गर्मियों में जरूर खाएं ये 5 फल, स्किन पर आएगी नेचुरल ग्लो, रेगुलर सेवन से गुलाब की तरह खिल उठेगा चेहरा

Last Updated:April 03, 2026, 23:44 IST These fruits will give skin glow in summer: गर्मियों में कई ऐसे फल मिलते हैं, जो ना सिर्फ संपूर्ण सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं, बल्कि ये त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. कौन-कौन से हैं ये फल, जिसके सेवन से आप पा सकते हैं ग्लोइंग, शाइनी, हेल्दी और सॉफ्ट निखरी स्किन, जानें यहां… गर्मियों में स्किन को हेल्दी रखने के लिए कौन सा फल खाना है बेस्ट? which fruits will give your skin natural glow: गर्मियों के आगमन के साथ तापमान अधिक होने से चेहरे की रंगत उड़ जाती है. चेहरे का ग्लो, तापमान की वजह से टेनिंग में बदल जाता है. टेनिंग से बचने और ग्लो पाने के लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति ने गर्मियों में हमें ऐसे फल दिए हैं, जो हमारी प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में मदद करते हैं? आज हम आपको गर्मियों में मिलने वाले ऐसे फलों के बारे में बताएंगे, जो आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देंगे. गर्मियों के ये फल त्वचा पर लाते हैं नेचुरल निखार नारियल पानी नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने और त्वचा को ग्लोइंग एवं मुलायम रखने में मदद करता है. अगर गर्मियों में रोजाना एक नारियल पी लिया जाए तो पेट से लेकर त्वचा दोनों ही स्वस्थ महसूस करते हैं. तरबूज तरबूज में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर और पानी होता है. विटामिन सी टेनिंग हटाने में मददगार होता है. अगर गर्मियों में टैनिंग से परेशान रहते हैं तो अपने आहार में तरबूज को जरूर शामिल करें. चेहरे को ग्लोइंग बनाने से लेकर तरबूज शरीर के तापमान को भी संतुलित रखने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. खीरा खीरा सिर्फ सलाद का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पेट और त्वचा दोनों के लिए सेहत का खजाना है. खीरा पूरे शरीर को हाइड्रेट रखता है और चेहरे के रूखेपन को भी कम करने में मदद करता है. कई स्किन ट्रीटमेंट में खीरे का इस्तेमाल किया जाता है. आम आम की तासीर भले ही गर्म होती है, लेकिन यह स्किन के लिए फायदेमंद होता है. आम में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो चेहरे का खोया निखार वापस लाने में मददगार होते हैं. अगर सही मात्रा में आम का सेवन किया जाए तो यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है. संतरा संतरे में भरपूर विटामिन सी होता है. इसका छिलके से लेकर गूदा तक त्वचा के लिए लाभकारी है. संतरा न सिर्फ चेहरे को गहराई से पोषण देता है, बल्कि गहरे दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. संतरे के छिलके का इस्तेमाल भी फेसपैक में किया जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 23:44 IST
Kidney Health: किडनी के लिए साइलेंट किलर सुबह की ये आदतें, आप तो नहीं कर रहे ये गलती

Last Updated:April 03, 2026, 23:38 IST What Cause Kidney Damage: सुबह की ऐसी छोटी आदतें जिन्हें अगर रोज दोहराई जाएं, तो किडनी पर धीरे-धीरे बुरा असर डाल सकती हैं. इसलिए दिन की शुरुआत सही तरीके से करें पानी पिएं, समय पर वॉशरूम जाएं, हेल्दी नाश्ता करें और दवाएं सोच-समझकर लें. ख़बरें फटाफट Kidney Kharab Hone Ka Karan: हममें से ज्यादातर लोग सुबह उठते ही अपनी किडनी के बारे में नहीं सोचते. हम जल्दी-जल्दी उठते हैं, चाय या कॉफी पीते हैं और दिन की शुरुआत कर देते हैं. लेकिन सुबह की छोटी-छोटी आदतें हमारी किडनी पर गहरा असर डाल सकती हैं. किडनी शरीर से गंदगी निकालने, पानी का संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने का काम करती है. अगर इन पर ज्यादा दबाव पड़ता है या शरीर में पानी की कमी होती है, तो धीरे-धीरे नुकसान बढ़ सकता है. किडनी की बीमारी अक्सर बिना लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है. इसलिए हमारी रोज की आदतें ही लंबे समय में नुकसान का कारण बन सकती हैं.