आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा की रिलीज डेट हुई अनाउंस:10 जुलाई को रिलीज होगी स्पाई यूनिवर्स की फिल्म; मेकर्स ठुकरा चुके ₹215 करोड़ की OTT डील

आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, अनिल कपूर और बॉबी देओल स्टारर स्पाई यूनिवर्स फिल्म ‘अल्फा’ 10 जुलाई 2026 को रिलीज होगी। प्रोडक्शन हाउस यश राज फिल्म्स (YRF) ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की पुष्टि की है। पहले यह फिल्म 2025 में आने वाली थी, लेकिन बाद में इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई थी। फिल्म ‘अल्फा’ को लेकर पहले यह चर्चा थी कि इसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेकर्स को नेटफ्लिक्स की ओर से 215 करोड़ रुपए की डील का ऑफर मिला था। हालांकि, आदित्य चोपड़ा और उनकी टीम ने इसे ठुकरा दिया। फिल्म में आलिया-शरवरी का दमदार एक्शन इस फिल्म में पहली बार आलिया भट्ट और शरवरी वाघ लीड रोल में जासूसी करती नजर आएंगी। फिल्म में दोनों का हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलेगा। इनके साथ ही अनिल कपूर और बॉबी देओल भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में हैं। हालांकि, मेकर्स ने अब तक उनके किरदारों को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है। 2024 में हुआ था फिल्म का ऐलान फिल्म ‘अल्फा’ की घोषणा साल 2024 में की गई थी। पहले इसे 17 अप्रैल 2026 को रिलीज करने की योजना थी, लेकिन अब नई तारीख 10 जुलाई तय की गई है। फिल्म केवल हिंदी में ही नहीं, बल्कि तमिल और तेलुगू भाषा में भी रिलीज होगी। स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल लीड फिल्म होने के नाते मेकर्स को इससे काफी उम्मीदें हैं। शिव रवैल ने किया है डायरेक्शन फिल्म ‘अल्फा’ का निर्देशन शिव रवैल ने किया है और इसे आदित्य चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया है। बॉक्स ऑफिस क्लैश की बात करें तो फिलहाल 10 जुलाई के आस-पास किसी बड़ी फिल्म की रिलीज नहीं है। यह सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ (4 जून) के करीब एक महीने बाद रिलीज होगी। ऐसे में फिल्म को सिनेमाघरों में अच्छी स्क्रीन मिलने की संभावना है।
Gold Silver Prices Rise | ₹26K Hike This Year, Silver ₹2.63 LakhKg

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में लगातार तीन दिन गिरावट के बाद आज तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 817 रुपए बढ़कर ₹1.60 लाख पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 2,080 रुपए बढ़कर ₹2.63 लाख पर पहुंच गई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.60 लाख रुपए प्रति किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं। खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। बल्क खरीदारी पर मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं। सोना इस साल ₹26,373 और चांदी ₹32,383 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 26,373 रुपए और चांदी 32,383 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना और चांदी के दाम बढ़ने के मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, जिससे सोना चांदी की कीमतें बढ़ीं। मिडिल ईस्ट संकट से कच्चा तेल महंगा हुआ, जो महंगाई बढ़ाता है और सोने को इन्फ्लेशन हेज के रूप में सपोर्ट करता है। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता से निवेशक सोने-चांदी की ओर भागे, साथ ही सेंट्रल बैंक (जैसे भारत-चीन) लगातार खरीद रहे हैं। 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
WB Election Commissioner Protest | Go Back Poster, Black Flag; BJP Demand 3-Phase Poll

