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UPTET 2026 Result Declared | UP Primary & Upper Primary Pass Percentage

UPTET 2026 Result Declared | UP Primary & Upper Primary Pass Percentage

यूपी TET एग्जाम-2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने बुधवार रात 9 बजे आंकड़े जारी किए। प्राइमरी (कक्षा 1 से 5 तक) और जूनियर (कक्षा 6 से 8) लेवल के एग्जाम में 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी पास हुए हैं। . प्राइमरी का रिजल्ट 80.07 प्रतिशत और जूनियर का 71.85 प्रतिशत रिजल्ट रहा है। TET एग्जाम में 2,06,771 शिक्षक पास हुए। अपनी नौकरी बचाने के लिए 2,68,799 शिक्षक इस परीक्षा में बैठे थे। 62,028 शिक्षक फेल हो गए। अब राज्य सरकार इन शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा कराने की तैयारी में है। TET परीक्षा इसी साल 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 केंद्रों पर कराई गई थी। परीक्षा कुल पांच पालियों में हुई, जिसमें दो पालियां प्राइमरी स्तर और तीन पालियां उच्च प्राथमिक स्तर यानी जूनियर के लिए आयोजित की गई थीं। इस साल कुल 19 लाख 94 हजार 661 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। अभ्यर्थी अपना परिणाम, स्कोरकार्ड और कटऑफ आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPESSC पर जाकर देख सकते हैं। आयोग ने तकनीकी सहायता और अन्य जानकारी के लिए हेल्पलाइन एवं ई-मेल सुविधा भी उपलब्ध कराई है। एग्जाम के दौरान महिला अभ्यर्थियों से कान की बाली और जूड़े उतरवा लिए गए थे। अब जरूरी बातें जानिए… प्राइमरी के लिए अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सबसे अच्छा प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 7,13,648 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 5,71,435 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। इस स्तर का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 80.07 रहा। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 10,57,021 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 7,59,513 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की। इस स्तर का कुल सफलता प्रतिशत 71.85 दर्ज किया गया। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में शामिल 1,22,405 शिक्षकों में से 93,387 शिक्षक सफल रहे, जो कुल 76.29 प्रतिशत है। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में शामिल 1,46,394 कार्यरत शिक्षकों में से 1,13,384 शिक्षक सफल हुए, जिसका सफलता प्रतिशत 77.45 रहा। नॉर्मलाइजेशन सिस्टम से तैयार हुआ रिजल्ट आयोग के उपसचिव मनोज कुमार ने बताया कि परीक्षा कई पालियों में हुई थी और अभ्यर्थियों की संख्या भी ज्यादा थी। अलग-अलग पालियों के प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर को बराबर करने के लिए नॉर्मलाइजेशन (समानीकरण) प्रक्रिया अपनाई गई। इसी प्रक्रिया के आधार पर सभी अभ्यर्थियों के अंकों को बराबर स्तर पर लाकर अंतिम परिणाम तैयार किया गया। CTET की तारीख टली, यूपी TET फेल शिक्षक भी दे सकेंगे परीक्षा CTET परीक्षा की तारीख टल गई है। CBSE अब यह परीक्षा 6 सितंबर को आयोजित करेगा। इसमें यूपी TET में फेल होने वाले शिक्षक भी शामिल हो सकेंगे। अगर वे CTET पास कर लेते हैं तो उनकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं होगा। CTET के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 1 सितंबर है। वहीं, यूपी सरकार इन शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा कराने की तैयारी में है। इसमें भी शिक्षकों को TET पास करने का एक और मौका मिल सकता है। इस परीक्षा का नोटिफिकेशन सितंबर में जारी होने की उम्मीद है। ————————– ये खबर भी पढ़ें…. यूपी में बुजुर्ग महिलाओं के लिए आज से रोडवेज-यात्रा फ्री:योगी से महिला रोते हुए बोली- अब परिवार वालों के सहारे नहीं रहना पड़ेगा यूपी में 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं आज से रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। सीएम योगी ने बुधवार को ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ की शुरुआत की। उन्होंने बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। पढ़ें पूरी खबर…

