Saturday, 22 Aug 2026 | 03:21 PM

Trending :

EXCLUSIVE

पाक राष्ट्रपति जरदारी बोले- हम यहां हिंदुओं को झेलते हैं:जावेद अख्तर भड़के, कहा- खुद भुट्टो से शादी कर सुर्खियों में आए; ट्रोलर्स को भी फटकारा

पाक राष्ट्रपति जरदारी बोले- हम यहां हिंदुओं को झेलते हैं:जावेद अख्तर भड़के, कहा- खुद भुट्टो से शादी कर सुर्खियों में आए; ट्रोलर्स को भी फटकारा

भारतीय डायलॉग राइटर और गीतकार जावेद अख्तर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के उस बयान पर भड़क गए, जिसमें उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान में हिंदुओं को झेलते हैं। जावेद अख्तर ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें संवेदनहीन कहा है। जब कुछ लोग जावेद अख्तर के बयान की निंदा करने लगे, तो उन्होंने एक-एक कर सबको फटकार लगाई है। जरदारी बोले- हम हिंदुओं को झेलते हैं, हम मुस्लिम जरदारी ने पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति पर बात करते हुए भारत के हिंदुओं से उनकी तुलना की थी। जरदारी ने कहा, “भारतीयों का नजरिया अलग है। उनके दिमाग में अपना एजेंडा है। वे अखंड भारत में विश्वास करते हैं। लेकिन बीच में बहुत कुछ ऐसा है, जिसे वे भूल चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम मुसलमान हैं और वे नहीं हैं। लेकिन हम ऐसे सोच वाले मुसलमान हैं, जो पाकिस्तान में 3-4 फीसदी हिंदू आबादी को सहन करते हैं। वे उतने ही आजाद और अच्छे हैं, जितने कहीं और थे। वे उनके साथ रहने के बजाय हमारे साथ रहना पसंद करेंगे।” इस बयान पर जावेद अख्तर ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से लिखा है, “पाकिस्तान के मिस्टर जरदारी, जो बेनजीर भुट्टो से शादी करने के बाद सुर्खियों में आए थे, कहते हैं कि उनके देश में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को वे बर्दाश्त करते हैं। मैं समझता हूं, मिस्टर जरदारी, आप हमेशा उन सभी चीजों के प्रति असंवेदनशील रहे हैं, जिनका प्रतिशत 10 प्रतिशत से भी कम है।” जावेद अख्तर ने दबे शब्दों में किया ट्रोल जावेद अख्तर ने अपने बयान में 10 प्रतिशत का जिक्र इसलिए किया, क्योंकि जरदारी को मिस्टर टेन पर्सेंट कहा जाता है। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पति रहे जरदारी को 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में “मिस्टर टेन परसेंट” उपनाम मिला था। उन पर सरकारी परियोजनाओं और कारोबारी सौदों के सिलसिले में 10 फीसदी कमीशन मांगने के आरोप लगे थे। जरदारी ने इन आरोपों से इनकार किया था। 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान द्वारा भुट्टो सरकार को बर्खास्त किए जाने के बाद यह उपनाम और ज्यादा चर्चित हुआ। जावेद अख्तर ने ट्रोलर्स को भी लगाई फटकार एक तरफ जहां जावेद अख्तर के बयान की सराहना हो रही है, वहीं एक पाकिस्तानी यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आपने कभी भारत में अल्पसंख्यकों के लिए अपनी आवाज उठाई है? नहीं। कड़वी सच्चाई यह है कि भारत में जिंदा रहने के लिए हर गैर-हिंदू को हिंदू अभिजात वर्ग की चापलूसी और उन्हें खुश करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उनके खिलाफ तमाम आरोपों के बावजूद जरदारी एक देश के राष्ट्रपति बन गए। फिर भी आप भारत में और हर जगह एक शून्य ही हैं और शून्य ही बने रहेंगे, चाहे आप उनके तलवे कितनी भी चाटते रहें। आप बेहद शर्मनाक और घटिया इंसान हैं। जावेद अख्तर ने अपने अंदाज में इसका भी जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “आपका पहला सवाल मुझे बताता है कि आप मेरे बारे में कितना कम जानते हैं। और आपके आखिरी शब्द बताते हैं कि आपकी ‘क्लास’ क्या है।” जावेद अख्तर ने पहले भी दिए पाक विरोधी बयान नरक और पाकिस्तान में से नरक चुनूंगा: 17 मई 2025 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ के विमोचन पर जावेद अख्तर ने पाकिस्तान को नरक से बदतर बताते हुए तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा था- ‘अगर पाकिस्तान और नरक में से चुनना हो तो मैं नरक चुनूंगा।’ भारत का विभाजन गलत था, पाकिस्तान हिंदुस्तान से ही निकला: 2023 में लाहौर के फैज फेस्टिवल में जावेद अख्तर ने स्पष्ट कहा कि भारत का विभाजन ऐतिहासिक भूल थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हिंदुस्तान का हिस्सा था, जो 1947 में दो देशों में बंट गया। अख्तर ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के लोग मूल रूप से एक ही सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हैं और विभाजन ने अनावश्यक दुश्मनी पैदा की। इस बयान पर पाकिस्तानी दर्शकों ने तालियां बजाईं, लेकिन भारत-पाक मीडिया में विवाद छा गया। पाकिस्तान में सेकुलरिज्म लगभग मर चुका है: भारत-पाक संबंधों पर एक चर्चा में जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की सामाजिक स्थिति पर तीखा प्रहार किया। उनका मानना था कि वहां धर्मनिरपेक्षता नाममात्र को रह गई है और कट्टरवाद हावी हो चुका है। पाकिस्तान के कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे ओवर-जनरलाइजेशन कहा, लेकिन भारत में ये बयान साहित्यिक सर्कल तक सीमित रहा। जावेद ने उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत देखकर साफ है कि सेक्युलरिज्म खतरे में है।

