इंदौर में गार्डन के पास खेल रहे दो बच्चे लापता:परिजनों ने जताया महिला पर शक, पुलिस ढूंढने में लगी

इंदौर के लालाराम नगर गार्डन से गुरुवार रात दो बच्चे लापता हो गए। परिजनों ने एक महिला पर ले जाने को लेकर शंका जाहिर की है। इधर सूचना के बाद अफसर मौके पर पहुंचे हैं। बच्चों की तलाश की जा रही है। पलासिया पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक लापता बच्चे नैतिक ओर सम्राट हैं। दोनों इलाके में रहते हैं। बताया जाता है कि गुरुवार रात करीब 8 बजे दोनों यहां गार्डन के पास खेल रहे थे। इस दौरान वह लापता हो गए। आसपास के लोगों ने यह शंका फैलाई की कोई महिला उन्हें साथ लेकर गई है। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद टीआई सुरेन्द्र रघुवंशी और अन्य पुलिसकर्मी बच्चों की तलाश मे लगे हैं। नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं। जबकि सम्राट के पिता ढोलक बजाते हैं।
तड़का प्याज़ चटनी रेसिपी: गरमा गरम गरम मसाला ही किचन में नहीं बनता है मन? 10 मिनट में तैयार हो जाएं प्याज़ वाले की चटपटी दुकान

पेज की यह झटपट बनने वाली रेसिपी है, क्योंकि इसमें बहुत कम सामग्री तैयार होती है। दाल-चावल, रोटी या पराठे के साथ इफेक्ट मैच खा सकते हैं। साथ ही, गर्मियों में शानदार और स्वादिष्ट है। छवि: फ्रीपिक आवश्यक सामग्री: 2 प्याज, 2-3 हरी मिर्च, 4-5 लहसुन की कलियां, 1 छोटा चम्मच दालचीनी का दाना, 5-6 कैरी पत्ते, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच लहसुन का रस, नमक का स्वाद और 1 बड़ा चम्मच तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले प्याज को इलेक्ट्रिक कैट लें। साथ में हरी मिर्च और लहसुन भी काटें। एक पैन में तेल गरम करें। इसमें असामयिक के दानें शामिल हैं। छवि: फ्रीपिक जब ये चटकने लगें तो करी पत्ते और लहसुन के टुकड़े टुकड़े भून लें। अब इसमें कटे हुए प्याज और हरी मिर्च डालें। 2-3 मिनट तक प्रभाव सा पोर्टफोलियो। ध्यान रहे कि आपको प्याज ज्यादा पकाना नहीं है। छवि: फ्रीपिक अब इसमें नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें और अच्छे से लगाएं। गैस बंद करें और फाइनल में नेमुलेशन का रस स्टोमिनल अच्छी तरह से मिला लें। छवि: फ्रीपिक रेडीमेड मैकेनिज्म को आप रोटी, पराठा, दाल-चावल या यहां तक कि उसकी कीमत के साथ भी खा सकते हैं। इसका तीखा और चटपटा स्वाद हर किसी को पसंद आएगा। छवि: एआई अगर आपको ज्यादा तीखा पसंद है तो हरी मिर्च बढ़ा सकते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा जीरा पाउडर भी डाल सकते हैं। इसे 1-2 दिन तक स्टोर किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक गर्मी में जब कुछ जल्दी और स्वादिष्ट बनाएं प्याज, तो ये तड़का नुस्खा आपका काम जरूर आएगा। छवि: फ्रीपिक
तमिल: बंपर वोट से बोला गया पैराग्राफ, विजय की पार्टी ने कड़ा सवाल, किसकी कर दी याचिका?

