दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट का 13वां टेस्ट कामयाब:पहली बार पानी में सुरक्षित लैंड कराया, अंतरिक्ष में 20 स्टारलिंक सैटेलाइट भी तैनात किए

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान कामयाब रही। पिछले हफ्ते इंजन इग्निशन में खराबी के कारण टले लॉन्च के बाद इस मिशन में स्टारशिप के अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ से स्टारशिप ने भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे उड़ान भरी थी। ये टेस्ट 1 घंटे 3 मिनट का था। इस टेस्ट की सफलता स्पेसएक्स और नासा दोनों के लिए बेहद जरूरी थी। अगले साल नासा की मून लैंडिंग इसी पर निर्भर है। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने इस रॉकेट को बनाया है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली ‘स्टारशिप’ कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। ये पूरी तरह से रीयूजेबल है। पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप स्पेसएक्स के प्रवक्ता डैन हुओट ने लाइव स्ट्रीम के दौरान कहा कि “यह पहली बार है जब हमने पूरे स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी ‘बेली-फ्लॉप’ स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर लंबवत उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा। पहली बार असली स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स की तैनाती इस मिशन में स्टारशिप ने पहली बार नए वर्जन के 20 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में तैनात किया। स्पेसएक्स ने पुष्टि की कि उसने सभी 20 टेस्ट सैटेलाइट्स से संपर्क स्थापित कर लिया है। ये सैटेलाइट्स सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी पर थे और इन्हें स्थायी रूप से अंतरिक्ष में रहने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। तैनात होने के लगभग 20 मिनट बाद ये पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो गए। सुपर हैवी बूस्टर और ‘हॉट स्टेजिंग’ में सुधार लॉन्च के समय सुपर हैवी बूस्टर के सभी 33 रैप्टर इंजनों ने उड़ान भरी, जिससे 1.8 करोड़ पाउंड का थ्रस्ट पैदा हुआ। स्पेसएक्स के स्टारशिप लॉन्च के सीनियर डायरेक्टर जस्टिन स्टेयर के मुताबिक, “यह दुनिया की सबसे बड़ी मशीन गन की तरह है जो गोलियों की जगह हर सेकंड 11 पिकअप ट्रक फायर कर रही हो।” उड़ान के 2 मिनट बाद मेन इंजन कटऑफ (MECO) के बाद ‘हॉट स्टेजिंग’ के जरिए स्टारशिप बूस्टर से अलग हुआ। मई में हुई पिछली उड़ान में सभी 6 इंजन एक साथ चालू न होने से बूस्टर उल्टा घूम गया था, जिसे इस बार सुधार लिया गया था। अलग होने के बाद बूस्टर ने 13 इंजनों का इस्तेमाल करके बूस्टबैक बर्न किया। लैंडिंग के समय इसकी स्पीड थोड़ी ज्यादा थी और सभी 13 इंजन चालू नहीं हो पाए, फिर भी इसने खाड़ी में एक नियंत्रित लैंडिंग की। अब स्टारशिप के पहले हुए 11 टेस्ट के बारे में जानें…. 12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग ‘स्टारशिप’ का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई। इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया। 11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था। 10वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए। स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट असली स्टारलिंक सैटेलाइट्स के डमी हैं। इनका इस्तेमाल स्टारशिप की सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट क्षमता को परखने के लिए किया जाता है। 29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था। नौवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ने कंट्रोल खो दिया 28 मई 2025 को हुए 9वें टेस्ट में लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया था, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया था। ये लगातार तीसरी बार था जब स्टारशिप आसमान में ही नष्ट हुआ था। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ब्लास्ट हो गई थी स्टारशिप का आठवां टेस्ट भारतीय समयानुसार 7 मार्च 2025 को हुआ था। लॉन्चिंग के 7 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया। लेकिन 8 मिनट बाद शिप (ऊपरी हिस्सा) के छह इंजनों में से 4 ने काम करना बंद कर दिया जिससे शिप ने कंट्रोल खो दिया। इसके बाद ऑटोमेटेड अबॉर्ट सिस्टम ने शिप को ब्लास्ट कर दिया। गिरते मलबे की वजह से मियामी, ऑरलैंडो, पाम बीच और फोर्ट लॉडरडेल के हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं थी। सातवां टेस्ट: बूस्टर वापस आया; लेकिन स्पेसक्राफ्ट आसमान में ही ब्लास्ट हुआ 17 जनवरी 2025 को भी स्टारशिप का सातवां टेस्ट पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा था। लॉन्चिंग के 8 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग
वैभव तत्ववादी बोले- नसीरुद्दीन शाह से सीखी असली एक्टिंग:संजय लीला भंसाली ने गले लगाकर कहा- "यू हैव डन अ फिनॉमिनल जॉब"

‘मेड इन इंडिया: अ टाइटन स्टोरी’ में टाइटन के को-फाउंडर आकाश का किरदार निभाकर चर्चा में आए अभिनेता वैभव तत्ववादी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि नसीरुद्दीन शाह के साथ काम करना रही। उन्हें देखकर उन्होंने अभिनय को महसूस करना सीखा। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर अभिनेता बनने, मुंबई में संघर्ष, रिजेक्शन, नेपोटिज्म, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘आर्टिकल 370’ और ‘टाइटन’ से मिली पहचान पर बात की। सवाल: ‘मेड इन इंडिया: अ टाइटन स्टोरी’ का ऑफर मिला तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: प्रोड्यूसर का फोन आया और बताया कि टाइटन पर सीरीज बन रही है। जैसे ही पता चला कि मुझे कंपनी के को-फाउंडर आकाश का किरदार निभाना है, मैंने तुरंत हामी भर दी। डायरेक्टर रॉबी ग्रेवाल से मुलाकात के बाद यकीन हो गया कि यह प्रोजेक्ट मुझे करना ही है। मेरे लिए यह किस्मत से मिला प्रोजेक्ट था। सवाल: नसीरुद्दीन शाह के साथ पहली बार काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: पहला ही सीन उनके साथ था। मैं काफी नर्वस था। उन्हें देखकर अभिनय को महसूस करना सीखा। पहले विजया मेहता जी से सुना था कि अभिनय की असली लय ठहराव में होती है। नसीर सर को काम करते देखकर उसका असली मतलब समझ आया। उन्होंने मुझे कुछ सिखाया नहीं, लेकिन उन्हें काम करते देखना ही सबसे बड़ी क्लास थी। सवाल: नसीरुद्दीन शाह से मिली सबसे बड़ी सीख क्या रही? जवाब: उनके साथ कुछ दिन शूट किया, लेकिन उसके बाद मेरा अभिनय बदल गया। डायलॉग बोलने का तरीका, पॉज, बॉडी लैंग्वेज और सीन में मौजूदगी ने मुझे प्रभावित किया। रिलीज के बाद जब उन्होंने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ की, तो लगा कि मेरी दस साल की मेहनत सफल हो गई। वह तारीफ मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं थी। सवाल: दर्शक आकाश के किरदार से इतना जुड़ क्यों पाए? जवाब: आकाश सिर्फ बिजनेसमैन नहीं, आम इंसान भी है। उसके सपने, जिम्मेदारियां और रिश्तों का संघर्ष है। कई लोग ऐसे दौर से गुजरते हैं, जहां वे कुछ और करना चाहते हैं, लेकिन जिम्मेदारियां उन्हें रोक देती हैं। शायद इसी वजह से लोगों ने खुद को इस किरदार में देखा। सवाल: इंजीनियरिंग छोड़कर अभिनय में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: मैं मेटलर्जिकल इंजीनियर हूं। माता-पिता ने कहा था कि पहले इंजीनियरिंग पूरी करो, फिर दो साल अभिनय के लिए देंगे। मैंने वादा निभाया। अगर उन दो साल में काम नहीं मिलता, तो एम.