Saturday, 24 Oct 2026 | 05:33 PM

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बेटी दुआ के बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया फोटोशूट:मां का बेबी बंप निहारती नजर आईं, पिता के साथ मस्ती की; जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी

बेटी दुआ के बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया फोटोशूट:मां का बेबी बंप निहारती नजर आईं, पिता के साथ मस्ती की; जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। दूसरी बच्चे का ऐलान इस साल की शुरुआत में करने के बाद कपल ने मंगलवार को फैमिली फोटोशूट की कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। दीपिका-रणवीर के फोटोशूट में उनकी बेटी दुआ भी नजर आ रही हैं। तस्वीरों में दीपिका और रणवीर के साथ दुआ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। तस्वीरों के साथ रणवीर सिंह ने कैप्शन में लिखा है, “बेबी दुआ और हमारे दिल बड़े हो रहे हैं! आपकी दुआओं के लिए धन्यवाद।” देखिए रणवीर सिंह- दीपिका की खूबसूरत फैमिली फोटोज- सोशल मीडिया यूजर्स ने दुआ की नई तस्वीर की तुलना दीपिका और रणवीर की पुरानी तस्वीरों से की। ज्यादातर लोगों का कहना था कि दुआ बिल्कुल रणवीर जैसी दिखती हैं। जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी दीपिका पादुकोण का तस्वीरों में बड़ा बेबी बंप नजर आया है। इससे पहले पिछली प्रेग्नेंसी में भी मेटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें पोस्ट करने के महज एक हफ्ते बाद ही दीपिका ने बेटी को जन्म दिया था। इस बार भी यही हो सकता है। दीपिका ने अप्रैल में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद अब वह 9वें महीने के करीब हो सकती हैं। 19 अप्रैल को की थी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 19 अप्रैल को दूसरी बार पेरेंट्स बनने की गुड न्यूज दी थी। तब भी कपल ने बेटी दुआ की प्रेग्नेंसी किट पकड़े हुए तस्वीर शेयर की थी। सितंबर 2024 में हुआ था दुआ का जन्म दीपिका पादुकोण ने साल 2024 की शुरुआत में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद 8 सितंबर 2024 को उनके घर बेटी का जन्म हुआ था। नवंबर 2024 में कपल ने बेटी का नाम दुआ रखा। शुरुआत में दीपिका-रणवीर ने बेटी की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की थीं। दीवाली के मौके पर दीपिका रणवीर ने फैमिलो फोटोज शेयर कर दुआ का चेहरा रिवील किया था। देखिए दीपिका की पिछली प्रेग्नेंसी की तस्वीरें-

अमेरिका का कनाडा के डेयरी प्रोडक्ट और शराब पर बैन:मोटरसाइकिलों पर भी रोक, 29 सितंबर से लागू होगा; व्यापार में भेदभाव का आरोप लगाया

अमेरिका का कनाडा के डेयरी प्रोडक्ट और शराब पर बैन:मोटरसाइकिलों पर भी रोक, 29 सितंबर से लागू होगा; व्यापार में भेदभाव का आरोप लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले डेयरी प्रोडक्ट, शराब और मोटरसाइकिलों पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह बैन 29 सितंबर से लागू होगा। ट्रम्प ने यह फैसला कनाडा की ओर से अमेरिकी सामान पर 50% तक जवाबी टैरिफ लगाने के बाद लिया है। ट्रम्प के आदेश के तहत कनाडा से आने वाली शराब, वाइन और अल्कोहल-फ्री बीयर पर रोक लगेगी। इसके अलावा दूध से बने कुछ प्रोडक्ट भी अमेरिका में नहीं आ सकेंगे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बैन को सीमित रखा गया है, ताकि अमेरिकी लोगों के लिए सामान की कीमतें अचानक न बढ़ें। कनाडा ने अमेरिका के सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया ट्रम्प के नए बैन से कुछ घंटे पहले कनाडा ने कई अमेरिकी सामान पर 50% तक जवाबी टैरिफ लागू किया था। कनाडा ने ये टैरिफ अमेरिका के लगाए टैरिफ के जवाब में लगाए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रम्प की व्यापार नीति का विरोध किया है। कनाडा का कहना है कि अमेरिका जितने डॉलर के सामान पर टैरिफ लगाएगा, वह भी लगभग उतने ही मूल्य के अमेरिकी सामान पर जवाबी शुल्क लगाएगा। ट्रम्प बोले- बराबरी नहीं तो अमेरिकी बाजार में जगह नहीं ट्रम्प ने अमेरिकी सरकार की खरीद में भी कनाडाई सामान को हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कनाडा अमेरिकी किसानों और कंपनियों को अपने बाजार में बराबर और उचित मौका नहीं देता, तब तक कनाडा के सामान को अमेरिकी सरकारी खरीद में जगह नहीं मिलेगी। कनाडा की सरकार ने अमेरिकी कंपनियों पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है। हालांकि, उसने सरकारी एजेंसियों से ठेकों में कनाडाई सामान और सेवाओं को प्राथमिकता देने को कहा है। ट्रम्प ने कुछ टैरिफ बढ़ाए, कुछ हटाए ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले कुछ सामान पर टैरिफ के नियम भी बदले हैं। कनाडा के कई एल्युमिनियम प्रोडक्ट पर अब 50% टैरिफ लगेगा। वहीं, बेडशीट, मछली पकड़ने वाली छड़ और टॉयलेट पेपर में इस्तेमाल होने वाले टिश्यू पर लगाए गए कुछ शुल्क हटा दिए गए हैं। अमेरिका-कनाडा में 18 महीने से चल रहा ट्रेड-वॉर अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार विवाद करीब 18 महीने से जारी है। जुलाई में ट्रम्प ने कनाडा पर अमेरिकी उद्योगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था। इसके बाद ट्रम्प ने एक पुराने कानून का इस्तेमाल करते हुए चुनिंदा कनाडाई सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच कई महीनों तक बातचीत चली, लेकिन 21 अगस्त में यह बातचीत टूट गई। इसके बाद दोनों के बीच टैरिफ वॉर बढ़ गया। खबर अपडेट हो रही है…

