Sunday, 04 Oct 2026 | 01:03 AM

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वेनेजुएला में भूकंप से तबाही, 10 PHOTOS:राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों-मकानों को नुकसान पहुंचा

वेनेजुएला में भूकंप से तबाही, 10 PHOTOS:राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों-मकानों को नुकसान पहुंचा

वेनेजुएला में गुरुवार सुबह आए भूकंप के बाद देशभर से तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं। राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। 10 हजार से एक लाख मौतों तक की आशंका जताई जा रही है। देखिए वेनेजुएला में भूकंप और तबाही से जुड़े 10 फोटेज…

वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए:राजधानी कराकस में इमारतें गिरीं, एयरपोर्ट की छत का हिस्सा ढहा

वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए:राजधानी कराकस में इमारतें गिरीं, एयरपोर्ट की छत का हिस्सा ढहा

वेनेजुएला में बुधवार दोपहर दो शक्तिशाली भूकंप आए। पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था। इसका केंद्र कराकस से करीब 160 किमी पश्चिम में और गहराई 13 किमी थी। कुछ मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। दूसरे भूकंप का केंद्र मोरोन शहर के दक्षिण-पश्चिम में और गहराई 10 किमी थी। राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार कराकस एयरपोर्ट की इमारत को नुकसान पहुंचा है। छत का कुछ हिस्सा गिर गया। मलबा गिरने से धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था फिर वापस ले लिया गया। US एजेंसी बोली- 10,000 मौतों की 44% संभावना USGS का कहना है कि बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है और आफ्टरशॉक की भी संभावना है। US Geological Survey (USGS) का कहना है कि बुधवार शाम वेनेज़ुएला की राजधानी और आस-पास के इलाकों में लगातार आए भूकंपों के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होने की आशंका है। USGS का कहना है कि यह आपदा बड़े पैमाने पर हो सकती है और इसके बाद तेज झटकों वाले आफ्टरशॉक भी आ सकते हैं। एजेंसी के अनुसार, 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 44% संभावना है और 1,00,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 30% संभावना है। साथ ही, जमीन पर भूस्खलन और लिक्विफैक्शन का भी काफी खतरा है। लिक्विफैक्शन एक ऐसी घटना है जो भूकंप के दौरान ढीली मिट्टी या तलछट को प्रभावित करती है। वेनेजुएला में 1967 जैसा भूकंप, तब 200 जानें गईं थीं यह पहली बार नहीं है जब वेनेजुएला की राजधानी में जबरदस्त भूकंप आया हो। 1967 में, 6.6 तीव्रता के भूकंप ने कराकस को हिला दिया था, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस भूकंप ने पालोस ग्रांडेस (मध्यम-वर्गीय इलाका) और अल्तामिरा (अमीर लोगों का इलाका) में कई इमारतें गिरा दी थीं। बुधवार को आए भूकंप से ये दोनों इलाके फिर से प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने सरकारी टीवी को बताया कि ‘वहां कई इमारतें ढह गई हैं। इस बार की तरह, 1967 में भी लोगों ने दो झटके महसूस किए थे।

भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में बांग्लादेश नहीं हरा पाया:आज टूर्नामेंट में चौथी बार भिड़ेंगे; सेमीफाइनल के लिए इंडिया का जीतना जरूरी

भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में बांग्लादेश नहीं हरा पाया:आज टूर्नामेंट में चौथी बार भिड़ेंगे; सेमीफाइनल के लिए इंडिया का जीतना जरूरी

