‘जेलर 2’ में कटाना से लड़ीं अपेक्षा पोरवाल:बोलीं- रजनी सर के साथ काम करना सपने जैसा, मिथुन दा- ऋतिक ने एक्शन में मदद की

अभिनेत्री अपेक्षा पोरवाल इन दिनों रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में एक्शन सीक्वेंस किए हैं। दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रहीं अपेक्षा ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम कैसे मिला। उन्होंने रजनीकांत, ऋतिक, मिथुन चक्रवर्ती और निर्देशक नेल्सन के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। मिस इंडिया बनने के बाद उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और थिएटर भी किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर बात की। सवाल: ‘जेलर 2’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: मैं पिछले दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रही हूं। किक बॉक्सिंग, ननचाकू और कटाना जैसी पुरानी हथियार तकनीकों में दिलचस्पी है। शायद फिल्म की टीम ने मेरा काम देखा, जिसके बाद मुझे अप्रोच किया गया। पहले लगा कि कहीं यह फर्जी कॉल तो नहीं है, क्योंकि साउथ में पहले काम नहीं किया था। बाद में चेन्नई जाकर निर्देशक नेल्सन से मिली और सिलेक्शन हो गया। सवाल: क्या आपको पता था कि यह रजनीकांत की फिल्म है? जवाब: हां, मुझे पता था, लेकिन सिलेक्शन से पहले ‘जेलर’ का पहला पार्ट नहीं देखा था। उसके बारे में बहुत सुना था। सिलेक्ट होने के बाद फिल्म देखी। मुझे कभी-कभी किसी प्रोजेक्ट में बिना ज्यादा जानकारी के जाना पसंद है, ताकि चीजों को नए नजरिए से देख सकूं। सवाल: रजनीकांत से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: रजनीकांत सर जैसा ऑरा मैंने किसी दूसरे सुपरस्टार में नहीं देखा। उनके लिए सुपरस्टार शब्द भी छोटा लगता है। लोग उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। निजी जिंदगी में वह बेहद सरल, विनम्र और प्रोत्साहित करने वाले इंसान हैं। मेरा पहला दिन था और क्लाइमैक्स का एक्शन सीक्वेंस शूट हो रहा था। सेट पर रजनीकांत सर, मिथुन सर, विद्या मैम, रम्या मैम और एसजे सूर्या जैसे कलाकार मौजूद थे। उनके साथ काम करना मेरे लिए सपने जैसा था। सवाल: फिल्म में एक्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब: शूटिंग से पहले हमने दो-तीन दिन एक्शन की ट्रेनिंग ली और प्रैक्टिस की थी। इतने बड़े सितारों के साथ एक्शन करना खास अनुभव था। मेरा सपना था कि स्क्रीन पर कटाना से तलवारबाजी करूं। फिल्म ‘किल बिल’ में उमा थुरमन का किरदार मुझे पसंद है। वह भी कटाना से लड़ती हैं। खुशी है कि रजनीकांत की फिल्म में यह सपना पूरा करने का मौका मिला। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती ने भी आपकी मदद की? जवाब: हां, पहले दिन एक शॉट में मुझे कटाना से उनके हाथ की बंदूक गिरानी थी। यह चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मिथुन सर शॉट्स के बीच बताते थे कि इसे कैसे करना है और एक्शन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इतने बड़े स्टार का मदद करना बहुत अच्छा लगा। सवाल: ऋतिक रोशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: ऋतिक सर फोकस्ड, मेहनती और प्रोफेशनल हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि आज भी उन्हें ग्रीक गॉड क्यों कहा जाता है। वह विनम्र भी हैं। हमारी बातचीत फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और शूटिंग को लेकर हुई। बड़े कलाकारों में अक्सर काफी विनम्रता होती है। सवाल: आपने एक्टिंग में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: बचपन से मेरा सपना मिस इंडिया बनने का था। टीनएज से ब्यूटी पेजेंट्स में हिस्सा ले रही थी। 2017 में नेशनल पेजेंट की विजेताओं में शामिल हुई। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और डेवलपमेंट सेक्टर में भी काम किया। मिस इंडिया के बाद मुंबई आकर एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। एक साल ट्रेनिंग ली, वर्कशॉप्स कीं और थिएटर किया। इसके बाद लगा कि जिंदगीभर एक्टिंग ही करनी है। सवाल: एक्टिंग की ट्रेनिंग कहां से ली? जवाब: नीरज काबी और अतुल मोंगिया की वर्कशॉप की। इसके बाद जेफ गोल्डबर्ग के साथ मेथड एक्टिंग का नौ महीने का डिप्लोमा कोर्स किया। उनकी वर्कशॉप ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरा पहला शो ‘अनदेखी’ था। मिस इंडिया के बाद ग्लैमरस रोल मिल रहे थे, लेकिन मैं अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। इसलिए ऐसा किरदार चुना, जिसमें मेरा लुक साधारण था और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। सवाल: करियर में कभी निराशा हुई कि गलत रास्ता चुन लिया? जवाब: ऐसा कभी नहीं लगा। मुश्किल समय जरूर आया। आउटसाइडर होने के नाते मुझे ऑडिशन के जरिए काम मिलता है। कभी-कभी चिंता होती है कि अगला प्रोजेक्ट कब मिलेगा। लेकिन मैं रिजेक्शन को दिल पर नहीं लेती और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देती। मेरा मानना है कि खुद पर काम करते रहना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए और बाकी चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए। सवाल: ‘जेलर 2’ के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: इस फिल्म से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला। पहली बार किसी फिल्म के लिए इतना बड़ा मास रिएक्शन करीब से देखा। मुंबई में दो बार थिएटर में फिल्म देखने गई। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और सोशल मीडिया संदेशों ने मेरा दिल छू लिया। साउथ से लोगों ने लंबे मैसेज और ईमेल भेजकर प्यार जताया।
‘जेलर 2’ में कटाना से लड़ीं अपेक्षा पोरवाल:बोलीं- रजनी सर के साथ काम करना सपने जैसा, मिथुन दा- ऋतिक ने एक्शन में मदद की

अभिनेत्री अपेक्षा पोरवाल इन दिनों रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में एक्शन सीक्वेंस किए हैं। दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रहीं अपेक्षा ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम कैसे मिला। उन्होंने रजनीकांत, ऋतिक, मिथुन चक्रवर्ती और निर्देशक नेल्सन के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। मिस इंडिया बनने के बाद उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और थिएटर भी किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर बात की। सवाल: ‘जेलर 2’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: मैं पिछले दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रही हूं। किक बॉक्सिंग, ननचाकू और कटाना जैसी पुरानी हथियार तकनीकों में दिलचस्पी है। शायद फिल्म की टीम ने मेरा काम देखा, जिसके बाद मुझे अप्रोच किया गया। पहले लगा कि कहीं यह फर्जी कॉल तो नहीं है, क्योंकि साउथ में पहले काम नहीं किया था। बाद में चेन्नई जाकर निर्देशक नेल्सन से मिली और सिलेक्शन हो गया। सवाल: क्या आपको पता था कि यह रजनीकांत की फिल्म है? जवाब: हां, मुझे पता था, लेकिन सिलेक्शन से पहले ‘जेलर’ का पहला पार्ट नहीं देखा था। उसके बारे में बहुत सुना था। सिलेक्ट होने के बाद फिल्म देखी। मुझे कभी-कभी किसी प्रोजेक्ट में बिना ज्यादा जानकारी के जाना पसंद है, ताकि चीजों को नए नजरिए से देख सकूं। सवाल: रजनीकांत से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: रजनीकांत सर जैसा ऑरा मैंने किसी दूसरे सुपरस्टार में नहीं देखा। उनके लिए सुपरस्टार शब्द भी छोटा लगता है। लोग उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। निजी जिंदगी में वह बेहद सरल, विनम्र और प्रोत्साहित करने वाले इंसान हैं। मेरा पहला दिन था और क्लाइमैक्स का एक्शन सीक्वेंस शूट हो रहा था। सेट पर रजनीकांत सर, मिथुन सर, विद्या मैम, रम्या मैम और एसजे सूर्या जैसे कलाकार मौजूद थे। उनके साथ काम करना मेरे लिए सपने जैसा था। सवाल: फिल्म में एक्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब: शूटिंग से पहले हमने दो-तीन दिन एक्शन की ट्रेनिंग ली और प्रैक्टिस की थी। इतने बड़े सितारों के साथ एक्शन करना खास अनुभव था। मेरा सपना था कि स्क्रीन पर कटाना से तलवारबाजी करूं। फिल्म ‘किल बिल’ में उमा थुरमन का किरदार मुझे पसंद है। वह भी कटाना से लड़ती हैं। खुशी है कि रजनीकांत की फिल्म में यह सपना पूरा करने का मौका मिला। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती ने भी आपकी मदद की? जवाब: हां, पहले दिन एक शॉट में मुझे कटाना से उनके हाथ की बंदूक गिरानी थी। यह चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मिथुन सर शॉट्स के बीच बताते थे कि इसे कैसे करना है और एक्शन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इतने बड़े स्टार का मदद करना बहुत अच्छा लगा। सवाल: ऋतिक रोशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: ऋतिक सर फोकस्ड, मेहनती और प्रोफेशनल हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि आज भी उन्हें ग्रीक गॉड क्यों कहा जाता है। वह विनम्र भी हैं। हमारी बातचीत फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और शूटिंग को लेकर हुई। बड़े कलाकारों में अक्सर काफी विनम्रता होती है। सवाल: आपने एक्टिंग में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: बचपन से मेरा सपना मिस इंडिया बनने का था। टीनएज से ब्यूटी पेजेंट्स में हिस्सा ले रही थी। 2017 में नेशनल पेजेंट की विजेताओं में शामिल हुई। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और डेवलपमेंट सेक्टर में भी काम किया। मिस इंडिया के बाद मुंबई आकर एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। एक साल ट्रेनिंग ली, वर्कशॉप्स कीं और थिएटर किया। इसके बाद लगा कि जिंदगीभर एक्टिंग ही करनी है। सवाल: एक्टिंग की ट्रेनिंग कहां से ली? जवाब: नीरज काबी और अतुल मोंगिया की वर्कशॉप की। इसके बाद जेफ गोल्डबर्ग के साथ मेथड एक्टिंग का नौ महीने का डिप्लोमा कोर्स किया। उनकी वर्कशॉप ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरा पहला शो ‘अनदेखी’ था। मिस इंडिया के बाद ग्लैमरस रोल मिल रहे थे, लेकिन मैं अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। इसलिए ऐसा किरदार चुना, जिसमें मेरा लुक साधारण था और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। सवाल: करियर में कभी निराशा हुई कि गलत रास्ता चुन लिया? जवाब: ऐसा कभी नहीं लगा। मुश्किल समय जरूर आया। आउटसाइडर होने के नाते मुझे ऑडिशन के जरिए काम मिलता है। कभी-कभी चिंता होती है कि अगला प्रोजेक्ट कब मिलेगा। लेकिन मैं रिजेक्शन को दिल पर नहीं लेती और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देती। मेरा मानना है कि खुद पर काम करते रहना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए और बाकी चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए। सवाल: ‘जेलर 2’ के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: इस फिल्म से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला। पहली बार किसी फिल्म के लिए इतना बड़ा मास रिएक्शन करीब से देखा। मुंबई में दो बार थिएटर में फिल्म देखने गई। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और सोशल मीडिया संदेशों ने मेरा दिल छू लिया। साउथ से लोगों ने लंबे मैसेज और ईमेल भेजकर प्यार जताया।
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए केसी बोकाडिया:बोले- पहली बार किसी के जाने पर झटका लगा; उनके जैसा कोई दूसरा एक्टर नहीं

बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में केसी बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर के जाने का झटका उन्हें गहराई से लगा था और वे उन्हें अपने बेहद करीब मानते थे। बोकाडिया के अनुसार, नाना पाटेकर का अभिनय किसी आम आदमी के व्यवहार जैसा स्वाभाविक था, जिसे दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज भी नाना पाटेकर को याद करता है और उनके जाने से हुई कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। इसके अलावा उन्होंने अपने टीवी शो ‘संस्कार’ की सफलता, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी बात की। आम आदमी के अभिनय के प्रतीक थे नाना पाटेकर केसी बोकाडिया ने बातचीत में बताया कि फिल्म उद्योग में कई बड़े और चर्चित सितारे रहे हैं, लेकिन नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पर्दे पर आम इंसान के हाव-भाव और बोलचाल को जिस सादगी से पेश करते थे, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्हें पटकथा और संवादों की गहरी समझ थी। बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर के अभिनय में कोई बनावट या दिखावा नहीं था, बल्कि उसमें असल जिंदगी की वास्तविकता और ईमानदारी झलकती थी। निधन पर लगा था गहरा झटका नाना पाटेकर के साथ अपने निजी और भावनात्मक जुड़ाव पर बात करते हुए केसी बोकाडिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार किसी के जाने से उन्हें इतना बड़ा मानसिक झटका लगा था। बोकाडिया ने बताया कि वे जल्द ही उनके घर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात करेंगे और अपना दुख व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने एक महान कलाकार को बहुत जल्दी बुला लिया, लेकिन उनका काम और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। सिनेमाघरों से दूर हुआ पारिवारिक दर्शक वर्ग थिएटर्स से टीवी का रुख करने के सवाल पर केसी बोकाडिया ने कहा कि अब सिनेमाघरों का माहौल बदल गया है। अच्छी पारिवारिक फिल्मों के अभाव में परिवार अब थिएटर्स में फिल्में देखने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग टिकट खिड़की पर लाइन लगाकर फिल्में देखते थे। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘लाल बादशाह’ जैसी उनकी फिल्मों को देखने के लिए थिएटर्स में भारी भीड़ उमड़ती थी। जीवन में गलतियों को रोकने का काम करते हैं संस्कार इंटरव्यू के दौरान केसी बोकाडिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में संस्कार नहीं हैं, तो उसकी जिंदगी में गलतियां होना तय है। संस्कार इंसान को गलत कदम उठाने और गलत फैसले लेने से रोकते हैं। उन्होंने बताया कि दूरदर्शन पर चल रहे उनके शो ‘संस्कार’ को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस शो में दर्शन जरीवाला, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, राकेश बेदी, सुप्रिया कारनिक, मुग्धा गोडसे और जरीना वहाब जैसे कई वरिष्ठ और मंजे हुए कलाकार काम कर रहे हैं। संदेश और मकसद के बिना नहीं बनाता कोई भी फिल्म केसी बोकाडिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने करियर में 70 फिल्में बनाई हैं और वे बिना किसी सामाजिक संदेश के काम नहीं करते। उन्होंने अपनी फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का उदाहरण दिया, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली और बाद में यूए (UA) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर, अन्नू कपूर और महिमा चौधरी स्टारर अपनी फिल्म ‘सिग्नेचर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे हर सीन को क्लाइमेक्स की तरह ट्रीट करते हैं और अपनी सोच से समझौता नहीं करते।
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए केसी बोकाडिया:बोले- पहली बार किसी के जाने पर झटका लगा; उनके जैसा कोई दूसरा एक्टर नहीं

बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में केसी बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर के जाने का झटका उन्हें गहराई से लगा था और वे उन्हें अपने बेहद करीब मानते थे। बोकाडिया के अनुसार, नाना पाटेकर का अभिनय किसी आम आदमी के व्यवहार जैसा स्वाभाविक था, जिसे दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज भी नाना पाटेकर को याद करता है और उनके जाने से हुई कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। इसके अलावा उन्होंने अपने टीवी शो ‘संस्कार’ की सफलता, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी बात की। आम आदमी के अभिनय के प्रतीक थे नाना पाटेकर केसी बोकाडिया ने बातचीत में बताया कि फिल्म उद्योग में कई बड़े और चर्चित सितारे रहे हैं, लेकिन नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पर्दे पर आम इंसान के हाव-भाव और बोलचाल को जिस सादगी से पेश करते थे, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्हें पटकथा और संवादों की गहरी समझ थी। बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर के अभिनय में कोई बनावट या दिखावा नहीं था, बल्कि उसमें असल जिंदगी की वास्तविकता और ईमानदारी झलकती थी। निधन पर लगा था गहरा झटका नाना पाटेकर के साथ अपने निजी और भावनात्मक जुड़ाव पर बात करते हुए केसी बोकाडिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार किसी के जाने से उन्हें इतना बड़ा मानसिक झटका लगा था। बोकाडिया ने बताया कि वे जल्द ही उनके घर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात करेंगे और अपना दुख व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने एक महान कलाकार को बहुत जल्दी बुला लिया, लेकिन उनका काम और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। सिनेमाघरों से दूर हुआ पारिवारिक दर्शक वर्ग थिएटर्स से टीवी का रुख करने के सवाल पर केसी बोकाडिया ने कहा कि अब सिनेमाघरों का माहौल बदल गया है। अच्छी पारिवारिक फिल्मों के अभाव में परिवार अब थिएटर्स में फिल्में देखने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग टिकट खिड़की पर लाइन लगाकर फिल्में देखते थे। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘लाल बादशाह’ जैसी उनकी फिल्मों को देखने के लिए थिएटर्स में भारी भीड़ उमड़ती थी। जीवन में गलतियों को रोकने का काम करते हैं संस्कार इंटरव्यू के दौरान केसी बोकाडिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में संस्कार नहीं हैं, तो उसकी जिंदगी में गलतियां होना तय है। संस्कार इंसान को गलत कदम उठाने और गलत फैसले लेने से रोकते हैं। उन्होंने बताया कि दूरदर्शन पर चल रहे उनके शो ‘संस्कार’ को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस शो में दर्शन जरीवाला, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, राकेश बेदी, सुप्रिया कारनिक, मुग्धा गोडसे और जरीना वहाब जैसे कई वरिष्ठ और मंजे हुए कलाकार काम कर रहे हैं। संदेश और मकसद के बिना नहीं बनाता कोई भी फिल्म केसी बोकाडिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने करियर में 70 फिल्में बनाई हैं और वे बिना किसी सामाजिक संदेश के काम नहीं करते। उन्होंने अपनी फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का उदाहरण दिया, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली और बाद में यूए (UA) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर, अन्नू कपूर और महिमा चौधरी स्टारर अपनी फिल्म ‘सिग्नेचर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे हर सीन को क्लाइमेक्स की तरह ट्रीट करते हैं और अपनी सोच से समझौता नहीं करते।



