'द वॉइस ऑफ हिंद रजब' की भारत में रिलीज रुकी:ऑस्कर-नॉमिनेटेड फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला, भारत-इजराइल संबंधों के कारण मंजूरी पेंडिंग

फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब की कहानी पर आधारित ऑस्कर-नॉमिनेटेड फिल्म द वॉइस ऑफ हिंद रजब की भारत में रिलीज फिलहाल रुकी हुई है। फिल्म को अब तक सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है। फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर मनोज नंदवाना ने दावा किया कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पास भेजा गया था। बोर्ड को इसमें कोई आपत्तिजनक कंटेंट नहीं मिला, लेकिन इसे संवेदनशील माना गया। फिल्म की स्क्रीनिंग फरवरी के आखिरी हफ्ते में हुई थी। नंदवाना के मुताबिक, फिल्म में न हिंसा है, न अश्लील सीन और न ही कोई राजनीतिक संवाद है। इसके बावजूद भारत-इजराइल संबंधों को ध्यान में रखते हुए इसे मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर फिल्मों में बदलाव के लिए कट्स सुझाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। रिवाइजिंग कमेटी को भेजी गई फिल्म फिल्म को अब रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा गया है। मनोज नंदवाना ने कहा कि कमेटी कब बनेगी, इसकी जानकारी नहीं है और तब तक फिल्म पुरानी हो सकती है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सर्टिफिकेट न मिलने पर कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा है। फिल्म फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब पर आधारित ट्यूनीशियाई फिल्ममेकर काउथर बेन हानिया की इस फिल्म में हिंद रजब की सच्ची कहानी दिखाई गई है। जनवरी 2024 में गाजा सिटी से भागते समय उसकी कार पर हमला हुआ था। फिल्म में कहानी रेड क्रिसेंट के वालंटियर्स के नजरिए से दिखाई गई है। फिल्म में हिंद रजब की असली आवाज का इस्तेमाल किया गया है। 12 दिन बाद उसका शव उसके परिवार और दो वालंटियर्स के साथ मिला था। फिल्म का प्रीमियर सितंबर 2025 में वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जहां इसे ग्रैंड ज्यूरी प्राइज मिला। इसे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म को भारत में सेंसर सर्टिफिकेट में दिक्कत हुई हो। 2024 की फिल्म संतोष को भी सर्टिफिकेट नहीं मिला था, जिससे इसकी रिलीज नहीं हो सकी।
त्वचा की देखभाल के टिप्स: शामिल हैं ये 5 सुपरफूड; हॉर्मोन्स फेम और कोल बूस्ट स्टार सा चमकेगा चेहरा

प्राकृतिक सौंदर्य युक्तियाँ | छवि: फ्रीपिक चमकदार त्वचा आहार: हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा चमकदार और जवान दिखे, लेकिन ये क्रीम या लंबाई से नहीं बल्कि असली चमक आपके अंदर से आती है। जी हाँ, शरीर में कोल प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से स्किन टाइट, स्मूड और सेकी ग्ल हो जाती है। कोलॉल एज ग्रोथ के साथ कम होता है, जिससे ज्यूरियंस और डलनेस आते हैं, लेकिन सही सामग्री से इसे जमा किया जा सकता है। कोलोज़ उत्पादन के लिए विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट्स, पोटेशियम फ़ाल्क्स और ओमेगा -3 जैसे पोषक तत्व आवश्यक हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि विटामिन सी से पेट्रस स्कार्फ में सोलो स्टॉक और एपिडर्मिस को रिन्यू किया जाता है। यहां हम 5 ऐसे व्यंजन बता रहे हैं, जिन्हें महिलाओं के लिए स्वादिष्ट बनाया जाता है और रोजमर्रा के भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है। 1. कीवी कीवी विटामिन सी का सबसे अच्छा प्रमाण है। हाल के अध्ययन में पाया गया कि रोज 2वी के भोजन से विटामिन सी की मात्रा बढ़ी है, कोलेज का उत्पादन बेहतर होता है। मस्कारा और मूर्ति दिखती है। इससे डलनेस कम होता है और स्किन टाइट रहता है। 2. अमारूद अमरूद में विटामिन सी की मात्रा संतरे से भी अधिक होती है। यह पिग्मेंटेशन कम करता है, त्वचा को चमकदार बनाता है और कोल सिंथेसिस में मदद करता है। रोज़ एक अमरूद खाने से सेक्विन चमकती है। 