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत का मुकाबला बांग्लादेश से होगा। मैच शाम 7 बजे से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत को बांग्लादेश अब तक नहीं हरा पाया है। दोनों टीमों के हुए 3 मुकाबले भारत ने जीते हैं। दिन का दूसरा मुकाबला साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच होगा। सेमीफाइनल के लिए भारत और साउथ अफ्रीका को हर हाल में अपने-अपने मैच जीतने होंगे। ग्रुप-A में शामिल दोनों टीमें के 3 मैचों में 4-4 अंक हैं। पिछले मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को हराया था। बांग्लादेश के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी टी-20 में दोनों टीमें अब तक 23 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने 20 मुकाबले जीते हैं। बांग्लादेश सिर्फ 3 ही जीत सकी हैं। इस वर्ल्डकप में बांग्लादेश ने 3 में से 2 मुकाबले जीते हैं। वह 4 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। उसके लिए भी यह मैच जीतना जरूरी है। स्मृति और श्री चरणी टॉप परफॉर्मर भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने इस वर्ल्डकप में 3 मैचों में 154.36 की स्ट्राइक रेट से 159 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 74 रन रहा है। गेंदबाजी में श्री चरणी टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं। उन्होंने 3 मैचों में 10 विकेट लिए हैं। उनकी इकोनॉमी सिर्फ 5.33 रही है। पारी में उनका बेस्ट प्रदर्शन 19 रन देकर 4 विकेट है। इन दोनों के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स पर भी नजर रहेगी। वह अब तक टूर्नामेंट में सिर्फ 32 रन बना सकी है। वह बांग्लादेश के स्पिनर्स के खिलाफ अहम साबित हो सकती हैं। 2025 से स्पिनर्स के खिलाफ टी-20 में उनका औसत 40.85 और स्ट्राइक रेट 143.71 रहा है। भारत प्लेइंग-11 में बदलाव कर सकता है। प्रेमा रावत की जगह राधा यादव इस मैच में खेल सकती हैं। जुआरिया और संजीदा की बांग्लादेश पर नजर बांग्लादेश के लिए जुआरिया फिरदौस ने इस वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 65 रन बनाए हैं। 50 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा है। गेंदबाजी में संजीदा अख्तर मेघला टीम की मुख्य ताकत हैं। उन्होंने 2 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 6.25 रही है। मैनचेस्टर में स्पिनर्स का दबदबा मैनचेस्टर में इस वर्ल्डकप के दौरान स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां स्पिनर्स ने 22 विकेट लिए हैं, जबकि पेसर्स को 19 विकेट मिले हैं। स्पिनर्स की इकोनॉमी भी बेहतर रही है। दोनों टीमें एक्स्ट्रा स्पिनर के साथ मैदान पर उतर सकती हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), यास्तिका भाटिया/भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, क्रांति गौड़/अरुंधति रेड्डी, नंदनी शर्मा, एन श्री चरणी। बांग्लादेश: दिलारा अख्तर, जुआरिया फिरदौस, शर्मीन अख्तर, निगार सुल्ताना (कप्तान), शोभना मोस्तरी, रितु मोनी, शूर्णा अख्तर, राबिया खान, नाहिदा अख्तर, मारुफा अख्तर, संजीदा अख्तर मेघला। नीदरलैंड के खिलाफ बड़ी जीत पर साउथ अफ्रीका की नजर साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच अब तक सिर्फ एक टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। 2010 में हुए इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 115 रन से जीत दर्ज की थी।नीदरलैंड अपने तीनों मुकाबले हारकर ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। मारिजन और शबनिम इस्माइल पर नजर साउथ अफ्रीका के लिए मारिजन ने बल्ले और गेंद से शानदर प्रदर्शन किया है। उन्होंने 3 मैचों में 103 रन बनाए हैं और 6 विकेट भी लिए हैं। तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल ने भी 3 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। वहीं कप्तान लौरा वोल्वार्ट से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। बबेट डी लीडे नीदरलैंड की सबसे बड़ी उम्मीद नीदरलैंड की कप्तान बबेट डी लीडे टीम की टॉप स्कोरर रही हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 50, 28 और नाबाद 56 रन की पारियां खेलते हुए 134 रन बनाए हैं। टीम को उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में कैरोलीन डी लांगे ने 3 मैचों में 6 विकेट लिए हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.16 रहा है। ब्रिस्टल में चेज करने वाली टीमों का दबदबा ब्रिस्टल में इस वर्ल्ड कप में 3 मैच खेले गए हैं। तीनों मुकाबलें रनचेज करने वाली टीम जीती है। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 नीदरलैंड: हीथर सीजर्स, फीबे मोल्केनबोएर, बेबेट डी लीडे (कप्तान/विकेटकीपर), स्टेर कैलिस, रोबाइन रीके, फ्रेडरिक ओवरडिज्क, आइरिस ज्वीलिंग, मिर्ते वैन डेन राड, कैरोलीन डी लांगे, सिल्वर सीजर्स, इसाबेल वैन डेर वोनिंग। साउथ अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), ताज़मिन ब्रिट्स, एनेरी डेरकसेन, मारिजन काप, नादिन डी क्लर्क, क्लो ट्रायोन, डेन वैन नीकर्क, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), शबनीम इस्माइल, अयाबोंगा खाका, नोनकुलुलेको म्लाबा।

करिश्मा कपूर@52, जया बच्चन ने सरेआम कहा बहू:कपूर खानदान की पहली एक्ट्रेस, हनीमून पर पति ने दोस्तों के साथ सोने को कहा

करिश्मा कपूर@52, जया बच्चन ने सरेआम कहा बहू:कपूर खानदान की पहली एक्ट्रेस, हनीमून पर पति ने दोस्तों के साथ सोने को कहा