यहां आप ऐसी 5 सुबह की आदतों के बारे में जान सकते हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं. सुबह पानी न पीनारातभर सोने के बाद शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इस दौरान किडनी लगातार काम करती रहती है. अगर आप सुबह सबसे पहले चाय या कॉफी पीते हैं, तो किडनी पर और दबाव बढ़ता है. सुबह खाली पेट एक गिलास पानी पीने से शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और किडनी बेहतर काम करती है. पानी की कमी लंबे समय तक बनी रहे तो थकान, सिरदर्द और गाढ़ा पेशाब जैसी समस्याएं हो सकती हैं. पेशाब को देर तक रोकनाकई लोग सुबह उठकर तुरंत वॉशरूम नहीं जाते और पेशाब रोककर रखते हैं. यह आदत सही नहीं है. इससे ब्लैडर और किडनी पर दबाव बढ़ता है. बार-बार ऐसा करने से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है और ब्लड प्रेशर भी प्रभावित हो सकता है. इसलिए उठते ही पेशाब जरूर करें. खाली पेट दर्द की दवा लेनाकई लोग सुबह उठते ही दर्द की दवा (जैसे पेनकिलर) ले लेते हैं. खाली पेट दवा लेने से यह तेजी से खून में घुलती है और किडनी पर दबाव डालती है. लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए दवा हमेशा कुछ खाकर ही लें. एक्सरसाइज के बाद पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स न लेनासुबह वर्कआउट करना अच्छा है, लेकिन पसीने के बाद शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है. अगर आप सिर्फ पानी भी नहीं पीते या इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं लेते, तो डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे किडनी पर असर पड़ता है. इसलिए एक्सरसाइज के बाद पानी के साथ हल्का स्नैक या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लेना जरूरी है. नाश्ता छोड़नानाश्ता न करना भी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे दिन में बाद में ज्यादा नमक या जंक फूड खाने की इच्छा होती है, जो किडनी पर असर डालता है. ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और किडनी को नुकसान पहुंचाता है. इसलिए सुबह हेल्दी नाश्ता जरूर करें, जैसे फल, ओट्स या प्रोटीन युक्त भोजन. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 03, 2026, 23:38 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Gmail New Feature Launch | Change Email Username US Users

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक गूगल ने अपने ईमेल प्लेटफॉर्म जीमेल में नया फीचर लॉन्च किया है, जिससे अब आप अपनी ईमेल आईडी का यूजरनेम (@gmail.com से पहले वाला हिस्सा) बदल सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यह आपकी डिजिटल पहचान को अपग्रेड करने का एक तरीका है। फिलहाल यह अपडेट अमेरिकी यूजर्स के लिए है, जो उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो अपना ‘अजीब’ यूजरनेम बदलना चाहते थे। आगे हम आपको इसे बदलने का पूरा प्रोसेस और पुराने एड्रेस से जुड़ी जरूरी बातें बताएंगे। गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने X पर पोस्ट कर लिखा, 2004 एक अच्छा साल था, लेकिन आपके Gmail एड्रेस को उसमें फंसे रहने की जरूरत नहीं है। अब यूजर्स को अपने पुराने या ‘शर्मिंदा’ करने वाले ईमेल एड्रेस (जैसे- coolboy123) के साथ रहने की जरूरत नहीं है। गूगल अब इसे बदलने की सुविधा दे रहा है।’ यूजरनेम बदलने पर पुराना ईमेल एड्रेस भी बना रहेगा जैसे ही आप अपना नया Gmail एड्रेस चुनते हैं, आपका पुराना ईमेल एड्रेस पूरी तरह डिलीट नहीं होगा। अल्टरनेट ईमेल: आपका पुराना एड्रेस एक ‘अल्टरनेट ईमेल’ बन जाएगा। दोनों पर आएंगे मेल: पुराने और नए, दोनों एड्रेस पर आने वाले ईमेल आपको एक ही इनबॉक्स में मिलेंगे। डेटा सुरक्षित: आपके पुराने मेल, फोटोज, ड्राइव की फाइल्स और मैसेजेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लॉग-इन सुविधा: आप गूगल की सभी सर्विस (जैसे- मैप्स, यूट्यूब, ड्राइव) पर पुराने या नए, किसी भी ईमेल से लॉग-इन कर सकेंगे। बदलाव से पहले इन बातों का