पीएम मोदी ने अमेरिकी उप-राष्ट्रपति से फोन पर बात की:भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा, प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी

पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फोन पर बातचीत की। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया। हमने प्रमुख क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।” उन्होंने वेंस को बेटे के जन्म पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। दरअसल, 19 जुलाई को जेडी वेंस तीसरी बार पिता बने थे। खबर अपडेट हो रही है…
ट्रेलर रिव्यू: टॉक्सिक:यश का स्वैग और खतरनाक एक्शन खूब, लेकिन कहानी अब भी उलझी; स्टारडम के भरोसे कितनी चलेगी फिल्म

यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का ट्रेलर आज 8 अगस्त को रिलीज हो गया। लंबे इंतजार के बाद आए ट्रेलर में यश बेहद खतरनाक गैंगस्टर अवतार में दिखाई देते हैं। फिल्म में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और यह 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसका स्केल, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन है। यश का लुक और स्क्रीन प्रेजेंस भी प्रभावशाली है। लेकिन करीब 4 मिनट 38 सेकेंड के ट्रेलर के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही रह जाता है- आखिर फिल्म की कहानी क्या है? ट्रेलर कई किरदारों, हिंसक एक्शन, स्टाइलिश विजुअल्स और तेज कट्स से दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश करता है, लेकिन कहानी का इमोशनल कनेक्शन उतनी मजबूती से सामने नहीं आता। ऐसे में यह आशंका बनी रहती है कि कहीं फिल्म अपने विजुअल्स और यश के स्टारडम के पीछे कहानी की कमजोरी तो नहीं छिपा रही। यश का अंदाज दमदार, लेकिन किरदार में नयापन कितना? यश को एक बार फिर ऐसे किरदार में देखा जा रहा है जो खतरनाक, हिंसक और बेहद स्टाइलिश है। ‘KGF’ के बाद उनका ऐसा अवतार दर्शकों के लिए नया नहीं है। यही वजह है कि ट्रेलर देखने के बाद एक सवाल उठता है- क्या ‘टॉक्सिक’ यश को ‘KGF’ के रॉकी भाई वाले जोन से बाहर निकाल पाएगी? उनका लुक और एक्शन निश्चित तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाए गए हैं, लेकिन सिर्फ स्वैग और हिंसा के दम पर फिल्म को अलग पहचान दिलाना आसान नहीं होगा। कहानी से ज्यादा दिख रहा है स्टाइल ‘टॉक्सिक’ को पीरियड गैंगस्टर एक्शन ड्रामा बताया गया है। फिल्म की कहानी गोवा की पृष्ठभूमि में एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द है जो अपराध की दुनिया में अपना साम्राज्य खड़ा करता है। लेकिन ट्रेलर में कहानी के बजाय एक्शन, हथियार, हिंसा, ग्लैमर और बड़े सेट पीसेज ज्यादा हावी नजर आते हैं। यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है। अगर कहानी मजबूत नहीं निकली तो इतना बड़ा स्केल भी दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। कियारा-नयनतारा समेत फीमेल स्टारकास्ट पर नजर फिल्म में पांच प्रमुख महिला कलाकार हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद भी उनके किरदारों को लेकर बहुत ज्यादा स्पष्टता नहीं मिलती। कियारा आडवाणी का किरदार नादिया पहले से ही ‘तबाही’ गाने के कारण चर्चा में है। ‘तबाही’ में यश और कियारा की केमिस्ट्री और इंटीमेट सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी हुआ था। इस विवाद के बीच ट्रेलर से उम्मीद थी कि कियारा के किरदार की कहानी में अहमियत साफ होगी, लेकिन फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती। ट्रेलर से पहले भी विवादों में रही फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज होने के बाद महिलाओं के चित्रण को लेकर आपत्तियां उठी थीं। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने शिकायत की थी, जबकि एक ईसाई संगठन ने टीजर में आर्कएंजल माइकल की प्रतिमा दिखाए जाने को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया था। ट्रेलर लॉन्च से ठीक पहले कमाल आर खान ने भी यश पर पेड रिव्यूज की व्यवस्था करने का आरोप लगाया था। हालांकि यह आरोप उनका दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फैसला: विजुअल्स शानदार, लेकिन कहानी की परीक्षा बाकी ‘टॉक्सिक’ का ट्रेलर तकनीकी रूप से बड़ा और भव्य दिखाई देता है। यश का स्क्रीन प्रेजेंस भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन कहानी को लेकर ट्रेलर अभी भी दर्शकों को पूरी तरह आश्वस्त नहीं करता। फिल्म की असली परीक्षा यही होगी कि क्या गीतू मोहनदास इस बड़े स्टार और विशाल बजट के साथ सिर्फ एक स्टाइलिश गैंगस्टर फिल्म बनाती हैं या इसके पीछे कोई मजबूत और भावनात्मक कहानी भी है। फिलहाल ट्रेलर का सबसे बड़ा सवाल यही है- ‘टॉक्सिक’ यश की अगली बड़ी फिल्म बनेगी या सिर्फ यश के स्टारडम पर टिकी एक और बड़ी एक्शन फिल्म साबित होगी?
सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई

सोनाक्षी सिन्हा को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि एक्ट्रेस बीजेपी और सनातन धर्म को बदनाम करने का एजेंडा चला रही हैं। पोस्ट में सीजेपी के छात्र प्रदर्शन को समर्थन देने, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को कथित तौर पर धार्मिक वजह से अनफॉलो करने और फिल्ममेकर आदित्य धर के उनके बर्गर वाले पोस्ट पर हंसने वाले रिएक्शन का जिक्र है। साथ ही दावा है कि सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं। हालांकि, फैक्ट-चेक में सामने आया कि इन घटनाओं में कुछ बातें सही हैं, लेकिन इन्हें जोड़कर सोनाक्षी के किसी बीजेपी या सनातन विरोधी एजेंडे का ठोस सबूत नहीं मिलता। पहले जानिए क्या है वायरल पोस्ट में दावा वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के मुताबिक, सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्र प्रदर्शन का समर्थन इसलिए किया क्योंकि मामला कथित तौर पर बीजेपी के खिलाफ था। वहीं, झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर उनकी चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाया गया है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि सोनाक्षी ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को सिर्फ इसलिए अनफॉलो किया, क्योंकि दोनों अपनी धार्मिक आस्था को फॉलो करते हैं। इसके अलावा फिल्ममेकर आदित्य धर के सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन को भी उनके खिलाफ जोड़कर पेश किया गया है। लेकिन क्या वायरल पोस्ट में किए गए ये सभी दावे सच हैं? सीजेपी के प्रदर्शन में सोनाक्षी ने किया था छात्रों का समर्थन फैक्ट-चेक में सामने आया कि सोनाक्षी सिन्हा ने सीजेपी यानी सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस से जुड़े छात्र प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी थी। जुलाई 2026 में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके बाद सोनाक्षी ने प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई पर चिंता जताई थी। इससे यह बात सही साबित होती है कि सोनाक्षी ने उस प्रदर्शन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, इस पोस्ट का मकसद बीजेपी या सनातन धर्म को बदनाम करना था, इसका कोई प्रमाण नहीं मिला। क्या सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं? वायरल पोस्ट में दूसरा बड़ा दावा यही है कि सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्रों के लिए आवाज उठाई, लेकिन झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। झारखंड में छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और JPSC-JSSC से जुड़े विवादों को लेकर चल रहा है। सीजेपी से जुड़े लोगों की ओर से इस आंदोलन को समर्थन दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, सोनाक्षी सिन्हा ने इस मुद्दे पर कोई पोस्ट किया या नहीं, इसकी विश्वसनीय पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए यह कहना कि सोनाक्षी ने जानबूझकर झारखंड के छात्रों का समर्थन नहीं किया या राजनीतिक वजह से चुप रहीं, फिलहाल साबित नहीं होता। विराट-अनुष्का को अनफॉलो करने का दावा कितना सही? वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा के अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का दावा किया गया है। आजतक की 5 अगस्त 2026 की रिपोर्ट में भी सोनाक्षी और अनुष्का के बीच फॉलो-अनफॉलो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोनाक्षी लंबे समय से अनुष्का को फॉलो करती रही हैं और दोनों के बीच सोशल मीडिया पर इंटरैक्शन भी रहा है। अनुष्का की डॉग-वेलफेयर से जुड़ी पोस्ट पर सोनाक्षी ने स्टोरी भी शेयर की थी। अब सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि सोनाक्षी ने अनुष्का को दोबारा अनफॉलो किया है। कुछ यूजर्स इसे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के