ट दिलाने के लिए राज कपूर के स्टूडियो लेकर गए। राज कपूर ने गांव की लड़की के गेटअप में टेस्ट लेना शुरू ही किया था कि हेमा झट से बोल पड़ीं- मुझे एक्टिंग की कोई जानकारी नहीं है। टेस्ट शुरू हुआ, हेमा ने चंद लाइनें कहीं। राज कपूर ने पहले कैमरे की स्क्रीन देखी और फिर सामने खड़ीं हेमा को और फिर पास खड़े डायरेक्टर महेश कौल से कहा- ‘इस लड़की को देखिए, ये एक दिन बहुत आगे जाएगी।’ राज कपूर के कहने पर हेमा को हिंदी फिल्म सपनों के सौदागर (1968) में कास्ट किया गया। फिल्म में हेमा मालिनी ने बंजारन का किरदार निभाया। फिल्म रिलीज होने को आई। हेमा को तब कोई नहीं जानता था। तभी अनंत स्वामी ने हेमा के परिचय का एक नया आइडिया खोज निकाला। एक टैग लाइन। अखबारों में हेमा मालिनी की तस्वीरें छपवाई गईं, नीचे लिखा गया- ‘राज कपूर की ड्रीम गर्ल।’ इस टैगलाइन और प्रमोशनल स्टंट का खास फायदा नहीं मिला। फिल्म एवरेज रही, लेकिन हेमा को हर कोई ड्रीम गर्ल कहने लगा। शुरुआती फिल्म से हेमा ज्यादा सफल नहीं रहीं, लेकिन जब उन्हें कामयाबी मिली, तो हर किसी ने उन्हें ड्रीम गर्ल बुलाना शुरू कर दिया। 1977 की फिल्म ड्रीम गर्ल का टाइटल, हेमा मालिनी पर ही रखा गया था। जब हेमा हिंदी सिनेमा में आईं, तब धर्मेंद्र स्टार बन चुके थे। वो हिंदी सिनेमा के सबसे हैंडसम एक्टर माने जाते थे। 1968 में फिल्मों में आने से पहले हेमा मालिनी, ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म आसमान महल के प्रीमियर में पहुंचीं। नजर उठाई तो सामने धर्मेंद्र खड़े थे। स्वभाव से कोमल और कई चाहने वालों से घिरे हुए। हेमा ने देखा, तो देखती ही रह गईं। मन में एक आवाज आई- ‘इतना हैंडसम इंसान मैंने कभी नहीं देखा। उस दिन हेमा ने सोच लिया कि शादी करूंगी, तो ऐसे ही इंसान से करूंगी।’ एक ही इंडस्ट्री में होने के नाते दोनों का कई बार आमना-सामना हुआ। जल्द ही दोनों को फिल्म तुम हसीन मैं जवां में साथ साइन किया। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। धर्मेंद्र-हेमा मालिनी की पहली साथ की गई फिल्म का पोस्टर। हेमा की उम्र 20 साल थी और धर्मेंद्र 34 साल के। बतौर लीड हीरोइन हेमा के करियर की यह तीसरी फिल्म थी। धर्मेंद्र 50 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके थे। तुम हसीन मैं जवां फिल्म के टाइटल सॉन्ग की झलक। 24 जुलाई 1970 को फिल्म सिनेमा हॉल में रिलीज हुई, लेकिन तब तक फिल्म

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Prahar Movie Review | Rajkummar Rao Ujjwal Nikam Mumbai Legal Drama

Prahar Movie Review | Rajkummar Rao Ujjwal Nikam Mumbai Legal Drama

2 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक 26/11 के हमले ने मुंबई को दहला दिया था, गोलियां थमीं, लेकिन इंसाफ की जंग जारी रही। आतंक के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई अदालत में लड़ी गई। ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ इसी कानूनी संघर्ष की कहानी है, जहां हथियारों की जगह दलीलें हैं और हर सबूत की अहमियत। राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का दमदार अभिनय फिल्म को खास बनाता है। अदालत में इंसाफ की लड़ाई के साथ यह कहानी एक वकील की निजी जिंदगी में झांकती है, जहां देश की जिम्मेदारी और परिवार के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं। अविनाश अरुण के निर्देशन में बनी 2 घंटे 20 मिनट की इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 4 स्टार रेटिंग दी है। कहानी: अदालत में मुकदमा, घर में रिश्तों का इम्तिहान फिल्म में उज्ज्वल निकम (राजकुमार राव) की कहानी दिखाई गई है, जो देश के जाने-माने सरकारी वकील हैं और 26/11 हमले के आरोपी अजमल कसाब को सजा दिलाने की कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। कसाब (ललित प्रभाकर) के मुकदमे के साथ फिल्म उज्ज्वल की पत्नी ज्योति निकम (वामिका गब्बी) और बेटे अनिकेत के साथ उनके रिश्तों को भी दिखाती है। दूसरों को इंसाफ दिलाने की जिद में वह अपनी निजी जिंदगी को कितना वक्त दे पाते हैं, कहानी का भावनात्मक पहलू यही है। एक्टिंग: राजकुमार का ठहराव, ललित का दमदार अंदाज राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम के किरदार को गंभीरता और सहजता से निभाया है। उनके चेहरे के भाव और संवादों का ठहराव किरदार को विश्वसनीय बनाते हैं। वहीं, ललित प्रभाकर ने अजमल कसाब के किरदार में बेचैनी और असहजता पैदा की है। खासकर अंतिम हिस्से में उनका अभिनय ध्यान खींचता है। जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और आशीष विद्यार्थी अपने किरदारों को मजबूती देते हैं, जबकि वामिका गब्बी कहानी में भावनात्मक जुड़ाव लाती हैं। डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी: गंभीर कहानी, कहीं धीमी रफ्तार अविनाश अरुण का निर्देशन कहानी को बेवजह के फिल्मी ड्रामे से दूर रखता है। अदालत की कार्यवाही और उज्ज्वल की निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश अच्छी है। सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म के गंभीर माहौल के अनुकूल है। हालांकि, कुछ हिस्सों में स्क्रीनप्ले धीमा पड़ता है। चर्चित घटनाओं से परिचित दर्शकों के लिए कुछ दृश्यों में और रोमांच पैदा किया जा सकता था। म्यूजिक: ‘मेरे रहते’ छोड़ता है असर फिल्म में एक ही गाना ‘मेरे रहते’ है, जो अंत में आता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी भावनात्मक असर छोड़ता है। बैकग्राउंड स्कोर अदालत के तनाव को बढ़ाता है और कहानी की गंभीरता के साथ चलता है। फाइनल वर्डिक्ट ‘प्रहार’ की सबसे बड़ी ताकत राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का अभिनय है। कुछ जगह धीमी रफ्तार के बावजूद फिल्म कोर्टरूम ड्रामा और वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानियां पसंद करने वालों को बांधे रखती है। यह याद दिलाती है कि गोलियां थमने के बाद भी इंसाफ की लड़ाई खत्म नहीं होती। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू- ‘जेलर 2’:रजनीकांत का स्वैग बरकरार; एक्शन और सेलेब्स का मेला, कमजोर कहानी और ढीली स्क्रीनप्ले ने मजा किया किरकिरा रजनीकांत स्क्रीन पर आएं और दुश्मनों की हवा टाइट न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! उनका चश्मा लगाने का अंदाज हो, चलने का स्टाइल हो या फिर विलेन को बिना ज्यादा कुछ बोले सबक सिखाने वाला स्वैग, थलाइवा के फैंस के लिए ये सब किसी ट्रीट से कम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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