Wednesday, 08 Jul 2026 | 07:25 AM

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अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की:सीरिक, केश्म और बंदर अब्बास को निशाना बनाया; होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद कार्रवाई

अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की:सीरिक, केश्म और बंदर अब्बास को निशाना बनाया; होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद कार्रवाई

अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के दक्षिणी हिस्से में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। अमेरिका का आरोप है कि इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। ईरानी मीडिया के मुताबिक, सीरिक, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमलों के बाद कई इलाकों में आग लग गई, हालांकि नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, एयरस्ट्राइक में ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी रडार, मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन ठिकानों और कुछ बंदरगाह सुविधाओं को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने कहा कि ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को निशाना बनाया, इसलिए यह जवाबी कार्रवाई की गई। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Android Storage Full Soon | Mobile Recharge Price Hike

Android Storage Full Soon | Mobile Recharge Price Hike

Hindi News Business Android Storage Full Soon | Mobile Recharge Price Hike | Ethanol Plan Delay नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एथेनॉल से जुड़ी रही। पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। वहीं अगर आप एंड्रॉएड स्मार्टफोन यूजर हैं और अपने फोन का बैकअप गूगल अकाउंट पर रखते हैं, तो अब अकाउंट का फ्री 15GB स्टोरेज जल्दी फुल हो सकता है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने का प्लान टल सकता है: अभी 20% मिलाया जा रहा; इससे माइलेज घटने का दावा, पार्ट्स खराब होने की शिकायत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. एंड्रॉएड यूजर्स का फ्री स्टोरेज जल्दी फुल होगा: कॉल हिस्ट्री और SMS बैकअप 15GB में जुड़ेगा, एक्स्ट्रा स्टोरेज के लिए प्लान ₹59 से शुरू अगर आप एंड्रॉएड स्मार्टफोन यूजर हैं और अपने फोन का बैकअप गूगल अकाउंट पर रखते हैं, तो अब अकाउंट का फ्री 15GB स्टोरेज जल्दी फुल हो सकता है। क्योंकि, गूगल ने अपनी स्टोरेज पॉलिसी बदल दी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सरकार ने एयर सुविधा 2.0 पोर्टल लॉन्च किया: अब भारत आने वाले हर यात्री को हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना जरूरी; जानें प्रोसेस भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयर सुविधा पोर्टल को नए रूप में ‘एयर सुविधा 2.0’ नाम से दोबारा शुरू किया है। अब यूएई सहित दुनिया के किसी भी शहर से भारत आने वाले हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को उड़ान भरने से पहले यह ऑनलाइन हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. टाटा ग्रुप में नई पीढ़ी को कमान सौंपने की रणनीति: नोएल टाटा की बेटी माया संभालेंगी रिटेल चेन ‘वेस्टसाइड’ का ई-कॉमर्स टाटा ग्रुप की फैशन रिटेल चेन ‘वेस्टसाइड’ के ई-कॉमर्स मार्केटिंग की कमान नोएल टाटा की बेटी माया टाटा (37 साल) संभालेंगी। सोमवार को हुए इस बदलाव का मकसद वेस्टसाइड की ऑनलाइन मौजूदगी बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. 15% तक महंगा हो सकता है मोबाइल रिचार्ज: अगले 3-4 महीने में बढ़ोतरी हो सकती है, जियो-एयरटेल का मार्केट शेयर और बढ़ेगा अगले 3 से 4 महीने में मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट प्लान महंगे हो सकते हैं। सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां टैरिफ में 12 से 15% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार मार्केट में अब मुख्य रूप से 3 प्राइवेट और 1 सरकारी यानी BSNL कंपनी ही बची हैं, जिससे कंसॉलिडेशन यानी बाजार का सिमट गया है। ऐसे में कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाने का माहौल बन गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business Android Storage Full Soon | Mobile Recharge Price Hike | Ethanol Plan Delay नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एथेनॉल से जुड़ी रही। पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। वहीं अगर आप एंड्रॉएड स्मार्टफोन यूजर हैं और अपने फोन का बैकअप गूगल अकाउंट पर रखते हैं, तो अब अकाउंट का फ्री 15GB स्टोरेज जल्दी फुल हो सकता है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने का प्लान टल सकता है: अभी 20% मिलाया जा रहा; इससे माइलेज घटने का दावा, पार्ट्स खराब होने की शिकायत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. एंड्रॉएड यूजर्स का फ्री स्टोरेज जल्दी फुल होगा: कॉल हिस्ट्री और SMS बैकअप 15GB में जुड़ेगा, एक्स्ट्रा स्टोरेज के लिए प्लान ₹59 से शुरू अगर आप एंड्रॉएड स्मार्टफोन यूजर हैं और अपने फोन का बैकअप गूगल अकाउंट पर रखते हैं, तो अब अकाउंट का फ्री 15GB स्टोरेज जल्दी फुल हो सकता है। क्योंकि, गूगल ने अपनी स्टोरेज पॉलिसी बदल दी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सरकार ने एयर सुविधा 2.0 पोर्टल लॉन्च किया: अब भारत आने वाले हर यात्री को हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना जरूरी; जानें प्रोसेस भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयर सुविधा पोर्टल को नए रूप में ‘एयर सुविधा 2.0’ नाम से दोबारा शुरू किया है। अब यूएई सहित दुनिया के किसी भी शहर से भारत आने वाले हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को उड़ान भरने से पहले यह ऑनलाइन हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. टाटा ग्रुप में नई पीढ़ी को कमान सौंपने की रणनीति: नोएल टाटा की बेटी माया संभालेंगी रिटेल चेन ‘वेस्टसाइड’ का ई-कॉमर्स टाटा ग्रुप की फैशन रिटेल चेन ‘वेस्टसाइड’ के ई-कॉमर्स मार्केटिंग की कमान नोएल टाटा की बेटी माया टाटा (37 साल) संभालेंगी। सोमवार को हुए इस बदलाव का मकसद वेस्टसाइड की ऑनलाइन मौजूदगी बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. 15% तक महंगा हो सकता है मोबाइल रिचार्ज: अगले 3-4 महीने में बढ़ोतरी हो सकती है, जियो-एयरटेल का मार्केट शेयर और बढ़ेगा अगले 3 से 4 महीने में मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट प्लान महंगे हो सकते हैं। सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां टैरिफ में 12 से 15% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार मार्केट में अब मुख्य रूप से 3 प्राइवेट और 1 सरकारी यानी BSNL कंपनी ही बची हैं, जिससे कंसॉलिडेशन यानी बाजार का सिमट गया है। ऐसे में कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाने का माहौल बन गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sanjiv Jain North Korea Ambassador Appointment | India Indonesia Brahmos Deal

