लौकी पोहा कटलेट रेसिपी: कम तेल में झटपट लौकी और हे के कटलेट, जानने के लिए है असर; विधि नोट करें

सामग्री: 1 लोकी, 1 कप पोहा, 2 टुकड़े किये हुए आलू, 2-3 हरी मिर्च, मसाला अदरक, हरा धनियां, ½ बड़ी लाल मिर्च और हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच गरम मसाला, ½ छोटा मसाला जीरा, नमक, 1-2 बड़ा मसाला ब्रेड क्रम्ब्स, तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले पोहे को धोकर 5 मिनट के लिए रखें ताकि वह नर हो जाए। कद्दू की हुई लौकी को बिजली साकस ने उसका अतिरिक्त पानी निकाल दिया। छवि: एआई अब एक बड़ा पोहा में लोकी, भीगा हुआ पोहा और मसले हुए आलू डाले। इसमें हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला और जीरा मसाला अच्छा मिला लें। छवि: एआई यदि मिश्रण में अधिक मात्रा में नमक मिलाया जाता है तो इसमें चावल का आटा या ब्रेड क्रम्ब्स मिलाया जाता है। अब इस मिश्रण से अपनी पसंद के अनुसार गोल या ओवल साइज का कटलेट तैयार करें। छवि: एआई – स्टिक तवे पर थोड़ा सा नॉन आयल लगाए कट चित्र को दोनों तरफ से सोना और कुरकुरा होने तक सेंक लें। तैयार कटैग को हरी चटनी, टमाटर सॉस या दही की चटनी के साथ गरम रामें। छवि: एआई कट स्टिल को और नॉटिकल बनाने के लिए इसमें कद्दूकस की हुई गाजर या स्टॉल कटी साबुत मिर्च भी मिला सकते हैं। अगर रंगीन प्लाज्मा स्वाद पसंद है, तो चाट मसाला या काली मिर्च भी डालें। छवि: एआई क्रिस्पी टेक्स्टर्स के लिए ऊपर से प्रभाव सा सूजी या बेड क्रैम्ब्स कोट लेकर सेंकें। कट कैटलॉग को डीप फ्री करने की बजाय शैलो फ्री या एयर फ्री करें। छवि: एआई लोकी सलाद, विटामिन और पानी से भरपूर होता है, जबकि पोहा प्रभाव और आसानी से पचने वाला होता है। कम तेल में बनने की वजह से यह रेसिपी मास्टर भी है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है। छवि: इंस्टाग्राम यही कारण है कि यह बच्चों के साथ-साथ टिफिन और शाम के नाश्ते के लिए भी एक शानदार विकल्प है। छवि: एआई अगर आप स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल चाहते हैं, तो इस आसान लोकी-पोहा कटलेट रेसिपी को जरूर देखें। घर के बड़े हों या बच्चे, सभी इसे बड़े चाव से खाना पसंद करेंगे। छवि: फ्रीपिक
Vietnam Boat Capsize: 15 Indian Tourists Dead

हनोई7 मिनट पहले कॉपी लिंक वियतनाम में शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत के बाद स्पीडबोट कैप्टन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर केस दर्ज किया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भारतीय टूरिस्ट ‘लावा मोबाइल’ के चैनल पार्टनर और कर्मचारी थे। सभी कंपनी के टॉप परफॉर्मिंग डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए आयोजित रिवॉर्ड ट्रिप पर वियतनाम गए थे। कई पीड़ित परिवारों ने बताया कि उन्हें हादसे की पहली जानकारी टीवी चैनलों या दोस्तों के फोन से मिली। इसके बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन ने उनसे संपर्क किया। कई परिवार अब भी अपने परिजन के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती जांच में स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मौसम अचानक खराब होने और ऊंची लहरों की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है। शनिवार को वियतनाम में 32 भारतीयों पर्यटकों से भरी स्पीडबोच पलट गई थी। तस्वीर में बोट पलटी नजर आ रही है। पलटी बोट के नीचे फंस गए थे पर्यटक भारतीय दूतावास के मुताबिक बोट में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार वियतनामी क्रू मेंबर थे। बोट माय रुट द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर जा रही थी। तभी अचानक मौसम बदला और तेज लहरों के बीच बोट कुछ ही सेकेंड में पलट गई। बचे हुए यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। जो लोग बोट के आगे बैठे थे वे समुद्र में कूदकर बाहर निकल गए लेकिन अंदर बैठे कई यात्री उलटी हुई बोट के नीचे फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। स्थानीय नाविक हा वान लोक ने बताया कि उन्होंने समुद्र में पलटी