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DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X

DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X

Hindi News Career DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X 2 मिनट पहले कॉपी लिंक डीयू अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जारी एडवाइजरी पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एडवाइजरी का मुद्दा उठा। जीरो आवर के दौरान कई प्रोफेसरों ने इस एडवाइजरी का विरोध किया। शिक्षकों ने बताया हद से आगे बढ़ने वाला बयान शिक्षकों ने कहा कि डीयू की ओर से जारी बयान हद से आगे बढ़ने वाला है और इसे तुरंत एक्स से हटाया जाना चाहिए। शिक्षकों के मुताबिक एडवाइजरी में यह मान लिया गया है कि छात्र आसानी से बहकाए जा सकते हैं। शिक्षकों ने कहा कि छात्रों की दुनिया को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं किया जा सकता। कुछ शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया कि यूनिवर्सिटी को छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को निहित स्वार्थों का नतीजा बताकर किसी एक पक्ष की भूमिका में नहीं आना चाहिए। शिक्षकों के अनुसार, इस तरह की एडवाइजरी से यूनिवर्सिटी की छवि खराब होती है। वहीं, यूनिवर्सिटी ने अपने फैसले का बचाव किया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने कहा एडवाइजरी में नहीं होगा बदलाव यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई एडवाइजरी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। Dear students and faculty, your safety matters to us. Please note that any unlawful assemblies or demonstrations at Jantar Mantar, New Delhi, which are strictly regulated as per the directives of the Hon’ble Supreme Court of India, may invite legal action. Such activities can…— University of Delhi (@UnivofDelhi) July 23, 2026 विरोध प्रदर्शन पर डीयू ने जारी की एडवाइजरी राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों और टीचर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। डीयू का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके एजुकेशनल रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी असर डाल सकती हैं। साथ ही छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। इस आंदोलन में सक्रिय छात्र संगठनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न DU कॉलेजों के स्वतंत्र छात्र समूह शामिल हैं। AdvisoryAll stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) July 24, 2026 JNU की एडवाइजरी : व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें जेएनयू की ओर से ट्विटर पर कहा गया कि सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहा जाने से बचें। साथ ही सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखें। राहुल गांधी ने की एडवाइजरी की आलोचना लोकसभा में राहुल गांधी ने उस एडवाइजरी की कड़ी आलोचना की जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया। कांग्रेस नेता ने यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया कि वह छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमका रही है। How dare you threaten students for exercising their democratic rights?Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026 DU की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने ट्विटर पर लिखा, छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे। This is utterly appalling. Even in the days of the JP Movement leading up to the Emergency, there was no bar by the @UnivofDelhi on students joining any of his protests, and a couple of members of my Union Cabinet at St Stephen’s, including the late Chandan Mitra, openly did so.… https://t.co/tIz94j0KPx— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 24, 2026 शशि थरूर ने जताई नाराजगी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एडवाइजारी जारी करने पर डीयू की आलोचना की है। डीयू की तरफ से जारी इस एडवाइजरी पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है। इमरजेंसी से पहले जेपी आंदोलन के दिनों में भी, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोका था। उस दौरान सेंट स्टीफंस में उनकी यूनियन कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने, जिनमें स्वर्गीय चंदन मित्रा भी शामिल थे, खुलेआम प्रदर्शन में शामिल हुए थे। थरूर ने कहा है कि अगर भारत की प्रमुख सरकारी यूनिवर्सिटी से एक को अपने स्टूडेंट्स और फैकल्टी को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर गंभीर नतीजों की धमकी देने की इजाज़त दी जाती है, तो इसका लोकतांत्रिक बातचीत और अभिव्यक्ति की आजादी पर बुरा असर पड़ता है। थरूर ने कहा है कि DU के अधिकांश छात्र इतने साधन-संपन्न नहीं होते कि वे ऐसी सख्त चेतावनी को इग्नोर कर सकें। उन्हें डर रहता है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से उनके एकेडमिक या प्रोफेशनल भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। थरूर ने कहा है कि यूनिवर्सिटी का मकसद मुद्दों पर आलोचनात्मक सोच और स्वतंत्र मूल्यांकन सिखाना होता है, न कि इन गुणों को दबाना। ये खबर भी पढ़ें JPSC की 9 परीक्षाएं रद्द:ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने का आरोप, CID जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग

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DRDO Long Range Missile Test

