Thursday, 23 Apr 2026 | 03:45 AM

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MP में 4 महीने की बच्ची की कुपोषण से मौत:रीवा में जुड़वां भाई की हालत गंभीर; सुपरवाइजर-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस; झोलाछाप का क्लिनिक सील DAVV के 2025 बैच के प्लेसमेंट रिजल्ट घोषित:271 कंपनियां आई, 72 लाख रुपए सालाना का रहा सबसे ज्यादा पैकेज गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने केंद्र से मांगी मदद:सीएम बोले- वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं एक्सपोर्ट नहीं हो पाया, जूट इम्पोर्ट में भी दिक्कत सीएम हाउस के पास चौराहों पर धरना-प्रदर्शन पर रोक:भोपाल पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश, पॉलिटेक्निक समेत प्रमुख चौराहों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित टशन में गोलियां चलाने वाला बदमाश पकड़ा:दुश्मन के घर पहुंचकर की थी फायरिंग, पुलिस ने किया सीन रीक्रिएशन इंदौर से हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत:अब शहर से 25 रूट्स पर उपलब्ध होंगी सीधी उड़ानें
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MP में 4 महीने की बच्ची की कुपोषण से मौत:रीवा में जुड़वां भाई की हालत गंभीर; सुपरवाइजर-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस; झोलाछाप का क्लिनिक सील

MP में 4 महीने की बच्ची की कुपोषण से मौत:रीवा में जुड़वां भाई की हालत गंभीर; सुपरवाइजर-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस; झोलाछाप का क्लिनिक सील

मध्य प्रदेश के सतना जिले में कुपोषण से 4 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि जुड़वां भाई की हालत गंभीर है। सतना जिला अस्पताल से रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां वह PICU में भर्ती है। दोनों बच्चे करीब 15 दिन से उल्टी दस्त, बुखार और डायरिया से पीड़ित थे। जानकारी के मुताबिक, मृत बच्ची सुप्रांशी, सुरांगी निवासी मां विमला और पिता नत्थू प्रजापति की बेटी थी। वहीं उसके जुड़वां भाई का नाम नैतिक है। सही पोषण और समय पर इलाज न मिलने से दोनों बच्चों की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन बच्चों को जुगुलपुर गांव में झोलाछाप के पास ही इलाज कराते रहे। सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी राजिव सिंह ने सेक्टर सुपरवाइजर करुणा पांडेय और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा पांडेय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने बुधवार रात जुगुलपुर गांव में झोलाछाप डॉक्टर प्रेमलाल अनुरागी के दवाखाने पर छापा मारा। जांच के दौरान दवाखाने में अलग-अलग बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली करीब 100 तरह की दवाइयां मिलीं। PICU वार्ड में भर्ती कर इलाज परिजन के मुताबिक, बच्चों की हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह झोलाछाप के पास से मंगलवार शाम 5 बजे दोनों बच्चों को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सतना जिला अस्पताल भेजा गया। रात करीब 8 बजे सतना जिला अस्पताल पहुंचने पर दोनों बच्चों को तुरंत PICU वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। दोनों बच्चे गंभीर कुपोषण से ग्रसित पाए गए इस दौरान जांच में दोनों बच्चे गंभीर कुपोषण से ग्रसित पाए गए। उनका वजन सामान्य से काफी कम था। बुधवार शाम करीब 4 बजे इलाज के दौरान सुप्रांशी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद दादी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ शव को गांव सुरांगी भेजा गया, जबकि उसी समय गंभीर हालत में नैतिक को माता-पिता के साथ रीवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। आशा कार्यकर्ता ने रेगुलर संपर्क नहीं किया मृत बच्ची की मां विमला ने बताया कि टीकाकरण के अलावा उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला। आशा कार्यकर्ता ने रेगुलर संपर्क नहीं किया, जिसके कारण समय पर सलाह और मदद नहीं मिल सकी। अब इसे मैदानी अमले की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। मां का दूध नहीं मिला, गलत आहार से बिगड़ी हालत जांच में सामने आया कि मां की शारीरिक कमजोरी के कारण वह बच्चों को स्तनपान नहीं करा पा रही थी। ऐसे में उन्हें बकरी और गाय का दूध पिलाया जा रहा था, जो इस उम्र में खतरनाक होता है। जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध ही बच्चे के लिए पर्याप्त पोषण का स्रोत होता है, लेकिन परिवार को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाया। जन्म के समय ही कम था वजन, डॉक्टरों की सलाह परियोजना अधिकारी अभय द्विवेदी के अनुसार, जुड़वां बच्चों का जन्म 21 दिसंबर 2025 को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। जन्म के समय नैतिक का वजन 2.953 किलो और सुप्रांशी का 2.862 किलो था। छह माह तक केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप द्विवेदी के अनुसार, 4 माह के बच्चे का सामान्य वजन 4 से 5 किलो होना चाहिए। जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। बिना लाइसेंस चला रहा था दवाखाना बीएमओ डॉ. रूपेश सोनी ने बताया कि प्रेमलाल अनुरागी के पास इलाज करने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। वह पिछले 15 दिनों से गंभीर कुपोषण से जूझ रहे बच्चों सुप्रांशी और नैतिक का इलाज कर रहा था, लेकिन उसने दोनों को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं भेजा। दवाखाना सीज, दवाइयां जब्त, केस दर्ज संयुक्त टीम ने मौके पर ही फर्जी दवाखाना सील कर दिया। सभी दवाइयां जब्त कर लीं। बीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी प्रेमलाल अनुरागी पिता गया प्रसाद, निवासी जुगुलपुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मध्य प्रदेश रूजोपचार अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। कुपोषण का केंद्र बना मझगवां, पहले भी हो चुकी हैं मौतें सतना जिले का मझगवां क्षेत्र पहले से ही कुपोषण से प्रभावित माना जाता है। सितंबर 2022 में इसी गांव में सोमवती मवासी नाम की बच्ची की भी कुपोषण से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ। ………………………………….. यह खबर भी पढ़ें सतना में मझगवां में 11 माह की बच्ची की मौत सतना जिले के आदिवासी बहुल मझगवां क्षेत्र में 11 माह की एक बच्ची की मौत के बाद महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत का कारण कुपोषण बताया जा रहा था, लेकिन प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में श्वास नली में दूध फंसने को मौत की वजह बताया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