3. गोजी बेरी ये सुपरफूड एंटीऑक्सीडेंट सबसे अधिक पाए जाते हैं। जी बेरी फ्री रेडिकल्स से त्वचा को बचाती हैं, एजिंग स्लो करती हैं गो और मिसाइल ग्लोआउट करती हैं। कई अध्ययनों में नवजात शिशु और सहकर्मी समर्थन के फायदे सामने आए हैं। 4. चिया बीज चिया सीड्स ओमेगा-3 सीएडी के गुण क्या हैं? इन त्वचा को अंदर से मॉइश्चराइज़ किया जाता है, हार्मोन के घटक बनाए जाते हैं और सूजन कम की जाती है, जिससे त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है। 5. एवोकाडो एवोकाडो फ्रेमवर्क्स और विटामिन ई से भरपूर होता है। यह स्किन को स्टॉक करता है, कोल को सपोर्ट करता है और ड्यूई, ग्लोइंग लुक देता है। इसे खाकर या टोस्ट पर रख कर खा सकते हैं। खास टिप्स ग्रीक योगर्ट में प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो स्वास्थ्य सुधारकर स्केल गुणवत्ता से बेहतर होते हैं। साथ ही ब्राज़ीलियाई नट्स सेलेनियम का रिच तथ्य हैं, जो त्वचा को डैमेज से बचाते हैं और हेल्थकेयर सपोर्ट करते हैं। ये फ़ार्म्स अलग-अलग तरीकों से खरीदे गए हैं और सुपरमार्केट की ज़रूरत कम कर देते हैं। सलाह दी गई है कि कंक्रीट, वॉटर मॉन्स्टर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया हुआ स्टोर से स्किन को काफी हद तक चमकदार रखा जा सकता है। वहीं, अगर कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो डॉक्टर या धार्मिक विशेषज्ञ से सलाह लें। नियमित रूप से इन खाद्य पदार्थों को अपनाकर आप खरीदारी चमक पा सकते हैं। यह भी पढ़ें: दिल्ली का मौसम: 6 साल का रिकॉर्ड, पारा गिरा के बाद का सबसे ठंडा दिन (टैग्सटूट्रांसलेट)कोलेजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ(टी)चमकदार त्वचा आहार(टी)प्राकृतिक कोलेजन स्रोत(टी)त्वचा के लिए विटामिन सी(टी)उज्ज्वल त्वचा के लिए खाद्य पदार्थ(टी)चमकदार त्वचा(टी)गोला चेहरा(टी)गोरा चेहरा(टी)गोरा रंग(टी)चमकदार त्वचा युक्तियाँ
Hasaranga, Pathirana NOC Pending | IPL 2026 Players Fail Fitness Test

3 घंटे पहले कॉपी लिंक श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने स्पष्ट किया है कि IPL खेलने के लिए खिलाड़ियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) तभी मिलेगा, जब वे फिटनेस टेस्ट पास करेंगे। श्रीलंका के आठ खिलाड़ी इस बार IPL की विभिन्न टीमों का हिस्सा हैं। इनमें दुश्मंथा चमीरा, पथुम निसांका और कामिंदु मेंडिस फिटनेस टेस्ट पास कर चुके हैं, जिसके बाद उन्हें IPL में खेलने की अनुमति मिल गई है। वहीं बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि वानिंदु हसरंगा, मथीशा पथिराना, नुवान थुशारा और ईशान मलिंगा की IPL में भागीदारी उनके ‘फिजिकल परफॉर्मेंस टेस्ट’ के नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल ये सभी खिलाड़ी चोटों से उबर रहे हैं और रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया में हैं। IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी, और कई श्रीलंकाई खिलाड़ी जल्द ही अपनी-अपनी टीमों से जुड़ सकते हैं। इंजरी से जूझ रहे हैं स्टार खिलाड़ी, पथिराना शुरुआती मैच मिस करेंगे बोर्ड के मुताबिक, हसरंगा, मलिंगा और पथिराना ने IPL के लिए NOC मांगी है, लेकिन अभी तक उनका फिटनेस टेस्ट नहीं हुआ है। ये तीनों खिलाड़ी टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान या उससे ठीक पहले चोटिल हो गए थे। चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना का IPL के शुरुआती मैचों से बाहर रहना लगभग तय है। उनके अप्रैल के मध्य तक फिट होने की उम्मीद है। 