भारत में नेपाल जैसी तबाही को उफन रहीं 88 झीलें:खतरे में 6 प्रदेश, आखिर ग्लेशियल लेक अचानक कैसे फट जाती हैं

भारत में नेपाल जैसी तबाही को उफन रहीं 88 झीलें:खतरे में 6 प्रदेश, आखिर ग्लेशियल लेक अचानक कैसे फट जाती हैं

26 सुबह करीब 9 बजे। ग्लेशियर से टूटकर गिरे बर्फ और चट्टानों ने भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ ला दी, जिससे नेपाल के रसुवा जिले में तबाही मच गई। गांव, सड़कें और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बह गए। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें भारत, अमेरिका और ब्रिटेन के टूरिस्ट भी शामिल हैं। करीब एक साल पहले, जुलाई 2025 में भी इसी इलाके में तिब्बत की एक ग्लेशियर झील तापमान बढ़ने से फट गई थी, जिसमें 9 लोगों की जान गई थी। ये एक पैटर्न-सा बनता जा रहा है, जिसकी जद में भारत के भी कई राज्य हैं। 5 गुना बढ़ गईं ग्लेशियर झीलें, खतरे में भारत के 6 प्रदेश IIT रोपड़ और सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने एक साझा स्टडी की। इसी महीने जारी रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 1990 में सिर्फ 107 ग्लेशियर झीलें थीं। 2024 तक यह संख्या बढ़कर 669 हो गई, यानी 525% की बढ़ोत्तरी। 669 में से 88 झीलों पर नेपाल जैसी ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ का खतरा मंडरा रहा है। 9 झीलों को ‘बेहद ज्यादा खतरनाक’, 18 को ‘ज्यादा खतरनाक’ और 26 को ‘मध्यम खतरनाक’ श्रेणी में रखा गया है। रिसर्चर्स ने दो झीलों पर खास मॉडलिंग की- ब्यास बेसिन की हिमसू झील और सतलुज बेसिन की एक बेनाम झील। अगर ब्यास झील का नेचुरल डैम टूट जाए, तो 1,385 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड की बाढ़ आएगी। यानी हर सेकेंड करीब 14 लाख लीटर पानी बहेगा। इससे हर सेकेंड ओलंपिक साइज के 6 स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं। इसी तरह सतलुज झील से 3,507 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड पानी का सैलाब आएगा। यानी हर सेकेंड करीब 35 लाख लीटर पानी बहेगा। इससे डैम और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत 588 इमारतों को खतरा है। हिमालय का बढ़ता तामपान इस खतरे को और बढ़ा रहा है। जुलाई 2026 में आई IIT खड़गपुर की एक स्टडी बताती है कि ऊंचाई वाले इलाकों का तापमान पिछले 20 सालों में करीब 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है। वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि इससे ग्लेशियर पिघलने और नदियों के बहाव में बड़ा बदलाव आ सकता है। ग्लेशियर झीलें अचानक कैसे फट जाती हैं? पहाड़ों पर ऊंचाई पर मौजूद ग्लेशियर जब पिघलते हैं, तो उनका पानी आसपास के निचले इलाके या किसी चट्टानी दीवार के सहारे इकट्ठा होने लगता है। ये धीरे-धीरे एक झील का रूप ले लेता है, जिसे ‘ग्लेशियल लेक’ कहते हैं। ये झील ग्लेशियर के सामने या उसकी निचली सतह पर भी बन सकती है। इन झीलों को बर्फ, पहाड़ का मलबा या चट्टान की एक नैचुरल दीवार यानी ‘डैम’ रोककर रखती है। जब ये दीवार किसी वजह से अचानक टूट जाती है, तो झील में जमा लाखों-करोड़ों क्यूबिक मीटर पानी बहुत तेज रफ्तार से बेकाबू होकर नीचे की तरफ बहता है। इसी को ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड, GLOF या ग्लेशियर की झील फटना कहते हैं। GLOF में पानी के बहाव की रफ्तार आम बारिश से आई बाढ़ के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है, जिससे यह रास्ते में आने वाली हर चीज को बहुत तेजी से काटती-छांटती और बहाती चली जाती है। ग्लेशियर झील 3 वजहों से फट सकती हैं… 1. ग्लोबल वॉर्मिंग से ग्लेशियर का तेजी से पिघलना 2. बर्फ या चट्टान का झील में गिरना भारी बारिश से झील का ओवरफ्लो होना GLOF की तबाही कैसे रोकी जा सकती है? नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, NDMA और नेशनल GLOF रिस्क मिटिगेशन प्रोग्राम के मुताबिक, क्या नेपाल की बाढ़ से भारत में फौरन कोई खतरा? इसलिए भोटेकोशी में अधिक पानी आने पर उसका पानी सुनकोशी और फिर कोसी नदी तंत्र में शामिल हो सकता है। इससे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और खगड़िया जिले काफी प्रभावित हो सकते हैं। 2008 में नेपाल के कुसहा में कोसी नदी का तटबंध टूट गया था। इसके बाद कोसी नदी अपने नए/प्राकृतिक रास्ते को छोड़कर सैकड़ों साल पुराने पूर्व की ओर वाले रास्ते पर बहने लगी। इससे अचानक नदी का रुख घनी आबादी और नए इलाकों की तरफ मुड़ गया, जिससे बिहार के 34 लाख से अधिक लोग बिना किसी पूर्व चेतावनी के भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए। हालांकि, इस बार रसुवा में लैंडस्लाइड, भूस्खलन या हिम झील टूटने से अचानक नदी में भारी मात्रा में पानी आ गया है। लेकिन नदी ने अपना रास्ता नहीं बदला है। वह अपने तय रास्ते पर बह रही है। इस कारण एक्सपर्ट तटबंध टूटने की संभावना व्यक्त नहीं कर रहे हैं। ————

