अमित दुबे की साइबर कहानियां पहुंचीं हिरानी-नीरज पांडे तक:बोले- क्रिमिनल डिवाइस नहीं, पहले इंसान को हैक करता है, ऐसे बचें साइबर ठगी से

साइबर क्राइम एक्सपर्ट और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अमित दुबे ने करियर में ऐसे कई मामलों की जांच की है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थे। उनकी वास्तविक इन्वेस्टिगेशन की कहानियां राजकुमार हिरानी की वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ और नीरज पांडे की ‘हैक क्राइम्स ऑनलाइन’ तक पहुंचीं। एटीएम चोरी, किडनैपिंग और एक एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम अकाउंट से फॉलोअर्स गायब होने जैसे मामलों से अमित ने साइबर क्राइम की बदलती दुनिया को करीब से देखा है। उनका कहना है कि अपराधी हर बार डिवाइस को हैक नहीं करता, कई बार पहले इंसान के भरोसे को हैक करता है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अमित ने साइबर क्राइम की अपनी इन्वेस्टिगेशन, फिल्ममेकर्स के साथ काम करने के अनुभव और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियों पर खुलकर बात की। सवाल: आपकी वास्तविक साइबर इन्वेस्टिगेशन राजकुमार हिरानी की वेब सीरीज तक पहुंची। उनसे यह कनेक्शन कैसे बना? जवाब: कोविड के दौरान राजू सर से मेरा कनेक्शन हुआ। उस समय साइबर क्राइम को लेकर हमारी बातचीत शुरू हुई और फिर वीडियो कॉल पर कई बार चर्चा हुई। मैंने उन्हें अपने काम और अलग-अलग इन्वेस्टिगेशन से जुड़ी कहानियां बताईं। उन्हें लगा कि इन केसों में सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि इंसानी व्यवहार और भावनाओं की भी काफी संभावनाएं हैं। इसके बाद हमने इन कहानियों पर काम करना शुरू किया। यह कोई छोटा प्रोसेस नहीं था। 6 साल तक कहानी और स्क्रिप्ट पर काम हुआ, कई ड्राफ्ट तैयार हुए और चीजों को लगातार बेहतर किया गया। सवाल: ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में एटीएम चोरी वाला सीन भी है। क्या यह आपके किसी वास्तविक केस से जुड़ा है? जवाब: हां, एटीएम चोरी का मामला मेरे वास्तविक अनुभवों से जुड़ा है। साइबर क्राइम की इन्वेस्टिगेशन में कई बार कोई केस शुरुआत में बहुत जटिल दिखाई देता है। आपको लगता है कि इसके पीछे बहुत हाईटेक तरीका होगा, लेकिन जब आप घटनाओं के पैटर्न और डिजिटल फुटप्रिंट को जोड़ते हैं तो तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगती है। यही चीज इस केस में भी थी। वास्तविक घटना को स्क्रीन पर उसी रूप में रखना संभव नहीं होता, इसलिए कहानी के हिसाब से उसमें बदलाव किए जाते हैं, लेकिन उसका बेस और इन्वेस्टिगेशन का अनुभव वास्तविक होता है। सवाल: इस केस से आम लोगों के लिए भी एक सीख निकलती है कि साइबर क्राइम हमेशा बहुत हाईटेक नहीं होता, क्या कहना चाहेंगे? जवाब: बिल्कुल। हम अक्सर मान लेते हैं कि साइबर क्रिमिनल कोई बहुत बड़ा कंप्यूटर एक्सपर्ट होगा और वह ऐसी तकनीक इस्तेमाल करेगा, जिसे समझना हमारे लिए मुश्किल है। जबकि कई मामलों में अपराध बहुत साधारण तरीके से शुरू होता है। छोटी-सी लापरवाही, किसी व्यक्ति पर भरोसा या जानकारी शेयर करना आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकता है। इन्वेस्टिगेशन में भी कई बार बड़ी सफलता किसी बहुत बड़े सुराग से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चीजों को जोड़ने से मिलती है। सवाल: राजकुमार हिरानी के बाद आपका जुड़ाव नीरज पांडे से भी हुआ। दोनों के काम करने के तरीके में क्या अंतर महसूस किया? जवाब: दोनों की अपनी अलग स्टोरीटेलिंग लैंग्वेज है। नीरज सर थ्रिल और सस्पेंस को बहुत मजबूत तरीके से बिल्ड करते हैं। उनके साथ काम करते हुए यह ध्यान रहता है कि दर्शक लगातार अगला मोड़ जानना चाहे। राजू सर का तरीका थोड़ा अलग है। वे गंभीर विषय में भी ह्यूमन इमोशन, ह्यूमर और रिश्तों की परतें तलाशते हैं। लेकिन एक चीज दोनों में समान है- दोनों कहानी को विश्वसनीय बनाना चाहते हैं। खासकर जब विषय साइबर क्राइम हो तो तकनीकी चीजें सही होना बहुत जरूरी है। सवाल: नीरज पांडे की ‘हैक क्राइम्स ऑनलाइन’ में साइबर क्राइम को पर्दे पर उतारना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि साइबर क्राइम को बहुत तकनीकी भी न बना दें और इतना सरल भी न कर दें कि वह अविश्वसनीय लगे। अगर आप सिर्फ कंप्यूटर स्क्रीन, कोड या टेक्निकल शब्द दिखाएंगे तो आम दर्शक कहानी से जुड़ नहीं पाएगा। इसलिए यह जरूरी है कि टेक्नोलॉजी के साथ इंसान की कहानी भी दिखाई जाए- अपराधी ऐसा क्यों कर रहा है, पीड़ित कैसे फंसता है और जांच करने वाला किस तरह चीजों को जोड़ता है। यही संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है। सवाल: आपकी इन्वेस्टिगेशन में ऐसा कौन-सा केस रहा, जो आपको आज भी याद है? जवाब: किडनैपिंग का एक केस काफी दिलचस्प था। उसमें डिजिटल लोकेशन और दूसरी ऑनलाइन जानकारियों को जोड़कर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। बीच में लोकेशन से जुड़ी जानकारी बदलती रही, जिससे जांच मुश्किल हुई। लेकिन अलग-अलग डिजिटल संकेतों को जोड़ते हुए पुलिस आगे बढ़ती रही। आखिरकार उस व्यक्ति को सुरक्षित बरामद किया गया। इस तरह के मामलों में टेक्नोलॉजी अकेले काम नहीं करती। टेक्नोलॉजी से मिले संकेतों को सही तरीके से समझना और उन्हें ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। सवाल: यानी अपराधी अपनी डिजिटल मौजूदगी छिपाने की कोशिश करे, फिर भी कुछ न कुछ सुराग बच जाता है? जवाब: डिजिटल दुनिया में पूरी तरह गायब होना आसान नहीं है। हम फोन, ईमेल, सोशल मीडिया, क्लाउड और कई दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इन सबके बीच कहीं न कहीं डिजिटल फुटप्रिंट बनते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर केस तुरंत सुलझ जाएगा। कई बार एक सुराग दूसरे सुराग से जुड़ता है और फिर धीरे-धीरे पूरी तस्वीर सामने आती है। इन्वेस्टिगेशन में धैर्य बहुत जरूरी है। सवाल: एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम अकाउंट से फॉलोअर्स गायब होने वाला मामला भी काफी अलग था। आखिर उसमें क्या हुआ? जवाब : उस एक्ट्रेस की डिजिटल पहचान के साथ छेड़छाड़ हुई थी। अकाउंट का नाम और पहचान बदलने के बाद स्थिति ऐसी बन गई कि पुराना अकाउंट अलग रूप में दिखाई देने लगा। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि उनके पुराने फॉलोअर्स उसी डिजिटल पहचान से जुड़े हुए थे। हमने अलग-अलग डिजिटल सुरागों और अकाउंट से जुड़ी जानकारियों को जोड़कर पुराने अकाउंट तक पहुंचने का रास्ता निकाला। इस केस से यह समझ आता है कि सोशल मीडिया अकाउंट सिर्फ एक यूजरनेम और पासवर्ड नहीं है। उसके पीछे आपकी पूरी डिजिटल पहचान और वर्षों की मेहनत जुड़ी होती है। सवाल: क्या सेलिब्रिटी के सोशल मीडिया अकाउंट पर आम यूजर के मुकाबले ज्यादा खतरा रहता है? जवाब: खतरा इसलिए ज्यादा
Amritsar Girl Grooming Case | London Student Forced Marriage Controversy

लंदन में दोस्तों ने जब ढूंढ़े हुए उसके घर पहुंच, तो वह घर से बाहर निकली और बात की। अमृतसर की रहने वाली सिख युवती को ग्रूम कर मुस्लिम बना दिया गया। वह करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए गई लंदन गई थी। अब वह पिछले 1 महीने से अपने माता-पिता को फोन नहीं कर रही थी। जब परिवार को शक हुआ तो सिख कम्युनिटी के लोगों से संपर्क किया। . दोस्तों ने जब ढूंढ़ा तो युवती मुस्लिम के घर मिली। सिख समुदाय के लोगों ने दरवाजा खटखटाया तो पूछा कि कमलप्रीत कौर यहीं रहती है। इस पर मुस्लिम महिला ने उसे आइरा कहकर आवाज दी जिससे कंफर्म हो गया कि वह मुस्लिम बन चुकी है। युवती से जब पूछा गया कि तुम पिता का फोन क्यों नहीं उठा रही और बात क्यों नहीं कर रही तो उसका सीधा जवाब था कि आप फोन कर बता दो। मैं भी बता दूंगी मुझे कोई समस्या नहीं है। सिख समुदाय ने युवती की ग्रूमिंग की पूरी कहानी बताई….युवक कौन है, युवती कैसे उसके संपर्क में आई, फिर शादी कर कैसे बदला धर्म, पढ़िए पूरी कहानी….. कमलप्रीत कौर को ढूंढ़ते हुए दोस्त उसके घर पहुंचे, जहां पर उसकी सास मिली, उसने कमलप्रीत को आइरा कहके उसे बाहर बुलाया। लड़की के पिता ने बताया कैसे बटी को फंसाया.. मुस्लिम ट्रैक्सी ड्राइवर से ड्राइविंग सीखने लगी: अमृतसर के अमृतधारी सिख परिवार की लड़की कमलप्रीत कौर करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए लंदन गई थी। वहां ड्राइविंग सीखने के दौरान 6 महीने पहले वह पाकिस्तानी मूल के एक मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आ गई। परिजनों का आरोप है कि उस व्यक्ति ने लड़की का ब्रेनवॉश करके उसे अपने जाल में फंसा लिया और उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया। आरोपी पहले से कर चुका दो शादियां: पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी पहले