DRDO Long Range Missile Test

Hindi News Career DRDO Long Range Missile Test | Viswanathan Anand FIDE President Update 17 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी 24 जुलाई को पेपर लीक संशोधन बिल को पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी। पेपर लीक संशोधन बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। पीएम मोदी ने एक दिन पहले ही कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की भी बात कही थी। पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात छात्रों के लिए वीडियो मैसेज भी जारी किया था। इस बिल को मंजूरी 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के चलते दी गई है। नए बिल में पेपर लीक के मामलों में 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान होगा। क्या है कानून में नियम देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इस कानून 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम लागू है, उसमें पेपर लीक करने पर 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माने की सजा है। एजेंसी दोषी होने पर 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन रहेगा। इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 2. विश्वनाथन आनंद FIDE के अंतरिम प्रेसिडेंट बने 24 जुलाई को पांच बार के वर्ल्ड चेस चैंपियन विश्वनाथन आनंद अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ, FIDE का अंतरिम प्रेसिडेंट अपॉइंट हुए। विश्वनाथन आनंद की अपॉइंटमेंट FIDE के मौजूदा प्रेसिडेंट आर्कादी ड्वोर्कोविच पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध लगाने के बाद हुई है। FIDE के नियम के अनुसार जब प्रेसिडेंट के पास कोई अधिकार न हो तब डिप्टी प्रेसिडेंट को अंतरिम प्रेसिडेंट का कार्यभार दिया जाता है। ड्वोरकोविच 2012 से 2018 तक रूस के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर रहे और 2018 से FIDE के प्रेसिडेंट हैं। ड्वोरकोविच ने EU और स्विस कानूनों और नियमों के तहत प्रतिबंध के दायरे में होने की वजह से उन्होंने अपने फैसलों पर रोक लगाई है। ड्वोरकोविच का नाम EU के 21वें प्रतिबंध पैकेज में शामिल किया गया है। FIDE चार्टर के अनुच्छेद 19.2 के तहत, आनंद अब अंतरिम अध्यक्ष का पद संभालेंगे। विश्वनाथ आनंद 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने। विश्वनाथ आनंद 2000, 2007, 2008, 2010, 2012 में 5 बार के वर्ल्ड चेस चैंपियन बने। विश्वनाथ आनंद साल 2022 से FIDE के डिप्टी प्रेसिडेंट हैं। इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) FIDE की स्थापना 1924 में हुई थी। FIDE का हेडक्वाटर्र लॉजेन, स्विट्जरलैंड में है। FIDE इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन करवाती है, चेस से जुड़े नियम बनाती है और रैंकिंग तय करती है। विश्वनाथ आनंद साल 2022 से FIDE के डिप्टी प्रेसिडेंट हैं। 3. अशिष कुमार इंफोसिस के अगले CEO होंगे 24 जुलाई को इंफोसिस ने आशीष कुमार दाश को अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर CEO घोषित किया। आशीष 1 अप्रैल 2027 से कंपनी के CEO और MD का पद संभालेंगे। आशीष वर्तमान CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 31 मार्च 2027 को खत्म होगा। आशीष वर्तमान में इंफोसिस के ग्लोबल हेड, सर्विस यूटिलिटी हेड हैं और उनके पास इंफोसिस में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। इंफोसिस (INFOSYS) इंफोसिस की स्थापना 2 जुलाई 1981 में एनआर नारायण मूर्ती ने अपने छह संस्थापकों के साथ मिलकर की। इंफोसिस का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में है। इंफोसिस इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), कंसल्टिंग(Consulting), डिजिटल सर्विस और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट का काम करता है। इंफोसिस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सर्विस, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे काम करती है। अशिष ने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 4. नरेश पाल नए शिक्षा सचिव बने 23 जुलाई को केंद्र सरकार ने नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव अपॉइंट किया। नरेश 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS हैं, वे पशुपालन एवं डेयरी डिपार्टमेंट में सचिव थे। नरेश की ये नियुक्ति पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बाद की गई है। वे विनीत जोशी की जगह लेंगे। नरेश 2001 से 2008 तक राजस्थान के अलग-अलग जिलों में कलेक्टर रहे। 2014 में नरेश राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव बने और शिक्षा प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिसंबर 2020 में नरेश भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी बनाए गए। सितंबर 2025 में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में सचिव नियुक्त हुए। नरेश पहली बार 2001 में टोंक (राजस्थान) के जिला कलेक्टर नियुक्त हुए थे। 5. DRDO ने LR-SAM ‘कुश मिसाइल की सफल टेस्टिंग की 23 जुलाई को DRDO ने ओडिशा के APJ अब्दुल कलाम द्वीप से लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (LR-SAM) ‘कुश’ की पहली सफल टेस्टिंग की। कुश सतह से हवा में मार करने वाला एक स्वदेशी मिसाइल सिस्टम है। जो लंबी दूरी तक वार कर सकता है। कुश का पहला टेस्ट एक इलेक्ट्रॉनिक टारगेट के खिलाफ किया गया था, जो तेज रफ्तार और ज्यादा ऊंचाई वाले हवाई खतरे जैसा था। कुश मिसाइल सिस्टम कई तरह के हवाई खतरों को बेअसर करने में सक्षम है, जिनमें फाइटर जेट, मिसाइलें, बिना पायलट वाले हवाई वाहन (UAV) और दुश्मन के बड़े विमान शामिल हैं। कुश के मिसाइल, रडार, कमांड और कंट्रोल सेंटर समेत हथियार सिस्टम के सभी हिस्से DRDO की अलग-अलग लैब और इंडस्ट्री पार्टनर्स ने विकसित किए हैं। प्रोजेक्ट कुश को रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बराबर माना जा रहा है और S-400 का उद्देश्य लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों को रोकना है। कुश को सबसे लंबी दूरी वाली इंटरसेप्टर मिसाइल 350 से 400 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम होगी। कुश मिसाइल सिस्टम कई हवाई खतरों पर एक साथ नजर रखकर वार कर सकता है। मिसलीनियस (Miscellaneous) 6. भारत का पहला ‘क्वांटम फाइनेंस हब’ आंध्र प्रदेश

