2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board

Hindi News Sports 2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board स्पोर्ट्स डेस्क58 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछला एशियन गेम्स 2022 में चीन में हुआ था। 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। गुरुवार को चीन के सान्या में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक हुई। इसमें भारत के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बोर्ड ने फैसला लिया है कि भारत की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जल्द ही एक इवैल्यूएशन टीम देश का दौरा करेगी। 2038 के स्लॉट के लिए भारत के अलावा साउथ कोरिया और मंगोलिया ने भी अपनी रुचि दिखाई है। पहला एशियन गेम्स 1951 में भारत में हुआ था। अहमदाबाद बनेगा खेलों का हब 2036 ओलिंपिक और 2030 CWG की तरह 2038 एशियन गेम्स का केंद्र भी अहमदाबाद ही रहेगा। गुजरात सरकार ने इसके लिए बड़े स्तर पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शुरू कर दिया है। सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव: नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास 355 एकड़ में फैला यह इलाका मुख्य केंद्र होगा। यहां एक्वेटिक्स, टेनिस सेंटर और इंडोर एरेना बनाए जा रहे हैं। कराई स्पोर्ट्स हब: गांधीनगर में 143 एकड़ में एथलेटिक्स स्टेडियम, शूटिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य वेन्यू तैयार किए जा रहे हैं। 56 साल बाद भारत में वापसी की कोशिश भारत ने 1951 में पहले एशियन गेम्स की मेजबानी की थी। इसके बाद आखिरी बार 1982 में ये खेल भारत में हुए थे। दोनों ही बार मेजबानी दिल्ली ने की थी। अगर भारत 2038 की बिड जीतता है, तो यह 56 साल बाद देश में एशियन गेम्स की वापसी होगी। कम लागत में होगा बड़ा आयोजन IOA के अधिकारियों का मानना है कि 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी भारत के लिए ‘लॉजिकल स्टेप’ है। 2030 CWG और 2036 ओलिंपिक के लिए अहमदाबाद में इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही तैयार होगा, ऐसे में एशियन गेम्स के आयोजन की लागत काफी कम हो जाएगी। यदि भारत को 2036 ओलिंपिक की मेजबानी मिलती है, तो एशियन गेम्स के लिए वही वेन्यू इस्तेमाल हो सकेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board

Hindi News Sports 2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछला एशियन गेम्स 2022 में चीन में हुआ था। 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। गुरुवार को चीन के सान्या में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक हुई। इसमें भारत के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बोर्ड ने फैसला लिया है कि भारत की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जल्द ही एक इवैल्यूएशन टीम देश का दौरा करेगी। 2038 के स्लॉट के लिए भारत के अलावा साउथ कोरिया और मंगोलिया ने भी अपनी रुचि दिखाई है। पहला एशियन गेम्स 1951 में भारत में हुआ था। अहमदाबाद बनेगा खेलों का हब 2036 ओलिंपिक और 2030 CWG की तरह 2038 एशियन गेम्स का केंद्र भी अहमदाबाद ही रहेगा। गुजरात सरकार ने इसके लिए बड़े स्तर पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शुरू कर दिया है। सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव: नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास 355 एकड़ में फैला यह इलाका मुख्य केंद्र होगा। यहां एक्वेटिक्स, टेनिस सेंटर और इंडोर एरेना बनाए जा रहे हैं। कराई स्पोर्ट्स हब: गांधीनगर में 143 एकड़ में एथलेटिक्स स्टेडियम, शूटिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य वेन्यू तैयार किए जा रहे हैं। 