Afghanistan Taliban 5 Year Rule

काबुल12 मिनट पहले कॉपी लिंक तालिबान के काबुल पर कब्जे के आज पांच साल पूरे हो गए हैं। पांच साल में अफगानिस्तान की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। तालिबान ने पूरे देश पर अपना नियंत्रण मजबूत किया और अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार आया। लेकिन दूसरी तरफ महिलाओं के अधिकारों पर सख्त पाबंदियां लगीं, प्रेस की आजादी घटी और शारीरिक सजाएं फिर आम हो गईं। ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से नवंबर 2022 के बीच अदालतों ने कम से कम 18 मामलों में शारीरिक सजा का आदेश दिया। इनमें ज्यादातर मामले तथाकथित नैतिक अपराधों से जुड़े थे। दिसंबर 2022 में परवान प्रांत के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने 27 लोगों को सबके सामने कोड़े मारे गए। तालिबान से पहले की अफगान सरकारों के दौर में भी शारीरिक सजा मौजूद थी, लेकिन तालिबान के शासन में इसे खुले तौर पर और नियमित रूप से लागू किया जाने लगा। 15 अगस्त 2021: काबुल में दाखिल हुआ तालिबान अफगानिस्तान में 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। कुछ ही घंटों में अफगान सरकार का पतन हो गया। कमर्शियल फ्लाइट रद्द हो गईं और हजारों लोग देश छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पहुंच गए। तालिबान ने उस समय महिलाओं के अधिकार बनाए रखने और अमेरिका व पिछली अफगान सरकार के साथ काम करने वालों को माफी देने का वादा किया था। प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा था कि लोगों को अपनी संपत्ति, जान या सम्मान को लेकर खतरा नहीं होगा। लेकिन अगले पांच साल में तस्वीर इन वादों के बिल्कुल उलट नजर आई। उस समय की सबसे चर्चित तस्वीरों में अमेरिकी वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से लटके लोगों की तस्वीर शामिल थी। अमेरिकी सैनिकों को रनवे खाली कराने के लिए अभियान रोकना पड़ा। यह फुटेज 16 अगस्त 2021 का है। छात्राओं को सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी जाने से रोका अफगानिस्तान अब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां छात्राओं को औपचारिक रूप से सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी में पढ़ने से रोक दिया गया है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं पर पाबंदियां लगातार बढ़ती गईं। नौकरी करने, और सार्वजनिक जगहों पर जाने को लेकर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं। UN की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के राज में अब तक महिलाओं के खिलाफ 100 से ज्यादा फरमान जारी हो चुके हैं। सर्वे में शामिल 10 में से 7 महिलाओं ने अपनी मानसिक स्थिति को खराब या बहुत खराब बताया। आधे से ज्यादा महिलाओं ने कहा कि वे महीने में सिर्फ एक या दो बार घर से बाहर निकलती हैं। करीब तीन-चौथाई महिलाओं ने पुरुष अभिभावक के बिना घर से बाहर निकलने में असुरक्षा महसूस होने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में सिर्फ 7% महिलाएं नौकरी कर रही हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 84% है। अफगानिस्तान के पहाड़ी इलाके में नीले बुर्के पहने महिलाओं का एक ग्रुप। प्रेस पर दबाव, सैकड़ों पत्रकारों ने देश छोड़ा तालिबान शासन में पत्रकारिता भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स यानी CPJ ने अफगानिस्तान को पत्रकारों के लिए दुनिया की सबसे खतरनाक और मुश्किल जगहों में शामिल किया है। 2021 के बाद से कई अफगान पत्रकार देश छोड़ चुके हैं। 2024 में तालिबान अधिकारियों ने लाइव राजनीतिक टीवी प्रसारण पर रोक लगा दी। तालिबान नेतृत्व की आलोचना को अपराध बना दिया गया। मीडिया संस्थानों को इंटरव्यू के लिए मेहमान चुनने में भी पाबंदियों का सामना करना पड़ा। तालिबान ने अपना मीडिया नेटवर्क मजबूत किया। 2025 तक तालिबान के नियंत्रण में करीब 15 बड़े टीवी और रेडियो स्टेशन, अखबार और डिजिटल मीडिया संस्थान थे। तालिबान शासन में अफगानिस्तान की इकोनॉमी बढ़ीं तालिबान के शासन में अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद नहीं हुई। कुछ क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिले हैं। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक 2025 में अफगानिस्तान की वास्तविक GDP 4.8% बढ़ी। सरकार का घरेलू राजस्व भी बढ़कर GDP का 19.8% हो गया। लेकिन इस ग्रोथ का फायदा आम लोगों तक व्यापक रूप से नहीं पहुंचा। प्रति व्यक्ति आय घटी है और महंगाई बढ़ी है। देश अभी भी बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है। बिजली की कमी, बैंकिंग सुविधाओं तक सीमित पहुंच, बड़े अनौपचारिक कैश सेक्टर और विदेशी मदद में कमी भी आर्थिक विकास के लिए बड़ी चुनौती हैं। अफीम की खेती में 95% गिरावट तालिबान के सत्ता में आने के समय अफगानिस्तान दुनिया में अफीम का सबसे बड़ा स्रोत था। UNODC के मुताबिक 2022 में दुनिया की करीब 80% अफीम अफगानिस्तान से आती थी। अप्रैल 2022 में तालिबान ने पोस्ता (अफीम का पौधा) की खेती पर रोक लगा दी। इसका सीधा असर खेती पर पड़ा। UNODC के 2023 के सर्वे के मुताबिक पोस्ता की खेती में 95% की गिरावट आई। अफगानिस्तान में अफीम की खेती। (फाइल फोटो) रूस ने तालिबान सरकार को मान्यता दी तालिबान सरकार को अब तक सिर्फ रूस ने औपचारिक रूप से मान्यता दी है। हालांकि तालिबान का कहना है कि वह करीब 40 देशों के संपर्क में है और औपचारिक मान्यता के लिए जरूरी शर्तें पूरी कर चुका है। भारत ने भी तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता दिए बिना काबुल के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। अक्टूबर 2025 में तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत आए थे। यह तालिबान सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी की भारत की पहली यात्रा थी। चीन और UAE ने भी तालिबान द्वारा नियुक्त राजदूतों को स्वीकार किया है, हालांकि दोनों ने अब तक तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है। —————- यह खबर भी पढ़ें… PM रहमान की भारत यात्रा से पहले बांग्लादेश की शर्त: शेख हसीना को राजनीति से दूर रखा जाए; 21 अगस्त को दिल्ली आ सकते हैं बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 21 अगस्त को पहली बार भारत दौरे पर आ सकते हैं। यात्रा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले दोनों देशों के बीच कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rashmika Mandanna Hip Injury Recovery Update

14 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ और बॉलीवुड की पॉपुलर एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना इन दिनों हिप इंजरी से रिकवर कर रही हैं। फिल्म ‘मायसा’ की शूटिंग के दौरान डांस सीक्वेंस करते वक्त उन्हें चोट लगी थी। अब एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपनी हेल्थ का अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि वह पहले से बेहतर हैं और इस ब्रेक में परिवार के साथ वक्त बिता रही हैं। रश्मिका ने पहले बताया था कि उनके दाहिने हिप को पैर से जोड़ने वाला एक टेंडन अलग हो गया था। इसे दोबारा जुड़ने के लिए रिकवरी और आराम की जरूरत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘मायसा’ के डांस सीक्वेंस के दौरान वह फिसल गई थीं। यह उनके करियर की सबसे ज्यादा एग्रेसिव और फिजिकल फिल्मों में से एक बताई जा रही है। लगातार तीसरी चोट, अब शरीर को दिया ब्रेक रश्मिका ने कहा था कि यह लगातार तीसरी इंजरी है। उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने शरीर को मशीन की तरह नहीं, बल्कि इंसानी शरीर की तरह ट्रीट करना चाहिए। चोट के बाद वह वर्कआउट और रनिंग से दूर हैं। रिकवरी के दौरान वह पजल्स जैसी चीजों में खुद को व्यस्त रख रही हैं। हालिया हेल्थ अपडेट में रश्मिका ने बताया कि लगातार भागदौड़ वाली जिंदगी के बीच अचानक रुकना शुरुआत में उन्हें डरावना लगा। लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि जिंदगी में कभी-कभी धीमा होना जरूरी है। उन्होंने फैंस की दुआओं और पॉजिटिविटी के लिए आभार जताया। एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने भी उनकी पोस्ट पर कमेंट कर तबीयत पूछी, जिसके जवाब में रश्मिका ने कहा कि अब वह बेहतर हैं। रणाबाली’ की रिलीज पर भी असर रश्मिका की चोट का असर उनकी सेहत के साथ दूसरे प्रोजेक्ट्स के शेड्यूल पर भी पड़ा है। विजय देवरकोंडा के साथ उनकी फिल्म ‘रणाबाली’ पहले सितंबर 2026 में रिलीज होने वाली थी। चोट के बाद इसकी रिलीज अक्टूबर तक खिसकने की संभावना है। हालांकि मेकर्स की ओर से अंतिम रिलीज डेट को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें रश्मिका और विजय देवरकोंडा की जोड़ी लंबे समय बाद साथ नजर आएगी। फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव का सीधा असर इसके प्रमोशनल प्लान और आगे के शेड्यूल पर पड़ सकता है। अल्लू अर्जुन की ‘राका’ की शूटिंग भी टली रश्मिका की इंजरी से सबसे बड़ा असर अल्लू अर्जुन और डायरेक्टर एटली की फिल्म ‘राका’ पर बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की शूटिंग करीब 45 दिनों तक आगे खिसक गई है। रश्मिका के