से ही दो शादियां कर चुका है। उसने लड़की को उसके परिवार से पूरी तरह से अलग कर दिया है और उसका नाम बदलकर आइरा रख दिया है। लड़की ने पिछले एक महीने से अपने माता-पिता के फोन उठाने बंद कर दिए हैं, जिससे चिंतित होकर परिजनों ने मीडिया और सिख समुदाय से मदद की गुहार लगाई। बेटी धार्मिक थी और नितनेम करती थी: लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पहले बहुत धार्मिक थी और नियमित रूप से पाठ व सेवा करती थी। आरोपी ने उसका मानसिक रूप से धर्मांतरण कराकर उसकी धार्मिक पहचान को दूर कर दिया है। पिता को आशंका है कि उनकी बेटी का शोषण किया जा सकता है या उसे किसी गलत हाथों में बेचा जा सकता है, इसलिए वे बहुत टेंशन में हैं। बेटी को मुस्लिम के चुंगल से छुड़ाया जाए: पीड़ित परिवार ने केंद्र सरकार, ब्रिटेन की सिख संस्थाओं और स्थानीय गुरुद्वारा कमेटियों से अपील की है कि वे एकजुट होकर उनकी बेटी को सुरक्षित बाहर निकालें। उन्होंने मांग की है कि लड़की को आरोपी के चंगुल से आजाद कराकर जल्द से जल्द भारत वापस भेजा जाए ताकि उसको फिर से सिखी के साथ जोड़ा जा सके। कमलप्रीत कौर करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए लंदन गई थी। सिख समुदाय से हुई युवती की बात… दोस्त: क्या यह कमलप्रीत का घर है? क्या कमलप्रीत यहां हैं? मुस्लिम महिला: आइरा (आवाज लगाती है) दोस्त: मैं उसकी फ्रेंड हूं। कमलप्रीत: हाय। (बाहर आती है) दोस्त: कमलप्रीत हो आप? कमलप्रीत: हां मैं ही हूं। दोस्त: एक महीने से आपके पापा आपसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, आपने फोन नहीं उठाया। आपके पिता जी कहते हैं कि वे अमृतधारी हैं, उन्होंने अमृत छका हुआ है और आप कहती हैं कि आपने भी अमृत छका हुआ था। इसमें सच्चाई कितनी है? कमलप्रीत: हां, पहले अमृत छका हुआ था। मैंने आज से लगभग 6 महीने पहले सब छोड़ दिया। दोस्त: ओके। हमें पता चला है कि उस लड़के ने पहले दो शादियां की हैं? कमलप्रीत: हां, पता है, इनमें चलता है। दोस्त: क्या आपने सिख धर्म छोड़ दिया है? कमलप्रीत: मैंने कड़ा और सिरी साहिब उतार दिया ताकि मुझसे कोई गुनाह न हो, दैट्स इट। दोस्त: ओके, तो अब आप अपने पिता जी से खुद संपर्क करके कहेंगी कि मैं ठीक हूँ, मैं खुश हूँ? आप उनको मैसेज भेज सकती हैं? कमलप्रीत: आप भी भेज सकते हैं, मैं खुद भी कर दूंगी। दोस्त: आपने एक महीना हो गया बात नहीं की। कमलप्रीत: आप भी उनको फोन कर सकते हैं। दोस्त: वाहेगुरु जी की फतेह! कमलप्रीत: ठीक है। ************* ये खबर भी पढ़ें: PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया: ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा, पुलिस को कंप्लेंट कर घर छोड़ चली गई इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। (पढ़ें पूरी खबर)
Bipasha Basu Body Shaming Controversy

1 घंटे पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने हाल ही में बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बिपाशा ने ‘एल इंडिया’ से बातचीत में कहा कि महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चे को जन्म देने के बाद भी 20 साल की उम्र जैसा शरीर बना लें। बिपाशा बोलीं- महिलाओं के शरीर को लेकर सोच अजीब बिपाशा ने कहा, “आज भी महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली बातें काफी अजीब हैं। ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद 40 की उम्र में भी आपको 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “20 साल की महिला से जो उम्मीद की जाती है, वही 40 साल की महिला से भी की जाती है। अगर आप जल्दी अपनी पुरानी शेप में नहीं लौटतीं, तो आपको ट्रोल किया जाएगा। लोग बहुत बेरहमी से पेश आएंगे।” बिपाशा बसु ने 43 साल की उम्र में अपनी पहली बेटी को जन्म दिया था। बिपाशा बोलीं- पैपराजी ने मेरी अजीब तस्वीरें खींचीं बिपाशा ने बेटी देवी के जन्म के बाद खुद इसका सामना किया। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। कुछ पैपराजी ने मेरी बेहद अजीब तस्वीरें खींचीं। वे यह नहीं देखते कि एक महिला कितनी मेहनत कर रही है। बच्चे के साथ उसे कितना कुछ संभालना पड़ता है। उसकी जिंदगी, लाइफस्टाइल और निजी परेशानियां भी होती हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं होती। हर कोई बस यही चाहता है कि महिला जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौट आए।” बिपाशा बोलीं- ट्रोलिंग उन्हें तोड़ नहीं सकती बिपाशा ने कहा, “मैं बेहद आत्मविश्वासी इंसान हूं, इसलिए किसी भी तरह की ट्रोलिंग मुझे तोड़ नहीं सकती। मुझे पता है कि मेरा सफर क्या है, मुझे पता है कि मुझे कौन-सी मेहनत करनी है और कब करनी है। मैं उसी के हिसाब से आगे बढ़ूंगी।” बिपाशा ने यह भी कहा कि मैंने सभी से खुद से प्यार करो की बात कहना शुरू किया, क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि बात सिर्फ अच्छा दिखने की नहीं है। यह उससे कहीं ज्यादा अंदर की चीज है। आपको हेल्दी रहना जरूरी है। शादी के 6 साल बाद बेटी का जन्म हुआ था बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर ने शादी के 6 साल बाद बेटी का स्वागत किया था। उनकी बेटी देवी का जन्म 12 नवंबर 2022 को हुआ था। बिपाशा कुछ समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। प्रेग्नेंसी के बाद उनके वजन बढ़ने को लेकर भी काफी चर्चा हुई है। इसी बीच उन्होंने बच्चे के जन्म के बाद हुई ट्रोलिंग का अनुभव साझा किया। बिपाशा और करण की शादी 2016 में हुई थी। इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया था बेटी का नाम बिपाशा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर बेटी के जन्म की जानकारी दी थी। इसी पोस्ट में उन्होंने बेटी का नाम भी बताया था। पोस्ट में लिखा था, “12.11.2022. देवी बसु सिंह ग्रोवर। हमारे प्यार और मां के आशीर्वाद का साकार रूप अब हमारे साथ है और वह दिव्य है।” बिपाशा की पोस्ट। इंटरव्यू में बेटी पर बात करते हुए बिपाशा ने कहा, “मैं अपनी जिंदगी के कुछ हिस्से शेयर करती हूं, क्योंकि मुझे ऐसा करना अच्छा लगता है और मुझे अपनी जिंदगी पर गर्व है, लेकिन मैं नहीं चाहती कि इतनी कम उम्र में मेरी बेटी को किसी तरह के जजमेंट का सामना करना पड़े। मुझे लगता है कि यह हर किसी की अपनी पसंद है। आप जितना प्राइवेट रहना चाहें, रह सकते हैं और जितना पब्लिक रहना चाहें, रह सकते हैं।” एक्ट्रेस ने आगे कहा कि जब देवी अचानक मुझे खूबसूरत कहती है, तो यह बात सीधे दिल को छू जाती है। मुझे लगता है कि अब मुझे किसी और से कॉम्प्लिमेंट की जरूरत नहीं है, क्योंकि मेरी बेटी मुझे खूबसूरत मानती है।” ……………. यह खबर भी पढ़ें… मृणाल ठाकुर ने बिपाशा पर किए कमेंट्स पर माफी मांगी:पुराने वीडियो पर सफाई देते हुए कहा- बॉडी शेमिंग करने का इरादा नहीं था पिछले साल मृणाल ठाकुर ने पुराने वायरल वीडियो में बिपाशा बसु पर किए कमेंट्स को लेकर माफी मांगी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था कि 19 साल की उम्र में उन्होंने कई बेवकूफी भरी बातें की थीं। उन्हें तब अपने शब्दों के असर का अंदाजा नहीं था। मृणाल ने कहा था कि उनका किसी की बॉडी शेमिंग करने का इरादा नहीं था। वह इंटरव्यू में मजाक कर रही थीं, जो ज्यादा हो गया था। उन्होंने माना था कि उन्हें अपने शब्द अलग तरह से चुनने चाहिए थे। मृणाल ने यह भी कहा था कि समय के साथ उन्होंने समझा कि खूबसूरती हर रूप में होती है। वीडियो वायरल होने के बाद उनकी आलोचना हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bipasha Basu Body Shaming Controversy

5 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने हाल ही में बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बिपाशा ने ‘एल इंडिया’ से बातचीत में कहा कि महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चे को जन्म देने के बाद भी 20 साल की उम्र जैसा शरीर बना लें। बिपाशा बोलीं- महिलाओं के शरीर को लेकर सोच अजीब बिपाशा ने कहा, “आज भी महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली बातें काफी अजीब हैं। ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद 40 की उम्र में भी आपको 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “20 साल की महिला से जो उम्मीद की जाती है, वही 40 साल की महिला से भी की जाती है। अगर आप जल्दी अपनी पुरानी शेप में नहीं लौटतीं, तो आपको ट्रोल किया जाएगा। लोग बहुत बेरहमी से पेश आएंगे।” बिपाशा बसु ने 43 साल की उम्र में अपनी पहली बेटी को जन्म दिया था। बिपाशा बोलीं- पैपराजी ने मेरी अजीब तस्वीरें खींचीं बिपाशा ने बेटी देवी के जन्म के बाद खुद इसका सामना किया। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। कुछ पैपराजी ने मेरी बेहद अजीब तस्वीरें खींचीं। वे यह नहीं देखते कि एक महिला कितनी मेहनत कर रही है। बच्चे के साथ उसे कितना कुछ संभालना पड़ता है। उसकी जिंदगी, लाइफस्टाइल और निजी परेशानियां भी होती हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं होती। हर कोई बस यही चाहता है कि महिला जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौट आए।” बिपाशा बोलीं- ट्रोलिंग उन्हें तोड़ नहीं सकती बिपाशा ने कहा, “मैं बेहद आत्मविश्वासी इंसान हूं, इसलिए किसी भी तरह की ट्रोलिंग मुझे तोड़ नहीं सकती। मुझे पता है कि मेरा सफर क्या है, मुझे पता है कि मुझे कौन-सी मेहनत करनी है और कब करनी है। मैं उसी के हिसाब से आगे बढ़ूंगी।” बिपाशा ने यह भी कहा कि मैंने सभी से खुद से प्यार करो की बात कहना शुरू किया, क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि बात सिर्फ अच्छा दिखने की नहीं है। यह उससे कहीं ज्यादा अंदर की चीज है। आपको हेल्दी रहना जरूरी है। शादी के 6 साल बाद बेटी का जन्म हुआ था बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर ने शादी के 6 साल बाद बेटी का स्वागत किया था। उनकी बेटी देवी का जन्म 12 नवंबर 2022 को हुआ था। बिपाशा कुछ समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। प्रेग्नेंसी के बाद उनके वजन बढ़ने को लेकर भी काफी चर्चा हुई है। इसी बीच उन्होंने बच्चे के जन्म के बाद हुई ट्रोलिंग का अनुभव साझा किया। बिपाशा और करण की शादी 2016 में हुई थी। इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया था बेटी का नाम बिपाशा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर बेटी के जन्म की जानकारी दी थी। इसी पोस्ट में उन्होंने बेटी का नाम भी बताया था। पोस्ट में लिखा था, “12.11.2022. देवी बसु सिंह ग्रोवर। हमारे प्यार और मां के आशीर्वाद का साकार रूप अब हमारे साथ है और वह दिव्य है।” बिपाशा की पोस्ट। इंटरव्यू में बेटी पर बात करते हुए बिपाशा ने कहा, “मैं अपनी जिंदगी के कुछ हिस्से शेयर करती हूं, क्योंकि मुझे ऐसा करना अच्छा लगता है और मुझे अपनी जिंदगी पर गर्व है, लेकिन मैं नहीं चाहती कि इतनी कम उम्र में मेरी बेटी को किसी तरह के जजमेंट का सामना करना पड़े। मुझे लगता है कि यह हर किसी की अपनी पसंद है। आप जितना प्राइवेट रहना चाहें, रह सकते हैं और जितना पब्लिक रहना चाहें, रह सकते हैं।” एक्ट्रेस ने आगे कहा कि जब देवी अचानक मुझे खूबसूरत कहती है, तो यह बात सीधे दिल को छू जाती है। मुझे लगता है कि अब मुझे किसी और से कॉम्प्लिमेंट की जरूरत नहीं है, क्योंकि मेरी बेटी मुझे खूबसूरत मानती है।” ……………. यह खबर भी पढ़ें… मृणाल ठाकुर ने बिपाशा पर किए कमेंट्स पर माफी मांगी:पुराने वीडियो पर सफाई देते हुए कहा- बॉडी शेमिंग करने का इरादा नहीं था पिछले साल मृणाल ठाकुर ने पुराने वायरल वीडियो में बिपाशा बसु पर किए कमेंट्स को लेकर माफी मांगी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था कि 19 साल की उम्र में उन्होंने कई बेवकूफी भरी बातें की थीं। उन्हें तब अपने शब्दों के असर का अंदाजा नहीं था। मृणाल ने कहा था कि उनका किसी की बॉडी शेमिंग करने का इरादा नहीं था। वह इंटरव्यू में मजाक कर रही थीं, जो ज्यादा हो गया था। उन्होंने माना था कि उन्हें अपने शब्द अलग तरह से चुनने चाहिए थे। मृणाल ने यह भी कहा था कि समय के साथ उन्होंने समझा कि खूबसूरती हर रूप में होती है। वीडियो वायरल होने के बाद उनकी आलोचना हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को दिया था जवाब:बोले थे- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’; फिल्म नहीं करूंगा; डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड से बॉलीवुड को धमकियां मिलती थीं। उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार किया और कहा था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो।” यह बात फिल्ममेकर ने राइटर हुसैन जैदी के यूट्यूब चैनल पर बताई। सेट पर पहुंच जाते थे अंडरवर्ल्ड के लोग संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड से फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं थी। कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर और एक्ट्रेस लगातार डर के माहौल में काम कर रहे थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कभी फोन करते थे तो कभी सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे। संजय गुप्ता ने बताया कि उस समय कई बार ऐसे लोग फिल्म के सेट पर आकर बैठ जाते थे। उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं होती थी कि वहां कौन शूटिंग कर रहा है। वे आराम से सेट पर मौजूद रहते और अपनी बात मनवाने की कोशिश करते थे। उन्होंने बताया कि अंडरवर्ल्ड की तरफ से फिल्म बनाने और कलाकारों को कास्ट करने तक में दखल दिया जाता था। एक बार उनके पास एक प्रोड्यूसर आया और उसने कई बड़े कलाकारों के साइन किए हुए लेटर दिखाए। संजय के मुताबिक, ये साइनिंग लेटर थे, जिनमें लिखा था कि संबंधित कलाकार उस प्रोड्यूसर की फिल्म में काम करेंगे। प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि उसके पास लगभग सभी बड़े कलाकारों के साइन हैं और वह जिस अभिनेता के साथ संजय को काम करना हो, उसका नाम बता दें। इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का दबाव बताया गया। शाहरुख ने झुकने से इनकार किया था इसी बातचीत में संजय गुप्ता ने शाहरुख का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। संजय के मुताबिक, जब शाहरुख को धमकी दी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म नहीं करेंगे और न ही उनके कहने पर शो करेंगे। उन्होंने शाहरुख के रवैये को याद करते हुए कहा कि उनका जवाब था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। उससे डरता नहीं हूं।” संजय गुप्ता ने कहा कि शाहरुख ने सीधे तौर पर उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया। फिल्ममेकर के मुताबिक, इसी वजह से अंडरवर्ल्ड के लोग भी शाहरुख की इज्जत करने लगे थे। संजय ने कहा कि उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति है, जो सीधे उनके सामने खड़ा है। संजय गुप्ता को भी धमकी मिली थी बातचीत में संजय गुप्ता ने अपना एक पुराना अनुभव भी सुनाया। उन्होंने बताया कि साल 1992-93 में उन्हें अंडरवर्ल्ड की तरफ से फोन आया था। उस समय वह अपनी फिल्म ‘आतिश’ और ‘रामशास्त्र’ पर काम कर रहे थे। एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। संजय के मुताबिक, फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। इसके बाद एक प्रोड्यूसर के जरिए उन्हें पता चला कि मामला सीरियस है। उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ कुछ लोगों को भेजा गया है। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। इसके बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। संजय दत्त के घर पर रहते हुए संजय गुप्ता को अभिनेता आदित्य पंचोली का फोन आया। उन्होंने पूछा कि संजय कहां हैं और कहा कि उन्हें उनसे तुरंत मिलना है। कुछ देर बाद आदित्य पंचोली वहां पहुंचे और संजय गुप्ता को गले लगाकर कहा- “आई एम सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है।” संजय ने उनसे पूछा कि उनकी गलती कैसे? तब आदित्य ने बताया कि पिछली रात वह दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे। बातचीत में आदित्य ने कहा था कि ‘आतिश’ में उनका रोल बहुत अच्छा है और इससे उनका करियर बन सकता है, लेकिन ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल उतना अच्छा नहीं है। आदित्य ने कहा था कि अगर संजय गुप्ता पर थोड़ा दबाव डाला जाए तो शायद वह ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल बेहतर कर देंगे। संजय के मुताबिक, आदित्य ने सीधे फोन नहीं किया था, लेकिन किसी तरह उनकी यह बात आगे पहुंची और मामला धमकी तक पहुंच गया। इसके बाद संजय गुप्ता को फोन कर डराया गया। फोन पर फिर मांगा गया सिर्फ एक बदलाव आखिरकार संजय गुप्ता की अंडरवर्ल्ड से दोबारा बात कराई गई। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें लगा था कोई उनके साथ मजाक कर रहा है और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सामने से ऐसा फोन आएगा। संजय के मुताबिक, दूसरी तरफ से उन्हें शांत रहने को कहा गया। फिर कहा गया कि ‘रामशास्त्र’ में आदित्य पंचोली का रोल थोड़ा और अच्छा कर दें। संजय ने बताया कि उन्होंने कहा कि रोल पहले से अच्छा है लेकिन सामने से फिर कहा गया कि जितना हो सके, रोल को और बेहतर कर दें।
शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को दिया था जवाब:बोले थे- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’; फिल्म नहीं करूंगा; डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड से बॉलीवुड को धमकियां मिलती थीं। उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार किया और कहा था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो।” यह बात फिल्ममेकर ने राइटर हुसैन जैदी के यूट्यूब चैनल पर बताई। सेट पर पहुंच जाते थे अंडरवर्ल्ड के लोग संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड से फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं थी। कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर और एक्ट्रेस लगातार डर के माहौल में काम कर रहे थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कभी फोन करते थे तो कभी सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे। संजय गुप्ता ने बताया कि उस समय कई बार ऐसे लोग फिल्म के सेट पर आकर बैठ जाते थे। उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं होती थी कि वहां कौन शूटिंग कर रहा है। वे आराम से सेट पर मौजूद रहते और अपनी बात मनवाने की कोशिश करते थे। उन्होंने बताया कि अंडरवर्ल्ड की तरफ से फिल्म बनाने और कलाकारों को कास्ट करने तक में दखल दिया जाता था। एक बार उनके पास एक प्रोड्यूसर आया और उसने कई बड़े कलाकारों के साइन किए हुए लेटर दिखाए। संजय के मुताबिक, ये साइनिंग लेटर थे, जिनमें लिखा था कि संबंधित कलाकार उस प्रोड्यूसर की फिल्म में काम करेंगे। प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि उसके पास लगभग सभी बड़े कलाकारों के साइन हैं और वह जिस अभिनेता के साथ संजय को काम करना हो, उसका नाम बता दें। इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का दबाव बताया गया। शाहरुख ने झुकने से इनकार किया था इसी बातचीत में संजय गुप्ता ने शाहरुख का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। संजय के मुताबिक, जब शाहरुख को धमकी दी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म नहीं करेंगे और न ही उनके कहने पर शो करेंगे। उन्होंने शाहरुख के रवैये को याद करते हुए कहा कि उनका जवाब था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। उससे डरता नहीं हूं।” संजय गुप्ता ने कहा कि शाहरुख ने सीधे तौर पर उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया। फिल्ममेकर के मुताबिक, इसी वजह से अंडरवर्ल्ड के लोग भी शाहरुख की इज्जत करने लगे थे। संजय ने कहा कि उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति है, जो सीधे उनके सामने खड़ा है। संजय गुप्ता को भी धमकी मिली थी बातचीत में संजय गुप्ता ने अपना एक पुराना अनुभव भी सुनाया। उन्होंने बताया कि साल 1992-93 में उन्हें अंडरवर्ल्ड की तरफ से फोन आया था। उस समय वह अपनी फिल्म ‘आतिश’ और ‘रामशास्त्र’ पर काम कर रहे थे। एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। संजय के मुताबिक, फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। इसके बाद एक प्रोड्यूसर के जरिए उन्हें पता चला कि मामला सीरियस है। उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ कुछ लोगों को भेजा गया है। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। इसके बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। संजय दत्त के घर पर रहते हुए संजय गुप्ता को अभिनेता आदित्य पंचोली का फोन आया। उन्होंने पूछा कि संजय कहां हैं और कहा कि उन्हें उनसे तुरंत मिलना है। कुछ देर बाद आदित्य पंचोली वहां पहुंचे और संजय गुप्ता को गले लगाकर कहा- “आई एम सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है।” संजय ने उनसे पूछा कि उनकी गलती कैसे? तब आदित्य ने बताया कि पिछली रात वह दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे। बातचीत में आदित्य ने कहा था कि ‘आतिश’ में उनका रोल बहुत अच्छा है और इससे उनका करियर बन सकता है, लेकिन ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल उतना अच्छा नहीं है। आदित्य ने कहा था कि अगर संजय गुप्ता पर थोड़ा दबाव डाला जाए तो शायद वह ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल बेहतर कर देंगे। संजय के मुताबिक, आदित्य ने सीधे फोन नहीं किया था, लेकिन किसी तरह उनकी यह बात आगे पहुंची और मामला धमकी तक पहुंच गया। इसके बाद संजय गुप्ता को फोन कर डराया गया। फोन पर फिर मांगा गया सिर्फ एक बदलाव आखिरकार संजय गुप्ता की अंडरवर्ल्ड से दोबारा बात कराई गई। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें लगा था कोई उनके साथ मजाक कर रहा है और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सामने से ऐसा फोन आएगा। संजय के मुताबिक, दूसरी तरफ से उन्हें शांत रहने को कहा गया। फिर कहा गया कि ‘रामशास्त्र’ में आदित्य पंचोली का रोल थोड़ा और अच्छा कर दें। संजय ने बताया कि उन्होंने कहा कि रोल पहले से अच्छा है लेकिन सामने से फिर कहा गया कि जितना हो सके, रोल को और बेहतर कर दें।
