Saturday, 22 Aug 2026 | 02:23 AM

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लौकी सोयाबीन की सब्जी रेसिपी: लौकी के साथ लाकी सोयाबीन की ये सब्जी सब्जी, पके ही हो जाएंगे फैन; जानें मिनट वाली रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 लोकी, 1 कप सोयाबीन बड़ी, 2 प्याज, 2 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा मोटा अदरक-लहसुन पेस्ट, ½ छोटा कद्दू हल्दी पाउडर, 1 छोटा काला लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा मोटा धनिया पाउडर, ½ छोटा मोटा धनिया पाउडर, ½ छोटा अदरक लहसुन पेस्ट छवि: फ्रीपिक ½ छोटा मसाला गरम मसाला, नमक स्वाद, 2 बड़ा मसाला तेल, हरा धनिया। छवि: इंस्टाग्राम विधि: सबसे पहले सोयाबीन बड़ी को 10 मिनट तक गर्म पानी में डुबोएं। इसके बाद स्पष्टकर अलग रख लें। एक कड़ाही या कुकर में तेल गर्म। इसमें जीरा मठ चटकने लगे तो मोनोक्रोम काटा ओंजियाई मठ। छवि: फ्रीपिक अब अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च का पेस्ट एक मिनट तक का किरदार। इसके बाद टमाटर और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक के मिश्रण को तब तक मिलाया जाता है, जब तक तेल अलग न हो जाए। छवि: इंस्टाग्राम अब मूल में भीगी हुई सोयाबीन बड़ी किताब 2-3 मिनट तक अच्छी तरह से शुरू हुई पोर्टफोलियो। फिर कटी हुई लौकी डाली और चित्र के साथ अच्छी तरह मिला लें। अब लगभग आधा कप पानी स्टेममैस्ट बंद करें। छवि: मेटा एआई कुकर में बने रहे हैं तो 2 सीट आने तक। ब्रेड ही में बन रहे हैं तो 12-15 मिनट तक मध्यम गति का अभिनय, जब तक लोकी और सोयाबीन अच्छी तरह से तैयार न हो जाएं। छवि: एआई अंत में गरम मसाला मसाला अच्छी तरह से सामान और गैस बंद कर दें। ऊपर से ताज़ा हरा धनिए की सजावट। गरमा-गरम लौकी और सोयाबीन की सब्जी को रोटी, पराठा, पूरी या विदेशी चावल के साथ बनाएं। छवि: एआई बिल्डर्स तो साथ में रायता, केक और लेमिनेशन भी सर्व करें। यह सब्जी और रेस्तरां दोनों के लिए एक सब्जी और स्वादिष्ट विकल्प है। सोयाबीन बड़ी को अच्छी तरह से चिह्नित करने से उसका कोयला गंध नहीं रहता है। छवि: एआई अगर आपको तीखा स्वाद थोड़ा पसंद है तो लाल मिर्च की मात्रा बढ़ सकती है। सब्जी में थोड़ी कसूरी मेथी का स्वाद और भी बढ़ जाता है। ग्रेवी वाली सब्जी पसंद हो तो पानी की मात्रा थोड़ी बढ़ी हुई हो। छवि: मेटा एआई अधिक मात्रा में म्यूजिक बनाने के लिए इसमें हरी मटर या साबुत मिर्च भी मिला सकते हैं। छवि: फ्रीपिक