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Delhi University Advisory | Students Teachers Avoid Jantar Mantar Protest

Delhi University Advisory | Students Teachers Avoid Jantar Mantar Protest

Hindi News Career Delhi University Advisory | Students Teachers Avoid Jantar Mantar Protest 15 मिनट पहले कॉपी लिंक राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों और टीचर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। Dear students and faculty, your safety matters to us. Please note that any unlawful assemblies or demonstrations at Jantar Mantar, New Delhi, which are strictly regulated as per the directives of the Hon’ble Supreme Court of India, may invite legal action. Such activities can…— University of Delhi (@UnivofDelhi) July 23, 2026 डीयू का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके एजुकेशनल रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी असर डाल सकती हैं। साथ ही छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों से भी सतर्क रहने की भी सलाह दी। इस आंदोलन में सक्रिय छात्र संगठनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न DU कॉलेजों के स्वतंत्र छात्र समूह शामिल हैं। AdvisoryAll stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) July 24, 2026 JNU की एडवाइजरी : व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें जेएनयू की ओर से ट्विटर पर कहा गया है कि सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहा जाने से बचें। साथ ही सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखें। IIT मद्रास की एडवाइजरी The ROOT OF TRUST of any exam is the teachers who set the question paper. We trust them for their integrity and honesty. As per reports in media regarding NEET paper leak, it is pointing to the question paper setters who are involved in the scam. Again it is disturbing to note… https://t.co/7ZaBLt2aBr— IIT Madras (@iitmadras) July 23, 2026 आईआईटी मद्रास ने कहा किसी भी परीक्षा में भरोसे की असली नींव वे शिक्षक होते हैं जो प्रश्न-पत्र तैयार करते हैं। हम उनकी ईमानदारी और सच्चाई पर भरोसा करते हैं। NEET पेपर लीक के बारे में मीडिया की खबरों से पता चलता है कि इस घोटाले में प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले लोग ही शामिल हैं। मीडिया से यह जानकर भी हैरानी होती है कि जब CBSE ने री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू किया तो साइबर अपराधियों ने कम समय में 3.8 मिलियन पैकेट भेजकर उसे ठप करने की कोशिश की थी। राहुल गांधी ने की एडवाइजरी की आलोचना लोकसभा में राहुल गांधी ने आज यानी 24 जुलाई को दिल्ली यूनिवर्सिटी DU की उस एडवाइजरी की कड़ी आलोचना की जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया था। कांग्रेस नेता ने यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया कि वह छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमका रही है। How dare you threaten students for exercising their democratic rights?Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026 DU की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने ट्विटर पर लिखा, छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे। ये खबर भी पढ़ें NEET छात्रा का दावा झूठा, बनाई फर्जी मार्कशीट:विरोध करने जंतर-मंतर तक पहुंची, NTA ने फोरेंसिक जांच से पकड़े डिजिटली बदलाव 21 जून को Re Neet एग्जाम देने वाली कानपुर की आर्या सिंह ने एनटीए पर गंभीर आरोप लगाए। अपनी ओएमआर शीट लेकर वे पिता के साथ NTA के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर भी पहुंच गईं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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India Panama Maritime Security Cooperation