टेक करके प्रोफेसर बन जाता। लेकिन उसी दौरान अभिनय में काम मिलने लगा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। सवाल: अभिनय का शौक कब से था? जवाब: दूसरी कक्षा से थिएटर करता था। आठवीं में ही तय कर लिया था कि अभिनेता बनना है। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे में पढ़ाई के साथ थिएटर किया। वहीं कलाकार के तौर पर मेरी असली ग्रूमिंग हुई। FTII के छात्रों की शॉर्ट फिल्मों में काम किया, जिससे कैमरे के सामने अनुभव मिला। सवाल: आपकी हिंदी इतनी अच्छी कैसे हुई? जवाब: इसका सबसे बड़ा श्रेय अमीन सयानी साहब को जाता है। उन्होंने मुझे इब्राहिम दरवेश साहब के पास भेजा। उन्होंने सही उच्चारण, हिंदी-उर्दू लिखना और भाषा की बारीकियां सिखाईं। तभी समझ आया कि अभिनेता के लिए भाषा कितनी जरूरी है। मेरा मानना है कि आम लोगों को अपने लहजे पर शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। हर राज्य का एक्सेंट उसकी खूबसूरती है। सवाल: बिना किसी गॉडफादर के मुंबई में शुरुआत कितनी मुश्किल रही? जवाब: मैं नागपुर और पुणे से मुंबई आया था। यहां की रफ्तार अलग थी। शुरुआत में जोगेश्वरी में तीन दोस्तों के साथ छोटे-से घर में रहता था। बारिश में घर के आसपास पानी भर जाता था और कभी-कभी चूहे भी आ जाते थे। लोकल ट्रेन की भीड़ से कई बार तीन-तीन ट्रेन छोड़ देता था। धीरे-धीरे यही शहर अपना लगने लगा। आज भी मानता हूं कि मुंबई मेहनत करने वालों को कभी निराश नहीं करती। सवाल: शुरुआती संघर्ष का सबसे मुश्किल दौर कौन-सा था? जवाब: सबसे ज्यादा तकलीफ रिजेक्शन से नहीं, लोगों के व्यवहार से होती थी। कई बार पुणे से चार घंटे बस में सफर कर ऑडिशन देने आता था और सुनने को मिलता था, ‘आप फिट नहीं हैं।’ उस समय खुद पर शक होने लगता था। बाद में समझ आया कि बिना पहचान के इंडस्ट्री में आने वालों के लिए रिजेक्शन सफर का हिस्सा है। अगर इन्हीं से हार मान लेंगे, तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे। सवाल: उस दौर से खुद को कैसे संभाला? जवाब: मैंने तय किया कि खुद को कभी किसी दूसरे की राय से नहीं आंकूंगा। लोग आपके बारे में कुछ भी सोच सकते हैं, लेकिन वही सच हो, यह जरूरी नहीं। योग ने मुझे मानसिक रूप से मजबूत बनाया। सफलता और असफलता, दोनों को संतुलित तरीके से लेना वहीं से सीखा। सवाल: बाजीराव मस्तानी तक पहुंचने का सफर कैसे तय हुआ? जवाब: मराठी फिल्मों और थिएटर में काम कर रहा था। उसी दौरान महेश मांजरेकर और अतुल कुलकर्णी ने मेरा नाम संजय लीला भंसाली तक पहुंचाया। मुझे चिमाजी अप्पा का किरदार मिला। पहली बार इतने बड़े सेट पर काम किया। वहां अभिनय के साथ दबाव में शांत रहना भी सीखा। सवाल: संजय लीला भंसाली से मिली सबसे बड़ी तारीफ क्या थी? जवाब: एक सीन देखने के बाद उन्होंने मुझे गले लगाकर कहा, “यू हैव डन अ फिनॉमिनल जॉब।” बाद में उन्होंने कहा, “जब तुम एडिट टेबल पर दिखते हो, तब मैजिक होता है।” एक अभिनेता के लिए इससे बड़ा कॉम्प्लिमेंट नहीं हो सकता। सवाल: आर्टिकल 370 के लिए कैसी तैयारी करनी पड़ी? जवाब: हमने पूर्व कमांडो के साथ ट्रेनिंग की। हथियार पकड़ने से लेकर चलने और खड़े होने तक हर चीज पर काम किया। कोशिश थी कि स्क्रीन पर अभिनेता नहीं, असली सैनिक दिखे। फिल्म रिलीज होने के बाद कुछ आर्मी अधिकारियों ने कहा कि किरदार बिल्कुल वास्तविक लगा। मेरे लिए वही सबसे बड़ी तारीफ थी। सवाल: आपको कब लगा कि हिंदी इंडस्ट्री में अलग पहचान बन गई है? जवाब: ‘निर्मल पाठक की घर वापसी’ मेरे करियर का टर्निंग पॉइंट थी। उसके बाद ‘आर्टिकल 370’ आई और ‘मेड इन इंडिया: अ टाइटन स्टोरी’ ने दर्शकों से ऐसा जुड़ाव दिया, जो पहले कभी महसूस नहीं हुआ। लोगों ने सिर्फ किरदार
Gold Price Drop | Maruti Brezza Facelift Launch & US Tariff on India

