तिहाड़ जेल से रची गई ₹50 लाख की खौफनाक साजिश! 2 साल से फरार ‘गोगी गैंग’ का वांटेड गुर्गा गिरफ्तार, खुला ये बड़ा राज

Last Updated:February 13, 2026, 22:29 IST Gogi Gang Sharp Shooter Arrested: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (इंटर-स्टेट सेल) ने कुख्यात गोगी गैंग के वॉन्टेड क्रिमिनल अंकुश चोपड़ा उर्फ सचिन को गिरफ्तार किया है. वह दो साल से फरार था. उसके खिलाफ वजीराबाद में एक बिजनेसमैन को टारगेट करके ₹50 लाख की एक्सटॉर्शन और फायरिंग करने का आरोप है. पुलिस ने बताया कि यह साजिश तिहाड़ जेल के अंदर से गैंगस्टर सनी काकरान और गौरव ने रची थी, जिन्होंने शूटआउट के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल किया था. 50 लाख रुपये की रंगदारी मामले में ‘गोगी गैंग’ का गुर्गा गिरफ्तार. (फाइल फोटो) Gogi Gang Sharp Shooter Arrested: राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध और गैंगस्टर्स पर नकेल कसते हुए दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल (ISC) ने कुख्यात ‘गोगी गैंग’ (Gogi Gang) से जुड़े एक वांटेड और खूंखार बदमाश को धर दबोचा है. पकड़ा गया आरोपी पिछले दो साल से फायरिंग और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था. कुछ समय पहले दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक कारोबारी के घर के बाहर दिनदहाड़े फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी. पुलिस के मुताबिक, एक काली स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर एक बदमाश आया और कारोबारी के घर पर गोलियां बरसाकर फरार हो गया. दहशत फैलाने के लिए मौके पर एक पर्ची भी छोड़ी गई थी, जिसमें ‘गोगी गैंग’ के नाम पर सीधे ₹50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी. तिहाड़ जेल के अंदर से रची गई थी पूरी साजिश पुलिस की सघन जांच में इस पूरे खौफनाक खेल का मास्टरमाइंड जेल के अंदर बैठा मिला. इस पूरी साजिश को तिहाड़ जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद दो बदमाशों मनीष उर्फ सनी ककरान और मनमोहन उर्फ गौरव ने रचा था. इन शातिर अपराधियों ने पुलिस से बचने के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल किया और उनसे कारोबारी के घर पर फायरिंग करवाई. सिम कार्ड ने खोला वांटेड आरोपी का राज पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 2 नाबालिगों सहित 6 आरोपियों को तो पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी अंकुश चोपड़ा उर्फ सचिन लगातार फरार था. अदालत ने उसे 30 जून 2025 को भगोड़ा (Proclaimed Offender) भी घोषित कर दिया था. जेल से चल रहा गैंग जब क्राइम ब्रांच ने अंकुश को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जेल में बैठे आकाओं के संपर्क में रहने के लिए जिस मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह इसी अंकुश चोपड़ा के नाम पर रजिस्टर्ड था. अंकुश ने यह सिम अपने साथियों को दिया था, जिन्होंने इसे तिहाड़ जेल में बंद आकाओं तक पहुंचाया, ताकि वहां से रंगदारी का पूरा नेटवर्क चलाया जा सके. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : February 13, 2026, 22:29 IST
Bihar Panchayati Raj Recruitment | 203 Govt Jobs Today

8 दिन पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी इंडियन आर्मी में अग्निवीर भर्ती 2025 के लिए आवेदन शुरू, पंचायती राज विभाग, बिहार में 203 पदों पर भर्ती की। साथ ही यूपीएससी IES, ISS एग्जाम के लिए आवेदन शुरू होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए…. 1. इंडियन आर्मी में अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए आवेदन शुरू इंडियन आर्मी की ओर से अग्रिवीर भर्ती 2025 के लिए आज से आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। अग्निपथ स्कीम के तहत चयनित अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष होगी। चार साल बाद 75% अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। जबकि 25% को स्थायी नियुक्ति दी जाएगी। अग्निवीर परीक्षा 1 से 15 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। ट्रेड्समैन पदों के लिए ट्रेड चुनना अनिवार्य 8वीं और 10वीं पास ट्रेड्समैन पदों के लिए आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के ट्रेड भरना होगा। 10वीं पास उम्मीदवार अधिकतम 9 ट्रेड चुन सकते हैं। जबकि 8वीं पास दो ट्रेड का विकल्प भर सकेंगे। यदि कोई उम्मीदवार ट्रेड नहीं भरता है तो मेरिट में आने के बावजूद उसका सिलेक्शन नहीं किया जाएगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : अग्निवीर जनरल ड्यूटी : 45% अंकों के साथ 10वीं पास। हर विषय में कम से कम 33% अंक जरूरी। जिन उम्मीदवारों के पास लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस है, उन्हें ड्राइवर भर्ती में वरीयता दी जाएगी। अग्निवीर टेक्निकल फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के साथ 50% अंकों से 12वीं पास होना चाहिए। हर विषय में कम से कम 40% मार्क्स जरूरी हैं। अग्निवीर क्लर्क/स्टोरकीपर किसी भी स्ट्रीम में कम से कम 60% अंकों के साथ 12वीं पास। हर विषय में कम से कम 50% अंक