8 हफ्ते का कड़ा ट्रेनिंग प्रोग्राम, पास करना होगा 2 किलोमीटर का स्प्रिंट श्रीलंका बोर्ड ने सभी नेशनल कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ियों के लिए 8 हफ्ते का स्पेशल फिजिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। बोर्ड का कहना है कि यह पहल आने वाले इंटरनेशनल मैचों के लिए खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर को सुधारने के लिए की गई है। इस टेस्ट में 2 किलोमीटर की स्प्रिंट (दौड़) सहित कई अन्य कड़े फिजिकल टेस्ट शामिल हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो खिलाड़ी इन मानकों को पूरा करेंगे, उन्हें ही IPL और घरेलू टूर्नामेंट खेलने की अनुमति दी जाएगी। चयन समिति और खेल मंत्रालय का सख्त रुख फिटनेस पर इस नए फोकस के पीछे पूर्व क्रिकेटर प्रमोद विक्रमसिंघे की अगुवाई वाली नई चयन समिति और श्रीलंकाई सरकार का खेल मंत्रालय है। चूंकि श्रीलंका को मई के अंत तक कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेलना है, इसलिए बोर्ड ने इस समय को ट्रेनिंग ब्लॉक के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के फिटनेस स्टैंडर्ड को बढ़ाना है ताकि वे भविष्य के दौरों के लिए पूरी तरह तैयार रहें। ——————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया जून में आयरलैंड दौरे पर जाएगी:दो मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी, 8 साल में चौथा दौरा होगा भारत की फूल स्ट्रेंथ टीम जून 2026 में आयरलैंड दौरे पर जाएगी, जहां दोनों टीमों के बीच दो मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी। BCCI ने इस दौरे का शेड्यूल शनिवार को घोषित कर दिया गया है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘नागरिकता इंजीनियरिंग सरकार…’, बंगाल चुनाव से पहले केंद्र पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आगामी एनआरसी के बाद एनआरसी और आधार के नाम पर लोगों की पहचान हो सकती है। कैथोलिक कांग्रेस की घोषणापत्र जारी करने के दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में चुनाव से पहले ही ‘अनोपाचारिक राष्ट्रपति शासन’ को लोकतांत्रिक बना दिया गया था। एनआरसी और छात्रावास को लेकर आरोपममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार चुनाव के बाद एनआरसी और एनआरसी के जरिए लोगों की नागरिकता खत्म करने की योजना बना रही है। उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी प्रयास के विरुद्ध रहने की अपील की। ‘अवैधिक राष्ट्रपति शासन’ का दावामुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केन्द्र एवं विद्युत आयोग की कारवाईयों के कारण राज्य में प्रभावशाली रूप से ‘अवैध राष्ट्रपति शासन’ लागू हो गया है। उनका कहना है कि यह कदम पहले चुनाव से लेकर सम्राट को प्रभावित करने के लिए उठाया गया है। परिसीमन और आर्किटेक्चर का आरोपएथिक्स प्रमुखों ने दावा किया कि केंद्र सरकार इलेक्ट्रोरेक्टर कमीशन के साथ मिलकर परिसीमन की योजना बना रही है, ताकि बीजेपी को आगामी चुनाव में फायदा मिल सके। अधिकारियों के जवाब पर सवालममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग भाजपा के संस्थापक राज्य के अधिकारियों का भंडार कर रहा है, जिससे चुनाव से पहले अनुकूल मोराणा बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इससे धन और संपत्ति की स्टॉक को बढ़ावा मिल सकता है। सर और नाम का विमोचनमुख्यमंत्री ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक खास समुदाय का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 60 लाख मामलों में से 22 लाख का भुगतान हो चुका है और करीब 10 लाख नाम सूची से बाहर कर दिया गया है, दस्तावेज जांच की जरूरत है। (पीटीआई-भाषा के गैजेट्स के साथ) (टैग्सटूट्रांसलेट)भारतीय नागरिकता(टी)सीएए(टी)ममता बनर्जी(टी)एनआरसी(टी)पीएम मोदी(टी)ममता बनर्जी(टी)चुनाव आयोग(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी) पीएम मोदी(टी)भारतीय नागरिकता(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी का आरोप
इस सब्जी के आगे चिकन, मटन भी फेल, पोषक तत्वों का खजाना, इम्यूनिटी बढ़ाए, कब्ज का करे जड़ से इलाज, जानते हैं नाम?