ध्यान रखें ईमेल बदलना आसान है, लेकिन गूगल ने कुछ जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है। एप सेटिंग्स: ईमेल बदलने पर कुछ एप्स की सेटिंग्स रीसेट हो सकती हैं, जैसा नए फोन में लॉग-इन करने पर होता है। बैकअप: सुरक्षा के लिए अपने एंड्रॉइड डेटा, कॉन्टैक्ट्स और फोटोज का बैकअप जरूर लें। क्रोम सिंक: अगर आप क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं, तो सिंक सेटिंग्स को दोबारा चेक करना पड़ सकता है। Gmail यूजरनेम बदलने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस लिंक ओपन करें: अपने डिवाइस पर myaccount.google.com/google-account-email पर जाएं। पर्सनल इंफो: टॉप लेफ्ट में ‘Personal info’ पर क्लिक करें। ईमेल ऑप्शन: यहां ‘Email’ और फिर ‘Google Account email’ पर जाएं। एडिट करें: ‘Change Google Account email’ विकल्प पर क्लिक करें। (अगर यह विकल्प नहीं दिखे, तो अभी फीचर एक्टिव नहीं हुआ है)। नया नाम चुनें: अपना नया यूजरनेम टाइप करें। ध्यान रहे कि यह नाम पहले किसी ने इस्तेमाल न किया हो। कंफर्म करें: ‘Change email’ और फिर ‘Yes, change email’ पर क्लिक करके प्रोसेस पूरा करें। 12 महीने में एक बार ही बदल सकेंगे यूजरनेम गूगल ने इस सुविधा के साथ कुछ सीमाएं भी तय की हैं। लिमिट: आप 12 महीने (एक साल) में सिर्फ एक बार ही नया @gmail.com एड्रेस बना सकेंगे। लाइफटाइम लिमिट: ओवरऑल कुल 3 बार ही अपना Gmail एड्रेस बदल पाएंगे। वापसी का रास्ता: आप कभी भी अपने पुराने ईमेल एड्रेस पर वापस स्विच कर सकते हैं, लेकिन नया ईमेल बनाने के बाद उसे तुरंत डिलीट नहीं कर पाएंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
5 अप्रैल से 9 दिवसीय श्रीरामकथा का आयोजन:जगद्गुरु रामभद्राचार्य अवधपुरी ग्वारीघाट में सुनाएंगे कथा

जबलपुर के अवधपुरी आयुर्वेदिक कॉलेज) परिसर ग्वारीघाट में 5 अप्रैल से 9 दिवसीय श्रीरामकथा का आयोजन किया जाएगा। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य इस कथा का वाचन करेंगे। कथा का विषय ‘श्रीराम जन्म जग मंगल हेतु’ रखा गया है। यह आयोजन 13 अप्रैल तक चलेगा। समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष संदीप जैन ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित करना है। समापन दिवस पर संगठन की तीसरी वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कथा में 35 से अधिक समाजों के प्रतिनिधि यजमान के रूप में शामिल होंगे। कथा पंडाल में सभी वर्गों और जातियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे श्रीराम सबके हैं, सब श्रीराम के हैं” का भाव साकार हो सके। कथा के दौरान प्रतिदिन 10 से 15 मिनट की नाट्य प्रस्तुतियां भी होंगी। इन प्रस्तुतियों में शबरी, रानी दुर्गावती, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा। कथा के शुभारंभ दिवस, 5 अप्रैल को नर्मदा मैया का पूजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे ग्वारीघाट से एक शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो अवधपुरी स्थित कथा स्थल पर समाप्त होगी।
कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।
कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।
वाहन चोर पकड़ा, 16 FIR हैं दर्ज:ग्वालियर-मुरैना-शिवपुरी में कर चुका है चोरियां, पहाड़ी के पीछे करता था बाइक डंप

ग्वालियर में शुक्रवार शाम पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी चोरी की बाइक बेचने आया था, लेकिन समय पर सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से 5 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। वह मास्टर की के जरिए किसी भी वाहन का लॉक खोल लेता था। आरोपी चोरी के वाहनों को तिघरा पहाड़ियों के पीछे झाड़ियों में छिपाकर रखता था। उसके खिलाफ ग्वालियर के विभिन्न थानों में 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह ग्वालियर के अलावा शिवपुरी और मुरैना में भी वाहन चोरी कर चुका है। पुलिस को आशंका है कि उससे कई अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इसी दौरान कोतवाली थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति बिना नंबर की काले रंग की अपाचे बाइक बेचने की फिराक में गुप्तेश्वर मंदिर के पास खड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। शिवपुरी और मुरैना से भी वाहन चोरी किए पकड़े गए आरोपी की पहचान 25 वर्षीय दीपा उर्फ दीपू पिता प्रीतम सिंह यादव निवासी ग्राम कुलैथ खेरिया तिघरा के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने अपाचे बाइक चोरी करना स्वीकार किया। चेसिस नंबर मिलान में बाइक चोरी की पाई गई, जिसे बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने ग्वालियर के अलावा शिवपुरी और मुरैना से भी वाहन चोरी करना कबूल किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने स्टेडियम रोड स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास झाड़ियों से अपाचे बाइक की नंबर प्लेटें और मास्टर चाबी बरामद की। साथ ही चार अन्य बाइक भी जब्त की गईं, जिनमें स्प्लेंडर प्लस और प्लेटिना शामिल हैं। नकबजनी और आर्म्स एक्ट सहित 16 मामले दर्ज आठ दिन पहले आरोपी ने माधवनगर से एक अपाचे बाइक चोरी की थी। फरियादी नीतेश सोलंकी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 मार्च को उसने अपनी बाइक सिंधी धर्मशाला के सामने पार्किंग में खड़ी की थी, जो रात में चोरी हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ ग्वालियर के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट सहित 16 मामले दर्ज हैं।
घर में चोरी के 5 आरोपी पकड़ाए:सोने-चांदी के जेवर और पैसे मिले, मऊगंज में 9 दिन पहले की थी वारदात

मऊगंज जिले की हनुमना थाना पुलिस ने घर का ताला तोड़कर चोरी करने वाले पांच चोरों को पकड़ा है। पुलिस को इन आरोपियों के पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी मिली है। यह मामला 24 मार्च 2026 का है, जब बसौड़ी गांव की रहने वाली रानी यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जब वे खेत पर काम करने गई थीं, तब चोरों ने उनके सूने घर का ताला तोड़कर अलमारी से सोने की लॉकेट, चांदी की पायल और 40 हजार रुपए नकद पार कर दिए थे। संदेही ‘सोनू’ ने बताई वारदात, साथी भी चढ़े हत्थे पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो गांव के ही सोनू साकेत पर शक हुआ। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की बात मान ली। इसके बाद पुलिस ने अजय साकेत, सुभाष उर्फ ‘सिस्टम’, श्यामशंकर उर्फ ‘शंखू’ और राजबहोर उर्फ ‘टकला’ को भी गिरफ्तार कर लिया। जेवर और नकदी मिली, आरोपी पहुंचे जेल हनुमना थाना प्रभारी अनिल काकड़े ने बताया कि आरोपियों के पास से सोने की लॉकेट, चांदी की पायल और साढ़े चार हजार रुपए से ज्यादा नकद मिले हैं। सामान की कुल कीमत करीब 42 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
हरा या काला अंगूर, कौन सा है ज्यादा फायदेमंद? आयुर्वेद से जानें दोनों के लाभ

Last Updated:April 03, 2026, 22:08 IST Which grapes are healthier green or black: अंगूर एक ऐसा फल है, जो लाल, काला, हरा आदि रंगों में मिलता है. ये सभी स्वाद में तो एक ही जैसे होते हैं, लेकिन इनके फायदे और औषधीय गुण क्या एक समान होते हैं? हरे और काले अंगूर की बात करें तो दोनों में से कौन है अधिक पौष्टिक और सेहत के लिए लाभदायक, यहां जान लें. हरा या काला कौन सा अंगूर है अधिक फायदेमंद? फरवरी और मार्च के महीने में अंगूर बहुतायत मात्रा में आसानी से मिल जाते हैं. फरवरी और मार्च का महीना हल्का ठंडा और गर्मी वाला होता है, जिसमें शीतल पदार्थों का सेवन करने का मन करता है. ऐसे मौसम में शीतल पदार्थ का सेवन बीमार करने के लिए काफी है, लेकिन प्रकृति ने ऐसा फल दिया है, जो इस हल्के गर्म मौसम में शीतलता प्रदान करता है, वो हैं अंगूर. अंगूर केवल स्वादिष्ट फल नहीं है, बल्कि कई औषधीय गुणों से भरपूर हैं. अंगूर को आयुर्वेद में द्राक्षा कहा जाता है, जो शरीर को शीतलता और पोषण दोनों देता है. हरा अंगूर शरीर में जल-संतुलन और पित्त शमन में सहायक माना जाता है, जबकि काला अंगूर रक्त को पोषण देने और थकान से उबरने में उपयोगी