56 साल बाद भारत में वापसी की कोशिश भारत ने 1951 में पहले एशियन गेम्स की मेजबानी की थी। इसके बाद आखिरी बार 1982 में ये खेल भारत में हुए थे। दोनों ही बार मेजबानी दिल्ली ने की थी। अगर भारत 2038 की बिड जीतता है, तो यह 56 साल बाद देश में एशियन गेम्स की वापसी होगी। कम लागत में होगा बड़ा आयोजन IOA के अधिकारियों का मानना है कि 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी भारत के लिए ‘लॉजिकल स्टेप’ है। 2030 CWG और 2036 ओलिंपिक के लिए अहमदाबाद में इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही तैयार होगा, ऐसे में एशियन गेम्स के आयोजन की लागत काफी कम हो जाएगी। यदि भारत को 2036 ओलिंपिक की मेजबानी मिलती है, तो एशियन गेम्स के लिए वही वेन्यू इस्तेमाल हो सकेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘अगली बार दिल्ली जीतेंगे’: ममता बनर्जी ने बीजेपी को दी चुनौती, अमित शाह ने हंसकर उड़ाया | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 13:52 IST पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद ममता बनर्जी ने दिल्ली को “जीतने” का दावा करते हुए भाजपा की आलोचना की। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला किया और राज्य विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद दिल्ली को “जीतने” का दावा किया। उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बनर्जी का मजाक उड़ाते हुए कहा कि बंगाल में उनके लिए कुछ भी नहीं बचा है। गुरुवार को चौरंगी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि वह भाजपा का विनाश चाहती हैं और बंगाल जीतने के बाद वह भगवा पार्टी को सत्ता से हटाने के लिए दिल्ली पर कब्जा करेंगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने भाजपा के लिए दलाल के रूप में काम करने वाले सभी लोगों के नाम ए से जेड तक नोट कर लिए हैं, जिसमें उनके प्रत्येक घर का स्थान भी शामिल है। तो, आपको लगता है कि आप हम पर नजर रख सकते हैं? आपने जिस भी व्यक्ति को शामिल किया है, आप उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच करने के बाद ही उन्हें भाजपा में लाए हैं, और आपने उसी मानदंड के आधार पर अधिकारियों को नियुक्त किया है।” बनर्जी ने कहा, “यह याद रखें, आप (भाजपा) में हमें हराने की क्षमता नहीं है। हम अन्याय के खिलाफ लड़ते हैं; हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं। मैं बंगाल में पैदा हुई थी और मैं इसी बंगाल में अपनी आखिरी सांस लूंगी।” मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे सत्ता की कुर्सी का लालच नहीं है; मेरी इच्छा दिल्ली में भाजपा को पूरी तरह से खत्म करने की है। जबकि बंगाल में उनका विनाश अपरिहार्य है, भाजपा को दिल्ली से भी बाहर करना होगा – इस तथ्य को अपने दिमाग में दृढ़ता से बैठा लें।” चौरंगी सीट, कोलकाता के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के साथ, 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान के लिए तैयार है। शुक्रवार को कोलकाता में चुनाव प्रचार कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह ने बनर्जी की टिप्पणी पर हंसते हुए कहा, “यहां कुछ भी नहीं बचा है। वह दिल्ली कैसे आएंगी?” पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान गुरुवार को रिकॉर्ड 91.83 प्रतिशत मतदान के साथ हुआ। वोटों की गिनती 4 मई को होगी. (एजेंसी इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 11:43 IST समाचार चुनाव ‘अगली बार दिल्ली जीतेंगे’: ममता बनर्जी ने बीजेपी को दी चुनौती, अमित शाह ने हंसकर उड़ाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी
Jabalpur Canal Drowning | Pharmacist Dream Doctor