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बताया चुकीं झूठ

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बताया चुकीं झूठ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्ट्रेस उर्फी जावेद हाल ही में असम के गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं। इस दौरान उर्फी अपने सामान्य वेस्टर्न पहनावे से अलग पूरी तरह से पारंपरिक लुक में नजर आईं। उन्होंने मंदिर में दर्शन की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। तस्वीरों में उर्फी पीले रंग का सूट-सलवार पहने और सिर पर दुपट्टा रखे हुए दिख रही हैं। उनके माथे पर मंदिर का सिंदूर और तिलक भी लगा हुआ है। कुछ समय पहले उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई थी। पारंपरिक कपड़ों में किए देवी के दर्शन उर्फी जावेद ने अपने कामाख्या देवी मंदिर दौरे की कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की हैं। मंदिर परिसर में उर्फी ने सादगी से सिर को दुपट्टे से ढक रखा था। उन्होंने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद माथे पर सिंदूर का तिलक भी लगाया। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उर्फी ने लिखा, ‘गुवाहाटी में कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए।’ आमतौर पर अपने अलग-अलग आउटफिट्स के लिए चर्चा में रहने वाली उर्फी का यह शांत और धार्मिक रूप पहली बार सामने आया है। खुद को नास्तिक बता चुकीं उर्फी मंदिर के इस दौरे के बाद उर्फी के पुराने बयानों की चर्चा फिर शुरू हो गई है। उर्फी जावेद ने अपने शुरुआती इंटरव्यूज में कई बार कहा था कि वे किसी भी धर्म या रिलिजन में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने खुद को नास्तिक बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वे एक मुस्लिम परिवार में पैदा जरूर हुई हैं, लेकिन वे इस्लाम को नहीं मानती हैं और न ही किसी अन्य धर्म का पालन करती हैं। ऐसे में उनके अचानक मंदिर जाकर पूजा करने पर उनके पुराने बयान चर्चा में आ गए हैं। धर्म परिवर्तन के दावों पर जताई थी नाराजगी हाल ही में उर्फी जावेद के धर्म बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवाद खड़ा हुआ था। एक जर्नलिस्ट ने दावा किया था कि उर्फी ने अपना धर्म बदलकर हिंदू धर्म अपना लिया है और उन्होंने अपना नया नाम ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है। इस दावे पर उर्फी जावेद ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने उस जर्नलिस्ट को फटकार लगाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि इस तरह की झूठी और फेक न्यूज फैलाने वालों को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने साफ किया था कि उन्होंने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। रियलिटी शोज और करियर का सफर उर्फी जावेद के करियर की बात करें तो वे हाल ही में रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट नजर आई थीं। इससे पहले वे मशहूर यूथ रियलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला’ का भी हिस्सा रह चुकी हैं, जहां उन्होंने बतौर होस्ट काम किया था। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी निजी जिंदगी और संघर्ष पर आधारित एक रियलिटी शो ‘फॉलो कर लो यार’ भी रिलीज हो चुका है। उर्फी टीवी सीरियल्स जैसे ‘बड़े भैया की दुल्हनिया’ और ‘कसौटी जिंदगी की’ में भी काम कर चुकी हैं।