India-Japan Veer Guardian 26 Military Exercise Begins Today

India-Japan Veer Guardian 26 Military Exercise Begins Today

Hindi News Career India Japan Veer Guardian 26 Military Exercise Begins Today | Current Affairs 13 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. वीर गार्जियन 26 अभ्यास आज से शुरू होगा 9 सितंबर से भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय वायु सेना अभ्यास ‘वीर गार्जियन 26’ शुरू हुआ। भारतीय वायु सेना और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के बीच ये अभ्यास जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर शुरू होगा। ये अभ्यास भारतीय वायु सेना (IAF) और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के बीच आयोजित किया जा रहा है। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य दोनों मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल समझ को बढ़ाना है। ये अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी ‘क्वाड’ (QUAD) समूह का भी एक प्रमुख हिस्सा है। दोनों देशों का ये सैन्य अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में सुरक्षा और शांति को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा। ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास दोनों देशों के पायलटों को एक-दूसरे की तकनीकों और युद्ध रणनीतियों को समझने का अवसर प्रदान करता है। भारत और जापान के बीच अन्य रक्षा अभ्यास जैसे ‘धर्म गार्जियन’ और ‘जिमेक्स’ (JIMEX) भी नियमित रूप से होते हैं। भारतीय वायुसेना के अनुसार, जापान के दो C-2 परिवहन विमान जोधपुर स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर उतरे। ये अभ्यास वैश्विक स्तर पर उभरती रक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देशों को तैयार करने में मदद करता है। 2. पीएम मोदी गुजरात में 35200 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट शुरू किये 8 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के वडोदरा में कई प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया। पीएम इस कार्यक्रम में 35200 करोड़ के प्रोजेक्ट साथ ही वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर (WDFC) के तीन महत्वपूर्ण सेक्शंस का उद्घाटन-शिलान्यास किया। इनकी कुल लंबाई 326 रूट किमी है और इसे 20,700 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से विकसित किया गया है। 329 किमी लंबी और 9,700 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाले तीन रेल प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास भी किया। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेल लाइन्स, मियागाम करजन-चोरंदा-मालसर गेज कंवर्जन और विश्वामित्री-दभोई रेल लाइन डबलिंग प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, पीएम मोदी गुजरात सरकार की करीब 2,600 करोड़ रुपए के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में जेन-जी से भी संवाद किया। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 3 दिनों की यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे 8 सितंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिनों की आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे हैं। भारत-श्रीलंका के बीच ये यात्रा रक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए है। राजनाथ सिंह अपनी इस यात्रा के दौरान श्रीलंका के सीनियर नेताओं से द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे। राजनाथ अपनी इस यात्रा के दौरान कोलंबो में भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात करेंगे। राजनाथ के साथ रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के सीनियर ऑफिसर्स का एक दल भी रहेगा। भारत और श्रीलंका के बीच रीजनल सिक्योरिटी, डिफेंस, ट्रेड , इकोनॉमिक रिलेशन प्रमुख आधार है। रक्षा मंत्री की श्रीलंका यात्रा नेवरहुड फर्स्ट पॉलिसी का हिस्सा है। निधन (DEATH) 4. मलयाली फिल्म डायरेक्टर आर सरथ का निधन 7 सितंबर को प्रसिद्ध मलयाली फिल्म डायरेक्टर और कहानीकार आर सरथ का निधन हो गया। वे 65 साल के थे। सरथ की मशहूर फिल्मों में सायाह्नम, स्थिति, शीलाबती, और पैराडाइज जैसी फिल्में शामिल हैं। सरथ ने अपने करियर की शुरुआत केरल कौमुदी में पत्रकार के तौर पर की थी। साल 2000 में सरथ ने सायाह्नम फिल्म बनाई, जिसे इंदिरा गांधी अवॉर्ड फॉर बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर मिला। सरथ 2021 में केरल सरकार के जनसंपर्क विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए। मिसलीनियस 5. ब्रिटेन ने भारत की कार्बन क्रेडिट योजना को मंजूरी दी 8 सितंबर को ब्रिटेन (UK) की सरकार ने भारत की नेशनल कार्बन क्रेडिट योजना को मंजूरी दी। ये योजना क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए है। ब्रिटेन की मंजूरी के बाद भारतीय निर्यातकों को यूके के नए कार्बन टैक्स के तहत एडिशनल डबल टैक्स नहीं चुकाना होगा। ये फैसला भारत और ब्रिटेन के बीच जारी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को बेहतर करने के लिए है। भारत की अपनी घरेलू ‘कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम’ (CCTS) के वैश्विक प्रभाव को मजबूती मिली है। इस फैसले के बाद भारत के स्टील, सीमेंट, एल्यूमीनियम और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भारी विनिर्माण उद्योगों के निर्यातकों को इस ऐतिहासिक फैसले से अरबों रुपए की वित्तीय राहत मिलेगी। इस कर छूट के बाद भारतीय मैन्युफैक्चरर के बनाए गए पर्यावरण अनुकूल उत्पाद ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय बाजारों में ज्यादा बेहतर दामों पर बेचे जा सकेंगे। ये समझौता दोनों देशों के जलवायु परिवर्तन से लड़ने और पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने के सामूहिक वैश्विक संकल्प को प्रदर्शित करता है। कार्बन क्रेडिट एक प्रकार का ट्रैड सर्टिफिकेशन लेटर है, जो ये बताता है कि किसी औद्योगिक इकाई ने अपने प्रयासों से वायुमंडल से एक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम किया है। आज का इतिहास 1850 में आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह और नाटककार भारतेंदु हरिश्चंद्र का जन्म हुआ था। 1949 में भारत की संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। ——————————- ये खबर भी पढ़ें.. 8 सितंबर के करेंट अफेयर्स:ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी 39 नागा अवशेष भारत वापस भेजेगी, पीएम मोदी ने पेरिस मंदिर का उद्घाटन किया आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

