Wednesday, 09 Sep 2026 | 01:51 AM

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IDFC First Bank Q1 Results

IDFC First Bank Q1 Results

मुंबई8 मिनट पहले कॉपी लिंक प्राइवेट सेक्टर के IDFC फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 132.2% बढ़कर 1,075 करोड़ रुपए हो गया है। एक साल पहले इसी अवधि में बैंक को 463 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ था। बैंक के मुनाफे में यह बड़ी बढ़ोतरी मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और कम प्रोविजनिंग की वजह से हुई है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 21% बढ़ी बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी कमाए गए ब्याज और दिए गए ब्याज का अंतर सालाना आधार पर 21% बढ़कर 5,972 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,933 करोड़ रुपए था। यह बढ़त बैंक के कोर लेंडिंग बिजनेस में आई मजबूती को दर्शाती है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) जून 2026 तिमाही में बढ़कर 5.96% हो गया है, जो जून 2025 तिमाही में 5.71% था। यानी इसमें सालाना आधार पर 25 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर NIM में 3 bps की बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14% बढ़कर 2,553 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 2,239 करोड़ रुपए था। प्रोविजनिंग घटी, एसेट क्वालिटी में सुधार पहली तिमाही में बैंक का प्रोविजनिंग खर्च घटकर 1,144 करोड़ रुपए पर आ गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 1,659 करोड़ रुपए था। हालांकि, यह पिछली तिमाही (मार्च 2026) के 869 करोड़ रुपए के मुकाबले ज्यादा है। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक की स्थिति सुधरी है। जून तिमाही के अंत में बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.51% पर आ गया, जो मार्च तिमाही में 1.61% था। नेट एनपीए भी पिछली तिमाही के 0.48% से सुधरकर 0.44% पर आ गया। कुल कस्टमर बिजनेस ₹6.04 लाख करोड़ पार 30 जून 2026 तक बैंक का कुल कस्टमर बिजनेस (जिसमें लोन और कस्टमर डिपॉजिट शामिल हैं) 18.6% की सालाना बढ़त के साथ 6,04,776 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। एक साल पहले यह 5,10,031 करोड़ रुपए था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 5.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) Q1 FY27 में बढ़कर 1.06% हो गया, जो पिछले साल समान तिमाही में 0.54% था। इसके अलावा, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.05% रहा, जिसमें कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-I) रेशियो 13.33% शामिल है। लोन बुक 20.6% बढ़ी, होलसेल सेगमेंट में 30% ग्रोथ बैंक का लोन और एडवांस (क्रेडिट सब्स्टीट्यूट्स सहित) 20.6% YoY बढ़कर 3,05,370 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 2,53,233 करोड़ रुपए था। क्रमिक आधार पर इसमें 5.2% की ग्रोथ हुई। इस बढ़त में मॉर्गेज, व्हीकल लोन, कॉरपोरेट लोन और कंज्यूमर लोन का मुख्य योगदान रहा। RAM पोर्टफोलियो: रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) पोर्टफोलियो 18.2% YoY बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपए पर पहुंच गया (QoQ 3.8% ग्रोथ)। होलसेल बुक: होलसेल लोन बुक में ज्यादा तेज ग्रोथ देखी गई, जो 30.4% YoY और 11% QoQ बढ़कर 64,252 करोड़ रुपए हो गई। कस्टमर डिपॉजिट्स 16.6% बढ़े, CASA रेशियो 50.8% 30 जून 2026 तक बैंक के कस्टमर डिपॉजिट्स 16.6% YoY बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपए हो गए, जो मार्च तिमाही की तुलना में 5.3% ज्यादा हैं। बैंक का कासा (CASA) डिपॉजिट्स सालाना आधार पर 24.6% और तिमाही आधार पर 8.1% बढ़कर 1,58,492 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इससे बैंक का कासा रेशियो सुधरकर 50.8% हो गया है, जो एक साल पहले 48% और मार्च तिमाही में 49.8% था। CASA और NIM क्या होते हैं? करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट (CASA) रेशियो: यह बैंक के कुल डिपॉजिट में करेंट और सेविंग्स अकाउंट के पैसे का प्रतिशत दिखाता है। कासा रेशियो जितना ज्यादा होता है, बैंक की फंड जुटाने की लागत उतनी ही कम होती है, क्योंकि इन खातों पर कम ब्याज देना पड़ता है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): यह बैंक के वित्तीय प्रदर्शन का पैमाना है। यह बैंक द्वारा दिए गए लोन से मिले ब्याज और डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज के अंतर का कुल एसेट्स के मुकाबले प्रतिशत दिखाता है। ये खबर भी पढ़ें… PF का ब्याज अकाउंट में आना शुरू हुआ: मिस्ड कॉल और SMS सहित 4 तरीकों से पता कर सकते हैं PF बैलेंस, देखें इसकी प्रोसेस कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए PF अकाउंट होल्डर्स के खातों में 8.25% की दर से ब्याज डालना शुरू कर दिया है। कई सब्सक्राइबर्स को ब्याज का पैसा क्रेडिट होने के SMS मैसेज भी मिलने लगे हैं। हालांकि, अगर आपको अभी तक EPFO से कोई मैसेज नहीं मिला है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ब्याज क्रेडिट करने का प्रोसेस चालू है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Dharmendra Pradhan Resignation | NEET Paper Leak Case Delhi Controversy