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बता चुकीं झूठ

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बताया चुकीं झूठ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्ट्रेस उर्फी जावेद हाल ही में असम के गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं। इस दौरान उर्फी अपने सामान्य वेस्टर्न पहनावे से अलग पूरी तरह से पारंपरिक लुक में नजर आईं। उन्होंने मंदिर में दर्शन की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। तस्वीरों में उर्फी पीले रंग का सूट-सलवार पहने और सिर पर दुपट्टा रखे हुए दिख रही हैं। उनके माथे पर मंदिर का सिंदूर और तिलक भी लगा हुआ है। कुछ समय पहले उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई थी। पारंपरिक कपड़ों में किए देवी के दर्शन उर्फी जावेद ने अपने कामाख्या देवी मंदिर दौरे की कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की हैं। मंदिर परिसर में उर्फी ने सादगी से सिर को दुपट्टे से ढक रखा था। उन्होंने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद माथे पर सिंदूर का तिलक भी लगाया। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उर्फी ने लिखा, ‘गुवाहाटी में कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए।’ आमतौर पर अपने अलग-अलग आउटफिट्स के लिए चर्चा में रहने वाली उर्फी का यह शांत और धार्मिक रूप पहली बार सामने आया है। खुद को नास्तिक बता चुकीं उर्फी मंदिर के इस दौरे के बाद उर्फी के पुराने बयानों की चर्चा फिर शुरू हो गई है। उर्फी जावेद ने अपने शुरुआती इंटरव्यूज में कई बार कहा था कि वे किसी भी धर्म या रिलिजन में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने खुद को नास्तिक बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वे एक मुस्लिम परिवार में पैदा जरूर हुई हैं, लेकिन वे इस्लाम को नहीं मानती हैं और न ही किसी अन्य धर्म का पालन करती हैं। ऐसे में उनके अचानक मंदिर जाकर पूजा करने पर उनके पुराने बयान चर्चा में आ गए हैं। धर्म परिवर्तन के दावों पर जताई थी नाराजगी हाल ही में उर्फी जावेद के धर्म बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवाद खड़ा हुआ था। एक जर्नलिस्ट ने दावा किया था कि उर्फी ने अपना धर्म बदलकर हिंदू धर्म अपना लिया है और उन्होंने अपना नया नाम ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है। इस दावे पर उर्फी जावेद ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने उस जर्नलिस्ट को फटकार लगाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि इस तरह की झूठी और फेक न्यूज फैलाने वालों को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने साफ किया था कि उन्होंने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। रियलिटी शोज और करियर का सफर उर्फी जावेद के करियर की बात करें तो वे हाल ही में रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट नजर आई थीं। इससे पहले वे मशहूर यूथ रियलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला’ का भी हिस्सा रह चुकी हैं, जहां उन्होंने बतौर होस्ट काम किया था। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी निजी जिंदगी और संघर्ष पर आधारित एक रियलिटी शो ‘फॉलो कर लो यार’ भी रिलीज हो चुका है। उर्फी टीवी सीरियल्स जैसे ‘बड़े भैया की दुल्हनिया’ और ‘कसौटी जिंदगी की’ में भी काम कर चुकी हैं।

Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss

Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss

Hindi News Business Petroleum Minister: Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर फैसला अगले दो से तीन महीनों में सामने आ सकता है। अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि ईरान जंग के समय जब दुनियाभर में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, तब भारतीय तेल कंपनियों ने काफी महंगे दामों पर कच्चा माल खरीदा था। रिफाइनरियां अभी उसी पुराने और महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई मौजूदा गिरावट का फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलने में थोड़ा वक्त लगेगा। लागत से काफी कम दाम पर ईंधन बेचने की वजह से देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को 30 जून तक की अवधि में कुल 74,781 करोड़ रुपए का शुद्ध नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जून के आखिरी दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद अब क्रूड ऑयल की कीमतें नीचे आने लगी हैं, जिससे आने वाले महीनों में राहत की उम्मीद है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss

Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss

Hindi News Business Petroleum Minister: Companies Processing Expensive Crude Oil From Iran War; Rs 74,781 Cr Loss नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर फैसला अगले दो-तीन महीनों में ही लिया जा सकता है। अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान जंग के समय जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, तब भारतीय तेल कंपनियों ने महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदा। रिफाइनरियां अभी उसी महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। लागत से कम दाम पर ईंधन बेचने की वजह से देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को 30 जून तक 74,781 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें नीचे आने लगी हैं। अगर यह 2-3 महीने तक चला तो महीनों में तेल कीमतों में राहत की उम्मीद है। सरकारी कंपनियों ने मई में की थी बढ़ोतरी प्राइवेट कंपनी के दाम बढ़ाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ाई थीं। मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में कुल ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। अप्रैल से जून के बीच किस ईंधन पर कितना हुआ नुकसान पेट्रोलियम मंत्री ने कंपनियों को हुए घाटे का पूरा ब्योरा (अंडर रिकवरी) देते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनियों को अलग-अलग ईंधन पर नुकसान हुआ है। इस तिमाही में पेट्रोल पर 19,905 करोड़ रुपए की अंडर रिकवरी हुई, जबकि डीजल पर यह आंकड़ा 1.44 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं रसोई गैस पर अप्रैल से जून के बीच कंपनियों को 24,148 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अगर पिछली तिमाहियों और पिछले साल के LPG के नुकसान को भी जोड़ दिया जाए, तो तेल कंपनियों का कुल नुकसान (टोटल अंडर रिकवरी) 2.1 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच जाता है। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर कंपनियों का कुल नुकसान 74,781 करोड़ रुपए रहा है। क्या आने वाले दिनों में सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल? कीमतों में कटौती की उम्मीदों पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि रिटेल प्राइज में कमी का सवाल तभी जायज होगा, जब आने वाले अगले कुछ हफ्तों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह निचले स्तर पर स्थिर बने रहें। अगर कीमतें अगले कुछ हफ्तों तक कम रहती हैं, तो निश्चित रूप से कंपनियां इस पर विचार करेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक पुराने महंगे स्टॉक की भरपाई नहीं हो जाती, तब तक बाजार की स्थिति पर नजर रखनी होगी। नायरा का पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता बता दें कि देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की है। अब भोपाल में नायरा के पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए से घटकर 114.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए से घटकर 99.57 रुपए पर आ गया है। सरकारी कंपनियों ने नहीं घटाए दाम अभी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