बताया गया है. वहीं विज्ञान ने भी अंगूर को विटामिन से भरपूर पाया है, जो मस्तिष्क से लेकर हृदय तक के लिए लाभकारी है. यह कोशिकाओं की रक्षा करता है और शरीर में ऊर्जा का प्रसार भी तेजी से करता है. पहले विस्तार में बात करते हैं हरे अंगूर की. हरे अंगूर स्वाद में मधुर और पाचन में हल्के होते हैं. हरे अंगूर में पित्त को शांत करने की क्षमता होती है. यह शरीर में गर्मियों में होने वाले निर्जलीकरण से बचाते हैं और पेट में होने वाली जलन को भी कम करते हैं. अगर गर्मी में लू लगने का खतरा लगता है, तब भी अंगूर का सेवन गर्म हवा से सुरक्षा प्रदान करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वहीं काले अंगूर हरे अंगूर की तुलना में ज्यादा पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. काले अंगूर का सेवन शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाता है और बल भी प्रदान करता है. काले अंगूर स्किन को साफ करने और बालों को चमकदार बनाने में भी सहायक हैं. काले अंगूर में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं तो शरीर की आंतरिक कमजोरी और थकावट को भी दूर करते हैं और विटामिन सी और ई मिलकर बालों और स्किन को निखारने का काम करते हैं. अब सवाल है कि अंगूर खाने का सही समय क्या है. वैसे आमतौर पर फल को कभी भी खा लिया जाता है, जो गलत है. अंगूर का सेवन सुबह और दोपहर में कर सकते हैं. लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि अंगूर का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए. विटामिन सी होने की वजह से ये पेट में जलन पैदा कर सकते हैं. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 22:08 IST
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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में भूकंप आने के बाद झूमर हिलने लगे। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए। आया है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश था। अफगान-ताजिकिस्तान बॉर्डर पर भी 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि किसी तरह के जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल में रात 9: 46 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। घबराए लोग घरों से बाहर आ गए। भूकंप के दौरान घरों में पंखे और झूमर हिलने लगे। लोगों ने इसके वीडियो बना लिए। पठानकोट के भुल्ला चौक बाजार से घर में लटकाए तालों के हिलते का वीडियो सामने आया। ये वीडियो घर के मालिक अनमोल शर्मा ने बनाया। अभी नुकसान के बारे में कहीं से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई हैं। भूकंप से जुड़ी 2 फोटो… पठानकोट के भुल्ला चौक बाजार से घर में लटकाए तालों के हिलते का वीडियो सामने आया। मोहाली में भूकंप के बाद हिलता घर में लगा झूमर। भूकंप आने का कारण हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। ग्राफिक्स से समझिए किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक… 467 साल पहले चीन में आए भूकंप में 8.30 लाख लोगों की मौत हुई थी सबसे जानलेवा भूकंप चीन में 1556 में आया था, जिसमें 8.30 लाख लोगों की मौत हुई थी। तीव्रता के लिहाज से अब तक का सबसे खतरनाक भूकंप चिली में 22 मई 1960 को आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 9.5 थी। इसकी वजह से आई सुनामी से दक्षिणी चिली, हवाई द्वीप, जापान, फिलिपींस, पूर्वी न्यूजीलैंड, दक्षिण-पूर्व ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में भयानक तबाही मची थी। इसमें 1655 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 3000 लोग घायल हुए थे। ————————————– यह खबर भी पढ़ें… गुजरात के राजकोट में 12 घंटे में 7 भूकंप आए:2.7 से 3.8 के बीच रही तीव्रता गुजरात के राजकोट में पिछले 24 घंटे में भूकंप के 7 झटके महसूस किए गए। झटके हल्के थे जिससे किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक इन झटकों की तीव्रता 2.7 से 3.8 के बीच दर्ज की गई। एहतियात के तौर पर आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