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर टैरिफ से जुड़ी रही। अमेरिका ने शुक्रवार से भारत से आयात होने वाले सामान पर 10% टैरिफ लागू कर दिया है। वहीं, सोने की कीमतों में 24 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 824 रुपए गिरकर 1,43,781 रुपए पर आ गया है। इसके अलावा, मारुति सुजुकी ने आज 24 जुलाई को भारत में सेकंड जनरेशन ब्रेजा लॉन्च कर दी है। अपडेटेड मॉडल में सबसे खास नया 1-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10.1-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और लेवल-1 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स हैं। कंपनी का दावा है कि कार नए टर्बो इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज देती है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. अमेरिका ने भारत पर 10% टैरिफ लगाया: जबरन मजदूरी का आरोप; 60 और देशों पर भी टैरिफ लगाया अमेरिका ने शुक्रवार से भारत से आयात होने वाले सामान पर 10% टैरिफ लागू कर दिया है। यह कार्रवाई ट्रेड एक्ट-1974 की धारा 301 के तहत फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) से बने सामान को लेकर की गई है। यह फैसला ऐसे दिन लागू हुआ, जब ट्रम्प प्रशासन का 15% अस्थायी ग्लोबल टैरिफ खत्म हो रहा है। यानी पुराना टैरिफ हटते ही उसकी जगह नया स्थायी टैरिफ लागू कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना ₹824 गिरकर ₹1.44 लाख पर आया: ऑल टाइम हाई से ₹32,340 सस्ता हुआ, चांदी आज ₹241 बढ़कर ₹2.23 लाख पहुंची सोने की कीमतों में 24 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 824 रुपए गिरकर 1,43,781 रुपए पर आ गया है। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 241 रुपए बढ़कर 2,22,721 रुपए पर पहुंच गई है। एक दिन पहले सोना 1,44,605 रुपए और चांदी 2,22,480 रुपए पर थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. क्वांटस के प्रोजेक्ट सनराइज की पहली टेस्ट फ्लाइट ऑस्ट्रेलिया पहुंची: फ्रांस से 19 घंटे की उड़ान भरकर इतिहास बनाया; अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट्स ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटस के विमान ने सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया है। इस कॉमर्शियल एयरक्राफ्ट ने शुक्रवार 24 जुलाई की सुबह ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में लैंडिंग की। विमान ने फ्रांस के टूलूज शहर से स्थानीय समयानुसार गुरुवार सुबह 7:33 बजे उड़ान भरी थी। 19 घंटे और 13 मिनट का लंबा सफर तय करके इसने मेलबर्न में टचडाउन किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. 2026 मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹7.40 लाख: नए टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज, सेफ्टी के लिए ADAS फीचर्स मारुति सुजुकी ने आज 24 जुलाई को भारत में सेकंड जनरेशन ब्रेजा लॉन्च कर दी है। कंपनी ने अपनी इस पॉपुलर सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट SUV को 4 साल बाद अपडेट किया है और इसके एक्सटीरियर-इंटीरियर डिजाइन, फीचर्स और इंजन में बड़े बदलाव किए गए हैं। अपडेटेड मॉडल में सबसे खास नया 1-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10.1-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और लेवल-1 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स हैं। कंपनी का दावा है कि कार नए टर्बो इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज देती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. आईक्यू Z11 लाइट स्मार्टफोन लॉन्च, कीमत ₹17999 से शुरू: 50MP सोनी कैमरा और 6500mAh बैटरी; 1% चार्ज पर 30 मिनट कॉल कर सकेंगे टेक ब्रांड