Kriti Sanon Jewelry Ad Controversy

Kriti Sanon Jewelry Ad Controversy

8 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। अब इस मामले में कृति के जवाब के बाद नूपुर सेनन ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनकी पोस्ट री-शेयर की। नूपुर ने लिखा कि कृति उन्हें ही राखी बांधती हैं और जब उन्हें बहन के कपड़ों से कोई दिक्कत नहीं है, तो दूसरों को क्यों परेशानी हो रही है। ‘अपनी सोच को विकसित करें’ नूपुर सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कृति सेनन की पोस्ट री-शेयर करते हुए ट्रोलर्स पर निशाना साधा। नूपुर ने लिखा, “सोचिए, कोई दूसरी महिला क्या पहनती है, इस बात से लोग कितने परेशान हो सकते हैं। सम्मानपूर्वक अपनी सोच को विकसित (इवॉल्व) करें।” नूपुर ने आगे लिखा, “कृति जिसे राखी बांधती हैं, वह मैं हूं। जब मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है, तो आपको क्यों हो रही है?” लोगों ने इस एड पर त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाया। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। कृति सेनन का जववाब- संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं कृति सेनन ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। कृति ने कहा- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। ‘कॉकटेल 2’ में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। ‘कॉकटेल 2’ में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘कॉकटेल’ का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। नूपुर सेनन का बॉलीवुड करियर नूपुर सेनन भी बॉलीवुड में एक्टिव हैं। उन्होंने अक्षय कुमार के साथ हिट म्यूजिक वीडियो ‘फिलहाल’ से पहचान बनाई थी। इसके अलावा नूपुर ने फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ से अपना एक्टिंग डेब्यू किया है और वे कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी हैं। दोनों बहनें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बॉन्डिंग शेयर करती रहती हैं। ये खबर भी पढ़ें हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Kriti Sanon Jewelry Ad Controversy