हुई बोट देखी, जिस पर कई लोग चिपके हुए थे। कुछ लोग बिना लाइफ जैकेट के समुद्र में बह रहे थे। उनकी टीम ने रस्सी फेंककर लोगों को बाहर निकाला और तुरंत दूसरी रेस्क्यू टीमों को सूचना दी। बाद में जेट स्की की मदद से घायलों को किनारे पहुंचाया गया। शनिवार को हुए हादसे के इस वीडियो में कुछ लोग बोट के साइड में हैं और कुछ बोट के ऊपर बैठें नजर आ रहे हैं। सर्वाइवर बोले- समय पर इलाज मिलता तो और जानें बच सकती थीं हादसे में बचे भारतीय पर्यटक निर्मल कुमार ने बताया कि स्थानीय रेस्क्यू टीम जल्दी पहुंच गई थी, लेकिन पास के द्वीप पर पर्याप्त मेडिकल उपकरण और जरूरी दवाइयां नहीं थीं। निर्मल कुमार के मुताबिक उनके साथ मौजूद एक डॉक्टर ने भी कहा कि अगर जरूरी दवाएं और मेडिकल सुविधाएं होतीं तो कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि करीब दो-तीन घंटे बाद वियतनाम एयर फोर्स पहुंची और घायलों का इलाज शुरू कराया। आंध्र प्रदेश के एक अन्य जीवित बचे यात्री ने PTI को बताया कि बोट द्वीप से केवल 300-400 मीटर ही आगे बढ़ी थी। सभी लोग तस्वीरें ले रहे थे, तभी अचानक बोट पलट गई। उन्होंने कहा, “हम सभी मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो गया।” हादसे के बाद कुछ लोगों ने CPR देकर मदद की कोशिश की। पार्थिव शरीरों को जल्द भारत लाने की तैयारी तमिलनाडु BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपील की कि तमिलनाडु के 10 मृतकों के शव जल्द राज्य लाए जाएं। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की भी मांग की। भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी 15 मृतकों के पार्थिव शरीर ‘हो ची मिन्ह सिटी’ पहुंच चुके हैं। वहां कांसुलर और स्थानीय प्रशासन जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही सभी पार्थिव शरीरों को भारत भेजा जाएगा। दूतावास और भारत के कॉन्सुलेट जनरल लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने शवों को जल्द भारत भेजने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। वहीं 15 घायल भी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं, जबकि एक घायल का इलाज अभी फू क्वोक के अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद पर्यटन सेवाओं पर असर हादसे के बाद कई टूरिज्म कंपनियों ने फू क्वोक और आसपास के द्वीपों के बीच स्पीडबोट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। माय रुट द्वीप अपनी साफ नीली समुद्री जलराशि, सफेद रेत और डाइविंग के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक स्पीडबोट से पहुंचते हैं। पिछले साल फू क्वोक में 18 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। हालांकि वियतनाम में खराब मौसम, बाढ़ और नावों के रखरखाव में लापरवाही की वजह से पहले भी कई नौका हादसे हो चुके हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ओटीटी पर रिलीज होगी 'तीसरी बेगम':18 जुलाई से स्ट्रीम होगी केसी बोकाडिया की फिल्म, वास्तविक घटना पर आधारित

फिल्म निर्माता और निर्देशक के. सी. बोकाडिया की चर्चित फिल्म ‘तीसरी बेगम’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है। सिनेमाघरों में प्रदर्शन के बाद यह फिल्म 18 जुलाई 2026 से ‘वेव्स’ (WAVES) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम की जाएगी। यह फिल्म एक वास्तविक घटना से प्रेरित है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में जरीना वहाब, मुग्धा गोडसे और कायनात अरोड़ा नजर आएंगी। बोकाडिया ने उम्मीद जताई है कि सिनेमाघरों की तरह ओटीटी पर भी इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पांस मिलेगा। एक कार्यक्रम की घटना से मिली कहानी की प्रेरणा निर्देशक के. सी. बोकाडिया ने फिल्म की कहानी को लेकर खुलासा किया कि यह फिल्म पूरी तरह से एक सच्ची घटना पर आधारित है। एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसने बड़े गर्व के साथ अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पत्नी से उनका परिचय कराया। ये तीनों पत्नियां अलग-अलग समुदायों से ताल्लुक