Delhi Playschool Assault Video; 3 Year Old Child Harassment

Hindi News Career Delhi Playschool Assault Video; 3 Year Old Child Harassment | POCSO Safety Rules 16 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित एक प्लेस्कूल में तीन साल के बच्चे को कुर्सी से बांधकर कथित तौर पर बेरहमी से पीटने का एक वीडियो सामने आया है। बच्चे के पेरेंट्स के मुताबिक, बच्चे को थप्पड़ मारे गए, लात मारी गई और कई घंटों तक एप्रन से कुर्सी पर बांधकर रखा गया। तीन दिन की फुटेज में दिखी बच्चे के साथ मारपीट पुलिस और बच्चे के पिता के मुताबिक, 16, 17 और 18 अगस्त की CCTV फुटेज में बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटनाएं दिखीं। पिता के मुताबिक, 18 अगस्त को बच्चे को सुबह करीब 9:45 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कुर्सी से बांधकर रखा गया था। एक दिन पहले भी उसे अलग ले जाकर थप्पड़ मारने और कुर्सी से बांधने का आरोप है। बच्चे के व्यवहार में बदलाव और शरीर पर चोट के निशान पुलिस के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत से बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिख रहा था। वह स्कूल जाने और यहां तक कि वॉशरूम जाने से भी डरने लगा था। वह परेशान रहता था और रात में लगातार रोता था। माता-पिता ने उसके चेहरे और हाथों पर चोट के निशान भी देखे। इसके बाद वे उसे डॉक्टर के पास ले गए। जांच में उसके कानों की दोनों नलियों में सूजन समेत शारीरिक चोट के संकेत मिले। 18 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद बच्चे ने कान में दर्द की शिकायत की और उसे उल्टी भी हुई। परिवार उसे ENT डॉक्टर के पास ले गया। डॉक्टर ने कान में चोट देखकर माता-पिता से पूछा कि क्या बच्चे को मारा गया है। यह देखकर परिवार हैरान रह गया। महिला अटेंडेर को गिरफ्तार किया मामले में पुलिस ने 35 वर्षीय महिला अटेंडेर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ये घटना इसी महीने की शुरुआत में हुई थी। सीसीटीवी से मारपीट का खुलासा हुआ है। बच्चे के पिता की शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस ने स्कूल पहुंचकर CCTV रिकॉर्डर जब्त किया और FIR दर्ज कर ली है। दो अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। CCTV दिखाने के लिए स्कूल ने पैसे मांगे पिता ने 25 अगस्त को स्कूल प्रशासन से कक्षा की CCTV फुटेज मांगी। आरोप है कि स्कूल स्टाफ ने पहले तकनीकी खराबी का हवाला देकर फुटेज दिखाने में देरी की। अगले दिन कथित तौर पर स्कूल ने CCTV फुटेज दिखाने के लिए 1,500 रुपए मांगे। पैसे देने के बाद माता-पिता को फुटेज देखने दी गई। पुलिस और पिता के मुताबिक, फुटेज में बच्चे के साथ कथित मारपीट दिखाई दी। स्कूल ने बच्चे के व्यवहार को बताया वजह पुलिस के मुताबिक, स्कूल के कर्मचारियों ने बच्चे के व्यवहार को लेकर सफाई देने की कोशिश की। उनका आरोप था कि बच्चा दूसरे बच्चों को मारता था और कुर्सियां फेंकता था। पिता ने कहा कि उनका बेटा स्पीच थेरेपी ले रहा है। स्कूल ने करीब तीन महीने पहले भी उसके व्यवहार की शिकायत की थी। पिता का कहना है कि अब उन्हें समझ आ रहा है कि बच्चा कुर्सी क्यों फेंक रहा था- क्योंकि उसे खुद कुर्सी से बांधा जा रहा था। माता-पिता को यौन उत्पीड़न का भी शक बच्चे के माता-पिता ने उसके साथ गलत तरीके से छूने या यौन उत्पीड़न की भी आशंका जताई है। पिता का कहना है कि बच्चा शारीरिक रूप से छुए जाने से डरने लगा है। परिवार ने इस मामले में आगे की जांच की मांग की है। बच्चा करीब डेढ़ साल से इस स्कूल में जा रहा था। परिवार के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत से ही वह चिड़चिड़ा और स्कूल जाने से डरा हुआ नजर आ रहा था। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के साथ POCSO एक्ट की धारा 12 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और 82 के तहत मामला दर्ज किया है। बच्चे को मेडिकल जांच के लिए GTB अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल दस्तावेजों में उसके चेहरे और हाथों पर खरोंच और चोट के निशान दर्ज हैं। परिवार अब बच्चे को इस घटना के मानसिक असर से उबरने में मदद के लिए थेरेपी दिलाने की तैयारी कर रहा है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें.. झोपड़ी में चल रहा था सरकारी स्कूल:DM अचानक पहुंचे तो छप्पर के नीचे जमीन पर बैठे मिले छात्र बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी गांव में प्राथमिक विद्यालय एक झोपड़ी में चल रहा रहा था। हाल ही के दिनों में इस स्कूल की एक तस्वीर भी सामने आई थी। दरअसल ये स्कूल बेनीपट्टी प्रखंड की अड़ेर दक्षिणी पंचायत का प्राथमिक विद्यालय है, जिसकी बिल्डिंग का काम चल रहा है और बच्चे छप्पर में पढ़ रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.. 2- हिमाचल प्रदेश में एडमिशन फॉर्म में जाति का कॉलम हटेगा:सरकारी स्कूलों में जातिगत भेदभाव खत्म करने की पहल, सेशन 2027-28 से लागू 27 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने अगले सेशन 2027-28 से स्कूलों में एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटा दिया जाए। सीएम सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड (HPSCWB) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जाति कॉलम हटाने की बात कही। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Neem Karoli Baba Story; Hanuman Ansh Box Office Collection Record Reason

नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ ने 24वें दिन 12.75 करोड़ रुपए कमाए हैं। 7 अगस्त को रिलीज के दिन फिल्म 10 लाख रुपए ही जुटा सकी थी। यानी प्रति दिन की कमाई में 12,600% का उछाल आया। पिछले कुछ घंटों की टिकट बुकिंग में ‘हनुमान अंश’ ने सुपरस्टार यश की ‘ट . दो हफ्ते तक खाली पड़ी कुर्सियां, ज्यादातर स्क्रीन्स से उतर चुकी ‘हनुमान अंश’ अचानक कमाई के रिकॉर्ड कैसे बनाने लगी, कौन हैं बाबा नीम करोली; आज के एक्सप्लेनर में पूरी कहानी… एक संपन्न घर का 11 साल का लड़का। बचपन में मां का निधन हो गया। किसी ने बता दिया कि वो राम के पास चली गईं। अब उस लड़के को राम के पास जाने की धुन सवार हो गई। उसने घर छोड़ दिया। पूरा भारत घूमा, तपस्या की। आखिरकार ज्ञान मिला। उन्होंने कई लीलाएं-चमत्कार किए और नीम करोली बाबा के नाम से जाने गए। ‘हनुमान अंश’ फिल्म की स्टोरी लाइन पढ़कर आपको कुछ अनोखा नहीं लगा होगा। फिल्म में न कोई बड़ा स्टार है और न ही बड़ा बजट। फिल्म कब रिलीज हुई और दो हफ्ते गुजर गए, शायद ही आपको पता चला हो। लेकिन तीसरे हफ्ते से रफ्तार पकड़ने और कमाई के रिकॉर्ड बनाने के पीछे एक्सपर्ट्स 3 बड़ी वजहें मानते हैं… 1. ‘वर्ड ऑफ माउथ’ से दर्शक बढ़े, स्क्रीन्स भी 20 गुना बढ़ा दी गईं फिल्म का कुल बजट 2 करोड़ से कम है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म पूरी होने के बाद प्रमोशन के लिए पैसा ही नहीं बचा था। बिना किसी Buzz के फिल्म रिलीज कर दी गई। फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, ‘शुरुआत में फिल्म ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंची। लेकिन जो लोग फिल्म देखने गए, उन्होंने दूसरों से तारीफ की। सोशल मीडिया पर लोग सीधे अपने रिव्यू, फिल्म का अनुभव और मूवी क्लिप्स शेयर करने लगे। इससे Buzz बना और धीरे-धीरे फिल्म के दर्शन बढ़ने लगे।’ जैसे-जैसे दर्शक बढ़े, स्क्रीन्स की संख्या बढ़ती गई और कमाई भी। तरण आदर्श बताते हैं रिलीज के पहले हफ्ते में फिल्म के सिर्फ 355 शोज दिखाए गए थे। दूसरे हफ्ते की शुरुआत में तो सिर्फ 29 शो दिखाए। तीसरे हफ्ते में शो बढ़ने लगे और अब फिल्म देशभर के 5363 स्क्रीन्स पर है। 5 दिन पहले आई टॉक्सिक के शो 24 हजार से घटकर 16 हजार रह गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग हनुमान अंश फिल्म के ये सीन शेयर कर रहे हैं। 2. ‘टॉक्सिक’ की वजह से ‘हनुमान अंश’ का इनडायरेक्ट प्रमोशन हुआ 28 से 30 अगस्त के बीच रक्षाबंधन का त्योहार और आगे लॉन्ग वीकेंड आ गया। लोगों के सामने दो प्रमुख फिल्मों के विकल्प थे- टॉक्सिक और हनुमान अंश। हनुमान अंश ‘U’ रेटेड फिल्म है, यानी इसे हर उम्र के लोग परिवार के साथ देख सकते हैं। दूसरी तरफ टॉक्सिक ‘A’ रेटेड है, यानी सिर्फ 18 साल से ज्यादा उम्र के लोग इसे देख सकते हैं। इसमें हद से ज्यादा हिंसा और सेक्शुअलिटी के दृश्य हैं। फेस्टिव सीजन में परिवार के साथ फिल्म देखने गए लोगों के लिए हनुमान अंश स्वाभाविक विकल्प बन गई। टॉक्सिक को मिले नेगेटिव रिव्यू के चलते हनुमान अंश को ज्यादा स्क्रीन्स दी जाने लगीं। बुक माय शो पर लोग टॉक्सिक से ज्यादा हनुमान अंश की टिकट बुक कर रहे हैं। डेटा 31 अगस्त सुबह 11 बजे का है। 3. धार्मिक फिल्मों का दौर लौट रहा, समाज में ऐसा माहौल बना फिल्म क्रिटिक दीपक दुआ कहते हैं, ‘कुछ सालों पहले ऐसा लगने लगा था कि भारत में धार्मिक फिल्में नहीं चलती। लेकिन अब फिर से धर्म और राष्ट्र से जुड़ी फिल्मों का कंजप्शन बढ़ रहा है।’ राष्ट्रवाद से ओत-प्रोत धुरंधर फिल्म ने रिकॉर्ड कमाई की। करीब 4 हजार करोड़ रुपए के बजट वाली रणबीर कपूर स्टारर रामायण फिल्म बन रही है। समाज में भजन क्लबिंग जैसी चीजें सामने आ रही हैं। दीपक दुआ के मुताबिक, ‘सिनेमा की नजर से ‘हनुमान अंश’ फिल्म बहुत बढ़िया नहीं बनी, लेकिन दर्शकों के लिए ये जड़ों से जोड़ने वाली फिल्म है। फिल्म की कमाई सिर्फ क्राफ्ट पर नहीं, बल्कि दर्शकों की भावनात्मक जुड़ाव पर टिकी है।’ फिल्म देखने जा रहे लोगों की भक्ति ऐसी है कि कई लोग फिल्म देखते हुए चप्पल-जूते उतार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक लड़की का वीडियो वारयर है, जो हनुमान अंश की टिकट न मिलने पर रोने लगी। मुंबई के फन रिपब्लिक मॉल में जब फिल्म नीम करोली बाबा के आश्रम के असली वीडियो चलाए गए, तो दर्शक हाथ जोड़कर खड़े हो गए। कई दर्शक फिल्म देखते हुए रोने भी लगे। इसके अलावा ‘हनुमान अंश’ के दो गाने रील्स में वायरल हो गए। गाने के जरिए लोगों ने फिल्म को डिस्कवर किया। ‘मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई’ एक लोक भजन है। इसे बुंदेलखंड के गायक सुनील लोधी ने गाया है। साधु तिवारी के गाए पार्वती गाने को भी खूब पसंद किया गया। हालांकि सारे लॉजिक लगाने के बाद भी, हनुमान अंश की सक्सेस नीम करोली बाबा का चमत्कार जैसा लगती है। नीम करोली बाबा 20वीं सदी के एक हिंदू संत थे। उत्तराखंड के नैनीताल में उनका प्रसिद्ध आश्रम- कैंची धाम है। उनकी कहानी शुरू होती है उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से… साल 1900, अकबरपुर (अब फिरोजाबाद) में दुर्गाप्रसाद शर्मा और कौशल्या देवी के घर एक बेटे का जन्म हुआ। नाम- लक्ष्मण नारायण शर्मा। 8-9 साल की उम्र में ही लक्ष्मण की की मां का निधन हो गया। 11 साल की उम्र में घरवालों ने शादी करवा दी। 12 साल की उम्र में घर छोड़ दिया और हनुमान जी की भक्ति में लग गए। 10-12 साल संन्यासियों का जीवन बिताने के बाद, पिता के कहने पर लक्ष्मण नारायण घर आए। पत्नी के साथ गृहस्थ जीवन बिताया। तीन बच्चे हुए, लेकिन मन भक्ति में लगा रहा। आखिरकार दोबारा घर छोड़ दिया। सबसे पहले राजस्थान गए, फिर गुजरात। राजकोट के एक मंदिर के प्रमुख ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी बना दिया, लेकिन बाकी भक्त इससे नाराज हो गए। विवाद न बढ़े इसलिए राजकोट छोड़ मोरबी चले गए। नीम करोली बाबा की युवावस्था की तस्वीर। जब वे मोरबी आए, तो तालाब के पास रोज ध्यान लगाते। लोग उन्हें तलैया बाबा कहने लगे। कुछ