तमिलनाडु में गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को हाई-वोल्टेज बेंचमार्क मुकाबला देखने को मिला। सभी 234 विधानसभाओं पर खंडित हो गए। इस दौरान 84 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई. यह हाल के पूर्वी भाग में राज्य के सबसे ज्यादा देखे गए चुनावों में से एक में लोगों की मजबूत भागीदारी को शामिल किया गया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बर्फबारी का आकलन टोक्यो की लंबी कतारों में किया गया है। इस कॉम्प्लेक्स में एक नया आयाम विजय की टीवीके ने जोड़ा है, जिसने सभी 234 खण्डों पर चुनाव लड़ा है। इसका लक्ष्य अपनी प्रमुखता, विशेष रूप से युवाओं के बीच, को लाभ में लाना है। इसके साथ ही, सेंथमिज़न सीमान की एनटीके ने भी एक बार फिर से सभी क्षेत्रों में अपनी दावेदारी पेश की है। यह पार्टी तमिल नेशनल, पर्यावरण के अध्ययन और एक ऐसे वैकल्पिक राजनीतिक विमर्श पर जोर दे रही है जो युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले एक बड़े वर्ग को आकर्षित करती है। टीवीके ने राज्य चुनाव अधिकारी की याचिका दायर की टीवी के इलेक्शन प्रमोशन मैनेजमेंट के प्रमुख अधव अर्जुन ने राज्य के मुख्य अधिकारी (सीईओ) को दो अलग-अलग बैंकॉक दिए हैं। इन पार्टियों में उन्होंने मतदान प्रक्रिया से जुड़े संबद्ध और प्रमाणित इंजीनियरों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पहली शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूरे तमिलनाडु में बस टर्मिनलों पर रेलवे को सुविधा परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जो अपने मूल स्थान पर मतदान करना चाहते थे। याचिका में कहा गया है कि इस व्यवस्था की कमी के कारण कई लोग मतदान केंद्र तक पहुंच गए। इसमें कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिन पर आपत्तिजनक आरोप लगाए गए हैं। टीवीके ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस व्यवस्था पर सवाल दूसरी याचिका में पुलिस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ पुलिस अधिकारी अवैध मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं और इन पर सामान बेचने के आरोप भी लगाए गए हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे कदमों से पूछताछ में सहायक पैदा हो सकते हैं और प्रक्रिया की तैयारी पर प्रश्न उठ सकते हैं। इसके अलावा, टीवीके ने यह भी मांग की है कि किसी भी तकनीकी गतिविधि, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में आने वाली समस्याओं को तुरंत ठीक किया जाए या बिना देरी के बदलाव के लिए आवश्यक भुगतान किया जाए। पार्टी का कहना है कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या बाधा उत्पन्न होने से लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। आधव अर्जुन ने इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग से अपील की है कि वह इन फ्रेंचाइजी को बिना किसी परेशानी के अपने फ्रैंचाइज़ी का उपयोग करने का पूरा मौका मिल सके। टीवीके ने यह भी कहा कि सिविल और रेज़ल्ट चुनाव लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। रिकॉर्ड खंड खंड से बढ़ा हुआ बुनियादी पारा इस चुनाव में पारंपरिक द्रविड़ दो-दलीय विक्ट्री से एक महत्वपूर्ण बदलाव को शामिल किया गया, जिसमें ड्यूक्स के नेतृत्व वाले सेक सैमसंग प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए), एआईएके के नेतृत्व वाले नाटक, अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीजे) और सीमान के नाम तमिलर काची (एनटीके) को शामिल किया गया, जिसमें एक बहु-कोणीय कंपनी की जगह ले ली गई। सुबह मतदान तेजी से शुरू हुआ. दोपहर 3 बजे तक, वोटिंग प्रतिशत लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो कि टोकियो की जबरदस्त प्रतिक्रिया है। यह हाल के चुनाव में सबसे अधिक मतदान से एक साबित हुआ। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली वास्तुशास्त्री, अपनी-अपनी छात्र-छात्राओं की योग्यता और सुशासन के प्रबंधतंत्र की मान्यता दूसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है। के. स्वामी स्वामी के नेतृत्व वाली आईए आईएमके, आंतरिक गुटबाजी की झलक के बावजूद सत्य में वापसी की कोशिश कर रही है। ऐसे में इस चुनाव में उनकी राजनीतिक असमानता की एक अहम परीक्षा बन गई है। ये भी पढ़ें: आजाद भारत में पहली बार बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोट, जानें क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार Input By : आईएएनएस (टैग्सटूट्रांसलेट)टीवीके(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)थलपति विजय(टी)2021 तमिलनाडु चुनाव वोट प्रतिशत(टी)2021 तमिलनाडु चुनाव वोट प्रतिशत(टी)मतदाता मतदान तमिलनाडु(टी)चुनाव मतदान प्रतिशत(टी)तमिलनाडु चुनाव मतदान प्रतिशत(टी)मतदान रुझान(टी)तमिलनाडु मतदान प्रतिशत(टी)टीएन मतदान प्रतिशत(टी)तमिलनाडु वोट प्रतिशत 2021(टी)2021 तमिलनाडु चुनाव वोट प्रतिशत(टी)तमिलनाडु में कुल मतदाता 2026(टी)2021 तमिलनाडु में वोट प्रतिशत(टी)तमिलनाडु चुनाव आयोग(टी)तमिलनाडु चुनाव प्रतिशत 2026(टी)टीवीके(टी)अभिनेता विजय(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु मांग(टी)एमके स्टिल(टी) पीएम मोदी(टी)बीजेपी
summer anxiety relief tips: गर्मी में दिमाग को शांत रखने का आसान तरीका, जानें क्या है साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड?