कुछ अहम और फिजिकल सीन्स शूट होने बाकी हैं, इसलिए एटली ने उनकी रिकवरी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रश्मिका के बिना फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग जारी रखी जा सकती है, लेकिन उनके सीन के लिए टीम को पूरी तरह फिट होने का इंतजार करना होगा। इससे फिल्म के प्रोडक्शन शेड्यूल पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। फिलहाल रश्मिका का पूरा फोकस रिकवरी पर है। ‘मायसा’ की शूटिंग के दौरान लगी यह चोट अब ‘रणाबाली’ और ‘राका’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के शेड्यूल को भी प्रभावित कर चुकी है। फैंस को अब उनकी जल्द और पूरी तरह फिट होकर सेट पर वापसी का इंतजार है। वहीं, पर्सनल लाइफ की बात करें तो 26 फरवरी 2026 को रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी राजस्थान के उदयपुर स्थित ITC मेमेंटोस होटल में हुई थी। पढ़िए पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
हिमांशी खुराना बोलीं- दबाव में इस्लाम कबूल करने वाली थी:कहा- आसिम ने पूजा-पाठ पर रोक लगाई, चार धाम यात्रा करना चाहती थीं

‘बिग बॉस 13’ फेम हिमांशी खुराना ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड आसिम रियाज के साथ रिश्ते को लेकर सालों बाद बड़ा खुलासा किया है। पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने दावा किया कि एक समय वह आसिम के दबाव में इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि रिश्ते के दौरान उनके पूजा-पाठ और धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि एक रात उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी का शायद आखिरी दिन है। उन्होंने धर्म बदलने से पहले चार धाम यात्रा करने की इच्छा भी जताई थी। बिग बॉस 13 में शुरू हुई थी हिमांशी और आसिम की कहानी हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की मुलाकात ‘बिग बॉस 13’ के दौरान हुई थी। शो में दोनों की नजदीकियां लगातार चर्चा में रहीं और कुछ समय बाद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। शो से बाहर आने के बाद भी दोनों लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे। फैंस ने इस जोड़ी को ‘आसिमांशी’ नाम दिया था। हालांकि, बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया। दिसंबर 2023 में ब्रेकअप की घोषणा करते हुए दोनों ने अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को भी वजह बताया था। उस समय हिमांशी ने सोशल मीडिया पर आसिम के साथ हुई निजी चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिनमें धर्म को लेकर बातचीत का जिक्र था। हिमांशी ने बताया- एक समय धर्म बदलने को तैयार थी अब पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने रिश्ते के दौरान आए मुश्किल दौर का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय उनके पार्टनर की तरफ से उनके पूजा-पाठ को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, उनसे कहा गया था कि पूजा-पाठ अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि सामने वाले परिवार और उनकी धार्मिक सोच का दबाव भी उन पर बनाया जा रहा था। धीरे-धीरे यह दबाव इतना बढ़ गया कि वह इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। ‘मुझे लगा, शायद उनसे दोबारा नहीं मिल पाऊंगी’ हिमांशी ने बातचीत के दौरान उस रात का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी का बेहद मुश्किल दौर बताया। उनके अनुसार, वह प्यार में इतनी आगे बढ़ चुकी थीं कि धर्म बदलने के फैसले के लिए भी तैयार हो गई थीं। उन्होंने बताया कि धर्म बदलने से पहले वह चार धाम की यात्रा करना चाहती थीं। उन्हें ऐसा लग रहा था कि धर्म बदलने के बाद शायद वह अपने पुराने धार्मिक विश्वासों और उनसे जुड़े लोगों से दोबारा नहीं मिल पाएंगी। इसी वजह से वह चार धाम यात्रा को आखिरी बार करने की इच्छा रखती थीं। 2023 में भी धर्म को लेकर सामने आई थी बात हिमांशी और आसिम के ब्रेकअप के समय भी धर्म का मुद्दा सामने आया था। हिमांशी ने उस वक्त सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट शेयर किए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चैट में आसिम ने रिश्ते के खत्म होने की वजह अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को बताया था। हिमांशी ने यह भी कहा था कि उन्होंने पोस्ट में धर्म वाली बात लिखी थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया क्योंकि उन्हें लगा कि इससे आसिम को निशाना बनाया जा सकता है। हिमांशी बोलीं- किसी पर धर्म बदलने का दबाव सही नहीं अब अपने