Nashik TCS Case: Accused Nida Khan Detained

Hindi News National Nashik TCS Case: Accused Nida Khan Detained | Sexual Harassment Allegations नासिककुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक निदा खाने की एंटीसिपेटरी बेल 2 मई को खारिज हो चुकी है। नासिक TCS केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी निदा खान को गुरुवार रात छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया। निदा पर सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं। इससे पहले 2 मई को नासिक कोर्ट ने निदा की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज की थी। प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट में कहा कि आरोप गंभीर हैं और उनसे कस्टडी में पूछताछ जरूरी है। इस दौरान निदा फरार चल रही थी। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने बताया था कि निदा खान इस केस की मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। FIR के अनुसार, निदा पर आरोप है कि उसने महिला कर्मचारियों को बुर्का पहनने की सलाह दी थी। मामले की जांच नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जांच कर रही है। इस मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हुई हैं, जो महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी हैं। SIT ने इस मामले में अब तक एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। निदा खान की 2 मई को एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज हो चुकी है। निदा ने कोर्ट में प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था, लेकिन राहत नहीं निदा ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया था। मामले पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) ने पिछले महीने बयान में कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है। अब जानिए क्या है पूरा मामला… TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है। 9 में से 3 पीड़ित महिलाओं की FIR मिली… पहली पीड़ित सीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, ‘क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।’ वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, ‘क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। पुलिस को मिली 9 पीड़ितों की FIR के मुताबिक, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। दूसरी पीड़ित ‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?’ मैंने कहा- ‘छाछ पी रही हूं।’ उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ ये FIR भी 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। तीसरी पीड़ित भगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘ ‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘ निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था। गिरफ्तार HR मैनेजर अश्विनी चेनानी ने तौसीफ अत्तार से 38 बार, दानिश शेख से 1 बार, रजा मेमन से 22 बार और आपत्तिजनक चैट की थी। पीड़ित लड़कियों ने जब आरोपियों के खिलाफ शिकायत की तो अश्विनी ने
थायराइड कंट्रोल करने का तरीका, हेल्दी फूड चुनें, इन फूड्स से करें परहेज

Last Updated:May 08, 2026, 01:20 IST थायराइड कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसे सिर्फ दवाओं से ही नियंत्रित किया जा सके. सही खानपान, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. चलिए यहां समझते हैं किन फूड्स के सेवन और परहेज से इस बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है. ख़बरें फटाफट थायराइड की समस्या होने पर थकान, बाल झड़ने, मूड स्विंग जैसे लक्षण नजर आते हैं. थायराइड की समस्या आज के समय में बहुत आम हो गई है, खासकर महिलाओं में यह ज्यादा देखी जाती है. यह एक हार्मोन से जुड़ी बीमारी है, जिसमें थायराइड ग्रंथि (जो गले के पास होती है) शरीर के लिए जरूरी हार्मोन या तो बहुत ज्यादा बनाने लगती है या बहुत कम. दोनों ही स्थितियों में शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती हैं, जैसे वजन बढ़ना या घटना, थकान, बाल झड़ना, मूड बदलना और कमजोरी महसूस होना. इस समस्या के बढ़ने का एक बड़ा कारण खराब जीवनशैली है. गलत खानपान, नींद की कमी, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इसका मुख्य कारण माने जाते हैं. बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ दवाओं से ही थायराइड ठीक हो जाएगा, लेकिन सच यह है कि दवाओं के साथ-साथ सही डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करना भी बहुत जरूरी होता है. अगर खानपान सही न हो, तो दवाओं का असर भी सीमित हो सकता है. थायराइड में क्या खाना चाहिए?– सबसे पहले सब्जियों की बात करें तो लौकी, तोरी, परवल, कद्दू, गाजर, बीन्स और सभी हरी पत्तेदार सब्जियां बहुत अच्छी मानी जाती हैं. ये सब्जियां शरीर के लिए हल्की होती हैं और पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं डालतीं. साथ ही इनमें फाइबर और जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को मजबूत बनाते हैं.– फलों में अनार, पपीता, सेब, नाशपाती और अमरूद को शामिल किया जा सकता है. ये फल शरीर को विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट देते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर अंदर से स्वस्थ रहता है.– दालों की बात करें तो मूंग दाल, मसूर दाल और कुल्थी की दाल अच्छी मानी जाती हैं. ये हल्की होती हैं और आसानी से पच जाती हैं. साथ ही इनमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में होता है, जो शरीर की मांसपेशियों और ऊर्जा के लिए जरूरी है. थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए?– सबसे पहले गोभी वर्ग की सब्जियां जैसे फूलगोभी, पत्ता गोभी और ब्रोकली आदि को सीमित करना चाहिए, क्योंकि ये कुछ मामलों में थायराइड हार्मोन के संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं. इसी तरह सोयाबीन और सोया उत्पाद भी कुछ लोगों में समस्या बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन कम करने की सलाह दी जाती है.– फलों में केला, आम, चीकू और अंगूर को ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए. ये फल शुगर और कैलोरी में अधिक हो सकते हैं, जिससे वजन और हार्मोनल बैलेंस पर असर पड़ सकता है. तेल के मामले में बार-बार गर्म किया हुआ तेल बहुत नुकसानदायक होता है.– इसके अलावा मूंगफली का तेल और रिफाइंड तेल का ज्यादा उपयोग भी शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता. ये तेल शरीर में सूजन और अन्य समस्याएं बढ़ा सकते हैं. थायराइड के मरीजों को देसी घी, नारियल तेल और सरसों का तेल सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए.– दालों में राजमा, छोले और सोया चंक्स का ज्यादा सेवन करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि ये भारी होते हैं और पाचन में समय लेते हैं, जिससे थायराइड के मरीजों को परेशानी हो सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Bombay HC Upholds Acquittal in Sohrabuddin Encounter Case; 22 Accused Acquitted