NEET UG 2027 Reforms | Nandan Nilekani Task Force Seeks Public Suggestions

Hindi News Career NEET UG 2027 Reforms | Nandan Nilekani Task Force Seeks Public Suggestions 19 मिनट पहले कॉपी लिंक NEET UG 2026 में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के चलते 2027 में जो बदलाव किए जा रहे हैं, उनमें हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन भी है। इसके अध्यक्ष नंदन नीलेकणि हैं। टास्क फोर्स ने अब आम लोगों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगना शुरू कर दिया है। केंद्र ने इसके लिए सुझाव देने की आखिरी तारीख 13 सितंबर 2026 रखी है। इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि इस हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। वे केवल NEET नहीं, बल्कि NTA समेत देश की प्रमुख परीक्षाओं की सुरक्षा, डिजाइन, संचालन और गवर्नेंस में सुधार के लिए लोगों से सुझाव मांग रहे हैं। साल में 4 बार टेस्ट से 90% समस्याओं का समाधान इन्हीं सुझावों के चलते शिक्षाविद और बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल का कहना है कि अगर उम्मीदवार को एक से डेढ़ साल में 4 बार एंट्रेंस टेस्ट में बैठने का मौका मिले और उसके बेस्ट स्कोर को माना जाए तो 90% तक समस्याओं का समाधान हो सकता है। डॉ. मित्तल ने कहा कि वह उच्च स्तरीय समिति से मिलने का समय मांगेंगे और कमेटी के सामने अपनी बात रखेंगे। उनका कहना है कि NEET UG के लिए छात्र 10वीं के बाद या कुछ तो पहले से ही तैयारी करने लग जाते हैं। इतनी मेहनत के बाद उनका एडमिशन केवल एक दिन में तीन घंटे की परीक्षा पर निर्भर करता है। ये छात्र के मानसिक तनाव का सबसे बड़ा कारण है क्योंकि उसे लगता है कि अगर उस दिन वह बेहतर नहीं कर पाया तो करियर खत्म हो जाएगा। इसी चीज का फायदा एग्जाम में गड़बड़ी करने वाले लोग भी उठाते हैं। अगर NEET UG देने का मौका साल में चार बार मिले तो उससे साल में एक बार होने वाली एग्जाम पर निर्भरता कम होगी। एक ही टेस्ट पर निर्भर रहेंगे तो परीक्षा को लेकर समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हो सकता। जहां तक एग्जाम फीस की बात है तो उसको कम से कम रखा जा सकता है। सुझाव जुटाने में लगी है कमेटी अभी NEET UG 2027 का नया पैटर्न घोषित नहीं हुआ है। फिलहाल कमेटी सुझाव जुटा रही है और अक्टूबर के आसपास नया पैटर्न तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। ये खबर भी पढ़ें दिल्ली के बाद दूसरा आंदोलन जब सरकार ने मानी मांगें:जंतर – मंतर पर छात्रों की जीत से बढ़े हौसले, झारखंड में मांगें पूरी होने के बाद खूब नाचे कार्यकर्ता हाल ही में हुए छात्र आंदोलन में यह तीसरा आंदोलन है जिसमें सरकार ने छात्रों की मांगे मान ली हैं। इसके चलते BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को एक ही चरण में करने का फैसला किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कृति सेनन एड विवाद करीना कपूर का बोलने से इनकार:सवाल पर डायरेक्टर से जवाब देने को कहा; राहुल गांधी कृति को सपोर्ट कर चुके

एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कपड़ों को लेकर शुरू हुए विवाद पर अब करीना कपूर खान ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। फिल्म दायरा के ट्रेलर लॉंच इवेंट में जब मीडिया ने करीना से इस विवाद और एक्ट्रेसेस की सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इस सवाल पर चुप्पी साधे रखी। करीना ने इस सवाल का जवाब पास में बैठीं डायरेक्टर मेघना गुलजार से देने को कहा। सवाल सुनते ही डायरेक्टर की तरफ किया इशारा इवेंट में रिपोर्टर ने करीना कपूर से पूछा कि सोशल मीडिया पर एक्ट्रेसेस के कपड़ों और उनके रिप्रेजेंटेशन को लेकर काफी ट्रोलिंग होती है, ऐसे में एक एक्ट्रेस होने के नाते उनकी क्या सीमाएं होनी चाहिए। सवाल पूरा सुनते ही करीना ने खुद बोलने के बजाय माइक डायरेक्टर मेघना गुलजार की तरफ बढ़ा दिया। करीना के इशारा करने के बाद डायरेक्टर मेघना गुलजार ने सवाल का जवाब दिया। मेघना ने कहा, “फिल्मों या स्क्रीन पर किसी महिला या पुरुष कलाकार का लुक और कपड़े उनके किरदार पर निर्भर करते हैं। यह डायरेक्टर की सोच के हिसाब से तय होता है।” मेघना ने आगे कहा कि इस तरह के मामलों में सिर्फ किसी एक एक्टर से सवाल पूछना या उसे कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।
NEET Aspirant Suicide Records; Tirunelveli Haryana Ahmedabad Students

Hindi News Career NEET Aspirant Suicide Records; Tirunelveli Haryana Ahmedabad Students | CJP Protest 17 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में 21 साल की एक मेडिकल छात्रा श्रुति लया ने सुसाइड कर लिया। NEET-UG काउंसलिंग के पहले राउंड में मेडिकल सीट नहीं मिलने से वह काफी निराश थी। उसका शव उसके घर के पास मिला है। पिछले साल NEET-UG की परीक्षा देने के बावजूद उसे मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिल पाई थी। इसके बाद उसने दोबारा परीक्षा की तैयारी की और इस साल NEET-UG की परीक्षा पास कर ली। फिलहाल नीट पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले छात्रों का आंकड़ा 23 हो चुका है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम शुरू किया पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। श्रुति लया एक आईटी प्रोफेशनल की बेटी थीं। उसने 2023 में स्कूली पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए NEET की तैयारी को लेकर एक कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया था। हाल ही में जारी NEET-UG काउंसलिंग के पहले राउंड की लिस्ट में अपना नाम नहीं देखकर वह काफी निराश हो गई थीं। बताया जा रहा है कि उस रात वह सोने चली गईं, लेकिन अगली सुबह वह घर में नहीं मिलीं। परिवार के लोगों ने घर और आसपास के इलाके में उनकी तलाश की। इसी दौरान कथित तौर पर घर के पास बने एक शेड में झूलती मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया और मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है। 