रखती थीं। बोकाडिया के मुताबिक, उस समय तीसरी पत्नी के चेहरे पर जो झिझक और दर्द दिखाई दिया, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसी घटना के बाद उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाने का फैसला किया। महिलाओं के अधिकारों पर सोचने को मजबूर करेगी कहानी के. सी. बोकाडिया का कहना है कि ‘तीसरी बेगम’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक आईना है। यह कहानी दर्शकों को समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सिनेमाघरों में सराहनीय प्रदर्शन करने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लोग इस फिल्म को पसंद करेंगे। यह फिल्म मुख्य रूप से महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई को दिखाती है। इंडस्ट्री के कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ कर चुके हैं काम के. सी. बोकाडिया भारतीय सिनेमा के एक बड़े और प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में बॉलीवुड के लगभग सभी बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। उन्होंने अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, शाह रुख खान, सलमान खान, सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय, अक्षय कुमार, सनी देओल, अजय देवगन और प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े कलाकारों की फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘नसीब अपना अपना’, ‘आज का अर्जुन’ और ‘फूल बने अंगारे’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। आने वाले समय में रिलीज होंगे कई बड़े प्रोजेक्ट्स ‘तीसरी बेगम’ के ओटीटी रिलीज के अलावा के. सी. बोकाडिया के कई और बड़े प्रोजेक्ट्स भी लाइन में हैं। उनकी अगली फिल्म ‘तेरी मेहरबानियां 2’ अगस्त 2026 में रिलीज होने के लिए तैयार है। यह फिल्म उनकी पुरानी सुपरहिट फिल्म का सीक्वल है। इसके साथ ही वे जल्द ही छोटे पर्दे पर भी दस्तक देने जा रहे हैं। उनका एक नया टीवी धारावाहिक ‘संस्कार’ भी जल्द ही प्रसारित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां आखिरी चरण में हैं।
ओटीटी पर रिलीज होगी 'तीसरी बेगम':18 जुलाई से स्ट्रीम होगी केसी बोकाडिया की फिल्म, वास्तविक घटना पर आधारित

फिल्म निर्माता और निर्देशक के. सी. बोकाडिया की चर्चित फिल्म ‘तीसरी बेगम’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है। सिनेमाघरों में प्रदर्शन के बाद यह फिल्म 18 जुलाई 2026 से ‘वेव्स’ (WAVES) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम की जाएगी। यह फिल्म एक वास्तविक घटना से प्रेरित है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में जरीना वहाब, मुग्धा गोडसे और कायनात अरोड़ा नजर आएंगी। बोकाडिया ने उम्मीद जताई है कि सिनेमाघरों की तरह ओटीटी पर भी इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पांस मिलेगा। एक कार्यक्रम की घटना से मिली कहानी की प्रेरणा निर्देशक के. सी. बोकाडिया ने फिल्म की कहानी को लेकर खुलासा किया कि यह फिल्म पूरी तरह से एक सच्ची घटना पर आधारित है। एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसने बड़े गर्व के साथ अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पत्नी से उनका परिचय कराया। ये तीनों पत्नियां अलग-अलग समुदायों से ताल्लुक रखती थीं। बोकाडिया के मुताबिक, उस समय तीसरी पत्नी के चेहरे पर जो झिझक और दर्द दिखाई दिया, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसी घटना के बाद उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाने का फैसला किया। महिलाओं के अधिकारों पर सोचने को मजबूर करेगी कहानी के. सी. बोकाडिया का कहना है कि ‘तीसरी बेगम’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक आईना है। यह कहानी दर्शकों को समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सिनेमाघरों में सराहनीय प्रदर्शन करने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लोग इस फिल्म को पसंद करेंगे। यह फिल्म मुख्य रूप से महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई को दिखाती है। इंडस्ट्री के कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ कर चुके हैं काम के. सी. बोकाडिया भारतीय सिनेमा के एक बड़े और प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में बॉलीवुड के लगभग सभी बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। उन्होंने अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, शाह रुख खान, सलमान खान, सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय, अक्षय कुमार, सनी देओल, अजय देवगन और प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े कलाकारों की फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘नसीब अपना अपना’, ‘आज का अर्जुन’ और ‘फूल बने अंगारे’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। आने वाले समय में रिलीज होंगे कई बड़े प्रोजेक्ट्स ‘तीसरी बेगम’ के ओटीटी रिलीज के अलावा के. सी. बोकाडिया के कई और बड़े प्रोजेक्ट्स भी लाइन में हैं। उनकी अगली फिल्म ‘तेरी मेहरबानियां 2’ अगस्त 2026 में रिलीज होने के लिए तैयार है। यह फिल्म उनकी पुरानी सुपरहिट फिल्म का सीक्वल है। इसके साथ ही वे जल्द ही छोटे पर्दे पर भी दस्तक देने जा रहे हैं। उनका एक नया टीवी धारावाहिक ‘संस्कार’ भी जल्द ही प्रसारित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां आखिरी चरण में हैं।
चांदीपुरा वायरस के लक्षण: गुजरात में 3 मासूमों की जान लेने वाला ‘रेसापुरा वायरस’ क्या है? जानिए इसके खतरे और बचाव

चांदीपुरा वायरस के लक्षण और रोकथाम: हाल ही में गुजरात में ‘अरेपुरा वायरस’ के कारण कई मासूम बच्चों की जान चली गई, जिन्होंने माता-पिता और स्वास्थ्य और प्रशासन की चिंता को बहुत बढ़ा दिया है। शुरुआत में 3 बच्चों की मौत की खबर ने मासूम को झकझोर दिया। तो जानें कि यह अंतिम वायरस क्या है, इसका क्या खतरा है और आप अपने बच्चों को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। वायरस से साबरकांठा जिले में 6 साल की बच्ची की मौत के बाद शनिवार को सांकेतिक जिले में दो और बच्चों में भी वायरस के लक्षण यहां दिखाई दे रहे हैं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें गांधीनगर सिविल अस्पताल भेजा गया है। दोनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि वायरस को यूरोप में प्रतिबंधित करने के लिए कई संगठनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। कॉन्स्टेंट सुपरवाइज़र, कैथेड्रल के आस-पास के रेस्टॉरेंट्स, साफ़-सफ़ाई, मिट्टी की दीवारें और दराजों को मंजूरी देने के उपाय जैसे कि कीट वहाँ रेस्टॉरेंट नहीं हैं। सिल्वरपुरा वायरस क्या है? यह एक बेहद खतरनाक वायरस है जो मुख्य रूप से 9 महीने से लेकर 15 साल तक के बच्चों को अपना शिकार बनाता है। यह वायरस सीधे तौर पर इंसान के दिमाग पर हमला करता है, जिससे मस्तिष्क में सूजन यानी एन्सेफलाइटिस हो जाता है। इसका नाम महाराष्ट्र के ‘बेशरियापुरा’ गांव से पड़ा है, जहां साल 1965 में पहली बार इस वायरस की पहचान की गई थी। यह कैसे है? ये कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में भर्ती हो जाए। यह मुख्य रूप से सैंडफ्लाई यानी रेत में पाई जाने वाले मक्खी, मच्छरों और टिक्स के टुकड़े से बनी है। जब ये कीड़े मकोड़े या मक्खी किसी बच्चे को मारते हैं तो ये जन्तु विषाणु सीधे उसके खून में प्रवेश कर जाता है। सिल्वरपुरा वायरस के मुख्य लक्षण इस वायरस की सबसे डरावनी बात यह है कि इसका असर बहुत तेजी से होता है। माता-पिता को इन विशेषाधिकारी को लेकर बहुत ही संयमित जीवन की आवश्यकता है। अचानक चमकना:शारीरिक रूप से बहुत अधिक तपने लगता है। गंभीर सिरदर्द: बच्चे को सिर में असहनीय दर्द होता है। उल्टी और पेट दर्द: तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी या मतली महसूस होना। पड़ना: कुछ ही घंटों में बच्चे का शव अकड़ने लगता है और देखने आते हैं। असंबद्धता और लाचारी: बच्चा बहुत ही खतरनाक हो जाता है, उसकी निजी पहचान हो जाती है और वह बीमार हो सकता है। यह वायरस इतना खतरनाक क्यों है? इस वायरस के खतरे का