मुकेश खन्ना बोले- जन गण मन हटाओ वंदे मारतम लाओ:राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में फर्क भूले, पंजाब सिंध को कहा पंजाब सिंग, 2 और गड़बड़ की

मुकेश खन्ना बोले- जन गण मन हटाओ वंदे मारतम लाओ:राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में फर्क भूले, पंजाब सिंध को कहा पंजाब सिंग, 2 और गड़बड़ की

शक्तिमान एक्टर मुकेश खन्ना ने हाल ही में राष्ट्रगान जन गण मन को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इसकी जगह वंदे मातरम को देनी चाहिए। हालांकि ये बयान देते हुए उनसे बड़ी गड़बड़ हो गई। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को राष्ट्रगीत बनाना चाहिए, जबकि ये पहले से ही राष्ट्रगीत है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रगान जन गण मन हाते हुए भी गड़बड़ कर दी। हाल ही में आईएएनएस को दिए बयान में मुकेश खन्ना ने कहा, ‘मैं तीन साल पहले बोल चुका हूं कि वंदे मातरम को राष्ट्रगीत बनाओ (ये राष्ट्रगीत ही है)। ये जन मन गण (जन गण मन) हमारे देश का नहीं है। ये जो क्वीन एलिजाबेथ थीं, उनके मान में रवींद्रनाथ टेगौर ने एक स्तुति गान लिखा था, उसको हमने मान लिया, भाग्य विधाता, पंजाब सिंग (सिंध)। अरे ये हमारा नहीं है। हमारा है वंदे मातरम, लता जी (मंगेशकर) ने गाया है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जितनी जल्दी हो, उतनी जल्दी ये जन मण गण (जन गण मन) को हटाओ और वंदे मातरम को लाओ। मोदी जी ने शुरुआत कर दी है। हर स्कूल में ये अनिवार्य हो चुका है कि पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। वो भी 3-4 अंतरे नहीं पूरे 7 अंतरे। मुझे खुशी है कि वंदे मातरम उठ रहा है। मेरा गाना भी बन रहा है, मैं उसे 6 महीने में रिलीज कर दूंगा।’ केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान जन-गण-मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि नियमों में पहले से तय है कि किन कार्यक्रमों में दोनों को गाना या बजाना जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि एक ही कार्यक्रम में दोनों में से पहले वंदे और फिर जन-गण-मन होगा। जिन राज्यों में राज्य गीत होता है, वहां भी सीक्वेंस का पालन करना होगा। 9 जुलाई को सभी राज्यों और मंत्रालयों को पत्र भेजा गया, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई है। सभी राज्यों से कहा गया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत हमेशा उनके असली शब्दों, सही उच्चारण और तय नियमों के अनुसार ही गाया और बजाया जाए। इसके लिए दोनों की ऑफिशियल कॉपी मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। 28 जनवरी को पहली बार आदेश आया इससे पहले 28 जनवरी को भी सरकार ने सभी राज्यों को यही आदेश दिया था। इसमें मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत में राष्ट्रगीत बजाया जाएगा। वंदे मातरम् के समय हर व्यक्ति को खड़ा होना होगा। राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे। इनकी कुल अवधि 3.10 मिनिट है। पहले दो अंतरे गाए जाते थे। सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले वंदे मातरम बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा। अगर किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री फिल्म के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजाया जाता है, तो दर्शकों को उस दौरान खड़ा होना जरूरी नहीं होगा। बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा था, आनंदमठ में छपा था भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। वंदे मातरम एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था।