सनातन धर्म और आध्यात्म से जुड़े पोस्ट से जोड़ रहे हैं। खास तौर पर विराट-अनुष्का के वृंदावन जाने और स्वामी प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के बाद इस थ्योरी ने जोर पकड़ा है। हालांकि, सोनाक्षी ने खुद यह नहीं बताया है कि उन्होंने अनुष्का को क्यों अनफॉलो किया। इसलिए यह कहना कि उन्होंने विराट-अनुष्का की सनातन आस्था की वजह से ऐसा किया, अभी सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही एक थ्योरी है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि अनुष्का शर्मा अब भी सोनाक्षी को फॉलो कर रही हैं। वहीं, 2021 में सोनाक्षी ने विराट कोहली के मोहम्मद शमी के समर्थन में लिए गए स्टैंड की तारीफ भी की थी। इसलिए पुराने सोशल मीडिया इंटरैक्शन को देखते हुए सोनाक्षी के मौजूदा अनफॉलो की वजह को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। आदित्य धर के लाफिंग रिएक्शन का सच वायरल पोस्ट में फिल्ममेकर आदित्य धर का भी जिक्र है। दावा है कि उन्होंने सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन दिया। सोशल मीडिया पर इस रिएक्शन का दावा मौजूद है। लेकिन सिर्फ किसी पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन देने से यह साबित नहीं होता कि आदित्य धर सोनाक्षी के किसी राजनीतिक या धार्मिक एजेंडे को ‘एक्सपोज’ कर रहे हैं। ऐसा कोई विश्वसनीय बयान भी सामने नहीं आया है जिसमें आदित्य धर ने सोनाक्षी पर BJP या सनातन धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाया हो। कंगना ने भी सोनाक्षी पर साधा था निशाना? सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल की शादी को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर विवाद हुआ है। कंगना रनोट के कुछ बयानों को सोशल मीडिया यूजर्स ने सोनाक्षी की शादी से जोड़कर देखा है। हालांकि, कंगना ने जिस बयान में हिंदू लड़कियों और अंतरधार्मिक शादी को लेकर टिप्पणी की, उसमें सोनाक्षी का नाम सीधे नहीं लिया था। इसलिए इसे सोनाक्षी के खिलाफ कंगना का सीधा ‘एक्सपोज’ कहना भी सही नहीं होगा। सोनाक्षी की शादी को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश सोनाक्षी ने जहीर इकबाल से 2024 में शादी की थी। दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की थी। शादी के बाद सोनाक्षी ने कई बार कहा है कि दोनों एक-दूसरे के धर्म और परिवार का सम्मान करते हैं। ऐसे में उनकी शादी को उनके राजनीतिक विचारों से जोड़कर देखना भी अपने आप में किसी राजनीतिक एजेंडे का सबूत नहीं है। फैक्ट-चेक में क्या निकला? वायरल पोस्ट में बताई गई घटनाओं को अलग-अलग देखें तो कुछ बातें
सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई

सोनाक्षी सिन्हा को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि एक्ट्रेस बीजेपी और सनातन धर्म को बदनाम करने का एजेंडा चला रही हैं। पोस्ट में सीजेपी के छात्र प्रदर्शन को समर्थन देने, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को कथित तौर पर धार्मिक वजह से अनफॉलो करने और फिल्ममेकर आदित्य धर के उनके बर्गर वाले पोस्ट पर हंसने वाले रिएक्शन का जिक्र है। साथ ही दावा है कि सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं। हालांकि, फैक्ट-चेक में सामने आया कि इन घटनाओं में कुछ बातें सही हैं, लेकिन इन्हें जोड़कर सोनाक्षी के किसी बीजेपी या सनातन विरोधी एजेंडे का ठोस सबूत नहीं मिलता। पहले जानिए क्या है वायरल पोस्ट में दावा वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के मुताबिक, सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्र प्रदर्शन का समर्थन इसलिए किया क्योंकि मामला कथित तौर पर बीजेपी के खिलाफ था। वहीं, झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर उनकी चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाया गया है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि सोनाक्षी ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को