Sanjiv Jain North Korea Ambassador Appointment | India Indonesia Brahmos Deal

Hindi News Career Sanjiv Jain North Korea Ambassador Appointment | India Indonesia Brahmos Deal | Girish Bhardwaj Deat 16 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. भारत इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील हुई 7 जुलाई को भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील हुई। इसके साथ ही 20 और समझौते हुए। ब्रह्मोस को लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की एडिशनल यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। भारत-इंडोनेशिया समझौते के तहत भारत, इंडोनेशिया को ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल होने वाला भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल भी बेचेगा। भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में भी मदद करेगा। ये समझौते पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुए। इस मौके पर इंडोनेशिया सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग आदिपूर्णा’ से सम्मानित किया। बिन्तांग आदिपूर्णा सम्मान अंतरराष्ट्रीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है। इंडोनेशिया में ये पुरस्कार भारत रत्न के बराबर माना जाता है। इंडोनेशिया के इस सर्वोच्च सम्मान की स्थापना 1959 में की गई थी। जकार्ता के राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। निधन (DEATH) 2. पद्मश्री गिरीश भारद्वाज का निधन 7 जुलाई को ब्रिज मैन ऑफ इंडिया कहे जाने वाले डॉ. गिरीश भारद्वाज का निधन हो गया। वे 76 साल के थे। गिरीश एक प्रोफेशनल मैकेनिकल इंजीनियर और सोशल इनोवेशन की शुरुआत करने वाले थे। गिरीश ने 1989 में पयस्विनी नदी, कर्नाटक पर पहला सस्पेंशन फुटब्रिज बनाया था। गिरीश ने लगभग तीन दशकों में भारत के कई राज्यों में 140 से ज्यादा कम लागत वाले सस्पेंशन फुटब्रिज बनाए। गिरीश ने पुलों के जरिए दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों को स्कूल, अस्पताल और बाजारों से जोड़कर हजारों लोगों के जीवन को आसान बनाया। गिरीश को 2017 में ग्रामीण संपर्क और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। गिरीश ने ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत वाले पर्यावरण-अनुकूल पुल बनाए, जो एक सफल मॉडल माने जाते हैं। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 3. संजीव जैन नॉर्थ कोरिया के नए राजदूत अपॉइंट हुए 7 जुलाई को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने संजीव जैन को नॉर्थ कोरिया में भारत का अगला राजदूत अपॉइंट किया। संजीव 2008 बैच के IFS ऑफिसर हैं और वे आलियावती लोंगकुमेर की जगह लेंगे। संजीव वर्तमान में अफ्रीकन देश काबो वर्डे में भारत के राजदूत थे। इसके साथ ही उन्होंने पेरिस में भारतीय दूतावास में काम किया और श्रीलंका के कैंडी भारतीय वाणिज्य दूतावास में अपनी सेवाएं दी। संजय दुबई में भारतीय मिशन में राजनयिक पद पर काम कर चुके हैं। नेशनल (NATIONAL) 4. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डूरंड कप 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया 7 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में डूरंड कप 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी मौजूद रहे। डूरंड कप एशिया की सबसे पुरानी फुटबॉल चैंपियनशिप में से एक है और ये इसका 135वां संस्करण है। डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त तक पांच शहरों कोलकाता, रांची, इम्फाल, शिलांग और गुवाहाटी में खेला जाएगा। इसकी शुरुआत कोलकाता से होगी। इसमें छह ग्रुप विजेता और दो सर्वश्रेष्ठ उपविजेता क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगे, जो 16 अगस्त से शुरू होंगे। सेमीफाइनल 19 और 20 अगस्त को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 23 अगस्त को कोलकाता में निर्धारित है। ट्रॉफियों के अनावरण के साथ ही डूरंड कप 2026 के ट्रॉफी टूर की आधिकारिक शुरुआत की जाएगी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. फुटबॉलर क्रिस्टियानों रोनाल्डो ने अपने करियर का आखिरी FIFA खेला 7 जुलाई को स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानों रोनाल्डो ने अपना आखिरी FIFA वर्ल्ड कप खेला रोनाल्डो ने 2006 में FIFA वर्ल्ड कप में डेब्यू किया था। 2006 में इसी ही FIFA टूर्नामेंट में रोनाल्डो ने पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाया था। रोनाल्डो के वर्ल्ड कप करियर का ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। साल 2018 में रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में यादगार हैट्रिक लगाई थी। 3-3 से खत्म हुए मैच को वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है। साल 2008 में रोनाल्डो ने पहला बैलन डी’ओर पुरस्कार जीता और अब तक 5 बैलन डी’ओर जीते हैं। 2011 से 2018 तक रोनाल्डो रियल मैड्रिड के इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। रोनाल्डो 4 UEFA चैंपियनशिप खिताब जीते। मिसलीनीयस 6. चीन में भ्रष्टाचार करने वाले पूर्व अधिकारी को मौत की सजा 7 जुलाई को चीन की एक अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में एक पूर्व सीनियर अधिकारी यांग योलिन को मौत की सजा सुनाई है। यांग योलिन पर रिश्वत लेने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप सिद्ध हुआ। यांग नानजिंग शहर में आर्थिक विकास विभाग में काम करते थे। यांग पर पिछले 30 साल में 325 मिलियन डॉलर यानी करीब 31 अरब रुपए की रिश्वत का आरोप साबित हुआ है। अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार की गंभीरता और समाज पर इसके प्रभाव को देखते हुए कठोर सजा जरूरी है। चीन में भ्रष्टाचार रोधी अभियान के तहत अभी तक जितने भी मामले उजागर हुए हैं, उनमें से यांग योलिन की रिश्वत की रकम सबसे बड़ी है। चीन में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक का प्रावधान है। चीन में भ्रष्टाचार अभियान का उद्देश्य सरकारी स्ट्रक्चर में पारदर्शिता बढ़ाना और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण रखना है। इससे पहले 2024 में नॉर्थ चाइना में आने वाले इनर मंगोलिया में ली जियानपिंग को गबन और रिश्वतखोरी का दोषी पाए जाने के बाद फांसी दी गई थी। साल 2021 में सरकारी कंपनी के पार्टी सेक्रेटरी लाई जियाओमिन को रिश्वत लेने, गबन करने और एक से ज्यादा शादी करने के अपराध में फांसी दी गई थी। आज का इतिहास 1497 में पुर्तगाली नाविक वास्को डी गामा अपने जहाज से रवाना हुये और भारत की यात्रा समुद्र से करने वाले पहले यूरोपीय बने। 1954 में सतलुज नदी पर निर्मित भाखड़ा नांगल पनबिजली परियोजना का प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उद्घाटन किया था। —————— ये खबर पढ़ें… आंध्र प्रदेश में 13वीं शताब्दी

हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस होने के दावे पर बोलीं हेमा मालिनी:आज के स्टार्स की फीस का थोड़ा भी नहीं मिला, पैसों के लिए काम नहीं किया

हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस होने के दावे पर बोलीं हेमा मालिनी:आज के स्टार्स की फीस का थोड़ा भी नहीं मिला, पैसों के लिए काम नहीं किया

बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस और सांसद हेमा मालिनी ने 1970 और 80 के दशक में इंडस्ट्री की सबसे महंगी एक्ट्रेस होने के दावे को खारिज कर दिया है। ‘हिंदी रश’ पॉडकास्ट में हेमा मालिनी ने कहा कि उन्हें कभी भी आज के स्टार्स जितनी मोटी फीस नहीं मिली। उन्होंने साफ किया कि वे पैसों के लिए काम नहीं करती थीं। लोकप्रियता बढ़ने के साथ फीस में केवल मामूली बढ़ोतरी होती थी। एक्ट्रेस के मुताबिक, उनके काम को निर्माताओं ने पसंद किया, लेकिन कमाई से ज्यादा उनके लिए फिल्मों का अनुभव और पहचान मायने रखती थी। आज के स्टार्स की फीस का थोड़ा भी नहीं मिलता था हेमा मालिनी ने इंटरव्यू में पूछा कि यह किसने कहा कि वे सबसे महंगी एक्ट्रेस थीं? उन्होंने बताया कि उनके दौर में बहुत कम पैसे मिलते थे। आज के दौर के कलाकारों को जो बड़ी रकम मिलती है, उन्हें उसका एक छोटा हिस्सा भी नहीं मिलता था। एक्ट्रेस ने कहा कि निर्देशक और निर्माता उन्हें बहुत पसंद करते थे, लेकिन उन्होंने कभी पैसों को सामने रखकर काम नहीं किया। जैसे-जैसे नाम बढ़ता गया, मेकर्स अपनी मर्जी से भुगतान थोड़ा बढ़ा देते थे। लिफाफा मिलता, उसे दीक्षा की तरह मानती थीं हेमा मालिनी ने बताया कि उनके काम का पूरा मैनेजमेंट उनकी मां संभालती थीं। उनकी मां निर्माताओं को लेकर बहुत उदार थीं। अगर कोई निर्माता आकर कहता था कि वह इस फिल्म के लिए ज्यादा पैसे नहीं दे सकता, तो उनकी मां बिना किसी आपत्ति के मान जाती थीं। उन्होंने कभी किसी फिल्म के लिए यह शर्त नहीं रखी कि इतनी फीस मिलने पर ही काम करेंगी। निर्माता जो भी छोटा-मोटा लिफाफा दे दे थे, उसे वे दीक्षा की तरह स्वीकार कर लेती थीं। पैसों से बढ़कर उनके लिए फिल्मों से मिलने वाला सम्मान था। ‘सपनों का सौदागर’ से शुरू हुआ था फिल्मी सफर हेमा मालिनी ने साल 1968 में आई फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद 1970 और 1980 के दशक में वे एक बड़ी स्टार बनकर उभरीं। उन्होंने ‘सीता और गीता’, ‘शोले’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘सत्ते पे सत्ता’ और ‘बागबान’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। दर्शकों के बीच उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को काफी पसंद किया गया, जिसके बाद उन्हें बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ कहा जाने लगा। राजनीति में सक्रिय हैं और मिल चुका है पद्म श्री फिल्मों के अलावा हेमा मालिनी एक कुशल भरतनाट्यम डांसर भी हैं। वर्तमान में वे राजनीति में सक्रिय हैं और लोकसभा सदस्य (सांसद) के रूप में काम कर रही हैं। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए साल 2000 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया था। इसके बाद साल 2012 में सर पदमपत सिंहानिया यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी दी थी। अभिनय के बाद निर्देशन में भी आजमाया हाथ अभिनय में सफलता पाने के बाद हेमा मालिनी ने निर्देशन और प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी कदम रखा। उन्होंने साल 1992 में फिल्म ‘दिल आशना है’ का निर्देशन और निर्माण किया था। इस फिल्म में शाहरुख खान और दिव्या भारती मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके बाद साल 1995 में उन्होंने अपनी भतीजी मधू और सुदेश बेरी को लेकर फिल्म ‘मोहिनी’ बनाई थी। बाद में उन्होंने फिल्मों में काम कम कर दिया और क्लासिकल डांस के साथ टीवी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना शुरू किया।