जबलपुर की बरगी नहर में डूबीं तीन बहनों में से शीतल पटेल (23 वर्ष) का शव घटना के 12 घंटे बाद गुरुवार रात करीब 11 बजे घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला। तीनों बहनों का आज पोस्टमार्टम किया गया है। आज शहर के दो अलग-अलग शमशान घाटों पर उनका अंतिम संस्कार किया ज . शीतल के साथ डूबी सानिया पटेल (14 वर्ष) और सृष्टि पटेल (17 वर्ष) के शव गुरुवार को ही घटना के चार घंटे बाद मिल गए थे। बरगी थाना क्षेत्र स्थित सालीवाड़ा गांव में हुए इस हादसे में मृत तीनों लड़कियां मामा-बुआ के रिश्ते से बहनें थीं। पुलिस ने तीनों के शव मर्चुरी में रखवाए गए थे। शव के पास विलाप करते परिजन। मर्चुरी के बाहर खड़े परिजन। चार माह बाद भोपाल में थी शादी शीतल पटेल के पिता संतोष पटेल ने बताया कि उनकी बेटी ने फॉर्मेसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी। चार महीने बाद उसकी भोपाल में शादी होने वाली थी। जबकि सृष्टि पटेल ने 12वीं अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण की थी। वह डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। संतोष जबलपुर मेडिकल कॉलेज में गार्ड के पद पर कार्यरत हैं। इस हादसे में उनकी साले की बेटियां सृष्टि और सानिया भी शामिल थीं। रील बनाते समय हुआ हादसा गुरुवार सुबह 11 बजे 5 लड़कियां शीतल पटेल, सानिया पटेल, तनु पटेल, निहारिका पटेल और सृष्टि पटेल नहर पर नहाने गई थीं। इसी दौरान सृष्टि को छोड़कर बाकी लड़कियां किनारे पर मोबाइल से वीडियो बना रही थीं, तभी हादसा हो गया। 4 लड़कियां पैर फिसलने से तेज बहाव में बह गईं। इनमें से एक को वहां किनारे पर मौजूद सहेली ने किसी तरह बचा लिया। तीन बहकर दूर चली गईं। घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि लड़कियां हाथ से छूटकर निकल गईं। उनकी तलाश में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया। शादी में शामिल होने आई थीं सभी सभी लड़कियां गांव में शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। शादी के बाद सभी ने नहर में नहाने का प्लान बनाया और चली गईं। वहां नहर किनारे रील बना रही थीं। ये खबर भी पढ़िए… रील बनाते समय फिसलीं 4 लड़कियां, बरगी नहर में बही मध्य प्रदेश के जबलपुर में नहर किनारे रील बना रहीं 4 लड़कियां पैर फिसलने से तेज बहाव में बह गईं। इनमें से एक को वहां किनारे पर मौजूद सहेली ने किसी तरह बचा लिया। तीन बहकर दूर चली गईं। इनकी तलाश में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया। पढ़ें पूरी खबर…
PM Narendra Modi spent time on the banks of the Hooghly river in Kolkata

Hindi News National PM Narendra Modi Spent Time On The Banks Of The Hooghly River In Kolkata कोलकाता23 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हुगली नदी में नाव की सवारी की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हुगली नदी में नाव की सवारी की है। इस दौरान पीएम ने खुद से फोटोग्राफी भी की। तस्वीरों में वे हाथ में कैमरा लिए नजर आ रहे हैं। उन्होंने नाविकों से बातचीत भी की। हुगली में नाव की सवारी कराने वाले नाविक को एक हजार रुपए भी दिए। पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नाव की सवारी वाली तस्वीरें शेयर की। उन्होंने लिखा, ‘हर बंगाली के लिए गंगा का एक बहुत ही खास स्थान है। यह कहना गलत नहीं होगा कि गंगा बंगाल की आत्मा में बहती है।’ इससे पहले पीएम 19 अप्रैल को चुनाव प्रचार के दौरान झाड़ग्राम में रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। पीएम के हुगली नदी में सैर की तस्वीरें पीएम मोदी ने हुगली नदी में करीब एक घंटे सैर की। पीएम ने इस दौरान फोटोग्राफी भी की। पीएम नाव की सवारी करने के बाद स्थानीय लोगों से भी मिले। नाविक को दिए 1000 रुपए पीएम मोदी ने कोलकाता के हुगली घाट पर नाव की सवारी के बाद नाविक गौरांगो बिस्वास को गले लगाया और 1000 रुपए दिए। पीएम ने x पर एक वीडियो शेयर कर लिखा- कल शाम हावड़ा से कोलकाता तक लंबे रोड शो के दौरान हावड़ा ब्रिज पर था। आज सुबह उसे हुगली नदी से देखा। पीएम मोदी ने नाविक को गले भी लगाया। 