90 के दशक में बॉलीवुड पर राज करने वालीं करिश्मा कपूर आज 52 साल की हो चुकी हैं। 65 से ज्यादा फिल्मों और अनगिनत हिट्स के दम पर सुपरस्टार बनीं करिश्मा को कपूर खानदान की रीत बदलने का क्रेडिट भी दिया जाता है। उनसे पहले कपूर खानदान की महिलाओं पर फिल्मों से जुड़ने पर पाबंदी थी। करिश्मा की कहानी सिर्फ स्टारडम की नहीं, बल्कि अधूरे रिश्तों और विवादों की भी है। कभी अक्षय खन्ना उनसे शादी करना चाहते थे। उनके पिता विनोद खन्ना ने रिश्ता भी भिजवाया, लेकिन करिश्मा की मां बबीता ने रिश्ता ठुकरा दिया। कहा जाता है कि यही वजह है कि अक्षय ने कभी शादी नहीं की। आगे अभिषेक से उनकी शादी की और जया बच्चन ने सार्वजनिक मंच पर उन्हें बहू कहकर मीडिया के सामने इंट्रोड्यूस किया, लेकिन ये शादी भी चर्चा में रहने के बावजूद टूट गई। करिश्मा ने 2003 में बचपन के दोस्त संजय कपूर से शादी की। हालांकि बाद में ये शादी विवादों में बदल गई। करिश्मा ने दावा किया कि हनीमून में पति संजय ने दोस्तों से उनकी बोली लगवाई। करिश्मा ने मारपीट, दहेज प्रताड़ना और टॉर्चर का आरोप लगाते हुए पति से तलाक लिया, लेकिन पूर्व पति की मौत के बाद ये रिश्ता फिर चर्चा में आ गया और आज भी उनकी 3200 करोड़ की प्रॉपर्टी पर कानूनी विवाद जारी है। आज करिश्मा के जन्मदिन के खास मौके पर जानिए, उनके निजी रिश्तों, संजय कपूर से शादी और विवाद की पूरी कहानी- 25 जून 1974 को करिश्मा कपूर का जन्म हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवार के एक्टर रणधीर कपूर और एक्ट्रेस बबीता के घर हुआ। उनकी पैदाइश पर पूरा कपूर खानदान ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचा, लेकिन दादा शो मैन राज कपूर नहीं आए। उन्होंने साफ कहा, ‘बच्ची को देखने तब ही जाऊंगा, जब उसकी आंखें नीली हों।’ खुशकिस्मती से करिश्मा की आंखें गहरी नीली रहीं, हूबहू दादाजी की तरह। घर की पहली बेटी होने पर वो पूरे परिवार की चहेती रहीं। देखिए करिश्मा कपूर के बचपन की तस्वीरें- एक समय में उनकी मां बबीता, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं, जिन्होंने कपूर खानदान की बहू बनने के लिए एक्टिंग करियर कुर्बान कर दिया। शादी से कुछ समय पहले उन्होंने 1968 की फिल्म हसीना मान जाएगी में काम किया था। इस फिल्म की शूटिंग, बॉम्बे के बिजनेस टायकून रौनक सिंह के घर में हुई। घर में शूटिंग करते हुए बबीता की दोस्ती रौनक सिंह की बेटी रानी सिंह (बाद में कपूर) से हुई, जो आगे चलकर करिश्मा की सास बनीं। रानी उस वक्त महज 18 साल की थीं। आगे रानी सिंह ने ऑटो पार्ट के नामी बिजनेसमैन सुरिंदर कपूर से शादी की, जिससे उन्हें बेटा संजय कपूर हुआ। समय के साथ बबीता और रानी की दोस्ती गहरी होती रही। वो अक्सर साथ पार्टी करते थे, जिससे बच्चों करिश्मा, करीना, संजय और उनकी बहनों की दोस्ती भी गहरी हुई। करिश्मा कपूर ने मुंबई के कैथेद्रेल एंड जॉन केनन स्कूल से पढ़ाई की। संजय कपूर ने शुरुआत में देहरादून के दून स्कूल से पढ़ाई की लेकिन कुछ सालों में ही उनका दाखिला करिश्मा के स्कूल में करवा दिया गया। दोनों की दोस्ती और बढ़ गई। स्कूलिंग के बाद संजय कपूर पढ़ाई करने विदेश चले गए और करिश्मा की रुचि फिल्मों में बढ़ने लगी और इस तरह दोनों की दोस्ती में दूरी आ गई। दोनों अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त होते चले गए। फिल्मी दुनिया हमेशा से ही करिश्मा को अट्रैक्ट करती थी। बचपन से ही वो दादाजी राज कपूर और पिता रणधीर के फिल्मों के सेट पर जाया करती थीं। वो अक्सर दादाजी से कहती थीं, ‘मैं भी एक दिन हीरोइन बनूंगी’, इस पर राज कपूर उन्हें जवाब देते थे- ‘एक्टर बनना कोई आसान काम नहीं है, अगर तुम एक्टर बनना चाहती हो, तो कांटों पर चलो और मिट्टी पर काम करो ताकि अच्छी एक्टर बन सको। एक्टर को हमेशा बेस्ट बनने का लक्ष्य रखना चाहिए।’ जब एक दिन करिश्मा ने पिता रणधीर से कहा कि उन्हें हीरोइन बनना है, तो पिता ने साफ इनकार कर दिया कि कपूर खानदान की लड़किया एक्टिंग नहीं करेंगी। लेकिन उनकी मां बबीता उनके सपोर्ट में थीं। ये वो दौर था, जब फिल्में न चलने से परेशान होकर वो काफी ज्यादा शराब पीने लगे थे। इससे उनके और बबीता के रिश्ते में भी अनबन चल रही थीं। फिर एक समय ऐसा आया, जब करिश्मा के करियर को सपोर्ट करते हुए बबीता ने 1987 में रणधीर का घर छोड़ दिया। राज कपूर की पोती होने के चलते उन्हें बिना संघर्ष फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। 16 की उम्र में उन्होंने एक साथ कई फिल्में साइन कीं। सबसे पहले करिश्मा ने फिल्म निश्चय शूट की, जिसके लिए न उन्हें ऑडिशन देना पड़ा, न ही उनका स्क्रीन टेस्ट लिया गया। हालांकि इस फिल्म से पहले ही उनकी दूसरी फिल्म प्रेम कैदी (1991) रिलीज हो गई। पहली ही फिल्म में करिश्मा ने स्विमसूट पहना, जिससे अंकल ऋषि कपूर काफी नाराज हुए थे। फिल्म एवरेज रही, लेकिन इसके बाद करिश्मा को बैक-टु-बैक कई फिल्में मिलने लगीं। 1992 में उनकी एक साथ 6 फिल्में पुलिस ऑफिसर, जागृति, निश्चय, सपने साजन के, दीदार और जिगर रिलीज हुईं। हालांकि उन्हें बड़ी सफलता 1993 की फिल्म अनाड़ी से मिली। 1994 में उनकी 10 फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से गोपी किशन, राजा बाबू, खुद्दार, अंदाज अपना-अपना जबरदस्त हिट रहीं। आगे साजन चले ससुराल, कृष्णा, जीत, राजा हिंदुस्तानी जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से करिश्मा स्टार बनीं और उनकी गिनती बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में होने लगी। इसी समय उनका नाम अजय देवगन से जुड़ा, लेकिन जल्द ही दोनों अलग भी हो गए। फिल्मी गलियारों में चर्चा रही कि रवीना टंडन के चलते रिश्ते में दरार आई और यही वजह रही कि करिश्मा और रवीना के फिल्मों के सेट पर अनबन और झगड़े बढ़ने लगे। पिता चाहते थे अक्षय खन्ना से हो करिश्मा की शादी करिश्मा कपूर करियर के पीक पर थीं, जब उनके पिता रणधीर कपूर ने दोस्त विनोद खन्ना से कहा था कि वो चाहते हैं कि करिश्मा की शादी उनके बेटे अक्षय खन्ना से हो। विनोद खन्ना भी इस पर विचार कर रहे थे कि तभी बबीता ने इससे साफ इनकार कर दिया। अभिषेक बच्चन को जीजू कहती थीं करीना

भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में बांग्लादेश नहीं हरा पाया:आज टूर्नामेंट में चौथी बार भिड़ेंगे; सेमीफाइनल के लिए इंडिया का जीतना जरूरी

भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में बांग्लादेश नहीं हरा पाया:आज टूर्नामेंट में चौथी बार भिड़ेंगे; सेमीफाइनल के लिए इंडिया का जीतना जरूरी

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत का मुकाबला बांग्लादेश से होगा। मैच शाम 7 बजे से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत को बांग्लादेश अब तक नहीं हरा पाया है। दोनों टीमों के हुए 3 मुकाबले भारत ने जीते हैं। दिन का दूसरा मुकाबला साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच होगा। सेमीफाइनल के लिए भारत और साउथ अफ्रीका को हर हाल में अपने-अपने मैच जीतने होंगे। ग्रुप-A में शामिल दोनों टीमें के 3 मैचों में 4-4 अंक हैं। पिछले मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को हराया था। बांग्लादेश के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी टी-20 में दोनों टीमें अब तक 23 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने 20 मुकाबले जीते हैं। बांग्लादेश सिर्फ 3 ही जीत सकी हैं। इस वर्ल्डकप में बांग्लादेश ने 3 में से 2 मुकाबले जीते हैं। वह 4 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। उसके लिए भी यह मैच जीतना जरूरी है। स्मृति और श्री चरणी टॉप परफॉर्मर भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने इस वर्ल्डकप में 3 मैचों में 154.36 की स्ट्राइक रेट से 159 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 74 रन रहा है। गेंदबाजी में श्री चरणी टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं। उन्होंने 3 मैचों में 10 विकेट लिए हैं। उनकी इकोनॉमी सिर्फ 5.33 रही है। पारी में उनका बेस्ट प्रदर्शन 19 रन देकर 4 विकेट है। इन दोनों के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स पर भी नजर रहेगी। वह अब तक टूर्नामेंट में सिर्फ 32 रन बना सकी है। वह बांग्लादेश के स्पिनर्स के खिलाफ अहम साबित हो सकती हैं। 2025 से स्पिनर्स के खिलाफ टी-20 में उनका औसत 40.85 और स्ट्राइक रेट 143.71 रहा है। भारत प्लेइंग-11 में बदलाव कर सकता है। प्रेमा रावत की जगह राधा यादव इस मैच में खेल सकती हैं। जुआरिया और संजीदा की बांग्लादेश पर नजर बांग्लादेश के लिए जुआरिया फिरदौस ने इस वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 65 रन बनाए हैं। 50 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा है। गेंदबाजी में संजीदा अख्तर मेघला टीम की मुख्य ताकत हैं। उन्होंने 2 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 6.25 रही है। मैनचेस्टर में स्पिनर्स का दबदबा मैनचेस्टर में इस वर्ल्डकप के दौरान स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां स्पिनर्स ने 22 विकेट लिए हैं, जबकि पेसर्स को 19 विकेट मिले हैं। स्पिनर्स की इकोनॉमी भी बेहतर रही है। दोनों टीमें एक्स्ट्रा स्पिनर के साथ मैदान पर उतर सकती हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), यास्तिका भाटिया/भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, क्रांति गौड़/अरुंधति रेड्डी, नंदनी शर्मा, एन श्री चरणी। बांग्लादेश: दिलारा अख्तर, जुआरिया फिरदौस, शर्मीन अख्तर, निगार सुल्ताना (कप्तान), शोभना मोस्तरी, रितु मोनी, शूर्णा अख्तर, राबिया खान, नाहिदा अख्तर, मारुफा अख्तर, संजीदा अख्तर मेघला। नीदरलैंड के खिलाफ बड़ी जीत पर साउथ अफ्रीका की नजर साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच अब तक सिर्फ एक टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। 2010 में हुए इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 115 रन से जीत दर्ज की थी।नीदरलैंड अपने तीनों मुकाबले हारकर ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। मारिजन और शबनिम इस्माइल पर नजर साउथ अफ्रीका के लिए मारिजन ने बल्ले और गेंद से शानदर प्रदर्शन किया है। उन्होंने 3 मैचों में 103 रन बनाए हैं और 6 विकेट भी लिए हैं। तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल ने भी 3 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। वहीं कप्तान लौरा वोल्वार्ट से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। बबेट डी लीडे नीदरलैंड की सबसे बड़ी उम्मीद नीदरलैंड की कप्तान बबेट डी लीडे टीम की टॉप स्कोरर रही हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 50, 28 और नाबाद 56 रन की पारियां खेलते हुए 134 रन बनाए हैं। टीम को उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में कैरोलीन डी लांगे ने 3 मैचों में 6 विकेट लिए हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.16 रहा है। ब्रिस्टल में चेज करने वाली टीमों का दबदबा ब्रिस्टल में इस वर्ल्ड कप में 3 मैच खेले गए हैं। तीनों मुकाबलें रनचेज करने वाली टीम जीती है। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 नीदरलैंड: हीथर सीजर्स, फीबे मोल्केनबोएर, बेबेट डी लीडे (कप्तान/विकेटकीपर), स्टेर कैलिस, रोबाइन रीके, फ्रेडरिक ओवरडिज्क, आइरिस ज्वीलिंग, मिर्ते वैन डेन राड, कैरोलीन डी लांगे, सिल्वर सीजर्स, इसाबेल वैन डेर वोनिंग। साउथ अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), ताज़मिन ब्रिट्स, एनेरी डेरकसेन, मारिजन काप, नादिन डी क्लर्क, क्लो ट्रायोन, डेन वैन नीकर्क, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), शबनीम इस्माइल, अयाबोंगा खाका, नोनकुलुलेको म्लाबा।

करिश्मा कपूर@52, जया बच्चन ने सरेआम कहा बहू:कपूर खानदान की पहली एक्ट्रेस, हनीमून पर पति ने दोस्तों के साथ सोने को कहा

करिश्मा कपूर@52, जया बच्चन ने सरेआम कहा बहू:कपूर खानदान की पहली एक्ट्रेस, हनीमून पर पति ने दोस्तों के साथ सोने को कहा