Kriti Sanon Jewelry Ad Controversy

25 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। अब इस मामले में कृति के जवाब के बाद नूपुर सेनन ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनकी पोस्ट री-शेयर की। नूपुर ने लिखा कि कृति उन्हें ही राखी बांधती हैं और जब उन्हें बहन के कपड़ों से कोई दिक्कत नहीं है, तो दूसरों को क्यों परेशानी हो रही है। ‘अपनी सोच को विकसित करें’ नूपुर सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कृति सेनन की पोस्ट री-शेयर करते हुए ट्रोलर्स पर निशाना साधा। नूपुर ने लिखा, “सोचिए, कोई दूसरी महिला क्या पहनती है, इस बात से लोग कितने परेशान हो सकते हैं। सम्मानपूर्वक अपनी सोच को विकसित (इवॉल्व) करें।” नूपुर ने आगे लिखा, “कृति जिसे राखी बांधती हैं, वह मैं हूं। जब मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है, तो आपको क्यों हो रही है?” लोगों ने इस एड पर त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाया। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। कृति सेनन का जववाब- संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं कृति सेनन ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। कृति ने कहा- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। ‘कॉकटेल 2’ में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। ‘कॉकटेल 2’ में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘कॉकटेल’ का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। नूपुर सेनन का बॉलीवुड करियर नूपुर सेनन भी बॉलीवुड में एक्टिव हैं। उन्होंने अक्षय कुमार के साथ हिट म्यूजिक वीडियो ‘फिलहाल’ से पहचान बनाई थी। इसके अलावा नूपुर ने फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ से अपना एक्टिंग डेब्यू किया है और वे कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी हैं। दोनों बहनें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बॉन्डिंग शेयर करती रहती हैं। ये खबर भी पढ़ें हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

East Coast Railway Recruitment 2026

East Coast Railway Recruitment 2026

Hindi News Career East Coast Railway Recruitment 2026 | Bhubaneswar Vacancy Apply Online 14 मिनट पहले कॉपी लिंक ईस्ट कोस्ट रेलवे भर्ती सेल, भुवनेश्वर ने 1599 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं पास, संबंधित क्षेत्र में ITI की डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम 24 साल एससी/एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूबीडी : 10 साल की छूट फीस : एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला: नि:शुल्क अन्य : 100 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट बेसिस पर स्टाइपेंड : 10,000 – 18,200 रुपए प्रतिमाह जरूरी डॉक्यूमेंट्स : 10वीं की मार्कशीट बर्थ सर्टिफिकेट संबंधित ट्रेड की ITI की सभी सेमेस्टर की मार्कशीट NCVT/SCVT का ट्रेड सर्टिफिकेट या प्रोविजनल सर्टिफिकेट एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग का जाति प्रमाणपत्र ईडब्ल्यूएस वर्ग का आय और संपत्ति प्रमाणपत्र PwBD उम्मीदवारों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र पूर्व सैनिकों का डिस्चार्ज या सर्विस सर्टिफिकेट जहां लागू हो, फीस में छूट से संबंधित प्रमाणपत्र ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाएं। ECoR Apprentice Recruitment 2026-27 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद लॉग इन करें। फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ————————————————————– ये खबर भी पढ़ें बिहार में 32,388 टीचर्स की भर्ती निकली:राजस्थान में 24,752 वैकेंसी, देशभर में निकलीं 63 हजार नौकरियां; देखें हफ्ते की टॉप जॉब्स इस हफ्ते निकली हैं बिहार लोक सेवा आयोग और राजस्थान अर्बन डेवलपमेंट सहित कई विभागों में 63,525 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Nepal Flood Tragedy Photos; Rasuwa Timure Bazaar – Bhotekoshi Trishuli River