kathal health benefits: कई तरह की मार्केट में सब्जियां मिलती हैं, जिनमें कुछ ऐसी सब्जी होती है, जिसका सेवन लोग रेगुलर नहीं करते हैं. किसी खास मौके, पार्टी-फंक्शन या त्योहारों में ही कुछ सब्जियां विशेष रूप से बनाई जाती हैं. ऐसी एक सब्जी है कटहल. भारी-भरकम सा दिखने वाला कटहल का स्वाद ऐसा होता है कि यदि सही तरीके से तेल-मसाले डाल कर इसकी सब्जी बनाई जाए तो इसके आगे नॉनवेज भी फेल लगता है. इन दिनों बाजार में कटहल काफी मिलने लगा है. अलग-अलग राज्यों में लोग इसे अपने तरीके से बनाना पसंद करते हैं. कटहल की ग्रेवी वाली सब्जी हो या फिर कटहल का कोफ्ता, देखते ही मुंह में पानी आ जाता है. इसके स्वाद के मामले में इसका कोई सानी नहीं है. हालांकि, इसे काटना थोड़ा मुश्किल काम कई लोगों को लगता है, क्योंकि जब आप इसे काटते हैं तो हाथों पर इससे निकलने वाला चिपचिपा सा पदार्थ चिपकने लगता है. चाहे जो भी कटहल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है. चलिए जानते हैं कटहल खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं. कटहल में मौजूद पोषक तत्वकटहल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी, विटामिन सी, फाइटोकेमिकल्स आदि पाए जाते हैं. कटहल खाने के स्वास्थ्य लाभ (kathal ke fayde in hindi) – कटहल न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि इसमें कई तरह के पोषक तत्वों की प्रचुरता भी होती है. इसे’सब्जियों का सुपरफूड’ भी कहते हैं. विशेष रूप से यह फाइबर का एक बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत है. फाइबर से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. कब्ज की समस्या नहीं होती है. पाचन तंत्र हेल्दी रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -आयुर्वेद में कटहल को भारी और चिकनाई वाली सब्जी माना गया है, जो शरीर के पोषण की जरूरतों को पूरा करता है. कटहल को सही तरीके से पका कर खाया जाए तो यह शरीर में वात का संतुलन कर सकता है. -अगर पाचन अग्नि मंद है तो इसका सेवन कम से कम करें, क्योंकि इसे पचाने में पेट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. भारी और चिकनाई युक्त होने की वजह से इसके पाचन में लंबा समय लगता है. -ब्लड शुगर के मरीजों के लिए यह सब्जी फायदेमंद है. इसका ‘ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ कम होता है. इस वजह से ब्लड में ग्लूकोज लेवल कंट्रोल में रहता है. कटहल की सब्जी हृदय के लिए भी लाभकारी होती है. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है. इसमें पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होती है, जो हृदय से जुड़े रोगों के खतरे को कम करता है. -फाइबर से भरपूर कटहल आंतों में जमी गंदगी को बाहर निकाल कर आंतों को हेल्दी रखता है. आप कब्ज से बचे रहते हैं. यह आंतों के लिए एक ब्रश की तरह काम करता है, जो गंदगी को जल्दी से जल्दी शरीर से बाहर निकालता है. पेट के साथ-साथ यह सब्जी सौंदर्य को बढ़ाने में भी लाभकारी है. -इसमें मौजूद विटामिन ए और सी मिलकर स्किन और बालों को निखारने का काम करते हैं. इसके साथ ही कुछ लोगों को कटहल के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए. गैस या मंद पाचन वाले लोगों को इसका सेवन कम ही करना चाहिए. अगर शरीर में वात की अधिकता है, तो इसे कम मसालों के साथ बनाएं और सीमित मात्रा में ही खाएं.