आइक्यू ने आज 24 जुलाई को भारत में नया बजट 5G स्मार्टफोन आईक्यू Z11 लाइट 5G लॉन्च कर दिया है। स्मार्टफोन में सबसे खास 6500mAh की बैटरी है, जो 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट और 5 साल की हेल्थ वारंटी दी गई है। कंपनी का दावा है कि फोन सिर्फ 1% चार्ज होने पर भी आप 30 मिनट कॉल कर सकेंगे। आईक्यू Z11 लाइट में मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर और 50 मेगापिक्सल का मैन कैमरा दिया गया है। इसे तीन वैरिएंट में उतारा गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर टैरिफ से जुड़ी रही। अमेरिका ने शुक्रवार से भारत से आयात होने वाले सामान पर 10% टैरिफ लागू कर दिया है। वहीं, सोने की कीमतों में 24 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 824 रुपए गिरकर 1,43,781 रुपए पर आ गया है। इसके अलावा, मारुति सुजुकी ने आज 24 जुलाई को भारत में सेकंड जनरेशन ब्रेजा लॉन्च कर दी है। अपडेटेड मॉडल में सबसे खास नया 1-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10.1-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और लेवल-1 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स हैं। कंपनी का दावा है कि कार नए टर्बो इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज देती है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. अमेरिका ने भारत पर 10% टैरिफ लगाया: जबरन मजदूरी का आरोप; 60 और देशों पर भी टैरिफ लगाया अमेरिका ने शुक्रवार से भारत से आयात होने वाले सामान पर 10% टैरिफ लागू कर दिया है। यह कार्रवाई ट्रेड एक्ट-1974 की धारा 301 के तहत फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) से बने सामान को लेकर की गई है। यह फैसला ऐसे दिन लागू हुआ, जब ट्रम्प प्रशासन का 15% अस्थायी ग्लोबल टैरिफ खत्म हो रहा है। यानी पुराना टैरिफ हटते ही उसकी जगह नया स्थायी टैरिफ लागू कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना ₹824 गिरकर ₹1.44 लाख पर आया: ऑल टाइम हाई से ₹32,340 सस्ता हुआ, चांदी आज ₹241 बढ़कर ₹2.23 लाख पहुंची सोने की कीमतों में 24 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 824 रुपए गिरकर 1,43,781 रुपए पर आ गया है। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 241 रुपए बढ़कर 2,22,721 रुपए पर पहुंच गई है। एक दिन पहले सोना 1,44,605 रुपए और चांदी 2,22,480 रुपए पर थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. क्वांटस के प्रोजेक्ट सनराइज की पहली टेस्ट फ्लाइट ऑस्ट्रेलिया पहुंची: फ्रांस से 19 घंटे की उड़ान भरकर इतिहास बनाया; अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट्स ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटस के विमान ने सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया है। इस कॉमर्शियल एयरक्राफ्ट ने शुक्रवार 24 जुलाई की सुबह ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में लैंडिंग की। विमान ने फ्रांस के टूलूज शहर से स्थानीय समयानुसार गुरुवार सुबह 7:33 बजे उड़ान भरी थी। 19 घंटे और 13 मिनट का लंबा सफर तय करके इसने मेलबर्न में टचडाउन किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. 2026 मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹7.40 लाख: नए टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज, सेफ्टी के लिए ADAS फीचर्स मारुति सुजुकी ने आज 24 जुलाई को भारत में सेकंड जनरेशन ब्रेजा लॉन्च कर दी है। कंपनी ने अपनी इस पॉपुलर सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट SUV को 4 साल बाद अपडेट किया है और इसके एक्सटीरियर-इंटीरियर डिजाइन, फीचर्स और इंजन में बड़े बदलाव किए गए हैं। अपडेटेड मॉडल में सबसे खास नया 1-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10.1-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और लेवल-1 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स हैं। कंपनी का दावा है कि कार नए टर्बो इंजन के साथ 20.47kmpl का माइलेज देती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. आईक्यू Z11 लाइट स्मार्टफोन लॉन्च, कीमत ₹17999 से शुरू: 50MP सोनी कैमरा और 6500mAh बैटरी; 1% चार्ज पर 30 मिनट कॉल कर सकेंगे टेक ब्रांड आइक्यू ने आज 24 जुलाई को भारत में नया बजट 5G स्मार्टफोन आईक्यू Z11 लाइट 5G लॉन्च कर दिया है। स्मार्टफोन में सबसे खास 6500mAh की बैटरी है, जो 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट और 5 साल की हेल्थ वारंटी दी गई है। कंपनी का दावा है कि फोन सिर्फ 1% चार्ज होने पर भी आप 30 मिनट कॉल कर सकेंगे। आईक्यू Z11 लाइट में मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर और 50 मेगापिक्सल का मैन कैमरा दिया गया है। इसे तीन वैरिएंट में उतारा गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
DRDO Long Range Missile Test

Hindi News Career DRDO Long Range Missile Test | Viswanathan Anand FIDE President Update 17 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी 24 जुलाई को पेपर लीक संशोधन बिल को पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी। पेपर लीक संशोधन बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। पीएम मोदी ने एक दिन पहले ही कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की भी बात कही थी। पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात छात्रों के लिए वीडियो मैसेज भी जारी किया था। इस बिल को मंजूरी 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के चलते दी गई है। नए बिल में पेपर लीक के मामलों में 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान होगा। क्या है कानून में नियम देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इस कानून 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम लागू है, उसमें पेपर लीक करने पर 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माने की सजा है। एजेंसी दोषी होने पर 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन रहेगा। इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 2. विश्वनाथन आनंद FIDE के अंतरिम प्रेसिडेंट बने 24 जुलाई को पांच बार के वर्ल्ड चेस चैंपियन विश्वनाथन आनंद अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ, FIDE का अंतरिम प्रेसिडेंट अपॉइंट हुए। विश्वनाथन आनंद की अपॉइंटमेंट FIDE के मौजूदा प्रेसिडेंट आर्कादी ड्वोर्कोविच पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध लगाने के बाद हुई है। FIDE के नियम के अनुसार जब प्रेसिडेंट के पास कोई अधिकार न हो तब डिप्टी प्रेसिडेंट को अंतरिम प्रेसिडेंट का कार्यभार दिया जाता है। ड्वोरकोविच 2012 से 2018 तक रूस के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर रहे और 2018 से FIDE के प्रेसिडेंट हैं। ड्वोरकोविच ने EU और स्विस कानूनों और नियमों के तहत प्रतिबंध के दायरे में होने की वजह से उन्होंने अपने फैसलों पर रोक लगाई है। ड्वोरकोविच का नाम EU के 21वें प्रतिबंध पैकेज में शामिल किया गया है। FIDE चार्टर के अनुच्छेद 19.2 के तहत, आनंद अब अंतरिम अध्यक्ष का पद संभालेंगे। विश्वनाथ आनंद 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने। विश्वनाथ आनंद 2000, 2007, 2008, 2010, 2012 में 5 बार के वर्ल्ड चेस चैंपियन बने। विश्वनाथ आनंद साल 2022 से FIDE के डिप्टी प्रेसिडेंट हैं। इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) FIDE की स्थापना 1924 में हुई थी। FIDE का हेडक्वाटर्र लॉजेन, स्विट्जरलैंड में है। FIDE इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन करवाती है, चेस से जुड़े नियम बनाती है और रैंकिंग तय करती है। विश्वनाथ आनंद साल 2022 से FIDE के डिप्टी प्रेसिडेंट हैं। 