Nepal Flood Tragedy Photos; Rasuwa Timure Bazaar - Bhotekoshi Trishuli River

Hindi News National Nepal Flood Tragedy Photos; Rasuwa Timure Bazaar Bhotekoshi Trishuli River | Hydropower Project 1 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में बुधवार को तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। टिमुरे से त्रिशूली बाजार और बेत्रावती तक बाढ़ के पानी और मलबे ने घर, सड़कें और पुल तबाह कर दिए, जबकि एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बह गया। कई इलाकों में बाढ़ का मंजर ऐसा था कि हेलिपैड तक बह गया और रेस्क्यू हेलिकॉप्टर को बिना उतरे लौटना पड़ा। 11 फोटो-वीडियो में देखिए, नेपाल में बाढ़ से तबाही नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर तिब्बत के रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट पर CCTV कैमरे में बाढ़ का भयावह दृश्य कैद हुआ। यहीं से बाढ़ नेपाल में घुसे। अचानक आई बाढ़ की चपेट में तिब्बत-चीन बॉर्डर पर मौजूद ग्यिरोंग पोर्ट भी आया। यहां मौजूद दर्जनों लोग इसमें बह गए। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास 216 मेगावाट क्षमता वाला अपर त्रिशुली-1 जल विद्युत परियोजना का बांध पानी के तेज बहाव में टूट गया। बांध टूटने के बाद त्रिशूली बेसिन पर तेजी से पानी का बहाव आया। त्रिशुली बजार में तेज बहाव के साथ घुसा पानी अपने साथ सबकुछ बहा ले गया। नेपाल में रसुवा के तिमुरे में तिब्बती इलाके से आए बाढ़ से माल ढोने वाले वाहन, ट्रांसपोर्ट कारोबारी और कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। रसुवा से बाढ़ का पानी चितवन के नारायणघाट तक पहुंच गया है, यहां भगवान बुद्ध की मूर्ति तक पानी आ गया। बाढ़ में फंसे एक युवक ने अपनी टीशर्ट लहराकर इशारा किया तो सेना के हेलिकॉप्टर ने उसका रेस्क्यू किया। बाढ़ के तेज बहाव में लोगों के घरों का सामान बह गया। कई लोग उसे निकालने के लिए नदी में कूद गए। रसुवा जिले में पानी का बहाव थमने के बाद टूटे मकान और मलबे में दबी गाड़ियां दिखीं। नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ से तबाह हुए इलाकों का हवाई सर्वे किया। इसमें कई इलाकों में नुकसान दिखाई दिया। ————– ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में बाढ़ से तबाही, 8 मौतें, 384 लापता:इनमें 105 भारतीय, तिब्बत में ग्लेशियर झील फटने की आशंका; बिहार के 8 जिलों में अलर्ट तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ की चपेट में रसुवा का एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी आ गया और वह बह गया। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है। बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, 384 लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 291 विदेशी पर्यटक हैं जिसमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

जेन अल्फा स्टूडेंट्स रात 12 बजे तक धरने पर:ओपन स्कूल और प्राचार्य के विरोध में उतरे , स्कूल शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद हटे

जेन अल्फा स्टूडेंट्स रात 12 बजे तक धरने पर:ओपन स्कूल और प्राचार्य के विरोध में उतरे , स्कूल शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद हटे

दुर्ग जिले के पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में टीचर्स की कमी को लेकर 9-12वीं क्लास तक के बच्चे रात 12 बजे तक धरने पर बैठे रहे। करीब 400 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार दोपहर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ओपन स्कूल व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे स्टूडेंट्स ये स्टूडेंट्स अगले सेशन से स्कूल में चल रही ओपन स्कूल व्यवस्था खत्म करने को लेकर धरने पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि प्राचार्य को भी हटाया जाए। साथ ही शिक्षकों की कमी भी दूर की जाए। छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की थी। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स के शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र नाराज थे। विभाग ने कॉमर्स के एक शिक्षक की जल्द व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था होने तक प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे। 600 स्टूडेंट्स पर सिर्फ 6 शिक्षक दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के पेंड्रावन गांव में प्राथमिक, माध्यमिक, स्वामी आत्मानंद स्कूल, ओपन स्कूल और कॉलेज की कक्षाएं संचालित होती हैं। इस पूरे संस्थान में 600 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं, लेकिन यहां सिर्फ 6 शिक्षक पदस्थ थे। शिक्षकों की कमी के कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, जिससे स्टूडेंट्स और पेरेंट्स लंबे समय से परेशान थे। शुक्रवार को स्टूडेंट्स ने आंदोलन की चेतावनी दी थी शिक्षकों की मांग को लेकर स्टूडेंट्स और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को पहले ही चेतावनी दी थी। शुक्रवार को उन्होंने अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया था और कहा था कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सोमवार से बड़ा आंदोलन शुरू होगा। तय समय सीमा पूरी होने के बाद भी कोई हल नहीं निकला, जिसके चलते छात्रों और ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया। स्टूडेंट्स की मांगे मानी, ओपन स्कूल खत्म हुआ छात्रों के धरने के बाद SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक समेत कई अधिकारी पहुंचे और छात्रों की मांग मान ली। छात्रों की बात मानते हुए प्रशासन ने ओपन स्कूल व्यवस्था को खत्म कर दिया है। साथ ही 4 नए शिक्षकों को स्कूल में नियुक्त करने की मंजूरी दी है। अब स्कूल में कुल 7 शिक्षक होंगे। साथ ही नए प्राचार्य की भी नियुक्ति की गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के आश्वासन के बाद हटे छात्र अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया। धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने कहा कि वे 12 घंटे से धरने पर बैठे थे, इससे वे थक गए हैं और भूखे प्यासे भी हैं लेकिन उन्हें खुशी है कि उनकी मांग मान ली गई है।

जयपुर पहुंची 'मुन्ना माइकल' की एक्ट्रेस निधी अग्रवाल:एयरपोर्ट पर फैंस के साथ खिंचवाईं तस्वीरें, साउथ सिनेमा में एक्टिव हैं एक्ट्रेस

जयपुर पहुंची 'मुन्ना माइकल' की एक्ट्रेस निधी अग्रवाल:एयरपोर्ट पर फैंस के साथ खिंचवाईं तस्वीरें, साउथ सिनेमा में एक्टिव हैं एक्ट्रेस

बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकी अभिनेत्री निधि अग्रवाल बुधवार को जयपुर पहुंचीं। वह शहर में आयोजित एक इवेंट में शामिल होने के लिए आई हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही निधि का सामना कुछ ऐसे फैंस से हुआ, जो रामबाग पैलेस में होने वाली एक रॉयल वेडिंग में शामिल होने के लिए पहुंच रहे थे। फैंस ने निधि को देखते ही उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। निधि ने भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। उन्होंने बाउंसर्स से दूर होकर सभी के साथ तस्वीरें क्लिक कराईं। अचानक एयरपोर्ट पर मिले फैंस के साथ उनका यह सहज अंदाज लोगों को पसंद आया। इसके बाद निधि अपने कार्यक्रम के लिए रवाना हो गईं। साउथ सिनेमा में लगातार सक्रिय हैं निधि निधि अग्रवाल पिछले कुछ वर्षों में मुख्य रूप से तेलुगु और तमिल फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं। मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत करने वाली निधि ने फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अभिनय की शुरुआत हिंदी फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ (2017) से की थी। इस फिल्म में उन्होंने टाइगर श्रॉफ के साथ काम किया और अपने डांस और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद निधि ने तेलुगु सिनेमा का रुख किया और ‘सव्यसाची’ से तेलुगु फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद वह ‘मिस्टर मजनू’, ‘आईस्मार्ट शंकर’ और ‘हीरो’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। खासतौर पर आईस्मार्ट शंकर ने उन्हें साउथ इंडस्ट्री में काफी लोकप्रियता दिलाई। तमिल सिनेमा में भी बनाई पहचान निधि ने तमिल फिल्मों में भी काम किया है। वह अभिनेता उदयनिधि स्टालिन के साथ ‘कलगा थलाइवन’ में नजर आईं। इसके अलावा उनकी फिल्मोग्राफी में तमिल और तेलुगु सिनेमा के कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। निधि को फिल्मों के साथ-साथ उनके ग्लैमरस लुक और सोशल मीडिया प्रेजेंस के लिए भी जाना जाता है। मॉडलिंग बैकग्राउंड के कारण फैशन और स्टाइल के मामले में भी उनकी खास पहचान बनी हुई है। पवन कल्याण के साथ ‘हरि हर वीरा मल्लू’ को लेकर चर्चा में रहीं हाल के वर्षों में निधि की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘हरि हर वीरा मल्लू’ भी शामिल रही, जिसमें उन्होंने तेलुगु सुपरस्टार पवन कल्याण के साथ स्क्रीन शेयर की। इस बड़े प्रोजेक्ट के कारण निधि एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। निधि की लगातार बढ़ती सक्रियता बताती है कि वह अब केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। हिंदी फिल्मों से शुरुआत करने के बाद उन्होंने तेलुगु और तमिल सिनेमा में अपनी जगह बनाई है और अलग-अलग भाषाओं के प्रोजेक्ट्स में काम कर रही हैं।

