इंदौर के गेंदेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण:कलश यात्रा में किन्नर समाज की भागीदारी से दिखी सामाजिक समावेश की मिसाल

शहर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को सशक्त करने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2 में धर्म रक्षा समिति एवं ब्राह्मण सेवा संगठन द्वारा शिव महापुराण कथा एवं रुद्राक्ष अभिषेक का शुभारंभ आज किया गया। शिव महापुराण की कथा आज से 19 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के संयोजक अटल शर्मा ने बताया कि आयोजन के तत्वावधान में आज भव्य कलश यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। यात्रा का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। कलश यात्रा परदेशीपुरा स्थित गेन्देश्वर महादेव से होते हुए रेडीमेड कॉम्प्लेक्स के समीप कथा स्थलपर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक नारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा में स्वर ढोल समूह द्वारा 40 से अधिक बालिकाओं ने ढोलक व नगाड़ों की थाप से वातावरण मन्त्रमुग्ध कर दिया।यात्रा में झांकियों का कारवां भी आकर्षण का केंद्र रहा एवं बड़ी संख्या में संत समाज जन बग्गियों पर सवार होकर कलश यात्रा में सम्मिलित हुए। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कलश यात्रा निकाली गई इस कलश यात्रा के दौरान एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में किन्नर समाजजन भी इस पवित्र आयोजन में सम्मिलित हुए। उनकी सक्रिय भागीदारी ने पूरे माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण और समावेशी बना दिया। किन्नर समाज के सदस्यों ने भी पूरे श्रद्धा भाव से भाग लिया और आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। धर्मप्रेमी जनता आयोजकों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और समानता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। आयोजकों ने भी किन्नर समाज के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। बड़ी संख्या में गणमान्य जन हुए यात्रा में सम्मिलित इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक रमेश मेंदोला, धर्म जागरण क्षेत्र टोली सदस्य रेवाराम, धर्म जागरण मालवा प्रांत प्रमुख विक्रम रघुवंशी, राम प्रसाद पांडे, किशोर चौकसे, एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर, नवीन गोधा, राजकपूर सुनहरे, पार्षद विनीता धर्मेंद्र मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अंजली अटल शर्मा मधु पिल्लई एवं राम ठाकुर ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं प्रशासन का सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया।
इंदौर के गेंदेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण:कलश यात्रा में किन्नर समाज की भागीदारी से दिखी सामाजिक समावेश की मिसाल

शहर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को सशक्त करने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2 में धर्म रक्षा समिति एवं ब्राह्मण सेवा संगठन द्वारा शिव महापुराण कथा एवं रुद्राक्ष अभिषेक का शुभारंभ आज किया गया। शिव महापुराण की कथा आज से 19 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के संयोजक अटल शर्मा ने बताया कि आयोजन के तत्वावधान में आज भव्य कलश यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। यात्रा का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। कलश यात्रा परदेशीपुरा स्थित गेन्देश्वर महादेव से होते हुए रेडीमेड कॉम्प्लेक्स के समीप कथा स्थलपर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक नारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा में स्वर ढोल समूह द्वारा 40 से अधिक बालिकाओं ने ढोलक व नगाड़ों की थाप से वातावरण मन्त्रमुग्ध कर दिया।यात्रा में झांकियों का कारवां भी आकर्षण का केंद्र रहा एवं बड़ी संख्या में संत समाज जन बग्गियों पर सवार होकर कलश यात्रा में सम्मिलित हुए। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कलश यात्रा निकाली गई इस कलश यात्रा के दौरान एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में किन्नर समाजजन भी इस पवित्र आयोजन में सम्मिलित हुए। उनकी सक्रिय भागीदारी ने पूरे माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण और समावेशी बना दिया। किन्नर समाज के सदस्यों ने भी पूरे श्रद्धा भाव से भाग लिया और आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। धर्मप्रेमी जनता आयोजकों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और समानता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। आयोजकों ने भी किन्नर समाज के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। बड़ी संख्या में गणमान्य जन हुए यात्रा में सम्मिलित इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक रमेश मेंदोला, धर्म जागरण क्षेत्र टोली सदस्य रेवाराम, धर्म जागरण मालवा प्रांत प्रमुख विक्रम रघुवंशी, राम प्रसाद पांडे, किशोर चौकसे, एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर, नवीन गोधा, राजकपूर सुनहरे, पार्षद विनीता धर्मेंद्र मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अंजली अटल शर्मा मधु पिल्लई एवं राम ठाकुर ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं प्रशासन का सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया।
इंदौर में महिला आरक्षक ने किया सुसाइड का प्रयास:फर्स्ट बटालियन के फ्लैट में फंदे पर लटकी मिली; हालत गंभीर, पुलिस जांच में जुटी

इंदौर के फर्स्ट बटालियन में रहने वाली एक महिला आरक्षक ने गुरुवार को आत्महत्या की कोशिश की। महिला अपने फ्लैट में फंदे पर लटकी मिली। रात में परिजन ने उसे देखा तो नीचे उतारकर निजी अस्पताल ले गए। फिलहाल महिला पुलिसकर्मी बयान देने की स्थिति में नहीं है। सदर बाजार पुलिस के मुताबिक, महिला का नाम रूचि, पति पंकज है। वह अपने पति के साथ फर्स्ट बटालियन में रहती है। सदर बाजार पुलिस को रात करीब 11 बजे गोकुलदास अस्पताल से सूचना मिली। हालांकि रूचि अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। उनके पति पंकज भी क्राइम ब्रांच में पदस्थ हैं। रूचि ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पंकज के भी इस मामले में अभी बयान नहीं हो सके हैं।
राहुल नामदेव धोते बने मंडला के नए कलेक्टर:IAS सोमेश मिश्रा का नर्मदापुरम ट्रांसफर; MP में 26 अधिकारियों के तबादले

मध्यप्रदेश शासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 जिलों के कलेक्टरों और 3 संभागीय आयुक्तों की तबादला सूची जारी की है। इस आदेश के तहत मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा का स्थानांतरण नर्मदापुरम जिले में किया गया है। उनके स्थान पर वर्ष 2017 बैच के आईएएस अधिकारी राहुल नामदेव धोते मंडला के नए कलेक्टर नियुक्त किए गए हैं। उप सचिव से जिला कलेक्टर बने राहुल नामदेव धोते राहुल नामदेव धोते वर्तमान में नर्मदा घाटी विकास विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके पास दिसंबर 2024 से जल संसाधन विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी था। वे इससे पहले सीधी में जिला पंचायत सीईओ और रतलाम के जावरा में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। सोमेश मिश्रा का नर्मदापुरम ट्रांसफर सोमेश मिश्रा 11 अगस्त 2024 से मंडला कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक क्षेत्रों में कई नवाचार किए गए। उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए कलेक्टर चैंबर में पर्ची सिस्टम को समाप्त कर सीधे जनसुनवाई की व्यवस्था लागू की थी। नए कलेक्टर के सामने जनसमस्याओं के निराकरण की चुनौती मंडला के नए कलेक्टर राहुल नामदेव धोते के समक्ष जिले की विकास परियोजनाओं को गति देने की मुख्य जिम्मेदारी होगी। शासन ने उनसे राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और आम जनता की बुनियादी समस्याओं के प्रभावी समाधान की अपेक्षा की है। यह फेरबदल प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से किया गया है।
Assam Election Voting | High Turnout Impact; CM Himanta Biswa Sarma Trend