DAVV के 2025 बैच के प्लेसमेंट रिजल्ट घोषित:271 कंपनियां आई, 72 लाख रुपए सालाना का रहा सबसे ज्यादा पैकेज

DAVV के 2025 बैच के प्लेसमेंट रिजल्ट घोषित:271 कंपनियां आई, 72 लाख रुपए सालाना का रहा सबसे ज्यादा पैकेज

DAVV ने साल 2015 बैच के प्लेसमेंट रिजल्ट घोषित किए। कुलपति प्रोफेसर राकेश सिंघई ने बताया कि यूनिवर्सिटी के UTDS डिपार्टमेंट में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान प्लेसमेंट एक्टिवियां हुई, जिनमें देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस साल कुल 271 कंपनियों ने परिसर में भागीदारी की तथा स्टूडेंट्स को 1091 रोजगार प्रस्ताव मिले। औसत वार्षिक पैकेज 5.3 लाख रुपए रहा, जबकि अधिकतम पैकेज 72 लाख रुपए प्रति वर्ष दर्ज किया गया। प्लेसमेंट में लगभग 56% छात्र एवं 44% छात्राएं शामिल रहीं। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आईईटी ने सर्वाधिक 421 ऑफर मिले, वहीं औसत वेतन 7.74 लाख रुपए रहा। प्रबंधन संकाय में आईएमएस ने 312 ऑफर के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जहां औसत वेतन 6.84 लाख रुपए रहा। विभिन्न क्षेत्रों में कोर, सर्विस, एनालिटिक्स एवं कंसल्टिंग तथा प्रोडक्ट आधारित कंपनियों का संतुलित प्रतिनिधित्व देखने को मिला। प्रमुख कंपनियों जैसे Deutsche Bank, Mastercard, Barclays, ZS Associates, BNY Mellon एवं Nomura ने स्टूडेंट्स को आकर्षक पैकेज पर नियुक्तियां दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया गया कि Microsoft, Amazon, Google एवं X.com में चयनित स्टूडेंट्स ने ये उपलब्धियां ऑफ-कैंपस प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त की हैं। पिछले साल की तुलना में बढ़ी कंपनियां प्रो.सिंघई ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्लेसमेंट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनियों की संख्या 219 से बढ़कर 271 तथा ऑफर 1039 से बढ़कर 1091 हो गए हैं, जबकि औसत वेतन में भी वृद्धि हुई है। यूनिवर्सिटी ने प्लेसमेंट सुधार के लिए केंद्रीय डाटाबेस, कौशल विकास कार्यक्रम, कोडिंग प्रशिक्षण, अनिवार्य इंटर्नशिप तथा उद्योग-पूर्व छात्र सहयोग जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका सकारात्मक प्रभाव इन परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने केंद्र से मांगी मदद:सीएम बोले- वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं एक्सपोर्ट नहीं हो पाया, जूट इम्पोर्ट में भी दिक्कत

गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने केंद्र से मांगी मदद:सीएम बोले- वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं एक्सपोर्ट नहीं हो पाया, जूट इम्पोर्ट में भी दिक्कत

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं के निर्यात में आई कमी और जूट के आयात में आ रही बाधाओं के बावजूद राज्य सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में इस वर्ष ‘डबल’ हुई पैदावार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से गेहूं उपार्जन का निर्धारित कोटा बढ़ाने की अपील की है, ताकि बंपर उत्पादन का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाया जा सके। वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं एक्सपोर्ट नहीं हो पा रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक परिदृश्य काफी जटिल है, जिसके कारण भारत से गेहूं का निर्यात लगभग न के बराबर हो रहा है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालातों के चलते विदेशों से आने वाले जूट की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इन विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने किसानों का साथ नहीं छोड़ा है और वैकल्पिक तौर पर पॉली बैग्स (पीपी बैग) की व्यवस्था कर गेहूं की खरीदी सुचारू रूप से शुरू कर दी है। किसान संगठनों से चर्चा के बाद बनाई खरीद की रणनीति मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी को लेकर बताया कि किसान संगठनों के साथ विचार-विमर्श कर यह तय किया गया है कि उपार्जन केंद्रों पर सबसे पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाए। इसके बाद मध्यम श्रेणी के किसानों और फिर बड़े किसानों की फसल खरीदी जाएगी। सरकार ने इस साल गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिस पर ₹40 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देकर कुल ₹2625 की दर से भुगतान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने पिछले कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि जब एमएसपी ₹2250 थी, तब भी सरकार ने ₹150 का बोनस दिया था और पिछले साल ₹175 बोनस के साथ ₹2600 में खरीदी की गई थी। उन्होंने विपक्ष और किसानों को आश्वस्त किया कि संकल्प पत्र में किए गए ₹2700 प्रति क्विंटल के वादे को आगामी तीन वर्षों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाएगा। सीएम बोले- पिछले साल का गेहूं भंडारों में भरा मुख्यमंत्री ने इस बात को भी स्वीकार किया कि प्रदेश के गोदामों में पिछले साल का गेहूं अभी भी बड़ी मात्रा में रखा हुआ है, जो कि भंडारण की दृष्टि से एक चुनौती है। इसके बावजूद सरकार खरीदी काम को प्रभावित नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार भगवान की विशेष कृपा रही है और प्रदेश में गेहूं का उत्पादन पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का जो लक्ष्य (कोटा) मध्य प्रदेश को दिया गया है, वह इस भारी पैदावार के सामने कम पड़ सकता है। इसी कारण राज्य सरकार केंद्र से निरंतर संपर्क में है और उपार्जन का कोटा बढ़ाने का अनुरोध कर रही है ताकि प्रदेश के प्रत्येक पंजीकृत किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

सीएम हाउस के पास चौराहों पर धरना-प्रदर्शन पर रोक:भोपाल पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश, पॉलिटेक्निक समेत प्रमुख चौराहों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित

सीएम हाउस के पास चौराहों पर धरना-प्रदर्शन पर रोक:भोपाल पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश, पॉलिटेक्निक समेत प्रमुख चौराहों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित

भोपाल में अब शहर के सबसे व्यस्त चौराहों पर धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे। पुलिस आयुक्त द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा और किलोल पार्क चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है। ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं पर असर बना वजह आदेश में कहा गया है कि ये चौराहे शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित हैं और यहां से एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों के लिए आवागमन होता है। इन जगहों पर धरना-प्रदर्शन या आंदोलन होने से यातायात बाधित होता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। साथ ही एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नहीं मिलती अनुमति पुलिस के अनुसार, अक्सर इन स्थानों पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाती है, लेकिन यहां कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। 2 महीने तक लागू रहेगा आदेश पुलिस आयुक्त द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान इन स्थानों पर किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, हड़ताल या पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन पर होगी कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में कानून-व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

टशन में गोलियां चलाने वाला बदमाश पकड़ा:दुश्मन के घर पहुंचकर की थी फायरिंग, पुलिस ने किया सीन रीक्रिएशन

टशन में गोलियां चलाने वाला बदमाश पकड़ा:दुश्मन के घर पहुंचकर की थी फायरिंग, पुलिस ने किया सीन रीक्रिएशन

ग्वालियर में दुश्मनी के चलते घर पर पहुंचकर फायरिंग करने वाले एक बदमाश को पुलिस ने बुधवार शाम गिरफ्तार कर लिया। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने आरोपी को पुरानी छावनी क्षेत्र से दबोचा है। पकड़े गए आरोपी को घटना की पुनर्रचना (सीन रीक्रिएशन) के लिए मौके पर भी ले जाया गया। थाना प्रभारी आलोक परिहार के मुताबिक, 3 अप्रैल को आनंद नगर निवासी लालू यादव के घर पर अजीत गुर्जर, रवि गुर्जर और नारायण छावई ने पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में दहशत फैल गई थी और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर छिप गए थे। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को सूचना मिली कि आरोपी अजीत गुर्जर पुरानी छावनी इलाके में देखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी और फरियादी के बीच लंबे समय से रंगदारी को लेकर विवाद चल रहा था। पैदल ले जाकर कराया सीन रीक्रिएशन पुलिस आरोपी को पैदल ही घटना स्थल पर लेकर पहुंची। जिस स्थान पर कुछ दिन पहले उसने फायरिंग कर दहशत फैलाई थी, वहां वह सिर झुकाकर चलता नजर आया। पुलिस ने उसे पूरे घटनास्थल पर घुमाकर यह समझा कि आरोपी कहां से आया और किस रास्ते से फरार हुआ था। दो आरोपी अभी फरार पुलिस के अनुसार इस मामले में शामिल अन्य दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

इंदौर से हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत:अब शहर से 25 रूट्स पर उपलब्ध होंगी सीधी उड़ानें

इंदौर से हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत:अब शहर से 25 रूट्स पर उपलब्ध होंगी सीधी उड़ानें

