Wednesday, 14 Oct 2026 | 01:23 AM

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मोदी 4 साल बाद सेंट्रल एशिया के दौरे पर रवाना:पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे, फिर किर्गिस्तान में SCO समिट में हिस्सा लेंगे; जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात संभव

मोदी 4 साल बाद सेंट्रल एशिया के दौरे पर रवाना:पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे, फिर किर्गिस्तान में SCO समिट में हिस्सा लेंगे; जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात संभव

पीएम मोदी शनिवार सुबह दो देशों के लिए दिल्ली से रवाना हुए। उनका यह चार दिन का दौरा होगा। पहले वे उज्बेकिस्तान जाएंगे फिर किर्गिस्तान का दौरा करेंगे। पीएम चार साल बाद सेंट्रल एशिया के दौरे पर जा रहे हैं। वे किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26वीं समिट में भी हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई नेताओं के साथ मुलाकात कर सकते हैं। उज्बेकिस्तान दौरा: पीएम की द्विपक्षीय बातचीत, लाल बहादुर स्मारक भी जाएंगे मोदी 29-30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में रहेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका चौथा उज्बेकिस्तान दौरा होगा। ताशकंद में मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच बैठक होगी। इसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। बैठक में भारत के विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान-2030 विजन के तहत सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर भी बात होगी। मोदी ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी सेंटर का भी दौरा कर सकते हैं। किर्गिस्तान दौरा: मोदी SCO समिट में शामिल होंगे, जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। यहां वे SCO की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा; 4 पॉइंट 1. खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है। 2. ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। 3. नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है। 4. आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। उज्बेकिस्तान से जुड़ी 5 खास बातें 1. डबल-लैंडलॉक्ड देश उज्बेकिस्तान समुद्र से पूरी तरह कटा हुआ है। इसके सभी पड़ोसी देश भी लैंडलॉक्ड हैं। दुनिया में ऐसे देशों की संख्या बहुत कम है। 2. समरकंद का गौरवशाली इतिहास करीब 2700 साल पुराना समरकंद कभी सिल्क रूट का प्रमुख शहर था। एशिया और यूरोप के बीच व्यापार करने वाले यहां से गुजरते थे। 3. सोने का बड़ा उत्पादक उज्बेकिस्तान दुनिया का 10वां सबसे बड़ा सोने का उत्पादक देश है। यहां स्थित मुरुंतौ (Muruntau) दुनिया की सबसे बड़ी ओपन-पिट सोने की खदानों में से एक है। 4. बाबर की जन्मभूमि मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का जन्म 1483 में अंदीजान शहर में हुआ था। बाबर बाद में काबुल होते हुए भारत आया और 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई जीतकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी। प्रधानमंत्री मोदी के पिछले 3 उज्बेकिस्तान दौरे 2015: प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। इस दौरे में दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। 2016: मोदी ताशकंद में SCO समिट में शामिल हुए थे। इसी सम्मेलन के दौरान भारत को संगठन की पूर्ण सदस्यता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना। 2022: मोदी समरकंद में SCO समिट में शामिल हुए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से कहा था, ‘आज का युग युद्ध का नहीं है।’ उनका यह बयान दुनियाभर में चर्चा का विषय बना था। ———————————-

सैफ अली खान पर हमले के आरोपी ने जुर्म कबूला:शरीफुल इस्लाम ने कोर्ट से नरमी की अपील की, पेट में फंसा था चाकू का टुकड़ा

सैफ अली खान पर हमले के आरोपी ने जुर्म कबूला:शरीफुल इस्लाम ने कोर्ट से नरमी की अपील की, पेट में फंसा था चाकू का टुकड़ा