Dharmendra Pradhan Resignation | NEET Paper Leak Case Delhi Controversy

4 मिनट पहले कॉपी लिंक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। BBC ने कहा कि मोदी सरकार छात्रों के आगे झुकी। वहीं गार्डियन ने लिखा कि मोदी सरकार के 12 साल में पहली बार जनता के दबाव में किसी मंत्री का इस्तीफा हुआ। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्डियन, बीबीसी समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने टॉप स्टोरीज में जगह दी है। BBC: मोदी सरकार ने छात्रों के गुस्से का सही अंदाजा नहीं लगाया 2014 में सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी सरकार आम तौर पर विरोध प्रदर्शनों के प्रति सख्त रुख अपनाती रही है और शायद ही कभी किसी बड़े आंदोलन के आगे झुकी हो। इससे पहले सरकार ने केवल एक बड़े मामले में अपना फैसला वापस लिया था, जब करीब एक साल तक चले किसान आंदोलन के बाद तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना पड़ा था। इस बार सरकार ने छात्र आंदोलन को लेकर हो रही नाराजगी और लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता का सही आकलन नहीं किया। शुरुआत में कई हफ्तों तक आंदोलन को नजरअंदाज किया गया, लेकिन इस सप्ताह संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की सख्ती के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई और सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया। धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री वास्तव में इस्तीफा देंगे या नहीं, इसे लेकर आखिरी समय तक कुछ पता नहीं चल पा रहा था। उनके इस्तीफे के बाद आंदोलन में शामिल छात्रों, खासकर पहली बार किसी बड़े प्रदर्शन का हिस्सा बने युवाओं, को अपनी जीत का एहसास हो रहा है। द गार्डियन: मोदी के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक प्रधान का इस्तीफा भाजपा के 12 वर्षों के शासन में यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी के सबसे करीबी और भरोसेमंद मंत्रियों में से एक को सार्वजनिक दबाव के कारण इस्तीफा देना पड़ा है। इनका नेतृत्व नए बने युवा राजनीतिक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया। इस सप्ताह यह आंदोलन देशभर में युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही दिल्ली में जुटे हजारों सीजेपी समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाया और इसे सरकार से जवाबदेही की अपनी मांग की बड़ी जीत बताया। न्यूयॉर्क टाइम्स: प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकियों की बी-टीम’ कहा था, अब इस्तीफा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है। यह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया था। इस आंदोलन की अगुआई खुद को कॉकरोच कहने वाले छात्र समूह कर रहे थे। यह नाम भारत के चीफ जस्टिस की कथित अपमानजनक टिप्पणी से प्रेरित था। यह संगठन ने शुरुआत से ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा मांग रही थी। इस महीने प्रदर्शनकारियों पर हुए बल प्रयोग ने इस आंदोलन को भारत के कई शहरों तक फैला दिया। धर्मेंद्र प्रधान पहले इन प्रदर्शनों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों पर छात्रों का इस्तेमाल कर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया था। जून में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादियों की बी-टीम’ तक कह दिया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे आंदोलन को और बल मिल सकता है और छात्र अपनी अन्य मांगों को लेकर भी सरकार पर दबाव बढ़ा सकते हैं। अल-जजीरा: छात्र आंदोलन की बड़ी जीत हुई छात्रों के आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है। हाल के वर्षों में यह आंदोलन मोदी सरकार के खिलाफ सार्वजनिक असंतोष के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। इस आंदोलन ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर युवाओं के बढ़ते गुस्से को भी सामने ला दिया है। CNN- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, सीजेपी ने कहा- ‘लड़ाई अभी बाकी है’ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की। इसे देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है। मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के कथित पेपर लीक और उनकी बिक्री के आरोपों के बाद छात्र सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान ने बढ़ते जनदबाव के बीच इस्तीफा देने का फैसला किया। पिछले कुछ दिनों में हजारों छात्र और उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए थे और उनकी बर्खास्तगी के साथ-साथ देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे थे। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की घोषणा नहीं की है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन:प्रकाश राज बोले- आपने सरकार को घुटनों पर ला दिया'; वीर दास ने कहा- अब जश्न मनाइए