मुख्य कारण इसकी गति है। लक्षण दिखने में 24 से 48 घंटे के अंदर ही यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और वायरस ब्रेन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। अगर समय पर इलाज न मिले तो बच्चा कोमा में जा सकता है और उसकी जान भी जा सकती है। वर्तमान में इस वायरस को ख़त्म करने के लिए कोई वैक्सीन, टीका या दवा मौजूद नहीं है। डॉक्टर आयुर्वेदिक दवाओं के आधार पर ही इलाज करते हैं जैसे बुखार कम करना और दौरों को फायदा होता है, इसलिए अस्पताल में सही समय पर रहना ही जान आराम का एकमात्र उपाय होता है। कैसे बनायें? इस वायरस की कोई पक्की दवा नहीं है, इसलिए मक्खियों और मच्छरों से बचना ही है इस बीमारी का सबसे असरदार इलाज। पूरी तरह से कपड़े के कपड़े: बच्चों को हमेशा ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे उनके हाथ और पैर पूरी तरह आकर्षक बने रहें, खासकर शाम और रात के समय। मच्छरदानी का अर्थ: घर में मच्छरदानी का प्रयोग विशेष रूप से बच्चों के लिए हमेशा किया जाता है। कीट निषेध का प्रयोग: त्वचा के खुले उपकरणों या फूलों पर कीडों और मच्छरों को दूर रखने वाली क्रीम या स्पेक्ट्रम। घर के आसपास सफाई व्यवस्था: सैंडफ्लाई फ़्लोरिडा प्लास्टर मिट्टी, चट्टानों, चट्टानों और चट्टानों से बनी हुई पानी के आस-पास की चट्टानें। अपने घर और आस-पास के इलाके में साफ-सफाई के बर्तन और पानी जमा न करें। लक्षणसंकेत ही डॉक्टर के पास: अगर बच्चे को अचानक तेज बुखार आ जाए और साथ में उल्टी या दौरे की शिकायत हो, तो घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। तत्काल असंतुलित बड़े अस्पताल। थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी अपनाकर हम इस जन्मजात वायरस से अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं। इसे जरूर पढ़ें: iPhone के लिए WhatsApp: अब ‘ग्रीन डॉट’ का खुलासा, कौन है एक्टिव, जल्द आ रहा है नया अपडेट; जानिए पूरा विवरण अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट) चांदीपुरा वायरस(टी) चांदीपुरा वायरस लक्षण(टी)चांदीपुरा वायरस(टी)चांदीपुरा वायरस के लक्षण(टी)चांदीपुरा वायरस क्या है(टी)चांदीपुरा वायरस से बचाव(टी)चांदीपुरा वायरस क्या है
सोहेल खान ने सीमा से तलाक पर किया खुलासा:कहा- काम ठीक नहीं चल रहा था, अपने बर्ताव के कारण मैंने उसे खो दिया

बॉलीवुड एक्टर और फिल्ममेकर सोहेल खान इन दिनों रियलिटी शो ‘अलायंस’ में नजर आ रहे हैं। शो के हालिया एपिसोड में दो वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री हुई, जिनमें से एक सोहेल खान की एक्स-वाइफ सीमा सजदेह हैं। शो के सेट पर दोनों का रीयूनियन काफी सकारात्मक रहा और दोनों एक-दूसरे से मिलकर खुश नजर आए। इस दौरान सोहेल खान ने सीमा से अपने तलाक की वजहों पर खुलकर बात की। उन्होंने शादी टूटने की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उस समय उनका काम ठीक नहीं चल रहा था और अपने खराब बर्ताव की वजह से उन्होंने सीमा को खो दिया। होस्ट निखिल चिनापा के सवाल पर दिया जवाब शो के दौरान जब सीमा सजदेह की एंट्री हुई, तो सोहेल ने उनके लिए ग्रीन टी बनाई। इस पर शो के होस्ट निखिल चिनापा ने सोहेल से पूछा कि औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है, आपके घर में किसका हाथ था? इसका जवाब देते हुए सोहेल खान ने कहा कि उस समय मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, इसलिए मेरी मानसिक स्थिति सही नहीं थी। अपने इसी बर्ताव की वजह से मैंने उसे खो दिया जिससे मैं सच में बहुत प्यार करता था। सोहेल ने कहा कि सीमा उनके दो बच्चों की मां हैं, इसलिए प्यार से ज्यादा उनके दिल में सीमा के लिए बेहद सम्मान है। अलग होने के बाद भी घर की चाबी सीमा के पास सोहेल खान ने शो में कंटेस्टेंट जैद दरबार से बातचीत के दौरान अपने बच्चों और सीमा के रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे निर्वाण और योहान फिलहाल सोहेल के साथ ही रहते हैं। वहीं, सीमा बच्चों से मिलने के लिए हफ्ते में तीन बार उनके घर आती हैं। सोहेल ने खुलासा किया कि सीमा के पास आज भी उनके घर की चाबी है। सीमा ने शो में बताया कि उनका छोटा बेटा योहान शो में उन्हें सपोर्ट कर रहा है, जबकि बड़ा बेटा निर्वाण चाहता है कि सोहेल खान यह शो जीतें। 24 साल की शादी के बाद 2022 में अलग हुए थे सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।