हालिया बयान में हिमांशी ने कहा कि किसी भी रिश्ते में धर्म बदलने के लिए दबाव बनाना सही नहीं है। उनके मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान और मान्यताओं के साथ जीने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में वह भावनात्मक रूप से काफी दबाव में थीं और बाद में उन्हें महसूस हुआ कि धर्म बदलने का फैसला सही नहीं होगा। हिमांशी और आसिम ने 2023 में अपने रिश्ते के खत्म होने की जानकारी सार्वजनिक की थी। हालांकि, अब हिमांशी के नए दावों के बाद दोनों के पुराने रिश्ते और उसके टूटने की वजह एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में आसिम रियाज की ओर से इन नए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
हिमांशी खुराना बोलीं- दबाव में इस्लाम कबूल करने वाली थी:कहा- आसिम ने पूजा-पाठ पर रोक लगाई, चार धाम यात्रा करना चाहती थीं

‘बिग बॉस 13’ फेम हिमांशी खुराना ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड आसिम रियाज के साथ रिश्ते को लेकर सालों बाद बड़ा खुलासा किया है। पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने दावा किया कि एक समय वह आसिम के दबाव में इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि रिश्ते के दौरान उनके पूजा-पाठ और धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि एक रात उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी का शायद आखिरी दिन है। उन्होंने धर्म बदलने से पहले चार धाम यात्रा करने की इच्छा भी जताई थी। बिग बॉस 13 में शुरू हुई थी हिमांशी और आसिम की कहानी हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की मुलाकात ‘बिग बॉस 13’ के दौरान हुई थी। शो में दोनों की नजदीकियां लगातार चर्चा में रहीं और कुछ समय बाद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। शो से बाहर आने के बाद भी दोनों लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे। फैंस ने इस जोड़ी को ‘आसिमांशी’ नाम दिया था। हालांकि, बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया। दिसंबर 2023 में ब्रेकअप की घोषणा करते हुए दोनों ने अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को भी वजह बताया था। उस समय हिमांशी ने सोशल मीडिया पर आसिम के साथ हुई निजी चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिनमें धर्म को लेकर बातचीत का जिक्र था। हिमांशी ने बताया- एक समय धर्म बदलने को तैयार थी अब पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने रिश्ते के दौरान आए मुश्किल दौर का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय उनके पार्टनर की तरफ से उनके पूजा-पाठ को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, उनसे कहा गया था कि पूजा-पाठ अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि सामने वाले परिवार और उनकी धार्मिक सोच का दबाव भी उन पर बनाया जा रहा था। धीरे-धीरे यह दबाव इतना बढ़ गया कि वह इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। ‘मुझे लगा, शायद उनसे दोबारा नहीं मिल पाऊंगी’ हिमांशी ने बातचीत के दौरान उस रात का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी का बेहद मुश्किल दौर बताया। उनके अनुसार, वह प्यार में इतनी आगे बढ़ चुकी थीं कि धर्म बदलने के फैसले के लिए भी तैयार हो गई थीं। उन्होंने बताया कि धर्म बदलने से पहले वह चार धाम की यात्रा करना चाहती थीं। उन्हें ऐसा लग रहा था कि धर्म बदलने के बाद शायद वह अपने पुराने धार्मिक विश्वासों और उनसे जुड़े लोगों से दोबारा नहीं मिल पाएंगी। इसी वजह से वह चार धाम यात्रा को आखिरी बार करने की इच्छा रखती थीं। 2023 में भी धर्म को लेकर सामने आई थी बात हिमांशी और आसिम के ब्रेकअप के समय भी धर्म का मुद्दा सामने आया था। हिमांशी ने उस वक्त सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट शेयर किए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चैट में आसिम ने रिश्ते के खत्म होने की वजह अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को बताया था। हिमांशी ने यह भी कहा था कि उन्होंने पोस्ट में धर्म वाली बात लिखी थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया क्योंकि उन्हें लगा कि इससे आसिम को निशाना बनाया जा सकता है। हिमांशी बोलीं- किसी पर धर्म बदलने का दबाव सही नहीं अब अपने हालिया बयान में हिमांशी ने कहा कि किसी भी रिश्ते में धर्म बदलने के लिए दबाव बनाना सही नहीं है। उनके मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान और मान्यताओं के साथ जीने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में वह भावनात्मक रूप से काफी दबाव में थीं और बाद में उन्हें महसूस हुआ कि धर्म बदलने का फैसला सही नहीं होगा। हिमांशी और आसिम ने 2023 में अपने रिश्ते के खत्म होने की जानकारी सार्वजनिक की थी। हालांकि, अब हिमांशी के नए दावों के बाद दोनों के पुराने रिश्ते और उसके टूटने की वजह एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में आसिम रियाज की ओर से इन नए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
