ITA vs NEP WC 2026 Match Records; Italy First Captain Jayarajah

4 दिन पहले कॉपी लिंक मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में इटली ने नेपाल को 10 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया था। यह 78 साल के फ्रांसिस जयराजा के लिए एक चमत्कार था, जो स्टेडियम में बैठकर अपनी आंखों के सामने अपने 50 साल के संघर्ष को जीत में बदलते देख रहे थे। यह कहानी है एक ऐसे देश इटली की, जहां फुटबॉल तो धर्म है, लेकिन क्रिकेट के लिए एक जूनून कुछ लोगों के दिल में धड़कता रहा और इन जुनूनी लोगों ने देश में क्रिकेट को बचाए रखा। एंथनी मोस्का ने वर्ल्ड कप में इटली की नेपाल के जीत के बाद जश्न मनाते हुए। श्रीलंका के जाफना से रोम तक का सफर श्रीलंका के जाफना से 1968 में गणित पढ़ने रोम पहुंचे फ्रांसिस जयराजा ने नहीं सोचा था कि वे इटली के पहले क्रिकेट कप्तान बनेंगे। वे दिन में नौकरी करते और फिर शाम को विदेशी दूतावासों के कर्मचारियों के साथ खेलते। यहीं उनकी मुलाकात सिमोन गैम्बिनो से हुई। गैम्बिनो गर्मियों में इंग्लैंड में क्रिकेट देख चुके थे। दोनों ने 1980 में ‘इटालियन क्रिकेट फेडरेशन’ की नींव रखी। 1984 में इटली की टीम पहली बार इंग्लैंड दौरे पर गई, जिसके कप्तान जयराजा थे। मिलान और युवेंटस जैसे मशहूर क्लबों की शुरुआत में शामिल था क्रिकेट इटली में आम आदमी को क्रिकेट समझाना टेढ़ी खीर है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि इटली के मशहूर फुटबॉल क्लब एसी मिलान और युवेंटस की शुरुआत क्रिकेट और फुटबॉल क्लब के रूप में ही हुई थी। शुरुआत में एसी मिलान का नाम ‘मिलान फुटबॉल एंड क्रिकेट क्लब’ था, लेकिन 1900 के दशक में वहां से क्रिकेट गायब हो गया। इसका एक बड़ा कारण था बेनिटो मुसोलिनी का फासीवादी शासन। उन्होंने क्रिकेट को ‘अन-इटालियन’ और ‘अंग्रेजों का खेल’ बताकर इसे दबा दिया और फुटबॉल को राष्ट्रवाद के हथियार के तौर पर प्रचारित किया। 2023-24 में कुछ शहरों में क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध भी लग चुका 2023-24 के आसपास मोनफाल्कन शहर की मेयर ने पार्कों में क्रिकेट पर यह कहकर बैन लगा दिया था कि यह संस्कृति और सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है। इटली में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है। गैम्बिनो बताते हैं, ‘शायद हम वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले ऐसे देश हैं, जिसके पास अपने देश में ढंग की घास वाली विकेट तक नहीं हैं।’ हालांकि, इस जीत के बाद इटली में क्रिकेट को लेकर माहौल बन रहा है। गैम्बिनो व लिएंड्रो का मानना है कि असली बदलाव ओलिंपिक से आएगा। जब इटली के लोग क्रिकेट को ओलिंपिक में देखेंगे, तभी यह खेल वहां का हिस्सा बन पाएगा। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
एपल ला रहा ₹70 हजार वाला सबसे सस्ता मैकबुक:बजट सेगमेंट में नया फोन लॉन्च होने की भी उम्मीद; 4 मार्च को न्यूयॉर्क में इवेंट

एपल ने साल 2026 के अपने पहले बड़े इवेंट की घोषणा कर दी है। इसमें कंपनी अपना अब तक का सबसे सस्ता मैकबुक, नया बजट आईफोन 17e और नया आईपैड पेश कर सकती है। यह इवेंट 4 मार्च को भारतीय समयानुसार शाम करीब 7:30 बजे शुरू होगा। 1. सबसे सस्ता मैकबुक: आईफोन वाली चिप और ब्राइट कलर्स रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल पहली बार मैकबुक में अपनी ‘M’ सीरीज की जगह आईफोन में इस्तेमाल होने वाली ‘A’ सीरीज चिप दे सकता है। इसे खासतौर पर स्टूडेंट्स और ऑफिस यूजर्स के लिए तैयार किया गया है। इसकी कीमत 70 से 80 हजार रुपए के बीच हो सकती है। कंपनी ने न्यूयॉर्क में हो रहे इस इवेंट के जो इन्विटेशन कार्ड भेजे हैं उसमें एपल का लोगो पीले, हरे और नीले रंग में रखा है। इससे कयास हैं कि नया लैपटॉप कई ब्राइट कलर्स में आएगा। 2. आईफोन 17e: बजट सेगमेंट में नया फोन लॉन्च होने की उम्मीद एपल अपने बजट आईफोन लाइनअप में आईफोन 17e लॉन्च कर सकती है। इसमें आईफोन 17 वाली ही A19 चिप मिलने की उम्मीद है, जो पुराने मॉडल के मुकाबले काफी तेज होगी। 3. नए आईपैड और डिस्प्ले: M4 चिप के साथ पेश होने की उम्मीद आईपैड लवर्स के लिए भी इस इवेंट में काफी कुछ हो सकता है। कंपनी आईपैड एयर को M4 चिप के साथ अपडेट कर सकती है। इसके अलावा 12वीं जनरेशन का बेस मॉडल आईपैड भी पेश किया जा सकता है, जिसमें पहली बार ‘एपल इंटेलिजेंस’ (AI) का सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही काफी समय से पेंडिंग ‘स्टूडियो डिस्प्ले’ का नया वर्जन भी पेश हो सकता है। 