संडे प्रोफाइल : मरीन ली पेन:फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथ की सबसे बड़ी आवाज हैं ली पेन

फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन अदालत के फैसले के बाद फिर राजनीतिक वापसी की उम्मीदों को लेकर चर्चा में हैं। देश में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव से उनके समर्थकों में नया उत्साह दिखाई दे रहा है। फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन का राजनीतिक सफर संघर्ष, विवाद और वापसी की कोशिशों से भरा रहा है। तीन बार राष्ट्रपति चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने 2027 के चुनाव में उतरने का इरादा जताया है। हाल ही में अदालत के फैसले ने उनके राजनीतिक भविष्य को फिर चर्चा में ला दिया है। पेरिस की एक अदालत ने 2024 में यूरोपीय संघ के फंड के दुरुपयोग मामले में ली पेन को दोषी ठहराते हुए उनके चुनाव लड़ने पर पांच साल की रोक लगाई थी। इसके बाद उनकी पार्टी ने 30 वर्षीय जोर्डन बारडेला को संभावित चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन 7 जुलाई को अपील कोर्ट ने प्रतिबंध की अवधि कम कर दी, जिसके बाद ली पेन ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया। 57 वर्षीय ली पेन इससे पहले 2012, 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ चुकी हैं। 2017 और 2022 में उन्हें इमैनुअल मैक्रों से हार मिली थी। हालांकि हर चुनाव में उनका वोट प्रतिशत बढ़ा है। ली पेन को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता जीन मैरी ली पेन ने नेशनल फ्रंट पार्टी बनाई थी, जिसकी पहचान प्रवासियों के विरोध और कट्टर दक्षिणपंथी विचारों से जुड़ी रही। मरीन ने पार्टी की छवि बदलने के लिए इसका नाम नेशनल रैली रखा था। वे अब भी इमिग्रेशन नियंत्रण, फ्रांसीसी नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता और यूरोपीय संघ की नीतियों की आलोचक हैं। उन्होंने युवाओं के लिए टैक्स राहत, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और ऊर्जा पर करों में कटौती जैसे वादे किए हैं। वे यूरोपीय संघ से दूरी, रूस के साथ बेहतर संबंध और फ्रांस की संप्रभुता बढ़ाने की समर्थक रही हैं। उनकी राजनीति को अक्सर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट नीति से जोड़ा जाता है। कानून की पढ़ाई करने वाली ली पेन ने 1998 में राजनीति में प्रवेश किया था। आज वे फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथी रुझान की सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। हालांकि अदालत की निगरानी के बीच 2027 की राह उनके लिए आसान नहीं होगी।
ब्रिटेन में भीषण गर्मी:AC वाले दफ्तरों में स्टाफ की मौजूदगी 75% तक बढ़ी, AC ऑफिस की भी डिमांड बढ़ी

ब्रिटेन में साल की तीसरी भीषण गर्मी के बीच कर्मचारी घर की उमस में काम करने के बजाय एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। ब्रिटेन के कई हिस्सों में तापमान 40° डिग्री के पार चला गया है। पारंपरिक ब्रिटिश घर गर्मी को रोकने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, जिसके कारण लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ के बजाय एसी लगे दफ्तरों में जाकर काम करना पसंद कर रहे हैं। दफ्तरों में उपस्थिति कोविड के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। लंदन में कंपनियों को ऑफिस स्पेस दिलाने वाली ‘एडॉप्ट वर्कस्पेस’ ने भी कहा कि गर्म मौसम में उनके साथ जुड़े कई सर्विस प्रोवाइडर्स के यहां एसी ऑफिस की डिमांड दोहरे अंकों में बढ़ी है। गौरतलब है कि लंदन में प्रदूषण रोकने के लिए स्थानीय काउंसिलों ने घरों में एसी न लगाने और लगे हुए एसी हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एसी के बजाय पंखे चलाएं और खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें। तीन साल में एसी वाले घरों की संख्या दोगुनी ब्रिटेन में एयर कंडीशनिंग (एसी) वाले घरों की संख्या तीन वर्षों में दोगुनी होकर 40 लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर से काम करने के चलन और बढ़ती भीषण गर्मी के कारण पोर्टेबल पंखों और एसी की मांग में सालाना 79% का उछाल आया है। इन 40 लाख घरों में से 19 लाख में स्थायी एसी इकाइयां लगी हैं। लंदन की फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनी ‘ऑफिस स्पेस इन टाउन’ के मुताबिक ‘रेड अलर्ट’ वाले गर्म दिनों में उनके दफ्तरों में मौजूदगी 75% बढ़ गई। कंपनी के अनुसार लोग घरों में गर्मी से परेशान हैं इसलिए ठंडी जगह चुन रहे हैं, ताकि आराम से काम कर सकें और उनकी कार्यक्षमता बनी रहे।
लव विल स्पार्क अगेन:दुलकर-पूजा हेगड़े की ‘श्री श्री’ का फर्स्ट लुक आउट, पहली बार दिखेंगे साथ

दुलकर सलमान ने अपनी 41वीं फिल्म का टाइटल अनाउंस कर दिया है। अब तक ‘DQ41’ के नाम से पहचानी जा रही इस फिल्म का नाम ‘श्री श्री’ रखा गया है। दुलकर ने सोशल मीडिया पर फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर शेयर करते हुए इसकी अनाउंसमेंट की है। फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में दुलकर और पूजा हेगड़े खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के बीच नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर ‘लव विल स्पार्क अगेन’ टैगलाइन भी लिखी गई है, जो फिल्म की रोमांटिक थीम की झलक देती है। खास बात यह है कि इस फिल्म के जरिए दुलकर और पूजा पहली बार बड़े परदे पर साथ नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग काफी समय पहले शुरू हो चुकी थी, लेकिन अब जाकर मेकर्स ने इसका नाम सामने रखा है। इससे पहले मेकर्स ने फिल्म की शूटिंग की कुछ झलकियां साझा की थीं। फिल्म में धीक्षित शेट्टी भी अहम भूमिका निभा रहे फिल्म का लेखन और निर्देशन रवि नेलाकुडिटी ने किया है। वहीं इसका निर्माण सुधाकर चेरुकुरी ने एसएलवी सिनेमाज के बैनर तले किया है। इसमें धीक्षित शेट्टी भी अहम भूमिका निभा रहे हैं और म्यूजिक जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है। फिल्म को मल्टी लैंग्वेज पैन इंडिया फिल्म के रूप में 2026 में रिलीज किया जाएगा। हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी रिलीज डेट अनाउंस नहीं की है।
HDFC Bank Top Gainer; Reliance, Airtel Market Cap Rise

मुंबई8 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव के बीच देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी मार्केट कैप में कुल 92,995.48 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी में प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज HDFC बैंक और टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल सबसे आगे रहे। दूसरी ओर, बाकी छह कंपनियों को बाजार की सुस्ती के कारण नुकसान उठाना पड़ा और उनकी वैल्यूएशन में सामूहिक रूप से 49,294.13 करोड़ रुपए की गिरावट आई। चार हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पिछले चार हफ्तों से चली आ रही लगातार तेजी का सिलसिला टूट गया। पूरे हफ्ते के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25% गिरकर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 63.95 अंक या 0.26% की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ। HDFC बैंक और भारती एयरटेल सहित 4 कंपनियों को फायदा टॉप-10 कंपनियों की लिस्ट में जिन चार कंपनियों ने अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भारती एयरटेल और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) शामिल हैं। वैल्यूएशन के मामले में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। बैंक का मार्केट कैप 35,808.09 करोड़ रुपए बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शुक्रवार को मार्केट में रही थी तेजी शुक्रवार यानी 10 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔






