सुष्मिता मुखर्जी बोलीं- मजबूरी में आत्मा बेची, बुरा लगता है:सी-ग्रेड फिल्में करने पर अफसोस जताकर कहा- तब कर्ज लेने वाले घर आकर गालियां देते थे

कोलकाता में जन्मीं एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर के उस दौर को याद किया है, जब उन्हें मजबूरी में सी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा था। फिलहाल ‘जगन्नाथ और पूर्वी की दोस्ती अनोखी’ सीरियल में नजर आ रहीं सुष्मिता ने एक इमोशनल वीडियो में अपने संघर्षों पर खुलकर बात की है। मजबूरी में लिए थे गलत फैसले सुष्मिता ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा कि उन फिल्मों में काम करना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला था, जो महिलाओं का अपमान करती थीं। उन्होंने कहा, ‘भगवान का शुक्र है कि मैंने सिर्फ खराब फिल्में चुनी थीं, पोर्नोग्राफी नहीं की। क्या मैंने अपनी आत्मा बेच दी? हां, मैंने अपनी आत्मा बेच दी। मुझे तब भी अच्छा नहीं लगा था और अब भी नहीं लगता, लेकिन यह मेरी मजबूरी थी।’ 2002 में दिवालिया हो गई थी प्रोडक्शन कंपनी एक्ट्रेस ने बताया कि 1983 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट होने के बाद उनके जीवन में एक ऐसा दौर आया जब उन्हें ये फैसले लेने पड़े। साल 2002 में सुष्मिता और उनके पति की मीडिया कंपनी ‘प्रयास प्रोडक्शन’ पर एक करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। उस समय टेक्नोलॉजी के नए दौर और एंजेल इन्वेस्टमेंट की जानकारी न होने के कारण उनकी कंपनी के साथ-साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शन भी दिवालिया हो गए थे। रिकवरी वाले घर आकर देते थे गालियां सुष्मिता ने बताया कि वह समय बहुत बुरा था। कर्ज देने वाले और रिकवरी एजेंट उनके घर आते थे और गालियां देते थे। उस वक्त उनके बच्चे बहुत छोटे थे, इसलिए उन्हें कर्ज चुकाने के लिए हर तरह का काम करना पड़ा। उन्होंने और उनके पति ने तीन-चार साल तक कड़ी मेहनत की ताकि वे एक करोड़ का कर्ज चुका सकें। बेटी की पढ़ाई के लिए भी थी पैसों की जरूरत आर्थिक दबाव का एक बड़ा कारण उनकी बेटी की पढ़ाई भी थी। सुष्मिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी, इसलिए उन्होंने उसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेजने का फैसला किया। हालांकि उनके पति इसके पक्ष में नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को विदेश भेजा। उसकी पढ़ाई काफी महंगी थी, जिसके लिए उन्हें लगातार पैसे कमाने थे। फैसलों पर नहीं है कोई पछतावा सुष्मिता ने 1978 में फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा से शादी की थी, जिससे बाद में उनका तलाक हो गया। इसके बाद 1993 में उन्होंने एक्टर और राजनेता राजा बुंदेला से दूसरी शादी की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने फैसलों पर कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी और वे आज अपने पैरों पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब वह वही काम करती हैं जो उनके दिल को छूता है। उन्हें अब सम्मान भी मिलता है और वह अपनी कमाई से खुश हैं।
एआई मॉडल में बिना निर्देश भ्रामक व्यवहार का अनूठा मामला:खुद बनाई फर्जी पहचान, साइबर हमले की कोशिश की; पकड़े जाने पर सबूत मिटाए

एआई अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन के एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट (एआईएसआई) की एक टेस्टिंग में दो एडवांस एआई मॉडल ऐसे व्यवहार करते मिले, जिसने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी। टेस्ट के दौरान एंथ्रोपिक के माइथोस एआई ने इंसानों जैसी फर्जी ऑनलाइन पहचान बनाई। फिर निजी संदेश भेजे और लोगों को भरोसे में लेकर ‘गिटहब’ सिस्टम में नुकसान पहुंचाने वाला कोड डालने की कोशिश की। जब इसकी गतिविधियों पर सवाल उठे तो इसने अपने पुराने रिकॉर्ड को सामान्य दिखाने के लिए उसमें बदलाव किए और नई पहचान अपनाने पर भी विचार किया। यह पहली बार है जब किसी एआई मॉडल में बिना किसी निर्देश के इतने स्पष्ट ऑटोनोमस और भ्रामक व्यवहार देखने को मिला। हालांकि पूरी प्रक्रिया के दौरान मानव निगरानी मौजूद थी, इसलिए एआई अपने मकसद में सफल नहीं हो सका। इस मामले में एआई मॉडल को सिर्फ एक साइबर सिक्योरिटी चुनौती हल करने का काम दिया गया था। इसके लिए उसे इंटरनेट तक पहुंच दी गई थी, ताकि यह समझा जा सके कि वास्तविक परिस्थितियों में एआई क्या कर सकता है। लेकिन एआई ने तय दायरे से आगे बढ़कर खुद लोगों की पहचान खोजी, उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाए और उन्हें फाइल शेयरिंग सर्विस के जरिए संदेश भेजकर सिस्टम तक पहुंच हासिल करने की कोशिश की। एआईएसआई का कहना है कि इससे पता चलता है कि ज्यादा सक्षम होते एआई मॉडल भविष्य में उम्मीद से अलग व्यवहार भी कर सकते हैं। ब्रिटेन के एआई मंत्री कनिष्क नारायण ने कहा कि ऐसे जोखिमों की पहचान करना और उन्हें सार्वजनिक करना जरूरी है, ताकि इसे और सुरक्षित बनाया जा सके। एंथ्रोपिक और ओपनएआई, दोनों ने कहा कि यह परीक्षण सामान्य इस्तेमाल जैसे हालात में नहीं किया गया था। टेस्ट के दौरान उनके मॉडल की सामान्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को कम या हटाया गया था। एंथ्रोपिक ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि ओपनएआई ने कहा कि वह भविष्य में ऐसे परीक्षणों को और सुरक्षित बनाने के लिए मूल्यांकन एजेंसियों के साथ काम जारी रखेगी। टेस्ट में एआई को नहीं मिला था धोखा देने का कोई निर्देश एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट ने कहा कि माइथोस एआई को न तो लोगों को धोखा देने और न ही उससे बचने का कोई विशेष निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद उसने खुद फर्जी पहचान बनाई और लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। संस्था के मुताबिक, पहली बार बिना किसी खास प्रॉम्प्ट के एआई में इस स्तर का स्वायत्त और भ्रामक व्यवहार देखने को मिला। हालांकि, ऐसी घटनाएं बहुत सीमित परिस्थितियों में हुईं।
Assam Rape Murder Case | Devoleena Bhattacharjee Demands Death Penalty

6 मिनट पहले कॉपी लिंक असम के हैलाकांदी जिले में 16 साल की लड़की से रेप और हत्या के मामले में टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए देवोलीना ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से सभी आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी देने की अपील की है। पीड़िता के परिवार ने भी आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देने की गुहार लगाई है। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के प्रेमी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी। CM को टैग कर कहा- अपराधियों को बख्शा न जाए अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर इस घटना को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को टैग करते हुए लिखा कि इन अपराधियों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाए जो समाज में एक कड़ा उदाहरण बने। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए ताकि राज्य में कोई भी अपराधी बचकर न निकल सके। देवोलीना ने अपराधियों को इंसानियत के नाम पर कलंक बताया। घर में खून से लथपथ मिली नाबालिग घटना 1 अगस्त की रात की है। पीड़िता का परिवार पास ही एक रिश्तेदार के कार्यक्रम में गया हुआ था। कार्यक्रम के दौरान चचेरे भाई से कहासुनी होने के बाद लड़की रात करीब 10:30 बजे अकेले घर लौट आई। परिजन यह सोचकर रुक गए कि खाना खाकर उसके लिए भी भोजन ले जाएंगे। जब वे घर पहुंचे, तो बेटी खून से लथपथ हालत में मिली। गंभीर चोटों के कारण उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। प्रेमी ने दो साथियों के साथ रची साजिश पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी का पीड़िता के साथ प्रेम प्रसंग था। उसे शक था कि लड़की का किसी अन्य व्यक्ति से भी रिश्ता है। इसी बात का बदला लेने और सबक सिखाने के लिए उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस अपराध की योजना बनाई। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की उम्र 17 से 19 साल के बीच है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ करार दिया है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Assam Rape Murder Case | Devoleena Bhattacharjee Demands Death Penalty