सिर्फ इसलिए अनफॉलो किया, क्योंकि दोनों अपनी धार्मिक आस्था को फॉलो करते हैं। इसके अलावा फिल्ममेकर आदित्य धर के सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन को भी उनके खिलाफ जोड़कर पेश किया गया है। लेकिन क्या वायरल पोस्ट में किए गए ये सभी दावे सच हैं? सीजेपी के प्रदर्शन में सोनाक्षी ने किया था छात्रों का समर्थन फैक्ट-चेक में सामने आया कि सोनाक्षी सिन्हा ने सीजेपी यानी सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस से जुड़े छात्र प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी थी। जुलाई 2026 में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके बाद सोनाक्षी ने प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई पर चिंता जताई थी। इससे यह बात सही साबित होती है कि सोनाक्षी ने उस प्रदर्शन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, इस पोस्ट का मकसद बीजेपी या सनातन धर्म को बदनाम करना था, इसका कोई प्रमाण नहीं मिला। क्या सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं? वायरल पोस्ट में दूसरा बड़ा दावा यही है कि सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्रों के लिए आवाज उठाई, लेकिन झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। झारखंड में छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और JPSC-JSSC से जुड़े विवादों को लेकर चल रहा है। सीजेपी से जुड़े लोगों की ओर से इस आंदोलन को समर्थन दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, सोनाक्षी सिन्हा ने इस मुद्दे पर कोई पोस्ट किया या नहीं, इसकी विश्वसनीय पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए यह कहना कि सोनाक्षी ने जानबूझकर झारखंड के छात्रों का समर्थन नहीं किया या राजनीतिक वजह से चुप रहीं, फिलहाल साबित नहीं होता। विराट-अनुष्का को अनफॉलो करने का दावा कितना सही? वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा के अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का दावा किया गया है। आजतक की 5 अगस्त 2026 की रिपोर्ट में भी सोनाक्षी और अनुष्का के बीच फॉलो-अनफॉलो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोनाक्षी लंबे समय से अनुष्का को फॉलो करती रही हैं और दोनों के बीच सोशल मीडिया पर इंटरैक्शन भी रहा है। अनुष्का की डॉग-वेलफेयर से जुड़ी पोस्ट पर सोनाक्षी ने स्टोरी भी शेयर की थी। अब सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि सोनाक्षी ने अनुष्का को दोबारा अनफॉलो किया है। कुछ यूजर्स इसे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के सनातन धर्म और आध्यात्म से जुड़े पोस्ट से जोड़ रहे हैं। खास तौर पर विराट-अनुष्का के वृंदावन जाने और स्वामी प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के बाद इस थ्योरी ने जोर पकड़ा है। हालांकि, सोनाक्षी ने खुद यह नहीं बताया है कि उन्होंने अनुष्का को क्यों अनफॉलो किया। इसलिए यह कहना कि उन्होंने विराट-अनुष्का की सनातन आस्था की वजह से ऐसा किया, अभी सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही एक थ्योरी है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि अनुष्का शर्मा अब भी सोनाक्षी को फॉलो कर रही हैं। वहीं, 2021 में सोनाक्षी ने विराट कोहली के मोहम्मद शमी के समर्थन में लिए गए स्टैंड की तारीफ भी की थी। इसलिए पुराने सोशल मीडिया इंटरैक्शन को देखते हुए सोनाक्षी के मौजूदा अनफॉलो की वजह को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। आदित्य धर के लाफिंग रिएक्शन का सच वायरल पोस्ट में फिल्ममेकर आदित्य धर का भी जिक्र है। दावा है कि उन्होंने सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन दिया। सोशल मीडिया पर इस रिएक्शन का दावा मौजूद है। लेकिन सिर्फ किसी पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन देने से यह साबित नहीं होता कि आदित्य धर सोनाक्षी के किसी राजनीतिक या