Sunday, 12 Apr 2026 | 03:12 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar

Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar

Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 40 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र के नासिक जिले में शनिवार को एक ट्रक और पिक-अप गाड़ी की टक्कर के बाद बड़ा हादसा हो गया। टक्कर के बाद पिक-अप गाड़ी में आग लग गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, सभी लोग एक धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। ट्रक ने पिक-अप को टक्कर मारकर करीब 100 फीट तक घसीटा, जिसके बाद उसमें आग लग गई। हादसे के बाद ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली में तेज रफ्तार ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारी, बुजुर्ग की मौत दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में 65 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान मंजीत सिंह के रूप में हुई है, जो स्कूटर चला रहे थे। पुलिस के मुताबिक हादसे में एक कार, दो बाइक, एक ई-रिक्शा, एक स्कूटर और एक अन्य ट्रक को नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी ड्राइवर की तलाश जारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

rss chief mohan bhagwat hedgewar unity freedom hindu society telangana

rss chief mohan bhagwat hedgewar unity freedom hindu society telangana

निजामाबाद53 मिनट पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि केशव बलिराम हेडगेवार ने देश को विदेशी शासन से आजाद कराने और हिंदुओं के बीच फूट को खत्म करने के मकसद से RSS की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि हेडगेवार का मानना था कि समाज में एकता की कमी ही बार-बार गुलामी की बड़ी वजह रही। संघ प्रमुख ने कहा कि हेडगेवार ने ब्रिटिश शासन को खत्म करने के लिए राजनीतिक और हथियारबंद विरोध समेत कई रास्तों पर काम किया था। भागवत ने कहा कि आजादी के लिए काम करते हुए हेडगेवार को यह एहसास हुआ कि अंग्रेज भारतीयों को गुलाम बनाने वाले पहले बाहरी शासक नहीं थे। उनके मुताबिक, समस्या सिर्फ बाहर से आने वाली ताकत नहीं थी, बल्कि समाज के भीतर भी एक कमी थी। भागवत शनिवार को तेलंगाना के निजामाबाद जिले के कंडाकुर्थी गांव में श्री केशव स्फूर्ति मंदिर के उद्घाटन के बाद बोल रहे थे। यह गांव हेडगेवार का पैतृक गांव है। उन्होंने कहा- हममें कोई कमी थी, जिसकी वजह से हमें बार-बार हार का सामना करना पड़ा। इसलिए उस कमी को दूर करना जरूरी था। भागवत की स्पीच की 4 बातें… हिंदुत्व का मतलब दूसरों के साथ मिलकर रहना, अपने रास्ते पर चलना और बाकी लोगों का सम्मान करना है। RSS की प्रार्थना भी इन्हीं गुणों को दिखाती है और शाखा में आने वालों में यही संस्कार विकसित होते हैं। हेडगेवार हिंदुओं को मजबूत, निडर और अच्छा इंसान बनाने के पक्ष में थे। हेडगेवार का मानना था कि अगर इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो देश को बार-बार आजादी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। RSS की स्थापना किसी के खिलाफ नहीं हुई थी। इसे किसी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि को गुलामी से मुक्त कराने के लिए शुरू किया गया था। जैसा हेडगेवार ने सोचा था, उसी दिशा में काम करने वाले कार्यकर्ता आज सक्रिय हैं और समाज को मजबूत बनाने में लगे हैं। कंडाकुर्थी में बना स्फूर्ति केंद्र देश के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने की प्रेरणा देगा। मोहन भागवत के पिछले 3 बड़े बयान… 19 मार्च: नागरपुर में बोले- RSS को 86 संभागों में बांटेंगे, काम का तरीका नहीं बदलेगा मोहन भागवत ने कहा कि RSS का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, इसलिए अब काम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने विकेंद्रीकरण की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवकों को मजबूत बनाने और काम बेहतर करने के लिए संगठन में बदलाव किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी: मुंबई में कहा- संघ कहे तो पद छोड़ दूंगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। RSS प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक (RSS प्रमुख) बनता है। पूरी खबर पढ़ें… 7 फरवरी: संघ प्रमुख बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू 7 फरवरी को मुंबई में हुए संघ के कार्यक्रम में एक्टर सलमान खान शामिल हुए थे। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई है ही नहीं। किसी खास रस्म या प्रार्थना से जुड़े धर्म को नहीं दिखाता है, न ही यह किसी खास समुदाय का नाम है। RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। भागवत ने कहा कि बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई आरएसएस के प्रधानमंत्री है। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है। उसमें बहुत स्वयंसेवक है, लेकिन संघ की नहीं। संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पूरी खबर पढ़ें… ——————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भाजपा को RSS कंट्रोल नहीं करता, संघ को पार्टी के नजरिए से देखना गलत RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भाजपा या विश्व हिंदू परिषद के नजरिए से आरएसएस को समझना गलत है। सभी स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और संघ किसी (भाजपा) को कंट्रोल नहीं करता। संघ का उद्देश्य सत्ता, टिकट या चुनाव नहीं, बल्कि समाज की गुणवत्ता और चरित्र निर्माण है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले जोर आजमाइश तेज की: अमित शाह 30 रैलियों के साथ आगे | चुनाव समाचार