सैफ अली खान पर हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम ने अपना अपराध स्वीकार करने की अर्जी दायर की है। उसने अदालत से नरमी बरतने की अपील भी की है। उसके वकील विपुल दुशिंग ने इसकी पुष्टि की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अभियोजन पक्ष से जवाब दाखिल करने को कहा है और सुनवाई 11 सितंबर तक टाल दी है। 16 जनवरी 2025 की देर रात सैफ के घर में लूट की नीयत से घुसे शख्स ने उन पर हमला किया था। घटना के दो दिन बाद शरीफुल इस्लाम की गिरफ्तारी हुई थी, जो अब तक न्यायिक हिरासत में है। इस महीने की शुरुआत में एडिशनल सेशंस जज जीपी देशमुख ने शरीफुल इस्लाम पर आरोप तय किए थे। इसके साथ ही मामले में ट्रायल का रास्ता साफ हो गया। इस्लाम पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत घातक हथियार का इस्तेमाल करके लूटपाट, गंभीर चोट पहुंचाने और घर में जबरन घुसने के आरोप लगाए गए हैं। उस पर फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियमों की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच में सामने आया था कि शरीफुल इस्लाम बांग्लादेशी है, जो फर्जी डॉक्यूमेंट्स की मदद से गैरकानूनी ढंग से भारत में रह रहा है। हमले के बाद बेटे ने पूछा था- क्या आप मरने वाले हैं हाल ही में मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में सैफ ने हमले पर बात करते हुए कहा था, ‘मैं बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई। इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई।’ आगे सैफ ने कहा, ‘मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, ‘क्या आप मरने वाले हैं?’ मैंने कहा, ‘नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा’, उसने कहा, हां मैं चलूंगा।’ सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइज होने के बेहद करीब था।’ हमला करने वाले शख्स को माफ करना चाहते हैं सैफ इसी इंटरव्यू में सैफ ने कहा है कि वो हमला करने वाले शख्स को माफ करना चाहते हैं। सैफ ने कहा, “मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उसने बहुत बड़ी गलती की। मुझे नहीं लगता कि वह झगड़ा करना चाहता था। मैं उसे खुशी-खुशी माफ कर देता, लेकिन जिस तरह से उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भूल पाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा है। यह अमीर और गरीब का मामला है और इसी असमानता की वजह से ऐसा हुआ है।”

Nepal Flood Viral Video | House Survives Debris & Water; 3 Lives Saved

Nepal Flood Viral Video | House Survives Debris & Water; 3 Lives Saved

24 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बीच एक हरे रंग का घर पानी के तेज बहाव के बावजूद खड़ा रहा। आसपास का इलाका उफनते पानी में डूब गया और कई इमारतें व मलबा बहते दिखे। इस घर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि वीडियो नेपाल में कहां का है, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। घर की बालकनी में 3 लोग खड़े नजर आ रहे हैं। वे शांत दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कीचड़ भरा बाढ़ का पानी डरावनी रफ्तार से इलाके में बहता दिख रहा है। पानी अपने साथ इमारतों के ढांचे और मलबा बहा ले जा रहा है। हालांकि, चारों तरफ तेज पानी से घिरे रहने के बावजूद हरे रंग का यह घर काफी हद तक सुरक्षित नजर आया। बाढ़ और मलबे के बीच घर, तस्वीरें… घर के चारों तरफ तेजी से बहता मलबा दिखाई दे रहा है। पानी और मलबे का बहाव इतना तेज है कि आस-पास के कई घर और पेड़ तबाह हो गए हैं। बाढ़ और मलबे के बीच इमारत की बालकनी में तीन लोग खड़े नजर आ रहे हैं। मलबा और पानी शांत होने के बाद एक आदमी घर की छत पर टी-शर्ट लहराकर रेस्क्यू टीम को बुलाने की कोशिश कर रहा है। नेपाल में अब तक 579 मौतें नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ में 579 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 2500 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। शुक्रवार को पता चला कि इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लक्ष गोपिसेट्टी भी नेपाल गए थे। उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन की ओर करीब 400 भारतीय फंसे हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। भारत उनके सुरक्षित स्वदेश लौटने के लिए चीनी अधिकारियों के संपर्क में है। इसके अलावा 153 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… नेपाल विदेशी रेस्क्यू टीमों की मदद लेने को राजी:बाढ़ में 579 मौतें; 320 भारतीयों समेत करीब 2500 लापता नेपाल सरकार ने विदेशी रेस्क्यू टीमों और विशेषज्ञों की मदद लेने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने पहले विदेशी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को अनुमति नहीं देने की बात कही थी, लेकिन अब भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के एक्सपर्ट्स की सीमित मदद ली जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Nepal Flood Viral Video | House Survives Debris & Water; 3 Lives Saved