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Hindi News Career India Panama Maritime Security Cooperation | IASV Triveni Return Update 11 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. अनुराग जैन नीति आयोग के नए CEO होंगे 23 जुलाई को अनुराग जैन नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त हुए। अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) ने अनुराग के नाम को मंजूरी दी। अनुराग पदभार ग्रहण करने की तारीख से अगले दो सालों तक इस पद पर बने रहेंगे। अनुराग अंतरिम CEO IAS निधि छिब्बर की जगह लेंगे। निधि 24 फरवरी को इस पद पर अपॉइंट की गई थीं। अनुराग 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS ऑफिसर हैं। अनुराग अक्टूबर 2024 से अब तक मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर थे, उनका कार्यकाल 31 अगस्त को खत्म हो रहा है। अनुराग के पास स्वास्थ्य, वन, पर्यावरण, कृषि, प्रशासन से जुड़े कई विभागों समेत कई विभागों का लंबा अनुभव है। इसके साथ ही इस आदेश के बाद मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने सीनियर IAS अधिकारी अशोक बर्णवाल को अनुराग की जगह अस्थायी सचिव अपॉइंट किया है। अशोक अगस्त 2016 में शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें अपना प्रमुख सचिव बनाया तो 2018 में जब कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी तब भी वे प्रमुख सचिव थे। नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) भारत सरकार का एक प्रमुख नीति थिंक टैंक है जिसने 2015 में योजना आयोग की जगह ली है। नीति आयोग का चेयरपर्सन पीएम होता है। इसके वाइस चेयरमेन पीएम अपॉइंट करते हैं और CEO केंद्र सरकार नियुक्त करती है। 2. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ को फ्लैग-इन किया 22 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान को वर्चुअल फ्लैग-इन किया। ये पहला त्रि-सेवा यानी, थल सेना , वायु सेना और नौसेना का महिला क्रू नौकायन अभियान है। इस अभियान में भारतीय सेना की नौकायन पोत इंडियन आर्मी सेलिंग वेसल (IASV) त्रिवेणी से 9 महिला अधिकारियों ने 314 दिन यात्रा की। इस यात्रा के दौरान लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की गई। फ्लैग-इन के मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ, नेवी चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह भी मौजूद रहे। IASV त्रिवेणी 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से रवाना किया गया था। इस यात्रा के दौरान IASV त्रिवेणी ने तीन बड़े केप्स – केप लीविन (ऑस्ट्रेलिया), केप हॉर्न (दक्षिण अमेरिका) और केप ऑफ गुड होप (अफ्रीका) का चक्कर लगाया है। IASV त्रिवेणी ने दक्षिणी महासागर बेल्ट सहित सभी देशांतरों (longitudes) और प्रमुख अक्षांशों (latitudes) से गुजरकर अपनी समुद्री परिक्रमा पूरी की है। IASV त्रिवेणी क्रू ने पनामा या स्वेज नहर जैसी किसी भी नहर का इस्तेमाल किए बिना खुले समुद्र का रास्ता अपनाया और यात्रा उसी जगह खत्म की जहां से शुरू हुई थी। IASV त्रिवेणी अभियान क्रू में मेजर करमजीत कौर, मेजर ओमिता दलवी, कैप्टन प्राजक्ता निकम, लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं, विंग कमांडर विभा सिंह, स्क्वाड्रन लीडर अरुवी जयदेव और स्क्वाड्रन लीडर वैशाली भंडारी भी शामिल थीं। इस यात्रा के दौरान IASV त्रिवेणी क्रू ने चार महासागरों का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया। 3. भारत और पनामा ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर सहमति जताई 22 जुलाई को भारत और पनामा ने समुद्री सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पनामा में पनामा नहर ग्लोबल समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र है और लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस सहमति के बाद भारत के महानिदेशालय नौवहन और पनामा मैरीटाइम अथॉरिटी मिलकर काम करेंगे। इस सहमति के बाद दोनों देश मिलकर पोर्ट डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स, शिपिंग और समुद्री परिवहन में साझेदारी मजबूत करने पर काम करेंगे। यह साझेदारी मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इनोवेशन और ग्लोबल कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। इसके तहत मैरीटाइम एजुकेशन एंड स्किल और नाविकों के ट्रेनिंग में सहयोग बढ़ाया जाएगा। पनामा नहर वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और इस साझेदारी से भारतीय निर्यातकों को लाभ होगा। डिजिटल मैरीटाइम ट्रांसफॉर्मेशन के तहत AI, स्मार्ट पोर्ट लॉजिस्टिक्स और मेरीटाइम सिंगल विंडो जैसी टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम किया जाएगा। इस सहमति के साथ ही ग्रीन शिप रीसाइक्लिंग, आधुनिक वेयरहाउसिंग और समुद्री स्ट्रक्चर के विकास पर भी सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, ये पहल भारत की सागरमाला, मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और वैश्विक समुद्री संपर्क को सुदृढ़ करने की रणनीति को भी समर्थन देती है। 4. DRDO एयरबस A321 विमानों के लिए अनुबंध किया 23 जुलाई को DRDO और अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मिलकर नेक्स्ट-जेनरेशन के एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C-MKII) प्रोग्राम के लिए बड़ा MoU किया। इस MoU का उद्देश्य भारतीय वायुसेना के एयर सर्विलांस, अर्ली वॉरनिंग और कमांड कंट्रोल क्षमताओं मजबूत बनाना है। इस कार्यक्रम में DRDO टेक्निकल डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट को लीड करेगा। जबकि अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस AEW&C-MKII का प्रोडक्शन और इंटीग्रेशन का काम करेगा। AEW&C Mk-II प्लेटफॉर्म आधुनिक AESA रडार, लंबी दूरी की निगरानी क्षमता तथा नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध प्रणाली से लैस होगा। DRDO ने ये डील AI इंजीनियरिंब सर्विस लिमिटेड (AIESL) के साथ भी की है। जिसके तहत 6 एयरबस A321 विमानों को सैन्य उपयोग के लिए ‘ग्रीन कॉन्फिगरेशन’ में बदला जाएगा। इन विमानों को नेत्रा (Netra) Mk II एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम में बदला जाएगा। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल (MRO) और करीब 30 साल तक तकनीकी सहायता की भी जिम्मेदारी इसी कार्यक्रम का हिस्सा होगी। इसका उद्देश्य दुश्मन के लंबी दूसरी के विमानों, मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाना है और हवाई हमलों के दौरान कमांड और कंट्रोल में मदद करना है। अब तक अमेरिका, फ्रांस, इजरायल, चीन और स्वीडन जैसे सिर्फ पांच देशों ने स्वदेशी AEW&C क्षमता विकसित की है। AEW&C-MKII कार्यक्रम के बाद भारत भी इसमें शामिल हो जाएगा। ये विमान दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को लंबी दूरी से पहचान सकेंगे और विमानों में स्वदेशी रडार और सेंसर लगाए जाएंगे। मिसलीनियस (Miscellaneous) 4.भारत ने केन्या को इबोला से निपटने के लिए सहायता भेजी 23 जुलाई को भारत ने केन्या को इबोला से निपटने के लिए 4.5