पंजाबी सिंगर एमी विर्क की गाड़ी पर फायरिंग:कनाडा में शो के बाद 7 गोलियां चलाई गईं, रोल्स रॉयस में होने से बचे

पंजाबी सिंगर एमी विर्क की गाड़ी पर फायरिंग:कनाडा में शो के बाद 7 गोलियां चलाई गईं, रोल्स रॉयस में होने से बचे

पंजाबी सिंगर और एक्टर एमी विर्क पर कनाडा में शो के बाद फायरिंग का मामला सामने आया है। शनिवार देर रात शो खत्म कर लौट रहे एमी विर्क की रोल्स रॉयस कलिनन पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गाड़ी में एमी विर्क समेत चार लोग सवार थे। करीब 7 से 10 गोलियां चलाई गईं, जिनमें से 7 के निशान गाड़ी पर मिले। हमले में सभी सुरक्षित हैं। शुरुआत में एक कार पर गोलियां चलने की सूचना थी लेकिन आयोजकों ने अब क्लीयर किया है कि इस कार में पंजाबी सिंगर एमवी विर्क भी थे। हालांकि, दुनिया की महंगी कारों में से एक रोल्स रॉयस कुलिनन में होने के चलते गोलियां आरपार नहीं हो पाईं। कार में 7 बुलेट लगे हैं। ज्यादा नुकसान पिछले शीशे पर हुआ। शो खत्म कर निकले, तभी गाड़ी पर बरसीं गोलियां घटना शनिवार रात करीब 11 बजे मैक्कलम रोड और साउथ फ्रेजर वे के पास हुई। एमी विर्क एबॉट्सफोर्ड के रोजर फोर्न में शो खत्म कर रोल्स रॉयस से निकले थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। गोलियों का सबसे ज्यादा असर पिछले शीशे पर हुआ, लेकिन गाड़ी की मजबूत बॉडी के कारण वे आर-पार नहीं हो सकीं। गाड़ी में एमी के साथ ऐसा शख्स भी था, जिस पर पहले 3 हमले हो चुके एमी विर्क के अलावा गाड़ी में सरे का एक व्यक्ति भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक निजता का हवाला देते हुए यह नहीं बताया गया है कि हमलावरों का असली निशाना कौन था। हालांकि, इस व्यक्ति पर पहले तीन बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। इसी वजह से पुलिस कई एंगल से मामले की जांच कर रही है। वारदात के बाद 5 किमी दूर SUV जलाई फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस को घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर सनी साइड प्लेस के पास एक संदिग्ध SUV जली हुई मिली। आशंका है कि इसी वाहन का इस्तेमाल हमले में किया गया था। गाड़ी को आग लगाने से जांच में सबूत जुटाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस जांच में जुटी, पंजाबी इंडस्ट्री में चिंता पुलिस ने फायरिंग और संदिग्ध SUV जलाए जाने की पुष्टि की है। मामले की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। एमी विर्क के गाड़ी में मौजूद होने की पुष्टि पंजाबी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और उनके परिजनों ने भी की है। कनाडा में पंजाबी कलाकारों के कार्यक्रमों और उनकी सुरक्षा को लेकर इस घटना ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकरों पर हमला:ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर 20 मिसाइलें दागीं, 18 को एयर डिफेंस ने मार गिराया

अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकरों पर हमला:ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर 20 मिसाइलें दागीं, 18 को एयर डिफेंस ने मार गिराया