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन:प्रकाश राज बोले- आपने सरकार को घुटनों पर ला दिया'; वीर दास ने कहा- अब जश्न मनाइए

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने वाले बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता प्रकाश राज, कॉमेडियन-एक्टर वीर दास, अभिनेता अभिषेक बनर्जी और कॉमेडियन समय रैना समेत कई सेलेब्स ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया। वहीं विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान सहित कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया। प्रकाश राज बोले- सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है।” वीर दास बोले- जीत आपकी है, अब जश्न मनाइए वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” समय रैना ने लिखा- छात्रों को और ताकत मिले कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, “छात्रों को और ताकत मिले।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, “मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे।” विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान ने भी किया समर्थन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेता विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा, आयशा खान समेत कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने भी छात्रों की चिंताओं का समर्थन किया। इन सभी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों की आवाज सुने जाने की जरूरत पर जोर दिया। सोशल मीडिया पर इन कलाकारों के पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इसे छात्रों की एकजुटता और उनकी आवाज की जीत बता रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन:प्रकाश राज बोले- आपने सरकार को घुटनों पर ला दिया'; वीर दास ने कहा- अब जश्न मनाइए

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन:प्रकाश राज बोले- आपने सरकार को घुटनों पर ला दिया'; वीर दास ने कहा- अब जश्न मनाइए

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने वाले बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता प्रकाश राज, कॉमेडियन-एक्टर वीर दास, अभिनेता अभिषेक बनर्जी और कॉमेडियन समय रैना समेत कई सेलेब्स ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया। वहीं विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान सहित कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया। प्रकाश राज बोले- सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है।” वीर दास बोले- जीत आपकी है, अब जश्न मनाइए वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” समय रैना ने लिखा- छात्रों को और ताकत मिले कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, “छात्रों को और ताकत मिले।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, “मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे।” विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान ने भी किया समर्थन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेता विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा, आयशा खान समेत कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने भी छात्रों की चिंताओं का समर्थन किया। इन सभी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों की आवाज सुने जाने की जरूरत पर जोर दिया। सोशल मीडिया पर इन कलाकारों के पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इसे छात्रों की एकजुटता और उनकी आवाज की जीत बता रहे हैं।

DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X

DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X

Hindi News Career DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X 2 मिनट पहले कॉपी लिंक डीयू अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जारी एडवाइजरी पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एडवाइजरी का मुद्दा उठा। जीरो आवर के दौरान कई प्रोफेसरों ने इस एडवाइजरी का विरोध किया। शिक्षकों ने बताया हद से आगे बढ़ने वाला बयान शिक्षकों ने कहा कि डीयू की ओर से जारी बयान हद से आगे बढ़ने वाला है और इसे तुरंत एक्स से हटाया जाना चाहिए। शिक्षकों के मुताबिक एडवाइजरी में यह मान लिया गया है कि छात्र आसानी से बहकाए जा सकते हैं। शिक्षकों ने कहा कि छात्रों की दुनिया को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं किया जा सकता। कुछ शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया कि यूनिवर्सिटी को छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को निहित स्वार्थों का नतीजा बताकर किसी एक पक्ष की भूमिका में नहीं आना चाहिए। शिक्षकों के अनुसार, इस तरह की एडवाइजरी से यूनिवर्सिटी की छवि खराब होती है। वहीं, यूनिवर्सिटी ने अपने फैसले का बचाव किया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने कहा एडवाइजरी में नहीं होगा बदलाव यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई एडवाइजरी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। Dear students and faculty, your safety matters to us. Please note that any unlawful assemblies or demonstrations at Jantar Mantar, New Delhi, which are strictly regulated as per the directives of the Hon’ble Supreme Court of India, may invite legal action. Such activities can…— University of Delhi (@UnivofDelhi) July 23, 2026 विरोध प्रदर्शन पर डीयू ने जारी की एडवाइजरी राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों और टीचर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। डीयू का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके एजुकेशनल रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी असर डाल सकती हैं। साथ ही छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। इस आंदोलन में सक्रिय छात्र संगठनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न DU कॉलेजों के स्वतंत्र छात्र समूह शामिल हैं। AdvisoryAll stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) July 24, 2026 JNU की एडवाइजरी : व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें जेएनयू की ओर से ट्विटर पर कहा गया कि सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहा जाने से बचें। साथ ही सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखें। राहुल गांधी ने की एडवाइजरी की आलोचना लोकसभा में राहुल गांधी ने उस एडवाइजरी की कड़ी आलोचना की जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया। कांग्रेस नेता ने यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया कि वह छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमका रही है। How dare you threaten students for exercising their democratic rights?Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026 DU की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने ट्विटर पर लिखा, छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे। This is utterly appalling. Even in the days of the JP Movement leading up to the Emergency, there was no bar by the @UnivofDelhi on students joining any of his protests, and a couple of members of my Union Cabinet at St Stephen’s, including the late Chandan Mitra, openly did so.… https://t.co/tIz94j0KPx— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 24, 2026 शशि थरूर ने जताई नाराजगी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एडवाइजारी जारी करने पर डीयू की आलोचना की है। डीयू की तरफ से जारी इस एडवाइजरी पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है। इमरजेंसी से पहले जेपी आंदोलन के दिनों में भी, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोका था। उस दौरान सेंट स्टीफंस में उनकी यूनियन कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने, जिनमें स्वर्गीय चंदन मित्रा भी शामिल थे, खुलेआम प्रदर्शन में शामिल हुए थे। थरूर ने कहा है कि अगर भारत की प्रमुख सरकारी यूनिवर्सिटी से एक को अपने स्टूडेंट्स और फैकल्टी को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर गंभीर नतीजों की धमकी देने की इजाज़त दी जाती है, तो इसका लोकतांत्रिक बातचीत और अभिव्यक्ति की आजादी पर बुरा असर पड़ता है। थरूर ने कहा है कि DU के अधिकांश छात्र इतने साधन-संपन्न नहीं होते कि वे ऐसी सख्त चेतावनी को इग्नोर कर सकें। उन्हें डर रहता है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से उनके एकेडमिक या प्रोफेशनल भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। थरूर ने कहा है कि यूनिवर्सिटी का मकसद मुद्दों पर आलोचनात्मक सोच और स्वतंत्र मूल्यांकन सिखाना होता है, न कि इन गुणों को दबाना। ये खबर भी पढ़ें JPSC की 9 परीक्षाएं रद्द:ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने का आरोप, CID जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग

Apara Mehta Divorce Controversy | Actress Statement On Personal Life

Apara Mehta Divorce Controversy | Actress Statement On Personal Life

11 मिनट पहले कॉपी लिंक टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी एक्ट्रेस अपरा मेहता ने मॉब अटैक और शादी पर बड़ा बयान दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि उनके पूर्व पति एक्टर दर्शन जरिवाला ने उन्हें दुनिया की सबसे बदसूरत महिला कहा था, जिसके बाद उनका तलाक हुआ था। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने करियर के पीक में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर भी बात की। एक्ट्रेस ने बताया है कि लोगों ने उन्हें घेर कर गलत तरह छुआ और फिर सिगरेट से जलाया। एक्ट्रेस अपरा मेहता ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर कहा, ‘मैं करियर के पीक पर थी और हम लोगों का गुजराती ड्रामा कोलकाता में होता था। तो 5 शोज हुए थे कला मंदिर में। वहां सीट पूरी पैक थीं। जैसे ही में अंदर आई मुझे देखकर लोगों ने 8 हजार डांडियां ऊपर उछाल दीं। मैं भीड़ में बुरी तरह फंस गई। वो मुझे खींच के म्यूजिशियन्स के पोडियम तक ले गए। मैं लोगों से हाथ मिलाने लगी तो लोग मेरे हाथ की हीरे की अंगूठी खींचने लगे, किसी ने मुझे सिगरेट से जला दिया। पूरी जनता पागल हो गई थी।’ आगे अपरा ने कहा, ‘पोडियम हिलने लगा था, मैंने कहा ये तो खतरनाक हो गया। उसके बाद मुझे वहां से उतारा गया, पूरे लोगों ने सर्कल बनाया। उस समय हर कोई मुझे हर कहीं छू रहा था। मैंने कहा ओके टच कर लो क्या मिलेगा। मैं उस समय शॉक में भी नहीं थी।’ पति ने कहा था- तुम दुनिया की सबसे बदसूरत औरत हो एक्ट्रेस अपरा मेहता ने करियर के पीक में गुजरात के पॉपुलर एक्टर दर्शन जरिवाला से शादी की थी। इस शादी से उन्हें एक बेटी हुई, लेकिन 2003 में दोनों अलग हो गए। अपरा ने बताया है कि 2003 में वो शूटिंग के सिलसिले में USA में थीं। उस दिन उनकी शादी की सालगिरह थी, उसी दिन दर्शन जरिवाला ने तलाक की मांग की। अपरा कहती हैं, मैंने उन्हें यूएसए से कॉल किया, हमारी एनिवर्सरी थी। उन्होंने मुझसे कहा कि हमें बात करना चाहिए। काम खत्म कर मैं लौटी। मैं 3 बजे भारत पहुंचीं, 5 बजे घर आई, मुझे अगली सुबह 7 बजे शूटिंग के लिए जाना था। उन्होंने मुझसे कहा, अपरा हमें अलग हो जाना चाहिए, मैं अब तुमसे प्यार नहीं करता। अब पसंद नहीं करता और मुझे लगता है कि तुम दुनिया की सबसे बदसूरत महिला हो। वो झूले पर बैठे चाय पीते हुए कह रहे थे, मैं वहीं खड़ी सुन रही थी। काम पर गई, थोड़ी देर बाद कहा कि नहीं उसने जानबूझकर ऐसा नहीं कहा होगा। लेकिन फिर थोड़े दिनों बाद वो घर छोड़कर चले गए। कौन हैं अपरा मेहता? अपरा मेहता मशहूर टेलीविजन एक्ट्रेस हैं। उन्होंने पॉपुलर शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी में तुलसी की सास सविता मनसुख वीरानी का किरदार निभाया था। अपरा पिछले 50 सालों से एक्टिंग इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। वह अब तक 115 प्ले कर चुकी हैं। अपरा, करम अपना अपना, खिचड़ी, सजन रे झूठ मत बोलो, सात फेरे, राजा की आएगी बारात, जमाई राजा, मैडम सर, अनुपमा जैसे शोज में नजर आ चुकी हैं। टीवी शोज के अलावा अपरा ये तेरा घर ये मेरा घर, चोरी चोरी चुपके चुपके, देवदास, जस्ट मैरिड, तीस मार खान जैसी फिल्मों में भी नजर आई हैं। अपरा मेहता ने 1980 में गुजराती एक्टर दर्शन जरिवाला से शादी की थी। दर्शन मशहूर एक्टर हैं, जिन्हें गांधी माय फादर फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला है। दर्शन ने स्टाइल, एक्सक्यूजमी, आजा नचले, गुरू, हल्ला बोल, रक्तचरित्र, आरक्षण, कहानी, हमशक्ल, राधे, फटा पोस्टर निकला हीरो जैसी फिल्मों में काम किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

सूखे हाथों की देखभाल: रूखे और बेजान हाथों से हैं परेशान? तो रात के समय जरूर करें ये 5 काम