5 सितंबर को इंडिया गेट पर फिर प्रदर्शन करेगी CJP सरकार के साथ बातचीत में किए गए वादे पूरे न होने का आरोप लगाते हुए CJP ने एक बार फिर प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक इन वादों पर अमल नहीं हुआ। इसी के विरोध में CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन ने इस प्रदर्शन को ‘1.0’ नाम दिया है। नीट पेपर लीक के बाद अब तक 23 छात्रों ने दी जान पहला परिवार दिल्ली की अंशिका का पढ़ाई के साथ काम किया, पेपर लीक ने तोड़ा डॉक्टर बनने का सपना… दिल्ली के आजाद नगर की जेजे कॉलोनी। इतनी संकरी गलियां कि निकल पाना मुश्किल है। यहीं रहने वाली अर्चना पांडे ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। उसने डायरी में लिख रखा था- ‘मैं NEET निकाल चुकी हूं। MBBS कर रही हूं। अब मेडिकल स्टूडेंट हूं।‘ NEET रद्द होने के 10 दिन बाद 14 मई को अंशिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका डॉक्टर बनने का सपना, सपना रह गया। हम अंशिका के घर पहुंचे। परिवार में माता-पिता, भाई-बहन और दादी हैं। पूरा परिवार 8×10 के कमरे में रहता है। पिता इंद्रधर पांडे कहते हैं, ‘बेटी पढ़ने में होशियार थी। ये उसका तीसरा अटैम्प्ट था। उसे एग्जाम क्लियर होने का पूरा भरोसा था, लेकिन पेपर लीक होने से वो टूट गई।‘ दूसरा परिवार अहमदाबाद के काहान का सरकार की तरफ से कोई मिलने नहीं आया, डेथ सर्टिफिकेट बनवाना भी मुश्किल… 17 साल का काहान पटेल 3 मई को NEET एग्जाम देकर लौटा तो पिता प्रशांत पटेल को फोन कर कहा- ’पापा आज बहुत खुश हूं। दोस्तों के साथ डिनर पर जा रहा हूं।’ काहान अहमदाबाद में NEET की तैयारी कर रहा था। पिता ने पूछा, ‘सूरत कब आओगे?‘ जवाब मिला, ‘पापा, अभी नहीं… बाद में बताऊंगा।‘ उसे इस बार पूरा भरोसा था कि उसका डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो जाएगा। एग्जाम देकर लौटने के बाद उसने अपनी सारी किताबें जूनियर्स को दे दी थीं। पिता प्रशांत बताते हैं, ‘काहान बचपन से पढ़ने में तेज था। चौथी क्लास तक सूरत में पढ़ा और लगातार टॉप आता रहा। नौवीं में अहमदाबाद आया। 10वीं के बाद उसने बायोलॉजी लेकर डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। हमने समझाया कि परिवार में किसी ने साइंस नहीं पढ़ी, थोड़ी मुश्किल आएगी। उसने कहा, ‘पापा, मैं कर लूंगा और नीट की तैयारी करने लगा। मैं कहीं घूमने जाने का भी कहता, तो मना कर देता।’ तीसरा परिवार हरियाणा की सिमरन का बेटी ने खाना बनाया, साथ खाया; कुछ देर बाद जान दे दी… सिमरन के परिवार से मिलने हम हरियाणा के हिसार पहुंचे। पिता रोहतास कुमार बेटी को याद करते हुए बताते हैं, ‘21 जून की बात है। सिमरन ने रोटी-रायता बनाया और हमने साथ में खाना खाया। हम कुछ देर के लिए बाहर गए, घर लौटे तो देखा बेटी उल्टी कर रही है। अस्पताल ले जाने पर बेटी ने बताया कि उसने कीटनाशक खा लिया है। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।’ पिता बेटी की जीती हुई ट्रॉफियां दिखाते हुए कहते हैं, ‘वह हमेशा टॉप करती थी। उसने BSc एग्रीकल्चर में एडमिशन लिया था। कई दूसरे एग्जाम भी निकाले थे। वो कहती थी कि मैं ये एग्जाम देकर अपनी मेंटल एबिलिटी चेक करती हूं। करना MBBS ही है।‘ रोहतास कहते हैं, ‘उसका सपना, मेरा भी सपना बन गया था, लेकिन पेपर लीक ने सिर्फ मेरी बेटी का नहीं, पूरे परिवार का सपना छीन लिया।‘ मुआवजा के बारे में पूछे जाने पर वे कहते हैं, ‘सरकार ने अब तक संपर्क नहीं किया।‘ नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो यानी NCRB की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में 13,892 स्टूडेंट्स सुसाइड कर चुके हैं। ये आंकड़ा पिछले दस सालों में सबसे ज्यादा है। 2023 में हुई आत्महत्याओं में 8.1% स्टूडेंट्स ने की थी। ‘बच्चों को फेलियर हैंडल करना सिखाते ही नहीं’ MP सुसाइड प्रिवेंशन टास्क फोर्स के मेंबर और साइकैट्रिस्ट डॉ सत्यकांत त्रिवेदी ने कोटा में हो रहे स्टूडेंट सुसाइड को लेकर कहा, ‘किसी भी आत्महत्या का कोई एक कारण नहीं होता। वही एग्जाम सभी बच्चे दे रहे होते हैं। ऐसे में सुसाइड के लिए मिले-जुले फैक्टर्स जिम्मेदार होते हैं। इसमें जेनेटिक्स कारण, सामाजिक कारण, पियर प्रेशर, माता-पिता के एक्स्पेक्टेशंस, शिक्षा तंत्र सब शामिल है।’ डॉ त्रिवेदी कहते हैं कि कहीं न कहीं हम बच्चों को ये सिखाने