Nepal Flood Viral Video | House Survives Debris & Water; 3 Lives Saved

8 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बीच एक हरे रंग का घर पानी के तेज बहाव के बावजूद खड़ा रहा। आसपास का इलाका उफनते पानी में डूब गया और कई इमारतें व मलबा बहते दिखे। इस घर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि वीडियो नेपाल में कहां का है, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। घर की बालकनी में 3 लोग खड़े नजर आ रहे हैं। वे शांत दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कीचड़ भरा बाढ़ का पानी डरावनी रफ्तार से इलाके में बहता दिख रहा है। पानी अपने साथ इमारतों के ढांचे और मलबा बहा ले जा रहा है। हालांकि, चारों तरफ तेज पानी से घिरे रहने के बावजूद हरे रंग का यह घर काफी हद तक सुरक्षित नजर आया। बाढ़ और मलबे के बीच घर, तस्वीरें… घर के चारों तरफ तेजी से बहता मलबा दिखाई दे रहा है। पानी और मलबे का बहाव इतना तेज है कि आस-पास के कई घर और पेड़ तबाह हो गए हैं। बाढ़ और मलबे के बीच इमारत की बालकनी में तीन लोग खड़े नजर आ रहे हैं। मलबा और पानी शांत होने के बाद एक आदमी घर की छत पर टी-शर्ट लहराकर रेस्क्यू टीम को बुलाने की कोशिश कर रहा है। नेपाल में अब तक 579 मौतें नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ में 579 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 2500 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। शुक्रवार को पता चला कि इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लक्ष गोपिसेट्टी भी नेपाल गए थे। उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन की ओर करीब 400 भारतीय फंसे हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। भारत उनके सुरक्षित स्वदेश लौटने के लिए चीनी अधिकारियों के संपर्क में है। इसके अलावा 153 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… नेपाल विदेशी रेस्क्यू टीमों की मदद लेने को राजी:बाढ़ में 579 मौतें; 320 भारतीयों समेत करीब 2500 लापता नेपाल सरकार ने विदेशी रेस्क्यू टीमों और विशेषज्ञों की मदद लेने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने पहले विदेशी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को अनुमति नहीं देने की बात कही थी, लेकिन अब भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के एक्सपर्ट्स की सीमित मदद ली जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

RPSC Statistical Officer Exam | Rajasthan SO Recruitment Updates

RPSC Statistical Officer Exam | Rajasthan SO Recruitment Updates

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सांख्यिकी अधिकारी (सांख्यिकी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन 30 अगस्त को सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक किया जाएगा। . सांख्यिकी अधिकारी भर्ती-2025 के 113 पदों के लिए 10,021 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। ओएमआर शीट के पांचवें विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। एडमिट कार्ड के लिए आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक से एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा SSO पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन एप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। (ADMIT CARD अपलोड करने के लिए यहां करें क्लिक) एपीपी एग्जाम 2 सितंबर को; 30 अगस्त को होंगे एडमिट कार्ड अपलोड राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक अभियोजन अधिकारी {गृह (अभियोजन) विभाग} प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर को दोपहर 12 से 2 बजे तक किया जाएगा। 371 पदों के लिए 52,767 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा के लिए आवंटित परीक्षा जिला की जानकारी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश पत्र 30 अगस्त को आयोग की वेबसाइट और SSO पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। एक घंटे पहले मिलेगी एंट्री परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी कैंडिडेट्स को सेंटर पर एंट्री नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थी परीक्षा के दिन प्रत्येक परीक्षा सत्र में परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए नीयत समय से पर्याप्त समय पूर्व परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक रूप से उपस्थित हो जाएं, ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, जिसमें कलर और नई फोटो लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होंगे। साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नई कलर फोटो ही लगाएं। मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। किसी के बहकावे में नहीं आएं- आयोग आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने और अनुचित कृत्यों में शामिल होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दंडित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है।