4. एपल इंटेलिजेंस: सिरी पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट होगी कंपनी सिरी के नए AI अवतार की झलक दिखा सकती है। ये ज्यादा स्मार्ट होगी और यूजर्स के सवालों के बेहतर जवाब दे पाएगी। एपल इसे अपनी ‘एप्पल इंटेलिजेंस’ सर्विस के तहत प्रमोट कर रहा है, जो आईफोन और मैक के इस्तेमाल को काफी आसान बना देगा। न्यूयॉर्क, लंदन और शंघाई में एक साथ इवेंट एपल ने इस बार इवेंट का फॉरमेट थोड़ा अलग रखा है। न्यूयॉर्क के मुख्य इवेंट के साथ-साथ लंदन और शंघाई में भी प्रेस के लिए प्रोग्राम रखे गए हैं। इसे ‘इवेंट’ की जगह ‘एक्सपीरियंस’ नाम दिया है। यानी वहां मौजूद लोग तुरंत नए गैजेट्स को टेस्ट कर सकेंगे। नॉलेज बॉक्स: क्या आप जानते हैं? एपल का न्यूयॉर्क कनेक्शन: एपल ने अपना पहला रिटेल स्टोर न्यूयॉर्क के फिफ्थ एवेन्यू में खोला था, जो आज दुनिया के सबसे मशहूर स्टोर्स में से एक है। A-सीरीज बनाम M-सीरीज: लैपटॉप में आईफोन वाली चिप लगाने से बैटरी लाइफ तो बढ़ती है, लेकिन बहुत भारी काम (जैसे 4K वीडियो एडिटिंग) में यह M-सीरीज जितनी पावरफुल नहीं।
Hotel Rents Triple as Pichai, Altman Attend

नई दिल्ली4 दिन पहले कॉपी लिंक दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक होने वाले ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का असर अब पूरे NCR के होटल किरायों पर दिख रहा है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद के लग्जरी और बिजनेस होटलों का किराया 3 गुना तक बढ़ गया है। गुरुग्राम के ‘द लीला एम्बिएंस’ में एक रात का किराया 6.15 लाख रुपए तक पहुंच गया है, जो सामान्य दिनों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है। इस मेगा इवेंट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई, माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन बिल गेट्स एक्सपो में शामिल होने के लिए 16 फरवरी को भारत आ चुके हैं। भारी डिमांड के कारण 18 फरवरी के लिए होटलों ने अपने रेट्स 50% से लेकर 300% तक बढ़ा दिए हैं। मेकमायट्रिप के डेटा के मुताबिक, जो कमरे मार्च के पहले हफ्ते में सस्ते मिल रहे हैं, उनकी कीमत अभी काफी ज्यादा है। 16 फरवरी को PM नरेंद्र मोदी ने ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्धाटन किया। गुरुग्राम: लग्जरी सुइट्स के दाम ₹5 लाख के पार साइबर सिटी गुरुग्राम में बढ़ती डिमांड का सबसे ज्यादा असर प्रीमियम होटलों पर पड़ा है। ‘द लीला एम्बिएंस’ का पैनोरमिक सुइट 18 फरवरी के लिए 6.15 लाख रुपए (टैक्स सहित) में मिल रहा है, जबकि 9 मार्च को यही सुइट 1.9 रुपए लाख का है। इसी तरह ‘द वेस्टिन गुड़गांव’ में रॉयल सुइट का किराया 2.10 लाख रुपए पहुंच गया है, जो सामान्य तौर पर 90 हजार रुपए के करीब रहता है। ‘ली मेरिडियन’ में भी किंग बेड रूम के दाम 25,000 से बढ़कर 47,200 रुपए हो गए हैं। मिड-स्केल होटलों में भी भारी भीड़, रेट्स डबल हुए सिर्फ फाइव स्टार ही नहीं, मध्यम श्रेणी के बिजनेस होटलों के दाम भी दोगुने हो चुके हैं। सेक्टर 29 स्थित ‘लेमन ट्री प्रीमियर’ में डीलक्स रूम का किराया 13,375 से बढ़कर 26,563 रंपए हो गया है। सोहना रोड स्थित ‘रेडिसन होटल’ में भी कमरा लेने के लिए अब 12,951 की जगह 22,416 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि दिल्ली के होटल फुल होने की वजह से लोग गुरुग्राम का रुख कर रहे हैं। सेक्टर 29 स्थित ‘लेमन ट्री प्रीमियर’ में डीलक्स रूम का किराया दोगुना तक बढ़ गया है। नोएडा: यहां सबसे ज्यादा प्रतिशत में बढ़ी कीमतें किराए में सबसे ज्यादा प्रतिशत बढ़ोतरी नोएडा में देखी जा रही है। नोएडा के ‘सावॉय सुइट्स’ में ट्विन बेड सुइट का किराया 18 फरवरी के लिए 89,208 रुपए है, जबकि 9 मार्च को यह 13,989 रुपए में उपलब्ध है। यानी यहां कीमतें 6 गुना से भी ज्यादा बढ़ गई हैं। सेक्टर 62 के ‘ब्लूम होटल’ में भी किराया 6,000 से बढ़कर 15,000 रुपए के पार निकल गया है। सैंडल सुइट्स में भी कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं। फरीदाबाद और सूरजकुंड में भी असर दिल्ली से सटे फरीदाबाद में भी होटलों की बुकिंग तेज है। ‘रेडिसन ब्लू फरीदाबाद’ में सुपीरियर रूम का किराया 15,611 से बढ़कर 25,090 रुपए हो गया है। वहीं ‘ताज सूरजकुंड’ में भी मामूली