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JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns

JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns

Hindi News Career JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns 1 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, आयोग ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा सहित कुल 9 खास भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट पर सवाल 2 जुलाई 2026 को जारी 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट के बाद कई उम्मीदवारों ने अनियमितता के आरोप लगाए। उम्मीदवारों का कहना है कि कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, OMR शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही। इसके अलावा उम्मीदवारों को मार्क्स भी नहीं बताए गए। ज्यादा मार्क्स होने का दावा करने वाले कुछ उम्मीदवारों का सिलेक्शन नहीं हुआ, जबकि कम मार्क्स वाले उम्मीदवारों का सिलेक्शन हो गया। परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी पर आरोप JPSC पर यह आरोप भी है कि आयोग ने ऐसी एजेंसी से कई परीक्षाएं कराईं जिसे उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। आयोग के एक सदस्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई। CID जांच शुरू विवाद बढ़ने के बाद झारखंड सरकार ने पूरे मामले की जांच CID को सौंप दी। CID ने JPSC कार्यालय सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। CID ने जांच के दौरान डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन सहित परीक्षा से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि परीक्षा संचालन और डेटा प्रोसेसिंग में गंभीर गड़बड़ी हुई। फिलहाल इन बिंदुओं पर जांच कर रही CID डिजिटल टैंपरिंग और ओएमआर में फेरबदल : क्या परीक्षा के बाद सर्वर या ओएमआर शीट में बैकडेट में बदलाव किए गए ? मनी लॉन्ड्रिंग का कोणः उम्मीदवारों से वसूली गई मोटी रकम किन-किन खातों में भेजी अधिकारियों की भूमिका : ब्लैकलिस्टेड कंपनी को JPSC ने किस आधार पर परीक्षा संचालन की अनुमति दी। JPSC ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा-2025 समेत कुल 9 भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल टाल दिया है। आयोग ने कहा है कि परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उम्मीदवारों से केवल आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। ये खबर भी पढ़ें APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Patna IPS Sanket Kumar Viral Video

Patna IPS Sanket Kumar Viral Video

Hindi News Career Patna IPS Sanket Kumar Viral Video | NEET Protest Controversy Statement 2 मिनट पहले कॉपी लिंक पटना में 22 जुलाई 2026 को NEET से जुड़े मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन हो रहा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। इसी दौरान पटना वेस्ट के एसपी IPS संकेत कुमार का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे पुलिसकर्मियों से कहते दिखाई दिए कि पीछे हटे तो नौकरी के लायक नहीं छोड़ूंगा। इससे पहले इसरो में साइंटिस्ट थे संकेत इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके चलते उनकी कार्यशैली और बयान पर चर्चा शुरू हो गई। संकेत कुमार IPS बनने से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में वैज्ञानिक थे। पीछे हटे तो कल नौकरी के लायक नहीं बचोगे!पटना में प्रदर्शनकारियों के सामने जब पुलिस पीछे हटने लगी, तब 2022 बैच के IPS संकेत कुमार के इस एक डायलॉग ने पूरा गेम पलट दिया।#Patna #IPSSaketKumar #NEET pic.twitter.com/1ti6xfGZh6— SANTOSH PANDEY (@Santosh53172026) July 23, 2026 डाकबंगला चौरोह पर उम्र हुआ मामला दिनभर चले इस प्रदर्शन के दौरान पटना की सड़कें संग्राम का मैदान बनी रहीं। छात्रों का यह जुलूस गांधी मैदान से शुरू होकर लोक भवन की ओर बढ़ रहा था। प्रदर्शनकारी छात्र जब पटना के प्रमुख डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे, तो मामला बेहद उग्र हो गया। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन आक्रोशित छात्र पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया। वेस्ट एसपी संकेत खुद मोर्चे पर पहुंचे डाकबंगला चौराहे पर स्थिति बिगड़ती देख पटना के वेस्ट एसपी (IPS) संकेत कुमार खुद मोर्चे पर उतरे। जब कुछ पुलिसकर्मी उग्र भीड़ और पथराव के बीच पीछे हटने लगे, तो एसपी संकेत कुमार ने कड़े और चेतावनी भरे लहजे में अपने साथियों को पीछे न हटने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस बल हरकत में आया और पुलिसकर्मियों ने उग्र छात्रों को खदेड़ने के लिए दोबारा आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। आईपीएस अनु बेनिवाल का वायरल वीडियो इससे पहले मध्य प्रदेश कैडर की IPS अनु बेनीवाल का एक वीडियो वायरल हुआ था। ग्वालियर में उन्होंने एक ब्लैक फिल्म चढ़ी कार को रोका। जब कार चालक ने अपने रिश्तेदारों का हवाला दिया तो बेनीवाल ने कहा कि तुम्हारे फूफा चाहे प्रेसिडेंट हों तो भी चालान तो होगा। उन्होंने 172 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करके 86 हजार से अधिक की राशि वसूल की थी। अनु को लेडी सिंघम के नाम पहचान मिली अनु बेनीवाल 2022 बैच की पुलिस अधिकारी हैं। सख्त कार्यशैली की वजह से लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ भी कहते हैं। दिल्ली के पीतमपुरा में जन्मी अनु बेनीवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स में बीएससी और एमएससी किया। इसके साथ ही उन्होंने नैनो साइंस पर रिसर्च भी किया है। अनु बेनीवाल का विवाह आयुष जाखड़ से हुआ है जो 2022 बैच के IPS अधिकारी हैं। विवाह के बाद केंद्र सरकार ने उनका बिहार कैडर से मध्य प्रदेश कैडर में इंटर कैडर ट्रांसफर स्वीकार किया। ये खबर भी पढ़ें APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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RPSC Application Correction Last Date