90 के दशक में बॉलीवुड पर राज करने वालीं करिश्मा कपूर आज 52 साल की हो चुकी हैं। 65 से ज्यादा फिल्मों और अनगिनत हिट्स के दम पर सुपरस्टार बनीं करिश्मा को कपूर खानदान की रीत बदलने का क्रेडिट भी दिया जाता है। उनसे पहले कपूर खानदान की महिलाओं पर फिल्मों से जुड़ने पर पाबंदी थी। करिश्मा की कहानी सिर्फ स्टारडम की नहीं, बल्कि अधूरे रिश्तों और विवादों की भी है। कभी अक्षय खन्ना उनसे शादी करना चाहते थे। उनके पिता विनोद खन्ना ने रिश्ता भी भिजवाया, लेकिन करिश्मा की मां बबीता ने रिश्ता ठुकरा दिया। कहा जाता है कि यही वजह है कि अक्षय ने कभी शादी नहीं की। आगे अभिषेक से उनकी शादी की और जया बच्चन ने सार्वजनिक मंच पर उन्हें बहू कहकर मीडिया के सामने इंट्रोड्यूस किया, लेकिन ये शादी भी चर्चा में रहने के बावजूद टूट गई। करिश्मा ने 2003 में बचपन के दोस्त संजय कपूर से शादी की। हालांकि बाद में ये शादी विवादों में बदल गई। करिश्मा ने दावा किया कि हनीमून में पति संजय ने दोस्तों से उनकी बोली लगवाई। करिश्मा ने मारपीट, दहेज प्रताड़ना और टॉर्चर का आरोप लगाते हुए पति से तलाक लिया, लेकिन पूर्व पति की मौत के बाद ये रिश्ता फिर चर्चा में आ गया और आज भी उनकी 3200 करोड़ की प्रॉपर्टी पर कानूनी विवाद जारी है। आज करिश्मा के जन्मदिन के खास मौके पर जानिए, उनके निजी रिश्तों, संजय कपूर से शादी और विवाद की पूरी कहानी- 25 जून 1974 को करिश्मा कपूर का जन्म हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवार के एक्टर रणधीर कपूर और एक्ट्रेस बबीता के घर हुआ। उनकी पैदाइश पर पूरा कपूर खानदान ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचा, लेकिन दादा शो मैन राज कपूर नहीं आए। उन्होंने साफ कहा, ‘बच्ची को देखने तब ही जाऊंगा, जब उसकी आंखें नीली हों।’ खुशकिस्मती से करिश्मा की आंखें गहरी नीली रहीं, हूबहू दादाजी की तरह। घर की पहली बेटी होने पर वो पूरे परिवार की चहेती रहीं। देखिए करिश्मा कपूर के बचपन की तस्वीरें- एक समय में उनकी मां बबीता, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं, जिन्होंने कपूर खानदान की बहू बनने के लिए एक्टिंग करियर कुर्बान कर दिया। शादी से कुछ समय पहले उन्होंने 1968 की फिल्म हसीना मान जाएगी में काम किया था। इस फिल्म की शूटिंग, बॉम्बे के बिजनेस टायकून रौनक सिंह के घर में हुई। घर में शूटिंग करते हुए बबीता की दोस्ती रौनक सिंह की बेटी रानी सिंह (बाद में कपूर) से हुई, जो आगे चलकर करिश्मा की सास बनीं। रानी उस वक्त महज 18 साल की थीं। आगे रानी सिंह ने ऑटो पार्ट के नामी बिजनेसमैन सुरिंदर कपूर से शादी की, जिससे उन्हें बेटा संजय कपूर हुआ। समय के साथ बबीता और रानी की दोस्ती गहरी होती रही। वो अक्सर साथ पार्टी करते थे, जिससे बच्चों करिश्मा, करीना, संजय और उनकी बहनों की दोस्ती भी गहरी हुई। करिश्मा कपूर ने मुंबई के कैथेद्रेल एंड जॉन केनन स्कूल से पढ़ाई की। संजय कपूर ने शुरुआत में देहरादून के दून स्कूल से पढ़ाई की लेकिन कुछ सालों में ही उनका दाखिला करिश्मा के स्कूल में करवा दिया गया। दोनों