Hindi News National WB Election Commissioner Protest | Go Back Poster, Black Flag; BJP Demand 3 Phase Poll कोलकाता1 दिन पहले कॉपी लिंक चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार सुबह कालीघाट में पूजा करने पहुंचे, जहां लोगों ने उनका विरोध किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रविवार शाम को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने कोलकाता पहुंचे। 3 दिन चलने वाली चुनाव आयोग की फुल बेंच मीटिंग के बीच सोमवार को ज्ञानेश कुमार कालीघाट में पूजा करने पहुंचे। मंदिर के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने गो बैक के पोस्टर और काले झंडे दिखाए। इसके पहले रविवार को भी कोलकाता पहुंचने पर कुछ लोग उनके काफिले के सामने झंडे लेकर पहुंचे और नारेबाजी करते दिखे। इधर, BJP के एक डेलीगेशन ने सोमवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की फुल बेंच से मुलाकात की और मांग की कि 2026 का पश्चिम बंगाल असेंबली चुनाव तीन फेज में ही कराया जाए। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म होने वाला है। 294 सीटों पर अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है। 2021 में TMC ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। ममता बनर्जी मुख्यमंत्री चुनी गई थीं। कालीघाट पहुंचे CEC की तस्वीरें… एयरपोर्ट से होटल तक विरोध रविवार को पश्चिम बंगाल के स्थानीय लोग न्यू टाउन में एक प्राइवेट होटल के सामने इकट्ठा हुए, उन्होंने ‘गो बैक, ज्ञानेश कुमार, डेमोक्रेसी के हत्यारे’ लिखी टीशर्ट पहनी थी। जब चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार, इलेक्शन कमिश्नर SS संधू, विवेक जोशी और सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गार्ड और पवन कुमार के साथ CEC ज्ञानेश कुमार कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे, तो प्रदर्शनकारी वहां भी पहुंच गए। कोलकाता पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने काफिले की गाड़ियों के पास जाने से रोका। पोल पैनल से मिला BJP का डेलिगेशन, 16 मांगें रखीं चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार, इलेक्शन कमिश्नर SS संधू और विवेक जोशी सोमवार को मान्यता प्राप्त नेशनल और स्टेट पार्टियों के डेलीगेशन से मिल रहे हैं ताकि चुनाव कराने के बारे में उनकी चिंताओं और सुझावों को सुना जा सके। BJP डेलीगेशन ने असेंबली चुनाव से पहले राज्य में सुरक्षा माहौल पर चिंताओं को बताते हुए 16-पॉइंट का मांग पत्र सौंपा। इलेक्शन कमीशन को पश्चिम बंगाल असेंबली चुनाव में हिंसा न हो, इसके लिए कदम उठाने चाहिए। BJP ने प्रस्ताव दिया कि जिस भी बूथ पर 85 परसेंट से ज़्यादा पोलिंग हो या पिछले चुनावों के दौरान या बाद में हिंसा का रिकॉर्डेड इतिहास हो, उसे अपने आप सेंसिटिव माना जाना चाहिए और उसे एक्स्ट्रा सुरक्षा दी जानी चाहिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
जूनियर एनटीआर के फैंस ने हॉस्पिटल में की तोड़फोड़:उदघाटन करने पहुंचे एक्टर को देखने उमड़ी भीड़, अफरा-तफरी मची, पुलिस ने की लाठीचार्ज

साउथ स्टार जूनियर एनटीआर हा लही में एक हॉस्पिटल के उद्घाटन में पहुंचे थे। एक्टर को देखने के लिए फैंस की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, जिसने हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। 