Last Updated:April 23, 2026, 23:21 IST What Is Psychological First Aid: गर्मियों में बढ़ती गर्मी, नींद की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण कई लोग तनाव, चिड़चिड़ापन और चिंता का सामना करते हैं. ऐसे समय में PFA उनकी मानसिक स्थिति को संभालने में मदद करता है. इसमें व्यक्ति की बात ध्यान से सुनना, उसे भावनात्मक समर्थन देना, उसकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना और जरूरत पड़ने पर सही मदद से जोड़ना शामिल है. ख़बरें फटाफट गर्मी के मौसम में सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. तेज गर्मी, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और रोजमर्रा की परेशानियों की वजह से कई लोगों में तनाव, चिंता, घबराहट और उदासी बढ़ जाती है. ऐसे समय में साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड (PFA) बहुत मददगार साबित हो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह एक ऐसी शुरुआती मानसिक सहायता है जो संकट या तनाव में फंसे लोगों को तुरंत भावनात्मक सहारा देती है. यह कोई इलाज, दवा या थेरेपी नहीं है, बल्कि एक सरल और मानवीय तरीका है जिससे व्यक्ति को सुरक्षित, शांत और सहारा महसूस कराया जाता है. गर्मी में दिमाग को रखता है शांतगर्मियों में कई लोग चिड़चिड़े हो जाते हैं, उन्हें नींद नहीं आती, काम में मन नहीं लगता और कभी-कभी परिवार में तनाव भी बढ़ जाता है. इन स्थितियों में PFA तुरंत राहत देने में मदद करता है और धीरे-धीरे मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक होता है. PFA की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि जब कोई व्यक्ति मानसिक तनाव में होता है, तो उसे सबसे पहले सुरक्षा, अपनापन और उम्मीद की जरूरत होती है. यह तरीका इन्हीं भावनाओं को मजबूत करता है और व्यक्ति को शांत होने में मदद करता है. इन बातों का रखें ध्यानइस सहायता को कोई भी व्यक्ति दे सकता है, इसके लिए किसी बड़ी ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती. बस कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे पहले व्यक्ति की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखें, जैसे पानी, छाया और आराम. इसके बाद उसकी बात बिना टोके और बिना जज किए ध्यान से सुनें. उसकी भावनाओं को सम्मान के साथ स्वीकार करें और उसे यह महसूस कराएं कि वह अकेला नहीं है. जरूरत पड़ने पर उसे सही मदद या विशेषज्ञ से जोड़ें. सबसे जरूरी बात यह है कि खुद शांत रहें, ताकि सामने वाला व्यक्ति भी खुद को सुरक्षित और स्थिर महसूस कर सके. PFA एक आसान और मानवीय तरीका है, जिसे परिवार, दोस्त, शिक्षक या कोई भी सामान्य व्यक्ति अपनाकर दूसरों की मदद कर सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 23, 2026, 23:21 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल चुनाव के बीच बाबरी मस्जिद का ऐलान करने वाले हुमायूं कबीर को लगा बड़ा झटका

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित अभिषेक बनर्जी ने बाबरी मस्जिद के समर्थकों को थामा ध्वज दिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को विधानसभा चुनाव का पहला चरण ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत के साथ पूरा हो गया है। चुनाव के पहले चरण में राज्य के 16 सीटों पर 91.78 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे आजादी से लेकर अब तक का ऐतिहासिक चुनाव कहा है. राज्य की जनता आज के चुनाव से बेहद खुश है, लेकिन बंगाल चुनाव के बीच आंध्र प्रदेश कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व नेता और आम जनता पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर को बड़ा झटका लगा है। असल, मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा करते हुए चर्चा में आए हुमायूं कबीर की आम जनता पार्टी (एजेयूपी) के एक दावेदार अजाज अहमद वकील ने चुनाव के बीच सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) का हाथ थाम लिया है। अजाज अहमद अख्तर बंगाल के मेतियाबुरुज सीट से एजेयूपी के उम्मीदवार बने हुए थे, लेकिन राज्य में पहले चरण के चुनाव के दौरान अजाज अहमद अख्तर गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को टीएमसी नेता अभिषेक बेब्रिज की उपस्थिति में शामिल हो गए। बेडरूम ने एक्स पर शेयर किया वीडियो कैथोलिक कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से अजाज अहमद के वकील से पार्टी में शामिल होने के वीडियो साझा किए हैं। वीडियो में नॉमिनेशन के उम्मीदवार और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अजाज अहमद को नॉमिनेशन पार्टी का झंडा थमाते हुए नजर आ रहे हैं। इसके अलावा, अजाज़ अहमद के अनुरोध पर पार्टी में शामिल होने के बाद अभिषेक बनर्जी उन्हें मंच पर गले से मिलाते हुए भी दिखाई दिए। आज श्री की उपस्थिति में @अभिषेकआईटीसीमेटियाबुरुज़ से एजेयूपी उम्मीदवार अजाज अहमद अंसारी तृणमूल कांग्रेस परिवार में शामिल हो गए। हम उनका हार्दिक स्वागत करते हैं और विभाजन के बजाय विकास को चुनने के उनके निर्णय की सराहना करते हैं। हम इसमें उनके योगदान की आशा करते हैं… pic.twitter.com/vEKQgOz99L – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 23 अप्रैल 2026 इसके अलावा, अखिल भारतीय कैथोलिक कांग्रेस (एआईटीसी) ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘आज अभिषेक फैजाबाद की मेटियाबुरुज विधानसभा सीट से एजेयूपी के उम्मीदवार ने शामिल होकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हम उनका हार्दिक स्वागत करते हैं और डिविजन की राजनीति के बजाय विकास को बढ़ावा देने वाले उनके निर्णायकों के पद पर आसीन होते हैं। हमें विश्वास है कि वे बंगाल के लोगों की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।’ यह भी पढ़ें: आजाद भारत में पहली बार बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोट, जानें क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)हुमायूं कबीर(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)हुमायूं कबीर(टी)अभिषेक कबीर(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल
पन्ना में वनकर्मियों से ट्रैक्टर की चाबी छीनी:अवैध पत्थर से भरे ट्रैक्टर को छुड़ाया; कांग्रेस नेता पर आरोपियों को भगाने का आरोप

पन्ना जिले के धरमपुर रेंज में वन विभाग की टीम पर हमला कर पत्थर माफियाओं द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली लूट लिया। इस मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भरत मिलन पाण्डेय पर आरोपियों को संरक्षण देने और वनकर्मियों को सरेआम धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। वनपाल के साथ झूमाझटकी कर छीनी चाबी गुरुवार सुबह धरमपुर रेंज की टीम ने पिस्टा बीट में अवैध पत्थर ले जा रहे एक ट्रैक्टर को घेराबंदी कर पकड़ा था। कार्रवाई के दौरान आरोपी लखन लाल पाण्डेय और उनके बेटे सोलू पाण्डेय ने वनपाल महीप कुमार रावत की वर्दी पकड़कर झूमाझटकी की। आरोपियों ने वनपाल की जेब से जबरन मोबाइल और ट्रैक्टर की चाबी छीन ली और जान से मारने की धमकी दी। कांग्रेस नेता पर आरोपियों को भगाने का आरोप वनपाल महीप कुमार रावत ने बताया कि घटना के दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भरत मिलन पाण्डेय अपनी गाड़ी से मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वन अमले को धमकाते हुए कहा कि वे बीट गार्ड और डिप्टी को बाद में देख लेंगे। नेता के कथित हस्तक्षेप के बाद आरोपी पत्थरों से भरा ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार होने में सफल रहे। देर रात अजयगढ़ थाने में शिकायत वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 44421/25 दर्ज कर लिया है। देर रात शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट और लूटपाट की लिखित शिकायत अजयगढ़ थाना पुलिस को सौंपी गई है। फिलहाल इस मामले में थाना प्रभारी से संपर्क नहीं हो सका है, लेकिन वन अमले ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