हाथ की देखभाल के टिप्स

25 जुलाई 2026 को 14:54 IST पर अद्यतन किया गया सूखे हाथों की देखभाल: हाथों की गंदगी-मिट्टी, धूप, पानी, साबुन और सरसों के इस्तेमाल से हाथों की गांठें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। इसका असर यह होता है कि हाथ रक्खे, बेजान और खुरदारे दिखाई देते हैं। कई लोग चेहरे की त्वचा का तो खूब ध्यान रखते हैं, लेकिन हाथों की देखभाल करना भूल जाते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके हाथ हमेशा खूबसूरत और सुंदर दिखें, तो रात को सोने से पहले बस कुछ मिनट उनकी देखभाल करें। इससे त्वचा को पूरी रात रिपेयर करने का समय मिलता है और सुबह हाथ पहले से ज्यादा मुलायम महसूस होते हैं अनुसरण करना : सोने से पहले सबसे पहले हाथों को गुनगुने पानी और हल्के हाथ धोने से धो लें। इससे कचरे का कचरा, तेल और गंदगी साफ हो जाती है। बहुत ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल करने से नुकसान। छवि: एआई गुणवत्ता का गैजेट या हैंड क्रीम लोशन। क्रीम को रेस्तरां, रेस्तरां और रेस्तरां के आसपास अच्छी तरह से व्यवसाय करें। रातभर सिल्क को समुद्री मील में रखा जाता है, जिसमें सुबह के हाथ की झलकियाँ और कलाकृतियाँ पाई जाती हैं। छवि: एआई सोने से पहले नारियल या बादाम का तेल लेकर 2 से 3 मिनट हाथों से मसाज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और त्वचा को पोषण मिलता है। रोजाना ऐसा करने पर हाथों की नालियां धीरे-धीरे कम होती नजर आती हैं। छवि: एआई रिवाइवल के आस-पास की त्वचा भी जल्दी सूख जाती है। सोने से पहले क्यूटिकल तेल या थोड़ा सा तेल लगाएं। इसी तरह के नाक भी कलाकार रहते हैं और हाथ में ज्यादा साफा-सुथरे नजर आते हैं। छवि: एआई सप्ताह में 1-2 बार प्रभावशाली उत्पाद। इसके लिए चीनी और शहद या ओट्स और दही का उपयोग किया जा सकता है। असोसिएशन करने के बाद गैजेटर ले जाना न भूलें। इससे हाथ बड़े पैमाने पर और चमकदार दिखाई देते हैं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 25 जुलाई 2026 14:54 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)हाथों की देखभाल के टिप्स(टी)मुलायम हाथों के उपाय(टी)रात में हाथों को मॉइस्चराइजर(टी)सूखे हाथों की देखभाल(टी)नाखून और क्यूटिकल्स की देखभाल(टी)प्राकृतिक हाथ स्क्रब(टी)खूबसूरत हाथों के टिप्स हिंदी में

लेह लद्दाख ट्रिप: लेह, पैंगोंग और तुरटुक में घूमने का सुनहरा मौका, जानें आईआरसीटीसी के इस टूर का पूरा खर्च

लेह लद्दाख ट्रिप: लेह, पैंगोंग और तुरटुक में घूमने का सुनहरा मौका, जानें आईआरसीटीसी के इस टूर का पूरा खर्च

लेह लद्दाख यात्रा: अविश्वास की हसीं और लालची विशेषज्ञों में घूमने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बेहतरीन खबर सामने आई है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने एक बेहद आकर्षक और आकर्षक टूर पैकेज पेश किया है, जिसकी मदद से आप बिना किसी रेस के आसानी से मनोरंजन की यात्रा का आनंद ले सकते हैं। अगस्त माह में यात्रियों के लिए बनाए गए टोकन प्लान से यह कम नहीं है। अविश्वास टूर पत्रिका की मुख्य विशेषताएं यह शानदार टूर मैगज़ीन छह रात और सात दिन का है, शुरुआती यात्रा अगस्त से होगी। इस यात्रा के दौरान फ़्लोरिडा को लेह, शाम वैली, नुब्रा वैली, तुरतुक और प्रसिद्ध पैंगोंग झील के दीदार तक जाएंगे। इस पैकेज में हवाई जहाज का टिकट, होटल के लिए टिकट, सुबह और रात का खाना, घूमने के लिए गाड़ी, इनर लाइन का विवरण और ट्रेवल रूम के लिए आवश्यक चीजें शामिल हैं। इसके अलावा यात्रा के दौरान इंटरनेट की सुरक्षा के लिए गाड़ी में ऑक्सीजन अध्ययन और एक टूर मैनेजर भी साथ रहेंगे। इस यात्रा का खर्च रूम की शेयरिंग और उम्र के हिसाब से अलग-अलग तय किया गया है। यदि कोई व्यक्ति अकेले यात्रा करता है तो उसे पचपन हजार छह सौ चालीस रुपये देना होगा। दो लोगों को एक साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति खर्च चार हजार तीन सौ अस्सी रुपए और तीन लोगों को एक साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति खर्च एक हजार तीन सौ अस्सी रुपए लगेगा। वहीं पांच से दस साल तक के बच्चों के लिए एक हजार नौ सौ सत्तर रुपए और बिना एक साल की पैंटीस के लिए एक हजार सात सौ अस्सी रुपए का खर्च तय किया गया है। अनिद्रा की समस्या के कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, इसलिए यात्रा के पहले दिन में केवल आराम की सलाह दी जाती है। इस यात्रा पर जाने से पहले डॉक्टर की सलाह से जरूरी भोजन अपने पास रख लें और अपने शरीर में पानी की कमी न होने दें। नुब्रा और पैंगॉन्ग के कैंप में बिजली की सुविधा सीमित समय के लिए मौजूद है और वहां मोबाइल नेटवर्क या एटीएम की समस्या हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पर्याप्त पैसा और अपनी रेटिंग के साथ जरूर रखें। (टैग अनुवाद करने के लिए)लद्दाख टूर पैकेज(टी)आईआरसीटीसी लद्दाख यात्रा(टी)लेह पैंगोंग तुरतुक टूर(टी)अगस्त यात्रा योजना(टी)हैदराबाद से आईआरसीटीसी टूर(टी)लद्दाख साहसिक यात्रा

Car-camping is the new trend in China, with high-tech EVs becoming ‘bedrooms’.