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15 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक फिल्म 7 अगस्त को रिलीज हुई है। इन दिनों तीन बड़ी फिल्में आवारापन 2, टॉक्सिक और बंटवारा 1947 सिनेमाघरों में हैं। तीनों ही फिल्मों में बड़ी स्टारकास्ट है, किसी में सनी देओल, किसी में केजीएफ स्टार यश और एक में इमरान हाशमी। बॉक्स ऑफिस क्लेश में आवारापन 2 और टॉक्सिक आगे निकल गईं और बंटवारा 1947 पीछे रह गई। इसी बीच एक लड़की का सिनेमाघरों में खड़े रोते हुए वीडियो वायरल हो गया। हर किसी ने माना की लड़की इन तीनों में से कोई एक फिल्म की टिकट न मिलने से भावुक हो गई। लेकिन पूछे जाने पर उसने कहा- मैं फिल्म हनुमान अंश देखने आई थी, लेकिन टिकट नहीं मिले। हैरानी की बात है कि जहां टॉक्सिक जैसी 500-1000 करोड़ में बनी फिल्मों के सिनेमाघर खाली पड़े हैं, वहां महज 2 करोड़ में बनी हनुमान अंश हाउसफुल कैसे हुई। इस फिल्म के हीरो का न तो इससे पहले किसी ने नाम सुना और न ही डायरेक्टर का। फिल्म का न तो भव्य प्रमोशन किया गया और न ही इसके फर्स्ट लुक, टीजर और ट्रेलर की कोई खबर थी। इन्हें फिल्म के ही सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया गया। नीम करोली बाबा पर बनी ये फिल्म शुरुआती 2 हफ्तों तक कोई कमाई नहीं कर सकी, लेकिन चौथे हफ्ते कुछ ऐसा हुआ कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म से क्लैश के बावजूद इसने 800 प्रतिशत मुनाफा कमाते हुए 42 करोड़ का कलेक्शन कर लिया। बड़ी-बड़ी फिल्में हटाकर अब इसे स्क्रीन्स दी जा रही हैं। टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी इसकी बुकिंग ज्यादा हैं। कम बजट की इस फिल्म की सक्सेस से कई बड़े सवाल खड़े होते हैं। पहला सवाल- आखिर फिल्म ने बिना प्रमोशन ऐसी कमाई कैसे की? दूसरा सवाल- फिल्म दर्शकों को इतना पसंद क्यों आ रही है? तीसरा सवाल- बड़ी फिल्मों से टक्कर के बावजूद इसे स्क्रीन्स कैसे मिलीं? जानिए इन तीन बड़े सवालों के जवाब ट्रेड एक्सपर्ट से, साथ ही जानिए कैसे 50 साल पहले शो से क्लैश के बावजूद कैसे जय संतोषी मां ने बनाया इतिहास- 50 साल पहले जय संतोषी मां के साथ भी ऐसा ही हुआ था, शोले से थी टक्कर आज से 50 साल पहले 15 अगस्त 1975 को अमिताभ बच्चन-धर्मेंद्र की फिल्म शोले रिलीज हुई। बड़े बजट, बड़ी स्टारकास्टिंग और बड़े डायरेक्टर रमेश सिप्पी की इस फिल्म पर हर किसी की नजरें थीं। कोई बड़ा फिल्ममेकर इस फिल्म के आसपास अपनी फिल्में रिलीज नहीं करना चाहता था। लेकिन इस फिल्म के साथ ही 25 लाख में बनी धार्मिक फिल्म जय संतोषी मां रिलीज की गई। फिल्म में कोई टॉप एक्टर नहीं था, इसके बावजूद फिल्म ऐसी चली कि इसने 5 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। जहां-जहां फिल्म ‘जय संतोषी मां’ रिलीज हुई, वहां-वहां ‘शोले’ की कमाई पर असर पड़ा। लोग चप्पल उतारकर सिनेमाघरों में जाते और स्क्रीन की आरती उतारते थे। जल्द ही ये हिंदी सिनेमा की सबसे कामयाब अध्यात्मिक फिल्मों में शामिल हो गई। इसके गाने, मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की और जय संतोषी मां आज भी सुने जाते हैं। सवाल-1: कैसे छोटे बजट की फिल्म ने कमाए 42 करोड़ रुपए? ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने फिल्म की कमाई पर कहा- ‘अगर आप कलेक्शन देखेंगे तो पहले दिन से लेकर अब तक, खासकर थर्ड वीक और चौथे वीकेंड में वो ऐतिहासिक है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’ ‘कंटेंट तो है ही, लेकिन ‘वर्ड ऑफ माउथ’ से फिल्म को फायदा मिला। अगर नेगेटिव पब्लिसिटी होती है, तो दूसरे-तीसरे दिन फिल्म पर असर दिखता है, लेकिन अगर रिव्यू पॉजिटिव हैं, तो फिल्म चल जाती है। यही हनुमान अंश के साथ हुआ। दूसरे वीक में ये फिल्म उतरने वाली थी। सिर्फ 40 लाख का कलेक्शन था। पहले हफ्ते भी कुछ खास कलेक्शन नहीं था।’ सवाल-2: बड़ी फिल्मों से क्लैश के बावजूद हनुमान अंश को स्क्रीन्स कैसे मिलीं? 7 अगस्त को जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई, तो इसे चुनिंदा स्क्रीन्स मिलीं। 14 अगस्त को आवारावन 2 और बंटवारा 1947 आने से फिल्म की स्क्रीन्स और कम हो गईं। फिल्म की कमाई भी खास नहीं हो रही थी, तो इसे सिनेमाघरों से हटाया जाने लगा। लेकिन फिल्म अब भी कई सिनेमाघरों में है। इसकी वजह क्या थी, सवाल पूछे जाने पर तरण आदर्श कहते हैं, ‘फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की कि कैसे भी हमारी फिल्म थर्ड वीक में चलाओ। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि टॉक्सिक आ रही है, फिल्म वैसे भी उतार दी जाएगी। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने कहा- प्लीज इसे कैसे भी चलाइए।’ फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। विशाल चतुर्वेदी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। शोभिनव सत्या। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। चंदन के. आनंद। सवाल-3: क्यों पसंद की जा रही है हनुमान अंश? फिल्म की कामयाबी में सोशल मीडिया का अहम रोल: फिल्म से जुड़े वीडियोज लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फिल्म के कई सीन, नीम करोली बाबा के असल वीडियोज से हुबहू मेल खाते हैं, इसके वीडियोज लगातार सामने आ रहे हैं। सिनेमाघरों से फैंस के वीडियो भी चर्चा में हैं, जिसमें वह भावुक होते और स्क्रीन के सामने हाथ जोड़े