की दोस्ती और बढ़ गई। स्कूलिंग के बाद संजय कपूर पढ़ाई करने विदेश चले गए और करिश्मा की रुचि फिल्मों में बढ़ने लगी और इस तरह दोनों की दोस्ती में दूरी आ गई। दोनों अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त होते चले गए। फिल्मी दुनिया हमेशा से ही करिश्मा को अट्रैक्ट करती थी। बचपन से ही वो दादाजी राज कपूर और पिता रणधीर के फिल्मों के सेट पर जाया करती थीं। वो अक्सर दादाजी से कहती थीं, ‘मैं भी एक दिन हीरोइन बनूंगी’, इस पर राज कपूर उन्हें जवाब देते थे- ‘एक्टर बनना कोई आसान काम नहीं है, अगर तुम एक्टर बनना चाहती हो, तो कांटों पर चलो और मिट्टी पर काम करो ताकि अच्छी एक्टर बन सको। एक्टर को हमेशा बेस्ट बनने का लक्ष्य रखना चाहिए।’ जब एक दिन करिश्मा ने पिता रणधीर से कहा कि उन्हें हीरोइन बनना है, तो पिता ने साफ इनकार कर दिया कि कपूर खानदान की लड़किया एक्टिंग नहीं करेंगी। लेकिन उनकी मां बबीता उनके सपोर्ट में थीं। ये वो दौर था, जब फिल्में न चलने से परेशान होकर वो काफी ज्यादा शराब पीने लगे थे। इससे उनके और बबीता के रिश्ते में भी अनबन चल रही थीं। फिर एक समय ऐसा आया, जब करिश्मा के करियर को सपोर्ट करते हुए बबीता ने 1987 में रणधीर का घर छोड़ दिया। राज कपूर की पोती होने के चलते उन्हें बिना संघर्ष फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। 16 की उम्र में उन्होंने एक साथ कई फिल्में साइन कीं। सबसे पहले करिश्मा ने फिल्म निश्चय शूट की, जिसके लिए न उन्हें ऑडिशन देना पड़ा, न ही उनका स्क्रीन टेस्ट लिया गया। हालांकि इस फिल्म से पहले ही उनकी दूसरी फिल्म प्रेम कैदी (1991) रिलीज हो गई। पहली ही फिल्म में करिश्मा ने स्विमसूट पहना, जिससे अंकल ऋषि कपूर काफी नाराज हुए थे। फिल्म एवरेज रही, लेकिन इसके बाद करिश्मा को बैक-टु-बैक कई फिल्में मिलने लगीं। 1992 में उनकी एक साथ 6 फिल्में पुलिस ऑफिसर, जागृति, निश्चय, सपने साजन के, दीदार और जिगर रिलीज हुईं। हालांकि उन्हें बड़ी सफलता 1993 की फिल्म अनाड़ी से मिली। 1994 में उनकी 10 फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से गोपी किशन, राजा बाबू, खुद्दार, अंदाज अपना-अपना जबरदस्त हिट रहीं। आगे साजन चले ससुराल, कृष्णा, जीत, राजा हिंदुस्तानी जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से करिश्मा स्टार बनीं और उनकी गिनती बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में होने लगी। इसी समय उनका नाम अजय देवगन से जुड़ा, लेकिन जल्द ही दोनों अलग भी हो गए। फिल्मी गलियारों में चर्चा रही कि रवीना टंडन के चलते रिश्ते में दरार आई और यही वजह रही कि करिश्मा और रवीना के फिल्मों के सेट पर अनबन और झगड़े बढ़ने लगे। पिता चाहते थे अक्षय खन्ना से हो करिश्मा की शादी करिश्मा कपूर करियर के पीक पर थीं, जब उनके पिता रणधीर कपूर ने दोस्त विनोद खन्ना से कहा था कि वो चाहते हैं कि करिश्मा की शादी उनके बेटे अक्षय खन्ना से हो। विनोद खन्ना भी इस पर विचार कर रहे थे कि तभी बबीता ने इससे साफ इनकार कर दिया। अभिषेक बच्चन को जीजू कहती थीं करीना