19 अप्रैल को पीएम ने बंगाल में झालमुड़ी खाई मोदी रविवार 19 अप्रैल को झाड़ग्राम में झालमुढ़ी खाई। पीएम मोदी रविवार 19 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने झाड़ग्राम में एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। झालमुड़ी बनाते हुए दुकानदार ने पूछा, ‘आप प्याज खाते हैं। पीएम ने जवाब दिया- हां प्याज खाता हूं बस दिमाग नहीं। यह सुनकर दुकानदार हंसने लगा।’ पीएम ने दुकानदार से इस मुलाकात का करीब 40 सेकेंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। साथ ही कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। पूरी खबर पढ़ें… ————————————————————- ये खबर भी पढ़ें…. पीएम मोदी ने असम के चाय बगान में पत्ती तोड़ी:महिला कामगारों के साथ सेल्फी ली; केरलम में राहुल ने बस में सफर किया…11 PHOTOSप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को असम पहुंचे। उन्होंने डिब्रूगढ़ में चाय बागान दौरा किया। वहां काम करने वाली महिलाओं से साथ बातचीत, उनसे चाय की पत्ती तोड़ना सीखा, साथ ही महिलाओं ने बिहू नृत्य भी किया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पेट-जोड़ों का दर्द लेकर गंगाराम अस्पताल आई मरीज,जांच में निकल आए दो-दो कैंसर, फिर क्या हुआ, पढ़ें

Gangaram Hospital news: राजधानी के सर गंगाराम अस्पताल में कैंसर का एक काफी कॉम्प्लिकेटेड मामला सामने आया. यहां सामान्य पेट दर्द, कमर और जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर आई एक महिला की जांच में एक नहीं बल्कि दो-दो कैंसर निकल आए. महिला को मल्टीपल मायलोमा के साथ ही पैनक्रियाटिक ट्यूमर निकला. ऐसे में डॉक्टरों के सामने किस कैंसर का इलाज पहले करें यह दुविधा पैदा हो गई. हालांकि गंगाराम के डॉक्टरों ने इस दुर्लभ और जटिल चिकित्सा मामले को बहुत ही संजीदगी से सुलझाया और ज्यादा गंभीर कैंसर का इलाज सबसे पहले किया. डॉक्टरों ने बताया कि ऐसा मामला वैश्विक स्तर पर 0.5% से भी कम मरीजों में देखने को मिलता है. पेट और जोड़ों के दर्द की थी शिकायत जानकारी के मुताबिक मरीज पिछले एक वर्ष से जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, उलझन, मतली और पेट फूलने जैसी समस्याओं से जूझ रही थी. शुरुआती जांच में उसका हीमोग्लोबिन स्तर बेहद कम, मात्र 5.9 g/dL पाया गया, जो गंभीर एनीमिया की ओर इशारा करता है. इसके बाद डॉक्टरों ने गहराई से जांच की, जिसमें कई जटिल असामान्यताएं जैसे हाइपरग्लोबुलिनेमिया, बीटा-2 माइक्रोग्लोबुलिन का बढ़ा स्तर और मोनोक्लोनल IgG स्पाइक सामने आईं. पहले निकला मल्टीपल मायलोमा बोन मैरो जांच में हाई-रिस्क मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma) की पुष्टि हुई, जिसमें 39% प्लाज्मा सेल्स की भागीदारी और प्रतिकूल साइटोजेनेटिक संकेत पाए गए. वहीं, एफडीजी पैट स्कैन (FDG PET-CT) स्कैन में हड्डियों में कई घावों के साथ-साथ अग्न्याशय (पैंक्रियास) में एक गांठ भी दिखाई दी. बायोप्सी के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर (Neuroendocrine Tumor) (ग्रेड-1) है. दो कैंसर का इलाज बेहद कठिन इस जटिल स्थिति पर गंगाराम के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरपर्सन डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा, ‘एक ही समय पर दो अलग-अलग कैंसर का मिलना बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण होता है. सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह था कि किस उपचार को प्राथमिकता दी जाए, ताकि मरीज को अधिकतम लाभ मिल सके.’ ‘डॉक्टरों की टीम ने आक्रामक प्रकृति वाले मल्टीपल मायलोमा के इलाज को प्राथमिकता देते हुए VRd रेजिमेन (लेनालिडोमाइड, बोर्टेजोमिब और डेक्सामेथासोन) से इलाज शुरू किया. आर्थिक कारणों से डाराटुमुमैब का उपयोग संभव नहीं था. साथ ही, पैंक्रियाटिक ट्यूमर को नियंत्रित करने के लिए लंबे समय तक असर करने वाले ऑक्ट्रीओटाइड इंजेक्शन दिए गए. मरीज को रक्त चढ़ाने और हड्डियों को मजबूत करने वाली सहायक चिकित्सा भी दी गई. 3 महीने में सुधर गई स्थिति इलाज का असर तेजी से दिखा. कुछ ही हफ्तों में मरीज के लक्षणों में सुधार हुआ और तीन महीनों के भीतर वह पूर्ण हेमेटोलॉजिकल रेमिशन में पहुंच गई, जहां बोन मैरो की स्थिति सामान्य हो गई. स्थिति स्थिर होने के बाद, मरीज की सफल सर्जरी की गई. इस बारे में लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के सह-निदेशकडॉ. सुरेश सिंघवी ने डिस्टल पैंक्रियाटो-स्प्लेनेक्टॉमी प्रक्रिया को अंजाम दिया. अंतिम पैथोलॉजी रिपोर्ट में कम ग्रेड का न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर पाया गया, जिसमें वृद्धि की दर बेहद कम थी. अभी कैसा है हाल? वर्तमान में मरीज मेंटेनेंस थेरेपी पर है और आगे ऑटोलॉगस स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की योजना बनाई गई है. डॉक्टरों के अनुसार, दोनों कैंसर अब प्रभावी रूप से नियंत्रित हैं और मरीज का भविष्य सकारात्मक दिख रहा है. डॉ. अग्रवाल ने कहा, ‘यह मामला दर्शाता है कि जटिल कैंसर स्थितियों में समग्र जांच और मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच कितनी महत्वपूर्ण होती है. सही समय पर सही इलाज से दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामलों में भी बेहतरीन परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.’ यह सफलता न केवल आधुनिक चिकित्सा तकनीक की क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही रणनीति और विशेषज्ञों के समन्वय से असंभव लगने वाले इलाज भी संभव हो सकते हैं.
सलमान खान की नई फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी:'SVC63' के मुहूर्त की झलक शेयर की, वीडियो में दिखीं नयनतारा

सलमान खान ने शुक्रवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘SVC63’ के मुहूर्त की कुछ झलकियां शेयर कीं। साथ ही बताया कि फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। इस फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। सलमान ने इंस्टाग्राम पर एक रील वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह और नयनतारा दिख रहे हैं। वीडियो में एक क्लैपबोर्ड दिखाया गया है, जिस पर मुहूर्त लिखा है। सलमान ने कैप्शन में लिखा कि थोड़ा दूर की सोच रखनी चाहिए, इसलिए ईद 2027 की घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी फिल्म की जानकारी भी सही समय पर दी जाएगी और फैंस से धैर्य रखने को कहा। इस फिल्म से सलमान पहली बार डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। देखें ‘SVC63’ के मुहूर्त की झलक- वामशी ने फिल्म ‘महार्षि’ ने नेशनल अवॉर्ड जीता था फिल्म के डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। वामशी इससे पहले प्रभास (मुन्ना), जूनियर एनटीआर (बृंदावनम), महेश बाबू (महर्षि), राम चरण (येवडु) और विजय (वारिसु) जैसे सितारों के साथ काम कर चुके हैं। वहीं, फिल्म को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी अब 5 फिल्मों मुन्ना, वृंदावनम, येवादु, महार्षि और वारिसु में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।
सलमान खान की नई फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी:'SVC63' के मुहूर्त की झलक शेयर की, वीडियो में दिखीं नयनतारा

सलमान खान ने शुक्रवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘SVC63’ के मुहूर्त की कुछ झलकियां शेयर कीं। साथ ही बताया कि फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। इस फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। सलमान ने इंस्टाग्राम पर एक रील वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह और नयनतारा दिख रहे हैं। वीडियो में एक क्लैपबोर्ड दिखाया गया है, जिस पर मुहूर्त लिखा है। सलमान ने कैप्शन में लिखा कि थोड़ा दूर की सोच रखनी चाहिए, इसलिए ईद 2027 की घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी फिल्म की जानकारी भी सही समय पर दी जाएगी और फैंस से धैर्य रखने को कहा। इस फिल्म से सलमान पहली बार डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। देखें ‘SVC63’ के मुहूर्त की झलक- वामशी ने फिल्म ‘महार्षि’ ने नेशनल अवॉर्ड जीता था फिल्म के डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। वामशी इससे पहले प्रभास (मुन्ना), जूनियर एनटीआर (बृंदावनम), महेश बाबू (महर्षि), राम चरण (येवडु) और विजय (वारिसु) जैसे सितारों के साथ काम कर चुके हैं। वहीं, फिल्म को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी अब 5 फिल्मों मुन्ना, वृंदावनम, येवादु, महार्षि और वारिसु में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।
FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat

Hindi News Business FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat | Finance Minister नई दिल्ली31 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। बैंकों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश वित्त मंत्री ने बैंकों को अपने IT सिस्टम को सुरक्षित करने और कस्टमर डेटा की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा कि मिथॉस से पैदा होने वाला खतरा ऐसा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। इसके लिए वित्तीय संस्थानों और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल और हाई लेवल की तैयारी की जरूरत है। खतरे से निपटने के लिए भारत का प्लान वित्त मंत्रालय अब एक ऐसा फ्रेमवर्क बनाने की योजना बना रहा है जो हैकिंग के प्रयासों की पहचान कर उन पर तुरंत कार्रवाई कर सके। बैंकों को सलाह दी गई है कि वे साइबर हमले की जानकारी आपस में साझा करने के लिए एक रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग मैकेनिज्म बनाएं। इसमें इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) और अन्य एजेंसियां भी शामिल होंगी। वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों और स्टेकहोल्डर्स के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग का मकसद AI मॉडल्स में हो रहे हालिया बदलावों से जुड़े खतरों के संभावित प्रभाव का आकलन करना था। क्या है क्लॉड मिथॉस और यह क्यों खतरनाक है? मिथॉस एंथ्रोपिक का सबसे शक्तिशाली AI मॉडल है। कंपनी के मुताबिक मिथॉस ने ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउजर्स की दशकों पुरानी कमियां ढूंढ निकाली हैं, जिन्हें इंसान नहीं देख पाए। एंथ्रोपिक का कहना है कि इसे सार्वजनिक करना किसी के भी हाथ में एडवांस हैकिंग टूल देने जैसा होगा। एंथ्रोपिक ने इसका एक्सेस सिर्फ अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी चुनिंदा 40 कंपनियों को दिया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अनधिकृत यूजर्स ने इसका एक्सेस हासिल कर लिया है। इससे डर है कि वे सिस्टम की सुरक्षा खामियों का फायदा उठा सकते हैं। एंथ्रोपिक ने कहा कि अगर इसे बिना किसी नियंत्रण के रिलीज किया गया, तो अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसके नतीजे बहुत बुरे हो सकते हैं। डिजिटल जेल तोड़कर खुद बाहर निकला AI इस मॉडल के रोलआउट से पहले एक घटना भी सामने आई थी जो बताती है कि ये कितना एडवांस है। ‘मिथॉस’ की एक सुरक्षित ‘सैंडबॉक्स’ में टेस्टिंग हो रही थी ताकि वह इंटरनेट का इस्तेमाल न कर सके। सैंडबॉक्स को एक तरह की डिजिटल जेल कह सकते है। लेकिन इस एआई ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर खुद ही रास्ता बना लिया। इसका पता तब चला जब इस पर काम करने वाले एक रिसर्चर को अचानव उसी एआई मॉडल का भेजा हुआ एक ईमेल मिला। एआई का इस तरह अपनी मर्जी से बाहर निकलना बेहद खतरनाक है। अमेरिका में भी मिथॉस को लेकर हाई-लेवल मीटिंग केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका में भी इस मुद्दे पर मीटिंग्स हो रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हाल ही में बैंक के बड़े अधिकारियों के साथ एक क्लोज-डोर मीटिंग की थी। इसमें उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा था कि वे अपने सिस्टम को मिथॉस से पैदा होने वाले संभावित खतरों के लिए तैयार रखें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