Yami Gautam: Personal Life Impact on Career

59 मिनट पहले कॉपी लिंक धुरंधर 2 की सक्सेस के बीच एक्ट्रेस यामी गौतम एक बार फिर अपने अलग फैसलों को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने जानबूझकर अपनी पर्सनल लाइफ को लाइमलाइट से दूर रखा, जिसका असर उनके करियर पर भी पड़ा। पिंकविला से बातचीत के दौरान यामी गौतम ने बताया कि इंडस्ट्री में ओवरएक्सपोजर के दौर में भी उन्होंने प्राइवेट रहने का रास्ता चुना। यामी ने कहा कि एक सीनियर एक्टर की बात से वह काफी प्रभावित हुई थीं- “जितना कम लोग आपको जानते हैं, उतना ही आसान होता है उन्हें अपने किरदार पर यकीन दिलाना।” उन्होंने माना कि यह फैसला आसान नहीं था। कई बार उन्हें लगा कि अगर वह अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा सामने लातीं, तो फिल्ममेकर्स के लिए उन्हें रोल के लिए कन्विंस करना आसान होता। यानी इंडस्ट्री में विजिबिलिटी भी काम दिलाने में अहम भूमिका निभाती है। एक्ट्रेस ने यह भी साफ किया कि वह कभी भी पर्सनल लाइफ को प्रमोशन का हिस्सा नहीं बनाना चाहती थीं। उनका फोकस हमेशा स्क्रिप्ट और किरदार पर रहा। यामी के मुताबिक, वह ऐसे रोल चुनती हैं जो उन्हें एक एक्टर के तौर पर चुनौती दें और दर्शकों को कुछ नया दें। यामी ने यह भी कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री में बदलाव आ रहा है और अब कंटेंट व परफॉर्मेंस को ज्यादा अहमियत मिल रही है। यही वजह है कि बिना ज्यादा पब्लिसिटी के भी उन्हें मजबूत भूमिकाएं मिल रही हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो यामी गौतम इन दिनों अपने पति आदित्य धर के साथ चर्चा में हैं। आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ के बाद अब ‘धुरंधर 2’ की सिनेमा घरों में रिलीज हो चुकी है। जिसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू और दूसरे दिन तक की कमाई मिलाकर 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
बुरहानपुर में तीन ईदगाहों पर अदा हुई ईद की नमाज:रोजों के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद और बांटी सिवैयां; सुरक्षा में ड्रोन से निगरानी

बुरहानपुर में मुस्लिम समाज ने शनिवार को ईदुल फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। शहर की तीन प्रमुख ईदगाहों और सभी मस्जिदों में ईद की विशेष नमाज अदा की गई। एक माह तक रोजे रखने के बाद चांद दिखने पर यह त्योहार मनाया जाता है। शाही जामा मस्जिद के अतिरिक्त सिंधी बस्ती स्थित शाही ईदगाह में सुबह 7:15 बजे, सिलमपुरा स्थित फारूकी ईदगाह में सुबह 7:30 बजे और गणपति नाका स्थित कदमे रसूल ईदगाह में सुबह 7:15 बजे ईदुल फितर की नमाज अदा की गई। इस दौरान देश और दुनिया में अमन, शांति तथा भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं। गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं। समाजजन एक-दूसरे के घरों पर पहुंचे और शिरखुरमा व सिवैयां खिलाकर मुंह मीठा कराया, जिससे त्योहार की खुशियां और बढ़ गईं। बच्चों में भी इस दौरान खासा उत्साह देखा गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव भी बुरहानपुर पहुंचे। उन्होंने ईदगाह पर मुस्लिम समाज के लोगों को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर अन्य कांग्रेस नेता भी उपस्थित थे।
Punjab CM Bhagwant Mann Minister Accused in Officer Suicide

मंत्री लालजीत भुल्लर और डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की फाइल फोटो। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर को जिम्मेदार ठहराकर अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर(DM) गननदीप सिंह रंधावा ने सुसाइड कर लिया। 12 सेकेंड के VIDEO में DM रंधावा ने इतना ही कहा कि मैंने जहर खा लिया है, मिस्टर लालजी . जैसे ही मामला सामने आया, CM भगवंत मान ने तुरंत मंत्री से इस्तीफा ले लिया और चीफ सेक्रेटरी को जांच सौंप दी। हालांकि सुसाइड की वजह को लेकर औपचारिक तौर पर सरकार और अमृतसर पुलिस ने खुलकर कुछ नहीं कहा लेकिन परिवार से बात, मौके के हालात और विरोधियों के दिए जा रहे सबूतों से इसके पीछे की पूरी कहानी सामने आई है। जिसके आधार पर मंत्री पर आरोप हैं कि वह अपने पिता के नाम पर टेंडर लेना चाहते थे। DM रंधावा इसे दिलवा नहीं सके। इसके बाद अफसर को ऑफिस बुलाकर पीटा गया। नंगा कर वीडियो बनाई गई। 