भारत-A और श्रीलंका-A के बीच गॉल में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा। भारत-A के गेंदबाज ने 5 विकेट लिए, लेकिन श्रीलंका-A के कप्तान साहन अराच्चिगे ने नाबाद अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका-A ने 85 ओवर में 5 विकेट पर 288 रन बना लिए। पहले विकेट के लिए ओपनिंग साझेदारी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारत-A को शुरुआती सफलता जरूर मिली, लेकिन श्रीलंका-A के बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारियां निभाईं। पवन्था वीरासिंघे (39) और सोहान डी लिवेरा (28) ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। इसके बाद नुवानिडु फर्नांडो (44) और अशेन बंडारा (34) ने पारी को आगे बढ़ाया। अंजला-बंडारा ने भारत की वापसी नहीं करने दी 171 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद कप्तान साहन अराच्चिगे और विकेटकीपर अंजला बंडारा ने भारत-A की वापसी नहीं होने दी। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 99 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंजला 42 रन बनाकर आउट हुए, जबकि साहन 148 गेंदों में 83 रन बनाकर नाबाद लौटे। दिन का खेल खत्म होने तक चामिका गुणसेकरा 6 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। यश ठाकुर और सारांश जैन सबसे सफल गेंदबाज भारत-A की ओर से यश ठाकुर और सारांश जैन ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट लिए। यश ने 14 ओवर में सिर्फ 32 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि सारांश ने 24 ओवर में 77 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गुरनूर बरार को एक सफलता मिली। वहीं आकिब नबी और जिशान अंसारी विकेट नहीं ले सके। —————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

भारत-A और श्रीलंका-A के बीच गॉल में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा। भारत-A के गेंदबाज ने 5 विकेट लिए, लेकिन श्रीलंका-A के कप्तान साहन अराच्चिगे ने नाबाद अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका-A ने 85 ओवर में 5 विकेट पर 288 रन बना लिए। पहले विकेट के लिए ओपनिंग साझेदारी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारत-A को शुरुआती सफलता जरूर मिली, लेकिन श्रीलंका-A के बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारियां निभाईं। पवन्था वीरासिंघे (39) और सोहान डी लिवेरा (28) ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। इसके बाद नुवानिडु फर्नांडो (44) और अशेन बंडारा (34) ने पारी को आगे बढ़ाया। अंजला-बंडारा ने भारत की वापसी नहीं करने दी 171 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद कप्तान साहन अराच्चिगे और विकेटकीपर अंजला बंडारा ने भारत-A की वापसी नहीं होने दी। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 99 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंजला 42 रन बनाकर आउट हुए, जबकि साहन 148 गेंदों में 83 रन बनाकर नाबाद लौटे। दिन का खेल खत्म होने तक चामिका गुणसेकरा 6 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। यश ठाकुर और सारांश जैन सबसे सफल गेंदबाज भारत-A की ओर से यश ठाकुर और सारांश जैन ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट लिए। यश ने 14 ओवर में सिर्फ 32 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि सारांश ने 24 ओवर में 77 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गुरनूर बरार को एक सफलता मिली। वहीं आकिब नबी और जिशान अंसारी विकेट नहीं ले सके। —————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर नाबालिग से यौन शोषण मामले में दोषी करार:एरोन समर्स को जेल हो सकती है; वकील बोलीं- वे अकेला महसूस कर रहे थे