जयपुर पहुंची 'मुन्ना माइकल' की एक्ट्रेस निधी अग्रवाल:एयरपोर्ट पर फैंस के साथ खिंचवाईं तस्वीरें, साउथ सिनेमा में एक्टिव हैं एक्ट्रेस

जयपुर पहुंची 'मुन्ना माइकल' की एक्ट्रेस निधी अग्रवाल:एयरपोर्ट पर फैंस के साथ खिंचवाईं तस्वीरें, साउथ सिनेमा में एक्टिव हैं एक्ट्रेस

बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकी अभिनेत्री निधि अग्रवाल बुधवार को जयपुर पहुंचीं। वह शहर में आयोजित एक इवेंट में शामिल होने के लिए आई हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही निधि का सामना कुछ ऐसे फैंस से हुआ, जो रामबाग पैलेस में होने वाली एक रॉयल वेडिंग में शामिल होने के लिए पहुंच रहे थे। फैंस ने निधि को देखते ही उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। निधि ने भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। उन्होंने बाउंसर्स से दूर होकर सभी के साथ तस्वीरें क्लिक कराईं। अचानक एयरपोर्ट पर मिले फैंस के साथ उनका यह सहज अंदाज लोगों को पसंद आया। इसके बाद निधि अपने कार्यक्रम के लिए रवाना हो गईं। साउथ सिनेमा में लगातार सक्रिय हैं निधि निधि अग्रवाल पिछले कुछ वर्षों में मुख्य रूप से तेलुगु और तमिल फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं। मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत करने वाली निधि ने फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अभिनय की शुरुआत हिंदी फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ (2017) से की थी। इस फिल्म में उन्होंने टाइगर श्रॉफ के साथ काम किया और अपने डांस और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद निधि ने तेलुगु सिनेमा का रुख किया और ‘सव्यसाची’ से तेलुगु फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद वह ‘मिस्टर मजनू’, ‘आईस्मार्ट शंकर’ और ‘हीरो’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। खासतौर पर आईस्मार्ट शंकर ने उन्हें साउथ इंडस्ट्री में काफी लोकप्रियता दिलाई। तमिल सिनेमा में भी बनाई पहचान निधि ने तमिल फिल्मों में भी काम किया है। वह अभिनेता उदयनिधि स्टालिन के साथ ‘कलगा थलाइवन’ में नजर आईं। इसके अलावा उनकी फिल्मोग्राफी में तमिल और तेलुगु सिनेमा के कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। निधि को फिल्मों के साथ-साथ उनके ग्लैमरस लुक और सोशल मीडिया प्रेजेंस के लिए भी जाना जाता है। मॉडलिंग बैकग्राउंड के कारण फैशन और स्टाइल के मामले में भी उनकी खास पहचान बनी हुई है। पवन कल्याण के साथ ‘हरि हर वीरा मल्लू’ को लेकर चर्चा में रहीं हाल के वर्षों में निधि की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘हरि हर वीरा मल्लू’ भी शामिल रही, जिसमें उन्होंने तेलुगु सुपरस्टार पवन कल्याण के साथ स्क्रीन शेयर की। इस बड़े प्रोजेक्ट के कारण निधि एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। निधि की लगातार बढ़ती सक्रियता बताती है कि वह अब केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। हिंदी फिल्मों से शुरुआत करने के बाद उन्होंने तेलुगु और तमिल सिनेमा में अपनी जगह बनाई है और अलग-अलग भाषाओं के प्रोजेक्ट्स में काम कर रही हैं।