10 लाख रुपए रिश्वत का वीडियो बनाया गया। DM ने यहां तक बर्दाश्त भी किया लेकिन आरोप है कि जब रंधावा की पत्नी-बेटी को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी दी गई तो वह टूट गए और सुसाइड कर लिया। मंत्री के साथ DM का विवाद कैसे शुरू हुआ, अफसर के साथ क्या सलूक हुआ, सुसाइड के पीछे की क्या वजह, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी… सुसाइड से पहले डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रंधावा ने ये वीडियो जारी किया था। वेयर हाउस के डीएम गगनदीप सिंह की आत्महत्या के करने के पीछे की कहानी.. मंत्री ने पिता के नाम पर भरे थे कई टेंडर: बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) ने पंजाब वेयरहाउस कारपारेशन के जरिए भिक्खी व पट्टी गांवों में गेहूं के लिए वेयरहाउस के टेंडर रिलीज किए। मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने पिता के नाम से कई टेंडर भरे। टेंडर अलॉट करवाने का दबाव डाला: आरोप है कि मंत्री लालजीत सिंह लगातार DM गगनदीप सिंह पर टेंडर अपने पिता के नाम पर अलॉट करवाने का दबाव डाल रहे थे। डीएम ने उन्हें स्पष्ट कह दिया था कि टेंडर अलॉट करना सिर्फ उनके हाथ में नहीं है। टेंडर कमेटी में एफसीआई और डिपार्टमेंट के सीनियर अफसर भी होते हैं। वो तो सिर्फ एक मेंबर हैं। मंत्री के पिता के नाम एक टेंडर निकला, वह सारे चाहते थे: आरोप है कि एफसीआई ने जब पट्टी व भिक्खी के टेंडर अलॉट किए तो उसमें एक टेंडर मंत्री के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम का भी निकला। आरोप है कि मंत्री सारे टेंडर हासिल करना चाहते थे। मंत्री डीएम पर दबाव बना रहे थे कि जिन पार्टियों के टेंडर निकले हैं उनकी फाइल में से डॉक्यूमेंट हटाकर उनके टेंडर रद्द कर दें ताकि उनके पिता के नाम पर टेंडर रिलीज हो सके। विवाद बढ़ा, तो 10 लाख रिश्वत की वीडियो बनवाई: मंत्री और डीएम के बीच विवाद काफी बढ़ गया था। आरोप है कि डीएम ने जब हाथ खड़े कर दिए तो मंत्री ने जबरन उसका एक वीडियो बनाया, जिसमें उससे 10 लाख रुपए रिश्वत लेने की बात कबूल कराई गई। वीडियो में डीएम कहते सुनाई दे रहे हैं कि बाबा नागा वालों ने उसमा गांव तरनतारन के लिए टेंडर भरे थे जो कि पास नहीं हो सकते थे, क्योंकि टेंडर भिक्खी व पट्टी के लिए थे और उसमा तरनतारन जिले में है। पहले भी दो बार इसी वजह से इनके टेंडर रद्द हुए। मैंने 10 लाख रुपए लेकर अब पास करवा दिए हैं। 13 मार्च को घर बुलाया, पीटा, वीडियो बनाई: आरोप है कि मंत्री ने 13 मार्च को डीएम गगनदीप सिंह को अपने घर बुलाया और उसे फिर दूसरी पार्टियों के टेंडर रद्द करने को कहा। जब वह नहीं माना तो उसे पीटा। उसके सिर पर पिस्टल के डब से वार किए। इस सारी घटना के उसने वीडियो भी बनाए। वहां पर उसके पिता भी बैठे थे। डीएम ने साथियों को बताया, फिर एमडी से ट्रांसफर मांगा: डीएम गगनदीप सिंह ने मंत्री के घर में हुई सारी घटना अपने दोस्तों, यूनियन के साथियों को बताई। उसके बाद डीसी से मिले। डीसी ने मामला संभालने की बात की। उसके बाद एमडी गौतम जैन को पत्र लिखकर ट्रांसफर मांगा। एमडी ने ट्रांसफर कर दिया: यूनियन के नेताओं का कहना है कि डीएम ने पंजाब वेयर हाउस कारपोरेशन के एमडी गौतम जैन ने पत्र मिलने के बाद ट्रांसफर कर दिया था। दरअसल गगनदीप सिंह के पास अमृतसर के अलावा तरनतारन जिले का भी चार्ज था। गैंगस्टरों से पत्नी व बेटी को मरवाने की धमकी दी: बिक्रम सिंह मजीठिया, सांसद गुरजीत सिंह औजला का आरोप है कि जब तक मंत्री डीएम को परेशान कर रहा था तब तक वो झेल रहा था। उसकी पिटाई की वो भी बर्दाश्त कर ली लेकिन जब उसने डीएम व उसकी पत्नी और बेटी को गैंगस्टरों की धमकी दी तो वह डर गया और उसने आत्महत्या कर दी। यूनियन ने कहा- निर्दयी हुक्मरान ने डाला राजनीतिक दबाव रंधावा के सुसाइड के बाद पंजाब राज्य गोदाम निगम फील्ड इंप्लाइज यूनियन ने कहा- पिछले दिनों राजनीतिक दबाव में डीएम की तरफ से सल्फास खाकर जीवन लीला समाप्त की। इसकी वजह निर्दयी हुक्मरान है। उन्होंने कहा कि वेयरहाउस की तरफ से गोदाम बनाने के लिए टेंडर कॉल किए थे, जिसमें संबंधित हुक्मरानों ने निजी गोदाम टेंडर की शर्तें पूरी न करने के बावजूद उन्हें पास नहीं