NTA Paper Leak New Directors Appointment

NTA Paper Leak New Directors Appointment

Hindi News Career NTA Paper Leak New Directors Appointment | Norway Prince Harald V Death 8 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1.पीएम नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर उज्बेकिस्तान जाएंगे 29 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर उज्बेकिस्तान जाएंगे। इस यात्रा में पीएम मोदी ताशकंद पहुंचेंगे और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। ये प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। दोनों नेता ‘विकसित भारत 2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास लक्ष्यों पर विचार-विमर्श करेंगे। इस यात्रा के बाद उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद पीएम 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिज गणराज्य जाएंगे और बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी की ये चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा है और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत 2018 और 2019 में भारत आए थे। बिश्केक का पिछला 25वां SCO शिखर सम्मेलन चीन के तियानजिन में हिस्सा लेंगे निधन (DEATH) 2. नार्वे प्रिंस हेराल्ड V का निधन 28 अगस्त को नॉर्वे के प्रिंस हेराल्ड V का निधन हो गया। वे 89 साल के थे। प्रिंस हेराल्ड नॉर्वे के राजा और संवैधानिक राष्ट्राध्यक्ष थे। प्रिंस हेराल्ड के निधन के बाद ही उनके बेटे हाकोन देश के नए प्रिंस बन गए हैं। प्रिंस हेराल्ड के निधन के बाद ये बदलाव तुरंत लागू हो गया है और इसके लिए किसी राज्याभिषेक की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही इंग्रिड एलेक्जेंड्रा क्राउन प्रिंसेस और सिंहासन की उत्तराधिकारी बनीं। प्रिंस हेराल्ड 17 जनवरी 1991 से 28 अगस्त 2026 तक पद पर रहे और उन्होंने शासन किया। 1940 में जर्मनी द्वारा नॉर्वे पर आक्रमण के बाद शाही परिवार को देश छोड़ना पड़ा था। प्रिंस हेराल्ड एक कुशल नाविक (Sailor) थे और नौकायन में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। 1964 टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने नॉर्वे फ्लैग भी उठाया। उनकी टीम 1987 में विश्व चैंपियन बनी थी। प्रिंस हेराल्ड ने अपने बचपन का एक हिस्सा अमेरिका में बिताया। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा चेस टूर खिताब जीता 27 अगस्त को भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने 2026 ग्रैंड चेस टूर (GCT) का खिताब जीता। प्रज्ञानानंदा GCT का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय प्लेयर बन गए हैं। सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका के ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारूआना को 15-13 से हराया। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने 2 लाख डॉलर (लगभग ₹1.91 करोड़) की प्राइज मनी जीती। फाइनल मुकाबले के आखिरी दिन की शुरुआत में प्रज्ञानानंदा कारूआना से 6 पॉइंट पीछे चल रहे थे। हालांकि, उन्होंने दिन की शुरुआत में ही दोनों रैपिड गेम्स जीते। प्रज्ञानानंदा ने 15-13 के अंतिम स्कोर के साथ पहली बार ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम किया। 2027 ग्रैंड चेस टूर के लिए टॉप 3 खिलाड़ी ने डायरेक्ट क्वालिफाई किया है। इन 3 खिलाड़ियों में चैंपियन प्रज्ञानानंदा, रनर-अप फैबियानो कारूआना और तीसरे स्थान पर रहने वाले वेस्ली सो शामिल हैं। प्रज्ञानंद भारत के सबसे कम उम्र के सफल ग्रैंडमास्टर्स में से एक हैं। 2022 टूर्नामेंट के दौरान प्रज्ञानंद ने रैपिड फॉर्मेट में वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी हराया था। प्रज्ञानंद को 2022 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान अर्जुन अवार्ड दिया गया। प्रज्ञानंद ने FIDE सर्किट 2025 जीता और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 के लिए क्वालीफाई किया, इस रूट से क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बने। 2015 में हुई थी शुरुआत ग्रैंड चेस टूर दुनिया के बड़े शतरंज टूर्नामेंट की एक सीरीज है। इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। इसमें सालभर अलग-अलग शहरों में क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट में खेला जाता है। खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पॉइंट्स मिलते हैं और सीजन के आखिर में इन्हीं पॉइंट्स के आधार पर ग्रैंड चेस टूर फाइनल के लिए खिलाड़ियों का चयन होता है। प्रज्ञानंद 2025 में भारत के टॉप रेटेड चेस प्लेयर बने थे। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 4. NTA ने 2 डायरेक्टर एक जॉइंट डायरेक्टर अपॉइंट किया 27 अगस्त को केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में दो डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर अपॉइंट किये। IPS रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को डायरेक्टर बनाया गया है। 2016 बैच के IRS अधिकारी अमित सामदारिया जॉइंट डायरेक्टर होंगे। एलुरु के जिला कलेक्टर और विजयवाड़ा नगर निगम आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। रवि कुमार 2012 बैच के AGMUT कैडर के IPS अधिकारी हैं। रवि 2025 में दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ओफेन्स विंग (EOW) में DCP के पद पर थे। प्रसन्ना वेंकटेश वी 2012 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के IAS ऑफिसर हैं। IRS अधिकारी अमित सामदारिया 2016 बैच के ऑफिसर हैं। तीनों ऑफिसर आदेश जारी होने की तारीख से तीन हफ्ते के भीतर पद संभालेंगे और 5 सालों तक अपने पद पर रहेंगे NTA में अफसरों के बदलाव की शुरुआत नीट पेपर लीक मामले के बाद से हुई। 25 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले में NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था। आज का इतिहास 1612 में सूरत की लड़ई में अंग्रेजों के हाथ पुर्तगालियों को हार का सामना करना पड़ा। 1905 में ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ। उनकी जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1958 में मशहूर अमेरिकी पॉप स्टार माइकल जैक्सन का जन्म हुआ था। ——————— ये खबर भी पढ़ें.. 28 अगस्त के करेंट अफेयर्स:भारत ने नेपाल को दवा और राहत सामाग्री भेजी, मप्र में रक्षा मंत्री सिंह ने ₹450 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू किए आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा को धमकी, सॉन्ग हटाने को कहा:बोले-एक बाबा के चेलों को ज्यादा दिक्कत, ऐसे को तमाचे लगने चाहिए; कॉन्ट्रोवर्सी से ट्रेंडिंग में ‘तत्वदर्शी’