जरूरी। अग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर भर्ती में टाइपिंग टेस्ट भी होगा। अग्निवीर ट्रेड्समैन अग्निवीर ट्रेड्समैन 10वीं पास के लिए 10वीं में कम से कम 33% अंक होने चाहिए। अग्निवीर ट्रेड्समैन आठवीं पास के लिए आठवीं में 33% अंक होने चाहिए। महिला मिलिट्री पुलिस : 45% अंकों के साथ 10वीं पास। हर विषय में 33% अंक जरूरी। सोल्जर टेक्निकल नर्सिंग असिस्टेंट: 12वीं 50% अंकों के साथ साइंस, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और इंग्लिश में पास की हो । वहीं हर सब्जेक्ट में 40% अंक होने चाहिए। सिपाही फार्मा: 12वीं पास। डी फार्मा में न्यूनतम 55% अंक होना चाहिए। फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन। या बी फार्मा में न्यूनतम 50% अंक और स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्टर्ड उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। जेसीओ धार्मिक शिक्षक: पंडित : हिन्दू कैंडिडेट्स शास्त्री/आचार्य संस्कृत कर्म कांड विषय में एक साल का डिप्लोमा किया हो। RT बुद्धिस्ट : किसी भी स्ट्रीम में बैचलर डिग्री। RT मौलवी : किसी भी स्ट्रीम से बैचलर डिग्री, आलिम ऐरेबिका, अदीब ए माहिर/उर्दू माहिर उर्दू । आरटी पादरी: आरटी ग्रंथी के लिए भी बैचलर डिग्री और संबंधित विषय का नॉलेज। शारीरिक योग्यता : अग्निवीर (जीडी), (टेक्निकल), ट्रेड्समैन : हाइट : 170 सेमी अग्निवीर (क्लर्क/स्टोरकीपर टेक्निकल) : हाइट : 162 सेमी पुरुषों का सीना 77 सेमी तक हो, जिसमें 5 सेमी तक फुलाव भी होना चाहिए। एज लिमिट : अग्निवीर जीडी/टेक्निकल/असिस्टेंट/ट्रेड्समैन : 17.5 से 22 साल सोल्जर टेक्निकल: 17.5 से 23 वर्ष सिपाही फार्मा: 19-25 वर्ष JCO धार्मिक टीचर: 25-24 साल। आयुसीमा की गणना 1 जुलाई 2027 के आधार पर की जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : फिजिकल टेस्ट मेडिकल एग्जाम मेरिट लिस्ट जारी सैलरी : पहले वर्ष 30 हजार रुपए सैलरी मिलेगी, जो चौथे साल तक बढ़कर 40 हजार रुपए हो जाएगी। वेतन का 30% हिस्सा सेवा निधि में जमा होगा, जिसमें सरकार भी समान राशि जोड़ेगी। चार साल बाद करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज (ब्याज सहित) मिलेगा। ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाएं। होम पेज पर दिए गए JCO/OR/ Agniveer / Apply/ Login पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें। अपना फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशिल नोटिफिकेशन लिंक 2. पंचायती राज विभाग, बिहार में 203 पदों पर भर्ती पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार ने रिटायर हो चुके अधिकारियों के लिए जिला ऑडिट अधिकारी और सीनियर ऑडिट अधिकारी के पदों पर कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bgsys.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोस्ट वाइज वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या डिस्ट्रिक्ट ऑडिट ऑफिसर 38 सीनियर ऑडिटर 165 कुल पदों की संख्या 203 कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : जिला ऑडिट ऑफिसर आरक्षण श्रेणी कुल पोस्ट अनारक्षित 13 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 04 अनुसूचित जाति (SC) 07 अनुसूचित जनजाति (ST) 01 अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 07 पिछड़ा वर्ग (BC) 05 पिछड़ा वर्ग की महिलाएं 01 कुल 38 सीनियर ऑडिट ऑफिसर आरक्षण श्रेणी कुल पोस्ट अनारक्षित 67 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 17 अनुसूचित जाति (SC) 27 अनुसूचित जनजाति (ST) 02 अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 28 पिछड़ा वर्ग (BC) 19 पिछड़ा वर्ग की महिलाएं 05 कुल 165 योग्यता : मांगी गई पोस्ट के रिटायर्ड कर्मचारी। एज लिमिट : 65 साल सिलेक्शन प्रोसेस : शॉर्टलिस्टिंग के बेसिस पर सैलरी : लेवल – 6 से लेवल – 7 के अनुसार जरूरी डॉक्यूमेंट्स : 12वीं, ग्रेजुएशन पास या सीए की मार्कशीट जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो आधार कार्ड समग्र आईडी बैंक पासबुक इत्यादि। ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट ps.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए “Online Application for Auditor Posts” लिंक पर क्लिक करें। BGSYS Bihar (bgsys.bihar.gov.in) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें और इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. यूपीएससी IES और ISS एग्जाम 2026 के लिए आवेदन शुरू संघ लोक सेवा आयोग ने इंडियन इकोनॉमिक सर्विस और इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। उम्मीदवार यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या इंडियन इकोनॉमिक सर्विस 16 इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस 28 कुल पदों की संख्या 44 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : इंडियन