किया। हमारे साथी डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा को मानसिक रूप से परेशान किया गया। उनकी तरफ से यह कदम उठाया गया है। मेरे ऊपर लगे आरोप बेबुनियाद मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे बिल्कुल बेबुनियाद और झूठे हैं। लेकिन हमारी पार्टी हमेशा सच का साथ देती है और सच के साथ खड़ी रहती है। इसलिए मेरे ऊपर जो आरोप लगे हैं, मैं चाहता हूं कि उनकी सही तरीके से जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसी कारण, जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, मैं अपनी पार्टी से और हमारे माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं कि मेरा मंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार किया जाए, ताकि इस मामले में मेरा पद किसी भी तरह की बाधा न
Gas Cylinder Black Market Surge

Hindi News Business Gas Cylinder Black Market Surge | 68% Homes Face Delays, ₹4000 Price Hike नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। लोकलसर्किल्स की ओर से जारी सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैक में सिलेंडर लेने वालों की संख्या पिछले हफ्ते के मुकाबले 6% बढ़ गई है। सर्वे में सामने आया कि इस हफ्ते 68% भारतीय घरों को गैस डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा, जबकि पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 57% था। ईरान की अमेरिका और इजराइस से चल रही जंग और होर्मुज रूट की नाकाबंदी की वजह से भारत में गैस का आयात प्रभावित हुआ है, जिससे यह संकट आया है। ग्राहकों को ₹4,000 तक ज्यादा देने पड़ रहे सर्वे के मुताबिक, गैस की किल्लत की वजह से पिछले हफ्ते के मुकाबले ब्लैक में सिलेंडर लेने वाले 14% से बढ़कर 20% हो गए हैं। लोग तय रेट से ₹300 से ₹4,000 तक ज्यादा दे रहे हैं। एक मामले में तो रिटायर्ड अधिकारी की हाउसिंग सोसाइटी को कम्युनिटी इवेंट के लिए एक सिलेंडर के ₹5,000 तक देने पड़े। बिना सिलेंडर मिले ही डिलीवरी का मैसेज आ रहा सरकार ने गैस सप्लाई को पारदर्शी बनाने के लिए जो डिजिटल सिस्टम बनाया था, अब उसी का गलत इस्तेमाल हो रहा है। करीब 12% उपभोक्ताओं ने धोखाधड़ी वाले SMS मिलने की शिकायत की है। इन मैसेज में दावा किया जा रहा है कि उनका सिलेंडर डिलीवर हो गया है, जबकि उनके घर गैस पहुंची ही नहीं। इस ‘फैंटम डिलीवरी’ यानी कागजों पर होने वाली डिलीवरी ने ऑफिशियल बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का भरोसा कम कर दिया है। सिर्फ 28% लोगों को मिल रही सामान्य सर्विस देश के 328 जिलों के 57,000 लोगों पर हुए सर्वे में सामने आया कि केवल 28% परिवारों को ही समय पर गैस मिल पा रही है। इस सर्वे में शहर और गांव के 61% पुरुष और 39% महिलाएं शामिल थीं, जिनमें से ज्यादातर ने गैस सप्लाई में परेशानी की बात कही। शहरों में PNG और गांवों में लकड़ी पर लौट रहे लोग गैस सप्लाई की कमी को देखते हुए शहरी उपभोक्ता अब पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। वहीं, ग्रामीण भारत की स्थिति और भी खराब है। सर्वे बताता है कि सप्लाई न होने के कारण 40% से ज्यादा ग्रामीण आबादी अब भी पारंपरिक बायोमास (लकड़ी और उपले) पर निर्भर है। सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग लोकलसर्किल्स अब इस सर्वे की रिपोर्ट केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को सौंपने की तैयारी में है। संस्था ने मांग की है कि गैस की जमाखोरी करने वाले डीलरों और धोखाधड़ी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, डिजिटल सिस्टम में आ रही खामियों को दूर करने की भी अपील की गई है ताकि आम आदमी को ब्लैक में सिलेंडर न खरीदना पड़े। क्रूड और गैस के दाम बढ़ने की 2 वजहें 1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान को काफी नुकसान पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है और ग्लोबल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा (20%) यहीं से आता है। हमले के बाद इस प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे सप्लाई रुक गई है। 2. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gas Cylinder Black Market Surge