Hindi News National Bombay HC Upholds Acquittal In Sohrabuddin Encounter Case; 22 Accused Acquitted नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक 23 नवंबर 2005 को सोहराबुद्दीन उनकी पत्नी कौसर बी और साथी तुलसीराम का बस से अपहरण हुआ था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को साल 2005 के सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ केस में सभी 22 आरोपियों को बरी करने का फैसला बरकरार रखा है। इस मामले में सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की भी हत्या हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की बेंच ने सोहराबुद्दीन के भाइयों, रुबाबुद्दीन, नयाबुद्दीन की अपीलों को खारिज कर दिया। जिन 22 को आरोपमुक्त किया गया है, उनमें गुजरात व राजस्थान पुलिस के जूनियर लेवल के अफसर थे। उन पर आरोप था कि वे उस टीम का हिस्सा थे जिसने इन तीनों का अपहरण किया और बाद में फर्जी मुठभेड़ में उन्हें मार गिराया। बाकी एक आरोपी गुजरात के एक फार्महाउस का मालिक था, जहां सोहराबुद्दीन और कौसर बी को उनकी हत्या से पहले अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस साक्ष्यों के संदेह के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। इस केस में अमित शाह, आईपीएस डीजी वंजारा, आईएएस राजकुमार पांडियन और दिनेश एमएन पहले ही बरी हो चुके हैं। सोहराबुद्दीन और उनकी पत्नी की हत्या वंबर 2005 में की गई थी। फाइल अब जानिए क्या है पूरा मामला चश्मदीद समेत 3 हत्याएं, 201 में 92 गवाह मुकरे 23 नवंबर 2005: सोहराबुद्दीन, पत्नी कौसर बी और तुलसीराम का बस से अपहरण। 26 नवंबर: सोहराबुद्दीन की कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या। 29 नवंबर: सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी की कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या। दिसंबर 2006: चश्मदीद गवाह तुलसीराम की अन्य मुठभेड़ में मौत। 2007-2010: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुजरात सीआईडी के बाद जांच सीबीआई को दी गई। 2012-2013: निष्पक्ष सुनवाई के लिए केस मुंबई ट्रांसफर। तीनों हत्याओं के ट्रायल एक साथ जोड़े गए। 2014-2017: वरिष्ठ आईपीएस अफसर सबूतों के अभाव में आरोपमुक्त हो गए। दिसंबर 2018: विशेष सीबीआई कोर्ट ने 210 में से 92 गवाहों के मुकर जाने के कारण शेष 22 को बरी किया। 2019-2025: शेख के भाइयों ने बरी किए जाने के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… सुवेंदु अधिकारी के पीए के आखिरी 90 मिनट: हमलावरों ने स्कॉर्पियो के सामने कार लाकर रास्ता रोका; गोलियां मारीं, 2 सीने में, एक पेट में लगी पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। 42 साल के चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम जा रहे थे, जहां वे किराए के घर में अकेले रहते थे। हमलावर ने उन्हें सीने में दो और एक पेट में गोली मारी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