डबरा नगर पालिका: संपत्तिकर रसीदें डिलीट करने वाला कर्मचारी बर्खास्त:नगरीय प्रशासन आयुक्त ने FIR के निर्देश दिए; पार्षदों की शिकायत पर हुआ खुलासा

डबरा नगर पालिका में संपत्ति कर की रसीदों को ऑनलाइन पोर्टल से डिलीट कर राशि गबन करने के मामले में शासन ने सख्त कदम उठाया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने संविदा कर्मचारी राघवेंद्र शर्मा को सेवा से बर्खास्त कर उसपर एफआईआर दर्ज कराने के लिखित आदेश जारी किए गए हैं। पार्षदों की शिकायत पर खुला था करोड़ों का मामला यह वित्तीय अनियमितता उस समय सामने आई जब पिछली परिषद बैठक में पार्षद धर्मेंद्र सिंह (हैप्पी) और हीरा सरदार ने मुद्दा उठाया था। आरोप लगाया गया था कि राघवेंद्र शर्मा ने निवासियों द्वारा जमा किए गए टैक्स की रसीदों को सिस्टम से मिटा दिया और वह राशि राजसात करने के बजाय खुद रख ली। इस घोटाले में करोड़ों रुपये के हेरफेर की आशंका जताई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त ने की कार्रवाई शिकायत के बाद गठित जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में राघवेंद्र शर्मा को दोषी पाया। रिपोर्ट के आधार पर नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने बर्खास्तगी के आदेश दिए। भोपाल से निर्देश मिलने के बाद डबरा नगर पालिका सीएमओ साक्षी वाजपेई ने राजस्व प्रभारी रामवीर सिंह को एफआईआर दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया है। अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की संभावना राजस्व प्रभारी अब बर्खास्त कर्मचारी के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराएंगे। जांच के दायरे में आने वाले अन्य संदिग्ध कर्मचारियों के नाम भी जल्द सामने आने की संभावना है।
ब्लॉकबस्टर तमिलनाडु मतदान विजय के लिए ‘जीत’? यहां बताया गया है कि 84.69% वोटिंग 4 मई के लिए क्या संकेत देती है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 22:23 IST कई विश्लेषकों द्वारा मतदाता भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि का श्रेय मुख्य रूप से ‘विजय फैक्टर’ को दिया गया है। विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों से चुनाव लड़कर सत्तारूढ़ द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों को टक्कर दी है। (फ़ाइल तस्वीर/पीटीआई) 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों ने भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नया अध्याय दर्ज किया है, जिसमें राज्य ने 84.69% मतदान दर्ज किया है – जो आजादी के बाद से सबसे अधिक है। गुरुवार को, लाखों मतदाताओं ने गर्मी का सामना करते हुए अपने वोट डाले, जिससे 2011 में बनाए गए 78.29% के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। जबकि पारंपरिक द्रविड़ दिग्गज, द्रमुक और अन्नाद्रमुक, प्राथमिक लड़ाके बने हुए हैं, भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि को कई विश्लेषकों ने बड़े पैमाने पर एक तीसरे, उच्च-ऑक्टेन बल: “विजय फैक्टर” के लिए जिम्मेदार ठहराया है। क्या ‘थलपति’ विजय ने रिकॉर्ड-तोड़ मतदान कराया? सुपरस्टार सी जोसेफ विजय, जिन्हें “थलापति” के नाम से जाना जाता है, का अपनी पार्टी तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के साथ राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश, मतदाताओं के एक विशाल, पहले से निष्क्रिय वर्ग को एकजुट करता हुआ प्रतीत होता है। इस चुनाव के लिए 14.5 लाख से अधिक पहली बार पंजीकृत मतदाताओं के साथ, राज्य भर के मतदान केंद्रों पर “विजय प्रभाव” स्पष्ट था। “सीटी” चिन्ह के तहत दो सीटों- पेरम्बूर और त्रिची पूर्व से चुनाव लड़ने के उनके फैसले ने एक द्विआधारी प्रतियोगिता को एक अस्थिर त्रिकोणीय लड़ाई में बदल दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का सुझाव है कि विजय का एकल अभियान, जो युवा कल्याण, नशीली दवाओं के उन्मूलन और महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता पर केंद्रित था, ने जेन जेड और मिलेनियल्स की आकांक्षाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया। सभी गठबंधनों से इनकार करके और खुद को स्थापित “बुरी ताकतों” के खिलाफ एकमात्र “शुद्ध ताकत” के रूप में स्थापित करके, विजय ने प्रभावी ढंग से अपने सिनेमाई प्रशंसकों को एक शक्तिशाली राजनीतिक मशीन में बदल दिया, जिससे राज्य में युवाओं की भागीदारी पहले कभी नहीं देखी गई। पहली बार मतदान करने वाले जनसांख्यिकीय ने तराजू कैसे बदल दिया? तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में पहली बार, महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ दिया, पुरुषों के लिए 83.57% की तुलना में 85.76% की अस्थायी महिला मतदान हुई। इस उछाल ने, लगभग 1.5 मिलियन पहली बार मतदाताओं की ऊर्जा के साथ मिलकर, मतदान केंद्रों पर “अड़चन” प्रभाव पैदा किया, कई यात्रियों को यात्रा में महत्वपूर्ण देरी का सामना करना पड़ा क्योंकि वे मतदान करने के लिए अपने गृह जिलों में पहुंचे। चुनाव आयोग ने कहा कि तीसरे लिंग समुदाय की भागीदारी भी उल्लेखनीय थी, जो 60% से अधिक थी। पारंपरिक गढ़ों और ग्रामीण इलाकों में उच्च मतदान – सेलम और धर्मपुरी में 88% का आंकड़ा छूना – यह दर्शाता है कि “विजय कारक” सिर्फ एक शहरी घटना नहीं थी। उनके मंच का मासिक स्नातक सहायता और महिला कल्याण का वादा सामाजिक-आर्थिक स्पेक्ट्रम में गूंजता हुआ प्रतीत होता है, जिससे युवा वोट 2026 का सबसे अधिक मांग वाला पुरस्कार बन गया है। मतदान के दिन मुख्य टकराव बिंदु क्या थे? उत्सव के माहौल के बावजूद, प्रतियोगिता की उच्च-दांव वाली प्रकृति के कारण कई हाई-प्रोफ़ाइल तकरार हुई। चेन्नई के हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में डीएमके के मंत्री पीके शेखरबाबू और टीवीके उम्मीदवार अशोक के बीच तीखी झड़प हो गई और दोनों ओर से बूथ धांधली के आरोप लगाए गए। सत्तारूढ़ दल और “नए विघटनकर्ता” के बीच इस सीधे टकराव ने यथास्थिति के लिए एक वास्तविक खतरे के रूप में टीवीके के उद्भव को रेखांकित किया। इसके अलावा, दुखद 2025 करूर भगदड़ की छाया, जिसके कारण पहले विजय के अभियान की सीबीआई जांच हुई थी, ने उनके समर्थकों के उत्साह को कम करने के लिए कुछ नहीं किया। इसके बजाय, इस घटना को टीवीके कैडरों द्वारा “प्रतिष्ठान” द्वारा एक उठती आवाज को दबाने के प्रयास के रूप में पेश किया गया, जिससे अभियान के अंतिम घंटों में उनका आधार और मजबूत हो गया। क्या रिकॉर्ड मतदान द्रविड़ एकाधिकार को तोड़ सकता है? चूंकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) 4 मई को मतगणना के दिन तक सील रहेंगी, सवाल यह है कि क्या उच्च भागीदारी परिवर्तन के लिए जनादेश या सत्ताधारी के एकीकरण का संकेत देती है। जबकि भाजपा ने इस उछाल के लिए अपने स्वयं के बढ़ते “वैचारिक प्रभाव” को जिम्मेदार ठहराया है, जमीनी हकीकत बताती है कि युवा और महिला मतदाता इस लोकतांत्रिक लहर के प्राथमिक चालक हो सकते हैं। यदि विजय का टीवीके अपने उच्च-डेसीबल अभियान को 15% से 20% के वोट शेयर में सफलतापूर्वक परिवर्तित कर देता है, जैसा कि कुछ शुरुआती अनुमानों से पता चलता है, तो 2026 के चुनावों को न केवल रिकॉर्ड संख्या के लिए याद किया जाएगा, बल्कि उस क्षण के रूप में भी याद किया जाएगा जब दो-पक्षीय द्रविड़ प्रभुत्व को अंततः चुनौती दी गई थी। अभी के लिए, “थलापति” प्रशंसकों ने उपस्थिति दर्ज कराई है; क्या उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल की, यह तमिल सिनेमा और राजनीति में सबसे बड़ा संकट बना हुआ है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 22:23 IST समाचार चुनाव ब्लॉकबस्टर तमिलनाडु मतदान विजय के लिए ‘जीत’? यहां बताया गया है कि 84.69% वोटिंग 4 मई के लिए क्या संकेत देती है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव(टी)एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)बीजेपी(टी)डीएमके(टी)एमके स्टालिन(टी)विजय(टी)टीवीके(टी)विधानसभा चुनाव(टी)मतदान