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा को धमकी, सॉन्ग हटाने को कहा:बोले-एक बाबा के चेलों को ज्यादा दिक्कत, ऐसे को तमाचे लगने चाहिए; कॉन्ट्रोवर्सी से ट्रेंडिंग में ‘तत्वदर्शी’

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर विवादों में आ गए है। इस बार मामला उनके नए सॉन्ग ‘तत्वदर्शी’ से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने पाखंडी बाबाओं और डेरों को निशाने पर लिया है। तीन दिन पहले सॉन्ग का ट्रैक जारी होते ही सिंगर को थ्रेट कॉल यानी धमकियां मिलनी शुरू हो गईं हैं। इसका खुलासा मासूम शर्मा ने शुक्रवार रात करीब 10 बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आकर किया। उन्होंने कहा- एक विशेषकर अपने आपको गुरु या परमात्मा बताने वाला व्यक्ति है। उसी के चेले कै ज्यादा तकलीफ हो रखी है कि हमारे खिलाफ बोल दिया। अगर आप सही हो और वो काम नहीं कर रखे, जो हमने गाने में बोल रखे हैं, तो परेशानी क्यूं। अभी तो फिल्मी बाबे जैसी चार एल्बम और आनी है, उससे बवाल मचेगा। सिंगर ने आगे कहा कि जब तक समाज में ये बुराइयां खत्म नहीं होगी, तब तक ये सामाजिक गाने करते रहेंगे। एक-दो प्रतिशत को ही बहुत ज्यादा तकलीफ हो रखी है। इसका अनुपात ज्यादा होता या लोग सुनते नहीं तो ये सॉन्ग यूट्यूब चार्ट्स की ट्रेडिंग लिस्ट में ऑल इंडिया में तीन नंबर पर नहीं आता। मासूम शर्मा यहीं नहीं रुके, बाबा का नाम लिए बिना कहा- इनको तमाचे लगने चाहिए। धर्मविरोधी बात करोगे तो आपके साथ ऐसा ही होना चाहिए। उधर, इसी बीच मासूम शर्मा के साथ हैरी लाठर भी वीडियो कॉल में जुड़े। उन्होंने कहा कि अब कर्मिशियल गाने कम और सामाजिक गाने ज्यादा करेंगे। अभी तो किसी का नाम नहीं लिया, वरना हम भी नाम लेकर कहना शुरू कर देंगे। भक्तों को पता तो चले, असलियत में चल क्या रहा है। पहले जानिए सॉन्ग ‘तत्वदर्शी’ की वे लाइनें, जिन पर छिड़ा विवाद… अब जानिए सिंगर मासूस शर्मा ने लाइव आकर क्या-क्या कहा… अंकित बालियान की मौत पर जताया दुख, कहा-हत्यारे जल्दी पकड़े जाएं मासूम शर्मा ने साथी कलाकार अंकित बालियान मर्डर केस में भी चुप्पी तोड़ी। कहा कि दो दिन पहले हमारे बहुत ही प्यारे साथी अंकित नहीं रहे। इस बात का पता चला तो दुख हुआ। एक दिन पहले ही हमने अपनी फिल्म अनाउंस की थी। बहुत सा काम हमने साथ किया हुआ था। बहुत से मेरे गाए हुए गाने में मॉडल के तौर पर अंकित ने काम कर रखा था। बोलचाल का अच्छा था। जिस तरह से गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है। मेरी मांग है कि उस पर सरकारों को अंकुश लगाना चाहिए। व्यापारी वर्ग हो या कलाकार, उनके पास धमकियां आती रहती है। अंकित भाई का जिन लोगों ने भी मर्डर किया है, उन्हें सरकार जल्दी पकड़े। सरकार इसका जल्दी समाधान करो। लाठर बोले- ऐसे वाहियात लोगों की भक्ति में ना उलझो इस बीच मासूम शर्मा के साथ हैरी लाठर के साथ वीडियो कॉल पर जुड़े। कहा कि एक ही बाबा को ज्यादा तकलीफ है और उनके ही फोन ज्यादा आ रहे हैं। अगर मुझे कोई गलत कहेगा, तो मैं भी गलत हूं। कुछ मानसिक गुलाम है, तो कुछ निजी स्वार्थ के लिए। अब कर्मिशियल गाने कम और सामाजिक गाने ज्यादा करेंगे। सामाजिक संस्थाओं को इसमें आगे आना चाहिए और पाखंडवाद को खत्म करना चाहिए। आगे कहा कि भक्ति करनी चाहिए वो गलत नहीं। ऐसे वाहियात लोगों की भक्ति में ना उलझे। इसके चेले खुद ही बता रहे हैं कि उनको टारगेट किया जा रहा है। अभी तो किसी का नाम नहीं लिया, वरना हम भी नाम लेकर कहना शुरू कर देंगे। भक्तों को पता तो चले, असलियत में चल क्या रहा है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर के नए सॉन्ग पर कंट्रोवर्सी:गीतकार हैरी लाठर बोले-गाना हटाने का प्रेशर; रामपाल समर्थकों का जवाबी सॉन्ग-70 मासूम हांडै हैं बदमाशी कल्चर वाले गानों के लिए कंट्रोवर्सी में रहे हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा फिर सुर्खियों में हैं। 26 अगस्त को मासूम ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर नए सॉन्ग ‘तत्वदर्शी’ का साढ़े 3 मिनट का ऑफिशियल ट्रैक जारी किया। जिसमें पाखंडी बाबाओं और डेरों को निशाने पर लिया है। पढ़िए पूरी खबर:::