8 मार्च को जूनियर एनटीआर बैंग्लोर के केआईएमएस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पहुंचे। उदघाटन समारोह में उनके आने की खबर मिलते ही कई फैंस उनकी एक नजर पाने के लिए वहां इकट्ठा होने लगे। भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी होने लगी। एक्टर जैसे ही पहुंचे, उनके करीब जाने के लिए फैंस के बीच धक्का-मुक्की होने लगी और एक्टर भी भीड़ में फंस गए। सिक्योरिटी टीम और लोकल एथॉरिटी की मदद से काफी मशक्कत के बाद एक्टर को वहां से निकाला गया। इस दौरान कुछ फैंस ने एस्केलेटर भी तोड़ दिया। फैंस मीट-अप से हो चुके हैं बड़े हादसे जूनियर एनटीआर से पहले अल्लू अर्जुन और थलापति विजय की रैली में भी बड़े हादसे हो चुके हैं। बीते साल सितंबर थलापति की एक पॉलिटिकल रैली में भगदड़ होने से 40 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग में अल्लू अर्जुन के अचानक हैदराबाद के संध्या थिएटर पहुंचने से भी भीड़ बेकाबू हो गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। जबकि कई घायल थे। घटना के बाद अल्लू अर्जुन के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी।
Middle East War Fuels Dollar Rise, Oil Surge; Rupee Hits Record Low 92.33

Hindi News Business Middle East War Fuels Dollar Rise, Oil Surge; Rupee Hits Record Low 92.33 नई दिल्ली7 घंटे पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात की वजह से निवेशकों में डॉलर की डिमांड बढ़ गई है। भारतीय रुपया आज 9 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे गिरकर 92.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी और डॉलर के मजबूत होने की वजह से रुपए में यह बड़ी गिरावट आई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता, रुपए पर दबाव बना रह सकता है। इस साल रुपए में अब तक 2% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इससे चलते यह 2026 में दुनिया के इमर्जिंग मार्केट्स की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में से एक बन गई है। कच्चा तेल एक हफ्ते में 25% महंगा हुआ रुपए में आई इस रिकॉर्ड गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है। ब्रेंट क्रूड $117 पहुंचा: मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ने से सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 25% बढ़कर 117 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। 50% का उछाल: जब से ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ है, तेल की कीमतें लगभग 50% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। भारत पर असर: भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से रिफाइनिंग कंपनियों को ज्यादा डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे बाजार में डॉलर की मांग बढ़ गई और रुपया कमजोर हो गया। रुपया 92.19 पर खुला, लेकिन ट्रेडिंग शुरू होते ही गिरा रिजर्व बैंक ने पिछले गुरुवार की तरह ही सोमवार को भी बाजार खुलने से पहले हस्तक्षेप किया। इससे रुपया 92.19 के स्तर पर खुला, जो बाजार की उम्मीदों से थोड़ा बेहतर था। लेकिन, जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, निवेशकों और तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की खरीदारी तेज हो गई। एक बैंक के करेंसी ट्रेडर ने कहा, “RBI यह मैसेज दे रहा है कि वह बाजार पर नजर रखे हुए है, लेकिन तेल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए डॉलर-रुपए के जोड़े को नीचे धकेलना फिलहाल मुश्किल है।” विदेशी निवेशकों के लिए ‘सेफ हेवन’ बना डॉलर दुनियाभर के बाजारों में मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में निवेशक जोखिम लेने के बजाय अपना पैसा ‘सुरक्षित’ माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर में लगा रहे हैं। बोफा (BofA) ग्लोबल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो उन देशों की करेंसी पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ेगा, जो तेल आयात पर निर्भर हैं। इसमें भारत (INR) और फिलीपींस (PHP) सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।” आम आदमी पर क्या असर होगा? विदेश में पढ़ाई और घूमना महंगा: अगर आप विदेश जाने की योजना बना रहे हैं या आपका कोई बाहर पढ़ रहा है, तो आपको डॉलर