सुनेत्रा पवार के अगले दो सप्ताह में राकांपा प्रमुख का पद संभालने की संभावना | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:13 फरवरी, 2026, 19:40 IST राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सुनेत्रा पवार अगले पखवाड़े में पार्टी का शीर्ष पद संभालने के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार. (फाइल फोटो) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को अगले दो सप्ताह के भीतर नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने की संभावना है, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार के रूप में उभर रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है. प्रक्रिया के अनुसार, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति बुलाई जाएगी, जहां नेतृत्व का सवाल उठाए जाने और औपचारिक रूप से निर्णय का समर्थन किए जाने की उम्मीद है। इस बीच, राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सुनेत्रा पवार अगले पखवाड़े में पार्टी का शीर्ष पद संभालने के लिए तैयार हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए, पटेल ने कहा कि अजीत पवार की मृत्यु के बाद, तत्काल प्राथमिकता पार्टी के संगठन को मजबूत करना और हाल के चुनावी लाभ को मजबूत करना है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उपमुख्यमंत्री इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार हैं और जल्द ही औपचारिक रूप से पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे। समाचार एजेंसी के हवाले से पटेल ने कहा, “आइए हम पहले सुनेत्रा पवार के पीछे एकजुट होने पर ध्यान केंद्रित करें और पार्टी के भीतर प्रक्रियाओं को पूरा करें। हम आने वाले समय में राज्य में पार्टी के आधार को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं।” राकांपा ने हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में जोरदार प्रदर्शन किया है, पुणे जिला परिषद में उल्लेखनीय जीत हासिल की है और कोल्हापुर और कई पंचायत समितियों में बढ़त हासिल की है। इस बीच, पटेल ने राकांपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के बीच संभावित विलय की अटकलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हाल ही में, एनसीपी (सपा) की लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने दिल्ली में कहा था कि अजित पवार के साथ विलय की बातचीत चल रही है, लेकिन कहा कि उनके आकस्मिक निधन के बाद इस मामले को आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है। यह घटनाक्रम अजित पवार की आकस्मिक मृत्यु के बाद हुआ, जो राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और साथ ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे। 66 वर्षीय नेता की 28 जनवरी को उनके गृहनगर बारामती में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई, एक ऐसी त्रासदी जिसने नेतृत्व में शून्यता पैदा कर दी है और पार्टी के भविष्य के पाठ्यक्रम पर गहन विचार-विमर्श शुरू हो गया है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 फरवरी, 2026, 19:37 IST समाचार राजनीति सुनेत्रा पवार के अगले दो सप्ताह में राकांपा प्रमुख का पद संभालने की संभावना है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(टी)एनसीपी अध्यक्ष(टी)सुनेत्रा पवार(टी)अजित पवार की मृत्यु(टी)महाराष्ट्र की राजनीति(टी)एनसीपी नेतृत्व(टी)प्रफुल्ल पटेल(टी)एनसीपी विलय
वैलेंटाइन-डे पर प्रेमी मिलने खुशी-खुशी होटल पहुंची युवती, कमरे में हुआ कुछ ऐसा, बालकनी से लगा दी छलांग

होमताजा खबरक्राइम प्रेमी मिलने खुशी-खुशी होटल पहुंची युवती, कमरे में हुआ कुछ ऐसा, कूद गई नीचे और Last Updated:February 13, 2026, 18:31 IST Valentine Day Love Shock: वैलेंटाइन डे से ठीक पहले दिल्ली में डराने वाली घटना हो गई. दिल्ली की एक मुस्लिम लड़की ने होटल की छत से छलांग लगा दी. दरअसल वह अपने बॉयफ्रेंड से मिलने होटल पहुंची थी. लड़की के गिरने का वीडियो वायरल हो रहा है. एक लोकल इलेक्ट्रिक शॉप के कर्मचारी सूझ ने उसकी जान बचा ली. लड़के ने उसे तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया. दिल्ली पुलिस लड़के से पूछताछ कर रही है. ब्वॉयफ्रेंड से मिलने गई लड़की, होटल की बालकनी से कूदी. (फाइल फोटो) Valentine Day Love Shock: प्यार का महीना और वैलेंटाइन डे (Valentine’s Day) का खुमार युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है. लेकिन इसी बीच देश की राजधानी दिल्ली के फर्श बाजार (Farsh Bazar) इलाके से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. वैलेंटाइन डे से ठीक एक दिन पहले एक प्रेमी जोड़े ने होटल में चेक-इन किया, लेकिन कुछ ही देर बाद बात इतनी बिगड़ गई कि प्रेमिका ने होटल से ही छलांग लगा दी. इस खौफनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुलिस के मुताबिक, यह मामला अंतरधार्मिक प्रेम प्रसंग (Inter-faith relationship) का है. लड़का हिंदू है और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है, जबकि लड़की मुस्लिम है. वह नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली की रहने वाली है. दोनों ने आज ही फर्श बाजार स्थित ‘संतोष रेजिडेंसी’ (Santosh Residency) होटल में कमरा लिया था. पुलिस के अनुसार, कमरे में जाने के बाद लड़की ने लड़के पर शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. जब लड़के