RRB Junior Engineer Recruitment | Apply Online for 3993 Vacancies

Hindi News Career RRB Junior Engineer Recruitment | Apply Online For 3993 Vacancies कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक आरआरबी ने जूनियर इंजीनियर के 3993 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2026 तय की गई है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 3 साल का डिप्लोमा। सिविल इंजीनियरिंग में तीन का डिप्लोमा या सिविल इंजीनियरिंग में बीएससी की डिग्री। तीन साल का डिप्लोमा मैकेनिकल/प्रोडक्शन/ऑटोमोबाइल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग या मैकेनिकल/प्रोडक्शन/ऑटोमोबाइल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोलर इंजीनियरिंग की बेसिक सब स्ट्रीम में किया हो। कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री वाले भी संबंधित पद पर अप्लाई कर सकते हैं। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 33 साल एससी/एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर : 3 साल की छूट सैलरी : पे लेवल-06 के अनुसार, 35,400 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : सीबीटी-1 सीबीटी-2 डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीस : एससी/एसटी, एक्स सर्विसमैन, पीडब्ल्यूबीडी, महिला, ट्रांसजेंडर, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग : 250 रुपए अन्य सभी वर्ग : 500 रुपए जो उम्मीदवार स्टेज – 1 क्लियर कर लेंगे, उन्हें 500 में से 400 रुपए रिफंड होकर वापस मिल जाएंगे। रिजर्व कैटेगिरी के उम्मीदवारों की पूरी फीस रिफंड कर दी जाएगी। रेलवे एग्जाम में एक तिहाई अंकों की निगेटिव मार्किंग होगी। मिनिमम क्वालिफाइंग माक्स : यूआर, ईडब्ल्यूए : 40% ओबीसी, एनसीएल/एससी – 30% एसटी : 25% ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाएं। जूनियर इंजीनियर भर्ती 2026 के लिए “ऑनलाइन आवेदन करें” लिंक पर क्लिक करें। ऑनलाइन अप्लाई के विकल्प पर क्लिक करें। आवेदन फार्म में मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंट आउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ये खबर भी पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अमिताभ बच्चन ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी:हाथ में तिरंगा पकड़कर जोर से वंदे मातरम कहा

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वह हाथ में तिरंगा पकड़े हुए नजर आए और उन्होंने जोर से वंदे मातरम कहा।
अमिताभ बच्चन ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी:हाथ में तिरंगा पकड़कर जोर से वंदे मातरम कहा

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वह हाथ में तिरंगा पकड़े हुए नजर आए और उन्होंने जोर से वंदे मातरम कहा।
विद्युत जामवाल का देसी मार्शल आर्ट अंदाज:स्वतंत्रता दिवस पर शेयर किया वीडियो, गतका के वड़ा-चक्कर से दिखाया हुनर; 16 अक्टूबर को रिलीज होगी 'स्ट्रीट फाइटर'

बॉलीवुड एक्टर और मार्शल आर्टिस्ट विद्युत जामवाल अपने फिजिकल हुनर से चर्चा में हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया, जिसमें वे भारत की पारंपरिक मार्शल आर्ट गतका के खास हथियार ‘वड़ा-चक्कर’ का इस्तेमाल करते नजर आए। विद्युत ने बताया कि इस हथियार को नियंत्रित करने और इसकी घूमने की गति समझने के लिए वर्षों की प्रैक्टिस जरूरी होती है। उनका यह अंदाज हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ के किरदार धालसिम से भी जुड़ता है। फिल्म में विद्युत भारतीय योगी और मार्शल आर्टिस्ट धालसिम का किरदार निभा रहे हैं। विद्युत जामवाल सिर्फ फिल्मों में एक्शन करने वाले अभिनेता नहीं हैं, बल्कि मार्शल आर्ट उनकी पहचान का अहम हिस्सा है। यही वजह है कि ‘स्ट्रीट फाइटर’ में भारतीय फाइटर धालसिम के किरदार में नजर आने को लेकर उनके प्रशंसकों में खास उत्साह है। स्वतंत्रता दिवस पर शेयर किए वीडियो में विद्युत ने दिखाया कि भारतीय मार्शल आर्ट की बारीकियों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वीडियो में विद्युत ‘वड़ा-चक्कर’ का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं। यह गतका से जुड़ा पारंपरिक हथियार है। इसे तेजी से घुमाते हुए नियंत्रण बनाए रखना आसान नहीं होता। विद्युत बताते हैं कि इसकी घूमने की गति और मोमेंटम समझने में लंबे समय की ट्रेनिंग लगती है। उनके मूवमेंट में स्पीड के साथ संतुलन और सटीकता भी नजर आती है। विद्युत ने सिर्फ गतका के इस हथियार का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि भारतीय मार्शल आर्ट की अलग-अलग परंपराओं के बीच समानताओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने वड़ा-चक्कर की तुलना केरल की पारंपरिक मार्शल आर्ट कलरिपयट्टू के ‘उरुमी’ से की। दोनों हथियारों की अलग तकनीक और इस्तेमाल का तरीका है, लेकिन इनके साथ काम करने के लिए शरीर के संतुलन, गति और नियंत्रण की जरूरत होती है। धालसिम से जुड़ता है विद्युत का असली हुनर ‘स्ट्रीट फाइटर’ में विद्युत जामवाल धालसिम की भूमिका निभा रहे हैं। पैरामाउंट पिक्चर्स की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक फिल्म में उनका किरदार धालसिम है। गेम की दुनिया में धालसिम भारतीय योगी और मार्शल आर्टिस्ट के तौर पर जाना जाता है। उसकी पहचान सिर्फ लड़ाई की तकनीक से नहीं, बल्कि योग, अनुशासन और आध्यात्मिक सोच से भी जुड़ी है। ऐसे में विद्युत की असल जिंदगी की मार्शल आर्ट ट्रेनिंग इस किरदार को अलग तरह की प्रामाणिकता देती है। विद्युत लंबे समय से अलग-अलग भारतीय मार्शल आर्ट और फिजिकल ट्रेनिंग का अभ्यास करते रहे हैं। फिल्मों में भी उनकी पहचान ऐसे एक्टर की रही है, जो एक्शन सीक्वेंस में स्टंट और मार्शल आर्ट खुद करने के लिए जाने जाते हैं। अब हॉलीवुड की बड़ी गेम-फ्रेंचाइजी में भारतीय फाइटर का किरदार निभाना उनके करियर का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। हॉलीवुड में विद्युत का डेब्यू ‘स्ट्रीट फाइटर’ विद्युत जामवाल का हॉलीवुड डेब्यू है। फिल्म में उनके साथ नोआ सेंटीनियो, एंड्रयू कोजी, कैलिना लियांग, जेसन मोमोआ, 50 सेंट, कोडी रोड्स और डेविड डास्टमालचियन जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन किताओ सकुराई ने किया है। फिल्म की कहानी 1993 के दौर में सेट है। इसमें चन-ली, रयू और केन को एक नए वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए बुलाती हैं। टूर्नामेंट आगे चलकर बड़ी साजिश का हिस्सा बन जाता है और किरदारों को न सिर्फ अपने विरोधियों, बल्कि अपने अतीत का भी सामना करना पड़ता है। फिल्म का ट्रेलर अप्रैल 2026 में रिलीज हो चुका है, जिसमें विद्युत धालसिम के रूप में नजर आए। ट्रेलर के बाद उनके किरदार और एक्शन को लेकर भारतीय दर्शकों में खास दिलचस्पी देखने को मिली। 16 अक्टूबर को रिलीज होगी फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पैरामाउंट पिक्चर्स ने भी फिल्म की रिलीज डेट यही बताई है। भारत में फिल्म अंग्रेजी के साथ हिंदी, तमिल और तेलुगु में भी रिलीज होगी। स्वतंत्रता दिवस पर विद्युत का भारतीय मार्शल आर्ट प्रदर्शित करना सिर्फ सोशल मीडिया वीडियो नहीं, बल्कि उनके आने वाले हॉलीवुड किरदार से भी जुड़ा खास क्षण है। धालसिम जैसे भारतीय किरदार को निभाने वाले अभिनेता का देश की पारंपरिक युद्ध कलाओं को दुनिया के सामने दिखाना फिल्म के भारतीय कनेक्शन को और मजबूत करता है।
विद्युत जामवाल का देसी मार्शल आर्ट अंदाज:स्वतंत्रता दिवस पर शेयर किया वीडियो, गतका के वड़ा-चक्कर से दिखाया हुनर; 16 अक्टूबर को रिलीज होगी 'स्ट्रीट फाइटर'

बॉलीवुड एक्टर और मार्शल आर्टिस्ट विद्युत जामवाल अपने फिजिकल हुनर से चर्चा में हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया, जिसमें वे भारत की पारंपरिक मार्शल आर्ट गतका के खास हथियार ‘वड़ा-चक्कर’ का इस्तेमाल करते नजर आए। विद्युत ने बताया कि इस हथियार को नियंत्रित करने और इसकी घूमने की गति समझने के लिए वर्षों की प्रैक्टिस जरूरी होती है। उनका यह अंदाज हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ के किरदार धालसिम से भी जुड़ता है। फिल्म में विद्युत भारतीय योगी और मार्शल आर्टिस्ट धालसिम का किरदार निभा रहे हैं। विद्युत जामवाल सिर्फ फिल्मों में एक्शन करने वाले अभिनेता नहीं हैं, बल्कि मार्शल आर्ट उनकी पहचान का अहम हिस्सा है। यही वजह है कि ‘स्ट्रीट फाइटर’ में भारतीय फाइटर धालसिम के किरदार में नजर आने को लेकर उनके प्रशंसकों में खास उत्साह है। स्वतंत्रता दिवस पर शेयर किए वीडियो में विद्युत ने दिखाया कि भारतीय मार्शल आर्ट की बारीकियों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वीडियो में विद्युत ‘वड़ा-चक्कर’ का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं। यह गतका से जुड़ा पारंपरिक हथियार है। इसे तेजी से घुमाते हुए नियंत्रण बनाए रखना आसान नहीं होता। विद्युत बताते हैं कि इसकी घूमने की गति और मोमेंटम समझने में लंबे समय की ट्रेनिंग लगती है। उनके मूवमेंट में स्पीड के साथ संतुलन और सटीकता भी नजर आती है। विद्युत ने सिर्फ गतका के इस हथियार का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि भारतीय मार्शल आर्ट की अलग-अलग परंपराओं के बीच समानताओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने वड़ा-चक्कर की तुलना केरल की पारंपरिक मार्शल आर्ट कलरिपयट्टू के ‘उरुमी’ से की। दोनों हथियारों की अलग तकनीक और इस्तेमाल का तरीका है, लेकिन इनके साथ काम करने के लिए शरीर के संतुलन, गति और नियंत्रण की जरूरत होती है। धालसिम से जुड़ता है विद्युत का असली हुनर ‘स्ट्रीट फाइटर’ में विद्युत जामवाल धालसिम की भूमिका निभा रहे हैं। पैरामाउंट पिक्चर्स की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक फिल्म में उनका किरदार धालसिम है। गेम की दुनिया में धालसिम भारतीय योगी और मार्शल आर्टिस्ट के तौर पर जाना जाता है। उसकी पहचान सिर्फ लड़ाई की तकनीक से नहीं, बल्कि योग, अनुशासन और आध्यात्मिक सोच से भी जुड़ी है। ऐसे में विद्युत की असल जिंदगी की मार्शल आर्ट ट्रेनिंग इस किरदार को अलग तरह की प्रामाणिकता देती है। विद्युत लंबे समय से अलग-अलग भारतीय मार्शल आर्ट और फिजिकल ट्रेनिंग का अभ्यास करते रहे हैं। फिल्मों में भी उनकी पहचान ऐसे एक्टर की रही है, जो एक्शन सीक्वेंस में स्टंट और मार्शल आर्ट खुद करने के लिए जाने जाते हैं। अब हॉलीवुड की बड़ी गेम-फ्रेंचाइजी में भारतीय फाइटर का किरदार निभाना उनके करियर का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। हॉलीवुड में विद्युत का डेब्यू ‘स्ट्रीट फाइटर’ विद्युत जामवाल का हॉलीवुड डेब्यू है। फिल्म में उनके साथ नोआ सेंटीनियो, एंड्रयू कोजी, कैलिना लियांग, जेसन मोमोआ, 50 सेंट, कोडी रोड्स और डेविड डास्टमालचियन जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन किताओ सकुराई ने किया है। फिल्म की कहानी 1993 के दौर में सेट है। इसमें चन-ली, रयू और केन को एक नए वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए बुलाती हैं। टूर्नामेंट आगे चलकर बड़ी साजिश का हिस्सा बन जाता है और किरदारों को न सिर्फ अपने विरोधियों, बल्कि अपने अतीत का भी सामना करना पड़ता है। फिल्म का ट्रेलर अप्रैल 2026 में रिलीज हो चुका है, जिसमें विद्युत धालसिम के रूप में नजर आए। ट्रेलर के बाद उनके किरदार और एक्शन को लेकर भारतीय दर्शकों में खास दिलचस्पी देखने को मिली। 16 अक्टूबर को रिलीज होगी फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पैरामाउंट पिक्चर्स ने भी फिल्म की रिलीज डेट यही बताई है। भारत में फिल्म अंग्रेजी के साथ हिंदी, तमिल और तेलुगु में भी रिलीज होगी। स्वतंत्रता दिवस पर विद्युत का भारतीय मार्शल आर्ट प्रदर्शित करना सिर्फ सोशल मीडिया वीडियो नहीं, बल्कि उनके आने वाले हॉलीवुड किरदार से भी जुड़ा खास क्षण है। धालसिम जैसे भारतीय किरदार को निभाने वाले अभिनेता का देश की पारंपरिक युद्ध कलाओं को दुनिया के सामने दिखाना फिल्म के भारतीय कनेक्शन को और मजबूत करता है।
Alwar School Protest | Students Lock Government Building Over Safety

Hindi News Career Alwar School Protest | Students Lock Government Building Over Safety 4 मिनट पहले कॉपी लिंक अलवर के थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जोधावास में 13–14 अगस्त 2026 को जर्जर भवन और स्कूल की दूसरी बुनियादी समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने तालाबंदी और धरना शुरू किया, जिसके बाद प्रशासन को सामने आना पड़ा। जानकारी के अनुसार, जोधावास स्थित इस सरकारी स्कूल की हालत बदतर है। क्लासरूम की छतों से पट्टियां टूट-टूट कर गिर रही हैं और दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। स्कूल परिसर में अब बैठने लायक कमरे भी सुरक्षित नहीं बचे हैं। जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर बच्चों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज किया। संबंधित अधिकारियों से कई बार कर चुके शिकायत स्कूल की बदहाली से नाराज छात्रों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल के मेन गेट पर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने अधिकारियों से सीधे सवाल करते हुए पूछा – अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते? ग्रामीणों का कहना है कि वे इस