Hindi News Business Gas Cylinder Black Market Surge | 68% Homes Face Delays, ₹4000 Price Hike नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक देशभर में एजेसियों पर अब भी सिलेंडर के लिए लाइनें देखी जा रही है। रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। लोकलसर्किल्स की ओर से जारी सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैक में सिलेंडर लेने वालों की संख्या पिछले हफ्ते के मुकाबले 6% बढ़ गई है। सर्वे में सामने आया कि इस हफ्ते 68% भारतीय घरों को गैस डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा, जबकि पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 57% था। ईरान की अमेरिका-इजराइस से चल रही जंग और होर्मुज रूट बंद होने से भारत में गैस का आयात प्रभावित हुआ है। हालांकि, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अब पैनिक बुकिंग में कमी आई है, लेकिन हालात अभी भी चिंता वाले बने हुए हैं। ग्राहकों को ₹4,000 तक ज्यादा देने पड़ रहे सर्वे के मुताबिक, गैस की किल्लत की वजह से पिछले हफ्ते के मुकाबले ब्लैक में सिलेंडर लेने वाले 14% से बढ़कर 20% हो गए हैं। लोग तय रेट से ₹300 से ₹4,000 तक ज्यादा दे रहे हैं। एक मामले में तो रिटायर्ड अधिकारी की हाउसिंग सोसाइटी को कम्युनिटी इवेंट के लिए एक सिलेंडर के ₹5,000 तक देने पड़े। बिना सिलेंडर मिले ही डिलीवरी का मैसेज आ रहा सरकार ने गैस सप्लाई को पारदर्शी बनाने के लिए जो डिजिटल सिस्टम बनाया था, अब उसी का गलत इस्तेमाल हो रहा है। करीब 12% उपभोक्ताओं ने धोखाधड़ी वाले SMS मिलने की शिकायत की है। इन मैसेज में दावा किया जा रहा है कि उनका सिलेंडर डिलीवर हो गया है, जबकि उनके घर गैस पहुंची ही नहीं। इस ‘फैंटम डिलीवरी’ यानी कागजों पर होने वाली डिलीवरी ने ऑफिशियल बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का भरोसा कम कर दिया है। सिर्फ 28% परिवारो को ही समय पर मिल रहा सिलेंडर देश के 328 जिलों के 57,000 लोगों पर हुए सर्वे में सामने आया कि केवल 28% परिवारों को ही समय पर गैस मिल पा रही है। इस सर्वे में शहर और गांव के 61% पुरुष और 39% महिलाएं शामिल थीं, जिनमें से ज्यादातर ने गैस सप्लाई में परेशानी की बात कही। शहरों में PNG और गांवों में लकड़ी पर लौट रहे लोग गैस सप्लाई की कमी को देखते हुए शहरी उपभोक्ता अब पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। वहीं, ग्रामीण भारत की स्थिति और भी खराब है। सर्वे बताता है कि सप्लाई न होने के कारण 40% से ज्यादा ग्रामीण आबादी अब भी पारंपरिक बायोमास (लकड़ी और उपले) पर निर्भर है। सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग लोकलसर्किल्स अब इस सर्वे की रिपोर्ट केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को सौंपने की तैयारी में है। संस्था ने मांग की है कि गैस की जमाखोरी करने वाले डीलरों और धोखाधड़ी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, डिजिटल सिस्टम में आ रही खामियों को दूर करने की भी अपील की गई है ताकि आम आदमी को ब्लैक में सिलेंडर न खरीदना पड़े। कालाबाजारी रोकने के लिए 4500 छाप मारे पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने निगरानी बढ़ाने के लिए 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियां बनाई हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में 4500 छापे मारे गए। इनमें से 1100 छापे उत्तर प्रदेश में हुए। वहीं ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 1800 सरप्राइज इंस्पेक्शन भी किए। सुजाता शर्मा ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में करीब 11,300 टन कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को दी गई है और 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में इसका आवंटन किया गया है। क्रूड और गैस के दाम बढ़ने की 2 वजहें 1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान को काफी नुकसान पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है और ग्लोबल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा (20%) यहीं से आता है। हमले के बाद इस प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे सप्लाई रुक गई है। 2. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