RPSC Application Correction Last Date

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा- 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 के आवेदन फार्म में संशोधन करने की आज (24 जुलाई) लास्ट डेट है। . इसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकते है। साथ ही आवेदन फार्म विड्रो का अवसर भी दिया था। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर 2026 तथा निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा – 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाना है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के लिए सुविधा मात्र है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर में नहीं होगा संशोधन। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी 18 से 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। हेल्थ डिपार्टमेंट में फिजियोथेरेपिस्ट के 20 पदों पर वैकेंसी:आज से भरे फार्म राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा फिजियोथैरेपिस्ट (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं विभाग) के कुल 20 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- कैंडिडेट्स की आयु 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा नियमानुसार विभिन्न केटेगरी में आयु सीमा में छूट दी गई है। इससे पहले वैकेंसी 2018 में निकाली गई थी और ऐसे में सभी कैंडिडेट्स को आयु में 3 साल की छूट दी गई है। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। परीक्षा तिथि व स्थान के संबंध में यथासमय सूचित कर दिया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण एवं अन्य जानकारी संबंधी विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन के लिए सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए है। अधिक जानकारी के लिए करें यहां क्लिक

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Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned

Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned

Hindi News Career Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned | Current Affairs 9 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. INS मालवन भारतीय नौसेना में कमीशन हुआ 22 जुलाई को भारतीय नौसेना ने INS मालवन को औपचारिक रूप से कमीशन किया। INS मालवन माहे-क्लास का एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। INS मालवन का मुख्य कार्य समुद्र के उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है। लाइटवेट टॉरपीडो, RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर तथा अन्य उन्नत हथियार प्रणालियों से सुसज्जित है। INS मालवन को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है और ये 80% स्वदेशी सामाग्री से बना है। INS मालवन का कमीशनिंग समारोह कर्नाटक के कारवार में आयोजित किया गया। INS मालवन के कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की। इस मौके पर पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्स्यायन भी मौजूद रहे। ‘मालवन’ नाम महाराष्ट्र के एक तटीय शहर के नाम पर रखा गया है और ये जहाज आधुनिक सेंसर और हथियारों से लैस है। INS मालवन आधुनिक हुल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. मीराबाई चानू, लवलीना ग्लासगो कॉमनवेल्थ की ध्वजावाहक होंगी 23 जुलाई को स्कॉटलैंड में ग्लासगो कॉमनवेल्थ का उद्घाटन होगा। ये समारोह ‘द ओवीओ हाइड्रो’ में होगा। ये 2 अगस्त तक चलेंगे। इस समारोह में वेट लिफ्टर मीराबाई चानू, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो कॉमनवेल्थ उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक होंगी। मीराबाई चानू तिरंगा थामेंगी, जबकि लवलीना बोरगोहेन समारोह की प्रतीकात्मक किंग्स बैटन लेकर भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस साल कॉमनवेल्थ में संस्कृति और पहचान को दर्शाने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए अलग-अलग बैटन सौंपे गए हैं। इस ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 में भारत के 125 एथलीट हिस्सा लेंगे। इस ग्रुप में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल होंगी और भारतीय खिलाड़ी कुल 13 जेनर्स में खेलेंगे। मीरा बाई चानू ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर जीता था। वे करीब एक दशक से भारत की प्रमुख वेटलिफ्टर हैं। उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में गोल्ड भी जीता था। लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के उद्घाटन समारोह में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। वहीं समापन समारोह में विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और टेबल टेनिस के दिग्गज शरत कमल ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुआई की थी। कॉमनवेल्थ 2026 ग्लासगो 12 सालों के भीतर कॉमनवेल्थ गेम्स के दो संस्करण आयोजित करने वाला दूसरा देश है। इस बार कॉमनवेल्थ में सिर्फ 10 गेम्स को शामिल किया गया है। बैडमिंटन, हॉकी, रेसलिंग, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे लोकप्रिय खेल इस बार इसमें शामिल नहीं किये गए हैं। अगस्त 2022 में बोली जीतने के बाद मूल रूप से 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्टेट को मिली थी। जुलाई 2023 में विक्टोरिया सरकार ने अचानक मेजबानी वापस ले ली। जब कोई और मेजबान देश सामने नहीं आया तो ग्लासगो ने अप्रैल 2024 में मेजबानी ली। 1994 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 10 खेल शामिल थे. उस समय इवेंट केवल पारंपरिक व्यक्तिगत खेलों तक सीमित थी और टीम खेलों को शामिल नहीं किया गया था। कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। शुरुआत में ये खेल आयोजन ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से जाना जाता था। भारत ने पहली बार 1934 में लंदन कॉमनवेल्थ में हिस्सा लिया था। भारत के लिए पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1934 में कुश्ती खिलाड़ी राशिद अनवर ने जीता था। भारत ने पहली और एकमात्र बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में बर्मिंघम (इंग्लैंड) में आयोजित किया गया था। निधन (DEATH) 3. हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन 22 जुलाई को हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन हो गया, वे 18 साल की थीं। केली गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग और गॉडजिला एक्स कॉन्ग, द न्यू एम्पायर जैसी फिल्मों में अपने किरदार के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। केली के परिवार में पिछली चार पीढ़ियों से मूक बधिर सदस्य हैं। ताल्लुक रखने वाली हॉटल अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और किंग कॉन्ग के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। इंटरनेशनल 4. मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई 22 जुलाई को फिलीपींस की राजधानी मनीला में क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया इसकी बैठक की मेजबानी फिलीपींस ने की। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की। क्वाड की ये बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर में तनाव के बीच आयोजित हो रही है। इस बैठक में फ्री,ओपन इंडो- पेसिफिक और क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस बैठक में सभी सदस्यों ने मरीन सिक्योरिटी, सप्लाई चैन की मजबूती, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आतंकवाद-रोधी सहयोग और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे विषयों पर चर्चा की। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग (QUAD) एक इनफॉर्मल फोरम है। क्वाड मेंबर भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी मई में भारत में बैठक हो सकती है। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग क्वाड एक इनफॉर्मल फोरम है। 5. महाराष्ट्र में भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य बनेगा 21 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार ने भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य विकसित करने का ऐलान किया। इस परियोजना के लिए लगभग 45 करोड़ की मंजूरी दी गई है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य मुंबई के ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी में बनाया जाएगा। भारत में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किसी पक्षी अभयारण्य के प्रबंधन और संरक्षण में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। ये फैसला राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में लिया गया है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना।