ने शादी से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच तीखी बहस और कहासुनी हो गई. गुस्से और हताशा में आकर लड़की ने अचानक होटल की बालकनी से नीचे छलांग लगा दी. गत्ते बिछाकर बचाई जान लड़की की जान शायद नहीं बच पाती, अगर नीचे मौजूद एक चश्मदीद ने अपनी सूझबूझ न दिखाई होती. होटल के ठीक नीचे एक इलेक्ट्रिक की दुकान है. दुकान के एक कर्मचारी ने जैसे ही लड़की को ऊपर से गिरते देखा, उसने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत तेजी दिखाई. मैं अपनी दुकान पर था जब मैंने ऊपर से शोर सुना. मैंने देखा कि लड़की नीचे की तरफ गिर रही है. मेरे पास सोचने का वक्त नहीं था, इसलिए मैंने तुरंत दुकान में रखे खाली बड़े-बड़े गत्ते (कार्टन) निकाले और सड़क पर उस जगह बिछा दिए जहां वह गिरने वाली थी. गत्तों की वजह से उसे सीधे पक्के फर्श पर चोट नहीं लगी और उसकी जान बच गई. पुलिस कर रही है पूछताछ हादसे के तुरंत बाद, जो प्रेमी इस पूरी घटना की वजह था, उसी ने आनन-फानन में लड़की को उठाया और अस्पताल पहुंचाया. फिलहाल लड़की का इलाज चल रहा है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की है. पुलिस का कहना है कि वे लड़की के होश में आने और उसके बयान का इंतजार कर रहे हैं. लड़की के बयान के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पुलिस ने लड़के को हिरासत में ले लिया है. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : February 13, 2026, 18:31 IST
| Rajasthan | Jaipur Crime News | Father Killed Daughter |

होमताजा खबरक्राइम शादाब ने की अपने ही बेटी की हत्या, फिर करने लगा सुसाइड!आखिर क्या है पूरा मामला Last Updated:February 13, 2026, 15:52 IST Father Killed Daughter In Jaipur : जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति पर अपनी आठ महीने की बेटी की जान लेने का आरोप है. वारदात घर के भीतर हुई बताई जा रही है. घटना के बाद आरोपी ने खुदकुशी की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे हिरासत में ले लिया. फिलहाल मामले की जांच जारी है और हत्या के पीछे के कारणों की पड़ताल की जा रही है. इलाके में इस घटना से गहरा सदमा है. जयपुर. राजधानी जयपुर से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. सांगानेर इलाके के मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में एक पिता ने अपनी ही आठ महीने की मासूम बेटी की हत्या कर दी. घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. जिसने भी यह सुना, वह सन्न रह गया. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी पिता ने अपनी बेटी पर कैंची से वार किया. बच्ची की उम्र सिर्फ आठ महीने बताई जा रही है. वार इतना गंभीर था कि मासूम की जान नहीं बच सकी. घटना घर के अंदर ही हुई. फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि वारदात के समय घर में और कौन मौजूद था. हत्या के बाद खुदकुशी की कोशिशबताया जा रहा है कि बेटी की हत्या करने के बाद आरोपी पिता ने खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. हालांकि समय रहते मामला सामने आ गया. पुलिस को सूचना मिली तो टीम तुरंत मौके पर पहुंची. आरोपी को हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी शादाब गिरफ्तारपुलिस ने आरोपी पिता शादाब को गिरफ्तार कर लिया है. सांगानेर के मालपुरा गेट थाना इलाके का यह मामला अब पूरी तरह पुलिस जांच में है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर उसने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया. अभी तक हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है. इलाके में सनसनीघटना की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. आसपास के लोग स्तब्ध हैं. पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा कुछ हो सकता है. मासूम बच्ची की मौत से माहौल गमगीन है. पुलिस कर रही पूरे मामले की जांचपुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है. आरोपी से पूछताछ की जा रही है. परिवार की पृष्ठभूमि और हालात को भी खंगाला जा रहा है. अभी पुलिस की ओर से यही कहा गया है कि जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी. एक पिता द्वारा अपनी ही बच्ची की हत्या की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है. फिलहाल मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को दुख और हैरानी में डाल दिया है. About the Author Anand Pandey नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : February 13, 2026, 15:52 IST
इंस्टाग्राम फ्रेंड से शादी, फिर हत्या! दहेज के बक्से में मिली लाश, भोपाल में सनसनी