खरीदने के लिए ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और कच्चे माल के दाम: मोबाइल, लैपटॉप और विदेश से आने वाले अन्य पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि कंपनियां इनका भुगतान डॉलर में करती हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें: अगर कच्चा तेल इसी तरह महंगा बना रहा, तो आने वाले समय में देश में पेट्रोल डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। पिछले महीने मिली राहत शॉर्ट-टर्म में खत्म पिछले महीने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के बाद लगा था कि रुपए की स्थिति सुधरेगी। उस समय विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा लगाना शुरू किया था और रुपए ने थोड़ी रिकवरी भी की, लेकिन मिडिल-ईस्ट में जैसे-जैसे लड़ाई बढ़ी, राहत कुछ दिन में ही खत्म हो गई। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर की तुलना में किसी भी अन्य करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना, टूटना, कमजोर होना कहते हैं। अंग्रेजी में करेंसी डेप्रिसिएशन कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे वह इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन करता है। फॉरेन रिजर्व के घटने और बढ़ने का असर करेंसी की कीमत पर दिखता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर, अमेरिका के रुपए के भंडार के बराबर होगा तो रुपए की कीमत स्थिर रहेगी। हमारे पास डॉलर घटे तो रुपया कमजोर होगा, बढ़े तो रुपया मजबूत होगा। ———————- ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग से सेंसेक्स 1700 अंक गिरकर 77,200 पर आया: जापान, कोरिया के बाजार 7% टूटे; कच्चा तेल 10 दिन में 60% चढ़ा अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण शेयर बाजार में आज यानी 9 मार्च को बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स करीब 1700 अंक (2.15%) नीचे 77,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 500 अंक (2.12%) की गिरावट है, ये 23,500 पर कारोबार कर रहा है। आज बैंक, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG शेयरों में ज्यादा बिकवाली है। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
जयपुर की मॉडल के साथ दिखे ईशान किशन:टी20 वर्ल्ड कप जीत के जश्न में शामिल हुईं अदिति हुंडिया, दादा ने किया था अफेयर का खुलासा

भारत क्रिकेट टीम ने तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीता। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया के खिलाड़ी जीत के जश्न में डूबे हुए थे। इस दौरान पहली बार बल्लेबाज ईशान किशन अपनी गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। दोनों की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आई हैं। अदिति जयपुर के सिविल लाइंस की रहने वाली हैं। वो एक मॉडल और एंटरप्रेन्योर हैं। जयपुर में उनका अपना फैशन ब्रांड है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अदिति ने ईशान के साथ हार्दिक पांड्या, सूर्य कुमार यादव और अन्य खिलाड़ियों के साथ खूब मस्ती की। फाइनल मैच से पहले उन्हें भारतीय टीम के खिलाड़ियों के साथ एक रेस्तरां में डिनर पर भी देखा गया था। अब देखिए, PHOTOS… ईशान किशन और अदिति हुंडिया : क्या जल्द बजेगी शहनाई? पिछले कुछ साल से ईशान किशन और अदिति हुंडिया के रिश्ते को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। इसी महीने ईशान की गर्लफ्रेंड का नाम उनके दादा राम अनुग्रह पांडेय ने बताया था। एक इंटरव्यू में पांडेय ने कहा था- ईशान जिससे भी शादी करेगा हमें स्वीकार है। उसके बड़े भाई ने कहा था कि पल्लवी से शादी करेंगे, तो हमने करवा दी थी। अब इसकी भी करवा देंगे। अदिति उसकी गर्लफ्रेंड है। वो जयपुर में रहती है। मॉडल है, मिस इंडिया कंटेस्ट