Hindi News National Assam Election Voting | High Turnout Impact; CM Himanta Biswa Sarma Trend गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी12 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के दो राज्यों असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए। 1950 में असम के बनने के बाद से राज्य में सबसे ज्यादा 85.40% वोटिंग हुई। इससे पहले 2016 में 84.7% मतदान हुआ था। वहीं पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.87% मतदान हुआ। इससे पहले का रिकॉर्ड 85% (2006, 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव) का था। केरलम में पिछले 49 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, यहां 78.09% वोट डाले गए। 1977 में रिकॉर्ड 79.2% मतदान हुआ था। वोटिंग परसेंट के आंकड़े 9 अप्रैल की रात 10 बजे तक के हैं। चुनाव आयोग का फाइनल आंकड़े जारी करना बाकी है। असम के 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग असम में 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवारों का भाग्य का फैसला होगा। 35 जिलों में से 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ। सबसे कम 75.25% वोटिंग वेस्ट कार्बी एंगलोंग में हुई। सीएम हिमंता बोले- असमिया समाज वोटर की वजह से बढ़ा मतदान असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, बांग्लादेशी मूल के मुसलमान समाज का 95 से 96 प्रतिशत वोट प्रतिशत हुआ करता था लेकिन बाकि जो असमिया समाज है, वहां पर 75-76% तक का वोट प्रतिशत होता था। इस बार दोनों समाज के बीच प्रतियोगिता रही। पारंपरिक तौर पर जो समाज सक्रिय मतदान करता है उन्होंने तो ज्यादा मतदान किया ही है लेकिन जिस समाज में पारंपरिक तौर पर अधिक मतदान नहीं होता है, उस समाज ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया है। केरल के कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% वोटिंग केरलम में140 विधानसभा सीटों पर 2.6 करोड़ मतदाता हैं। वहीं 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। राज्य के 14 जिले में से दो जिलों में 80% से ऊपर मतदान हुआ। सबसे ज्यादा वोटिंग 81.32% वोटिंग कोझिकोड में हुई। वहीं सबसे कम 70.76% मतदान पथनमथिट्टा में हुआ। केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुन रहे हैं। भाजपा ने कहा- महिला वोटर्स की वजह से बढ़ा मतदान CPI(M) नेता सीएन मोहनन ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है या जो कहीं और चले गए हैं। उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इसी वजह से वोटिंग का प्रतिशत बढ़ा है। BJP नेता केएस शैजू ने कहा, हमारे एनालिसिस से पता चलता है कि इस बार ज्यादा महिला मतदाताओं ने वोट डाला है। पुडुचेरी में रिकॉर्ड 90% वोटिंग पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों में कुल 10 लाख मतदाता हैं। यहां 90% के करीब वोटिंग हुई। केंद्र शासित प्रदेश में कुल दो जिले हैं। सबसे ज्यादा 90.47% मतदान पुडुचेरी जिले में हुआ। वहीं करईकल में 86.77% वोटिंग हुई। पुडुचेरी के इतिहास में पहली बार इतनी वोटिंग हुई है। अब तीनों राज्यों में चुनावी गणित को समझें… असम: 51 साल सत्ता में काबिज रही कांग्रेस, भाजपा की हैट्रिक लगाने की कोशिश बीते 76 साल में असम में राज्य में 15 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से सबसे लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा। करीब 51 साल तक कांग्रेस के 10 मुख्यमंत्रियों ने सत्ता संभाली। 1978 में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। जनता पार्टी के गोलाप बोरबोरा पहले गैर-कांग्रेसी सीएम बने। लेकिन 2 साल बाद फिर कांग्रेस सत्ता में लौटी। 1985 में ‘असम गण परिषद’ नई रीजनल पार्टी के तौर पर उभरी, जिसने कांग्रेस को चुनौती दी। इसी साल AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत सीएम बने। उन्होंने अल्टरनेटिव 2 टर्म पूरे किए। इसके बाद 2001 में कांग्रेस के तरुण गोगोई ने सत्ता संभाली। उन्होंने लगातार 3 चुनाव जीते और रिकॉर्ड 15 साल तक सीएम की कुर्सी संभाली। 2016 में पूरे नॉर्थ-ईस्ट में असम ऐसा राज्य बना, जहां बीजेपी ने पहली बार सरकार बनाई। सर्बानंद सोनोवाल सीएम बने। 