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। एक पर हमला हुआ तो तीनों साथ देंगे इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। इसके मुताबिक, पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक पर हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। एर्दोगन बोले- आगे और देश जुड़ सकते हैं एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। एर्दोगन ने कहा कि यह समझौता दुनिया को एक अहम संदेश देता है। भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। 7 अगस्त को मक्का समझौते पर साइन हुए इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। एक पर हमला हुआ तो बाकी दो देश साथ देंगे इस समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक देश पर हमला हुआ तो इसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी जिस देश पर हमला होगा, उसे बाकी दोनों देशों का साथ मिलेगा। कैसे मदद करेंगे तीनों देश? भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

लुधियाना के आरव को चाहिए 9 करोड़ का इंजेक्शन:2 साल उम्र, वजन सिर्फ 10Kg, चल नहीं पाता; सोनू सूद ने लोगों से मांगी मदद

लुधियाना के आरव को चाहिए 9 करोड़ का इंजेक्शन:2 साल उम्र, वजन सिर्फ 10Kg, चल नहीं पाता; सोनू सूद ने लोगों से मांगी मदद

लुधियाना का 2 साल का मासूम आरव ठाकुर इन दिनों जिंदगी की सबसे मुश्किल लड़ाई लड़ रहा है। आरव को दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 है। जन्म के बाद करीब डेढ़ साल तक बिल्कुल सामान्य रहने वाले आरव में अचानक शारीरिक दिक्कतें शुरू हुईं, जिसके बाद जांच में बीमारी की पुष्टि हुई। अब उसकी जिंदगी करीब 9 करोड़ रुपए के महंगे इंजेक्शन पर टिकी है। परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है, इसलिए मदद की उम्मीद में माता-पिता ने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक हर दरवाजा खटखटाया है। इसी बीच बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने आरव के लिए सोशल मीडिया पर भावुक अपील करते हुए देशवासियों से उसकी मदद के लिए आगे आने की गुहार लगाई है। परिवार समराला चौक के पास रहता है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… सोनू सूद ने वीडियो जारी अपील की एक्टर सोनू सूद ने वीडियो जारी कर कहा- नमस्कार मैं आप सबसे एक अपील करना चाहता हूं कि एक छोटा सा बच्चा जिसका नाम है आरव ठाकुर, और उसे एसएमए 2 (SMA Type 2) की बीमारी है। और हमें सबको पता है कि इसके लिए बहुत सारे फंड्स चाहिए जो एक परिवार अकेला नहीं ले सकता। सो हम सबको मिलकर आरव ठाकुर को बचाना है। उसके लिए 9 करोड़ का जो इंजेक्शन लगता है, हम सबको अपनी तरफ से थोड़ा बहुत योगदान करके उस 9 करोड़ की राशि को इकट्ठा करके उन माता-पिता को उनके एक जो नया जीवन है, उनके बच्चे के रूप में उन्हें देना है। तो चलिए आज ही मिलकर अपनी तरफ से थोड़ा बहुत जो भी आप कर सकते हैं, आज ही कीजिए इग्नोर मत कीजिए। अगर हम मिलकर आरव को एक नया जीवन दे पाएं तो मुझे लगता है कि हमारा जो जीना है वो सफल होगा। और इस वीडियो को स्प्रेड कीजिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़कर हम आरव को और उनके माता-पिता को एक नया जीवनदान दे पाएं। ************* ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़- मां ने बेटे को बचाने के लिए किडनी दी: मोहाली में ₹7 लाख का ट्रांसप्लांट फेल, अब मां-बेटे दोनों बीमार; 1 बीघा जमीन भी बिकी ‘जिस बेटे को जन्म दिया, उसकी जिंदगी बचाने के लिए मां ने अपनी किडनी भी दे दी। मगर, मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में कराए ट्रांसप्लांट के बाद किडनी फेल हो गई। अल्ताफ की तबीयत बिगड़ती चली गई तो पिता उसे लेकर चंडीगढ़ PGI पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया। ट्रम्प ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी कोशिश में मदद करने से इनकार कर दिया था। उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की धमकी दी थी। उसने सैन्य अभ्यासों को आक्रामक युद्ध की तैयारी बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ट्रम्प ने अभ्यास को महंगा और अनुचित बताया ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से इस कोशिश में अमेरिका का साथ देने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि ये सैन्य अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को गलत संदेश देते हैं। दक्षिण कोरिया के 18 हजार सैनिकों वाले 11 दिन के ये सैन्य अभ्यास इसी हफ्ते शुरू होने थे। ट्रम्प ने कहा कि अब इन्हें पूरी तरह रद्द करना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को अभ्यासों में काफी कटौती करने का आदेश दिया है। अभ्यास से क्षेत्रीय शांति में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं को साथ मिलकर अलग-अलग परिस्थितियों में सैन्य अभियान का अभ्यास करना था। इसमें लाइव-फायर, पानी से भरे इलाके को पार करना और सैन्य उपकरण पहुंचाना शामिल था। अमेरिकी सेना ने कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी। ट्रम्प और किम तीन बार मिल चुके हैं ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरियाई के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन से तीन बार मिले थे। इन बैठकों में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हुई थी और दोनों की आखिरी मुलाकात 2019 में हुई थी। अभ्यास घटाने की उनकी घोषणा से एक दिन पहले उन्होंने किम के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट की थी। ट्रम्प ने फोटो के साथ लिखा था कि दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन इस फोटो में चेहरा दोस्ताना नहीं दिख रहा है। पहले भी सैन्य अभ्यास रोकने की घोषणा कर चुके हैं ट्रम्प यह पहली बार नहीं है, जब ट्रम्प ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास खत्म करने की कोशिश की है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने अचानक घोषणा कर इन युद्ध अभ्यासों को उकसाने वाला बताया था। 2018 में सिंगापुर में किम जोंग-उन से मुलाकात के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा था, हम युद्ध अभ्यास रोकेंगे, जिससे हमारे बहुत पैसे बचेंगे। यह तब तक रहेगा, जब तक हमें यह नहीं लगता कि भविष्य की बातचीत सही दिशा में नहीं जा रही है।

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया। ट्रम्प ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी कोशिश में मदद करने से इनकार कर दिया था। उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की धमकी दी थी। उसने सैन्य अभ्यासों को आक्रामक युद्ध की तैयारी बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ट्रम्प ने अभ्यास को महंगा और अनुचित बताया ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से इस कोशिश में अमेरिका का साथ देने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि ये सैन्य अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को गलत संदेश देते हैं। दक्षिण कोरिया के 18 हजार सैनिकों वाले 11 दिन के ये सैन्य अभ्यास इसी हफ्ते शुरू होने थे। ट्रम्प ने कहा कि अब इन्हें पूरी तरह रद्द करना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को अभ्यासों में काफी कटौती करने का आदेश दिया है। अभ्यास से क्षेत्रीय शांति में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं को साथ मिलकर अलग-अलग परिस्थितियों में सैन्य अभियान का अभ्यास करना था। इसमें लाइव-फायर, पानी से भरे इलाके को पार करना और सैन्य उपकरण पहुंचाना शामिल था। अमेरिकी सेना ने कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी। ट्रम्प और किम तीन बार मिल चुके हैं ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरियाई के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन से तीन बार मिले थे। इन बैठकों में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हुई थी और दोनों की आखिरी मुलाकात 2019 में हुई थी। अभ्यास घटाने की उनकी घोषणा से एक दिन पहले उन्होंने किम के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट की थी। ट्रम्प ने फोटो के साथ लिखा था कि दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन इस फोटो में चेहरा दोस्ताना नहीं दिख रहा है। पहले भी सैन्य अभ्यास रोकने की घोषणा कर चुके हैं ट्रम्प यह पहली बार नहीं है, जब ट्रम्प ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास खत्म करने की कोशिश की है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने अचानक घोषणा कर इन युद्ध अभ्यासों को उकसाने वाला बताया था। 2018 में सिंगापुर में किम जोंग-उन से मुलाकात के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा था, हम युद्ध अभ्यास रोकेंगे, जिससे हमारे बहुत पैसे बचेंगे। यह तब तक रहेगा, जब तक हमें यह नहीं लगता कि भविष्य की बातचीत सही दिशा में नहीं जा रही है।