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर नाबालिग से यौन शोषण मामले में दोषी करार:एरोन समर्स को जेल हो सकती है; वकील बोलीं- वे अकेला महसूस कर रहे थे

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और तेज गेंदबाज एरोन समर्स को एक नाबालिग लड़की से यौन शोषण के मामले में जेल हो सकती है। 30 साल के समर्स ने तस्मानिया के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया। समर्स ने जून के अंत में अपनी याचिका में बदलाव किया। उन्होंने दो बच्चों के यौन उत्पीड़न (पेनिट्रेटिव सेक्सुअल एब्यूज) और एक बच्चे को अश्लील कंटेंट दिखाने के मकसद से बहलाने-फुसलाने के आरोपों को स्वीकार किया। कोर्ट ने समर्स की जमानत रद्द खारिज कर उन्हें हिरासत में भेज दिया है। अदालत अगस्त महीने में अपना अंतिम फैसला सुनाएगी। सोशल मीडिया पर दोस्ती की, फिर स्कूल ले जाकर किया शोषण पूरा मामला 16 जनवरी 2018 का है। तब समर्स ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हरिकेंस टीम का हिस्सा थे। कोर्ट में हुई सुनवाई के मुताबिक, समर्स ने सोशल मीडिया के जरिए एक 15 साल की नाबालिग लड़की से संपर्क किया। वारदात के दिन वे उसे उसके घर के पास से अपनी कार में बिठाकर एक लोकल स्कूल में ले गए। वहां उन्होंने किशोरी के साथ यौन शोषण किया। वकील की दलील- ‘वह अकेलापन महसूस कर रहे थे’ सुनवाई के दौरान समर्स की वकील कैरोलीन ग्रेव्स ने दलील देते हुए कहा- घटना के वक्त उनके मुवक्किल मुश्किल समय से गुजर रहे थे। वे सोसाइटी में काफी अलग-थलग महसूस कर रहे थे। इसकी वजह से वे सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे थे। वकील ने कहा- समर्स को अब अपनी गलतियों का अहसास हो चुका है। उनसे दोबारा ऐसा अपराध होने का खतरा बेहद कम है। उन्होंने कोर्ट से समर्स की सजा को पूरी तरह से निलंबित (सस्पेंडेड सेंटेंस) रखने की अपील की। हालांकि जस्टिस हेलेन वुड ने इस मांग को खारिज कर दिया। समर्स पहले भी जेल जा चुके समर्स का विवादों और अपराधों से पुराना नाता रहा है। वे बाल यौन शोषण के अन्य मामलों में पहले भी जेल की सजा काट चुके हैं। समर्स को 2021 में ऑस्ट्रेलिया की नॉर्दर्न टेरिटरी में चाइल्ड एब्यूज मैटेरियल रखने और उसे दूसरों को भेजने का दोषी पाया गया था। इस मामले में उन्होंने जेल की सजा काटी थी। इसके बाद उन्हें तस्मानिया के केस के लिए 2025 में नॉर्दर्न टेरिटरी से गिरफ्तार कर प्रत्यर्पित किया गया था। ऐसा रहा समर्स का क्रिकेट करियर एरॉन समर्स तेज गेंदबाज थे। उन्होंने 2017 के अंत में होबार्ट हरिकेंस के लिए एक मैच खेला था। 2018 में उन्होंने डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने तस्मानिया टाइगर्स के लिए तीन वनडे मैच भी खेले। वे इंग्लिश डोमेस्टिक क्रिकेट सहित विदेशों में भी कुछ शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट पर खेल चुके हैं। —————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… जोकोविच विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचे:सितसिपास को 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया; डिफेंडिंग चैंपियन सिनर की भी अगले राउंड में एंट्री नोवाक जोकोविच ने विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बना ली है। 39 साल के सर्बियाई स्टार ने ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास को महज 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया। जोकोविच ने इस मैच को 6-3, 6-4, 6-2 से अपने नाम किया। पूरी खबर पढ़ें…

