Wednesday, 09 Sep 2026 | 09:40 AM

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एपस्टीन फाइल- ट्रम्प पर नाबालिग के यौन शोषण का आरोप:नए दस्तावेज में खुलासा, पहले अधिकारियों ने डुप्लीकेट बताकर रोक दिया था

एपस्टीन फाइल- ट्रम्प पर नाबालिग के यौन शोषण का आरोप:नए दस्तावेज में खुलासा, पहले अधिकारियों ने डुप्लीकेट बताकर रोक दिया था

अमेरिका में न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज जारी किए हैं। एफबीआई को दिए इंटरव्यू में महिला ने दावा किया कि एपस्टीन ने उसकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से कराई थी। ट्रम्प ने उनका यौन शोषण किया। तब वे नाबालिग थीं। ये पेज पहले जारी नहीं किए गए थे। एफबीआई ने महिला के दावों से जुड़े 4 इंटरव्यू किए थे। पर शुरुआती रिलीज में सिर्फ एक इंटरव्यू का सार दिखा, जिसमें महिला ने एपस्टीन के खिलाफ आरोप बताए थे। बाकी तीन इंटरव्यू गायब होने पर सवाल उठ रहे थे। अधिकारियों ने अब कहा कि इन्हें गलती से ‘डुप्लीकेट’ मानकर रोक दिया गया था। बाद में रिव्यू किया तो यह बात गलत निकली। ट्रम्प की फाइल दबाने का आरोप अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एपस्टीन से जुड़े डॉक्यूमेंट हैंडल करने के तरीके को लेकर ट्रम्प सरकार पर सवाल उठा रही है। उनका आरोप है कि ट्रम्प प्रशासन ने एपस्टीन जांच से जुड़ी ऐसी जानकारियां दबाईं, जो ट्रम्प को नुकसान पहुंचा सकती थीं। हाउस की एक कमेटी ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को नोटिस जारी करने के पक्ष में वोट किया। उन्हें कोर्ट में जवाब देना होगा। महिला का आरोप- एपस्टीन और ट्रम्प ने उसका यौन-शोषण किया ट्रम्प पर आरोप लगाने वाली महिला के 2019 में FBI ने कई इंटरव्यू लिए थे। गुरुवार को जो डॉक्यूमेंट जारी हुए हैं, उनमें इन्हीं इंटरव्यू के डिटेल्स शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस इंटरव्यू में उस महिला ने आरोप लगाया कि जब उसकी उम्र 13 से 15 साल के बीच थी, तब एपस्टीन और ट्रम्म ने उसका यौन-शोषण किया था। एक इंटरव्यू में महिला ने कहा कि एपस्टीन उसे न्यूयॉर्क या न्यूजर्सी ले गया था और वहीं ट्रम्प से मिलवाया था। महिला ने जांचकर्ताओं को बताया कि जब ट्रम्प उस पर सेक्स करने के लिए दबाव डाल रहे थे, तब उसने उन्हें काट भी लिया था। महिला का यह भी दावा है कि पिछले कई सालों में उसे और उसके करीबी लोगों को चुप रहने के लिए धमकी भरे कई फोन कॉल भी आए थे। महिला का मानना है कि ये कॉल एपस्टीन से जुड़े लोगों की तरफ से हो सकते थे। एपस्टीन फाइल्स में 38 हजार बार ट्रम्प का नाम एपस्टीन फाइल्स में ट्रम्प का नाम 38 हजार से अधिक बार दर्ज है। रिकॉर्ड में 1990 के दशक में एपस्टीन के निजी विमान से 7-8 यात्राओं का जिक्र है। ट्रम्प के मार-ए-लागो क्लब की गेस्ट लिस्ट में भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यौन शोषण का नेटवर्क अमेरिका तक सीमित नहीं था। एपस्टीन ने संगठित ट्रैफिकिंग नेटवर्क बनाया। एपस्टीन फाइल्स में अब तक 15 देशों के रईसों, नेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम सामने आए हैं। ट्रम्प ने आरोपों को झूठा बताया ट्रम्प ने एपस्टीन से जुड़े सभी आरोपों में किसी भी गलत काम से इनकार किया है. पहले न्याय विभाग ने भी कहा था कि जारी किए गए कुछ डॉक्यूमेंट में ट्रम्प के खिलाफ “झूठे और सनसनीखेज दावे” हैं. वहीं विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रम्प सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने एपस्टीन जांच से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारियों को छिपाने की कोशिश की, जो ट्रम्प के लिए नुकसानदेह हो सकती थीं। अब तारीखों में पूरा मामला 14 साल की लड़की ने की थी पहली शिकायत 2005: फ्लोरिडा की 30 लड़कियों ने दिया बयान फ्लोरिडा में 14 साल की लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि एपस्टीन ने मसाज के बहाने यौन शोषण किया। जांच में 30 नाबालिग लड़कियों के बयान मिले। 2006-08: राहत देने वाले एकोस्टा बाद में मंत्री यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने एपस्टीन को फेडरल ट्रायल से बचाने वाली ‘प्ली डील’ दी। उसे 13 माह की हल्की सजा और दिन में बाहर काम की अनुमति मिली। इस डील को मंजूरी देने वाले अभियोजक एलेक्स एकोस्टा बाद में 2017 में ट्रम्प के पहले कार्यकाल में श्रम मंत्री बने। 2009-15: जेल से बाहर निकला, नेटवर्क सक्रिय डील के बाद एपस्टीन सक्रिय रहा। ‘लॉलीटा एक्सप्रेस’, निजी द्वीप से जुड़ी गतिविधियों के सबूत एजेंसियों के पास बढ़ते गए, लेकिन कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई। 2017-18: #मीटू आंदोलन से फिर खुला केस #मीटू आंदोलन के बाद पीड़ितों की गवाही और जांच से एपस्टीन के प्रभावशाली संपर्क उजागर हुए। 2019: फेडरल गिरफ्तारी और जेल में संदिग्ध मौत न्यूयॉर्क में सेक्स-ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तारी हुई। एक माह बाद मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल जेल में संदिग्ध हालात में मौत, आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया। 2020-26: अब कोर्ट के आदेश से फाइलें जारी… अमेरिकी कोर्ट आदेश व एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपरेंसी एक्ट के तहत 30 लाख पेज जारी हुए, वैश्विक जांच शुरू। ————— एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एपस्टीन फाइल्स- अनिल अंबानी की चैट सामने आई: दावा- सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई, अनिल बोले- अरेंज करो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने जो दस्तावेज जारी किए हैं, उसमें अनिल अंबानी से जुड़े नए खुलासे सामने आए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़ें…