22 मिनट पहले कॉपी लिंक असम के हैलाकांदी जिले में 16 साल की लड़की से रेप और हत्या के मामले में टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए देवोलीना ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से सभी आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी देने की अपील की है। पीड़िता के परिवार ने भी आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देने की गुहार लगाई है। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के प्रेमी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी। CM को टैग कर कहा- अपराधियों को बख्शा न जाए अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर इस घटना को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को टैग करते हुए लिखा कि इन अपराधियों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाए जो समाज में एक कड़ा उदाहरण बने। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए ताकि राज्य में कोई भी अपराधी बचकर न निकल सके। देवोलीना ने अपराधियों को इंसानियत के नाम पर कलंक बताया। घर में खून से लथपथ मिली नाबालिग घटना 1 अगस्त की रात की है। पीड़िता का परिवार पास ही एक रिश्तेदार के कार्यक्रम में गया हुआ था। कार्यक्रम के दौरान चचेरे भाई से कहासुनी होने के बाद लड़की रात करीब 10:30 बजे अकेले घर लौट आई। परिजन यह सोचकर रुक गए कि खाना खाकर उसके लिए भी भोजन ले जाएंगे। जब वे घर पहुंचे, तो बेटी खून से लथपथ हालत में मिली। गंभीर चोटों के कारण उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। प्रेमी ने दो साथियों के साथ रची साजिश पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी का पीड़िता के साथ प्रेम प्रसंग था। उसे शक था कि लड़की का किसी अन्य व्यक्ति से भी रिश्ता है। इसी बात का बदला लेने और सबक सिखाने के लिए उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस अपराध की योजना बनाई। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की उम्र 17 से 19 साल के बीच है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को ‘राक्षस’ और ‘शैतान’ करार दिया है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Russia War Scam | Soldiers Marriage Compensation Fraud & Black Widow Case

मॉस्को4 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस में मुआवजे के लिए शादी करने के मामलों की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। हालांकि रूसी अदालतों में ऐसे कई मामले पहुंच चुके हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध पर जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाले सरकारी मुआवजे पर कब्जा कर लेती हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी ऐसी महिलाओं को ‘ब्लैक विडो’ कह रहे हैं। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की। इस पूरे स्कैम में अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सबसे चर्चित मामले में एक सैन्य अस्पताल की नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। आरोप था कि सैनिकों की मौत के बाद वह उनका मुआवजा लेना चाहती थी। मामला सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। यूक्रेन युद्ध में मारे गए रूसी सैनिकों की याद में कोस्त्रोमा के सैनिक कब्रिस्तान में बना स्मारक। रूस में सैनिकों की बढ़ती मौतों के बीच सरकारी मुआवजे के लिए फर्जी शादियों के मामलों पर बहस तेज हो गई है। पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला- दो दिन पहले हुई थी शादी सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली मारिया को सेना ने बताया कि उनके 59 साल पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में गोली लगने से मौत हो गई। लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि युद्ध पर भेजे जाने से सिर्फ दो दिन पहले उनके पिता ने शादी कर ली थी। मारिया का कहना है कि उन्होंने उस महिला का नाम पहले कभी नहीं सुना था। वह उनके पिता से 22 साल छोटी थी। शादी के बाद वही कानूनी रूप से यूरी की सबसे करीबी रिश्तेदार बन गई और सरकारी मुआवजे की हकदार भी। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ। उनका यह भी दावा है कि पिता का फ्लैट भी बेच दिया गया और अब उनके पास पिता की याद में सिर्फ उस घर की चाबियां बची हैं, जो अब किसी काम की नहीं हैं। सैनिक की मौत पर मिलता है भारी मुआवजा रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपए) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। आरोप है कि कुछ महिलाएं इसी पैसे के लालच में अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं। सैनिक की मौत के बाद पूरा मुआवजा पत्नी को मिल जाता है। परिवार के बाकी लोगों को कुछ भी नहीं मिल पाता। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में डिजिटल स्क्रीन पर रूसी सेना की ड्रोन यूनिट में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती का विज्ञापन दिखाया जा रहा है। इसमें वेतन की जानकारी भी दी गई है। सरकार ने जल्दी शादी को बढ़ावा दिया, इसके बाद स्कैम बढ़ा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा और अगर युद्ध में उनकी मौत हो जाती है, तो पत्नी और परिवार को सरकारी आर्थिक मदद आसानी से मिल सकेगी। लेकिन बाद में आरोप लगे कि कुछ लोगों ने इसी व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर मुआवजा हासिल करने का रास्ता बना लिया। मॉस्को की एक सड़क पर लगे होर्डिंग में रूसी सेना के एक जवान की तस्वीर। इस पर रूसी भाषा में ‘रूस का गौरव’ लिखा हुआ है। ‘सैनिक से शादी करो, फ्लैट खरीद लो’ पिछले साल साइबेरिया के टॉम्स्क शहर के एक पॉडकास्ट में रियल एस्टेट एजेंट मरीना ओरलोवा का बयान बहुत वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, “अगर फ्लैट खरीदना है तो किसी ऐसे सैनिक से शादी कर लो जो युद्ध पर जा रहा हो। उसकी मौत के बाद मिलने वाले पैसे से घर खरीद लेना। आजकल कई महिलाएं इसी तरह सस्ते फ्लैट खरीद रही हैं। यह भी एक बिजनेस है।” इसके बाद एजेंट और पॉडकास्ट की होस्ट के खिलाफ मुकदमा चला। दोनों को सामुदायिक सेवा की सजा दी गई और सैनिकों व उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। तलाक से पहले सैनिक की मौत, पत्नी को मुआवजा नहीं मिला रूसी सैनिक जॉर्जी कोस्तिरको छुट्टी पर जब घर आए तो उसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेलिना वार्यूखिना से हुई थी। दोनों ने मुलाकात के महज 10 दिन बाद शादी कर ली। शादी के कुछ ही समय बाद जॉर्जी फिर से यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर लौट गए। जॉर्जी की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद एंजेलिना सोशल मीडिया पर दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने लगी थीं। इससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और जॉर्जी ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, एंजेलिना ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि दोनों के बीच बाद में सुलह हो गई थी और सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीरें सिर्फ जॉर्जी को जलाने के लिए थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यूक्रेनी हमले में जॉर्जी की मौत हो गई। रूसी कानून के मुताबिक, उस समय एंजेलिना उनकी कानूनी पत्नी थीं, इसलिए सरकारी मुआवजा पाने का अधिकार उन्हें मिल गया। इस पर जॉर्जी के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने एंजेलिना को सबसे करीबी कानूनी रिश्तेदार का दर्जा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें मुआवजे का अधिकार नहीं मिला। यह मामला पूरे रूस में चर्चा का विषय बना और इसके बाद सैनिकों की मौत
Russia War Scam | Soldiers Marriage Compensation Fraud & Black Widow Case