Patna BPSC Protest | Child Aditya Kumar Demands Jobs Video Controversy

Patna BPSC Protest | Child Aditya Kumar Demands Jobs Video Controversy

Hindi News Career Patna BPSC Protest | Child Aditya Kumar Demands Jobs Video Controversy 3 मिनट पहले कॉपी लिंक 25 अगस्त 2026 को पटना में BPSC TRE-4 उम्मीदवारों के प्रदर्शन के दौरान 6 साल के बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है। इस बच्चे का नाम आदित्य कुमार है। वह पहली कक्षा का छात्र है। वीडियो में पुलिस उसे प्रदर्शन स्थल से ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल से जाने के पहले आदित्य ने माइक के सामने छात्रों के समर्थन में बात की। उसने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से युवाओं के लिए नौकरी देने की मांग उठाई। आदित्य ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की भी मांग की। मांगों को पूरा कराने के लिए लाठी खाने का तैयार आदित्य बच्चे ने एसपी से जवाब मांगते हुए कहा कि सिर में चोट लगने की घटना का आदेश किसने दिया था। उसने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। मीडिया से बात करते हुए आदित्य ने पूरे कान्फिडेंस के साथ कहा – इस प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को पूरा करने के लिए अगर उन्हें लाठी खाना पड़े तो वो भी खाएंगे। जेल जाना पड़े तो भी जाएंगे। सब किसान, नौजवानों से की प्रदर्शन में शामिल होने की बात उससे जब यह पूछा गया कि यहां प्रदर्शन कर रहे भैया लोगों की क्या मांग है तो उसने कहा – भैया लोगों की मांग है कि BPSC का पेपर लीक क्यों हुआ। वह आगे कहता है -अभी हम बच्चा है। जब बड़े होंगे तो हो सकता है सरकार हमारे एग्जाम का पेपर भी लीक करा दे। इसीलिए हम कहते हैं कि सब किसान, नौजवान लोग इस प्रदर्शन में आ जाइए। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस उसे ले गई आदित्य ने कहा कि हम डरेंगे क्यों? हम डरने वाले नहीं है। गोली भी चलेगा तो खाएंगे पर इस भ्रष्टाचारी सरकार को भगाएंगे। सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए इस मासूम बच्चे ने कहा – निकलो मकानों से, जंग लड़ो बेईमानों से। बाद में डाकबंगला चौराहे पर स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने उसे और उसकी मां को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। पहले भी प्रदर्शन में पहुंच चुका है आदित्य आदित्य पहली बार किसी आंदोलन में नजर नहीं आया है. पेपर लीक और सिवान में AK-47 मामले को लेकर तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च में भी वह शामिल हुआ था. इसके अलावा गर्दनीबाग में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बीच भी वह पहुंचा था. वहां उसने कहा था कि वह भी छात्र है और भविष्य में उसके साथ भी ऐसी समस्या हो सकती है. पटना के गर्दनी बाग में जारी है छात्रों का आंदोलन बिहार के पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक भर्ती (BPSC TRE 4.0) की मांग को लेकर छात्रों का ‘स्टूडेंट जस्टिस सत्याग्रह’ आंदोलन गर्दनीबाग धरना स्थल पर हो रहा है। उम्मीदवार ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। आंदोलन के बावजूद छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक TRE-4 समेत उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A लागू करने, बिहार में डोमिसाइल नीति प्रभावी करने और 70वीं BPSC परीक्षा निरस्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन कर रहे हैं। इस आंदोलन की शुरुआत में केवल शिक्षक भर्ती नोटिफिकेशन की मांग थी, जो अब बढ़कर 13 सूत्रीय मांगों में बदल चुकी है। इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। आंदोलन के चलते जारी हुआ भर्ती नोटिफिकेशन इस आंदोलन के चलते बिहार लोक सेवा आयोग ने पिछले दिनों शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का नोटिफिकेशन जारी किया था। TRE-4 के तहत कुल 32,388 पदों पर भर्ती की जाएगी। 1 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू होगा। आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी छात्रों का कहना कि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। आंदोलन के बावजूद छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक TRE-4 समेत उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। ————————————————————————— ये खबर भी पढ़ें कंप्यूटर पढ़ाने के बदले झाड़ू-पोछा कराते हैं टीचर:छात्रों ने लगाए नारे- प्रिंसिपल हटाओ; जांच में बिस्किट देकर छात्रों को भड़काने का आरोप 20 अगस्त को कन्नौज के गुगरापुर PMश्री कंपोजिट विद्यालय में जूनियर कक्षाओं के बच्चे स्कूल पहुंचे और स्कूल के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। बच्चों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना की कार को घेर लिया और नारेबाजी की। उन पर कई आरोप भी लगाए। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…