Car-camping is the new trend in China, with high-tech EVs becoming 'bedrooms'.

Hindi News Business Car camping Is The New Trend In China, With High tech EVs Becoming ‘bedrooms’. बीजिंग3 मिनट पहले कॉपी लिंक कारों के लिए कस्टम-फिटेड गद्दे, कार के पीछे लगने वाले टेंट, आउटडोर सिनेमा प्रोजेक्टर्स और फोल्डेबल किचन किट्स की बिक्री में उछाल आया है।- प्रतीकात्मक फोटो चीन में इकोनॉमिक सुस्ती के बीच युवा महंगे विदेशी दौरों या 5-स्टार होटलों के बजाय वीकेंड पर कार-कैंपिंग को सस्ता और रोमांचक विकल्प मान रहे हैं। इस ट्रेंड ने चीन में मल्टी बिलियन डॉलर की एक नई कैंपिंग इकोनॉमी को जन्म दिया है। बजट के प्रति सचेत रहने वाले चीनी पर्यटक अब होटलों में भारी भरकम किराया चुकाने के बजाय हाई-टेक ईवी को ही ‘पहियों पर चलता-फिरता बेडरूम’ बनाकर कार-कैंपिंग कर रहे हैं। उत्तरी चीन के हेबेई प्रांत के रहने वाले दंपति जुन्या झेन और जी कुई ने साल 2023 में अपनी टीचिंग की नौकरी छोड़ दी और पूरे देश की यात्रा पर निकल पड़े। यह दंपति महीनों अपनी चीनी कार निर्माता कंपनी ग्रेट वॉल मोटर की हाइब्रिड एसयूवी ‘वेय लानशान’ में सोकर और सफर करके बिताता है। वे अपनी इस अनूठी रोड-ट्रिप और कार-कैंपिंग के कारनामों को सोशल मीडिया पर शेयर भी करते हैं। दिन के समय यह जोड़ा लगातार सफर में रहता है। वे गाड़ी चलाते समय लाइवस्ट्रीमिंग करते हैं, रास्ते में दोपहर का भोजन बनाते हैं और कार की पिछली सीटों को पूरी तरह से फ्लैट करके आरामदायक बिस्तर बनाकर झपकी लेते हैं। उनका सफर दक्षिण-पश्चिम चीन के बेहद लोकप्रिय पर्यटन स्थल युन्नान प्रांत से लेकर पास के तिब्बत के सुदूर और सुनसान इलाकों तक फैला हुआ है। लोग उनकी इस लाइफस्टाइल को बेहद पसंद कर रहे हैं। इस कपल के चीन के इंस्टाग्राम और टिकटॉक कहे जाने वाले प्लेटफॉर्म ‘शियाओहोंगशू’ और ‘दोयिन’ पर 5.7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। चीन में तेजी से बढ़ते इस कल्चर न केवल महंगे होटलों का विकल्प तैयार किया है, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में गाड़ियों की बिक्री का एक नया सेलिंग पॉइंट भी तय कर दिया है। चीनी ईवी निर्माता कंपनियां जैसे बीवाईडी, ली ऑटो, नियो, एक्सपेंग अपनी कारों में वी टू एल (व्हीकल-टू-लोड) फीचर दे रही हैं। इससे गाड़ी की बड़ी बैटरी एक विशाल पावर बैंक की तरह काम करती है। कार मालिक अपनी ईवी की बैटरी से इंडक्शन कुकटॉप, कॉफी मेकर, मिनी-फ्रिज, प्रोजेक्टर्स और इलेक्ट्रिक ग्रिल आसानी से चला सकते हैं। कार टेंट, कस्टम गद्दे और आउटडोर सिनेमा की बिक्री में उछाल इलेक्ट्रॉनिक्स वाहनों में मिलने वाले समर्पित ‘कैंपिंग मोड’ और विशाल बैटरी की मदद से बिना इंजन चलाए रात भर एसी और हीटर का इस्तेमाल करना संभव हो गया है। इस ट्रेंड ने एक पूरा नया इकोसिस्टम खड़ा कर दिया है। कारों के लिए कस्टम-फिटेड गद्दे, कार के पीछे लगने वाले टेंट, आउटडोर सिनेमा प्रोजेक्टर्स और फोल्डेबल किचन किट्स की बिक्री में उछाल आया है। अब चीन में कारें केवल रेंज या स्पीड के दम पर नहीं बिक रहीं, बल्कि इस बात पर बिक रही हैं कि वे ‘लाइफस्टाइल और एडवेंचर’ में कितनी मददगार हैं। चीनी ईवी कंपनियां इस “कार-कैंपिंग’ कल्चर को अपने विज्ञापनों का मुख्य हिस्सा बना रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