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार (8 सितंबर) को ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस ने इनमें से 18 मिसाइलों को मार गिराया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान ने पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया। अमेरिका ने ओमान में 4 टैंकरों को निशाना बनाया CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में 4 तेल टैंकरों को निशाना बनाया। एक अन्य टैंकर पर ईरान के खार्ग द्वीप के पास हमला किया गया। खार्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। अमेरिका ने दावा किया कि जिन पांच टैंकरों पर हमला किया गया, वे अरबों डॉलर के एक छाया नेटवर्क का हिस्सा थे। CENTCOM के अनुसार यह नेटवर्क ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए फंड जुटाता है। अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले से पहले टैंकरों के चालक दल को जहाज खाली करने का निर्देश दिया गया था। ईरान का जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उसने अल-अज्राक एयर बेस पर भारी मिसाइल हमले किए। इस बेस के पास मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस भी है, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी रहती है। जॉर्डन की सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान की ओर से उसकी सीमा की तरफ 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 18 को हवा में ही नष्ट कर दिया। दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। जॉर्डन की सेना ने यह भी कहा कि मिसाइल हमले में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अमेरिका ने कहा- युद्धपोत पर हमला नाकाम हुआ CENTCOM के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। अमेरिकी सेना ने कहा कि युद्धपोत ने मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक चकमा दे दिया। CENTCOM के अनुसार इस घटना में किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं हुआ और अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपनी गश्त जारी रखे हुए है। अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान के इन हमलों के जवाब में ही पांच तेल टैंकरों पर कार्रवाई की गई। रूबियो की चेतावनी- अमेरिकी जहाज पर हमला किया तो टैंकर खोएगा ईरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान को खुले तौर पर चेतावनी दी है कि अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमले की कोशिश का जवाब दिया जाएगा। कोलंबिया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रूबियो ने कहा, “ईरान लगातार अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। जब भी वे ऐसा करेंगे या ऐसा करने की कोशिश करेंगे, उन्हें टैंकर गंवाने पड़ेंगे।” उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से इस तरह की कार्रवाई आगे भी देखने को मिल सकती है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी जहाजों को भी धमकाया अमेरिकी हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद अमेरिकी संपर्क वाले तेल टैंकरों के चालक दल को चेतावनी दी। IRGC ने कहा कि इन जहाजों के चालक दल को तुरंत अपने जहाज छोड़ देने चाहिए। ईरान ने धमकी दी कि चाहे जहाज बंदरगाह में खड़े हों या समुद्र में एंकर डालकर हों, उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। खार्ग द्वीप ईरान के तेल कारोबार के लिए बेहद अहम अमेरिकी कार्रवाई में जिस इलाके को निशाना बनाया गया, उसमें खार्ग द्वीप खास तौर पर महत्वपूर्ण है। यह ईरान का प्रमुख कच्चा तेल निर्यात टर्मिनल है। ईरान के करीब 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के जरिए होता है। मुख्य भूमि से पाइपलाइनों के जरिए कच्चा तेल खार्ग द्वीप तक पहुंचाया जाता है और फिर यहां से इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भेजा जाता है। इस वजह से खार्ग द्वीप के आसपास किसी भी सैन्य कार्रवाई से ईरान के तेल निर्यात और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। खबर अपडेट की जा रही है…

अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार आज 59 साल के हो गए हैं। अक्षय ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। अक्षय कुमार और हुमा कुरैशी ने 2017 में आई फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में साथ काम किया था। फिल्म के प्रमोशन के दौरान दोनों ‘द कपिल शर्मा शो’ में पहुंचे थे। इसी दौरान हुमा ने अक्षय की एक शरारत का खुलासा किया था। हुमा ने बताया था कि अक्षय ने एक बार उनका फोन चुरा लिया था। इसके बाद उन्होंने फोन का इस्तेमाल करते हुए बॉलीवुड के 2-3 अभिनेताओं को ‘मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं, आई लव यू’ जैसे मैसेज भेज दिए थे। रितेश के फोन से विद्या को भेजा था ‘आई लव यू’ अक्षय की ऐसी ही एक और शरारत का किस्सा रितेश देशमुख ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में सुनाया था। यह घटना फिल्म ‘हे बेबी’ की शूटिंग के दौरान की है। रितेश के मुताबिक, अक्षय ने उनका फोन अपने पास रख लिया था। इसके बाद उन्होंने रितेश के फोन से विद्या बालन को ‘आई लव यू’ मैसेज भेज दिया। रितेश को जब इस मैसेज के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए। मजेदार बात यह थी कि विद्या बालन ने भी उस मैसेज का जवाब दिया और किस वाला स्माइली भेजा। बाद में रितेश को पता चला कि यह पूरा मामला अक्षय कुमार की शरारत थी। उस वक्त विद्या का फोन भी अक्षय के पास था और उन्होंने ही रितेश के फोन से मैसेज भेजकर यह प्रैंक किया था। एक नजर अक्षय कुमार के करियर पर अक्षय कुमार ने 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 1992 में आई फिल्म ‘खिलाड़ी’ ने उन्हें एक्शन स्टार के तौर पर पहचान दिलाई और यहीं से उन्हें ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद अक्षय ने ‘मोहरा’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘हेरा फेरी’, ‘धड़कन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘भूल भुलैया’, ‘सिंह इज किंग’, ‘हाउसफुल’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में काम किया। एक्शन और कॉमेडी के साथ उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में भी काम किया। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘पैडमैन’, ‘केसरी’, ‘मिशन मंगल’ और ‘ओएमजी 2’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले। अक्षय कुमार को 2009 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें ‘रुस्तम’ के लिए 2017 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर भी मिला। 2026 में उनकी दो फिल्में ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज हो चुकी हैं। वहीं 11 सितंबर को उनकी फिल्म ‘हैवान’ सिनेमाघरों में आने वाली है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान लीड रोल में हैं और इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… पंकज त्रिपाठी 7 दिन जेल में रहे थे:कभी होटल में काम करते थे, मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार आज 59 साल के हो गए हैं। अक्षय ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। अक्षय कुमार और हुमा कुरैशी ने 2017 में आई फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में साथ काम किया था। फिल्म के प्रमोशन के दौरान दोनों ‘द कपिल शर्मा शो’ में पहुंचे थे। इसी दौरान हुमा ने अक्षय की एक शरारत का खुलासा किया था। हुमा ने बताया था कि अक्षय ने एक बार उनका फोन चुरा लिया था। इसके बाद उन्होंने फोन का इस्तेमाल करते हुए बॉलीवुड के 2-3 अभिनेताओं को ‘मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं, आई लव यू’ जैसे मैसेज भेज दिए थे। रितेश के फोन से विद्या को भेजा था ‘आई लव यू’ अक्षय की ऐसी ही एक और शरारत का किस्सा रितेश देशमुख ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में सुनाया था। यह घटना फिल्म ‘हे बेबी’ की शूटिंग के दौरान की है। रितेश के मुताबिक, अक्षय ने उनका फोन अपने पास रख लिया था। इसके बाद उन्होंने रितेश के फोन से विद्या बालन को ‘आई लव यू’ मैसेज भेज दिया। रितेश को जब इस मैसेज के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए। मजेदार बात यह थी कि विद्या बालन ने भी उस मैसेज का जवाब दिया और किस वाला स्माइली भेजा। बाद में रितेश को पता चला कि यह पूरा मामला अक्षय कुमार की शरारत थी। उस वक्त विद्या का फोन भी अक्षय के पास था और उन्होंने ही रितेश के फोन से मैसेज भेजकर यह प्रैंक किया था। एक नजर अक्षय कुमार के करियर पर अक्षय कुमार ने 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 1992 में आई फिल्म ‘खिलाड़ी’ ने उन्हें एक्शन स्टार के तौर पर पहचान दिलाई और यहीं से उन्हें ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद अक्षय ने ‘मोहरा’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘हेरा फेरी’, ‘धड़कन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘भूल भुलैया’, ‘सिंह इज किंग’, ‘हाउसफुल’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में काम किया। एक्शन और कॉमेडी के साथ उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में भी काम किया। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘पैडमैन’, ‘केसरी’, ‘मिशन मंगल’ और ‘ओएमजी 2’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले। अक्षय कुमार को 2009 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें ‘रुस्तम’ के लिए 2017 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर भी मिला। 2026 में उनकी दो फिल्में ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज हो चुकी हैं। वहीं 11 सितंबर को उनकी फिल्म ‘हैवान’ सिनेमाघरों में आने वाली है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान लीड रोल में हैं और इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… पंकज त्रिपाठी 7 दिन जेल में रहे थे:कभी होटल में काम करते थे, मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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Hindi News Business Meta Launches Muse AI Agent In US | Shopping And Business Planning Tools न्यूयॉर्क3 घंटे पहले कॉपी लिंक म्यूज का एनिमेटेड वीडियो, मेटा ने X पर शेयर किया है। मेटा ने मंगलवार को 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए पर्सनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट ‘म्यूज’ लॉन्च किया। यह रोजमर्रा के कामों जैसे शेड्यूल बनाने और खरीदारी में मदद करेगा। मेटा के मुताबिक, यह लंबे समय के टारगेट को एक्शन प्लान में बदलने में भी मदद कर सकता है। म्यूज अभी सिर्फ US में उपलब्ध है। मेट का कहना है कि इसके सेफ्टी-प्राइवेसी फीचर्स को खास हैं। एजेंट सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर चलता है, जिसमें एजेंट और यूजर का डेटा दोनों सुरक्षित रहते हैं। यूजर म्यूज के अलग ऐप पर या वॉट्सऐप के जरिए उससे बात कर सकते हैं। यह ईमेल भेजने और यात्रा बुक करने जैसे छोटे काम कर सकता है। साथ ही, सालभर का एक्सरसाइज प्लान बनाने या नया बिजनेस शुरू करने जैसे लंबे समय के टारगेट पर भी काम कर सकता है। ऐसी रहेगी म्यूज की वर्किंग यूजर जब म्यूज के साथ अपना टारगेट शेयर करेगा, तो यह उसके लिए पर्सनलाइज्ड प्लान बनाने में मदद करेगा। इसके बाद यह यूजर के समय और संसाधनों को व्यवस्थित कर काम को आगे बढ़ाएगा। म्यूज ब्राउजर खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है। यूजर की ओर से बातचीत यानी नेगोशिएशन भी कर सकता है। टेक कंपनियां AI एजेंट्स को चैटबॉट्स के बाद की अगली तकनीक बता रही हैं। चैटबॉट सवालों के जवाब दे सकते हैं और जानकारी खोज सकते हैं, लेकिन वे यूजर की ओर से काम नहीं करते। चैटबॉट से कैसे अलग है AI एजेंट अपने सबसे सामान्य रूप में AI एजेंट एक ट्रेडीशनल कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह काम करता है। ऐसा प्रोग्राम किसी काम को पूरा करने के लिए बनाया जाता है, जैसे कोई ऐप खोलना। जब इसे AI के लार्ज लैंग्वेज मॉडल के साथ जोड़ा जाता है, तो यह बिना हर कदम का निर्देश दिए काम पूरा करने के लिए जरूरी जानकारी खोज सकता है। मसलन, यह सिर्फ ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करने में मदद नहीं करेगा। यह मैसेज पढ़कर यह समझने की कोशिश कर सकता है कि यूजर क्या जवाब देना चाहता है और फिर अपने आप जवाब भेज सकता है। मार्क जुकरबर्ग का AI विजन मेटा के लिए यह एजेंट CEO मार्क जुकरबर्ग के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें AI सुपरइंटेलिजेंस हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध हो। उन्होंने पिछले महीने ऑनलाइन प्रकाशित 6,500 शब्दों के एक निबंध में अपना विजन बताया था। आलोचकों ने इस दस्तावेज को कल्पनाओं से भरा हुआ बताया। जुकरबर्ग ने इसमें लिखा कि मेटा ऐसे दौर की ओर बढ़ रही है, जहां हर व्यक्ति के पास नए बिजनेस बनाने, Ph.D लेवल की पढ़ाई में मदद लेने और अपनी जरूरत के मुताबिक लाइफस्टाइल सलाह पाने के टूल होंगे। जुकरबर्ग ने लिखा, “हर व्यक्ति के पास एक बेहद सक्षम पर्सनल एजेंट होगा, जो आपको, आपके लक्ष्यों और आपकी हर अहम चीज को समझेगा। आपका एजेंट आपके रिश्तों, सेहत, करियर, वित्त, घर के काम, शौक और दूसरी चीजों को बेहतर बनाने के लिए 24 घंटे, सातों दिन आपकी ओर से काम करेगा।” यह एजेंट उन चीजों के लिए समय बचाएगा, जिन्हें लोग पसंद करते हैं और उन्हें वह हासिल करने में मदद करेगा, जो वे इसके बिना नहीं कर पाते। —————– ये खबर भी पढ़ें… मस्क बोले- अगले साल इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाएगा AI, डिजिटल काम चुटकियों में करेगा, इंटरनेट और हैकिंग के लिए बनेगा बड़ा खतरा दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क का कहना है कि AI बहुत तेजी से इंसानों जैसी समझ हासिल कर रहा है। अगले साल के अंत तक यह कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े कामों में इंसानों से भी आगे निकल जाएगा। मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए यह बात कही। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business Meta Launches Muse AI Agent In US | Shopping And Business Planning Tools न्यूयॉर्क13 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूज का एनिमेटेड वीडियो, मेटा ने X पर शेयर किया है। मेटा ने मंगलवार को 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए पर्सनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट ‘म्यूज’ लॉन्च किया। यह रोजमर्रा के कामों जैसे शेड्यूल बनाने और खरीदारी में मदद करेगा। मेटा के मुताबिक, यह लंबे समय के टारगेट को एक्शन प्लान में बदलने में भी मदद कर सकता है। म्यूज अभी सिर्फ US में उपलब्ध है। मेटा ने इसके सेफ्टी और प्राइवेसी फीचर्स पर जोर दिया है। कंपनी के अनुसार, यह एजेंट एक अलग और सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर चलता है, जिसमें एजेंट और यूजर का डेटा दोनों सुरक्षित रहते हैं। यूजर म्यूज के अलग ऐप पर या वॉट्सऐप के जरिए उससे बात कर सकते हैं। यह ईमेल भेजने और यात्रा बुक करने जैसे छोटे काम कर सकता है। साथ ही, सालभर का एक्सरसाइज प्लान बनाने या नया बिजनेस शुरू करने जैसे लंबे समय के लक्ष्यों पर भी काम कर सकता है। ऐसे काम करेगा म्यूज यूजर जब म्यूज के साथ अपना लक्ष्य शेयर करेगा, तो यह उसके लिए पर्सनलाइज्ड प्लान बनाने में मदद करेगा। इसके बाद यह यूजर के समय और संसाधनों को व्यवस्थित कर काम को आगे बढ़ाएगा। मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि म्यूज ब्राउजर खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है और यूजर की ओर से बातचीत यानी नेगोशिएशन भी कर सकता है। टेक कंपनियां AI एजेंट्स को चैटबॉट्स के बाद की अगली तकनीक बता रही हैं। चैटबॉट सवालों के जवाब दे सकते हैं और जानकारी खोज सकते हैं, लेकिन वे यूजर की ओर से काम नहीं करते। चैटबॉट से कैसे अलग है AI एजेंट अपने सबसे सामान्य रूप में AI एजेंट एक पारंपरिक कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह काम करता है। ऐसा प्रोग्राम किसी काम को पूरा करने के लिए बनाया जाता है, जैसे कोई ऐप खोलना। जब इसे AI के लार्ज लैंग्वेज मॉडल के साथ जोड़ा जाता है, तो यह बिना हर कदम का निर्देश दिए काम पूरा करने के लिए जरूरी जानकारी खोज सकता है। उदाहरण के लिए, यह सिर्फ ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करने में मदद नहीं करेगा। यह सहकर्मी का मैसेज पढ़कर यह समझने की कोशिश कर सकता है कि यूजर क्या जवाब देना चाहता है और फिर अपने आप जवाब भेज सकता है। मार्क जुकरबर्ग का AI विजन मेटा के लिए यह एजेंट CEO मार्क जुकरबर्ग के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें AI सुपरइंटेलिजेंस हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध हो। उन्होंने पिछले महीने ऑनलाइन प्रकाशित 6,500 शब्दों के एक निबंध में अपना विजन बताया था। आलोचकों ने इस दस्तावेज को कल्पनाओं से भरा हुआ बताया। जुकरबर्ग ने इसमें लिखा कि मेटा ऐसे दौर की ओर बढ़ रही है, जहां हर व्यक्ति के पास नए बिजनेस बनाने, Ph.D.-स्तर की पढ़ाई में मदद लेने और अपनी जरूरत के मुताबिक लाइफस्टाइल सलाह पाने के टूल होंगे। जुकरबर्ग ने लिखा, “हर व्यक्ति के पास एक बेहद सक्षम पर्सनल एजेंट होगा, जो आपको, आपके लक्ष्यों और आपकी हर अहम चीज को समझेगा। आपका एजेंट आपके रिश्तों, सेहत, करियर, वित्त, घर के काम, शौक और दूसरी चीजों को बेहतर बनाने के लिए 24 घंटे, सातों दिन आपकी ओर से काम करेगा।” उन्होंने आगे लिखा कि यह एजेंट उन चीजों के लिए समय बचाएगा, जिन्हें लोग पसंद करते हैं और उन्हें वह हासिल करने में मदद करेगा, जो वे इसके बिना नहीं कर पाते। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि क्या लोग वास्तव में इसका इस्तेमाल करेंगे। यह जानकारी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट पर आधारित है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Alice Weidel Controversy | AfD Leader Against Same-Sex Marriage Germany