धार्मिक एजेंडे को ‘एक्सपोज’ कर रहे हैं। ऐसा कोई विश्वसनीय बयान भी सामने नहीं आया है जिसमें आदित्य धर ने सोनाक्षी पर BJP या सनातन धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाया हो। कंगना ने भी सोनाक्षी पर साधा था निशाना? सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल की शादी को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर विवाद हुआ है। कंगना रनोट के कुछ बयानों को सोशल मीडिया यूजर्स ने सोनाक्षी की शादी से जोड़कर देखा है। हालांकि, कंगना ने जिस बयान में हिंदू लड़कियों और अंतरधार्मिक शादी को लेकर टिप्पणी की, उसमें सोनाक्षी का नाम सीधे नहीं लिया था। इसलिए इसे सोनाक्षी के खिलाफ कंगना का सीधा ‘एक्सपोज’ कहना भी सही नहीं होगा। सोनाक्षी की शादी को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश सोनाक्षी ने जहीर इकबाल से 2024 में शादी की थी। दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की थी। शादी के बाद सोनाक्षी ने कई बार कहा है कि दोनों एक-दूसरे के धर्म और परिवार का सम्मान करते हैं। ऐसे में उनकी शादी को उनके राजनीतिक विचारों से जोड़कर देखना भी अपने आप में किसी राजनीतिक एजेंडे का सबूत नहीं है। फैक्ट-चेक में क्या निकला? वायरल पोस्ट में बताई गई घटनाओं को अलग-अलग देखें तो कुछ बातें
मूड खराब तो छुट्टी; मानसिक सेहत का इलाज या कामचोरी?:चीन की 'अनहैप्पी लीव' से छिड़ी बहस, उद्योगपति गोयनका बोले- भारत में भी बहस जरूरी

क्या दफ्तर न आने के लिए सिर्फ ‘मन नहीं है’ कहना काफी है? न मेडिकल सर्टिफिकेट, न परिवार में इमरजेंसी, न बॉस को लंबी सफाई- बस इतना कहना कि आज मूड ठीक नहीं, और छुट्टी मंजूर। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन चीन की एक रिटेल कंपनी ने ऐसी व्यवस्था लागू कर रखी है। अब यह आइडिया भारत में भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि उद्योगपति हर्ष गोयनका ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए सवाल किया- क्या भारत को भी ऐसी ‘अनहैप्पी लीव’ की जरूरत है? गोयनका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चीनी रिटेलर पैंग डॉन्ग लाई अपने कर्मचारियों को 10 दिन की पेड ‘अनहैप्पी लीव’ देती है। कंपनी के संस्थापक यू डोंगलाई का फलसफा सीधा है- ‘अगर खुश नहीं हो, तो काम पर मत आओ।’ सबसे दिलचस्प बात यह कि मैनेजर इस छुट्टी को मना नहीं कर सकते। ने आगे लिखा कि यह भले ही गैर-व्यावहारिक कदम नजर आए, लेकिन भारतीय संदर्भ में इस पर व्यापक बहस जरूरी है- या फिर बर्नआउट रोकने और लोगों को दफ्तर आने के लिए उत्साहित करने का कोई बेहतर तरीका खोजा जाए। पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स बंट गए। एक यूजर ने दिलचस्प तर्क दिया कि दफ्तर की नाखुशी हमेशा दफ्तर की वजह से नहीं होती- निजी जिंदगी भी साथ चलती है। ऐसे में कुछ दिन का ब्रेक दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो सकता है। एक और यूजर ने इसे ‘जीनियस आइडिया’ बताते हुए कहा कि अगर भारतीय कंपनियां यह लागू करें, तो आधे कर्मचारी पहले से ज्यादा खुश होकर दफ्तर आएंगे, क्योंकि बर्नआउट को वफादारी नहीं समझा जाना चाहिए। एक यूजर ने प्रैक्टिकल एंगल दिया- यह पॉलिसी असल में इसलिए बनाई जाती है, ताकि कर्मचारी छुट्टी के लिए झूठे बहाने न गढ़ें; ईमानदारी से बताने पर कोई सवाल नहीं पूछा जाता। लेकिन हर कोई इससे सहमत नहीं। एक यूजर ने तीखा जवाब दिया कि 10 दिन की छुट्टी साल भर की खराब वर्क कल्चर को ठीक नहीं कर सकती। कर्मचारी इसकी जगह बेहतर काम के घंटे और समय की इज्जत करने वाले मैनेजर चुनना पसंद करेंगे। पैंग डॉन्ग लाई की ‘अनहैप्पी लीव’ पॉलिसी में काम के घंटे 7 साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, यह पॉलिसी 2024 में कंपनी के संस्थापक यू डोंगलाई ने शुरू की थी। कर्मचारी बिना विस्तृत वजह बताए साल में 10 अतिरिक्त ‘पेड लीव’ ले सकते हैं, और मैनेजर इसे मना नहीं कर सकते। मना करना नियम का उल्लंघन माना जाता है। यही नहीं, कर्मचारी एक दिन में सिर्फ सात घंटे काम करते हैं, वीकेंड पर पूरी छुट्टी मिलती है, सालाना 30-40 दिन की छुट्टियां मिलती हैं, और चीनी नववर्ष पर पांच अतिरिक्त दिन अलग से दिए जाते हैं।
अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, इन दिनों एक्ट्रेस से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता कई मौकों पर उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धोखा देने के आरोप लगा चुकी हैं। अफेयर रूमर्स के बीच गोविंदा एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए हैं, जिनका नाम उनकी पत्नी सुनीता भी ले चुकी हैं। सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। शुक्रवार को गोविंदा को झारखंड एयरपोर्ट पर कोमल के साथ स्पॉट किया गया। ब्लैक जैकेट और काला चश्मा लगाए गोविंदा कार से उतरे और पैपराजी को पोज दिए। कुछ देर बार एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी उनके साथ ही एयरपोर्ट में जाती दिखीं। गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। सुनीता ने धोखा देने के आरोप लगाकर कहा था, मुझे कोमल नाम से नफरत है कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा- नई लड़कियों को शुगर डैडी चाहिए होता है, शक्ल होती नहीं इसी इंटरव्यू में सुनीता ने कहा था, ‘आजकल की जो लड़कियां आती है ना स्ट्रगल करने के लिए दे नीड अ शुगर डैडी जिसका जो उनका खर्चा चलाए। शकल दो कौड़ी की होती है, लेकिन हीरोइन बनना होता है। फिर क्या करती हैं फंसा लेती हैं, ब्लैकमेल करती हैं। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम (गोविंदा) थोड़ी बेवकूफ हो, 63 के हो, सुंदर बीवी है, बच्चे हैं। तुम इस उम्र में ये सब नहीं कर सकते। जवानी में सब गलती करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं।’
अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, इन दिनों एक्ट्रेस से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता कई मौकों पर उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धोखा देने के आरोप लगा चुकी हैं। अफेयर रूमर्स के बीच गोविंदा एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए हैं, जिनका नाम उनकी पत्नी सुनीता भी ले चुकी हैं। सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। शुक्रवार को गोविंदा को झारखंड एयरपोर्ट पर कोमल के साथ स्पॉट किया गया। ब्लैक जैकेट और काला चश्मा लगाए गोविंदा कार से उतरे और पैपराजी को पोज दिए। कुछ देर बार एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी उनके साथ ही एयरपोर्ट में जाती दिखीं। गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। सुनीता ने धोखा देने के आरोप लगाकर कहा था, मुझे कोमल नाम से नफरत है कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा- नई लड़कियों को शुगर डैडी चाहिए होता है, शक्ल होती नहीं इसी इंटरव्यू में सुनीता ने कहा था, ‘आजकल की जो लड़कियां आती है ना स्ट्रगल करने के लिए दे नीड अ शुगर डैडी जिसका जो उनका खर्चा चलाए। शकल दो कौड़ी की होती है, लेकिन हीरोइन बनना होता है। फिर क्या करती हैं फंसा लेती हैं, ब्लैकमेल करती हैं। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम (गोविंदा) थोड़ी बेवकूफ हो, 63 के हो, सुंदर बीवी है, बच्चे हैं। तुम इस उम्र में ये सब नहीं कर सकते। जवानी में सब गलती करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं।’
3-6-9 Rule for Salaried and Freelancers