Chennai Super Kings' Khaleel Ahmed, centre, celebrates with captain Ruturaj Gaikwad the wicket of Delhi Capitals' KL Rahul during the Indian Premier League cricket match between Chennai Super Kings and Delhi Capitals in Chennai, India, Saturday, April 11, 2026. (AP Photo/Mahesh Kumar A.)

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 00:43 IST पीएम नरेंद्र मोदी ने 11 रैलियां की हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में निरंतर, जमीनी स्तर की भागीदारी की रणनीति का संकेत देती हैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में. (फाइल फोटो: एक्स/अमित शाह) 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले, अभियान परिदृश्य भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के नेतृत्व में एक मजबूत और संरचित प्रयास को दर्शाता है, जिसमें प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में रैलियों की उच्च आवृत्ति होती है। इस लामबंदी में सबसे आगे हैं अमित शाह, 30 रैलियों के साथ, जो सभी राष्ट्रीय नेताओं में सबसे अधिक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 11 रैलियां की हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में निरंतर, जमीनी स्तर की भागीदारी की रणनीति का संकेत देती हैं। समानांतर रूप से, योगी आदित्यनाथ ने भी 11 रैलियों को संबोधित किया है, जिससे अभियान की पहुंच मजबूत हुई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी एकीकरण की मांग कर रही है। स्मृति ईरानी ने 13 रैलियां कीं, जो राज्य में व्यापक राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति में योगदान दे रही हैं। अन्य वरिष्ठ नेताओं ने लगातार प्रचार की गति बनाए रखी है। माणिक साहा ने नौ रैलियां की हैं, जबकि हिमंत बिस्वा सरमा और बिप्लब कुमार देब ने आठ-आठ रैलियां की हैं। जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह ने छह-छह रैलियों को संबोधित किया है, जो संगठनात्मक और सरकारी नेतृत्व दोनों की भागीदारी को दर्शाता है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 10 रैलियां की हैं, जबकि नितिन गडकरी ने दो रैलियां की हैं. इसके अतिरिक्त, मोहन चरण माझी ने छह रैलियों को संबोधित किया है, और रेखा गुप्ता ने पांच रैलियों का संचालन किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मुख्य राजनीतिक नेतृत्व के बाहर के प्रचारकों में से, कंगना रनौत ने सात रैलियों को संबोधित किया है, जबकि हेमा मालिनी ने कई कार्यक्रमों में भाग लिया है। संचयी डेटा पूरे बंगाल में राष्ट्रीय आंकड़ों की एक केंद्रित तैनाती का संकेत देता है, खासकर पहले चरण की शुरुआत में। रैलियों का पैमाना और आवृत्ति केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उच्च-दृश्यता वाले अभियान के माध्यम से मतदाता पहुंच को अधिकतम करने पर केंद्रित रणनीति का सुझाव देती है। जिलों में यह व्यापक लामबंदी व्यापक चुनावी रणनीति में चरण 1 के महत्व को रेखांकित करती है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं की निरंतर भागीदारी अभियान दृष्टिकोण का एक प्रमुख घटक है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 00:43 IST समाचार चुनाव भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले तैयारी तेज की: अमित शाह ने 30 रैलियों का नेतृत्व किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव

ग्वालियर में युवक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर:दोस्तों ने विवाद के बाद मारा चाकू, लिवर में फंसा, जयपुर रेफर

ग्वालियर में युवक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर:दोस्तों ने विवाद के बाद मारा चाकू, लिवर में फंसा, जयपुर रेफर

ग्वालियर में एक युवक पर उसके ही दोस्तों ने चाकू से कातिलाना हमला कर दिया। तीनों दोस्त साथ बैठे थे, तभी किसी बात को लेकर मुंहवाद हो गया और विवाद बढ़ने पर दो दोस्तों ने मिलकर युवक पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू युवक के लिवर में जा फंसा, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना माधौगंज थाना क्षेत्र के लक्कड़खाना इलाके की है। जानकारी के अनुसार लक्कड़खाना निवासी आशीष खटीक अपने दोस्तों अंशु शाक्य और रमन वाल्मीकि के साथ शनिवार को बैठा था। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते अंशु और रमन ने चाकू निकालकर आशीष पर हमला कर दिया। चाकू सीने और पेट के बीच में लगते हुए लिवर में जा फंसा। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि आशीष वहीं घायल होकर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से परिजन घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन एंबुलेंस से उसे इलाज के लिए जयपुर ले गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने जांच शुरू कर दी है। घायल और परिजन के शहर से बाहर होने के कारण फिलहाल मामला दर्ज नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के लौटते ही बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस आरक्षक-अधिवक्ता का हुआ विवाद:दोनों में मारपीट का CCTV, वकील का आरोप- पुलिस नहीं दर्ज हो रही है FIR

पुलिस आरक्षक-अधिवक्ता का हुआ विवाद:दोनों में मारपीट का CCTV, वकील का आरोप- पुलिस नहीं दर्ज हो रही है FIR

जबलपुर में मामूली विवाद को लेकर जिला न्यायालय के अधिवक्ता और पुलिस आरक्षक के बीच जमकर लड़ाई हुई। हंगामा होते देख आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और लड़ाई को शांत करवाया। जानकारी लगते ही अधिवक्ता के साथी मौके पर पहुंचे और फिर थोड़ी देर बाद सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इधर, पुलिस आरक्षक ने भी अधिवक्ता पर मारपीट का आरोप लगाया है। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी थाने पहुंचे और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन स्थित समीक्षा टाउन का है, जहां शनिवार रात को बच्चों के बीच हुए विवाद पर बड़े आमने-सामने आ गए। विवाद और मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे जिला न्यायालय में पैरवी करने वाले पकंज कुमार शर्मा का कहना है कि शनिवार शाम को कैंपस में बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई। बच्चों की आवाज सुनने के बाद पकंज और पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि मदनमहल थाने मे पदस्थ है, वह भी बाहर निकल आया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि पड़ोस में ही प्रकाश सराठे के घर पर किराए से रहते हैं, उन्होंने मामूली बात पर उके साथ मारपीट की है। अधिवक्ता का कहना है कि रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे, पर उनकी तरफ से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि विवाद शाम करीब साढ़े 6 बजे हुआ था। अचानक ही पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी सामने आया और गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, इसके बाद भी वह मारता रहा। अधिवक्ता का कहना है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने के लिए सिविल लाइन थाने पहुंचा, तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मीयों ने एफआईआर ना दर्ज करते हुए समझौता करने का दवाब बनाया। उनका कहना है कि थाने में जो पुलिसकर्मी की ड्यूटी एफआईआर करने की होती है, उसे भी वहां से इसलिए अलग कर दिया गया कि वह शिकायत ना लिख सके। अधिवक्ता पकंज कुमार शर्मा की और से पुलिस को सीसीटीवी भी सौंपे गए है। जिसमें कि विवाद हो रहा है। अधिवक्ता के साथ मारपीट की जानकारी लगते ही उनके साथी भी सिविल लाइन थाने पहुंच गए। सीएसपी सोनू कुर्मी का का कहना है कि दोनों और से शिकायत दी गई है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी मिले है। जांच करवाई जा रही है।