Vimal Ad Controversy | Maharashtra FDA Notice Shah Rukh Khan Ajay Devgn

Vimal Ad Controversy | Maharashtra FDA Notice Shah Rukh Khan Ajay Devgn

37 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ पर कार्रवाई की है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का इनडायरेक्ट प्रचार किया जा रहा है। इस मामले के बाद कलाकारों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के प्रमोशन को लेकर पुराने बयान फिर चर्चा में आ गए हैं। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। शाहरुख ने कहा था- मेरी कमाई मत रोको CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल ‘इलायची’ का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। एक्टर्स पर लग सकता है जुर्माना दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Rajasthan Amit Shah Inauguration | Carlsen EWC Chess Title Winner News

Rajasthan Amit Shah Inauguration | Carlsen EWC Chess Title Winner News

Hindi News Career Rajasthan Amit Shah Inauguration | Carlsen EWC Chess Title Winner News 38 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. गृह मंत्री अमित शाह ने ₹6,262 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया 16 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के अलवर में ₹6,262 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन किया और नई परियोजनाओं की शुरुआत की। अमित शाह का ये कार्यक्रम केंद्र सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन का हिस्सा है। ये सहकारिता क्षेत्र और डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए है। इन परियोजनाओं में अमित शाह ने अलवर सरस डेयरी कॉम्प्लेक्स में नए डेयरी प्लांट की आधारशिला भी रखी। साथ ही दुग्ध संघों के डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट और पशु आहार संयंत्रों का ई-उद्घाटन किया गया। ये विकास कार्य राजस्थान के 17 जिलों से जुड़े हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और किसानों की आय एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम के दौरान, शाह नए सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंकों के गठन की घोषणा की और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को फंड ट्रांसफर किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और किसानों की आय एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। निधन (DEATH) 2. पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी सीएम आशीष बनर्जी का निधन 16 अगस्त को पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का निधन हो गया। वे 74 साल के थे। आशीष 5 रामपुरहाट सीट से 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। पिछली ममता सरकार में वे विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे। आशीष का निधन संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ। वे बीरभूम जिले के टीएमसी ऑफिस में उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त की सुबह कार्यालय से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा कि उन्होंने भ्रष्टाचार नहीं किया, उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। आशीष बनर्जी ममता बनर्जी के करीबी और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनने के बाद वे कई विभागों के मंत्री रहे। वे स्कूल शिक्षा और कृषि मंत्री भी रह चुके थे। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार गए। आशीष ने एक दिन पहले ही बीरभूम में अपने घर में तिरंगा फहराया था। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3, मैग्नस कार्लसन एस्पोर्ट्स वर्ल्ड कप जीता 15 अगस्त को नॉर्वे के वर्ल्ड नंबर-1 चेस प्लेयर मैग्नस कार्लसन ने लगातार दूसरी बार EWC एस्पोर्ट्स वर्ल्ड चेस कप 2026 का खिताब जीता। कार्लसन ने फाइनल में बेलारूस के ग्रैंडमास्टर डेनिस लाजाविक को 2-0 से हराया और फाइनल के दोनों सेट कार्लसन ने 3-1 के स्कोर से जीते। कार्लसन पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहे और एक भी मैच नहीं हारे। कार्लसन को खिताब जीतने पर 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर ($250,000) यानी, 2 करोड़ 40 लाख की प्राइज मनी मिली। इससे पहले कार्लसन ने 2025 में EWC चेस चैंपियनशिप में अलीरेजा फिरोजा को हराकर खिताब जीता था। EWC 2026 में चेस का आयोजन 11 से 15 अगस्त 2026 तक पेरिस में हुआ। चेस को EWC में दूसरी बार शामिल किया गया है। इसकी शुरुआत 2025 में रियाद, सऊदी अरब से हुई थी। कार्लसन 2004 में महज 13 साल की उम्र में अप्रैल में दुबई ओपन में ग्रैंड मास्टर (GM) का खिताब जीते थे। कार्लसन 15 फरवरी 2026 को FIDE फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियन बने। मिसलीनियस 4.