इंदौर में खड़ी कार में आग: बोनट से उठीं लपटें:लोगों ने समय रहते काबू पाया, टायर और पूजन सामग्री दुकान में भी आगजनी की घटना

इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक गार्डन के पास खड़ी कार में गुरुवार रात अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि कार के बोनट से पहले धुआं निकला और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने ही आग पर काबू पा लिया। घटना स्कीम नंबर 78 की है, जहां MP09WH3402 नंबर की कार में आग लगी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार को कुछ देर पहले ही यहां खड़ा किया गया था। इसके बाद अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और आग भड़क गई। लोगों की सतर्कता से आग को समय रहते बुझा लिया गया। वहीं एरोड्रम क्षेत्र के 60 फीट रोड पर एक पुराने टायर की दुकान में भी आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पोल से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की। आग लगने से आसपास की इमारतों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आधा टैंकर पानी डालकर आग पर काबू पाया। शहर के अलग-अलग स्थानों में आगजनी की घटना वहीं फायर ब्रिगेड के अनुसार बुधवार रात स्कीम नंबर 78 में एक पूजन सामग्री की दुकान में आग लग गई। यह दुकान ‘साईंनाथ पूजन सामग्री’ के नाम से संचालित होती है, जो शिवानी पाठक की बताई जा रही है। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। वहीं नेहरू नगर स्थित अमृत धाम गेट के पास कचरे में आग लग गई, जिससे उठे धुएं के कारण पहली मंजिल पर सो रही एक महिला और उसके बच्चे का दम घुटने लगा। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। दमकल कर्मियों ने आग बुझा दी। इसके अलावा बाणगंगा क्षेत्र की वृंदावन कॉलोनी में रंजन शर्मा की बैटरी की दुकान में भी आग लगने की घटना सामने आई। दमकल ने तीन टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि सभी घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
ISBT पर बसों की जांच:फायर सेफ्टी और फर्स्ट एड में खामियां मिलीं, ऑल इंडिया परमिट लेकर स्टेज कैरेज चलाने वालों पर कार्रवाई

परिवहन आयुक्त के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भोपाल ने गुरुवार को ISBT बस स्टैंड पर यात्री बसों की सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई करते हुए न केवल फिटनेस निरस्त की गई, बल्कि भारी-भरकम समन शुल्क भी वसूला गया। आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने बताया चेकिंग के दौरान बस क्रमांक MP 04 PA 3889 में फायर फाइटिंग उपकरण चालू हालत में नहीं पाए गए और फर्स्ट एड बॉक्स भी अनुपस्थित मिला। वहीं बस क्रमांक MP 04 PA 3934 में फायर एक्सटिंग्विशर ही नहीं था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए दोनों बसों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई। नियमों का उल्लंघन, 99 हजार का जुर्माना कार्रवाई के दौरान बस क्रमांक BR 01 PS 0919 और AR 06 B 0444 को ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट होने के बावजूद स्टेज कैरेज के रूप में संचालित करते पाया गया। यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पर परिवहन विभाग ने दोनों बसों से कुल 99 हजार रुपए समन शुल्क के रूप में वसूल किए। इसके अलावा, एक दिन पहले जप्त की गई बस क्रमांक AR 11 C 2999 से भी 49 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया। इस तरह कुल वसूली 1.48 लाख रुपए तक पहुंच गई। राहवीर योजना का प्रचार, सुरक्षा पर सख्त निर्देश अभियान के दौरान बसों में राहवीर योजना के पेम्फलेट भी चिपकाए गए और चालकों-परिचालकों को योजना के बारे में जागरूक किया गया। बस चालकों को अग्नि सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि यात्री सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी इस तरह के सघन जांच अभियान जारी रहने की संभावना है।