भोपाल. निशातपुरा थाना क्षेत्र में स्थित एक पानी की टंकी के पास पड़े संदूक से महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सुबह स्थानीय निवासियों को तेज दुर्गंध मिली, जिस पर उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने पानी से संदूक निकालकर देखा तो उसमें एक महिला की लाश पड़ी थी, जो दो-तीन दिन पुरानी बताई जा रही थी. फॉरेंसिक और अधिकारिक जांच के बाद शव की शिनाख्त सिया नाम की महिला के रूप में हुई, जो आरोपी समीर की तीसरी पत्नी थी. पुलिस ने उसे सुबह ही हिरासत में ले लिया. पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपी पर पहले ही शक हो गया था, उसके बारे में पड़ोसियों ने भी जानकारी दी थी तो तमाम सबूत जमा करने के बाद उसे गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस ने शुरुआती जांच में यह भी साफ किया कि संदूक वही था जो कुछ समय पहले आरोपी समीर को दूसरी शादी के दहेज में मिला था. जांचकर्ताओं के मुताबिक इसी संदूक में तीसरी पत्नी का शव कैद था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के लिए शव को संदूक में बंद कर पानी के टैंक में फेंका गया. स्थानीय लोग और पुलिस अधिकारियों ने इस रहस्य को सुलझाने के लिए एकत्रित सबूतों और घटनास्थल के आसपास पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी पूछताछ में खुलासा करेगा और जल्दी ही पर्दाफाश हो जाएगा. संदूक में शव: हत्या या साजिशपुलिस के अनुसार मृतका सिया की पहचान संदूक से बरामद लाश के रूप में हुई. सिया का शरीर फूला हुआ था, जिससे अंदेशा है कि वह पिछले दो-तीन दिनों पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालना शुरू किया है. प्रारंभिक जांच बता रही है कि हत्या कहीं और हुई और फिर शव को पानी की टंकी में फेंका गया. जांच अधिकारी ने बताया कि संदूक दहेज के दौरान आरोपी समीर की दूसरी पत्नी को दिया गया था. यह नई जानकारी मामले को और जटिल बनाती है और पुलिस को एक स्पष्ट सिया हत्या योजना के सुराग भी देती है. सिया के शरीर से मिले घावों और संदूक में बंद हालत से यह भी ज्ञात होता है कि हत्या हत्या के बाद शव को छुपाने की कोशिश की गई. पुलिस का कहना है कि सिया कुछ समय समीर और उसकी दूसरी पत्नी के साथ भी रही. कुछ महीने पहले ही लेकर आया था, ‘सिया’ को बता रहा था साली पुलिस ने बताया कि आरोपी समीर के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि वह कुछ महीने पहले सिया को लेकर आया था. पूर्व में उसकी एक दूसरी पत्नी भी थी, लेकिन कुछ दिनों पहले विवाद के कारण वह अपने मायके चली गई थी. सिया से उसकी पहचान सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. सिया के इंस्टाग्राम पर हजारों फालोअर हैं. शुरूआत में उसने सिया को अपनी साली बताया था, लेकिन बाद में दोनों ने शादी कर ली. समीर ऑटो चलाने का काम करता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उसका ऑटो भी नहीं चल रहा था. पुलिस पूछताछ में यह जानकारी मिली कि समीर और सिया के बीच लगातार विवाद होता था, जिसका असर उनकी ज़िंदगी पर साफ दिख रहा था. पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद समीर दूसरी पत्नी को लेने जबलपुर गया था, इसी दौरान उसे हिरासत में लिया गया. पुलिस की गिरफ़्तारी और पूछताछआज सुबह जैसे ही आरोपी दूसरी पत्नी को अपने ससुराल से लेकर आया, तब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान आरोपी से सख्ती से बदसलूकी और हत्या से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं. पुलिस को यह भी संदेह है कि संदूक और पानी के टंकी तक शव पहुंचा कर हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की साजिश रची गई थी. जांच अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से भी पूछताछ जारी है. आरोपी समीर के फोन रिकॉर्ड और सोशल मीडिया बातचीत को भी खंगाला जा रहा है. पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी और आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. शव बरामदगी का वक्तपुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका की लाश बक्से में बंद मिली थी. पानी की टंकी के पास तेज दुर्गंध फैल रही थी, जिस पर पुलिस ने जांच की और संदूक को पानी से बाहर निकाला. संदूक में बंद महिला की लाश देखकर वहां मौजूद लोग हक्के-बक्के रह गए. घटनास्थल पर वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुँचे और बारीकी से जांच की. आरोपी का परिवार और पुलिस कार्रवाईसमीर की दूसरी पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों को भी हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. इस दौरान पुलिस ने आसपास के गुमशुदा मामला दर्ज महिलाओं के ब्योरे भी जुटाए हैं ताकि मृतका सिया की पहचान को अंतिम रूप दिया जा सके. पुलिस का मानना है कि जल्द ही सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा. जांच बहुत धीमी और सूक्ष्म ढंग सेपुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच बहुत धीमी और सूक्ष्म ढंग से की जा रही है. फॉरेंसिक टीम और विशेषज्ञों के समर्थन से यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या टैम्परिंग और संदूक के निशान किस समय चिह्नित हुए. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मामले की निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जानकारी देंगे. पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या कब और कहां की गई थी, लेकिन संदूक को पानी की टंकी में फेंकने का उद्देश्य हत्या ही है यह साफ़ नजर आ रहा है. आने वाले समय में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा और शिकायती बयानों की पड़ताल से केस की तह तक पहुंचने की कोशिश जारी रहेगी.