Neetu Kapoor Birthday Interesting Facts; Rishi Kapoor Marriage

Neetu Kapoor Birthday Interesting Facts; Rishi Kapoor Marriage

16 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक आज नीतू कपूर अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। बचपन में पिता का साया उठ जाने के बाद जिम्मेदारियों ने मासूम उम्र में ही उनके हाथों में किताबों की जगह फिल्मी स्क्रिप्ट थमा दी। कैमरे के सामने मुस्कुराती उस बच्ची ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन वह हिंदी सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाएगी। लेकिन नीतू कपूर की जिंदगी सिर्फ स्टारडम की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, प्यार, त्याग और मजबूत इरादों का सफर है। ऋषि कपूर के साथ रिश्ते की खबर पर मां का थप्पड़, शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन का बेहोश हो जाना, शादी के बाद ऋषि कपूर का यह कहना कि उनके करियर पर इसका असर पड़ा, और फिर परिवार के लिए नीतू का फिल्मों से दूरी बना लेना, उनकी जिंदगी के ये किस्से आज भी खूब चर्चा में रहते हैं। 26 साल बाद जब उन्होंने फिल्मों में वापसी की, तो अपनी दमदार एक्टिंग से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया। आज नीतू कपूर अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें। बचपन में ही पिता का साया उठ गया 8 जुलाई 1958 को दिल्ली में जन्मीं नीतू कपूर का असली नाम हरमीत कौर था। वह पंजाबी सिख परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके जन्म के बाद परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था। बचपन में ही पिता का साया उठ गया। इसके बाद परिवार की माली हालत बिगड़ गई और दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया। ऐसे में राजी कौर ने फिल्मों में काम पाने की कोशिश की, लेकिन बार-बार रिजेक्शन मिला। उन्हें एहसास हुआ कि उनके लिए अब देर हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने अपना अधूरा सपना बेटी नीतू के जरिए पूरा करने का फैसला किया। राजी नन्ही नीतू को लेकर फिल्म स्टूडियोज के चक्कर लगाने लगीं। शुरुआत में उन्हें फिर रिजेक्शन मिला, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। ‘बेबी सोनिया’ के नाम से शुरू हुआ अभिनय का सफर नीतू कपूर ने महज आठ साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखा था। शुरुआती दौर में वह ‘बेबी सोनिया’ नाम से जानी जाती थीं। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने फिल्म ‘सूरज’ (1966) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘दस लाख’, ‘दो कलियां’, ‘दो दूनी चार’ और ‘वारिस’ जैसी कई फिल्मों में काम किया और अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल जीत लिया। हालांकि, उस समय उनकी मां बाल कलाकार के रूप में नीतू को मिल रही लोकप्रियता से खुश नहीं थीं। उस दौर में बाल कलाकारों के लिए अभिनय आसान नहीं माना जाता था, लेकिन नीतू कैमरे के सामने बिल्कुल सहज रहती थीं। निर्देशक उनकी संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं से प्रभावित रहते थे। लगातार काम करते-करते उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीख लीं। फिल्म ‘रिक्शावाला’ से बनीं मुख्य अभिनेत्री बाल कलाकार के बाद नीतू कपूर ने मुख्य