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। कोई भी कंपनी आपका पर्सनल डेटा देश के बाहर नहीं भेज पाएगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ शेयर कर सकेगी। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। आइए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े सरकार के नए नियम और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं… 1. लाइसेंस राज खत्म, टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल शुरू DoT ने कंपनियों के लिए टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराना लाइसेंस राज खत्म कर एक नया और आसान मंजूरी सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है, ताकि सारा काम डिजिटल हो सके। अब तक कंपनियों को मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से जटिल और लंबी ‘लाइसेंस’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। पुराने लाइसेंस वाले भी नए सिस्टम में आ सकेंगे जो टेलीकॉम कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और जिनके पास पुराने सिस्टम के तहत अलग-अलग तरह के लाइसेंस (जैसे इंटरनेट या कॉलिंग के लिए) हैं, सरकार ने उन्हें भी इस नए और आसान सिस्टम में शिफ्ट होने की सुविधा दी है। इसका मतलब है कि पुरानी कंपनियों को भी अब कागज़ी कार्रवाई से राहत मिलेगी। 2. सस्ते और नए प्लान्स मिल सकते हैं नए नियमों के तहत अब कंपनियां एक ही डिजिटल पोर्टल से नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस के लिए एक साथ अप्लाई कर सकती हैं। 3. सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार सख्त अगर आप आने वाले समय में इलॉन मस्क की स्टारलिंक या अमेजॉन जैसी कंपनियों से सीधे सैटेलाइट (बिना तार या टावर वाला डायरेक्ट इंटरनेट) लेने की सोच रहे हैं, तो सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 4. आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहेगा आजकल सबसे बड़ा डर डेटा चोरी या लीक होने का होता है। सरकार ने इस पर बेहद सख्त नियम बनाया है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि वे भारतीय यूजर्स का सारा डेटा और रिकॉर्ड भारत के अंदर ही स्टोर कर रखेंगी। 5. देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील इलाकों में नेटवर्क लगाने के लिए कंपनियों को विशेष सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, देश विरोधी या संदिग्ध संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को सिस्टम बनाना होगा।

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। कोई भी कंपनी आपका पर्सनल डेटा देश के बाहर नहीं भेज पाएगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ शेयर कर सकेगी। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। आइए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े सरकार के नए नियम और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं… 1. लाइसेंस राज खत्म, टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल शुरू DoT ने कंपनियों के लिए टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराना लाइसेंस राज खत्म कर एक नया और आसान मंजूरी सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है, ताकि सारा काम डिजिटल हो सके। अब तक कंपनियों को मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से जटिल और लंबी ‘लाइसेंस’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। पुराने लाइसेंस वाले भी नए सिस्टम में आ सकेंगे जो टेलीकॉम कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और जिनके पास पुराने सिस्टम के तहत अलग-अलग तरह के लाइसेंस (जैसे इंटरनेट या कॉलिंग के लिए) हैं, सरकार ने उन्हें भी इस नए और आसान सिस्टम में शिफ्ट होने की सुविधा दी है। इसका मतलब है कि पुरानी कंपनियों को भी अब कागज़ी कार्रवाई से राहत मिलेगी। 2. सस्ते और नए प्लान्स मिल सकते हैं नए नियमों के तहत अब कंपनियां एक ही डिजिटल पोर्टल से नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस के लिए एक साथ अप्लाई कर सकती हैं। 3. सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार सख्त अगर आप आने वाले समय में इलॉन मस्क की स्टारलिंक या अमेजॉन जैसी कंपनियों से सीधे सैटेलाइट (बिना तार या टावर वाला डायरेक्ट इंटरनेट) लेने की सोच रहे हैं, तो सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 4. आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहेगा आजकल सबसे बड़ा डर डेटा चोरी या लीक होने का होता है। सरकार ने इस पर बेहद सख्त नियम बनाया है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि वे भारतीय यूजर्स का सारा डेटा और रिकॉर्ड भारत के अंदर ही स्टोर कर रखेंगी। 5. देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील इलाकों में नेटवर्क लगाने के लिए कंपनियों को विशेष सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, देश विरोधी या संदिग्ध संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को सिस्टम बनाना होगा।