तमिलनाडु की महिला मतदाताओं के लिए एमके स्टालिन के 5,000 रुपये: जिन राज्यों ने मतदान से पहले ‘बहनों के लिए खैरात’ दी | व्याख्याकार समाचार

आखरी अपडेट:13 फरवरी, 2026, 15:09 IST सीएम एमके स्टालिन की तमिलनाडु चुनाव में 1.3 करोड़ मतदाताओं तक पहुंच के बीच, राज्यों में राजनीतिक प्रतियोगिताओं को आकार देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली “महिला-केंद्रित” नकद योजनाओं पर एक नज़र एमके स्टालिन ने कहा कि 3,000 रुपये की राशि फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीनों के लिए अग्रिम भुगतान के रूप में दी गई थी। (पीटीआई/एपी फाइल) जैसे ही तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आए, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को घोषणा की कि कलैग्नार महिला अधिकार योजना के तहत महिला लाभार्थियों को अग्रिम रूप से 3,000 रुपये दिए गए हैं, साथ ही “ग्रीष्मकालीन विशेष पैकेज” के रूप में 2,000 रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। कुल मिलाकर, सीएम स्टालिन ने राज्य भर में 1.31 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा किए। एक्स पर एक पोस्ट में स्टालिन ने कहा कि 3,000 रुपये की राशि फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीनों के लिए अग्रिम भुगतान के रूप में दी गई थी। “तमिलनाडु की महिलाओं के लिए, यह महिला अधिकार अनुदान स्टालिन द्वारा दिया गया वादा है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करता है, मैं इससे पीछे नहीं हटूंगा। चुनावों का हवाला देते हुए, वे तीन महीने के लिए महिला अधिकार अनुदान को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमारी #द्रविड़ मॉडल सरकार ने उनसे आगे बढ़कर काम किया है! फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीनों के लिए अग्रिम के रूप में – ₹ 3,000, साथ में ₹ 2,000 का ग्रीष्मकालीन विशेष पैकेज! कुल मिलाकर! पोस्ट में लिखा है, कलैगनार महिला अधिकार योजना के सभी 1.31 करोड़ लाभार्थियों को आज सुबह ₹5,000 का भुगतान किया गया है। उन्होंने इसे तमिलनाडु की महिलाओं के लिए एक वादा बताते हुए कहा कि “द्रविड़ियन मॉडल 2.0” के तहत मौजूदा 1,000 रुपये की मासिक सहायता दोगुनी होकर ₹2,000 हो जाएगी, अगर वे दोबारा सत्ता में आए। पोस्ट में आगे लिखा है, “#WinningTamilWomen के समर्थन से, हम जीतना जारी रखेंगे! #DravidianModel 2.0 के तहत, हम ₹1,000 महिला अधिकार अनुदान को बढ़ाकर ₹2,000 करेंगे! यह वह वादा है जो मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन ने मेरी बहनों से किया है! #WeWillWinTogether,” पोस्ट में आगे लिखा है। राज्यों में राजनीतिक प्रतियोगिताओं को आकार देने के लिए उपयोग की जाने वाली “महिला-केंद्रित” नकद योजनाओं पर एक नज़र: पश्चिम बंगाल: लक्ष्मीर भंडार या लोकखी भंडार यह पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए एक मासिक प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजना है, जिसे मूल रूप से 2021 विधानसभा चुनावों से पहले 2021 में शुरू किया गया था। उस चुनाव से पहले इसे महिला मतदाताओं के लिए एक प्रमुख कल्याणकारी वादे के रूप में जानबूझकर पेश किया गया था। 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले, राज्य सरकार ने आधिकारिक चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले, फरवरी 2026 से शुरू होने वाली इस योजना के तहत बढ़े हुए भुगतान की घोषणा की – जिसे महिला मतदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए एक चुनाव पूर्व कदम के रूप में देखा गया। इसमें पूरे पश्चिम बंगाल में लगभग 2.4 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थी शामिल हैं। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000/माह और एससी/एसटी महिलाओं को ₹1,200/माह मिलते थे। फरवरी 2026 से सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए बढ़ा हुआ भुगतान 1,500 रुपये प्रति माह और एससी/एसटी महिलाओं के लिए 1,700 रुपये प्रति माह है। ये बढ़े हुए लाभ राज्य के अंतरिम बजट के हिस्से के रूप में चुनावी मौसम से पहले वितरित किए जाने लगे। मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने नवंबर 2023 के विधानसभा चुनावों से आठ महीने पहले मार्च 2023 में यह योजना शुरू की थी। शुरुआत में यह राशि 1,000 रुपये प्रति माह थी, बाद में इसे बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रति माह कर दिया गया। 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को आधार से जुड़े खातों में सीधे मासिक हस्तांतरण मिला। प्रभाव: इससे मौजूदा भाजपा को मजबूत सत्ता विरोधी लहर से उबरने, वोट शेयर में सुधार करने और पर्याप्त बहुमत हासिल करने में मदद मिली। विश्लेषकों ने पिछले चुनावों की तुलना में भाजपा की सीटें बढ़ने का श्रेय इस योजना को दिया। महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री लड़की बहिन योजना भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले अगस्त 2024 में इस योजना की शुरुआत की। सरकार ने 21-65 वर्ष की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह देने की घोषणा की। चुनाव से पहले करीब 2.3 करोड़ महिलाओं को यह सहायता मिली. सत्तारूढ़ गठबंधन की निर्णायक जीत में इसे व्यापक रूप से एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में देखा गया था, कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने फंडिंग को सीधे उच्च महिला वोट मतदान से जोड़ा था, जो सत्ताधारियों के पक्ष में था। झारखंड: मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले अगस्त 2024 में यह योजना शुरू की। शुरुआत में