अभिनेत्री के रूप में फिल्म ‘रिक्शावाला’ (1973) से पहचान बनाई। उस समय उनकी उम्र 15 साल थी। के. शंकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर के अपोजिट काम किया था। इसके बाद उन्हें लगातार बड़े बैनरों और लोकप्रिय अभिनेताओं के साथ काम करने का मौका मिला। उनकी मासूम मुस्कान और स्वाभाविक अभिनय ने दर्शकों का दिल जीता। कुछ ही वर्षों में वह बॉलीवुड की सबसे व्यस्त अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। निर्माता-निर्देशक उन्हें रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों के लिए पहली पसंद मानने लगे। इन फिल्मों ने बनाया सुपरस्टार नीतू कपूर ने अपने करियर में ‘दीवार’, ‘खेल-खेल में’, ‘रफू चक्कर’, ‘कभी-कभी’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘धरम-वीर’, ‘झूठा कहीं का’, ‘याराना’ और ‘कस्मे वादे’ जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी जोड़ी सबसे ज्यादा ऋषि कपूर के साथ पसंद की गई। दोनों ने कई सुपरहिट फिल्में दीं। नीतू का चुलबुला अंदाज और स्क्रीन पर उनकी ऊर्जा दर्शकों को बेहद पसंद आती थी। यही वजह रही कि वह अपने दौर की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं। ऋषि कपूर से पहली मुलाकात नीतू कपूर और ऋषि कपूर की पहली मुलाकात फिल्म ‘जहरीला इंसान’ (1974) की शूटिंग के दौरान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच छोटी-छोटी नोकझोंक होती थी। ऋषि कपूर का स्वभाव गंभीर था, जबकि नीतू बेहद हंसमुख थीं। साथ काम करते-करते दोनों अच्छे दोस्त बने और यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंद बन गई। दोस्ती कब प्यार में बदली लगातार साथ काम करते हुए ऋषि कपूर और नीतू कपूर एक-दूसरे को बेहतर समझने लगे। शूटिंग के दौरान दोनों घंटों बातें करते थे। ऋषि कपूर नीतू का ख्याल रखते थे और उनके लिए चिट्ठियां व छोटे-छोटे गिफ्ट भेजते थे। धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता गहरा हुआ। उस दौर में उनकी प्रेम कहानी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल हो गई। दोनों ने रिश्ते को गंभीरता से लिया और शादी का फैसला किया। डेटिंग का पता चला तो मां ने मारा थप्पड़ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इंटरव्यू में नीतू कपूर ने बताया था कि उनकी मां को उनके और ऋषि कपूर के रिश्ते की जानकारी मिली तो वह नाराज हो गई थीं। मां ने उन्हें थप्पड़ तक मार दिया था। उस समय परिवार को उनकी कम उम्र और करियर की चिंता थी। बाद में दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। समय के साथ मतभेद खत्म हुए और शादी की तैयारियां शुरू हो गईं। शादी के दिन बेहोश हो गए थे दूल्हा-दुल्हन 22 जनवरी 1980 को ऋषि कपूर और नीतू कपूर शादी के बंधन में बंध गए। यह बॉलीवुड की सबसे चर्चित शादियों में से एक थी। शादी में बड़ी संख्या में फिल्मी सितारे शामिल हुए। बाद में दोनों ने बताया कि शादी की रस्मों और भीड़ की वजह से वे काफी थक गए थे। नीतू का भारी लहंगा और लगातार चल रही रस्में उनके लिए मुश्किल साबित हुईं, जबकि ऋषि कपूर भी भीड़ और तनाव के कारण असहज हो गए थे। इसी वजह से दोनों कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे। ऋषि कपूर शादी नहीं करना चाहते थे ऋषि कपूर ने अपनी बायोग्राफी खुल्लम खुल्ला में लिखा था कि एक समय उन्हें शादी