में दूसरे नंबर पर आई थी। बताया जा रहा है कि जल्दी ही ईशान शादी के बंधन में बंध सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अभी दोनों परिवारों की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है। अदिति पेशे से मॉडल, पिता जयपुर में कारोबारी अदिति हुंडिया के पिता जयपुर में घी कारोबारी हैं। वे मिस डीवा 2018 की विनर रह चुकी हैं। यहीं से उन्हें मॉडलिंग की दुनिया में अलग पहचान मिलनी शुरू हुई थी। वे फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट भी रह चुकी हैं। नेशनल ब्यूटी क्वीन कॉन्सटेस्ट तक पहुंची हैं। फैशन क्रेडिबिलिटी के साथ सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। ईशान किशन और अदिति हुंडिया के अफेयर की चर्चा 2019 IPL के दौरान ही होने लगी थी। स्टैंड में अदिति की मौजूदगी ‘मिस्ट्री फैनगर्ल’ के रूप में चर्चा का विषय बनने लगी थी।
‘राष्ट्रपति खड़े हैं, आप बैठे हैं’: प्रोटोकॉल विवाद के बीच ममता ने 2024 फोटो के साथ पीएम मोदी पर हमला किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 09, 2026, 11:12 IST पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए टीएमसी ने एक तस्वीर साझा की जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी और 2024 के बीजेपी दिग्गज लाल कृष्ण आडवाणी हैं। विवाद कथित प्रशासनिक चूक से आगे बढ़कर पूर्ण राजनीतिक झगड़े में बदल गया है, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (बाएं) ने प्रोटोकॉल उल्लंघन से इनकार किया है और पीएम नरेंद्र मोदी (दाएं) ने कहा है कि राज्य के लोग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (केंद्र) के अपमान पर टीएमसी को माफ नहीं करेंगे। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हाल की राज्य यात्रा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जबरदस्त टकराव सोमवार को उस समय तेज हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दो साल पुरानी तस्वीर साझा कर प्रधानमंत्री पर हमला बोला। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए, टीएमसी ने एक वीडियो साझा किया जिसमें दो तृणमूल नेताओं को राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधान मंत्री मोदी और 2024 से भाजपा के दिग्गज लाल कृष्ण आडवाणी की तस्वीर दिखाते हुए दिखाया गया है। 31 मार्च, 2024 की इस तस्वीर में राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधान मंत्री मोदी को आडवाणी से मिलते और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करते हुए दिखाया गया है। तस्वीर में राष्ट्रपति मुर्मू खड़े हैं, जबकि पीएम मोदी उनकी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। “प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के कार्यालय का सम्मान करने के बारे में बड़े-बड़े दावे करते रहते हैं। आइए इस तस्वीर को ध्यान से देखें। देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति खड़ी हैं जबकि प्रधानमंत्री अपनी कुर्सी पर आराम से बैठे हैं। राष्ट्रपति के लिए सम्मान की सभी घोषणाएं खोखली लगती हैं जब दृश्य साक्ष्य उनके कार्यालय के लिए इस तरह की आकस्मिक उपेक्षा का खुलासा करते हैं,” तृणमूल ने एक सार्वजनिक रैली में बनर्जी की टिप्पणियों का एक छोटा वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति पद का सम्मान करने के बड़े-बड़े दावे करते रहते हैं। आइए इस तस्वीर को ध्यान से देखें। देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति खड़ी हैं जबकि प्रधानमंत्री अपनी कुर्सी पर आराम से बैठे हैं. सम्मान की सभी घोषणाएँ… pic.twitter.com/LUzw5wW4dW – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 8 मार्च 2026 पीएम मोदी पर हमला करते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके लिए है। क्या आप राष्ट्रपति, एक महिला और एक आदिवासी नेता का सम्मान करते हैं? फिर राष्ट्रपति क्यों खड़े हैं और आप बैठे हैं?” उन्होंने कहा, “मैंने आप सभी को दिखाया है, हम (राष्ट्रपति) का सम्मान करते हैं, लेकिन वे नहीं करते। यह तस्वीर साबित करती है कि कौन सम्मान करता है और कौन नहीं।” बनर्जी ने कहा, “मैंने आपके ट्वीट का जवाब दिया है कि हमने उस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया था (जिसमें राष्ट्रपति ने भाग लिया था)। एक निजी संगठन ने इसका आयोजन किया था और राज्य सरकार ने कहा कि संगठन के पास राष्ट्रपति के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की क्षमता नहीं थी। उन्होंने हमें शामिल नहीं किया। यह माननीय राष्ट्रपति की पसंद है कि उन्होंने निमंत्रण स्वीकार किया। यह उनका विशेषाधिकार है, घंटे नहीं।” क्या है विवाद? दार्जिलिंग में नौवें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन के लिए शनिवार को राष्ट्रपति मुर्मू के बंगाल दौरे के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री बनर्जी या बंगाल के किसी अन्य मंत्री द्वारा सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे पर उनका स्वागत नहीं करने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आम तौर पर, जब राष्ट्रपति आ रहे हों तो मुख्यमंत्री को स्वागत करना चाहिए और अन्य मंत्रियों को मौजूद रहना चाहिए। लेकिन वह नहीं आईं। राज्यपाल बदल गए हैं और नहीं आ सके। लेकिन तारीख तय हो गई थी, इसलिए मैं आई हूं।” राष्ट्रपति ने कहा कि बनर्जी उनकी ”छोटी बहन” की तरह हैं। उन्होंने कहा, “मैं भी बंगाल की बेटी हूं। मुझे नहीं पता कि वह परेशान है या नहीं।” केंद्र सरकार द्वारा ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति सम्मान में कमी का आरोप लगाने के बाद विवाद शुरू हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी टीएमसी सरकार की आलोचना की और कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू के कथित अपमान पर राज्य की जनता टीएमसी सरकार को माफ नहीं करेगी. ममता ने प्रोटोकॉल उल्लंघन से इनकार किया जल्द ही, बनर्जी ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोपों से इनकार किया, यह कहते हुए कि किसी भी कुप्रबंधन की जिम्मेदारी कहीं और है, और एक निजी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस आयोजन के लिए जिम्मेदार नहीं है। बनर्जी ने कहा था, “यह एक निजी संगठन का कार्यक्रम था। अगर वे इसे आपके लिए ठीक से व्यवस्थित नहीं कर सके, तो यह उनकी समस्या है।” जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 09, 2026, 10:48 IST समाचार राजनीति ‘राष्ट्रपति खड़े हैं, आप बैठे हैं’: प्रोटोकॉल विवाद के बीच ममता ने 2024 फोटो के साथ पीएम मोदी पर हमला किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)राष्ट्रपति मुर्मू(टी)नरेंद्र मोदी(टी)द्रौपदी मुर्मू(टी)बंगाल(टी)प्रोटोकॉल उल्लंघन
सलमान के गाने पर थिरकीं ऐश्वर्या राय:नीता अंबानी और अभिषेक बच्चन भी साथ नजर आए; सलाम-ए-इश्क' गाने पर डांस

ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन हाल ही में एक शादी समारोह में शामिल हुए। मुदित अडाणी और अनन्या की इस वेडिंग सेरेमनी से ऐश्वर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में ऐश्वर्या राय, रिलायंस इंडस्ट्रीज की चेयरपर्सन नीता अंबानी के साथ सलमान खान की फिल्म के मशहूर गाने ‘सलाम-ए-इश्क’ पर डांस करती नजर आ रही हैं। वीडियो में नीता अंबानी और ऐश्वर्या के साथ एक अभिषेक भी डांस फ्लोर पर नजर आ रहे हैं। नीता अंबानी ने इस मौके पर हल्के नीले रंग का कढ़ाई वाला खूबसूरत लहंगा पहना था। वहीं, ऐश्वर्या राय गहरे नीले रंग के सूट सेट में दिखाई दीं। अभिषेक बच्चन ने सफेद पैंट के साथ नीला बंदगला पहना था। सभी