केतन अग्रवाल मर्डर केस में बयान देकर फंसे डायरेक्टर:संजय गुप्ता बोले- सिया गोयल का रिया चक्रवर्ती जैसा तमाशा न बनाएं; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए

केतन अग्रवाल मर्डर केस में बयान देकर फंसे डायरेक्टर:संजय गुप्ता बोले- सिया गोयल का रिया चक्रवर्ती जैसा तमाशा न बनाएं; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल मर्डर केस में फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। संजय गुप्ता ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर कर मुख्य आरोपी सिया गोयल का बचाव किया है। उन्होंने सिया गोयल के मामले की तुलना साल 2020 के रिया चक्रवर्ती मीडिया ट्रायल से की है। डायरेक्टर ने लिखा कि सबूत आने से पहले टीवी पर मुकदमा चलाना ठीक नहीं है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने संजय गुप्ता की कड़ी आलोचना की है और उनके इस बयान को बेहद बेतुका बताया है। संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट लिखकर सिया गोयल का एक तरह से बचाव किया। उन्होंने लिखा, “मैं किसी पर उंगली नहीं उठा रहा और न ही किसी की साइड ले रहा हूं। मैं बस इतना कह रहा हूं कि क्या हम सिया के साथ वो सब करना बंद कर सकते हैं जो हमने रिया चक्रवर्ती के साथ किया था? हम सबने वो तमाशा देखा था। टीवी पर ही मुकदमा चला दिया गया और सबूत आने से पहले ही फैसला सुना दिया गया। इसके बाद भी हम लोग कुछ नहीं सीखते हैं।” लोगों ने डायरेक्टर को फटकार लगाई संजय गुप्ता का यह बयान सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आया। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “कभी-कभी आप बहस में सबसे बेतुका पक्ष चुन लेते हैं। इतनी कोशिश मत करिए सर, किसकी नजरों में ऊंचा बनना है?” लोग सिया गोयल का बचाव करने पर डायरेक्टर से बेहद नाराज हुए। क्या था रिया चक्रवर्ती का पूरा विवाद साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनकी मंगेतर और एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती विवादों में आई थीं। सुशांत केस की जांच के दौरान रिया और उनके भाई को नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर बड़ा मीडिया ट्रायल चला था। कोर्ट का फैसला आने से पहले ही लोगों ने उन्हें दोषी मान लिया था। लगभग 5 साल की कानूनी लड़ाई के बाद साल 2025 में कोर्ट से रिया को राहत मिली थी क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका था। मंगेतर ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की हत्या पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। पहली कोशिश में झाड़ी पकड़कर बचे थे केतन पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने केतन को मारने की पहली कोशिश 14 जून को की थी। सिया उस दिन केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी और वहां उसे घाटी में धक्का दे दिया था। हालांकि, केतन एक झाड़ी को पकड़कर लटक गए और उनकी जान बच गई। उस समय सिया ने बात को घुमाने के लिए सांप दिखने का नाटक किया और केतन का ध्यान भटका दिया। इसके बाद वह केतन को भरोसा दिलाकर वापस घर ले आई। दूसरी बार में किले से नीचे धकेला पहली कोशिश नाकाम होने के बाद सिया ने कुछ दिनों बाद दोबारा केतन को किले पर चलने के लिए राजी किया। इस बार वहां सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था। जब केतन वहां पहुंचे, तो सिया और चेतन ने पीछे से आकर उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। गहरी घाटी में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा। गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है। बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता

क्लीन एयर इकोनॉमिक्स; साफ हवा, अब आर्थिक समृद्धि:देश में वायु प्रदूषण 20% घटा, तो मिलेंगे 20 लाख करोड़ और 14 लाख नौकरियां

क्लीन एयर इकोनॉमिक्स; साफ हवा, अब आर्थिक समृद्धि:देश में वायु प्रदूषण 20% घटा, तो मिलेंगे 20 लाख करोड़ और 14 लाख नौकरियां