3. अशिष कुमार इंफोसिस के अगले CEO होंगे 24 जुलाई को इंफोसिस ने आशीष कुमार दाश को अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर CEO घोषित किया। आशीष 1 अप्रैल 2027 से कंपनी के CEO और MD का पद संभालेंगे। आशीष वर्तमान CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 31 मार्च 2027 को खत्म होगा। आशीष वर्तमान में इंफोसिस के ग्लोबल हेड, सर्विस यूटिलिटी हेड हैं और उनके पास इंफोसिस में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। इंफोसिस (INFOSYS) इंफोसिस की स्थापना 2 जुलाई 1981 में एनआर नारायण मूर्ती ने अपने छह संस्थापकों के साथ मिलकर की। इंफोसिस का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में है। इंफोसिस इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), कंसल्टिंग(Consulting), डिजिटल सर्विस और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट का काम करता है। इंफोसिस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सर्विस, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे काम करती है। अशिष ने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 4. नरेश पाल नए शिक्षा सचिव बने 23 जुलाई को केंद्र सरकार ने नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव अपॉइंट किया। नरेश 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS हैं, वे पशुपालन एवं डेयरी डिपार्टमेंट में सचिव थे। नरेश की ये नियुक्ति पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बाद की गई है। वे विनीत जोशी की जगह लेंगे। नरेश 2001 से 2008 तक राजस्थान के अलग-अलग जिलों में कलेक्टर रहे। 2014 में नरेश राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव बने और शिक्षा प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिसंबर 2020 में नरेश भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी बनाए गए। सितंबर 2025 में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में सचिव नियुक्त हुए। नरेश पहली बार 2001 में टोंक (राजस्थान) के जिला कलेक्टर नियुक्त हुए थे। 5. DRDO ने LR-SAM ‘कुश मिसाइल की सफल टेस्टिंग की 23 जुलाई को DRDO ने ओडिशा के APJ अब्दुल कलाम द्वीप से लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (LR-SAM) ‘कुश’ की पहली सफल टेस्टिंग की। कुश सतह से हवा में मार करने वाला एक स्वदेशी मिसाइल सिस्टम है। जो लंबी दूरी तक वार कर सकता है। कुश का पहला टेस्ट एक इलेक्ट्रॉनिक टारगेट के खिलाफ किया गया था, जो तेज रफ्तार और ज्यादा ऊंचाई वाले हवाई खतरे जैसा था। कुश मिसाइल सिस्टम कई तरह के हवाई खतरों को बेअसर करने में सक्षम है, जिनमें फाइटर जेट, मिसाइलें, बिना पायलट वाले हवाई वाहन (UAV) और दुश्मन के बड़े विमान शामिल हैं। कुश के मिसाइल, रडार, कमांड और कंट्रोल सेंटर समेत हथियार सिस्टम के सभी हिस्से DRDO की अलग-अलग लैब और इंडस्ट्री पार्टनर्स ने विकसित किए हैं। प्रोजेक्ट कुश को रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बराबर माना जा रहा है और S-400 का उद्देश्य लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों को रोकना है। कुश को सबसे लंबी दूरी वाली इंटरसेप्टर मिसाइल 350 से 400 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम होगी। कुश मिसाइल सिस्टम कई हवाई खतरों पर एक साथ नजर रखकर वार कर सकता है। मिसलीनियस (Miscellaneous) 6. भारत का पहला ‘क्वांटम फाइनेंस हब’ आंध्र प्रदेश