मेहमानों ने मिलकर ‘सलाम-ए-इश्क’ गाने पर परफॉर्मेंस दी। यह गाना फिल्म ‘सलाम-ए-इश्क: ए ट्रिब्यूट टू लव’ का है, जिसे शंकर-एहसान-लॉय ने कंपोज किया था। अर्जुन तेंदुलकर की शादी में भी साथ पहुंचा था कपल इस समारोह से पहले अभिषेक और ऐश्वर्या को क्रिकेट लेजेंड सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी में भी देखा गया था। अर्जुन और एंटरप्रेन्योर सानिया चांढोक की शादी 5 मार्च 2026 को मुंबई में हुई। बच्चन परिवार के ये दोनों सदस्य बॉलीवुड की ओर से शादी में पहुंचने वाले शुरुआती मेहमानों में शामिल थे। अर्जुन की शादी में ऐश्वर्या ने हैवी एम्ब्रॉयडरी वाला लाइट ब्लू सूट पहना था, जबकि अभिषेक ब्लैक बंदगला और व्हाइट पैंट में नजर आए थे। पिछले साल थीं तलाक की अफवाहें अभिषेक और ऐश्वर्या की शादी साल 2007 में हुई थी और उनकी एक बेटी आराध्या है। हालांकि, पिछले साल दोनों के बीच अनबन और तलाक की खबरों ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब अनंत अंबानी की शादी में ऐश्वर्या और अभिषेक मीडिया के सामने अलग-अलग पहुंचे थे। इसके बाद आराध्या के बर्थडे की तस्वीरों में भी बच्चन परिवार का कोई सदस्य नजर नहीं आया था, जिससे इन अफवाहों को जोर मिला। यहां तक कि कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान भी अभिषेक अपनी पत्नी को चीयर करते नहीं दिखे थे। हालांकि अब ऐश्वर्या और अभिषेक ने कई बार साथ नजर आकर ट्रोलर्स को जवाब दिया है। आराध्या के स्कूल के एनुअल फेस्ट में भी अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या और अभिषेक एक साथ देखे गए थे। वहां उन्होंने मीडिया को मुस्कुराते हुए साथ में पोज भी दिए थे।
फिल्ममेकर पर भड़कीं तृषा कृष्णन:थलापति विजय से नाम जुड़ने पर आपत्तिजनक कमेंट किया, एक्ट्रेस की फटकार के बाद माफी मांगी

साउथ एक्ट्रेस तृषा कृष्णन इन दिनों थलापति विजय से नाम जुड़ने से सुर्खियों में हैं। तलाक की खबरों के बीच ही थलापति विजय, तृषा के साथ एक वेडिंग रिसेप्शन का हिस्सा बने थे, जिस पर अब विवाद हो गया है। एक फिल्ममेकर आर.पार्थिबन ने एक्ट्रेस की तस्वीर देखकर कहा था कि उन्हें कुछ दिनों तक घर पर ही रहना चाहिए। इस पर अब एक्ट्रेस भड़क गई हैं। तृषा ने हाल ही में आधिकारिक X अकाउंट (पहले ट्विटर) से बिना किसी का नाम लिए फिल्ममेकर पार्थिबन को फटकारते हुए लिखा, ‘मुझे हाल ही में हुए एक इवेंट के ऑर्गेनाइजर द्वारा बताया गया कि मेरा नाम और मेरी तस्वीर आखिरी समय पर एक व्यक्ति के अनुरोध पर, उसके सहायक के माध्यम से, शामिल की गई थी। माइक पर बोलने से कोई बात समझदार या मजेदार नहीं बन जाती, वह सिर्फ बेवकूफी को जोर से सुनाता है। बिना जानकारी के कही गई बुरी बातें सामने वाले के बारे में नहीं, बल्कि बोलने वाले के बारे में ज्यादा बताती हैं।’ जानिए क्या था फिल्ममेकर का बयान आर.पार्थिबन हाल ही में बाफ्टा अवॉर्ड में पहुंचे थे। इस दौरान उनसे उन एक्टर्स के बारे में सवाल किए गए जिनके साथ वो पहले काम कर चुके हैं। ये सवाल तस्वीरें दिखाकर किए गए थे। जैसे ही उन्हें तृषा कृष्णन की तस्वीर दिखाई गई, तो उन्होंने हाल ही में विजय के साथ वायरल तस्वीरों पर तंज कसते हुए कहा, ‘इसे कुछ दिनों तक घर पर ही रखना चाहिए, अगर वो बाहर न निकले तो ज्यादा अच्छा होगा, क्योंकि इससे बहुत सारी समस्याएं हो रही हैं।’ फिल्ममेकर ने मांगी माफी तृषा की पोस्ट सामने आने के बाद आर.पार्थिबन ने आधिकारिक तौर पर माफी मांगी है। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘क्या हो गया? सब कुछ गलत हो गया है। अब कोई रास्ता नहीं बचा, सिवाय पछताने के।’
टीवीके नेता रंजना नचियार ने पार्टी प्रमुख विजय पर निशाना साधा