18 मिनट पहले कॉपी लिंक किसी भी अचानक आई मुसीबत जैसे मेडिकल इमरजेंसी, कार खराबी या नौकरी जाने की स्थिति में आपकी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और पुरानी सेविंग्स प्रभावित न हों, इसके लिए ‘इमरजेंसी फंड’ होना बहुत जरूरी है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही फाइनेंशियल प्लानिंग वही है, जिसमें इमरजेंसी फंड अलग से रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर मुख्य सेविंग्स पर असर न पड़े। टैक्स और फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म ‘क्लियर टैक्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक सैलरीड क्लास और इरेगुलर इनकम जैसे फ्रीलांसर्स वाले लोग इमरजेंसी फंड तैयार करने के लिए 3-6-9 रूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए समझते हैं कि यह रूल कैसे काम करता है और आपको कितना फंड बनाना चाहिए… क्या है इमरजेंसी फंड का 3-6-9 रूल? 3-6-9 रूल एक आसान नियम है, जो आपको अपनी लाइफस्टाइल और जॉब प्रोफाइल के हिसाब से यह बताता है कि आपको कितने महीने का खर्च बचाकर रखना चाहिए: 3 महीने का खर्च: अगर आप सिंगल हैं और आपकी इनकम बिल्कुल स्टेबल (स्थिर सैलरी) है। 6 महीने का खर्च: अगर आपकी इनकम स्टेबल है, लेकिन आपके ऊपर परिवार या अन्य निर्भर (Dependents) लोग हैं। 9 महीने का खर्च: अगर आप सिंगल हैं, लेकिन आपकी कमाई अनिश्चित या इरेगुलर है (जैसे फ्रीलांसर्स या प्रोजेक्ट बेस्ड काम)। 12 महीने का खर्च: अगर आपकी कमाई इरेगुलर है और साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी आपके ही कंधों पर है। इसके अलावा, अगर परिवार में कोई गंभीर बीमारी है या लोन/ईएमआई चल रही है, तो इमरजेंसी फंड का साइज और बड़ा रखा जा सकता है। एग्जांपल से समझें: कितना पैसा जमा करना होगा? मान लीजिए आपका हर महीने का जरूरी खर्च ₹25,000 है: 3 महीने के लिए: ₹25,000 × 3 = ₹75,000 6 महीने के लिए: ₹25,000 × 6 = ₹1,50,000 9 महीने के लिए: ₹25,000 × 9 = ₹2,25,000 12 महीने के लिए: ₹25,000 × 12 = ₹3,00,000 शुरुआत छोटे से करें, फिर धीरे-धीरे फंड बढ़ाएं अगर एक बार में बड़ा फंड बनाना मुश्किल लग रहा है, तो छोटे टारगेट से शुरुआत करें। सबसे पहले 3 महीने के खर्च का लक्ष्य रखें। आप हर महीने ₹500 से ₹1,000 या अपनी क्षमतानुसार सेविंग शुरू कर सकते हैं। अपने बैंक अकाउंट से FD या लिक्विड म्यूचुअल फंड में ऑटो-डेबिट (SIP) लगा दें, ताकि हर महीने पैसा अपने आप कट जाए। ऑफिस बोनस, टैक्स रिफंड या साइड इनकम से मिले एक्स्ट्रा पैसे को सीधा इमरजेंसी फंड में डालें। समय-समय पर फंड का रिव्यू करना भी जरूरी महंगाई, लोन की किस्तें या जीवनशैली बदलने के साथ हर महीने का खर्च भी बदलता रहता है। इसलिए हर 6 महीने या एक साल में अपने खर्चों का दोबारा हिसाब लगाएं और उसके हिसाब से अपने इमरजेंसी फंड का टारगेट अपडेट करते रहें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
3-6-9 Rule for Salaried and Freelancers

38 मिनट पहले कॉपी लिंक किसी भी अचानक आई मुसीबत जैसे मेडिकल इमरजेंसी, कार खराबी या नौकरी जाने की स्थिति में आपकी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और पुरानी सेविंग्स प्रभावित न हों, इसके लिए ‘इमरजेंसी फंड’ होना बहुत जरूरी है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही फाइनेंशियल प्लानिंग वही है, जिसमें इमरजेंसी फंड अलग से रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर मुख्य सेविंग्स पर असर न पड़े। टैक्स और फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म ‘क्लियर टैक्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक सैलरीड क्लास और इरेगुलर इनकम जैसे फ्रीलांसर्स वाले लोग इमरजेंसी फंड तैयार करने के लिए 3-6-9 रूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए समझते हैं कि यह रूल कैसे काम करता है और आपको कितना फंड बनाना चाहिए… क्या है इमरजेंसी फंड का 3-6-9 रूल? 3-6-9 रूल एक आसान नियम है, जो आपको अपनी लाइफस्टाइल और जॉब प्रोफाइल के हिसाब से यह बताता है कि आपको कितने महीने का खर्च बचाकर रखना चाहिए: 3 महीने का खर्च: अगर आप सिंगल हैं और आपकी इनकम बिल्कुल स्टेबल (स्थिर सैलरी) है। 6 महीने का खर्च: अगर आपकी इनकम स्टेबल है, लेकिन आपके ऊपर परिवार या अन्य निर्भर (Dependents) लोग हैं। 9 महीने का खर्च: अगर आप सिंगल हैं, लेकिन आपकी कमाई अनिश्चित या इरेगुलर है (जैसे फ्रीलांसर्स या प्रोजेक्ट बेस्ड काम)। 