इंदौर एयरपोर्ट से यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। एलायंस एयर द्वारा शुरू की जा रही दो नई फ्लाइट सेवाओं के बाद इंदौर से कुल 25 रूट्स पर सीधी उड़ानें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और सफर और सुविधाजनक हो जाएगा। दो नई फ्लाइट्स शुरू • इंदौर–जलगांव रूट पर 2 मई से सीधी फ्लाइट शुरू होगी। • दिल्ली के लिए एक अतिरिक्त फ्लाइट भी जोड़ी जा रही है। यह नई सेवा दिल्ली–इंदौर–जलगांव–इंदौर–दिल्ली रूट पर संचालित होगी, जिससे इंदौर और जलगांव के यात्रियों को दिल्ली के साथ बेहतर जुड़ाव मिलेगा। फ्लाइट शेड्यूल (एलायंस एयर) इंदौर → जलगांव प्रस्थान: रात 9:15 बजे आगमन: शाम 7:55 बजे (अगले दिन) जलगांव → इंदौर प्रस्थान: रात 8:00 बजे आगमन: रात 9:00 बजे दिल्ली → इंदौर प्रस्थान: शाम 4:50 बजे आगमन: शाम 6:50 बजे इंदौर → दिल्ली प्रस्थान: रात 9:25 बजे आगमन: रात 11:30 बजे एयरलाइन के अनुसार ये फ्लाइट्स सप्ताह में तीन दिन संचालित की जाएंगी। टिकट बुकिंग जल्द ही शुरू होने वाली है। वर्तमान स्थिति फिलहाल इंदौर एयरपोर्ट से 23 रूट्स पर सीधी फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। यहां रोजाना लगभग 83 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है और प्रतिदिन 10,500 से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। इंदौर से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट भी है, हालांकि फिलहाल वह अस्थायी रूप से बंद है। आगे की योजनाएं समर शेड्यूल में मुंबई के लिए एक नई फ्लाइट पहले ही जोड़ दी गई है। इसके अलावा अन्य एयरलाइंस भी जल्द ही नए रूट्स पर सेवाएं शुरू कर सकती हैं। इंदौर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल-1 का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी और CISF स्टाफ की कमी के कारण अभी वहां से फ्लाइट्स का संचालन शुरू नहीं हुआ है। उम्मीद है कि मई तक नया टर्मिनल पूरी तरह चालू हो जाएगा। यह नई फ्लाइट्स इंदौर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होंगी। अधिक जानकारी और टिकट बुकिंग के लिए एलायंस एयर की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करें।

वीआईटी भोपाल में टाइफाइड के 5 नए मामले:अब तक कुल मरीज 28; 20 छात्र बुखार के साथ अस्पताल पहुंचे

वीआईटी भोपाल में टाइफाइड के 5 नए मामले:अब तक कुल मरीज 28; 20 छात्र बुखार के साथ अस्पताल पहुंचे

वीआईटी यूनिवर्सिटी भोपाल में टाइफाइड के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। बुधवार को 5 और छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिससे कुल संक्रमित छात्रों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। इसी दिन 20 छात्र बुखार की शिकायत लेकर चिरायु मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सभी की ओपीडी में जांच की गई और आवश्यक दवाएं देकर वापस भेज दिया गया। पिछले 11 दिनों में करीब 270 छात्रों को बुखार की समस्या हुई, जिनका इलाज चिरायु मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में किया गया। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. अजय गोयनका के अनुसार, नए संक्रमित छात्रों का इलाज तय टाइफाइड प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। उधर, संस्थान प्रबंधन का कहना है कि पिछले 10 दिनों में 8 छात्रों को मौसमी बीमारियों के चलते भर्ती किया गया था, जिन्हें अब ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। साथ ही, गर्मी और मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं, ताकि छात्रों के स्वास्थ्य पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

हल्दी, मेंहदी, लगाकर आया दुल्हा निकला झूठा:जनसुनवाई में आई शिकायत निकली गलत, दूल्हे के घर सहित 13 घरों का अतिक्रमण टूटा, प्रशासन

हल्दी, मेंहदी, लगाकर आया दुल्हा निकला झूठा:जनसुनवाई में आई शिकायत निकली गलत, दूल्हे के घर सहित 13 घरों का अतिक्रमण टूटा, प्रशासन

जिला प्रशासन की जनसुनवाई में हलदी, मेहंदी और गले में माला पहने पहुंचे दूल्हे की शिकायत झूठी निकली। मंगलवार को जिस दुल्हें ने घर के सामने नाली की शिकायत की थी, प्रशासन जब वहां पहुंचा तो पता चला वह खुद नाले पर अतिक्रमण करना चाहता था। 25 को उसकी शादी है, जिन दंबगों के लिए उसने शिकायत की, वह भी उसके परिजन निकले। प्रशासन की टीम ने जांच के बाद बुधवार को उसके अतिक्रमण के अलावा नाले पर बने 12 से ज्यादा लोगों के अतिक्रमण हटाए। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर खुशी जताई, क्योंकि गांव में बारिश का पानी इन्हीं के कारण रूकता था। एसडीएम ने बताया कि दुल्हा खुद कुछ लोगों के कहने पर शादी और शिकायत के नाम पर नाले पर कब्जा करना चाहता था। कलेक्टर शिवम वर्मा को मंगलवार को एक दुल्हें ने शिकायत की थी। जांच के लिए एसडीएम प्रियंका चौरसिया को मौके पर टीम के साथ भेजा गया। मामला ग्राम अम्बामोलिया का था। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाकर रास्ते को सुगम बनाया।