मॉस्को8 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस में मुआवजे के लिए शादी करने के मामलों की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। हालांकि रूसी अदालतों में ऐसे कई मामले पहुंच चुके हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध पर जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाले सरकारी मुआवजे पर कब्जा कर लेती हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी ऐसी महिलाओं को ‘ब्लैक विडो’ कह रहे हैं। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की। इस पूरे स्कैम में अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सबसे चर्चित मामले में एक सैन्य अस्पताल की नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। आरोप था कि सैनिकों की मौत के बाद वह उनका मुआवजा लेना चाहती थी। मामला सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। यूक्रेन युद्ध में मारे गए रूसी सैनिकों की याद में कोस्त्रोमा के सैनिक कब्रिस्तान में बना स्मारक। रूस में सैनिकों की बढ़ती मौतों के बीच सरकारी मुआवजे के लिए फर्जी शादियों के मामलों पर बहस तेज हो गई है। पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला- दो दिन पहले हुई थी शादी सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली मारिया को सेना ने बताया कि उनके 59 साल पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में गोली लगने से मौत हो गई। लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि युद्ध पर भेजे जाने से सिर्फ दो दिन पहले उनके पिता ने शादी कर ली थी। मारिया का कहना है कि उन्होंने उस महिला का नाम पहले कभी नहीं सुना था। वह उनके पिता से 22 साल छोटी थी। शादी के बाद वही कानूनी रूप से यूरी की सबसे करीबी रिश्तेदार बन गई और सरकारी मुआवजे की हकदार भी। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ। उनका यह भी दावा है कि पिता का फ्लैट भी बेच दिया गया और अब उनके पास पिता की याद में सिर्फ उस घर की चाबियां बची हैं, जो अब किसी काम की नहीं हैं। सैनिक की मौत पर मिलता है भारी मुआवजा रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपए) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। आरोप है कि कुछ महिलाएं इसी पैसे के लालच में अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं। सैनिक की मौत के बाद पूरा मुआवजा पत्नी को मिल जाता है। परिवार के बाकी लोगों को कुछ भी नहीं मिल पाता। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में डिजिटल स्क्रीन पर रूसी सेना की ड्रोन यूनिट में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती का विज्ञापन दिखाया जा रहा है। इसमें वेतन की जानकारी भी दी गई है। सरकार ने जल्दी शादी को बढ़ावा दिया, इसके बाद स्कैम बढ़ा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा और अगर युद्ध में उनकी मौत हो जाती है, तो पत्नी और परिवार को सरकारी आर्थिक मदद आसानी से मिल सकेगी। मॉस्को की एक सड़क पर लगे होर्डिंग में रूसी सेना के एक जवान की तस्वीर। इस पर रूसी भाषा में ‘रूस का गौरव’ लिखा हुआ है। ‘सैनिक से शादी करो, फ्लैट खरीद लो’ पिछले साल साइबेरिया के टॉम्स्क शहर के एक पॉडकास्ट में रूसी वकील और रियल स्टेट एजेंट मरीना ओरलोवा का बयान बहुत वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, अगर फ्लैट खरीदना है तो किसी ऐसे सैनिक से शादी कर लो जो युद्ध पर जा रहा हो। उसकी मौत के बाद मिलने वाले पैसे से घर खरीद लेना। आजकल कई महिलाएं इसी तरह सस्ते फ्लैट खरीद रही हैं। यह एक बहुत अच्छा बिजनेस है। इसके बाद एजेंट और पॉडकास्ट की होस्ट के खिलाफ मुकदमा चला। दोनों को सामुदायिक सेवा की सजा दी गई और सैनिकों व उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। मरीना ओरलोवा ने पॉडकास्ट में यहां तक कहा कि जिन महिलाओं के सैनिक पति युद्ध में मारे गए हैं, उन्हें दोबारा किसी सैनिक से शादी कर लेनी चाहिए, ताकि दोबारा मुआवजा मिलने के चांसेस बने रहें। तलाक से पहले सैनिक की मौत, पत्नी को मुआवजा नहीं मिला रूसी सैनिक जॉर्जी कोस्तिरको छुट्टी पर जब घर आए तो उसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेलिना वार्यूखिना से हुई थी। दोनों ने मुलाकात के महज 10 दिन बाद शादी कर ली। शादी के कुछ ही समय बाद जॉर्जी फिर से यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर लौट गए। जॉर्जी की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद एंजेलिना सोशल मीडिया पर दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने लगी थीं। इससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और जॉर्जी ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, एंजेलिना ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि दोनों के बीच बाद में सुलह हो गई थी और सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीरें सिर्फ जॉर्जी को जलाने के लिए थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यूक्रेनी हमले में जॉर्जी की मौत हो गई। रूसी कानून के मुताबिक, उस समय एंजेलिना उनकी कानूनी पत्नी थीं, इसलिए सरकारी मुआवजा पाने का अधिकार उन्हें मिल गया। इस पर जॉर्जी के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने एंजेलिना को सबसे करीबी कानूनी रिश्तेदार का दर्जा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें मुआवजे का
रियलिटी शोज पर भड़के महाभारत एक्टर सौरभ राज:कहा- TRP बटोरने के लिए जिस हद तक गिर रहे हैं वो शर्मनाक, ये मनोरंजन नहीं घिनौना प्रदर्शन है

मशहूर टीवी शो महाभारत में भगवान कृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर सौरभ राज ने रियलिटी शोज पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मेकर्स टीआरपी बटोरने के लिए जिस हद तक गिर रहे हैं वो शर्मनाक है। उनका ये बयान तब सामने आया है, जब ओटीटी प्लेटफॉर्म में लॉकअप 2, अलायंस और भोजपुरी बवाल जैसे शोज चर्चा में हैं। सौरभ राज ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से रियलिटी शोज पर निशाना साधते हुए लिखा है, ‘मुझे कहा गया था कि इस मुद्दे पर चुप रहूं, क्योंकि प्रोफेशनली इसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन इंसानियत के नाते अब बोलना जरूरी है। रियलिटी शोज को अब खुद अपनी हकीकत का सामना करने की जरूरत है। सिर्फ टीआरपी बटोरने के लिए ये जिस हद तक गिर चुके हैं, वह बेहद शर्मनाक है। यह मनोरंजन बिल्कुल नहीं है। यह बीमार मानसिकता, अमानवीयता, मानसिक उत्पीड़न, क्रूरता और विकृत सोच का घिनौना प्रदर्शन है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘हैरानी होती है कि इतने बड़े और मशहूर होस्ट ऐसे शो में यह सब होते हुए कैसे चुपचाप देखते रहते हैं और इसे होने देते हैं। यह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उम्मीद है कि इंडस्ट्री में अब भी कुछ समझदारी बाकी है और समय रहते इस पर लगाम लगेगी। आखिर हम समाज के लिए किस तरह का मानदंड तय कर रहे हैं?’ क्या लॉकअप 2 पर एक्टर ने साधा निशाना इन दिनों 3 रियलिटी शोज चर्चा में हैं। पहला है नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुआ लॉक अप-2, जिसकी विजेता श्रेया कालरा बनी हैं। दूसरा शो है अमेजन प्राइम का अलायंस और तीसरा है जियो हॉटस्टार का भोजपुरी बवाल। जहां अलायंस स्ट्रेटजी का साफ सुथरा रियलिटी शो है, वहीं नेटफ्लिक्स का लॉक अप 2, गाली गलौज और झगड़ों के चलते विवादों में रहा। शो में सेक्शुएलिटी का मजाक बनाया गया और अभद्र भाषा भी इस्तेमाल हुई। इसके अलावा 2 अगस्त से जियो हॉटस्टार में स्ट्रीम हो रहा रियलिटी शो भोजपुरी बवाल भी सुर्खियों में है, जिसमें भोजपुरी एक्ट्रेस, बॉलीवुड एक्ट्रेस का मजाक उड़ाती दिखी हैं। 2 रियलिटी शोज का हिस्सा रहे एक्टर सौरभ राज रियलिटी शोज पर सवाल खड़े करने वाले सौरभ राज खुद भी 2 रियलिटी शोज खतरों के खिलाड़ी 11 और नच बलिए में नजर आ चुके हैं। बता दें कि सौरभ राज कई माइथोलॉजिकल शोज देवों के देव महादेव, महाकालीः अंत ही आरंभ है, महाभारत में नजर आए हैं। उन्हें असल पहचान महाभारत में भगवान कृष्ण के किरदार से मिली थी। इनके अलावा वो कसम से, परिचय, मीत मिला दे रब्बा और पटियाला बेब्स में नजर आए हैं।