देश में हवा जितनी जहरीली, उतनी ही महंगी भी साबित हो रही है। लेकिन इसे साफ करने में बड़ा मुनाफा छिपा है। ‘आईवीसीए क्लीन एयर फोरम 2026’ में पेश एक विश्लेषण के मुताबिक, भारत का पीएम 2.5 प्रदूषण स्तर करीब 20% घटाकर 2030 तक 220 अरब डॉलर (करीब ~20 लाख करोड़) का आर्थिक मौका हासिल किया जा सकता है। डालबर्ग एडवाइजर्स के पार्टनर और इंडिया हेड जगजीत सरीन ने यह अनुमान ‘द इकोनॉमिक्स ऑफ क्लीन एयर’ रिपोर्ट के हवाले से पेश किया है। उनके मुताबिक, यह रकम भारत के जीडीपी के करीब 5.5% के बराबर होगी। यह उत्पादकता बढ़ने, कम स्वास्थ्य खर्च, बिजनेस के नए मौकों, पर्यावरण से जुड़े फायदों से हासिल होगी। सरीन ने कहा कि अब तक साफ हवा को सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य और नियमों के पालन के नजरिए से देखा जाता रहा है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि यह उतना ही बड़ा आर्थिक मौका भी है। उनके मुताबिक, पीएम 2.5 में 20% की कमी से उत्पादकता बढ़ेगी और नई वैल्यू चेन बनेंगी। साथ ही इससे 14 लाख नौकरियां भी पैदा हो सकती हैं और सालाना 11.5 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन घटाया जा सकता है। उन्होंने कहा- अब निवेश की बारी है, क्योंकि आंकड़े खुद निवेश के पक्ष में दलीलें गढ़ चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, साफ हवा से मिलने वाले फायदे सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। बेहतर कार्यक्षमता, कम छुट्टियां और बेहतर सेहत सीधे कामकाजी उत्पादकता बढ़ाएंगे। इसके अलावा असमय मौतों से जुड़ा आर्थिक नुकसान भी कम होगा। इससे क्लीन-एयर टेक्नोलॉजी और सर्विसेज के मामले में नए बाजार खुलेंगे। विश्लेषण में परिवहन और ठोस कचरा प्रबंधन क्षेत्र को सबसे ज्यादा मूल्य सृजन क्षमता वाला बताया गया है। लेकिन इस मौके को भुनाने के लिए भारी निवेश की जरूरत होगी। परिवहन, कृषि, घरेलू ईंधन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, निर्माण व सड़क धूल प्रबंधन, बिजली उत्पादन, कचरा प्रबंधन और वायु गुणवत्ता के निगरानी ढांचे जैसे कई क्षेत्रों में एक साथ पूंजी लगानी होगी। प्रजेंटेशन में यह भी कहा गया कि साफ हवा में निवेश को अब सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और जलवायु, तीनों तरह के फायदे देने वाली ग्रोथ पूंजी के तौर पर देखा जाना चाहिए। निजी पूंजी की ज्यादा भागीदारी, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, विशेष कौशल विकास और समुदायों की गहरी भागीदारी- इन पांच बातों को इस बदलाव में तेजी लाने वाले अहम फैक्टर बताए गए हैं। आईवीसीए क्लीन एयर फोरम 2026 का मकसद प्रदूषण को सिर्फ पर्यावरणीय चुनौती से हटाकर एक निवेश योग्य आर्थिक मौके के तौर पर पेश करना है। एयर-टेक सेक्टर सबसे कम निवेश वाला सेगमेंट भारत में हर साल वायु प्रदूषण से 16 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। फिर भी एयर-टेक सेक्टर जलवायु से जुड़े निवेश के सबसे कम फंडेड सेगमेंट में शुमार है। फोरम में संस्थागत निवेशकों, डीप-टेक स्टार्टअप्स, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों ने मिलकर इस बात पर मंथन किया कि कैसे पूंजी की मदद से भारत में स्केलेबल और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ वायु गुणवत्ता समाधान की राह निकाली जा सकती है।