यह राशि 1,000 रुपये प्रति माह थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया। इससे लगभग 40 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ हुआ। यह योजना पिछले चुनावों की तुलना में सत्तारूढ़ गठबंधन के वोट शेयर में पर्याप्त वृद्धि से संबंधित है। बिहार: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना भाजपा और जद (यू) गठबंधन ने नवंबर की शुरुआत में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सितंबर-अक्टूबर 2025 में इस योजना की रूपरेखा तैयार की। प्रत्येक महिला के बैंक खाते (प्रारंभिक किश्त) में 10,000 रुपये जमा किए गए, बाद में उद्यम निर्माण के लिए संभावित अतिरिक्त सहायता (2 लाख रुपये तक) निर्धारित की गई। कुल 7.5 मिलियन महिलाओं को शुरुआत में प्रत्येक को 10,000 रुपये मिले। इसके बाद मतदान से पहले के हफ्तों में अतिरिक्त स्थानांतरण कुल मिलाकर 1.25 करोड़ महिलाओं तक पहुंचे। राज्यव्यापी महिला मतदान ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। कई विश्लेषकों और विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि इन तबादलों ने मतदान व्यवहार को प्रभावित किया और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को मजबूत जीत दिलाने में मदद की। कर्नाटक: गृह लक्ष्मी योजना इस योजना की घोषणा अगस्त 2023 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार द्वारा मई 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पांच प्रमुख चुनाव पूर्व गारंटियों में से एक के रूप में की
केरल चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारी में शशि थरूर को मिली अहम भूमिका | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:13 फरवरी, 2026, 14:37 IST मतभेद की अफवाहों पर विराम लगाते हुए शशि थरूर को केरल चुनाव के लिए कांग्रेस अभियान समिति का सह-अध्यक्ष नियुक्त किया गया। रमेश चेन्निथला अध्यक्ष हैं। केरल में अप्रैल-मई में चुनाव होने की उम्मीद है. शशि थरूर ने गुरुवार को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की. (फाइल फोटो: एक्स) कांग्रेस के तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर को शुक्रवार को आगामी केरल विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की अभियान समिति के सह-अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया, जिससे उनके और शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद की सभी अफवाहें समाप्त हो गईं। थरूर जहां सह-अध्यक्ष हैं, वहीं वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कांग्रेस सांसद शफी परम्बिल अभियान समिति के संयोजक होंगे, जिसमें हिबी ईडन, रोजी एम जॉन, सीआर महेश, मैथ्यू कुझालनदान, राम्या हरिदास, एम लिजू और दीप्ति मैरी वर्गीस सदस्य होंगे। कांग्रेस सांसद बेनी बेहनन घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश इसके सह-अध्यक्ष होंगे। घोषणापत्र समिति में डीन कुरियाकोस और जेबी माथेर सदस्य होंगे। थरूर की नियुक्ति महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी शिकायतों के निवारण के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि “सब कुछ अच्छा है” और “हम सभी एक ही विचार पर हैं”। इसके बाद से थरूर को कांग्रेस के लिए प्रमुखता से बोलते हुए देखा गया और उन्होंने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा की शुरुआत भी की. थरूर कथित तौर पर हाल ही में कोच्चि के एक कार्यक्रम में अपने साथ हुए व्यवहार और केरल में कुछ नेताओं द्वारा उन्हें ‘दरकिनार’ करने की कोशिशों से नाराज थे। पिछले साल, तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कई मौकों पर ऑपरेशन सिन्दूर के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की प्रशंसा की और आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए अमेरिका में भारतीय सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया। हालाँकि, उनके कार्यों की कांग्रेस नेताओं ने आलोचना की हालाँकि, थरूर की समस्याएँ फिलहाल सुलझती हुई दिख रही हैं। केरल चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वह 10 साल तक विपक्ष में रहने के बाद वाम दलों से सत्ता छीनना चाहती है और पार्टी दक्षिणी राज्य में जीत हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अप्रैल-मई में चुनाव होने की उम्मीद है. पहले प्रकाशित: 13 फरवरी, 2026, 14:36 IST समाचार चुनाव केरल चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारी में शशि थरूर को मिली अहम भूमिका अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस अभियान समिति(टी)शशि थरूर(टी)रमेश चेन्निथला(टी)केरल चुनाव(टी)कांग्रेस घोषणापत्र समिति(टी)तिरुवनंतपुरम एमपी(टी)कांग्रेस नेतृत्व
तेलंगाना राजनीतिक युद्ध: एसआईटी जांच और फोन टैपिंग मामले के बीच केटीआर की रेवंत रेड्डी को खुली चुनौती

| फोन टैपिंग गाथा पर सीएनएन न्यूज18 का साक्षात्कार | बीआरएस के कार्यकारी प्रमुख केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को उन्हें और केसीआर को गिरफ्तार करने की चुनौती दी। आखरी अपडेट: 13 फरवरी, 2026, 14:22 IST