Gold Silver Price Hike | India Bullion Market Latest Update 2026

13 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमत में आज यानी 6 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,735 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। एक किलो चांदी की कीमत 931 रुपए बढ़कर 2.25 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस महीने यानी अगस्त में सिर्फ 6 दिन में ही सोना 5,501 और चांदी 7,198 रुपए महंगी हो चुकी है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,48,361 22 ₹1,35,899 18 ₹1,11,271 14 ₹86,791 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,49,860 मुंबई ₹1,45,730 कोलकाता ₹1,45,730 जयपुर ₹1,49,860 भोपाल ₹1,49,760 पटना ₹1,49,760 लखनऊ ₹1,49,860 रायपुर ₹1,45,730 अहमदाबाद ₹1,49,760 सोर्स: goodreturns 6 अगस्त 2026 इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 15 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 5 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.25 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल तारीख सोना चांदी 31 दिसंबर 2025 ₹1,33,195 ₹2,30,420 31 जनवरी 2026 ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी 2026 ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च 2026 ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल 2026 ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई 2026 ₹1,56,463 ₹2,63,350 30 जून 2026 ₹1,41,286 ₹2,25,425 31 जुलाई 2026 ₹1,42,860 ₹2,18,295 6 अगस्त 2026 ₹1,48,361 ₹2,25,493 नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हवा में 171 फीट के रॉकेट को पकड़ेगा चॉपस्टिक टावर:अगस्त में स्टारशिप का 14वां टेस्ट करेगी स्पेसएक्स; मस्क बोले- सालभर में रोजाना 1 फ्लाइट होगी

स्पेसएक्स इसी महीने इतिहास रचने की तैयारी में है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो कंपनी अगस्त खत्म होने से पहले अपने स्टारशिप का 14वां टेस्ट करेगी। इस टेस्ट में स्पेसएक्स की टीम लॉन्च टावर के जरिए स्टारशिप के ऊपरी हिस्से ‘शिप’ को हवा में कैच करने की कोशिश करेगी। सेप्सएक्स दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली ‘स्टारशिप’ कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। केवल स्टारशिप का ऊपरी हिस्सा 171 फीट का है। ‘शिप’ को टावर के ‘चॉपस्टिक’ आर्म्स से पकड़ेंगे साउथ टेक्सास के स्टारबेस साइट पर 2 लॉन्च टावर हैं, जिनमें बड़े ‘चॉपस्टिक’ आर्म्स लगे हैं। यह स्टारशिप को पैड पर असेंबल करते हैं। इन्हीं टावर्स पर स्टारशिप को कैच करने की तैयारी है। इससे पहले स्पेसएक्स 3 टेस्ट फ्लाइट में स्टारशिप के निचले हिस्से बूस्टर को कैच करने का कारनामा कर चुकी है, लेकिन शिप को कैच करने की यह पहली कोशिश होगी। स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स भी अंतरिक्ष में छोड़े जाएंगे फ्लाइट 14 के जरिए स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स का एक बैच भेजा जाएगा। यह मौजूदा सैटेलाइट्स से बड़े और ज्यादा सक्षम हैं। 24 जुलाई को हुई फ्लाइट 13 में 20 स्टारलिंक V3 भेजे गए थे, जो सब-ऑर्बिट में थे। फ्लाइट 14 में इन्हें ऑपरेशनल ऑर्बिट में रखा जाएगा। फ्लाइट 13 की सफलता ने बढ़ाया कंपनी का भरोसा 24 जुलाई को स्टारशिप की फ्लाइट 13 लॉन्च हुई थी। यह एक सब-ऑर्बिट उड़ान थी। इसकी हिंद महासागर में लैंडिंग कराई गई थी। मस्क ने बताया कि फ्लाइट 13 के दौरान वायुमंडल में वापस आते समय शिप की ‘हीट शील्ड’ पूरी तरह सुरक्षित रही। पूरा रॉकेट आज भी सुरक्षित है। हीट शील्ड की सफलता ने ही कंपनी को फ्लाइट 14 में टावर कैच का जोखिम लेने का आत्मविश्वास दिया है। हीट शील्ड की समस्या सुलझ चुकी है, जल्द रोजाना 1 फ्लाइट होगी स्पेसएक्स की अर्निंग्स कॉल के दौरान इलॉन मस्क ने स्टारशिप के भविष्य और इसकी रफ्तार को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि “मैं किसी भी तरह की नजर नहीं लगाना चाहता, लेकिन मुझे लगता है कि इस मोड़ पर हीट शील्ड की समस्या पूरी तरह से