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Hindi News Career Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned | Current Affairs 1 घंटे पहले कॉपी लिंक 1. INS मालवन भारतीय नौसेना में कमीशन हुआ 22 जुलाई को भारतीय नौसेना ने INS मालवन को औपचारिक रूप से कमीशन किया। INS मालवन माहे-क्लास का एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। INS मालवन का मुख्य कार्य समुद्र के उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है। लाइटवेट टॉरपीडो, RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर तथा अन्य उन्नत हथियार प्रणालियों से सुसज्जित है। INS मालवन को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है और ये 80% स्वदेशी सामाग्री से बना है। INS मालवन का कमीशनिंग समारोह कर्नाटक के कारवार में आयोजित किया गया। INS मालवन के कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की। इस मौके पर पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्स्यायन भी मौजूद रहे। ‘मालवन’ नाम महाराष्ट्र के एक तटीय शहर के नाम पर रखा गया है और ये जहाज आधुनिक सेंसर और हथियारों से लैस है। INS मालवन आधुनिक हुल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. मीराबाई चानू, लवलीना ग्लासगो कॉमनवेल्थ की ध्वजावाहक होंगी 23 जुलाई को स्कॉटलैंड में ग्लासगो कॉमनवेल्थ का उद्घाटन होगा। ये समारोह ‘द ओवीओ हाइड्रो’ में होगा। ये 2 अगस्त तक चलेंगे। इस समारोह में वेट लिफ्टर मीराबाई चानू, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो कॉमनवेल्थ उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक होंगी। मीराबाई चानू तिरंगा थामेंगी, जबकि लवलीना बोरगोहेन समारोह की प्रतीकात्मक किंग्स बैटन लेकर भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस साल कॉमनवेल्थ में संस्कृति और पहचान को दर्शाने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए अलग-अलग बैटन सौंपे गए हैं। इस ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 में भारत के 125 एथलीट हिस्सा लेंगे। इस ग्रुप में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल होंगी और भारतीय खिलाड़ी कुल 13 जेनर्स में खेलेंगे। मीरा बाई चानू ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर जीता था। वे करीब एक दशक से भारत की प्रमुख वेटलिफ्टर हैं। उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में गोल्ड भी जीता था। लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के उद्घाटन समारोह में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। वहीं समापन समारोह में विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और टेबल टेनिस के दिग्गज शरत कमल ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुआई की थी। कॉमनवेल्थ 2026 ग्लासगो 12 सालों के भीतर कॉमनवेल्थ गेम्स के दो संस्करण आयोजित करने वाला दूसरा देश है। इस बार कॉमनवेल्थ में सिर्फ 10 गेम्स को शामिल किया गया है। बैडमिंटन, हॉकी, रेसलिंग, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे लोकप्रिय खेल इस बार इसमें शामिल नहीं किये गए हैं। अगस्त 2022 में बोली जीतने के बाद मूल रूप से 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्टेट को मिली थी। जुलाई 2023 में विक्टोरिया सरकार ने अचानक मेजबानी वापस ले ली। जब कोई और मेजबान देश सामने नहीं आया तो ग्लासगो ने अप्रैल 2024 में मेजबानी ली। 1994 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 10 खेल शामिल थे. उस समय इवेंट केवल पारंपरिक व्यक्तिगत खेलों तक सीमित थी और टीम खेलों को शामिल नहीं किया गया था। कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। शुरुआत में ये खेल आयोजन ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से जाना जाता था। भारत ने पहली बार 1934 में लंदन कॉमनवेल्थ में हिस्सा लिया था। भारत के लिए पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1934 में कुश्ती खिलाड़ी राशिद अनवर ने जीता था। भारत ने पहली और एकमात्र बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में बर्मिंघम (इंग्लैंड) में आयोजित किया गया था। निधन (DEATH) 3. हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन 22 जुलाई को हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन हो गया, वे 18 साल की थीं। केली गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग और गॉडजिला एक्स कॉन्ग, द न्यू एम्पायर जैसी फिल्मों में अपने किरदार के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। केली के परिवार में पिछली चार पीढ़ियों से मूक बधिर सदस्य हैं। ताल्लुक रखने वाली हॉटल अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और किंग कॉन्ग के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। इंटरनेशनल 4. मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई 22 जुलाई को फिलीपींस की राजधानी मनीला में क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया इसकी बैठक की मेजबानी फिलीपींस ने की। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की। क्वाड की ये बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर में तनाव के बीच आयोजित हो रही है। इस बैठक में फ्री,ओपन इंडो- पेसिफिक और क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस बैठक में सभी सदस्यों ने मरीन सिक्योरिटी, सप्लाई चैन की मजबूती, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आतंकवाद-रोधी सहयोग और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे विषयों पर चर्चा की। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग (QUAD) एक इनफॉर्मल फोरम है। क्वाड मेंबर भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी मई में भारत में बैठक हो सकती है। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग क्वाड एक इनफॉर्मल फोरम है। 5. महाराष्ट्र में भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य बनेगा 21 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार ने भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य विकसित करने का ऐलान किया। इस परियोजना के लिए लगभग 45 करोड़ की मंजूरी दी गई है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य मुंबई के ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी में बनाया जाएगा। भारत में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किसी पक्षी अभयारण्य के प्रबंधन और संरक्षण में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। ये फैसला राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में लिया गया है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना।