AAP Raghav Chadha BJP Joining Leaders List Update; Aam Aadmi Party

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई। आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। इसके बाद वह भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने र . राघव ने बताया कि राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक कुमार मित्तल के अलावा हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे। अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन हैं और जालंधर में उनके घर 10 दिन पहले (15 अप्रैल) को ED ने छापेमारी की थी। बाकी चार सांसद अभी सामने नहीं आए हैं। स्वाति मालीवाल ने पोस्ट करके कहा- मैं इटानगर में हूं। शाम को दिल्ली लौटकर बात करूंगी। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। राघव बोले- दलबदल कानून नहीं लगेगा राघव ने बताया कि पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने यह फैसला लिया। इसलिए दलबदल कानून लगने का कोई मतलब नहीं है। राघव चड्ढा ने कहा पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। हमने यह फैसला किया है कि हम संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे। 2024 के लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में 3 सीटें जीती थीं। गुरमीत सिंह मीत हेयर (संगरूर) राजकुमार चब्बेवाल (होशियारपुर) मालविंदर सिंह कंग (आनंदपुर साहिब) राघव ने 2 साल पहले दिए थे अलगाव के संकेत 21 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले जब शराब घोटाले में केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया। तब राघव ने न कुछ बोला, न सोशल मीडिया पर कुछ लिखा। फरवरी-2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, तो AAP को करारी हार मिली। पार्टी को सिर्फ 22 सीटें मिलीं जबकि BJP ने 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई। तब भी राघव चुप्पी साधे रहे। AAP के किसी कार्यक्रम में नहीं दिखे। 2025 की शुरुआत में ही राघव के सोशल मीडिया अकाउंट से AAP का बैनर और चुनाव निशान हटने लगे। AAP के अंदर चर्चा होने लगी कि राघव पार्टी के बजाय पर्सनल ब्रांडिंग पर फोकस कर रहे हैं। वह न पार्टी दफ्तर आते हैं, न किसी नेता से मिलते हैं। 27 फरवरी 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित बाकी आरोपियों को शराब घोटाले में CBI के मामले से बरी कर दिया। AAP ने इस का जश्न मनाया, लेकिन राघव नदारद रहे। अमेरिका-ईरान जंग छिड़ने के बाद राघव चड्ढा ने पार्टीलाइन पर संसद में बोलने से इनकार कर दिया। हाल में जब पार्टी व्हिप के तहत AAP सांसदों ने वॉकआउट किया, तब राघव सदन में ही मौजूद रहे। AAP नेताओं का भाजपा जॉइन करना भास्कर कार्टूनिस्ट चंद्रशेखर हाड़ा और संदीप पाल की नजर से… राघव के साथ पार्टी छोड़ने वाले 7 सांसदों के बारे में जानिए… राघव चड्ढा से पहले 35 नेता छोड़ चुके AAP, इनमें सबसे ज्यादा 20 पंजाब के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पहले नेता नहीं हैं। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 35 बड़े नेता इस पार्टी से किनारा कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 नेता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। AAP छोड़ने वाले प्रमुख चेहरों में कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें… राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने के मिनट-टु-मिनट अपडेट पढ़ने के लिए नीचे लाइव लिंक से गुजर जाएं…