नेपाल बाढ़- लापता लोगों का आंकड़ा 2400 पहुंचा:320 भारतीय, इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO का सुराग नहीं; अब तक 586 मौतें, 4451 का रेस्क्यू हुआ

नेपाल बाढ़- लापता लोगों का आंकड़ा 2400 पहुंचा:320 भारतीय, इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO का सुराग नहीं; अब तक 586 मौतें, 4451 का रेस्क्यू हुआ

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। शुक्रवार रात तक आंकड़ा 2400 के करीब पहुंच गया। जबकि अब तक 586 लोगों के शव मिले हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान में 15,431 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। अब तक 4,451 लोगों को बचाया जा चुका है। सेना और निजी प्राइवेट कंपनियों के 16 हेलिकॉप्टरों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ के बाद 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है। करीब 400 भारतीय चीन में फंसे हैं और भारतीय दूतावास उनके संपर्क में है। इसके अलावा 149 भारतीय चीन से नेपाल पहुंच चुके हैं। इस बीच इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लैक्स गोपिसेट्टी भी लापता बताए जा रहे हैं। कंपनी ने शुक्रवार रात बताया कि गोपिसेट्टी निजी काम से नेपाल गए थे। लेकिन बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। इधर, नेपाल दूसरे देशों के रेस्क्यू टीमों से मदद लेने के लिए तैयार हो गया है। नेपाल ने प्रभावित इलाकों में यातायात बहाल करने के लिए भारत और चीन से 70 मीटर लंबे 10 बेली ब्रिज की मदद भी मांगी है। PM बालेन ने बताया कि अब तक प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 190 करोड़ नेपाली रुपए से ज्यादा जमा हुए हैं। प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपनी एक महीने की सैलरी भी राहत कोष में देने का फैसला किया है। सैटेलाइट तस्वीरों में बाढ़ से पहले और बाद का मंजर … तबाही के बाद की 5 तस्वीरें… खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

नेपाल बाढ़- लापता लोगों का आंकड़ा 2400 पहुंचा:320 भारतीय, इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO का सुराग नहीं; अब तक 586 मौतें, 4451 का रेस्क्यू हुआ

नेपाल बाढ़- लापता लोगों का आंकड़ा 2400 पहुंचा:320 भारतीय, इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO का सुराग नहीं; अब तक 586 मौतें, 4451 का रेस्क्यू हुआ