हमीदिया अस्पताल में बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल:गार्ड्स पर कार्रवाई की तैयारी, अस्पताल के बरामदे में सो रहा था बुजुर्ग

हमीदिया अस्पताल में बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल:गार्ड्स पर कार्रवाई की तैयारी, अस्पताल के बरामदे में सो रहा था बुजुर्ग

हमीदिया अस्पताल में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के गार्ड बुजुर्ग को लाठी से पीटते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग अस्पताल के एच-2 ब्लॉक के बरामदे में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं और ठहरने की जगह नहीं मिली थी। सुबह जब गार्ड वहां पहुंचे तो उन्हें हटाने के दौरान विवाद हुआ और गार्ड्स ने लाठी से मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन गार्ड लगातार उन पर हमला करते रहे। उसी दिन आया मामला, जब रैन बसेरों की घोषणा यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी अस्पतालों में सस्ते रैन बसेरे बनाने की घोषणा की थी। अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने में होने वाली दिक्कतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ठहरने की कमी, बरामदों में रात गुजारने को मजबूर हमीदिया अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए पर्याप्त ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग बरामदों, सीढ़ियों या खुले स्थानों पर रात बिताने को मजबूर होते हैं। हालांकि अस्पताल परिसर में रैन बसेरा मौजूद है, लेकिन वहां गंदगी और बदबू के कारण लोग रुकना नहीं चाहते। अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन के अनुसार, बुजुर्ग नशे की हालत में थे और उन्होंने पहले एक गार्ड पर पत्थर फेंका था। इसके बाद यह घटना हुई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद दोनों गार्ड्स की ड्यूटी फिलहाल रोक दी गई है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, नहीं दे सके अफसर:भोपाल में हुई शिक्षा समिति की मीटिंग; कई मुद्दों पर नाराजगी जताई

जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, नहीं दे सके अफसर:भोपाल में हुई शिक्षा समिति की मीटिंग; कई मुद्दों पर नाराजगी जताई

भोपाल कलेक्टोरेट के मीटिंग हॉल में हुई शिक्षा समिति की बैठक में कई मुद्दों पर मंथन हुआ। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने जिले में जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, लेकिन जिम्मेदार अफसर लिस्ट नहीं दे सके। बैठक में जर्जर स्कूलों के साथ पानी की व्यवस्था, शौचालय, फंड आदि विषयों पर भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष जाट एवं समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों के विकास कार्य में कोई भी लापरवाही ना बरती जाए। जो कार्य बरसों से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। भ्रमण में स्कूलों के कार्यों में गुणवत्ता कम मिली समिति अध्यक्ष और सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान स्कूलों में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई। समिति अध्यक्ष जाट ने सहायक यंत्री नरेश भटकारिया को विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी एवं समय सीमा में न करने के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। मीटिंग में ही संबंधित इंजीनियर को हटाने पर सभी ने सहमति बनाई। वहीं, इंजीनियर भटकारिया जर्जर स्कूलों की लिस्ट भी नहीं दे सके। खितवास के हाईस्कूल को मुद्दा भी उठा अध्यक्ष जाट ने खितवास स्थित हाईस्कूल में जिम्मेदारों की लापरवाही और विकास कार्यों में रोड़ा बनने की बात कही। जाट ने नाराजगी भी जताई कि लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाना चाहिए। जाट ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मेंगराकलां के हाई स्कूल की जर्जर हालत देखकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था। इस बिल्डिंग की दीवारों से पानी रिसता है। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं समिति के सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि ऐसे लापरवाह ठेकेदार ने सरकार की राशि का दुरुपयोग किया है। निर्माण एजेंसी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया। वहीं, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की बात कही। बैठक में समिति सदस्य विनय मेहर, विक्रम भलेश्वर, सदस्य प्रतिनिधि सुरेश राजपूत, विनोद राजोरिया, मिश्रीलाल मालवीय भी मौजूद थे।