Neetu Kapoor Birthday Interesting Facts; Rishi Kapoor Marriage

Neetu Kapoor Birthday Interesting Facts; Rishi Kapoor Marriage

58 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक आज नीतू कपूर अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। बचपन में पिता का साया उठ जाने के बाद जिम्मेदारियों ने मासूम उम्र में ही उनके हाथों में किताबों की जगह फिल्मी स्क्रिप्ट थमा दी। कैमरे के सामने मुस्कुराती उस बच्ची ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन वह हिंदी सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाएगी। लेकिन नीतू कपूर की जिंदगी सिर्फ स्टारडम की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, प्यार, त्याग और मजबूत इरादों का सफर है। ऋषि कपूर के साथ रिश्ते की खबर पर मां का थप्पड़, शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन का बेहोश हो जाना, शादी के बाद ऋषि कपूर का यह कहना कि उनके करियर पर इसका असर पड़ा, और फिर परिवार के लिए नीतू का फिल्मों से दूरी बना लेना, उनकी जिंदगी के ये किस्से आज भी खूब चर्चा में रहते हैं। 26 साल बाद जब उन्होंने फिल्मों में वापसी की, तो अपनी दमदार एक्टिंग से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया। आज नीतू कपूर अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें। बचपन में ही पिता का साया उठ गया 8 जुलाई 1958 को दिल्ली में जन्मीं नीतू कपूर का असली नाम हरमीत कौर था। वह पंजाबी सिख परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके जन्म के बाद परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था। बचपन में ही पिता का साया उठ गया। इसके बाद परिवार की माली हालत बिगड़ गई और दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया। ऐसे में राजी कौर ने फिल्मों में काम पाने की कोशिश की, लेकिन बार-बार रिजेक्शन मिला। उन्हें एहसास हुआ कि उनके लिए अब देर हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने अपना अधूरा सपना बेटी नीतू के जरिए पूरा करने का फैसला किया। राजी नन्ही नीतू को लेकर फिल्म स्टूडियोज के चक्कर लगाने लगीं। शुरुआत में उन्हें फिर रिजेक्शन मिला, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। ‘बेबी सोनिया’ के नाम से शुरू हुआ अभिनय का सफर नीतू कपूर ने महज आठ साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखा था। शुरुआती दौर में वह ‘बेबी सोनिया’ नाम से जानी जाती थीं। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने फिल्म ‘सूरज’ (1966) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘दस लाख’, ‘दो कलियां’, ‘दो दूनी चार’ और ‘वारिस’ जैसी कई फिल्मों में काम किया और अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल जीत लिया। हालांकि, उस समय उनकी मां बाल कलाकार के रूप में नीतू को मिल रही लोकप्रियता से खुश नहीं थीं। उस दौर में बाल कलाकारों के लिए अभिनय आसान नहीं माना जाता था, लेकिन नीतू कैमरे के सामने बिल्कुल सहज रहती थीं। निर्देशक उनकी संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं से प्रभावित रहते थे। लगातार काम करते-करते उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीख लीं। फिल्म ‘रिक्शावाला’ से बनीं मुख्य अभिनेत्री बाल कलाकार के बाद नीतू कपूर ने मुख्य