भोपाल में गोमांस से भरे कंटेनर मामले में चालान पेश:SIT के चालान में भी मांस गाय का होने की पुष्टि, 56 दिन बाद गुपचुप तरीके से पेश किया

भोपाल में गोमांस से भरे कंटेनर मामले में चालान पेश:SIT के चालान में भी मांस गाय का होने की पुष्टि, 56 दिन बाद गुपचुप तरीके से पेश किया

भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने गोमांस से भरे कंटेनर पकड़ाने के मामले में एसआईटी ने चालान पेश कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के 56 दिन बाद गुरुवार को गुपचुप तरीके से चालान पेश किया गया। एसआईटी की जांच में भी मांस गाय का ही होने की पुष्टि हुई है। दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को गोमांस से भरा कंटेनर मिला था। जिसमें 26 टन से अधिक गोमांस अलग-अलग पैकेट में भरा था। मांस से भरे कंटेनर को जय मां भवानी हिंदू संगठन के प्रमुख भानू हिंदू और उनकी टीम ने पकड़ा था। मांस की सैम्पलिंग मथुरा की लैब में कराई गई। 5 जनवरी को आई सैंपल रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया था। इस रिपोर्ट में मांस गाय का ही होने की पुष्टि हुई थी। यह मांस भोपाल के जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकला था। जिसका संचालन असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा करता था। 7 जनवरी को असलम और कंटेनर के ड्राइवर शोएब की गिरफ्तारी की गई थी। 265 क्विंटल मांस से 5 डिब्बों में लिए सैंपल चालान के मुताबिक कंटेनर को रोककर जांच के दौरान पैकेट में मांस मिला था। जहांगीराबाद के तत्कालीन थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने एफआईआर दर्ज की। 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया है। 18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्‌द्दीन को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया। पुलिस ने जो सैंपल कंटेनर में मिले मांस के लिए थे, उन्हें पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा को भेजे। संदिग्ध मांस के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी मिल गई। जिसमें मांस में गोमांस (SAMPLE BELONG TO COW OR IT’S PROGENY) का होना सामने आया। जल्दबाजी में पेश किया चालान जेल में बंद आरोपी स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा और उसके ड्राइवर शोएब के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य के न्यायालय में पांच सौ पृष्ठ का चालान पेश किया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने जल्दबाजी में अधूरा चालान पेश किया है। मथुरा के लैब की जांच रिपोर्ट तो चालान के साथ पेश की गई है, लेकिन हैदराबाद के लैब की जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई। हंगामे के बाद थाने में हुआ था प्रदर्शन गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए। स्लॉटर हाउस का संचालक असलम चमड़ा कुरैशी का होना पाया गया। इसके बाद निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस ने ली। ड्राइवर शोएब पिता कमालउ‌द्दीन निवासी थाना खरखोदा मुस्कान पब्लिक स्कूल के पास इकबाल नगर हुमायूं नगर मेरठ (यूपी) से पूछताछ की गई। उसने माल असलम का होने की पुष्टि की। आगे की जांच के बाद पुलिस ने संचालक असलम चमड़ा, ड्राइवर शोएब व अन्य के विरुद्ध मप्र गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 और 9, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धार 61 (2) के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने माना कि गोवंश का वध कर उसके मांस को षड्यंत्रपूर्वक परिवहन किया जा रहा था। वेटनरी डॉक्टर ने बताया था- भैंसें कटी इस पूरे मामले में वेटनरी डॉ. गौर को सस्पेंड किया गया है। इसी डॉक्टर ने 17 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में प्रमाणित किया था कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब दो सप्ताह में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया। इसके बाद मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी गई। मांस की इसी खेप से पुलिस ने जो सैंपल लिए, उनमें गोमांस की पुष्टि हुई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्लॉटर हाउस में या तो गायों का वध हुआ या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाणन किया गया। ये खबरें भी पढ़ें… 26 टन गो-मांस पर अफसर बोले- ले-देकर केस निपटाओ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 टन गोमांस की तस्करी के मामले ने पूरे प्रशासनिक अमले को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी असलम चमड़ा को पुलिस ने रिमांड पर ले लिया है। उससे यह जानने की कोशिश की कि 260 गायों के बराबर यह मांस आखिर आया कहां से? पढ़ें पूरी खबर… गोमांस तस्करी केस में नया खुलासा, भानू-राजेश का ऑडियो भोपाल के बर्खास्त रेलकर्मी राजेश तिवारी का एक और ऑडियो सामने आया है। इसे जारी किया है भानू हिंदू ने। दावा किया गया है कि दूसरी तरफ आवाज राजेश तिवारी की है, जिसमें भानू हिंदू से बातचीत करते हुए मामले में असलम चमड़ा के मामले में सेटलमेंट की कोशिश की जा रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…