बढ़त देखी गई है, जहां किराया 18,800 रुपए के करीब बना हुआ है। टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल की चेयरपर्सन ज्योति मयाल का कहना है कि समिट के कारण इंटरनेशनल डेलिगेट्स की संख्या बढ़ी है, जिससे ऑक्यूपेंसी लेवल पीक पर है। मोहनदास पई बोले- ₹30 लाख का किराया भारत की बदनामी इससे पहले खबर आई थी कि दिल्ली के कुछ होटलों में किराया 30 लाख रुपए तक पहुंच गया है। इस पर इंफोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा, “30 लाख का किराया बेतुका है। यह भारत की छवि खराब कर रहा है। ऐसा लगता है जैसे हम विदेशी मेहमानों को लूट रहे हैं। होटल चेन को एक ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ बनाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारत में कमरों की संख्या दुबई और न्यूयॉर्क जैसे शहरों के मुकाबले बहुत कम है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है। डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होना बड़ी वजह फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (FAITH) के बोर्ड मेंबर अनिल कलसी ने कहा कि भारत में होटल कमरों की डिमांड सप्लाई के मुकाबले बहुत ज्यादा है। उन्होंने बताया कि एरोसिटी के दूसरे फेज में नए कमरे जुड़ रहे हैं, लेकिन इसमें समय लगेगा। सरकार को चाहिए कि वह होटल मालिकों को आसानी से कैपिटल उपलब्ध कराए और होटल शुरू करने की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाए ताकि क्षमता बढ़ाई जा सके। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘वंदे मातरम का विरोध करना देशद्रोह से कम नहीं’: योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 फरवरी, 2026, 10:14 IST योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय गीत, जिसे 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा मान्यता दी गई थी, भारत के गौरव और सम्मान का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (पीटीआई) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोला और उन पर संविधान के नाम पर लोगों को गुमराह करने और राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का “विरोध” करना और राष्ट्रीय प्रतीकों के खिलाफ “अपमानजनक टिप्पणी” करना देशद्रोह से कम नहीं है। बजट सत्र के दौरान विधान परिषद में बोलते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य अपनी विरासत पर गर्व करता है और मानता है कि विरासत में निहित विकास उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। विपक्षी दलों के नेताओं पर तीखा हमला करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा, अगर कोई “आक्रमणकारियों” का महिमामंडन करता है, जिन्होंने “भारत की आत्मा पर हमला किया” और राजनीतिक लाभ के लिए इसके विश्वास को तोड़ने की कोशिश की, “नया भारत और नया उत्तर प्रदेश इसे स्वीकार नहीं करेगा।” उन्होंने कहा, “आप देखिए कि कैसे राष्ट्र-विरोधी तत्वों के समर्थन में बयान दिए जाते हैं या राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती हैं। यह देशद्रोह से कम नहीं है।” आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय गीत, जिसे 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा द्वारा मान्यता दी गई थी, भारत के गौरव और सम्मान का प्रतीक है और कहा कि तिरंगे, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय प्रतीकों सहित राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। केंद्र ने वंदे मातरम का 150वां वर्ष मनाया केंद्र वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है. साथ ही केंद्र सरकार ने हाल ही में इससे जुड़े नए कोड भी जारी किए हैं. आदित्यनाथ ने कहा कि वह सार्वजनिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य बनाने की अधिसूचना जारी करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, और कहा कि वंदे मातरम का विरोध करना संविधान और बीआर अंबेडकर सहित इसके निर्माताओं का अपमान है। “मैं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से पूछना चाहता हूं – एक तरफ आप संविधान के नाम पर जनता को गुमराह करते हैं, और दूसरी तरफ, आपके सदस्य कहते हैं कि वे वंदे मातरम के लिए खड़े नहीं होंगे। इसका क्या मतलब है?” आदित्यनाथ ने पूछा. उन्होंने कहा, “आप भारत में रहना चाहते हैं लेकिन राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत से दिक्कत है? इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।” योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर साधा निशाना विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि “अशोभनीय और अनुचित आचरण” न केवल एक संवैधानिक पद का अपमान है, बल्कि एक उच्च पद पर आसीन महिला का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि यह सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे संवैधानिक व्यवस्थाओं और कार्यालयों का सम्मान करें और ऐसा आचरण न करें जिससे आने वाली पीढ़ियों को गलत संदेश जाए। (एजेंसी इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : उत्तर प्रदेश, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 17 फरवरी, 2026, 10:14 IST समाचार राजनीति ‘वंदे मातरम का विरोध करना देशद्रोह से कम नहीं’: योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
‘आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं’: नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी की आलोचना की, पीएम मोदी की तारीफ की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 फरवरी, 2026, 10:01 IST निष्कासित कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री मोदी के आचरण की प्रशंसा करते हुए, दुर्गम और असमान दृष्टिकोण के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी की आलोचना की, पीएम मोदी की तारीफ की कांग्रेस से निष्कासित नेता और पंजाब की पूर्व मंत्री नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि उन्हें नेतृत्व के प्रति उनके दृष्टिकोण को समझने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि वह उस स्तर तक नहीं पहुंचे हैं जहां वह सभी के साथ समान व्यवहार करते हों और बातचीत के लिए खुले रहते हों। उनके अनुसार, वह अभी भी गांधी परिवार की मानसिकता से बंधे हुए दिखाई देते हैं और उन्हें उन वास्तविक शुभचिंतकों की बात सुनने का समय नहीं मिलता है जो उनका मार्गदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत आध्यात्मिक हैं और यह उनके व्यक्तित्व में दिखता है। नवजोत कौर सिद्धू ने कहा, ”पीएम नरेंद्र मोदी बहुत आध्यात्मिक हैं और यह उनके व्यक्तित्व में दिखता है. ‘आठ महीने मिलना ठीक नहीं’ नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि अगर किसी से मिलने में आठ महीने लग जाएं तो यह ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि एक नेता को हर किसी से मिलना चाहिए, खासकर उन लोगों से जो ईमानदार हैं और रचनात्मक सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता ऐसी सलाह लेने के लिए तैयार नहीं है तो यह उनकी पसंद है. उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी अच्छी बात करते हैं और समझदारी से बात करते हैं, लेकिन वह जो करते हैं और जो कहते हैं वह बहुत अलग है। उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ महीने से वह उन्हें यह बताने के लिए समय मांग रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष या पंजाब में नियुक्त व्यक्ति राज्य के साथ न्याय नहीं कर रहा है और पंजाब में कांग्रेस को नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि टिकट पहले ही बेचे जा चुके हैं और अगर राहुल गांधी को पता नहीं है कि उनके नीचे क्या हो रहा है, तो वह कुर्सी के लायक नहीं हैं और जो हो रहा है उसके लिए वह जिम्मेदार हैं। वादे पर आरोप और भ्रष्टाचार नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि उन्होंने पंजाब के लिए सब कुछ छोड़ दिया और उन्हें सात विभागों के साथ उपमुख्यमंत्री पद और एक सांसद के रूप में एक पद देने का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय निकाय और पर्यटन दिया गया था और कहा गया था कि इन्हें मुख्यमंत्री के अनुसार चलाया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी भ्रष्टाचार के खिलाफ क्यों बोलते हैं जबकि उनके अपने ही लोग भ्रष्ट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आसपास के लोग पूरी तरह से भ्रष्ट हैं और उनके पास ईमानदार लोगों के लिए समय नहीं है जो उन्हें बताना चाहते हैं कि क्या गलत हो रहा है, उन्होंने कहा कि पार्टी इस तरह से पंजाब नहीं जीत पाएगी। “राहुल गांधी अच्छी बात करते हैं। वह समझदारी से बात करते हैं। लेकिन वह जो करते हैं और जो कहते हैं वह बहुत अलग है। पिछले आठ महीनों से, मैं उन्हें यह बताने के लिए समय मांग रहा हूं कि आपके लोग, आपके अध्यक्ष या पंजाब में आपके द्वारा नियुक्त व्यक्ति पंजाब के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं। वह पंजाब में कांग्रेस को मार रहे हैं। मैं आपसे सिर्फ यह बताने के लिए बैठने की जगह मांग रहा हूं कि आपकी पार्टी पंजाब में नष्ट हो रही है। वे पहले ही टिकट बेच चुके हैं… यदि आप नहीं जानते कि आपके नीचे क्या हो रहा है, तो मुझे खेद है। आप।” आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं। आप जो कर रहे हैं उसके लिए आप जिम्मेदार हैं… हमने पंजाब के लिए सब कुछ छोड़ दिया, और आपने हमें सात विभागों के साथ एक डिप्टी सीएम पद और मुझे एक सांसद के रूप में देने का वादा किया, लेकिन आपने हमें कुछ नहीं दिया। आपने हमें स्थानीय निकाय और पर्यटन दिया, और आप चाहते थे कि उन्हें सीएम के अनुसार चलाया जाए… आप भ्रष्टाचार के खिलाफ क्यों बात कर रहे हैं जब आपके अपने लोग भ्रष्ट हैं? और आप अपने आसपास के उन भ्रष्ट लोगों को पसंद कर रहे हैं जो पूरी तरह से भ्रष्ट हैं। आप पंजाब नहीं जीतने जा रहे हैं,” उन्होंने कहा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 17 फरवरी, 2026, 09:39 IST समाचार राजनीति ‘आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं’: नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी की आलोचना की, पीएम मोदी की तारीफ की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी पर निशाना साधा(टी)नवजोत कौर सिद्धू(टी)नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पर(टी)नवजोत कौर सिद्धू ने पीएम मोदी की तारीफ की
Bangladesh PM Oath Ceremony | Taique Rehman; Lok Sabha Speaker Om Birla Attends

ढाका3 दिन पहले कॉपी लिंक तारिक रहमान ने मंगलवार शाम बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ ली। बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले आज दोपहर में BNP के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। रहमान के अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी और एक बौद्ध मंत्री दिपेन देवान चकमा भी शामिल है। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। सभी 24 राज्य मंत्री नए हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी मौजूद रहे। वहीं पीएम मोदी ने तारिक रहमान को भारत आने का न्योता दिया। पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 में से 209 सीटें जीतकर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया था। इसके अलावा 3 सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत हासिल की। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में दोनों ने हाथ मिलाया। तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए। शपथ ग्रहण में स्पीकर ओम बिरला, बांग्लादेश के पूर्व चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस समेत दुनियाभर के कई नेता मौजूद रहे। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे। ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की। उन्होंने नई सरकार बनने पर भारत की ओर से शुभकामनाएं दीं। यह मुलाकात ढाका में नई सरकार के शपथ लेने के तुरंत बाद हुई। बैठक के दौरान ओम बिरला ने तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने बताया कि दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि भारत और बांग्लादेश मिलकर आम लोगों के हित में काम करेंगे। मुलाकात में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने की बात कही, जिससे दोनों देशों के लोगों को सीधा फायदा मिले और रिश्ते और मजबूत हों। ओम बिरला ने तारिक रहमान को शुभकामना पत्र भी दिया। संविधान बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज इस बीच संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। दरअसल, 12 फरवरी को संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी हुआ था। इसमें 62% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करेगी। इस अवधि के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते। जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत घट जाती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी। BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं। इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है। योजना थी कि नए संसद सदस्य के साथ-साथ इस परिषद के सदस्य भी बनें और दोनों के लिए शपथ लें, लेकिन BNP ने इसे असंवैधानिक बताते हुए केवल संसद सदस्य की शपथ ली है। जुलाई चार्टर से कोई नेता अधिकतम 10 साल ही पीएम रह सकेगा जुलाई चार्टर के तहत PM के लिए जीवनभर कुल 10 साल (या अधिकतम दो टर्म) की सख्त टर्म लिमिट लगाई गई है, ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता में न रह सके। PM पार्टी चीफ के पद के साथ नहीं रह सकता, इमरजेंसी घोषणा के लिए कैबिनेट और विपक्षी लीडर की लिखित सहमति जरूरी होगी। प्रेसिडेंट की भूमिका मजबूत होगी, जैसे कई स्वतंत्र संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में प्रेसिडेंट को ज्यादा स्वतंत्र अधिकार मिलेंगे, जो पहले PM के प्रभाव में थे। बाइकैमरल संसद (ऊपरी सदन) बनने से PM-केंद्रित निचले सदन के फैसलों पर कंट्रोल लगेगा और कई संस्थाओं के लिए अलग सेलेक्शन कमिटी बनेंगी, जिससे PM का एकतरफा नियंत्रण कम होगा। नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई। बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई। मुख्य समारोह शाम 4 बजे शुरू होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके शुरुआती मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी शामिल होंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं। कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए व्यक्ति देश/संगठन ओम बिरला लोकसभा स्पीकर,
Sensex Nifty Fall | Banking Auto Shares Sell-off Update

मुंबई4 दिन पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 17 फरवरी को बढ़त रही। सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी में करीब 42 अंक की तेजी रही, ये 25,725 पर बंद हुआ है। आज बैंकिग और IT शेयर्स में तेजी रही। वहीं मेटल और एनर्जी शेयर्स में गिरावट रही। कोचीन शिपयार्ड के शेयर में 3.5% की तेजी आज के कारोबार में कोचीन शिपयार्ड के शेयर में 3.5% की तेजी रही। कोचीन शिपयार्ड को रक्षा मंत्रालय ने की ओर से 5,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। इसके बाद इस डिफेंस PSU स्टॉक ने BSE पर 7.27% की तेजी पकड़ी और 1,575 रुपए के भाव पर पहुंच गया था। जापान के निक्केई में गिरावट जापान का निक्केई इंडेक्स 0.42% गिरकर 56,566 पर बंद हुआ है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स आज बंद हैं। विदेशी निवेशकों ने 7,395 करोड़ रुपए के शेयर बेचे विदेशी निवेशकों (FII) ने 16 फरवरी को 972 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,667 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इस महीने यानी फरवरी में अब तक FIIs ने 2,346 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इस दौरान DIIs ने 11,443 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। जनवरी 2026 में FIIs ने कुल ₹41,435 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान DIIs ने ₹69,220 करोड़ के शेयर खरीदे थे। कल बाजार में रही थी बढ़त शेयर बाजार में कल यानी 16 फरवरी को बढ़त रही। सेंसेक्स 650 अंक की तेजी के साथ 83,277 पर बंद हुआ था। निफ्टी में 212 अंक की बढ़त रही, ये 25,683 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत में इनडायरेक्टली शामिल रहूंगा:पिछले साल परमाणु ठिकानों पर बमबारी से इन्हें अक्ल आई; आज स्विट्जरलैंड में बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में इनडायरेक्ट रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। यह बयान ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर दूसरे दौर की बातचीत से पहले आया है। अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत आज (17 फरवरी 2026) जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में हो रही है। इससे पहले ओमान में 6 फरवरी को पहली बैठक हुई थी। ट्रम्प ने कहा, ‘मैं उन बातचीत पर नजर रहूंगा।’ उन्होंने संकेत दिया कि ईरान इस बार समझौते को लेकर गंभीर है। डील की संभावना पर ट्रम्प ने कहा कि ईरान इसे लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है, लेकिन पिछले साल अमेरिका की ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी से उसे अक्ल आई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के परिणाम भुगतना चाहेंगे।’ ईरान-अमेरिका के बीच किन मुद्दों पर बातचीत होगी ईरान ने ऑपरेशनल क्षमताओं की जांच के लिए नौसैनिक अभ्यास शुरू किया एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, ईरान ने सोमवार को कुछ ही हफ्तों में दूसरी बार नौसैनिक अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज, पर्शियन गल्फ और गल्फ ऑफ ओमान में हो रहा है। इसका मकसद खुफिया और ऑपरेशनल क्षमताओं की जांच करना है। समुद्री सुरक्षा कंपनी ईओएस रिस्क ग्रुप ने कहा कि इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों को रेडियो पर चेतावनी दी गई कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के उत्तरी मार्ग में मंगलवार को लाइव-फायर ड्रिल हो सकती है। हालांकि ईरानी सरकारी टीवी ने लाइव-फायर अभ्यास का जिक्र नहीं किया। जनवरी के अंत में हुए इसी तरह के अभ्यास के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कड़ा बयान जारी किया था। उसने कहा था कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय हवाई और समुद्री क्षेत्र में पेशेवर तरीके से काम करने का अधिकार है, लेकिन वह अमेरिकी वॉरशिप या ट्रेड जहाजों को परेशान न करें। ईरान के उप विदेश मंत्री बोले- ट्रम्प प्रतिबंध हटाएं तो डील संभव व्हाइट हाउस का कहना है कि वह ऐसा समझौता चाहता है, जिससे ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। वहीं, रविवार को ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत करने की इच्छा जताई है। उन्होंने BBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर बात करने को तैयार है, तो हम अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई मुद्दों पर समझौता करने के लिए तैयार है। वहीं अमेरिकी अधिकारी बार-बार कहते रहे हैं कि परमाणु वार्ता में प्रगति रुकने की वजह ईरान है, न कि अमेरिका। रवांची बोले- हमने 60% इंरिच्ड यूरेनियम घटाने का प्रस्ताव दिया ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौता एक लंबे समय से चल रही विवादास्पद बातचीत है, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है। जिससे वह परमाणु हथियार न बना सके। मजीद तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान ने 60% तक इंरिच्ड यूरेनियम को कम करने का प्रस्ताव दिया है। ईरान के पास 400 किलो से ज्यादा उच्च स्तर पर इंरिच्ड यूरेनियम का भंडार है। 2015 के परमाणु समझौते के तहत उसने अपना यूरेनियम रूस भेजा था। इस बार क्या वह ऐसा करेगा, इस पर तख्त-रवांची ने कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। रूस ने दोबारा यह सामग्री स्वीकार करने की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान अस्थायी रूप से यूरेनियम इंरिचमेंट रोकने का प्रस्ताव भी दे चुका है। बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद अटका ईरान की एक बड़ी शर्त रही है कि बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दे पर हो। तख्त-रवांची ने कहा कि उनकी समझ है कि अगर समझौता करना है तो फोकस परमाणु मुद्दे पर ही रहेगा। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। जब जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि ईरान हिजबुल्लाह, हूती जैसे प्रॉक्सी ग्रुप्स को समर्थन देना बंद करे। अमेरिका इस मुद्दे को भी शामिल करना चाहता है, लेकिन ईरान मुख्य रूप से सिर्फ परमाणु मुद्दे पर फोकस रखना चाहता है। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। रवांची बोले- हमारे अस्तित्व पर खतरा हुआ तो जवाब देंगे ईरान के उप विदेश मंत्री ने ट्रम्प के बयानों पर चिंता जताई। सार्वजनिक रूप से और निजी तौर पर अमेरिका बातचीत में रुचि दिखा रहा है, लेकिन ट्रम्प ने हाल में सत्ता परिवर्तन की बात की। तख्त-रवांची ने कहा कि निजी संदेशों में ऐसा नहीं है। उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बढ़ोतरी पर चिंता जताई और कहा कि दूसरा युद्ध सबके लिए बुरा होगा। अगर ईरान को अस्तित्व का खतरा लगा, तो ईरान जवाब देगा। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से बात की है और सब युद्ध के खिलाफ हैं। ईरान को लगता है कि इजराइल इस वार्ता को तोड़ना चाहता है। समझौते को लेकर तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान जेनेवा में उम्मीद के साथ जाएगा और दोनों पक्षों को ईमानदारी दिखानी होगी। क्षेत्र में तैनात किए जा रहे 40,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों के बारे में पूछे जाने पर, तख्त-रावंची ने जवाब दिया, ‘ऐसी स्थिति में खेल अलग होगा।’ ईरान से तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड वहां भेज रहा है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है। रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अधिकारी के मुताबिक, जेराल्ड
घर खरीदने की औसत उम्र 38 से 34 साल हुई:74% खरीदार 35 साल से कम उम्र वाले; Gen-Z नौकरी लगते ही घर लेना चाहते हैं

पहले आम भारतीय परिवार ‘पैसा जमा करो, फिर घर खरीदो’ का नियम मानते थे। अब ट्रेंड शुरू हुआ है कि नौकरी लगते ही घर खरीद लो। देश में बिकने वाले 74% घर 35 साल से कम उम्र वाले खरीद रहे हैं। इनमें 32% खरीदार 25 साल से छोटे हैं। घर खरीदने वालों की औसत उम्र 6 साल में 38 से घटकर 34 साल हो गई है। ये बातें होम लोन एग्रीगेशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म बेसिक होम लोन के सर्वे ‘घर का सपना कैसे पूरा करता है भारत’ में सामने आईं। सर्वे के मुताबिक, हाई इंकम वर्ग वाले अपने घर के लिए सालाना कमाई का 50% तक ईएमआई देने को तैयार है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेज प्रोसेसिंग नई उम्र के खरीदारों को आकर्षित कर रही है। हालांकि, ये उसी वित्तीय संस्था से लोन लेने पर जोर देते हैं, जो कम से कम 50 साल पुरानी और विश्वसनीय हो। सर्वे अलग-अलग उम्र के 23 हजार लोगों पर किया गया। इनमें से 31% की सालाना आय 50 लाख से ज्यादा थी। इनके अलावा, 5 लाख तक वाले 29%, 5 से 10 लाख के 20%, 11 से 20 लाख के 7%, 21 से 35 लाख के 4% और 36 से 40 लाख तक आमदनी वाले 9% लोग शामिल थे। इनमें 91% पुरुष और 9% महिलाएं थीं। महिलाओं की घर खरीदने में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। महिलाओं ने 2024 में शीर्ष शहरों में 1.29 लाख आवासीय लेनदेन किए। यह उन शहरों में हुए कुल डील का 14% था। होम लोन में ब्याज दर, प्रोसेसिंग और भरोसा अहम घर खरीदने में Gen-Z कम मानते हैं दोस्तों की सलाह कम आय वाले आमदनी की 25% ईएमआई को तैयार 5 लाख तक आय वाले आमदनी का 25% हिस्सा ईएमआई में देने को तैयार हैं। 11 से 40 लाख तक आय वाले 40% ईएमआई को तैयार थे। इससे ऊपर वाले 50% हिस्से से ईएमआई भरकर घर खरीदना चाहते हैं। ———— ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 10 महीने में सबसे ज्यादा:जनवरी में बढ़कर 1.81% पर पहुंची, खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं जनवरी में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 1.81% पर पहुंच गई है। इससे पहले दिसंबर में थोक महंगाई 0.83% पर थी। ये 10 महीनों में सबसे ज्यादा है। मार्च 2025 को ये 2.05% पर थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 16 फरवरी को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
RPSC AEN Mains Exam Postponed

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से कार्मिक विभाग में एईएन मुख्य परीक्षा अब 22 और 23 मार्च को ली जाएगी। इस परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम आयोग ने जारी कर दिया। पूर्व में यह परीक्षा 15 और 16 मार्च को ली जाने थी। . आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि 22 मार्च को हिंदी का पेपर सुबह 9:00 से 12:00 बजे तक और सोशल एस्पेक्ट ऑफ इंजीनियरिंग का पेपर ढाई से पार्ट 5:30 बजे तक होगा। 23 मार्च को सिविल इंजीनियरिंग फर्स्ट व सैकंड, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग फर्स्ट व सैकंड, मैकेनिकल इंजीनियरिंग फर्स्ट व सैकंड और एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग फर्स्ट और सैकंड पेपर होंगे। प्रथम पेपर पहली पारी में और द्वितीय पेपर दूसरी पारी में होंगे। विस्तृत दिशा निर्देश आयोग की वेबसाइट पर दिए गए हैं। 1036 पदों पर होनी है भर्ती सहायक अभियंता के 1036 पदों पर भर्ती होगी। आयोग ने पहले 1014 पदों पर वैकेंसी निकाली। बाद में सहायक अभियंता (सिविल) के पूर्व विज्ञापित 125 पदों में 15 पदों की वृद्धि के साथ अब कुल 140 पद और सहायक अभियंता (विद्युत) पूर्व विज्ञापित 20 पदों में 7 पदों की वृद्धि की गई। बता दें कि 28 से 30 सितंबर 25 तक सहायक अभियंता संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 के अभ्यर्थियों का एग्जाम हो चुका है।