12 महीने का खर्च: अगर आपकी कमाई इरेगुलर है और साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी आपके ही कंधों पर है। इसके अलावा, अगर परिवार में कोई गंभीर बीमारी है या लोन/ईएमआई चल रही है, तो इमरजेंसी फंड का साइज और बड़ा रखा जा सकता है। एग्जांपल से समझें: कितना पैसा जमा करना होगा? मान लीजिए आपका हर महीने का जरूरी खर्च ₹25,000 है: 3 महीने के लिए: ₹25,000 × 3 = ₹75,000 6 महीने के लिए: ₹25,000 × 6 = ₹1,50,000 9 महीने के लिए: ₹25,000 × 9 = ₹2,25,000 12 महीने के लिए: ₹25,000 × 12 = ₹3,00,000 शुरुआत छोटे से करें, फिर धीरे-धीरे फंड बढ़ाएं अगर एक बार में बड़ा फंड बनाना मुश्किल लग रहा है, तो छोटे टारगेट से शुरुआत करें। सबसे पहले 3 महीने के खर्च का लक्ष्य रखें। आप हर महीने ₹500 से ₹1,000 या अपनी क्षमतानुसार सेविंग शुरू कर सकते हैं। अपने बैंक अकाउंट से FD या लिक्विड म्यूचुअल फंड में ऑटो-डेबिट (SIP) लगा दें, ताकि हर महीने पैसा अपने आप कट जाए। ऑफिस बोनस, टैक्स रिफंड या साइड इनकम से मिले एक्स्ट्रा पैसे को सीधा इमरजेंसी फंड में डालें। समय-समय पर फंड का रिव्यू करना भी जरूरी महंगाई, लोन की किस्तें या जीवनशैली बदलने के साथ हर महीने का खर्च भी बदलता रहता है। इसलिए हर 6 महीने या एक साल में अपने खर्चों का दोबारा हिसाब लगाएं और उसके हिसाब से अपने इमरजेंसी फंड का टारगेट अपडेट करते रहें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Apply For 1538 Junior Associate Posts

Hindi News Career SBI Clerk Recruitment 2026: Apply For 1538 Junior Associate Posts 7 मिनट पहले कॉपी लिंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्लर्क (जूनियर एसोसिएट) पदों पर विशेष भर्ती अभियान 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 1538 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। ये भर्तियां एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की बैकलॉग सीटों को भरने के लिए निकाली गई हैं और जूनियर एसोसिएट (कस्टमर सपोर्ट एंड सेल्स) के पद पर की जाएगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री यह डिग्री 31 दिसंबर 2026 तक प्राप्त हो जानी चाहिए। फाइनल ईयर या फाइनल सेमेस्टर में पढ़ रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। लेकिन उन्हें 31 दिसंबर 2026 तक परीक्षा पास करने का प्रमाण पेश करना होगा। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 28 साल ओबीसी : 3 साल की छूट एससी, एसटी : 5 साल की छूट दिव्यांग : 10 साल की छूट फीस : एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, एक्स-सर्विसमैन, डीएक्सएस : नि:शुल्क ओबीसी, अन्य सभी कैटेगरी : 750 रुपए प्रतिमाह सैलरी : 24,050 – 64,480 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट एग्जाम पैटर्न : प्रीलिम्स और मेन्स एग्जाम में हर गलत उत्तर पर 1/4 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी। ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट recruitment.sbi.bank.in पर जाएं। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। नाम, पासवर्ड के साथ लॉग इन करें। फॉर्म में पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और अन्य डॉक्यूमेंट्स अटैच करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म प्रिव्यू करके सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ये खबर भी पढ़ें TGT भर्ती परीक्षा में 33 सवाल गलत:सचिव, परीक्षा नियंत्रक को अदालत में पेश होने के आदेश, कोर्ट ने कहा- परीक्षा प्रक्रिया बताए आयोग इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परीक्षा में बड़ी संख्या में गलत प्रश्न पाए जाने पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि आयोग यह बताए कि प्रश्नपत्र कैसे तैयार किया जाता है और परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया क्या है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