Alice Weidel Controversy | AfD Leader Against Same-Sex Marriage Germany

6 घंटे पहलेलेखक: संजय झा कॉपी लिंक जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट में सितंबर 2026 के चुनाव में अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने बड़ी जीत हासिल की है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है, जब जर्मनी में कोई दक्षिणपंथी पार्टी किसी राज्य में इतनी बड़ी जीत के साथ सत्ता के करीब पहुंची है। AfD दूसरे देशों से आकर जर्मनी में बसे लोगों और समलैंगिक शादी के खिलाफ अपने सख्त रुख के लिए जानी जाती है। लेकिन इस पार्टी की कहानी में एक बात सबसे ज्यादा चौंकाती है। AfD की चीफ एलिस वीडल खुद लेस्बियन हैं। उनकी पार्टनर श्रीलंका में जन्मी हैं। यानी जिस पार्टी की नीतियां समलैंगिक शादी और प्रवासियों के खिलाफ हैं, उसी पार्टी की सबसे ताकतवर नेता की अपनी निजी जिंदगी इससे बिल्कुल अलग है। जर्मनी में AfD के बढ़ते प्रभाव के पीछे वीडल का बड़ा हाथ माना जाता है। लेकिन उनकी राजनीति को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर एलिस वीडल कौन हैं और वह ऐसी पार्टी का चेहरा कैसे बनीं, जिसकी सोच उनकी अपनी जिंदगी से बिल्कुल अलग है? AfD चीफ एलिस वीडल चुनाव के बाद रविवार को बर्लिन स्थित पार्टी मुख्यालय में जर्मनी का झंडा लहराती हुईं। बचपन: दादा हिटलर समर्थक थे, घर छोड़कर भागना पड़ा जर्मन अखबार डाय वेल्ट के मुताबिक वीडल का बचपन ऐसे माहौल में बीता, जहां राजनीति को लेकर काफी चर्चा होती थी। हालांकि, उनके माता-पिता किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े नहीं थे। वीडल के दादा हंस वीडल हिटलर की नाजी पार्टी से जुड़े हुए थे। इस दौरान उनकी काफी तरक्की हुई। हिटलर ने उन्हें 1941 में नाजी कब्जे वाले वारसॉ में सैन्य न्यायधीश बनाया था। वीडल परिवार तब सिलेसिया में रहता था। यह अब पोलैंड का इलाका है। द्वितीय विश्व युद्ध में जब हिटलर की हार हुई तो वे भागकर पश्चिमी जर्मनी पहुंचे। यहां वीडल परिवार ने फर्नीचर का काम शुरू किया। 1979 में एलिस वीडल का जन्म हुआ। वह सिर्फ 6 साल की थीं, जब उनके दादा की मौत हो गई। एलिस के मुताबिक, नाजी शासन के दौरान उनके दादा ने क्या काम किए थे, इस बारे में परिवार में कभी बातचीत नहीं हुई। टीचर को चिढ़ाने के लिए मर्सिडीज से स्कूल जाती थीं अपने स्कूली दिनों को लेकर वीडल ने बताया कि उनके स्कूल के ज्यादातर शिक्षक वामपंथी विचारधारा से प्रभावित थे। वह कहती हैं, वे मुझे पसंद नहीं करते थे और मैं भी उन्हें पसंद नहीं करती थी। उनको चिढ़ाने के लिए मैं अपने पिता की मर्सिडीज से स्कूल जाती थी स्कूली दिनों में वीडल डॉक्टर बनना चाहती थीं। लेकिन उनके पिता इसके खिलाफ थे। उनका कहना था कि डॉक्टर की पूरी जिंदगी बीमार लोगों के बीच गुजरती है। ऐसे पेशे में जाने का कोई मतलब नहीं है। पिता की सलाह पर वीडल ने इकोनॉमिक्स और बिजनेस की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बैंकिंग और बिजनेस में करियर शुरू किया। कुछ समय उन्होंने अमेरिकी इनवेस्टमेंट कंपनी गोल्डमैन सैक्स में काम किया। इसके बाद वह चीन चली गईं। मंदारिन सीखी, चीन की अर्थव्यवस्था समझी चीन में वीडल ने बैंक ऑफ चाइना में काम किया और 5 साल तक वहां रहीं। इसी दौरान उन्होंने मंदारिन यानी चीनी भाषा सीखी और बिजनेस कंसल्टेंट के तौर पर भी काम किया। चीन में रहते हुए उनकी दिलचस्पी वहां की अर्थव्यवस्था में बढ़ी और उन्होंने चीन की पेंशन व्यवस्था के भविष्य पर रिसर्च शुरू की। 2011 में उन्होंने इसी विषय पर डॉक्टरेट पूरी की और फिर जर्मनी लौट आईं। वीडल अर्थशास्त्र पढ़ चुकी थीं, बैंक में काम कर चुकी थीं और चीन में कई साल बिता चुकी थीं। यानी राजनीति में आने से पहले ही उन्हें पैसे, कारोबार और दुनियादारी की अच्छी समझ हो गई थी। प्यार-परिवार: पार्टनर के ताना मारने पर राजनीति में एंट्री 45 साल की एलिस वीडल की पार्टनर एक श्रीलंकाई मूल की महिला हैं। वह फिल्ममेकर हैं। साल 2007 में वीडल की मुलाकात सारा बॉसार्ड से हुई। सारा स्विट्जरलैंड की फिल्म निर्माता हैं। सारा का जन्म श्रीलंका में हुआ था। जब वह सिर्फ तीन महीने की थीं, तब स्विट्जरलैंड के एक पादरी दंपती ने उन्हें गोद ले लिया था। वीडल और सारा की दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गई। दोनों 2009 से साथ हैं। वे स्विट्जरलैंड में अपने दो बेटों के साथ रहती हैं और मिलकर उनकी परवरिश करती हैं। सारा बोसार्ड ने दोनों बच्चों को स्पर्म डोनेशन की मदद से जन्म दिया। दोनों बच्चों के जैविक पिता अलग-अलग पुरुष हैं। यह कोई गुमनाम स्पर्म बैंक का मामला नहीं था। वीडल और सारा दोनों बच्चों के जैविक पिताओं को जानती हैं और बच्चों को भी अपने जैविक पिता की पहचान पता है। हालांकि, इन दोनों पुरुषों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। वीडल के मुताबिक, AfD में शामिल होने का आइडिया उन्हें उनकी पार्टनर सारा से ही मिला था। एक पार्टी में वीडल लगातार यूरोपीय संघ की राजनीति पर बातें किए जा रही थीं। उनकी लंबी-लंबी बातें सुनकर सारा परेशान हो गईं। उन्होंने वीडल से कहा, अगर राजनीति पर इतनी ही बातें करनी हैं तो खुद राजनीति में क्यों नहीं चली जातीं? सारा की यह बात वीडल के मन में बैठ गई… राजनीति: देखते ही देखते AfD का सबसे बड़ा चेहरा बन गईं एलिस वीडल 5 जुलाई 2026 को एरफुर्ट में पार्टी कांग्रेस के दौरान भाषण देती हुईं। 2013 में वीडल नई-नई बनी AfD पार्टी से जुड़ गईं। उस समय पार्टी का मुख्य मुद्दा प्रवासी या समलैंगिक विवाह नहीं, बल्कि यूरो और यूरोजोन संकट था। AfD इस बात के खिलाफ थी कि जर्मनी आर्थिक संकट से जूझ रहे दूसरे यूरोपीय देशों को लगातार पैसे दे। वीडल भी यूरो को लेकर जर्मनी की नीतियों की आलोचना करती थीं। यही वजह थी कि वह इस नई पार्टी के साथ जुड़ीं। AfD में शामिल होने के बाद वीडल का कद तेजी से बढ़ने लगा। कुछ ही समय में वह पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में पहुंच गईं। उनकी पहचान ऐसी नेता के तौर पर बनने लगी, जो आर्थिक मामलों को अच्छी तरह समझती थीं और पार्टी की बात को मीडिया के सामने मजबूती से रख सकती थीं। 2015 में बदली AfD की सियासत, शरणार्थी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया फिर आया 2015, वह साल जिसने जर्मनी की