जर्जर भवन की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठे प्रशासन को जगाने के लिए छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल भवन की मरम्मत या नए कमरों का इंतजाम नहीं हो जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर बात की 14 अगस्त को प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सहमति बनी और धरना खत्म हुआ। मौके पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, CBEO और अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की। सीजेपी के सहसंयोजक आशुतोष रांका ने किया समर्थन इस प्रदर्शन में सीजेपी के सहसंयोजक आशुतोष रांका ने भी हिस्सा लिया। उनकी पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह वहां के पुलिस इंस्पेक्टर को चेतावनी देते हुए कहते हैं कि गलती से भी मेरे से पॉलिटिक्स मत खेलना, देश के शिक्षा मंत्री को हटाकर आए हैं। उन्होंने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी चेतावनी दी है कि स्कूलों की व्यवस्था जल्दी नहीं सुधरी, तो आपकी भी कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चेतावनी दी कि यदि 3 महीने में सभी जर्जर स्कूलों को ठीक नहीं कराया, तो आपकी कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। सीजेपी से मिला मोटिवेशन, छात्राओं ने दिया धन्यवाद प्रदर्शन के बाद जोधावास की छात्राओं ने सीजेपी को धन्यवाद कहा। छात्राओं ने कहा कि उन्हें यह जोश और जूनुन सीजेपी के प्रोटेस्ट को देखकर मिला। उनके वीडियो देखकर उन्हें ही मोटिवेशन मिला। उनमें भी अपने हक के लिए लड़ने की भावना जगी। इस दौरान सभी छात्राओं ने सीजेपी, अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुंग को धन्यवाद दिया। उज्जैन में छात्राओं ने कलेक्टरेट के सामने किया धरना प्रदर्शन उज्जैन में सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी में शिफ्ट करने के विरोध में 14 अगस्त को 300-350 छात्राओं ने कलेक्ट्रेट घेरा। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान 2 छात्राएं बेहोश हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रदर्शन में एक छात्रा रोने लगी और कहा- हमारा भविष्य बर्बाद मत करिए। छात्रा दीपिका शर्मा ने कहा- स्कूल को शहर से करीब 12-15 किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी शिफ्ट किया जा रहा है। इतनी दूर स्कूल जाने में आने-जाने और सुरक्षा की परेशानी होगी। वहीं, सलोनी शर्मा ने कहा- हम ‘दाऊदखेड़ी नहीं जाएंगे’ और ‘ये मनमानी नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। 6 स्कूलों के 2500 से 2600 बच्चे प्रभावित होने का दावा स्कूल बचाओ समिति से जुड़े एडवोकेट जितेंद्र सेंगर के मुताबिक, इस प्रक्रिया से करीब 6 स्कूलों के 2500-2600 बच्चे प्रभावित होंगे। सराफा के 9वीं से 12वीं तक के कन्या विद्यालय में करीब 300 से 350 छात्राएं पढ़ती हैं। इसी तरह महाकाल मैदान स्थित कन्या माध्यमिक विद्यालय में कक्षा पहली से आठवीं तक करीब 350 छात्राएं हैं। इसके अलावा महाराजवाड़ा, सीएम राइज, नूतन और माधवेंद्र जैसे स्कूलों के विद्यार्थी भी इस बदलाव से प्रभावित होंगे। स्कूल प्रबंधन भी परेशान, लेकिन खुलकर विरोध नहीं समिति से जुड़े लोगों के मुताबिक, प्रिंसिपल और शिक्षक निजी बातचीत में बच्चों के नुकसान की बात स्वीकार करते हैं, लेकिन खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। छात्राओं के माता – पिता, छात्राएं, शिक्षक और प्रिंसिपल कोई भी इस फैसले से खुश नहीं है। स्कूल प्रबंधन भी चाहता है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। DEO बोले- शासन का निर्णय, मॉनिटरिंग समिति लेगी अंतिम फैसला जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री ने कहा कि यह शासन का निर्णय है। स्कूलों से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इस मामले में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति अंतिम निर्णय लेगी। फिलहाल सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने के मामले में अंतिम निर्णय जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति को लेना है। ये खबर भी पढ़ें प्राइमरी स्कूल का छात्र पुलिस चौकी पहुंचा:रोते हुए कहा – मैडम फोन देखती रहती हैं, बड़े बच्चे मारते-पीटते हैं, शिकायतें कोई नहीं सुनता कानपुर देहात के प्राइमरी स्कूल का एक छात्र माधव मिश्रा स्कूल प्रशासन से परेशान होकर अपनी शिकायतें पुलिस चौकी करने पहुंचा। वहां उसने कहा – मैडम फोन देखती रहती हैं… बड़े बच्चे मारते-पीटते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