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। शुक्रवार रात तक आंकड़ा 2400 के करीब पहुंच गया। जबकि अब तक 586 लोगों के शव मिले हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान में 15,431 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। अब तक 4,451 लोगों को बचाया जा चुका है। सेना और निजी प्राइवेट कंपनियों के 16 हेलिकॉप्टरों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ के बाद 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है। करीब 400 भारतीय चीन में फंसे हैं और भारतीय दूतावास उनके संपर्क में है। इसके अलावा 149 भारतीय चीन से नेपाल पहुंच चुके हैं। इस बीच इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लैक्स गोपिसेट्टी भी लापता बताए जा रहे हैं। कंपनी ने शुक्रवार रात बताया कि गोपिसेट्टी निजी काम से नेपाल गए थे। लेकिन बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। इधर, नेपाल दूसरे देशों के रेस्क्यू टीमों से मदद लेने के लिए तैयार हो गया है। नेपाल ने प्रभावित इलाकों में यातायात बहाल करने के लिए भारत और चीन से 70 मीटर लंबे 10 बेली ब्रिज की मदद भी मांगी है। PM बालेन ने बताया कि अब तक प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 190 करोड़ नेपाली रुपए से ज्यादा जमा हुए हैं। प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपनी एक महीने की सैलरी भी राहत कोष में देने का फैसला किया है।

‘आंखों के सामने कार बही, लगा अब हमारी बारी है’:लोग बोले- जिस पुल से आए, वो डूब गया; नेपाल से रेस्क्यू 106 भारतीयों की आपबीती

‘आंखों के सामने कार बही, लगा अब हमारी बारी है’:लोग बोले- जिस पुल से आए, वो डूब गया; नेपाल से रेस्क्यू 106 भारतीयों की आपबीती

‘काठमांडू से निकलते ही हमें अंदाजा हो गया था कि हालात बेहद खतरनाक हो चुके हैं। पानी का फ्लो अचानक तेजी से बढ़ गया था। हमारी गाड़ी से करीब 500 मीटर की दूरी पर देखते ही देखते एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। उस मंजर को देखकर हम लोग घबरा गए थे।’ उस वक्त लगा कि अब हम लोगों की बारी है। हमारी गाड़ी भी पानी में बह सकती है। हमें उम्मीद नहीं थी कि हम जिंदा बचकर यहां तक पहुंच पाएंगे। भगवान और बिहार सरकार ने ही हमारी जान बचाई है।’ नेपाल से रेस्क्यू किए गए भारतीयों ने ये बातें बताईं। 106 लोगों को शुक्रवार शाम बिहार सरकार की मदद से सुरक्षित सीतामढ़ी लाया गया। इसके बाद इन्हें बस की मदद से देर रात पटना भेजा गया। वहां से ट्रेन की मदद से सुरक्षित उनके राज्य महाराष्ट्र भेजा गया। नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत और 2500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें बिहार के भी कई लोग शामिल हैं। नेपाल से बिहार लौटे भारतीयों ने क्या बताया? दो दिन उन्होंने किन हालात में गुजारे? अपनी आंखों के सामने उन्होंने क्या-क्या देखा? अब भी उनके मन में किस बात का डर है? पढ़िए नेपाल की आंखों देखी… नेपाल से सही सलामत लोग सीतामढ़ी पहुंचे, 3 फोटोज… ‘बचने की उम्मीद छोड़ चुके थे’ नेपाल घूमने और पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए गए महाराष्ट्र के करीब 106 यात्रियों का ग्रुप काठमांडू से भारत लौट आया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि ये दो दिन उनकी जिंदगी के सबसे खौफनाक पलों में बदल जाएंगे। जब वे काठमांडू से बिहार आ रहे थे तो रास्ते में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया था। सड़कें टूट चुकी थीं। नदियां उफान पर थीं। जिस पुल को पार कर वे बिहार की सीमा में दाखिल हुए, उसका आधे से ज्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ था। हालांकि, बिहार प्रशासन की मदद से सभी लोग सुरक्षित बचाए लिए गए। इस बीच दैनिक भास्कर की टीम ने सभी सुरक्षित भारतीयों से बात की। नागपुर के रहने वाले योगेश गावंडे ने बताया, ‘नेपाल से बिहार में प्रवेश करने के लिए जिस पुल को हमने पार किया, उस समय उसका आधे से ज्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ था। पानी लगातार बढ़ रहा था और बहाव बेहद तेज था। डर के बीच हम लोगों ने किसी तरह पुल पार किया, लेकिन इसके करीब आधे घंटे बाद हमें खबर मिली की पानी का लेवल और बढ़ गया है। जिस पुल को हमने क्रॉस किया, वो पूरी तरह डूब चुका है।’ योगेश ने ये भी कहा कि जब हम नेपाल में फंसे थे, तब सच में लग रहा था कि हम बचेंगे भी या नहीं। सुरक्षित निकल पाएंगे, इसकी कोई उम्मीद नहीं थी। अगर कुछ देर वहां और रुकते तो शायद ही आज जिंदा होते। भारत सरकार ने हमारा बहुत साथ दिया। सरकार ने हमें वहां से सुरक्षित निकाला, इंडिया लाए और फिर हमारे घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके लिए बिहार के CM सम्राट चौधरी का बहुत-बहुत धन्यवाद। ‘महाराष्ट्र और बिहार अलग-अलग नहीं, हम सब भारतीय हैं’ योगेश ने कहा, बिहार प्रशासन और यहां के लोगों के व्यवहार से हमें बहुत अच्छा लगा। हम सभी भारतीय हैं। ऐसा नहीं है कि महाराष्ट्र अलग है और बिहार अलग। हम सब एक ही देश के हैं। आज यहां आकर यह बात और ज्यादा महसूस हो रही है कि मुश्किल वक्त में पूरा भारत एक साथ खड़ा होता है। हम लोगों का ग्रुप 19 अगस्त को महाराष्ट्र से नेपाल पहुंचा था। सबसे पहले हम लोग पोखरा गए, वहां से मुक्तिनाथ और फिर काठमांडू पहुंचे थे। इसी दौरान ग्लेशियर से आई तबाही और बाढ़ के कारण कई रास्ते पूरी तरह टूट गए और बंद हो गए। इसके चलते हमलोग भारत वापस नहीं आ पा रहे थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से तत्काल मदद की गई और नेपाल से भारत तक पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्था कराई गई। ’50 सीटर बस पहाड़ में फंसी, छोटी गाड़ियों से निकाला’ पुणे निवासी नारायण रेशमा बाजपेयी ने बताया, हम लोगों का ग्रुप करीब 50 सीटर बस से नेपाल गया था। शुरुआत के 7-8 दिन यात्रा सामान्य रही, लेकिन वापसी के समय रास्ते बंद होने लगे। 50 सीटर बस के लिए पहाड़ी और टूटे हुए रास्तों से आगे बढ़ना संभव नहीं था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मदद मांगी गई। छोटी गाड़ियों की व्यवस्था की गई। इन्हीं छोटी गाड़ियों से यात्रियों को आगे निकाला गया। जिस जगह बाद में सबसे ज्यादा तबाही हुई, उसी जगह से हम लोग एक दिन पहले ही निकल चुके थे। इस वजह से हमने तबाही का सबसे भयानक रूप सामने से नहीं देखा, लेकिन वापसी के दौरान रास्तों की हालत देखकर हमें खतरे का अंदाजा हो गया था। काठमांडू में दो दिनों तक बिना खाए रहे लोग आशा पांडे ने बताया, हमलोग 2 दिनों से बहुत ही मुश्किल में थे। भूखे-प्यासे सिर्फ जान की परवाह कर रहे थे। समझ में नहीं आ रहा था कि कब और कैसे इस भयानक तबाही से निकल पाएंगे।’ एक अन्य यात्री सरला ने बताया, ‘नेपाल से निकलकर जब हम लोग भारतीय सीमा तक पहुंचे तो यहां प्रशासन और स्थानीय लोगों ने हमारी काफी मदद की। हमें बॉर्डर से आगे लाने, गाड़ी तक पहुंचाने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई। प्रशासन की ओर से पहले नाश्ता और भोजन कराया गया। रहने की भी व्यवस्था की गई। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘आज राखी का दिन है और ऐसा लग रहा है कि हमें यहां भाई मिल गए। हमारी बहुत बड़ी मदद हुई है। जिस तरह से प्रशासन और लोगों ने हमारा साथ दिया, वह हम कभी नहीं भूलेंगे।’ सरला की मौसेरी बहन निर्मला पांडे ने बताया, हम लोग नेपाल घूमने गए थे, लेकिन अचानक आई बाढ़ के कारण वहां फंस गए। इस बीच मेरी मां की तबीयत बिगड़ गई। नेपाल के हालात को देखकर वे घबरा गईं और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। फिलहाल, उनका इलाज नेपाल के काठमांडू के एक अस्पताल में चल रहा है। वहां की सरकार और मेरा भाई उनका ध्यान रख रहे हैं।’ ये सभी उत्तर प्रदेश