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7 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक फिल्म 7 अगस्त को रिलीज हुई है। इन दिनों तीन बड़ी फिल्में आवारापन 2, टॉक्सिक और बंटवारा 1947 सिनेमाघरों में हैं। तीनों ही फिल्मों में बड़ी स्टारकास्ट है, किसी में सनी देओल, किसी में केजीएफ स्टार यश और एक में इमरान हाशमी। बॉक्स ऑफिस क्लेश में आवारापन 2 और टॉक्सिक आगे निकल गईं और बंटवारा 1947 पीछे रह गई। इसी बीच एक लड़की का सिनेमाघरों में खड़े रोते हुए वीडियो वायरल हो गया। हर किसी ने माना की लड़की इन तीनों में से कोई एक फिल्म की टिकट न मिलने से भावुक हो गई। लेकिन पूछे जाने पर उसने कहा- मैं फिल्म हनुमान अंश देखने आई थी, लेकिन टिकट नहीं मिले। हैरानी की बात है कि जहां टॉक्सिक जैसी 500-1000 करोड़ में बनी फिल्मों के सिनेमाघर खाली पड़े हैं, वहां महज 2 करोड़ में बनी हनुमान अंश हाउसफुल कैसे हुई। इस फिल्म के हीरो का न तो इससे पहले किसी ने नाम सुना और न ही डायरेक्टर का। फिल्म का न तो भव्य प्रमोशन किया गया और न ही इसके फर्स्ट लुक, टीजर और ट्रेलर की कोई खबर थी। इन्हें फिल्म के ही सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया गया। नीम करोली बाबा पर बनी ये फिल्म शुरुआती 2 हफ्तों तक कोई कमाई नहीं कर सकी, लेकिन चौथे हफ्ते कुछ ऐसा हुआ कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म से क्लैश के बावजूद इसने 800 प्रतिशत मुनाफा कमाते हुए 42 करोड़ का कलेक्शन कर लिया। बड़ी-बड़ी फिल्में हटाकर अब इसे स्क्रीन्स दी जा रही हैं। टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी इसकी बुकिंग ज्यादा हैं। कम बजट की इस फिल्म की सक्सेस से कई बड़े सवाल खड़े होते हैं। पहला सवाल- आखिर फिल्म ने बिना प्रमोशन ऐसी कमाई कैसे की। दूसरा सवाल- फिल्म दर्शकों को इतना पसंद क्यों आ रही है। तीसरा सवाल- फिल्म ने बड़ी फिल्मों को टक्कर कैसे दी। जानिए सभी सवालों के जवाब और ट्रेड एक्सपर्ट से जानिए क्या है इस कामयाबी की वजह- 50 साल पहले जय संतोषी मां के साथ भी ऐसा ही हुआ था, शोले से थी टक्कर आज से 50 साल पहले 15 अगस्त 1975 को अमिताभ बच्चन-धर्मेंद्र की फिल्म शोले रिलीज हुई। बड़े बजट, बड़ी स्टारकास्टिंग और बड़े डायरेक्टर रमेश सिप्पी की इस फिल्म पर हर किसी की नजरें थीं। कोई बड़ा फिल्ममेकर इस फिल्म के आसपास अपनी फिल्में रिलीज नहीं करना चाहता था। लेकिन इस फिल्म के साथ ही 25 लाख में बनी धार्मिक फिल्म जय संतोषी मां रिलीज की गई। फिल्म में कोई टॉप एक्टर नहीं था, इसके बावजूद फिल्म ऐसी चली कि इसने 5 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। जहां-जहां फिल्म ‘जय संतोषी मां’ रिलीज हुई, वहां-वहां ‘शोले’ की कमाई पर असर पड़ा। लोग चप्पल उतारकर सिनेमाघरों में जाते और स्क्रीन की आरती उतारते थे। जल्द ही ये हिंदी सिनेमा की सबसे कामयाब अध्यात्मिक फिल्मों में शामिल हो गई। इसके गाने, मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की और जय संतोषी मां आज भी सुने जाते हैं। सवाल- कैसे छोटे बजट की फिल्म ने कमाए 42 करोड़ रुपए ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने फिल्म की कमाई पर कहा- ‘अगर आप कलेक्शन देखेंगे तो पहले दिन से लेकर अब तक, खासकर थर्ड वीक और चौथे वीकेंड में वो ऐतिहासिक है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’ ‘कंटेंट तो है ही, लेकिन ‘वर्ड ऑफ माउथ’ से फिल्म को फायदा मिला। अगर नेगेटिव पब्लिसिटी होती है, तो दूसरे-तीसरे दिन फिल्म पर असर दिखता है, लेकिन अगर रिव्यू पॉजिटिव हैं, तो फिल्म चल जाती है। यही हनुमान अंश के साथ हुआ। दूसरे वीक में ये फिल्म उतरने वाली थी। सिर्फ 40 लाख का कलेक्शन था। पहले हफ्ते भी कुछ खास कलेक्शन नहीं था।’ सवाल- बड़ी फिल्मों से क्लैश के बावजूद हनुमान अंश को स्क्रीन्स कैसे मिलीं? 7 अगस्त को जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई, तो इसे चुनिंदा स्क्रीन्स मिलीं। 14 अगस्त को आवारावन 2 और बंटवारा 1947 आने से फिल्म की स्क्रीन्स और कम हो गईं। फिल्म की कमाई भी खास नहीं हो रही थी, तो इसे सिनेमाघरों से हटाया जाने लगा। लेकिन फिल्म अब भी कई सिनेमाघरों में है। इसकी वजह क्या थी, सवाल पूछे जाने पर तरण आदर्श कहते हैं, ‘फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की कि कैसे भी हमारी फिल्म थर्ड वीक में चलाओ। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि टॉक्सिक आ रही है, फिल्म वैसे भी उतार दी जाएगी। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने कहा- प्लीज इसे कैसे भी चलाइए।’ फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। विशाल चतुर्वेदी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। शोभिनव सत्या। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। चंदन के. आनंद। फिल्म की कामयाबी में सोशल मीडिया का अहम रोल फिल्म से जुड़े वीडियोज लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फिल्म के कई सीन, नीम करोली बाबा के असल वीडियोज से हुबहू मेल खाते हैं, इसके वीडियोज लगातार सामने आ रहे हैं। सिनेमाघरों से फैंस के वीडियो भी चर्चा में हैं, जिसमें वह भावुक होते और स्क्रीन के सामने हाथ जोड़े नजर आ रहे हैं। हाउसफुल शोज दिखाए जाने से भी दर्शकों के मन में फिल्म को लेकर उत्सुकता है। फिल्म एक ऐसे सब्जेक्ट पर
Krishna Abhishek Celebrates Rakshabandhan With Govinda Children

1 घंटे पहले कॉपी लिंक एक्टर और कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रक्षाबंधन सेलिब्रेशन की फोटो और वीडियो शेयर किए हैं। इसमें वे अपनी बहन आरती सिंह के साथ मामा गोविंदा के बच्चों टीना आहूजा और हर्षवर्धन आहूजा संग रक्षाबंधन मनाते नजर आ रहे हैं। इस सेलिब्रेशन में गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा भी शामिल हुईं, लेकिन गोविंदा कहीं नजर नहीं आए। यह सेलिब्रेशन ऐसे समय में सामने आया है जब गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के बीच पिछले कुछ समय से अनबन और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है। कृष्णा अभिषेक ने अपनी बहन आरती सिंह और मामा गोविंदा के बच्चों टीना आहूजा और हर्षवर्धन आहूजा के साथ रक्षाबंधन मनाया। मजेदार अंदाज में बांधी राखी, बैंकॉक ट्रिप का किया जिक्र सोशल मीडिया पोस्ट में कृष्णा ने सेलिब्रेशन की कई झलकियां दिखाई हैं। एक वीडियो में टीना, कृष्णा को राखी बांधते हुए ‘भैया मेरे राखी के बंधन को’ गाना गाती नजर आ रही हैं, जिसे सुनकर सभी हंसने लगते हैं। इस पर कृष्णा मजाक में कहते हैं कि अगली बार बैंकॉक की टिकट चाहिए। वहीं दूसरे वीडियो में आरती सिंह अपने छोटे भाई हर्षवर्धन को राखी बांधकर उनका आशीर्वाद लेती दिख रही हैं। फोटो में चारों बच्चे सुनीता आहूजा के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। गोविंदा की बेटी टीना आहूजा ने कृष्णा अभिषेक को राखी बंधी अफेयर के आरोपों से शुरू हुआ दोनों का विवाद गोविंदा और सुनीता के बीच हालिया विवाद तब शुरू हुआ जब गोविंदा को उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। इसके बाद पैपराजी से बातचीत में सुनीता ने गोविंदा पर तंज कसते हुए उन्हें कोमल का ‘शुगर डैडी’ कह दिया था। गोविंदा को उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। इस बयान पर गोविंदा ने नाराजगी जताई थी और सुनीता को अपनी सीमा में रहने की सलाह दी थी। इसके बाद से दोनों के बीच दूरियां और बढ़ गई थीं। फैमिली कोर्ट पहुंची थीं सुनीता, कश्मीरा शाह ने दिया सपोर्ट विवाद के बीच सुनीता मुंबई के फैमिली कोर्ट भी पहुंची थीं, जिससे दोनों के तलाक की अटकलें लगने लगी थीं। हालांकि बाद साफ हुआ कि वे अपनी पुरानी तलाक की याचिका वापस लेने गई थीं, क्योंकि उन्हें लगा था कि गोविंदा और कोमल शादी करने वाले हैं। बांद्रा फैमिली कोर्ट से निकलती हुईं सुनीता। इस पूरे मामले में कृष्णा की पत्नी कश्मीरा शाह ने सुनीता का समर्थन किया है। पैपराजी से बातचीत में कश्मीरा ने कहा था कि वे अपने परिवार की महिलाओं के साथ खड़ी हैं और अगर सुनीता आज आवाज उठा रही हैं तो जरूर कुछ गलत हुआ होगा। लंबे समय से चल रही पारिवारिक अनबन गोविंदा और कृष्णा अभिषेक के परिवार के बीच पिछले कई सालों से रिश्ते ठीक नहीं रहे हैं। साल 2018 में कृष्णा की पत्नी कश्मीरा शाह के एक ट्वीट के बाद दोनों परिवारों में दूरियां आ गई थीं। इसके बाद कई मौकों पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ बयान दिए थे। हालांकि हाल के महीनों में कृष्णा और उनकी बहन आरती कई मौकों पर गोविंदा के बच्चों के साथ नजर आए हैं और पारिवारिक मतभेदों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा की बेटी टीना ने साल 2015 की फिल्म ‘सेकंड हैंड हसबैंड’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। वहीं, बेटे यशवर्धन जल्द फिल्मों में डेब्यू करेंगे। …………… गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गोविंदा-सुनीता की निजी जिंदगी पर कमेंट से भड़के कृष्णा:सेलेब्स को दी नसीहत, बोले- परिवार की बातों से फुटेज लेने की कोशिश न करें गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते में चल रही अनबन के बीच उनके भांजे कृष्णा अभिषेक ने नाराजगी जताई है। सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी ने मामा-मामी के रिश्ते पर सवाल किया तो कृष्णा ने जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनसे सिर्फ मस्ती और काम से जुड़े सवाल पूछे जाएं। साथ ही, उन सेलेब्स पर नाराजगी जताई, जो इस पारिवारिक मामले पर लगातार बयान दे रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Krishna Abhishek Celebrates Rakshabandhan With Govinda Children

18 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर और कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रक्षाबंधन सेलिब्रेशन की फोटो और वीडियो शेयर किए हैं। इसमें वे अपनी बहन आरती सिंह के साथ मामा गोविंदा के बच्चों टीना आहूजा और हर्षवर्धन आहूजा संग रक्षाबंधन मनाते नजर आ रहे हैं। इस सेलिब्रेशन में गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा भी शामिल हुईं, लेकिन गोविंदा कहीं नजर नहीं आए। यह सेलिब्रेशन ऐसे समय में सामने आया है जब गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के बीच पिछले कुछ समय से अनबन और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है। कृष्णा अभिषेक ने अपनी बहन आरती सिंह और मामा गोविंदा के बच्चों टीना आहूजा और हर्षवर्धन आहूजा के साथ रक्षाबंधन मनाया। मजेदार अंदाज में बांधी राखी, बैंकॉक ट्रिप का किया जिक्र सोशल मीडिया पोस्ट में कृष्णा ने सेलिब्रेशन की कई झलकियां दिखाई हैं। एक वीडियो में टीना, कृष्णा को राखी बांधते हुए ‘भैया मेरे राखी के बंधन को’ गाना गाती नजर आ रही हैं, जिसे सुनकर सभी हंसने लगते हैं। इस पर कृष्णा मजाक में कहते हैं कि अगली बार बैंकॉक की टिकट चाहिए। वहीं दूसरे वीडियो में आरती सिंह अपने छोटे भाई हर्षवर्धन को राखी बांधकर उनका आशीर्वाद लेती दिख रही हैं। फोटो में चारों बच्चे सुनीता आहूजा के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। गोविंदा की बेटी टीना आहूजा ने कृष्णा अभिषेक को राखी बंधी अफेयर के आरोपों से शुरू हुआ दोनों का विवाद गोविंदा और सुनीता के बीच हालिया विवाद तब शुरू हुआ जब गोविंदा को उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। इसके बाद पैपराजी से बातचीत में सुनीता ने गोविंदा पर तंज कसते हुए उन्हें कोमल का ‘शुगर डैडी’ कह दिया था। गोविंदा को उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। इस बयान पर गोविंदा ने नाराजगी जताई थी और सुनीता को अपनी सीमा में रहने की सलाह दी थी। इसके बाद से दोनों के बीच दूरियां और बढ़ गई थीं। फैमिली कोर्ट पहुंची थीं सुनीता, कश्मीरा शाह ने दिया सपोर्ट विवाद के बीच सुनीता मुंबई के फैमिली कोर्ट भी पहुंची थीं, जिससे दोनों के तलाक की अटकलें लगने लगी थीं। हालांकि बाद साफ हुआ कि वे अपनी पुरानी तलाक की याचिका वापस लेने गई थीं, क्योंकि उन्हें लगा था कि गोविंदा और कोमल शादी करने वाले हैं। बांद्रा फैमिली कोर्ट से निकलती हुईं सुनीता। इस पूरे मामले में कृष्णा की पत्नी कश्मीरा शाह ने सुनीता का समर्थन किया है। पैपराजी से बातचीत में कश्मीरा ने कहा था कि वे अपने परिवार की महिलाओं के साथ खड़ी हैं और अगर सुनीता आज आवाज उठा रही हैं तो जरूर कुछ गलत हुआ होगा। लंबे समय से चल रही पारिवारिक अनबन गोविंदा और कृष्णा अभिषेक के परिवार के बीच पिछले कई सालों से रिश्ते ठीक नहीं रहे हैं। साल 2018 में कृष्णा की पत्नी कश्मीरा शाह के एक ट्वीट के बाद दोनों परिवारों में दूरियां आ गई थीं। इसके बाद कई मौकों पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ बयान दिए थे। हालांकि हाल के महीनों में कृष्णा और उनकी बहन आरती कई मौकों पर गोविंदा के बच्चों के साथ नजर आए हैं और पारिवारिक मतभेदों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा की बेटी टीना ने साल 2015 की फिल्म ‘सेकंड हैंड हसबैंड’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। वहीं, बेटे यशवर्धन जल्द फिल्मों में डेब्यू करेंगे। …………… गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गोविंदा-सुनीता की निजी जिंदगी पर कमेंट से भड़के कृष्णा:सेलेब्स को दी नसीहत, बोले- परिवार की बातों से फुटेज लेने की कोशिश न करें गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते में चल रही अनबन के बीच उनके भांजे कृष्णा अभिषेक ने नाराजगी जताई है। सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी ने मामा-मामी के रिश्ते पर सवाल किया तो कृष्णा ने जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनसे सिर्फ मस्ती और काम से जुड़े सवाल पूछे जाएं। साथ ही, उन सेलेब्स पर नाराजगी जताई, जो इस पारिवारिक मामले पर लगातार बयान दे रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nepal Tibet Flood Tragedy | School Bridge Collapses Rescue Operation

Hindi News Career Nepal Tibet Flood Tragedy | School Bridge Collapses Rescue Operation 10 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल-तिब्ब्त में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ में अब तक 919 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें सिर्फ नेपाल में 903 मौते हुई हैं और 4,200 से ज्यादा लोग लापता हैं। जहां एक ओर अब तक मौत का आंकड़ा 900 के पार हो गया है, वहीं नेपाल में एक प्रिंसिपल ने अपनी सूझबूझ से करीब 1600 स्कूली बच्चों की जान बचाई। त्रिशूली घाटी के हायर सेकेंडरी की घटना उत्तरी-मध्य नेपाल की त्रिशूली घाटी में बने त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल में 1600 बच्चे पढ़ते हैं। 26 अगस्त को जब बाढ़ आई तब ये स्कूल खुला हुआ था। 900 बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे और सब कुछ सामान्य था। तभी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी को उनके एक दोस्त ने बताया कि बाढ़ आ गई है और पानी ने ऊपर की तरफ बसे गांवों को भी अपनी चपेट में ले चुका है। राजेंद्र ने तुरंत फैसला लिया, स्कूल की घंटी बजाई प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी खबर मिलते ही तुरंत हरकत में आए और उन्होंने तुरंत पता किया कि अभी कितनी स्कूल बसें स्कूल आ चुकी हैं और कितनी आनी बाकी हैं। थोड़ी देर में ही उनके पास लिस्ट आई कि अभी 700 बच्चे या तो पैदल या फिर स्कूल बस से स्कूल की तरफ आना बाकी हैं। तभी तुरंत राजेंद्र ने सभी स्कूल ड्राइवर को फोन किया और बसों को स्कूल न लाने का आदेश दिया। हालांकि ये स्कूल नदी से 200 की फीट की ऊंचाई पर बना था लेकिन राजेंद्र ने फिर भी कोई देरी नहीं की। आंखों के सामने स्कूल का पुल ढहा इसी बीच कुछ पेरेंट्स ने भी प्रिंसिपल को फोन किया कि बाढ़ का पानी स्कूल की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रिंसिपल राजेंद्र ने स्कूल की तरफ आती बस को तुरंत वापस भेज दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, बस ने मुड़ते ही स्कूल के सामने के पुल को जैसे ही पार किया, पुल बह गया। तब तक स्कूल में चीख-पुकार मच गई और बच्चे-टीचर सब डरे हुए थे। प्रिंसिपल ने सूझबूझ से 1600 से ज्यादा बच्चों को बचाया प्रिंसिपल ने पल के बहते ही सभी टीचर्स को बच्चों को लेकर पहाड़ी की ऊंचाई पर जाने को कहा। सभी बच्चों को पैदल पहाड़ी के ऊपर पहुंचाया गया। सारे बच्चों को भेजने और स्कूल को दोबारा चेक करने के बाद वो भी पहाड़ी की तरफ चढ़े। इस तरह प्रिंसिपल ने सभी बच्चों, टीचर्स और कर्मचारियों की जान बचा ली। स्कूल में कुल उस समय कुल 1644 लोग थे, जिनमें से 1643 लोग बचा लिए गए। सिर्फ एक सोशल हिस्ट्री के टीचर सैंटोस परियार की मौत हो गई। वो बाढ़ में बह गए। भारत से मदद की उम्मीद राजेंद्र ने बताया कि हमारे ऊपर पहुंचते ही 30 सेकेंड में स्कूल ढह गया था। हमने सभी बच्चों को उनके पेरेंट्स तक पहुंचाया। साथ ही उन्होंने बताया कि अभी जब तक उन्हें कोई मदद नहीं मिलती वे बच्चों को नहीं पढ़ा सकेंगे। क्योंकि स्कूल पूरी तरह खत्म हो गया है और कनेक्टिविटी ब्रिज भी टूट चुका है। राजेंद्र खुद भी इसी स्कूल से पढ़ें हैं और उन्होंने भारत से मदद की अपील की है। उन्होंने बताया कि जब नेपाल में भूकंप आया था, तब भारत ने इस स्कूल को दोबारा बनाने में मदद की थी और एक बस भी डोनेट की थी। ———————- ये खबर भी पढ़ें.. 31 अगस्त के करेंट अफेयर्स:कैदियों को जेल के बाहर जाकर काम करने की छूट मिलेगी, शशिधर जगदीशन HDFC बैंक के CEO का पद छोड़ेंगे आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