अमृत उद्यान आम लोगों के लिए खुला 16 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में स्थित ‘अमृत उद्यान’ (पूर्व में मुगल गार्डन) आम लोगों के लिए एक बार फिर से खोल दिया गया है। अमृत उद्यान अपनी अनूठी और दुर्लभ फूलों की प्रजातियों और शानदार मुगल शैली की बागवानी कला के लिए प्रसिद्ध है। 14 अगस्त को उद्यान का उद्घाटन किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस उद्घाटन में हिस्सा लिया था। ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव-2026 के तहत ये उद्यान पूरे एक महीने यानी 15 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा। इस गार्डन में फ्लोरल क्लॉक यानी, फूलों से सजी एक भव्य और कलात्मक घड़ी भी इस बार लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इस गार्डन में बाल वाटिका भी है, जिसमें 225 साल पुराना शीशम का पेड़ है और बच्चों के मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए विशेष रूप से इसे तैयार किया गया है। बाल वाटिका में एक ट्री-हाउस, नेचर्स क्लासरूम और राष्ट्रपति भवन परिसर का ऐतिहासिक 225 साल पुराना शीशम का पेड़ मौजूद है। ये गार्डन मुख्य इमारत के पास स्थित तीन प्रमुख हिस्सों रेक्टेंगुलर गार्डन (आयताकार उद्यान), लॉन्ग गार्डन और सर्कुलर गार्डन (गोलाकार उद्यान) में फैला हुआ है। मुगल गार्डन (अमृत उद्यान’) 1917 में ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था। मुगल गार्डन का काम 1928 से 1929 तक पूरा हुआ था। 28 जनवरी 2023 को मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान’ रखा गया। इस गार्डन बैबलिंग ब्रुक यानी सुंदर और घुमावदार पानी की धारा है, जिसमें कलात्मक झरने, आकर्षक स्टेपिंग स्टोन्स और एक रिफ्लेक्टिंग पूल बनाया गया है। 5. SpaceX ने कम समय में दो फाल्कन लॉन्च कर रिकॉर्ड बनाया 15 अगस्त को SpaceX ने दो अलग-अलग महत्वपूर्ण मिशनों के लिए अपने दो फाल्कन 9 (Falcon 9) रॉकेट लॉन्च किए इस ऐतिहासिक मिशन के तहत दोनों रॉकेटों को मात्र 38 मिनट के अंतर से लॉन्च किया गया। SpaceX ने इतने कम समय के अंतर में दो बड़े लॉन्च कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। पहला लॉन्च फ्लोरिडा के कैप कैनावर्ल स्पेस फोर्स स्टेशन से हुआ, जिसमें ग्लोबल स्टार 2-R मिशन के तहत 8 उपग्रह भेजे गए। इस लॉन्च के जरिए ‘ग्लोबलस्टार’ सैटेलाइट को को उसकी कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है। दूसरा लॉन्च कैलिफोर्निया के स्पेस फोर्स बेस से हुआ, जो यूएस स्पेस फोर्स USSF-36 मिशन के लिए था। यह SpaceX के लिए दो ऑर्बिटल मिशन के बीच सबसे कम अंतराल का नया रिकॉर्ड है। 31 अगस्त 2024 में SpaceX ने दो Falcon 9 लॉन्च के बीच लगभग 65 मिनट का अंतर रखा था। नया रिकॉर्ड पुराने रिकॉर्ड से करीब 27 मिनट कम है। SpaceX SpaceX की स्थापना

Vimal Ad Controversy | Maharashtra FDA Notice Shah Rukh Khan Ajay Devgn

Vimal Ad Controversy | Maharashtra FDA Notice Shah Rukh Khan Ajay Devgn

2 घंटे पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ पर कार्रवाई की है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का इनडायरेक्ट प्रचार किया जा रहा है। इस मामले के बाद कलाकारों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के प्रमोशन को लेकर पुराने बयान फिर चर्चा में आ गए हैं। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। शाहरुख ने कहा था- मेरी कमाई मत रोको CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल ‘इलायची’ का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। एक्टर्स पर लग सकता है जुर्माना दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