एनेस्थीसियोलॉजी में बदलाव की आहट:सिस्टम सुधार से बचेगी जान, RSACPCON में उठी सेफ्टी कल्चर की मांग; इंदौर में जुटे देश-विदेश के एक्सपर्ट्स

एनेस्थीसियोलॉजी में बदलाव की आहट:सिस्टम सुधार से बचेगी जान, RSACPCON में उठी सेफ्टी कल्चर की मांग; इंदौर में जुटे देश-विदेश के एक्सपर्ट्स

RSACPCON 2026 (रिसर्च सोसायटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजी क्लिनिकल फार्माकोलॉजी) की 34वीं नेशनल और 5वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुआ। पहले दिन देश-विदेश के 500 से अधिक एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और पीजी विद्यार्थियों ने चार अलग-अलग हॉल में आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में भाग लिया। कॉन्फ्रेंस में ऑपरेटिंग थिएटर (OT) में गलतियों की रोकथाम, सुरक्षित प्रसव, आपदा व युद्धकालीन चिकित्सा प्रबंधन और मेडिकल क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। “ऑडिटिंग व्हाट मैटर्स: क्लिनिकल गलतियां और बिना दोष की रिपोर्टिंग” सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि ओटी में होने वाली अधिकांश गलतियां किसी एक डॉक्टर की नहीं, बल्कि थकान, संचार की कमी, उपकरणों की खामियों और उच्च दबाव वाले वातावरण जैसे सिस्टम संबंधी कारणों से होती हैं। अस्पतालों में निष्पक्ष रिपोर्टिंग की संस्कृति विकसित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि भविष्य में गलतियों को रोका जा सके। “सेफ बर्थ का वादा” सत्र में प्रसूति से जुड़े जटिल मामलों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने प्लेसेंटा एक्रीटा और ऑब्सटेट्रिक हेमरेज जैसी स्थितियों को मातृ मृत्यु का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि समय रहते पहचान और तैयारी से प्रसव के दौरान होने वाली बड़ी त्रासदियों को टाला जा सकता है। “द लाइफलाइन ब्रिगेड: व्हेन डिजास्टर स्ट्राइक्स” सत्र में सैन्य चिकित्सा अधिकारियों ने युद्ध, प्राकृतिक आपदा और जैविक हमलों के दौरान चिकित्सा प्रबंधन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि तेज ट्राइएज, डैमेज कंट्रोल सर्जरी और सीमित संसाधनों में अधिकतम जीवन बचाने की रणनीति बेहद प्रभावी रहती है। AI पर चर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दवाओं की सटीक डोज तय करने और जटिलताओं का पूर्वानुमान लगाने में सहायक है, लेकिन यह अनुभवी डॉक्टर का विकल्प नहीं बन सकता। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. डॉ. किशोर अरोरा ने कहा कि कॉन्फ्रेंस के सत्र सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़े रहे और भारतीय एनेस्थीसियोलॉजी वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रही है।

MP High Court Nursing Recruitment Contradiction

MP High Court Nursing Recruitment Contradiction

मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर पदों की भर्ती से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पाया कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट विरोधाभास है, जिससे प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती है। . जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर श्रेणी में आवेदन करने की अनुमति दी जाए और संबंधित विभाग उनके आवेदन स्वीकार करे। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन पदों पर होने वाला कोई भी चयन अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विज्ञापन के एक भाग में पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जबकि अन्य भाग में आरक्षण संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इस विरोधाभास को देखते हुए कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान की। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा होती है, तो याचिकाकर्ताओं के आवेदन ऑफलाइन माध्यम से भी स्वीकार किए जाएं। प्रकरण में प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नियत समय में जवाब प्रस्तुत नहीं होने की स्थिति में याचिका स्वतः निरस्त मानी जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट जीतेन्द्र वर्मा ने पैरवी की। ये खबर भी पढ़ें… इंस्टाग्राम चैट प्राइवेट नहीं रहेगी… इंदौर हाईकोर्ट में लगी याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में 8 मई से समाप्त हो रही इंस्टाग्राम की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा को लेकर एक जनहित याचिका लगी है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इससे उपभोक्ता की निजता का हनन हो सकता है।पूरी खबर पढ़ें