2021 में लगातार दूसरी बार बीजेपी ने बहुमत हासिल किया और सत्ता संभाली हिमंता बिस्व सरमा ने। हिमंता के कांग्रेस, AGP और बीजेपी तीनों से रिश्ते हैं। वे AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत के राजनीतिक शिष्य, कांग्रेस के तरुण गोगोई के भरोसेमंद सिपहसालार और बीजेपी में नॉर्थ-ईस्ट का चेहरा हैं। केरल: केवल पिनराई विजयन लगातार 2 बार सीएम बने 1956 में केरलम के गठन के बाद से अब तक राज्य में 12 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से 6 सीएम लेफ्ट के रहे, जिन्होंने 39 साल सत्ता संभाली। वहीं 4 सीएम कांग्रेस के बने, जिन्होंने 28 साल सरकार चलाई। CPI(M) के ई.के. नयनार सबसे लंबे समय तक 11 साल सीएम रहे। उन्होंने 3 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन लगातार कभी कुर्सी नहीं संभाली। 1980 में UDF बनाम LDF की राजनीति शुरु हुई। बीते 46 साल से दोनों ने बारी-बारी सरकार चलाई, लेकिन 2021 में ये अनकही परंपरा टूट गई। 2021 में CPI(M) के पिनराई विजयन ने बतौर सीएम पहला कार्यकाल पूरा कर दोबारा सत्ता संभाली। 70 साल में केवल विजयन ऐसे सीएम ही हैं, जिन्होंने लगातार 2 बार शपथ ली। पुडुचेरी में 10 में से 7 सीएम कांग्रेस के रहे 1963 में पुडुचेरी विधानसभा का गठन हुआ। तब से अब तक यहां 10 मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यहां की राजनीति केंद्र के प्रभाव और स्थानीय गठबंधनों के हिसाब से चलती है। इसी के चलते पुडुचेरी के 7 सीएम कांग्रेस से रहे, जिन्होंने करीब 32 साल सत्ता संभाली। फिर 1970 के दशक में DMK और AIADMK जैसी द्रविड़ पार्टियों की एंट्री हुई। DMK ने 4 बार और AIADMK ने 2 बार सरकार बनाई। इसके बाद फिर कांग्रेस का शासन शुरू हुआ, जो 2011 तक चला। लेकिन कांग्रेस के कद्दावर नेता एन. रंगासामी ने खुद की पार्टी AINRC बना ली और चुनाव जीतकर सत्ता संभाली। एन. रंगासामी एक नेता हैं, जिन्होंने कांग्रेस में रहते हुए और फिर अपनी की पार्टी AINRC बनाकर कुल 4 बार सीएम पद की शपथ ली। 2021 में रंगासामी ने बीजेपी के साथ अलायंस किया और सरकार बनाई। रंगासामी सबसे लंबे वक्त तक करीब 17 साल से सीएम हैं। हालांकि ये लगातार नहीं है। वोटिंग की 6 तस्वीरें… असम में वोट डालने के लिए महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ में
MPPSC Secretary Sheetla Patle | Neha Meena New Seoni Collector

मध्यप्रदेश सरकार ने नेहा मीणा को सिवनी जिले की नई कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। वे वर्तमान में झाबुआ कलेक्टर के पद पर सेवाएं दे रही थीं। वहीं, सिवनी की वर्तमान कलेक्टर शीतला पटले का स्थानांतरण इंदौर किया गया है, जहां वे मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC . 16 अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना के लिए तैयारी जानकारी के अनुसार, यह फेरबदल 16 अप्रैल से प्रस्तावित जनगणना प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए किया गया है। शासन का उद्देश्य महत्वपूर्ण जिलों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती करना है ताकि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जा सके। सीएम और मुख्य सचिव की मैराथन बैठक के बाद फैसला तबादला सूची को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच लंबी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस कार्य के लिए अपना पूरा दिन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आरक्षित रखा था। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने बैठक के निष्कर्षों के आधार पर आधिकारिक आदेश जारी किए। कई महीनों से लंबित था फेरबदल प्रशासनिक गलियारों में इन तबादलों की चर्चा काफी समय से थी। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू हो गई थी। हालांकि, त्योहारों, बजट सत्र और अन्य राजकीय व्यस्तताओं के कारण आदेशों में लगातार देरी हो रही थी, जिसे अब अमलीजामा पहना दिया गया है। नई कलेक्टर के सामने होंगी ये चुनौतियां सिवनी की नई कलेक्टर के रूप में नेहा मीणा के सामने न केवल जनगणना को सुचारू रूप से संचालित करने की चुनौती होगी, बल्कि जिले की विकास योजनाओं को गति देना और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना भी उनकी प्राथमिकता में शामिल होगा।