अभिनेत्री के रूप में फिल्म ‘रिक्शावाला’ (1973) से पहचान बनाई। उस समय उनकी उम्र 15 साल थी। के. शंकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर के अपोजिट काम किया था। इसके बाद उन्हें लगातार बड़े बैनरों और लोकप्रिय अभिनेताओं के साथ काम करने का मौका मिला। उनकी मासूम मुस्कान और स्वाभाविक अभिनय ने दर्शकों का दिल जीता। कुछ ही वर्षों में वह बॉलीवुड की सबसे व्यस्त अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। निर्माता-निर्देशक उन्हें रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों के लिए पहली पसंद मानने लगे। इन फिल्मों ने बनाया सुपरस्टार नीतू कपूर ने अपने करियर में ‘दीवार’, ‘खेल-खेल में’, ‘रफू चक्कर’, ‘कभी-कभी’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘धरम-वीर’, ‘झूठा कहीं का’, ‘याराना’ और ‘कस्मे वादे’ जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी जोड़ी सबसे ज्यादा ऋषि कपूर के साथ पसंद की गई। दोनों ने कई सुपरहिट फिल्में दीं। नीतू का चुलबुला अंदाज और स्क्रीन पर उनकी ऊर्जा दर्शकों को बेहद पसंद आती थी। यही वजह रही कि वह अपने दौर की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं। ऋषि कपूर से पहली मुलाकात नीतू कपूर और ऋषि कपूर की पहली मुलाकात फिल्म ‘जहरीला इंसान’ (1974) की शूटिंग के दौरान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच छोटी-छोटी नोकझोंक होती थी। ऋषि कपूर का स्वभाव गंभीर था, जबकि नीतू बेहद हंसमुख थीं। साथ काम करते-करते दोनों अच्छे दोस्त बने और यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंद बन गई। दोस्ती कब प्यार में बदली लगातार साथ काम करते हुए ऋषि कपूर और नीतू कपूर एक-दूसरे को बेहतर समझने लगे। शूटिंग के दौरान दोनों घंटों बातें करते थे। ऋषि कपूर नीतू का ख्याल रखते थे और उनके लिए चिट्ठियां व छोटे-छोटे गिफ्ट भेजते थे। धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता गहरा हुआ। उस दौर में उनकी प्रेम कहानी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल हो गई। दोनों ने रिश्ते को गंभीरता से लिया और शादी का फैसला किया। डेटिंग का पता चला तो मां ने मारा थप्पड़ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इंटरव्यू में नीतू कपूर ने बताया था कि उनकी मां को उनके और ऋषि कपूर के रिश्ते की जानकारी मिली तो वह नाराज हो गई थीं। मां ने उन्हें थप्पड़ तक मार दिया था। उस समय परिवार को उनकी कम उम्र और करियर की चिंता थी। बाद में दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। समय के साथ मतभेद खत्म हुए और शादी की तैयारियां शुरू हो गईं। शादी के दिन बेहोश हो गए थे दूल्हा-दुल्हन 22 जनवरी 1980 को ऋषि कपूर और नीतू कपूर शादी के बंधन में बंध गए। यह बॉलीवुड की सबसे चर्चित शादियों में से एक थी। शादी में बड़ी संख्या में फिल्मी सितारे शामिल हुए। बाद में दोनों ने बताया कि शादी की रस्मों और भीड़ की वजह से वे काफी थक गए थे। नीतू का भारी लहंगा और लगातार चल रही रस्में उनके लिए मुश्किल साबित हुईं, जबकि ऋषि कपूर भी भीड़ और तनाव के कारण असहज हो गए थे। इसी वजह से दोनों कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे। ऋषि कपूर शादी नहीं करना चाहते थे ऋषि कपूर ने अपनी बायोग्राफी खुल्लम खुल्ला में लिखा था कि एक समय उन्हें शादी

हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस होने के दावे पर बोलीं हेमा मालिनी:आज के स्टार्स की फीस का थोड़ा भी नहीं मिला, पैसों के लिए काम नहीं किया

हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस होने के दावे पर बोलीं हेमा मालिनी:आज के स्टार्स की फीस का थोड़ा भी नहीं मिला, पैसों के लिए काम नहीं किया

बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस और सांसद हेमा मालिनी ने 1970 और 80 के दशक में इंडस्ट्री की सबसे महंगी एक्ट्रेस होने के दावे को खारिज कर दिया है। ‘हिंदी रश’ पॉडकास्ट में हेमा मालिनी ने कहा कि उन्हें कभी भी आज के स्टार्स जितनी मोटी फीस नहीं मिली। उन्होंने साफ किया कि वे पैसों के लिए काम नहीं करती थीं। लोकप्रियता बढ़ने के साथ फीस में केवल मामूली बढ़ोतरी होती थी। एक्ट्रेस के मुताबिक, उनके काम को निर्माताओं ने पसंद किया, लेकिन कमाई से ज्यादा उनके लिए फिल्मों का अनुभव और पहचान मायने रखती थी। आज के स्टार्स की फीस का थोड़ा भी नहीं मिलता था हेमा मालिनी ने इंटरव्यू में पूछा कि यह किसने कहा कि वे सबसे महंगी एक्ट्रेस थीं? उन्होंने बताया कि उनके दौर में बहुत कम पैसे मिलते थे। आज के दौर के कलाकारों को जो बड़ी रकम मिलती है, उन्हें उसका एक छोटा हिस्सा भी नहीं मिलता था। एक्ट्रेस ने कहा कि निर्देशक और निर्माता उन्हें बहुत पसंद करते थे, लेकिन उन्होंने कभी पैसों को सामने रखकर काम नहीं किया। जैसे-जैसे नाम बढ़ता गया, मेकर्स अपनी मर्जी से भुगतान थोड़ा बढ़ा देते थे। लिफाफा मिलता, उसे दीक्षा की तरह मानती थीं हेमा मालिनी ने बताया कि उनके काम का पूरा मैनेजमेंट उनकी मां संभालती थीं। उनकी मां निर्माताओं को लेकर बहुत उदार थीं। अगर कोई निर्माता आकर कहता था कि वह इस फिल्म के लिए ज्यादा पैसे नहीं दे सकता, तो उनकी मां बिना किसी आपत्ति के मान जाती थीं। उन्होंने कभी किसी फिल्म के लिए यह शर्त नहीं रखी कि इतनी फीस मिलने पर ही काम करेंगी। निर्माता जो भी छोटा-मोटा लिफाफा दे दे थे, उसे वे दीक्षा की तरह स्वीकार कर लेती थीं। पैसों से बढ़कर उनके लिए फिल्मों से मिलने वाला सम्मान था। ‘सपनों का सौदागर’ से शुरू हुआ था फिल्मी सफर हेमा मालिनी ने साल 1968 में आई फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद 1970 और 1980 के दशक में वे एक बड़ी स्टार बनकर उभरीं। उन्होंने ‘सीता और गीता’, ‘शोले’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘सत्ते पे सत्ता’ और ‘बागबान’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। दर्शकों के बीच उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को काफी पसंद किया गया, जिसके बाद उन्हें बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ कहा जाने लगा। राजनीति में सक्रिय हैं और मिल चुका है पद्म श्री फिल्मों के अलावा हेमा मालिनी एक कुशल भरतनाट्यम डांसर भी हैं। वर्तमान में वे राजनीति में सक्रिय हैं और लोकसभा सदस्य (सांसद) के रूप में काम कर रही हैं। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए साल 2000 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया था। इसके बाद साल 2012 में सर पदमपत सिंहानिया यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी दी थी। अभिनय के बाद निर्देशन में भी आजमाया हाथ अभिनय में सफलता पाने के बाद हेमा मालिनी ने निर्देशन और प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी कदम रखा। उन्होंने साल 1992 में फिल्म ‘दिल आशना है’ का निर्देशन और निर्माण किया था। इस फिल्म में शाहरुख खान और दिव्या भारती मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके बाद साल 1995 में उन्होंने अपनी भतीजी मधू और सुदेश बेरी को लेकर फिल्म ‘मोहिनी’ बनाई थी। बाद में उन्होंने फिल्मों में काम कम कर दिया और क्लासिकल डांस के साथ टीवी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना शुरू किया।