तमिझागा वेट्री कज़गम (टीवीके) नेता और अभिनेता विजय की पत्नी संगीता ने उन पर एक अन्य अभिनेत्री के साथ विवाहेतर संबंध रखने का आरोप लगाया है और तलाक के लिए अर्जी दी है। इस घटनाक्रम ने तमिल अभिनेता से नेता बने अभिनेता के इर्द-गिर्द ताजा विवाद पैदा कर दिया है। रविवार को, चेन्नई में महाबलीपुरम के पास आयोजित टीवीके महिला दिवस कार्यक्रम के दौरान, विजय ने संक्षेप में चल रहे तलाक के मुद्दे का जिक्र किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह चिंता करने लायक नहीं है।” इस टिप्पणी के बाद पहले उनका समर्थन कर चुके कुछ लोगों ने उनके बयान की आलोचना करना शुरू कर दिया है। इसके जवाब में टीवीके पार्टी नेता रंजना नचियार ने विजय की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की और उनकी टिप्पणी को लेकर कई सवाल उठाए. नचियार ने जारी एक बयान में कहा कि महिला दिवस समारोह के दौरान विजय ने खुले तौर पर जिक्र न करते हुए परोक्ष रूप से अपनी पत्नी के साथ विवाद का जिक्र किया. उसने उनके शब्दों को उद्धृत किया: “आपने कहा था, ‘इसके बारे में चिंता मत करो। मैं इसे संभाल लूंगी। यह इसके लायक भी नहीं है।’ वो एक वाक्य आज कई सवाल खड़े कर रहा है. क्या इसके लायक नहीं है नेता जी? आपकी पत्नी? या आपका वैवाहिक जीवन?” नचियार ने आगे बताया कि उन्होंने विजय के निजी जीवन और उनके राजनीतिक वादों के बीच विरोधाभास बताया। “ऐसे समय में जब आरोप लग रहे हैं कि आप अपनी पत्नी को भी अपने घर में प्रवेश नहीं करने देते हैं, क्या मंच पर खड़े होकर हर घर के लिए छह मुफ्त गैस सिलेंडर का वादा करना विरोधाभासी नहीं है?” उसने पूछा. उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर विजय के बयानों की गंभीरता पर भी सवाल उठाया। “एक तरफ, आप महिलाओं को सशक्त बनाने की बात करते हैं। लेकिन अगर आपके अपने शब्द महिलाओं के प्रति सम्मान दिखाने में विफल रहते हैं, तो ऐसी राजनीति का क्या मतलब है? आपका असली चेहरा क्या है?” उसने कहा। नचियार ने युवा पीढ़ी पर सार्वजनिक हस्तियों के प्रभाव के बारे में भी चिंता व्यक्त की। “क्या आप यह कहावत नहीं जानते कि अनुयायी उसी रास्ते पर चलते हैं जिस रास्ते पर उनका नेता चलता है? जब आप किसी अभिनेत्री के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं, तो इससे आज के युवाओं को क्या संदेश जाता है? क्या वे यह नहीं सोचना शुरू कर देंगे कि शादी के बाद जीवन ऐसा ही हो सकता है?” उसने पूछा. नारीवाद और ऐतिहासिक शख्सियतों के बारे में विजय के पहले के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह अक्सर वेलु नचियार को अपना आदर्श बताते हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन क्या वही सम्मान आपके जीवन में नहीं दिखना चाहिए? नारीवाद केवल मंच पर चिल्लाने की चीज नहीं है। यह आपके जीवन जीने के तरीके में प्रतिबिंबित होता है।” नचियार ने विजय की उस टिप्पणी पर भी टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पैदा होने वाले हर बच्चे के लिए ‘गॉडफादर’ के रूप में काम करेंगे। “आपने कहा था कि आप पैदा होने वाले हर बच्चे को गॉडफादर के रूप में उपहार देंगे। यह एक नेक विचार हो सकता है। लेकिन किसी और के बच्चे का गॉडफादर बनने से पहले, क्या अपने बच्चों का पिता बनना अधिक महत्वपूर्ण नहीं है?” उसने पूछा. उन्होंने कहा, “आपको उपहार देने की जरूरत नहीं है नेता जी। आप युवाओं को गुमराह न करें तो बेहतर होगा।” अपना वक्तव्य समाप्त करते हुए रंजना नचियार ने कहा कि पार्टी और जनता के हित में बोलना जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर मैं टीवीके का हिस्सा रहते हुए यह बताने में विफल रही, तो यह हमारी पार्टी, लोगों और आप पर भरोसा करने वाले युवाओं के लिए एक बड़ा विश्वासघात होगा।” (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिनेता विजय(टी)चेन्नई(टी)तलाक(टी)तमिल अभिनेता(टी)तमिल फिल्म उद्योग(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)विजय थलापति