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Agniveer CAPF Recruitment | 50% Quota for Ex-Agniveers in GD Posts

Agniveer CAPF Recruitment | 50% Quota for Ex-Agniveers in GD Posts

Hindi News Career Agniveer CAPF Recruitment | 50% Quota For Ex Agniveers In GD Posts 12 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (GD) और राइफलमैन (GD) के पदों पर 50% आरक्षण देने की घोषणा की है। यह जानकारी गृह मंत्रालय ने लोकसभा में दी। इसके साथ ही कई राज्य सरकारों जैसे हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने अपनी पुलिस व अन्य सुरक्षा सेवाओं में भी अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण और आयु सीमा में छूट की घोषणा की है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी। गृह मंत्रालय के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाएगी। यानी उनकी भर्ती प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान बनाया गया है। गृह मंत्रालय में बनाया गया ‘स्पेशल विंग’ पूर्व अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने एक्स-अग्निवीर विंग की भी स्थापना की है। यह विंग विभिन्न सुरक्षा बलों में उनकी नियुक्ति और अन्य अवसरों के लिए समन्वय का काम करेगा। कार्यकाल पूरा होने से पहले ही घोषणा ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भर्ती किए गए पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल इस साल के अंत तक पूरा होगा। सरकार ने उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए पहले से ही केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और असम राइफल्स में रोजगार का रास्ता तैयार कर दिया है। इन राज्यों में मिलेगा अग्निवारों को आरक्षण : हरियाणा राज्य मंत्रिमंडल ने अग्निवीर नीति को मंजूरी देते हुए हरियाणा सरकार के अंतर्गत सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण 10% के बजाय 20% कर दिया है। इनमें विशेष रूप से फॉरेस्ट गार्ड (पर्यावरण, वन और वन्य जीव विभाग), वार्डर (जेल विभाग) और माइनिंग गार्ड (खनन और भूविज्ञान विभाग) शामिल हैं। दिल्ली दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के 20% पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित हैं। साथ ही उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट भी दी गई है। इतना ही नहीं पूर्व अग्निवीरों को कॉन्स्टेबल पद पर भर्ती के लिए निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा में तीन वर्ष की छूट है जो फिलहाल 18-25 वर्ष है। इसके अतिरिक्त, अग्निवीर योजना के पहले बैच के उम्मीदवारों को 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी गई है। उत्तराखंड, सिक्किम : राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों में 10% हॉरिजॉन्टल आरक्षण लागू किया है। सिक्किम राज्य में भी पुलिस भर्ती के लिए 20% आरक्षण की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए UP पुलिस (सिविल पुलिस), होम गार्ड्स, अग्निशमन सेवाएं और जेल वार्डर भर्ती में 20% हॉरिजॉन्टल आरक्षण रखा गया है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट और अग्निवीरों के पहले बैच के लिए 5 वर्ष की छूट रखी गई है। ये खबर भी पढ़ें : APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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