बाबरी मस्जिद की पिच और अल्पसंख्यक वोट: क्या हुमायूं कबीर की नई पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव पर असर डालेगी? | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:13 फरवरी, 2026, 13:27 IST ज़मीनी स्तर पर, हुमायूँ कबीर की बाबरी मस्जिद परियोजना के लिए निवासियों के एक वर्ग के बीच समर्थन दिखाई दे रहा है। राजनीतिक हलकों में ऐसी अटकलें हैं कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व के कुछ वर्गों के साथ कबीर के तनावपूर्ण संबंधों के साथ-साथ कई विवादास्पद सार्वजनिक बयानों, जो कथित तौर पर पार्टी लाइन से अलग थे, ने उनके पुनर्नामांकन की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। (छवि: पीटीआई) जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल एक और चुनावी चक्र में प्रवेश कर रहा है, विधायक हुमायूं कबीर के नेतृत्व में एक नए संगठन के अचानक गठन को लेकर नए राजनीतिक सवाल उभर आए हैं। उन्होंने जनता उन्नयन पार्टी बनाने के लिए यही समय क्यों चुना? क्या इस कदम का उद्देश्य अल्पसंख्यक भावनाओं को मजबूत करना है, या स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को नया आकार देना है? राजनीतिक हलकों में ऐसी अटकलें हैं कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व के कुछ वर्गों के साथ कबीर के तनावपूर्ण संबंधों के साथ-साथ कई विवादास्पद सार्वजनिक बयानों, जो कथित तौर पर पार्टी लाइन से अलग थे, ने उनके पुनर्नामांकन की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। हालांकि टिकट बंटवारे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चुनाव से पहले ये चर्चाएं तेज हो गई हैं। कबीर ने बाबरी मस्जिद के निर्माण के मुद्दे को एक प्रतीकात्मक और राजनीतिक मार्कर के रूप में सामने रखा है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह कदम यह संकेत देने के लिए उठाया गया है कि वह अल्पसंख्यक चिंताओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। News18 ने यह आकलन करने के लिए बेलडांगा और रेजीनगर का दौरा किया कि जनता उन्नयन पार्टी के बैनर तले आबादी का एक वर्ग कबीर के पीछे क्यों लामबंद हो गया है। जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, बेलडांगा और रेजीनगर दोनों में अल्पसंख्यक आबादी 60 प्रतिशत से अधिक है। ज़मीन पर, मस्जिद परियोजना के लिए निवासियों के एक वर्ग के बीच समर्थन दिखाई दे रहा है। वित्तीय और स्वैच्छिक दोनों तरह का योगदान समुदाय के सदस्यों की ओर से आया है, जिनका कहना है कि यह मुद्दा भावनात्मक और प्रतीकात्मक महत्व रखता है। हालाँकि, बड़ा राजनीतिक सवाल यह है कि क्या यह समर्थन सत्तारूढ़ टीएमसी सरकार के प्रति गहरे असंतोष को दर्शाता है। हाल के वर्षों में चुनावी नतीजे अल्पसंख्यक मतदान पैटर्न में बड़े पैमाने पर बदलाव का संकेत नहीं देते हैं। फिर भी, निवासियों के साथ बातचीत से पता चलता है कि इन इलाकों में अल्पसंख्यक समुदाय का एक वर्ग असंतोष व्यक्त कर रहा है। आवर्ती चिंताओं में से एक वक्फ (संशोधन) अधिनियम और इसके कार्यान्वयन से संबंधित है। काशीपुर के रहने वाले रफीकुल ने न्यूज 18 को बताया, “हमने सोचा था कि वे वक्फ बदलावों के सख्त विरोधी हैं और इसे रोकने में सक्षम होंगे। शुरू में, हमें लगा कि इसे यहां लागू नहीं किया जाएगा। लेकिन अब हम देखते हैं कि इसे लागू किया जा रहा है। हमने पहले तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अब हम चिंतित हैं।” आधिकारिक तौर पर, अल्पसंख्यक मामलों के विभाग ने जिला मजिस्ट्रेटों को केंद्रीय नियमों के अनुपालन में वक्फ संपत्ति डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया है। कुछ निवासियों के लिए, यह विकास शिकायत का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों द्वारा उठाया गया एक अन्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) है। क्षेत्र के एक चाय विक्रेता ने कहा: “उन्होंने कहा कि वे एसआईआर प्रक्रिया को रोक देंगे, लेकिन यह जारी है। हमारे कई लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। यह उत्पीड़न जैसा लगता है। इस स्थिति में, हमें समर्थन नहीं मिल रहा है।” नीतिगत मुद्दों के अलावा स्थानीय नेतृत्व को लेकर असंतोष भी सामने आया है. स्थानीय निवासी हामिद ने News18 को बताया, “हमें बेरोजगारी वजीफे की जरूरत नहीं है. हमें नौकरियों की जरूरत है. यहां कोई रोजगार सृजन नहीं हो रहा है. इसलिए हम यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हुमायूं कबीर कोई विकल्प पेश कर सकते हैं.” बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास समारोह में पहले दिन अच्छी खासी भीड़ जुटी. हालाँकि, कथित तौर पर 11 फरवरी को एक बाद की रैली में उपस्थिति में तेजी से गिरावट आई, जब निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हुआ। राजनीतिक पर्यवेक्षक अलग-अलग व्याख्याएँ पेश करते हैं – कुछ का सुझाव है कि बंगाल में मतदाताओं ने ऐतिहासिक रूप से धार्मिक लामबंदी का विरोध किया है, जबकि अन्य का मानना है कि सत्तारूढ़ दल अपने आउटरीच प्रयासों को फिर से व्यवस्थित कर सकता है। क्या हुमायूँ कबीर का नया राजनीतिक मंच इन निर्वाचन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक वोटों को सार्थक रूप से विभाजित करेगा या नहीं यह अनिश्चित बना हुआ है। बंगाल का चुनावी इतिहास बताता है कि केवल पहचान-आधारित राजनीति ही हमेशा परिणाम निर्धारित नहीं करती है। अंततः, मतपेटी यह निर्धारित करेगी कि उभरता हुआ असंतोष मापने योग्य राजनीतिक बदलाव में तब्दील होता है या नहीं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 फरवरी, 2026, 13:27 IST समाचार राजनीति बाबरी मस्जिद की पिच और अल्पसंख्यक वोट: क्या हुमायूं कबीर की नई पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव पर असर डालेगी? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)हुमायूं कबीर(टी)जनता उन्नयन पार्टी(टी)अल्पसंख्यक वोट पश्चिम बंगाल(टी)बाबरी मस्जिद पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी राजनीतिक रणनीति(टी)वक्फ संशोधन अधिनियम पश्चिम बंगाल(टी)विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची








