Jubin Nautiyal Personality Rights Case

1 दिन पहले कॉपी लिंक मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल ने अपनी पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने उनसे सवाल किया कि जब वह उत्तराखंड के निवासी हैं, तो उन्होंने स्थानीय अदालत में याचिका दाखिल करने के बजाय दिल्ली हाई कोर्ट का रुख क्यों किया। जुबिन ने अपनी याचिका में कहा है कि कुछ कंपनियां और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो, आवाज और पहचान का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका कहना है कि इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी छवि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे रोका जाना जरूरी है। इसी के तहत उन्होंने अदालत से अपने पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की। हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने क्षेत्राधिकार (टेरिटोरियल जूरिस्डिक्शन) का मुद्दा उठाया। अदालत ने पूछा कि जब कथित उल्लंघन उत्तराखंड से जुड़ा है और वह वहीं रहते हैं, तो मामला स्थानीय कोर्ट में क्यों नहीं दायर किया गया। जज ने यह भी टिप्पणी की कि उत्तराखंड की अदालतें बंद नहीं हैं और वहां भी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया जा सकता है। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या केवल इस आधार पर दिल्ली में याचिका दायर की गई कि कुछ केंद्रीय मंत्रालय या टेक कंपनियों के दफ्तर यहां हैं। जुबिन की ओर से दलील दी गई कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय जैसे विभाग दिल्ली में स्थित हैं, इसलिए यहां मामला लाना उचित है। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क पर संतोष नहीं जताया और स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करना पर्याप्त कारण नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि पहले दिए गए अंतरिम आदेशों को स्वतः कानूनी मिसाल नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में कई चर्चित हस्तियां भी अपने पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच चुकी हैं। इनमें अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, सलमान खान, ऐश्वर्या राय बच्चन, जैकी श्रॉफ, जूनियर एनटीआर, कुमार सानू, नागार्जुन, दलेर मेहंदी और करण जौहर जैसे नाम शामिल हैं। इन हस्तियों ने अपने नाम, चेहरे या आवाज के कथित दुरुपयोग, खासकर एआई जनरेटेड कंटेंट और डीपफेक वीडियो के मामलों में राहत मांगी थी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में दिए गए अंतरिम आदेश अपने आप में स्थायी कानूनी नजीर नहीं बनते। बता दें कि पर्सनालिटी राइट्स का अर्थ है कि किसी व्यक्ति की पहचान, जैसे नाम, फोटो, आवाज, हस्ताक्षर या व्यक्तित्व का व्यावसायिक या अन्य उपयोग उसकी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा होता है, तो संबंधित व्यक्ति अदालत की शरण ले सकता है। फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट ने जुबिन नौटियाल की याचिका पर विचार जारी रखा है और साथ ही यह स्पष्ट संकेत दिया है कि अदालत यह देखेगी कि मामला किस क्षेत्राधिकार में दायर होना चाहिए। यह सुनवाई भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
भारतीय विमेंस टीम 17 रन से दूसरा टी-20 हारी:ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 रन के अंदर 6 विकेट गंवाए; सीरीज 1-1 से बराबरी पर

ऑस्ट्रेलिया ने इंडिया विमेंस को 17 रन से दूसरा टी-20 हरा दिया। गुरुवार को कैनबरा में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 163 रन बनाए। जवाब में टीम इंडिया 9 विकेट खोकर 144 रन ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया के लिए जॉर्जिया वॉल ने सबसे ज्यादा 88 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वॉल ने मूनी के साथ मिलकर पहले विकेट लिए 128 रन जोड़े और ऑस्ट्रेलिया की जीत की नींव रखी। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर्स ने भारत को बैकफुट पर धकेला भारत ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। ऑस्ट्रेलिया को दोनों ओपनर्स जॉर्जिया वॉल और बेथ मूनी ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने शतकीय साझेदारी करते हुए पहले विकेट के लिए 128 रन जोड़े। 15वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया ने बिना विकेट खोए 128 रन बना लिए थे। ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया 180 या 190 के स्कोर तक पहुंच सकती है, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट पर 163 रन के स्कोर पर रोक दिया। ऑस्ट्रेलिया से वॉल ने 57 गेंदो पर 88 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं मूनी ने 39 गेंदों पर 46 रन बनाए। भारत के लिए अरुंधति रेड्डी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। जबकि रेणुका ठाकुर को 1 विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया की दो बैटर्स रन-आउट हुईं। भारतीय पारी अच्छी शुरुआत के बाद पटरी से उतरी 164 रन के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने तेज शुरुआत की। दोनों ओपनर्स शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पावरप्ले में बिना विकेट खोए 54 रन बना दिए। भारत ने 7वें ओवर में 57 रन पर शेफाली का विकेट गंवाया और 10वें ओवर तक स्कोर 71 रन पर 3 विकेट हो गया। कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऋचा घोष ने फिर चौथे विकेट के लिए 55 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन इस पार्टनरशिप के टूटते ही भारत ने अगले 7 रन के अंदर 6 विकेट गंवा दिए। हरमन ने 36 रन बनाए भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत ने सबसे ज्यादा 36 रन की पारी खेली। वहीं स्मृति ने 31 और शेफाली ने 29 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए एश्ले गार्डनर ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। उनके अलावा किम गार्थ, एनाबेल सदरलैंड और सोफी मोलेन्यू ने 2-2 विकेट लिए। भारत ने पहला टी-20 जीता, वहीं ऑस्ट्रेलिया के नाम दूसरा टी-20 रहा। सीरीज का तीसरा और डिसाइडर मुकाबला 21 फरवरी को एडिलेड स्टेडियम में खेला जाएगा।
टिप्स और ट्रिक्स: घर में इकट्ठा होते हैं पुराने और किस्मत के मोजे, तो क्रांतिकारी के जश्न, इन जरूरी चीजों का करें इस्तेमाल

19 फरवरी 2026 को 17:20 IST पर अपडेट किया गया टिप्स और ट्रिक्स: घर में अगर पुराने मोजे इकट्ठे हो गए हैं, तो उन्हें फेंके नहीं, उनकी सारी चीजें बनाई जा सकती हैं। आइए आप पुराने मोजे से जुड़े हैं कि कौन-कौन सी 5 जरूरी चीजें बन सकती हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)पुराने मोजे का पुन: उपयोग(टी)घर की सफाई के तरीके(टी)बागवानी युक्तियाँ(टी)पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली(टी)पुन: उपयोग के विचार(टी)घरेलू हैक(टी)बजट बचत युक्तियाँ(टी)घर के DIY विचार
Ranveer Singh Dhurandhar 2 vs Yash Toxic Box Office Clash Set for March 2026

1 दिन पहले कॉपी लिंक साउथ इंडस्ट्री के सबसे बड़े स्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक: ए फैरिटेल फॉर ग्रोन-अप्स (Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups) का टीजर रिलीज होने की तारीख आखिरकार सामने आ गई है। फिल्म के निर्माताओं ने पुष्टि की है कि 20 फरवरी सुबह 9:30 बजे इसका टीजर आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले फैंस में अफवाहें थीं कि मेकर्स फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा सकते हैं, लेकिन अब सब कुछ तय हो चुका है। टीजर पोस्टर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसमें यश खून से सना हुआ मैदान में खड़े दिखाई देते हैं। हाथ में बोतल लिए, बर्फीले मैदान के बीच उनका रुख कुछ अलग ही अंदाज बयां करता है। पोस्टर को देखकर ही फैंस में जानलेवा कहानी की उम्मीद और बढ़ गई है। फिल्म 19 मार्च 2026 को बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए तैयार है और उसी दिन रणवीर सिंह की ’धुरंधर 2’ भी रिलीज हो रही है, जिससे बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है। यह फेस-ऑफ इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा इवेंट बनता दिख रहा है। ‘टॉक्सिक’ को गीतू मोहनदास डायरेक्ट कर रही हैं और यह कहानी उस शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने खौफ, खून और धोखे से अपना साम्राज्य खड़ा कर रखा है। इस फिल्म का निर्माण KVN प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है और यह एक हाई-एंड एक्शन ड्रामा के रूप में पेश की जा रही है। फिल्म में यश के अलावा कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत, टोविनो थॉमस, अक्षय ओबेरॉय, डैरेल डिसिल्वा, सुदेव नायर जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। इस स्टारकास्ट और कहानी की वजह से पहले ही काफी चर्चा बनी हुई है। यश के फैंस सोशल मीडिया पर काफी उत्साहित हैं और वे टीजर के आने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। टीजर रिलीज के साथ ही फिल्म का प्रोमोशन और भी जोर पकड़ सकता है, जिससे टॉक्सिक मार्च में एक बड़ी सिनेमाई इवेंट के रूप में सामने आएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
विधानसभा चुनाव से पहले ‘द केरल स्टोरी 2’ पर राजनीति गरमाई: ‘लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश’ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:19 फरवरी, 2026, 16:59 IST राजीव चन्द्रशेखर ने द केरल स्टोरी 2 का विरोध करने के लिए पिनाराई विजयन की आलोचना की और इसे पाखंड और चुनावी ध्यान भटकाने वाला बताया। विजयन ने एक्स से मुलाकात की और द केरल स्टोरी के सीक्वल की खबरों पर कड़ा विरोध जताया। (फ़ाइल फ़ोटो) केरल भाजपा प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की आगामी फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर उनकी “नफरत फैलाने वाली फिल्म” टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि वह विधानसभा चुनाव से पहले “लोगों का ध्यान भटकाने” का प्रयास कर रहे हैं। चन्द्रशेखर ने कहा कि विजयन के पास “मुख्यमंत्री के रूप में केवल 45 दिन और” हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियों का उद्देश्य सरकार की “10 साल की विफलता” से ध्यान भटकाना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे विजयन के “पाखंड” को उजागर करते हुए कहा कि जब एक फिल्म रिलीज हुई जो भगवा खेमे के खिलाफ थी, तो विजयन ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में सराहा, लेकिन जब उनकी राजनीतिक सोच के खिलाफ एक फिल्म बनाई गई, तो यह अचानक एक समस्या बन गई। “पिनाराई विजयन के पास मुख्यमंत्री के रूप में 45 दिन और हैं, और वह जानते हैं कि 46वें दिन उन्हें अपना आवास बदलना होगा। जब एक फिल्म आई जो भाजपा के खिलाफ थी, तो हमने विरोध नहीं किया या कुछ नहीं कहा। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला दिया। ऐसा कैसे हो सकता है कि जब कोई और उनकी राजनीतिक सोच के खिलाफ फिल्म बनाता है, तो यह अचानक एक समस्या बन जाती है? यह पाखंड है। यह मूल रूप से केरल के लोगों को उनकी 10 साल की विफलता से ध्यान भटकाने का एक प्रयास है।” समाचार एजेंसी एएनआई. #घड़ी | दिल्ली: ‘द केरल स्टोरी 2’ फिल्म पर केरल के सीएम पिनाराई विजयन के रुख के बारे में केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का कहना है, “पिनाराई विजयन के पास मुख्यमंत्री के रूप में 45 दिन और हैं, और वह जानते हैं कि 46वें दिन उन्हें अपना आवास बदलना होगा…जब… pic.twitter.com/PGh75SICa2– एएनआई (@ANI) 19 फ़रवरी 2026 उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म निर्माताओं को फिल्में बनाने और दर्शकों को उन्हें देखने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “किसी ने आपको संरक्षक नियुक्त नहीं किया है। आपको ऐसा व्यवहार करने की कोई आवश्यकता नहीं है कि आप किसी समुदाय के रक्षक हैं। आज हर भारतीय, हर मलयाली को समान मौलिक अधिकार दिए गए हैं। लोगों को मूर्ख बनाना बंद करें। यह फिल्म इसलिए दिखाई जाएगी क्योंकि जितना आपको फिल्म देखने का अधिकार है, उतना ही मुझे भी फिल्म देखने का अधिकार है। जैसे किसी भी निर्देशक को फिल्म बनाने का अधिकार है, वैसे ही इस निर्देशक को भी फिल्म बनाने का अधिकार है।” चंद्रशेखर ने आगे कहा कि अगर फिल्म में कुछ भी गैरकानूनी है तो लोगों को धमकाने के बजाय मामले को अदालत में ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आपको इससे कोई समस्या है, और अगर फिल्म में कुछ गैरकानूनी है, तो अदालत जाएं। लेकिन लोगों को धमकाने की कोशिश न करें। लोगों में डर पैदा करने के लिए अपने मुख्यमंत्री के पद का इस्तेमाल करने की कोशिश न करें, जिसे हम अनुमति नहीं देंगे।” विजयन ने क्या कहा? इससे पहले दिन में, विजयन ने एक्स से मुलाकात की और द केरल स्टोरी के सीक्वल की रिपोर्टों पर कड़ा विरोध व्यक्त किया। उन्होंने इसे “नफरत फैलाने वाली फिल्म” बताया और कहा कि इसका सीक्वल राज्य में “सांप्रदायिक कलह” भड़काने का एक और प्रयास होगा। “नफरत फैलाने वाली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल की रिलीज से संबंधित रिपोर्टों को अत्यंत गंभीरता से देखा जाना चाहिए। पहले भाग के सांप्रदायिक एजेंडे और ज़बरदस्त झूठ को देखने के बाद, केरल एक बार फिर हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को अवमानना के साथ बदनाम करने के इस प्रयास को खारिज कर देगा।” विजयन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। नफरत फैलाने वाली फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ के सीक्वल की रिलीज से जुड़ी खबरों को बेहद गंभीरता से देखा जाना चाहिए। पहले भाग के सांप्रदायिक एजेंडे और ज़बरदस्त झूठ को पहले ही देख लेने के बाद, केरल एक बार फिर हमारे धर्मनिरपेक्ष को बदनाम करने के इस प्रयास को अस्वीकार कर देगा…- पिनाराई विजयन (@pinarayivijayan) 19 फ़रवरी 2026 मामला पहुंचा हाई कोर्ट इस बीच, फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर एक याचिका के बाद केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सूचना और प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और फिल्म “द केरल स्टोरी 2 – गोज़ बियॉन्ड” के निर्माता को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता, श्रीदेव नंबूदिरी, जो पेशे से जीवविज्ञानी हैं, ने आरोप लगाया कि फिल्म के टीज़र ने “उनके विवेक को झकझोर दिया”, क्योंकि यह केरल को खराब रोशनी में दिखाता है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि हालांकि फिल्म के टीज़र में अन्य राज्यों की कहानियां शामिल हैं, लेकिन शीर्षक से यह आभास होता है कि घटनाएं, चाहे काल्पनिक हों या वास्तविक, विशेष रूप से केरल में घटित हो रही हैं। ‘द केरल स्टोरी 2’ के निर्माताओं ने हाल ही में सीक्वल का ट्रेलर जारी किया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे हिंदू महिलाओं को प्यार के नाम पर इस्लामिक पुरुषों ने फंसाया था। उनके समानांतर जीवन ने दिखाया कि कैसे रोमांस और विद्रोह नियंत्रण और चुप्पी में बदल जाते हैं, प्यार एक ऐसे हथियार में बदल जाता है जो स्वतंत्रता को नष्ट कर देता है। फिल्म को अमरनाथ झा और विपुल अमृतलाल शाह ने लिखा है, जबकि इसका निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में आएगी। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 19 फरवरी, 2026, 16:59 IST समाचार राजनीति विधानसभा चुनाव से पहले ‘द केरल स्टोरी 2’ पर राजनीति गरमाई: ‘लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग
स्पीकर समेत बिहार के 45 विधायकों के चुनाव को चुनौती; उच्च न्यायालय ने जारी किये नोटिस | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:19 फरवरी, 2026, 16:23 IST जिन प्रमुख नेताओं के चुनाव को चुनौती दी गई है उनमें जदयू के वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और विधायक चेतन आनंद और भाजपा के पूर्व मंत्री जिबेश मिश्रा शामिल हैं। अदालत में भारत निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सिद्धार्थ प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। (फ़ाइल छवि) हाल के विधानसभा चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सहित बिहार विधान सभा के 45 सदस्यों के चुनाव को चुनौती देते हुए पटना उच्च न्यायालय में याचिकाएँ दायर की गई हैं। याचिकाएं विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में हारने वाले उम्मीदवारों द्वारा दायर की गई थीं और उन्होंने मौजूदा विधायकों की जीत को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और दावा किया है कि नामांकन के समय प्रस्तुत चुनावी हलफनामे में बताए गए कई तथ्य गलत या भ्रामक थे। अदालत में भारत निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सिद्धार्थ प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रसाद ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”आमतौर पर कोई भी चुनाव याचिका सीधे तौर पर खारिज नहीं की जाती है। प्रतिवादियों को नोटिस भेजे जाते हैं और उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद अदालत आदेश पारित करती है।” एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि गया टाउन से प्रेम कुमार के चुनाव को चुनौती देने वाली एक याचिका है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मामले में अभी तक कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है. आठवीं बार भाजपा विधायक रहे कुमार के खिलाफ याचिका अखौरी ओंकार नाथ ने दायर की थी, जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में इस सीट से चुनाव लड़ा था और 26,000 से अधिक वोटों से हार गए थे। उन्होंने कहा, “हां, गया टाउन से प्रेम कुमार के चुनाव को चुनौती देने वाली एक याचिका है। लेकिन उनके मामले में अब तक कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।” प्रसाद ने कहा कि अधिकांश याचिकाओं में जीतने वाले उम्मीदवारों द्वारा दायर हलफनामों में कथित विसंगतियों या लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रावधानों के अन्य उल्लंघनों का हवाला दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, जिन प्रमुख नेताओं के चुनाव को चुनौती दी गई है उनमें जदयू के वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और विधायक चेतन आनंद और भाजपा के पूर्व मंत्री जिबेश मिश्रा शामिल हैं। राज्य में मुख्य विपक्षी दल राजद के एक विधायक के खिलाफ भी कम से कम एक याचिका दायर की गई है। इनमें अमरेंद्र कुमार भी शामिल हैं, जिन्होंने गोह सीट पर 4041 वोटों से जीत दर्ज की है. सत्तारूढ़ एनडीए ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 200 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए महागठबंधन को ध्वस्त कर दिया। बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और 85% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। अंतिम आंकड़े में एनडीए को 202 सीटें मिलीं और विपक्षी गठबंधन सिर्फ 34 सीटों पर सिमट गया। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर, भाजपा 89 सीटों के साथ आगे रही, उसके बाद जद (यू) 85 सीटों पर रही। इसके ठीक उलट, लहर में महागठबंधन बिखर गया। राजद सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई, कांग्रेस 6 सीटों पर सिमट गई और वाम दलों को कुल मिलाकर केवल 3 सीटें मिलीं। बसपा और आईआईपी ने एक-एक सीट हासिल की। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 19 फरवरी, 2026, 16:23 IST समाचार राजनीति स्पीकर समेत बिहार के 45 विधायकों के चुनाव को चुनौती; हाई कोर्ट ने जारी किए नोटिस अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पटना उच्च न्यायालय चुनाव याचिकाएं(टी)बिहार विधानसभा चुनाव अनियमितताएं(टी)प्रेम कुमार चुनाव चुनौती(टी)लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन(टी)बिहार विधान सभा नोटिस(टी)एनडीए चुनाव जीत बिहार(टी)महागठबंधन चुनाव परिणाम(टी)भारत चुनाव आयोग अदालती मामले
फुल स्टॉप जरूरी, पर प्यार को कॉमा दें:कैमरे के सामने झूठ नहीं चलता, मृणाल और सिद्धांत ने जिंदगी, जजमेंट पर रखी अपनी राय

मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी की अपकमिंग रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ कल यानी कि 20 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है। मृणाल और सिद्धांत ने हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। मृणाल जहां खुद से प्यार करना, धीमी जिंदगी और भावनात्मक संतुलन की बात करती हैं, वहीं सिद्धांत इंडस्ट्री में जजमेंट, भाषा के कॉम्प्लेक्स और अपनी जड़ों पर गर्व का खुलकर जिक्र किया। पेश है बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: मृणाल, इस फिल्म से पहले आप ब्रेकअप की स्थिति में थीं। उस दौर को आप कैसे देखती हैं? जवाब / मृणाल: मेरे लिए वह वही समय और वही मुकाम था, जब यह चीज मेरी जिंदगी में होनी थी। मुझे लगता है कि मेरे भीतर बहुत सारी जटिलताएं, असुरक्षाएं और डर थे। लेकिन आज उन्हीं कमजोरियों को मैंने अपनी ताकत बना लिया है। सवाल: आपने अपनी भाषा और एक्सेंट को लेकर भी असुरक्षा की बात की थी। आज उस डर को कैसे देखती हैं? जवाब / मृणाल:शुरुआत में मुझे बहुत डर लगता था कि अगर मैं हिंदी या अंग्रेजी में बात करूंगी, तो मेरी मराठी एक्सेंट सामने आ जाएगी। लेकिन आज जब मैं मराठी में बात करती हूं, तो वही लोग उसे पसंद करते हैं और बहुत प्यार मिलता है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा आत्मविश्वास है। सवाल: इस फिल्म ने आपको जीवन को किस तरह देखने का नजरिया दिया? जवाब / मृणाल: इस फिल्म ने मुझे सिखाया कि जैसे हैं, वैसे ही रहना सबसे जरूरी है। आप से बेहतर आप कोई और नहीं हो सकता। यह एक यात्रा है, एक आत्म-खोज है। मैंने इस फिल्म को एक एक्ट्रेस के तौर पर इसलिए चुना क्योंकि इसकी कहानी अलग और साहसी थी। लेकिन कब यह फिल्म मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गई, मुझे पता ही नहीं चला। सवाल: आज की तेज रफ्तार जिंदगी पर यह फिल्म क्या सवाल उठाती है? जवाब / मृणाल: आज हम हर वक्त जल्दी में रहते हैं। खाना खाते समय भी मोबाइल देखते हैं। सुबह क्या होती है, यह हम भूल चुके हैं। यह फिल्म हमें सिखाती है कि कभी-कभी रुकना जरूरी है, खुद को समझना जरूरी है। अपनी कमजोरियों, अपनी ताकतों और अपने लोगों से प्यार करना जरूरी है। सवाल: सिद्धांत, शूटिंग के दौरान आप निजी तौर पर मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। उस अनुभव ने आपके अभिनय को कैसे प्रभावित किया? जवाब / सिद्धांत: जो भी मेरे दिल में चल रहा था, मैंने उसे पर्दे पर उतार दिया है। जब दर्शक फिल्म देखेंगे, तो उन्हें वह महसूस होगा। मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि अपने निजी अनुभवों को अपने काम में सच्चाई के साथ डाल सकूं, क्योंकि कैमरे के सामने आप झूठ नहीं बोल सकते। सवाल : क्या वह निजी संघर्ष आपके लिए नुकसानदायक था या मददगार? जवाब / सिद्धांत: इस फिल्म के दौरान मेरी जिंदगी में कुछ चल रहा था, दुर्भाग्य से भी और सौभाग्य से भी। लेकिन मुझे लगता है कि जिंदगी में जो होता है, किसी कारण से होता है। आज पूरी टीम फिल्म से खुश है और मुझे संतोष है कि जो भी दर्द था, वह सही जगह इस्तेमाल हुआ। सवाल: मृणाल, किसी किरदार की तैयारी आप किस तरह करती हैं? जवाब / मृणाल: मेरे लिए तैयारी बहुत आंतरिक होती है। मैं ज्यादातर इंडस्ट्री से बाहर के लोगों से बातचीत करके प्रेरणा लेती हूं। चाहे वह ट्रेन में मिलने वाला कोई यात्री हो, फ्लाइट का सहयात्री हो, या रोजमर्रा की जिंदगी में मिलने वाले लोग, उनकी कहानियां मुझे बहुत कुछ सिखाती हैं। सवाल : रोशनी जैसे किरदार को गढ़ने में किन चीजों ने मदद की? जवाब / मृणाल: हर किरदार के पीछे कोई न कोई असली इंसान होता है। रोशनी कई चीजों का मेल है। जिसमें लेखक की सोच, निर्देशक का नजरिया और मेरी निजी समझ शामिल है। सबसे जरूरी बात यह है कि कलाकार को बहना आना चाहिए, फ्लो में रहना चाहिए और निर्देशक के विजन पर भरोसा करना चाहिए। सवाल: शशांक का किरदार आपके असली जीवन से कितना मेल खाता है? जवाब/ सिद्धांत: बहुत ज्यादा नहीं। अनुभव मिलते-जुलते हो सकते हैं, लेकिन हर इंसान उन्हें अलग तरह से जीता है। मैं जानबूझकर ऐसे किरदार चुनता हूं जो मुझसे काफी अलग हों। अपनी जिंदगी तो मैं जी ही रहा हूं, मुझे दूसरों की जिंदगी को करीब से देखने में दिलचस्पी है। यही मेरी जिज्ञासा है। सवाल : आपके लिए अब तक का सबसे मुश्किल किरदार कौन सा रहा? जवाब / मृणाल: मेरे लिए सबसे मुश्किल किरदार ‘लव सोनिया’ का रहा है। वह मेरी पहली फिल्म थी और मैंने बहुत गहरे अनुभव देखे। उस फिल्म ने मुझे अंदर से तोड़ा भी और आज जो मैं हूं, उसे गढ़ा भी। उस किरदार से निकलना आसान नहीं था। सवाल : सिद्धांत, आपके लिए सबसे कठिन किरदार कौन सा रहा? जवाब / सिद्धांत: मेरे लिए ‘धड़क’ सबसे मुश्किल रही। ट्रैजिक किरदार आपके साथ रह जाते हैं। उस किरदार से निकलने में मुझे लगभग एक साल लग गया। उस दौरान मैं बहुत गुस्से में रहता था, लेकिन एक हल्की और सकारात्मक फिल्म ने मुझे उस अंधेरे से बाहर निकाला। सवाल: इंडस्ट्री में भाषा, पहनावे और पहचान को लेकर होने वाले जजमेंट को आप कैसे देखते हैं? जवाब / सिद्धांत: मुझे बचपन में महंगे कपड़े न पहनने पर चिढ़ाया गया, लेकिन मेरे माता-पिता ने सिखाया कि पहचान काम से बनती है, ब्रांड से नहीं। इंडस्ट्री में कई जगह टैलेंट से ज्यादा भाषा, एक्सेंट और पहनावे को महत्व दिया जाता है, लेकिन हमें अपनी जड़ों और अपनी भाषाओं पर गर्व होना चाहिए। सवाल : सोशल मीडिया की अफवाहों और खबरों को आप कैसे संभालती हैं? जवाब / मृणाल: मैं ध्यान नहीं देती। अगर मुझे कुछ कहना होगा, तो मैं खुद अपने सोशल मीडिया पर कहूंगी। मैं चाहती हूं कि मुझे मेरे काम के लिए जाना जाए. एक ऐसे एक्ट्रेस के रूप में जिसने अलग और मुश्किल रास्ते चुने। सवाल: इस फिल्म में एक संवाद है कि कुछ रिश्तों को फुल स्टॉप लगा देना चाहिए। कब पता चलता है? जवाब / मृणाल : किसी को नहीं पता। जब प्यार में चीजें बहुत बिगड़ जाएं, तो फुल स्टॉप जरूरी होता है। लेकिन अगर दोनों मिलकर समस्याओं से निपट सकते हैं,
UK King Charles Brother Arrest Update; Andrew Mountbatten

लंदन19 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के 2 महीने बाद दुनिया में पहली गिरफ्तारी हुई। ब्रिटिश पुलिस ने गुरुवार सुबह किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया। करीब 12 घंटे की गिरफ्तारी के बाद भारतीय समयानुसार रात 1:15 बजे पुलिस ने एंड्रयू को उनके घर जाने दिया। हालांकि इस मामले की जांच अभी जारी रहेगी। पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में राज परिवार को पूर्व सूचना नहीं दी थी। दोषी साबित होने पर एंड्रयू को उम्रकैद हो सकती है। 66 साल के एंड्रयू का गुरुवार को जन्मदिन भी था। उन पर सार्वजनिक पद के दुरुपयोग का आरोप है। दरअसल, एपस्टीन मामले में पीड़िता रही वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह 17 साल की थी तब एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया था। हालांकि, एंड्रयू ने ग्रिफे के सभी आरोपों को खारिज किया था। गिफ्रे की अप्रैल 2025 में मौत हो गई थी। इसकी वजह आत्महत्या बताई गई थी। एंड्रयू को पकड़ने के लिए गुरुवार सुबह सादे कपड़े में पुलिस पहुंची थी। वह आधुनिक इतिहास में गिरफ्तार होने वाले पहले शाही सदस्य बन गए हैं। पुलिस एंड्रयू को 96 घंटे हिरासत में रख सकती थी एंड्रयू को पुलिस ज्यादा से ज्यादा 96 घंटे तक हिरासत में रख सकती थी, लेकिन इसके लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों और अदालत से इजाजत लेनी पड़ती। आम तौर पर ऐसा कम ही होता है। ज्यादातर मामलों में किसी भी संदिग्ध को 12 या 24 घंटे तक रखा जाता है। उसके बाद या तो उस पर केस दर्ज कर दिया जाता है या फिर आगे की जांच तक छोड़ दिया जाता है। पुलिस एंड्रयू के कंप्यूटर, फाइलें और फोटो देख सकती है। साथ ही, वे उन घरों या जगहों की भी तलाशी ले सकते हैं जहां वे रहते हैं, जिनके मालिक हैं या जिन पर उनका नियंत्रण है। एंड्रयू को उम्रकैद की सजा हो सकती है इंग्लैंड में सार्वजनिक पद पर रहने हुए कदाचार गंभीर अपराध माना जाता है। इस अपराध में यह साबित होना जरूरी है कि व्यक्ति को पता था कि वह गलत कर रहा है, फिर भी उसने ऐसा किया। इस अपराध में अधिकतम सजा उम्रकैद हो सकती है। इस मामले की सुनवाई सिर्फ गंभीर आपराधिक आरोप के तहत अदालत में की जा सकती है। माना जा रहा है कि यह मामला उस समय से जुड़ा है जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय (व्यापार दूत) थे। वह 2001 में इस पद पर नियुक्त हुए थे, लेकिन 10 साल बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उस समय उनका नाम अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ संबंधों को लेकर विवादों में आया था। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से जारी दस्तावेजों में बताया गया था कि पद पर रहते हुए एंड्रयू का एपस्टीन से संपर्क था। एंड्रयू से जुड़ी 5 विवादित तस्वीरें… फोटो में प्रिंस एंड्रयू हैं, जिनका हाथ 17 वर्षीय वर्जिनिया गिफ्रे की कमर पर है। फोटो 10 मार्च 2001 को लंदन में एपस्टीन की गर्लफ्रेंड गिसलीन मैक्सवेल के घर पर ली गई थी। जेफ्री एपस्टीन की ये तस्वीर जस्टिस डिपार्टमेंट ने दिंसबर 2025 में जारी की थी। इसमें वे 5 महिलाओं की गोद में लेटे हुए हैं। अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी को यह तस्वीर जारी की थी। इसमें एंड्रयू एक महिला के ऊपर घुटनों के बल झुके हुए दिख रहे हैं। एंड्रयू जमीन पर लेटी लड़की को छू रहे हैं, जबकि पीछे बैठा इंसान टेबल पर अपने पैर रखकर कुर्सी पर बैठा है। तस्वीर में एंड्रयू लड़की का पेट छूते हुए नजर आ रहे हैं। किंग चार्ल्स बोले- कानून अपना काम करेगा किंग चार्ल्स ने अपने छोटे भाई एंड्रयू की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि कानून को अपना काम करने दिया जाएगा। अब आगे इस मामले की पूरी, निष्पक्ष और सही तरीके से जांच की जाएगी और यह काम संबंधित अधिकारी करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जांच चल रही है, इस मामले पर आगे टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। वहीं एंड्रयू गिरफ्तारी की घोषणा से पहले जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से सवाल किया गया, तो उन्होंने बीबीसी से कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, जिसके पास भी कोई जानकारी है, उसे गवाही देनी चाहिए। एंड्रयू से शाही खिताब छीन लिए गए थे किंग चार्ल्स ने पिछले साल अक्टूबर में अपने छोटे भाई एंड्रयू से ‘प्रिंस’ का खिताब और सभी शाही उपाधियां वापस ले ली थीं। उन्हें विंडसर स्थित उनके आलीशान घर ‘रॉयल लॉज’ को भी खाली करने का आदेश दिया गया। 