सुलझ चुकी है।” उन्होंने कहा कि “हम उम्मीद करते हैं कि उड़ानों की रफ्तार बहुत तेजी से बढ़ेगी। संभवतः आज से एक साल बाद हम रोजाना कम से कम एक फ्लाइट करेंगे, या शायद उससे भी ज्यादा।” नॉलेज बॉक्स: क्या है ‘हीट शील्ड’ और क्यों है यह महत्वपूर्ण? जब कोई स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो हवा के घर्षण से अत्यधिक गर्मी पैदा होती है। तापमान हजारों डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ‘हीट शील्ड’ स्पेसक्राफ्ट के बाहरी हिस्से पर लगाई जाने वाली एक सुरक्षात्मक परत है। यह इंसुलेटिंग मटीरियल से बनी होती है, जो इस गर्मी को झेलकर रॉकेट के अंदरूनी हिस्सों को जलने से बचाती है। स्टारशिप को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए हीट शील्ड का सुरक्षित रहना सबसे जरूरी शर्त है।
हवा में 171 फीट के रॉकेट को पकड़ेगा चॉपस्टिक टावर:अगस्त में स्टारशिप का 14वां टेस्ट करेगी स्पेसएक्स; मस्क बोले- सालभर में रोजाना 1 फ्लाइट होगी

स्पेसएक्स इसी महीने इतिहास रचने की तैयारी में है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो कंपनी अगस्त खत्म होने से पहले अपने स्टारशिप का 14वां टेस्ट करेगी। इस टेस्ट में स्पेसएक्स की टीम लॉन्च टावर के जरिए स्टारशिप के ऊपरी हिस्से ‘शिप’ को हवा में कैच करने की कोशिश करेगी। सेप्सएक्स दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली ‘स्टारशिप’ कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। केवल स्टारशिप का ऊपरी हिस्सा 171 फीट का है। ‘शिप’ को टावर के ‘चॉपस्टिक’ आर्म्स से पकड़ेंगे साउथ टेक्सास के स्टारबेस साइट पर 2 लॉन्च टावर हैं, जिनमें बड़े ‘चॉपस्टिक’ आर्म्स लगे हैं। यह स्टारशिप को पैड पर असेंबल करते हैं। इन्हीं टावर्स पर स्टारशिप को कैच करने की तैयारी है। इससे पहले स्पेसएक्स 3 टेस्ट फ्लाइट में स्टारशिप के निचले हिस्से बूस्टर को कैच करने का कारनामा कर चुकी है, लेकिन शिप को कैच करने की यह पहली कोशिश होगी। स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स भी अंतरिक्ष में छोड़े जाएंगे फ्लाइट 14 के जरिए स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स का एक बैच भेजा जाएगा। यह मौजूदा सैटेलाइट्स से बड़े और ज्यादा सक्षम हैं। 24 जुलाई को हुई फ्लाइट 13 में 20 स्टारलिंक V3 भेजे गए थे, जो सब-ऑर्बिट में थे। फ्लाइट 14 में इन्हें ऑपरेशनल ऑर्बिट में रखा जाएगा। फ्लाइट 13 की सफलता ने बढ़ाया कंपनी का भरोसा 24 जुलाई को स्टारशिप की फ्लाइट 13 लॉन्च हुई थी। यह एक सब-ऑर्बिट उड़ान थी। इसकी हिंद महासागर में लैंडिंग कराई गई थी। मस्क ने बताया कि फ्लाइट 13 के दौरान वायुमंडल में वापस आते समय शिप की ‘हीट शील्ड’ पूरी तरह सुरक्षित रही। पूरा रॉकेट आज भी सुरक्षित है। हीट शील्ड की सफलता ने ही कंपनी को फ्लाइट 14 में टावर कैच का जोखिम लेने का आत्मविश्वास दिया है। हीट शील्ड की समस्या सुलझ चुकी है, जल्द रोजाना 1 फ्लाइट होगी स्पेसएक्स की अर्निंग्स कॉल के दौरान इलॉन मस्क ने स्टारशिप के भविष्य और इसकी रफ्तार को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि “मैं किसी भी तरह की नजर नहीं लगाना चाहता, लेकिन मुझे लगता है कि इस मोड़ पर हीट शील्ड की समस्या पूरी तरह से सुलझ चुकी है।” उन्होंने कहा कि “हम उम्मीद करते हैं कि उड़ानों की रफ्तार बहुत तेजी से बढ़ेगी। संभवतः आज से एक साल बाद हम रोजाना कम से कम एक फ्लाइट करेंगे, या शायद उससे भी ज्यादा।” नॉलेज बॉक्स: क्या है ‘हीट शील्ड’ और क्यों है यह महत्वपूर्ण? जब कोई स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो हवा के घर्षण से अत्यधिक गर्मी पैदा होती है। तापमान हजारों डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ‘हीट शील्ड’ स्पेसक्राफ्ट के बाहरी हिस्से पर लगाई जाने वाली एक सुरक्षात्मक परत है। यह इंसुलेटिंग मटीरियल से बनी होती है, जो इस गर्मी को झेलकर रॉकेट के अंदरूनी हिस्सों को जलने से बचाती है। स्टारशिप को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए हीट शील्ड का सुरक्षित रहना सबसे जरूरी शर्त है।