शाहरुख खान लंदन में मना रहे हैं वेकेशन:चेहरा छिपाए गौरी, आर्यन-अबराम के साथ टहलते दिखे; स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर चुप्पी के बीच वायरल हुई थी फर्जी पोस्ट

शाहरुख खान लंदन में मना रहे हैं वेकेशन:चेहरा छिपाए गौरी, आर्यन-अबराम के साथ टहलते दिखे; स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर चुप्पी के बीच वायरल हुई थी फर्जी पोस्ट

स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर फर्जी पोस्ट वायरल होने के बीच शाहरुख खान अपने परिवार के साथ लंदन में वेकेशन मना रहे हैं। लंदन स्थित घर के बाहर से एक्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो पत्नी गौरी और बेटों आर्यन- अबराम के साथ सड़क पर टहलते दिखे हैं। सामने आए वीडियो में शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान नजर नहीं आ रही हैं। शाहरुख खान हुडी पहने हुए चेहरा छिपाए हुए दिखे, वहीं अबराम और आर्यन उनके पीछे वॉक कर रहे थे। ऐश्वर्या राय भी न्यूयॉर्क वेकेशन पर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन को भी न्यूयॉर्क वेकेशन में स्पॉट किया गया है। फैन पेज से वायरल हुई फोटो में ऐश्वर्या-अभिषेक कैजुअली न्यूयॉर्क की सड़कों पर टहलते दिखे हैं। शाहरुख खान के नाम से वायरल हुई थी प्रोटेस्ट से जुड़ी फर्जी पोस्ट सलमान खान ने कुछ समय पहले ही स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की थी। इसके कुछ देर बाद ही शाहरुख खान की पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पोस्ट में लिखा गया था, प्यारे छात्रों, आप लोगों ने यह दिखा दिया है कि असली ताकत कहां होती है, किताबों में, कलम में और अपनी आवाज में। आपका यह विरोध सिर्फ एक परीक्षा के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक बेहतर, पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था के लिए है। हर छात्र इस बात का हकदार है कि उसकी मेहनत का मूल्यांकन उसकी मेहनत के आधार पर हो, न कि किसी पेपर लीक या घोटाले के कारण। यह लड़ाई सही भी है और जरूरी भी। देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। फैक्ट चेक करने पर सामने आया कि शाहरुख खान ने अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी कोई पोस्ट शेयर नहीं की। इसे फैनपेज द्वारा एडिट कर बनाया गया था। कई फैंस देश के बड़े मुद्दे पर शाहरुख खान की चुप्पी पर निराशा जाहिर कर रहे हैं। वहीं कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जो बेबाकी से इस मुद्दे पर राय रख रहे हैं। सलमान खान इस प्रोटेस्ट पर बोलने वाले पहले सबसे बड़े स्टार रहे। आगे करीना कपूर, वरुण धवन, सारा अली खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा जैसे कई सेलेब्स ने इस पर पोस्ट शेयर की। प्रोटेस्ट में शामिल हुए ये सेलेब्स सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी 20 जुलाई को जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल हुईं। इस दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। उनके अलावा साउथ एक्टर प्रकाश राज भी कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ ट्रक में प्रोटेस्ट करते दिखे। 20 जुलाई के प्रोटेस्ट के बाद कई सेलेब्स अलग-अलग शहरों के प्रोटेस्ट में शामिल हुए। एक्ट्रेस आएशा खान को मुंबई के प्रोटेस्ट से डीटेन तक किया गया। वहीं एक्टर और आमिर खान के भांजे इमरान खान, कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी, सिंगर-रैपर बादशाह, हुमा कुरैशी, साकिब सलीम जैसे कई और सेलेब्स प्रोटेस्ट में पहुंचे।