कांगो में शादी समारोह में आग, 22 की मौत:कई घायल; बचने के लिए भागे लोग संकरी गलियों में फंसे, सड़क किनारे शव मिले

कांगो की राजधानी किंशासा में शादी समारोह के दौरान बिल्डिंग में आग लगने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। आग शुक्रवार रात उत्तरी किंशासा के लिंगवाला इलाके में एक इमारत में लगी और शनिवार सुबह तक जारी रही। आग लगने के बाद शादी में मौजूद लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की। बिल्डिंग के संकरे रास्तों और गलियों में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से हालात बिगड़ गए। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। हादसे के बाद कुछ लोगों को सड़क किनारे लिटाकर उनकी मदद करने की कोशिश की गई। इनमें कुछ लोग जिंदा थे, जबकि कुछ की मौत हो चुकी थी। हादसे से जुड़ी 5 तस्वीरें… आग लगने की वजह साफ नहीं अधिकारियों ने अभी तक आग लगने की सही वजह की पुष्टि नहीं की है। कांगो के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैक्वेमिन शाबानी ने घटनास्थल का शनिवार सुबह दौरा किया। उन्होंने हादसे को दुखद त्रासदी बताया। अधिकारियों ने फिलहाल आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है। किंशासा में आग की घटनाएं आम स्थानीय मीडिया के मुताबिक किंशासा के घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। शहर में तेजी से हो रहे अनियोजित शहरी विकास के कारण कई जगह पर्याप्त अग्निशमन सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। सूखी गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं और बढ़ जाती हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार इस साल भी किंशासा में आग लगने के कई हादसे सामने आ चुके हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें… यमन में हूती विद्रोहियों के हमले में 129 की मौत, बाब अल-मंदेब पर कब्जे की कोशिश यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी फोर्स के बीच भीषण लड़ाई में 129 लोगों की मौत हुई है। यह हाल के वर्षों में यमन में हुई सबसे घातक झड़पों में से एक है। हूती विद्रोही लाल सागर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के करीब अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कांगो में शादी समारोह में आग, 22 की मौत:कई घायल; बचने के लिए भागे लोग संकरी गलियों में फंसे, सड़क किनारे शव मिले

कांगो की राजधानी किंशासा में शादी समारोह के दौरान बिल्डिंग में आग लगने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। आग शुक्रवार रात उत्तरी किंशासा के लिंगवाला इलाके में एक इमारत में लगी और शनिवार सुबह तक जारी रही। आग लगने के बाद शादी में मौजूद लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की। बिल्डिंग के संकरे रास्तों और गलियों में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से हालात बिगड़ गए। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। हादसे के बाद कुछ लोगों को सड़क किनारे लिटाकर उनकी मदद करने की कोशिश की गई। इनमें कुछ लोग जिंदा थे, जबकि कुछ की मौत हो चुकी थी। आग लगने की वजह साफ नहीं अधिकारियों ने अभी तक आग लगने की सही वजह की पुष्टि नहीं की है। कांगो के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैक्वेमिन शाबानी ने घटनास्थल का शनिवार सुबह दौरा किया। उन्होंने हादसे को दुखद त्रासदी बताया। अधिकारियों ने फिलहाल आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है। किंशासा में आग की घटनाएं आम स्थानीय मीडिया के मुताबिक किंशासा के घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। शहर में तेजी से हो रहे अनियोजित शहरी विकास के कारण कई जगह पर्याप्त अग्निशमन सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। सूखी गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं और बढ़ जाती हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार इस साल भी किंशासा में आग लगने के कई हादसे सामने आ चुके हैं।