एएमएमए संकट: कुप्रबंधन के आरोपों के बीच प्रथम महिला अध्यक्ष श्वेता मेनन ने इस्तीफा दिया | #ब्रासस्टैक्स

एएमएमए संकट: कुप्रबंधन के आरोपों के बीच प्रथम महिला अध्यक्ष श्वेता मेनन ने इस्तीफा दिया | #ब्रासस्टैक्स

मलयालम कलाकारों की संस्था एएमएमए को तब नई उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है जब इसकी पहली महिला अध्यक्ष श्वेता मेनन ने कुप्रबंधन और आंतरिक कलह के आरोपों के बीच अपनी समिति के साथ इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने नेतृत्व, जवाबदेही और मलयालम फिल्म उद्योग के प्रमुख संघ के कामकाज पर व्यापक बहस छेड़ दी है। आलोचकों का तर्क है कि श्वेता मेनन के नेतृत्व के बावजूद शरीर के भीतर पितृसत्तात्मक नियंत्रण जारी है, जिससे उद्योग में महिलाओं की सुरक्षा, प्रतिनिधित्व और कार्यस्थल की गरिमा पर नए सिरे से चिंताएं बढ़ गई हैं। संकट ने एएमएमए के शासन, आंतरिक सुधारों और विश्वसनीयता को गहन जांच के दायरे में ला दिया है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_brass-tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 20:29 IST (टैग अनुवाद करने के लिए)अम्मा(टी)अम्मा समिति ने इस्तीफा दिया(टी)अम्मा संकट(टी)अम्मा उथल-पुथल(टी)मलयालम फिल्म कलाकारों का संघ(टी)पहली महिला अध्यक्ष अम्मा(टी)आंतरिक संघर्ष अम्मा(टी)आंतरिक कलह(टी)मलयालम कलाकार संघ(टी)मलयालम सिनेमा(टी)मलयालम फिल्म उद्योग(टी)कुप्रबंधन के आरोप(टी)मॉलीवुड(टी)पितृसत्तात्मक नियंत्रण(टी)फिल्म उद्योग में पितृसत्ता(टी)श्वेता मेनन(टी)श्वेता मेनन अम्मा अध्यक्ष(टी)श्वेता मेनन ने इस्तीफा दिया(टी)फिल्म उद्योग में महिला सुरक्षा(टी)महिला सुरक्षा मलयालम सिनेमा(टी)कार्यस्थल की गरिमा

कर्नाटक कक्षा 6 की कन्नड़ पाठ्यपुस्तक में भगवाकरण और शाकाहारवाद के दावों पर विवाद |#ब्रासस्टैक्स

कर्नाटक कक्षा 6 की कन्नड़ पाठ्यपुस्तक में भगवाकरण और शाकाहारवाद के दावों पर विवाद |#ब्रासस्टैक्स

कर्नाटक की कक्षा 6 की नई कन्नड़ पाठ्यपुस्तक को भगवाकरण के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है और दावा किया गया है कि यह राज्य की विविध खाद्य संस्कृति की अनदेखी करते हुए शाकाहार को बढ़ावा देती है। कार्यकर्ताओं ने पाठ्यपुस्तक में संशोधन की मांग की है, जिसमें कर्नाटक की खाद्य विविधता के हिस्से के रूप में अंडे और मांस का संदर्भ और पाठ्यपुस्तक के शीर्षक “कृष्णा” में बदलाव शामिल है। इस विवाद ने स्कूल पाठ्यक्रम, सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व, खाद्य विविधता, शिक्षा में विचारधारा, पाठ्यपुस्तक राजनीति और कक्षाओं में राज्य की पहचान को कैसे प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए, इस पर व्यापक बहस छेड़ दी है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_brass-tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 20:24 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)कार्यकर्ता संशोधन की मांग करते हैं(टी)कक्षा 6 कन्नड़ पाठ्यपुस्तक(टी)विविध खाद्य संस्कृति कर्नाटक(टी)अंडे और मांस समावेशन(टी)कन्नड़ पाठ्यपुस्तक विवाद(टी)कर्नाटक कक्षा 6 पाठ्यपुस्तक(टी)कर्नाटक शिक्षा(टी)कर्नाटक खाद्य संस्कृति(टी)कर्नाटक पाठ्यपुस्तक पंक्ति(टी)कृष्ण पाठ्यपुस्तक शीर्षक पंक्ति(टी)शाकाहार को बढ़ावा देता है(टी)भगवाकरण आरोप(टी)भगवाकरण का दावा(टी)स्कूल पाठ्यक्रम कर्नाटक(टी)पाठ्यपुस्तक राजनीति(टी)पाठ्यपुस्तक भगवाकरण(टी)पाठ्यपुस्तक शीर्षक कृष्ण(टी)पाठ्यपुस्तक में शाकाहारवाद