65 साल के एंड्रयू दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ के दूसरे बेटे हैं। एंड्रयू का नाम लंबे समय से अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा रहा है। एंड्रयू को ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ का खिताब इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया था। शाही उपाधियां छिन जाने के बाद अब प्रिंस एंड्रयू को ‘एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर’ के नाम से जाना जाता है। वर्जिनिया गिफ्रे के खुलासे के बाद फंसे थे एंड्रयू वर्जिनिया गिफ्रे ने साल 2011 में अमेरिका के हाई प्रोफाइल वेश्यावृत्ति नेटवर्क का खुलासा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। उसने अपने साथ हुए यौन शोषण और तस्करी का खुलासा किया था। उसने कहा था कि जब वह सिर्फ 15 साल की थी, तभी एपस्टीन के नेटवर्क में फंस गई थीं। उसे कई प्रभावशाली और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इसी इंटरव्यू में वर्जिनिया ने ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के साथ अपनी मुलाकातों का भी जिक्र किया था। वर्जिनिया कई साल से ऑस्ट्रेलिया में रह रही थीं और यौन उत्पीड़न का सामना करने वाली महिलाओं की वकील बन गई थीं। पिछले साल 21 अक्टूबर को वर्जिनिया गिफ्रे का संस्मरण ‘नो बॉडीज गर्ल’ पब्लिश हुई थी। इसमें ग्रिफे ने अपने साथ हुई यौन उत्पीड़न की घटनाओं का जिक्र किया है। इस किताब को वर्जिनिया ने अपनी मौत से पहले ही पूरा कर लिया था। मौत से कुछ दिन पहले वर्जिनिया एक हादसे का शिकार हो गई थीं। उसने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की थी और कहा था कि वह ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह पाएगी। वर्जिनिया की किताब में एंड्रयू से जुड़े 6 बड़े दावे वर्जिनिया
पाकिस्तान- CM मरियम के लिए लग्जरी जेट खरीदने का आरोप:10 अरब रुपए कीमत; मंत्री बोलीं- सरकारी एयरलाइन के लिए खरीदा

पाकिस्तान में पंजाब सरकार पर मुख्यमंत्री मरियम नवाज के लिए लग्जरी जेट खरीदने का आरोप लगा है। ट्रिब्यून एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गल्फस्ट्रीम G500 मॉडल के इस विमान की कीमत करीब 10 अरब पाकिस्तानी रुपए है। विमान की खरीद को लेकर सोशल मीडिया में विवाद तेज हो गया है। दावा किया जा रहा है कि यह जेट मुख्यमंत्री मरियम नवाज के उपयोग के लिए खरीदा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विमान फिलहाल अमेरिका में रजिस्टर्ड है और अभी पाकिस्तान में इसका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर N144S बताया जा रहा है। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बोखारी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि यह जेट मुख्यमंत्री के लिए नहीं, बल्कि एयर पंजाब के लिए तैयार की जा रही फ्लीट का हिस्सा है। फाइव-स्टार होटल से कम नहीं गल्फस्ट्रीम G500 गल्फस्ट्रीम G500 को दुनिया के सबसे लग्जरी बिजनेस जेट्स में गिना जाता है। इसकी केबिन डिजाइन और सुविधाएं इसे आसमान में चलता फाइव-स्टार सुइट बनाती हैं। विमान में आमतौर पर 10 से 19 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है, जिसे जरूरत के मुताबिक तीन अलग-अलग रहने के हिस्सों में बांटा जा सकता है। सीटें पूरी तरह फ्लैट बेड में बदल जाती हैं। बीच में कॉन्फ्रेंस टेबल लगाई जा सकती है, जहां मीटिंग की जा सके। लंबी उड़ान के दौरान आराम के लिए अलग विश्राम क्षेत्र भी बनाया जा सकता है। G500 का केबिन इंडस्ट्री में सबसे शांत केबिन में गिना जाता है। केबिन प्रेशर और हवा की गुणवत्ता ऐसी रखी जाती है कि लंबी दूरी की उड़ान में यात्रियों को कम थकान महसूस हो। बड़ी-बड़ी अंडाकार खिड़कियां ज्यादा प्राकृतिक रोशनी देती हैं। विमान में अलग गैली (किचन स्पेस), पर्याप्त लगेज स्पेस और एडवांस एयर-फिल्ट्रेशन सिस्टम दिया गया है। सुरक्षा के लिए आधुनिक कॉकपिट सिस्टम और दो ताकतवर इंजन लगाए गए हैं। लंबी दूरी, कम शोर और होटल जैसी सुविधाओं की वजह से इसे वीआईपी और कॉर्पोरेट यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पायलट भर्ती के विज्ञापन से शुरू हुआ विवाद लग्जरी जेट खरीदने का पूरा विवाद एक पायलट भर्ती विज्ञापन से शुरू हुआ। सर्विसेज एंड जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (SGAD) की ओर से जारी इस विज्ञापन में गल्फस्ट्रीम जी-500 उड़ाने के लिए प्रशिक्षित पायलट को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। विज्ञापन सामने आते ही सवाल उठने लगे कि क्या सरकार पहले से ही इस मॉडल का विमान खरीद चुकी है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी अहम शर्त आमतौर पर तभी रखी जाती है, जब विमान पहले से संचालन में हो या बहुत जल्द शामिल होने वाला हो। इसी के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा फैल गया कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री के उपयोग के लिए लग्जरी जेट खरीदा है। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बोखारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एयर पंजाब के लिए एक बेड़ा तैयार किया जा रहा है। कुछ विमान खरीदे जाएंगे और कुछ किराये पर लिए जाएंगे। पाकिस्तान की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं CM मरियम नवाज पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में पद संभाला और इस पद पर पहुंचने वाली वह देश के किसी भी प्रांत की पहली महिला बनीं। मरियम नवाज 2011 में सक्रिय राजनीति में आई थीं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत यूनिवर्सिटीज में और महिलाओं के मुद्दों पर भाषण देकर की थी। साल 2017 मरियम के लिए सबसे अच्छा रहा, लेकिन इसी साल उनके पिता नवाज शरीफ को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स में नाम आने पर चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। यहां से मरियम ने अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की कमान संभाली। इसी साल BBC ने उन्हें अपनी 100 प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में जगह दी। इसके बाद वह न्यूयॉर्क टाइम्स की दुनिया की 11 ताकतवर महिलाओं की लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहीं।
अलवर में युवक ने लगाई फांसी

Last Updated:February 19, 2026, 15:11 IST Alwar News: अलवर के स्कीम नंबर 4 में ई-रिक्शा चालक शिवा ने प्रेमिका से विवाद के बाद उसकी ही चुन्नी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. विवाद के दौरान शिवा ने युवती का मंगलसूत्र तोड़ दिया और कहा कि वह किसी और की नहीं हो सकती. पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच जारी है. ख़बरें फटाफट अलवर में प्रेमिका के सामने ही प्रेमी ने लगाया फंदा अलवर. राजस्थान के अलवर शहर स्थित स्कीम नंबर 4 क्षेत्र में आज एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ एक युवक ने प्रेम प्रसंग के चलते बीच सड़क पर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मृतक की पहचान फूटीखेल निवासी शिवा के रूप में हुई है, जो पेशे से ई-रिक्शा चालक था. शिवा ने अपनी प्रेमिका की चुन्नी का इस्तेमाल कर बीच सड़क पर खड़े ई-रिक्शा के फ्रेम से फंदा लगाया और आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद मौके पर मौजूद युवती बदहवास हो गई और प्रेमी के शव को अपनी गोद में लेकर फूट-फूटकर रोती रही. सड़क पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और मौत के मंजर को देख राहगीरों के भी होश उड़ गए. जानकारी के अनुसार, शिवा अपनी प्रेमिका के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर मोहल्ले के पास पहुंचा था. बताया जा रहा है कि वहां से शराब लेने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी शुरू हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि शिवा ने आपा खो दिया और युवती के गले में पहना हुआ मंगलसूत्र तोड़ दिया. चश्मदीदों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, शिवा ने चिल्लाकर कहा कि “जब तुम मेरी नहीं हो सकती, तो किसी और की भी नहीं हो सकती”. इसी सनक और आवेश में आकर उसने अचानक प्रेमिका की चुन्नी ली और ई-रिक्शा पर ही फंदा बनाकर झूल गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हालघटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना पाकर युवक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहाँ का नजारा देख उनकी चीखें निकल गईं. पुलिस की मौजूदगी में शव को ई-रिक्शा से नीचे उतारा गया और तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया गया. अस्पताल के चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद शिवा को मृत घोषित कर दिया. फिलहाल मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है. घटना के बाद से ही युवती सदमे में है और पुलिस उससे पूछताछ करने का प्रयास कर रही है. क्षेत्र में फैली दहशतस्कीम नंबर 4 जैसे व्यस्त रिहायशी इलाके में इस तरह की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर विवाद की असली जड़ क्या थी और क्या युवक ने यह कदम शराब के नशे में उठाया या वह पहले से मानसिक तनाव में था. पुलिस ने ई-रिक्शा को जब्त कर लिया है और मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें Location : Alwar,Alwar,Rajasthan First Published : February 19, 2026, 15:10 IST









