Sunday, 04 Oct 2026 | 06:48 PM

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सरकार अपना काम कर रही है, विपक्ष को मंदिर विवाद का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए: आनंद रंगनाथन | न्यूज18

सरकार अपना काम कर रही है, विपक्ष को मंदिर विवाद का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए: आनंद रंगनाथन | न्यूज18

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ट्रम्प बोले-मेलानी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं:इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया

ट्रम्प बोले-मेलानी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं:इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनातनी खुलकर सामने आ गई है। ट्रम्प ने दावा किया कि G7 समिट के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने पलटवार करते हुए कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। ट्रम्प ने इतालवी टीवी चैनल La7 से बातचीत में कहा, “वह मेरे साथ फोटो चाहती थीं। मैं ऐसा नहीं करना चाहता था, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया।” इस पर मेलोनी ने कहा, विवाद बढ़ने के बाद इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तायानी ने अगले हफ्ते का अपना अमेरिकी दौरा रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के गंभीर और अपमानजनक शब्द सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि पूरे इटली का अपमान हैं। G7 में साथ दिखे थे ट्रम्प और मेलोनी फ्रांस में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रम्प और मेलोनी को एक सोफे पर बैठकर लंबी बातचीत करते देखा गया था। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच रिश्ते सुधरने के संकेत भी मिले थे, लेकिन ट्रम्प के ताजा बयान के बाद दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ गया है। मेलोनी ट्रम्प की पुरानी समर्थक रही हैं और 2025 में उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली इकलौती यूरोपीय नेता थीं। हालांकि, इस साल ईरान युद्ध और पोप लियो को लेकर ट्रम्प की टिप्पणियों के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आने लगे थे। ट्रम्प पर यूरोप-अमेरिका रिश्ते बिगाड़ने का आरोप मेलोनी के करीबी सहयोगी और प्रधानमंत्री कार्यालय के अंडरसेक्रेटरी जियोवानबातिस्ता फज्जोलारी ने कहा कि ट्रम्प जानबूझकर या अनजाने में अमेरिका और यूरोप के ऐतिहासिक रिश्तों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के ऐसे बयानों ने पूरे यूरोप में अमेरिका की छवि को नुकसान पहुंचाया है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान खुद अमेरिका को होगा। मोदी और मेलोनी की दोस्ती भी चर्चा में इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के करीबी संबंध भी चर्चा में हैं। दोनों नेता हाल के G7 सम्मेलन समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ नजर आए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी दोस्ती को #Melodi नाम से भी लोकप्रियता मिली है। फ्रांस के एवियां में आयोजित 2026 G7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने मजाक में नरेंद्र मोदी से कहा था कि दोनों इंस्टाग्राम के सबसे चर्चित जोड़े हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी की रोम यात्रा के दौरान उन्होंने मेलोनी को भारत की मशहूर मेलोडी टॉफियां भी गिफ्ट की थीं। इस बातचीत से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और इसे 10 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया। मेलोनी ने सार्वजनिक तौर पर नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया है। दोनों नेताओं की अनौपचारिक तस्वीरें और सेल्फी सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहती हैं।

कर्नाटक-आंध्र स्टार्टअप विवाद: भूमि विवाद के बीच नारा लोकेश ने सैटेलाइट संस्थापक को आमंत्रित किया | #ब्रासस्टैक्स

कर्नाटक-आंध्र स्टार्टअप विवाद: भूमि विवाद के बीच नारा लोकेश ने सैटेलाइट संस्थापक को आमंत्रित किया | #ब्रासस्टैक्स

आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश द्वारा उपग्रह उत्पादन के लिए आंध्र में स्थानांतरित होने के लिए निराश स्टार्टअप संस्थापक को आमंत्रित करने के बाद भूमि विवाद ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच एक छोटे अंतरराज्यीय टकराव को जन्म दिया। कर्नाटक के मंत्री ने राज्य की निवेश अपील का बचाव करते हुए कहा कि कर्नाटक स्टार्टअप, नवाचार और उन्नत विनिर्माण के लिए एक मजबूत गंतव्य बना हुआ है। एक्सचेंज स्थानीय भूमि विवाद को व्यापार करने में आसानी, राज्य-स्तरीय प्रतिस्पर्धा, स्टार्टअप नीति और निवेश माहौल पर एक बड़ी बहस में बदल रहा है। -tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 19 जून, 2026, 19:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)आंध्र ने स्टार्टअप को आमंत्रित किया है(टी)आंध्र की राजनीति(टी)आंध्र प्रदेश(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)व्यापार करने में आसानी(टी)उच्च तकनीक विनिर्माण(टी)भारत व्यापार समाचार(टी)भारतीय स्टार्टअप(टी)अंतरराज्यीय तसलीम(टी)निवेश लड़ाई(टी)कर्नाटक(टी)कर्नाटक आंध्र पंक्ति(टी)कर्नाटक निवेश अपील(टी)कर्नाटक राजनीति(टी)भूमि विवाद(टी)नारा लोकेश(टी)नारा लोकेश आईटी मंत्री(टी)सैटेलाइट विनिर्माण(टी)सैटेलाइट उत्पादन(टी)सैटेलाइट स्टार्टअप(टी)स्पेस टेक इंडिया(टी)स्टार्टअप संस्थापक(टी)स्टार्टअप नीति(टी)स्टार्टअप स्थानांतरण

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।

तमिलनाडु के सीएम विजय द्वारा कर्नाटक के मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध करने से कावेरी विवाद गहरा गया है

तमिलनाडु के सीएम विजय द्वारा कर्नाटक के मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध करने से कावेरी विवाद गहरा गया है

कावेरी नदी विवाद और गहरा गया है क्योंकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध किया है, जिससे पानी के अधिकार, पीने के पानी की जरूरतों और पर्यावरणीय प्रभाव पर नई चिंताएं पैदा हो रही हैं। यह मुद्दा कांग्रेस-टीवीके गठबंधन के भीतर भी दरार पैदा कर रहा है, तमिलनाडु ने परियोजना के लिए कर्नाटक के दबाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। कर्नाटक का तर्क है कि मेकेदातु परियोजना का उद्देश्य पीने के पानी और बिजली की जरूरतों को पूरा करना है, जबकि तमिलनाडु को डर है कि इससे कावेरी जल का उसका उचित हिस्सा प्रभावित हो सकता है। चूंकि दोनों राज्य नदी अधिकारों पर टकराव कर रहे हैं, इसलिए यह विवाद संघीय संबंधों, गठबंधन राजनीति, किसानों, शहरी पेयजल आपूर्ति और पर्यावरण शासन पर प्रभाव के साथ एक प्रमुख राजनीतिक टकराव में बदल रहा है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_brass-tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 19 जून, 2026, 19:40 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)कावेरी विवाद(टी)कावेरी जल बंटवारा(टी)सीएम विजय(टी)कांग्रेस टीवीके गठबंधन(टी)कांग्रेस टीवीके दरार(टी)पेयजल की जरूरतें(टी)पर्यावरण संबंधी चिंताएं(टी)किसान जल मुद्दा(टी)भारतीय राजनीति(टी)अंतर राज्य जल विवाद(टी)कर्नाटक(टी)कर्नाटक मेकेदातु(टी)कर्नाटक तमिलनाडु पानी विवाद(टी)कावेरी नदी विवाद(टी)कावेरी जल अधिकार(टी)मेकेदातु बांध(टी)मेकेदातु परियोजना(टी)नदी जल विवाद(टी)दक्षिण भारत की राजनीति(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु सीएम विजय(टी)तमिलनाडु ने मेकेदातु(टी)टीवीके का विरोध किया

फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर' का नया पोस्टर रिलीज:अन्नू कपूर की फिल्म में किस्मत या कर्म? हल्के-फुल्के अंदाज में बड़ा सवाल उठाया

फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर' का नया पोस्टर रिलीज:अन्नू कपूर की फिल्म में किस्मत या कर्म? हल्के-फुल्के अंदाज में बड़ा सवाल उठाया

हाल ही में टीजर रिलीज के बाद चर्चा में आई फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ का नया पोस्टर सामने आया है। पोस्टर फिल्म की अनोखी दुनिया और अलग अंदाज की झलक देता है। इसके जरिए मेकर्स ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाने की कोशिश की है। पोस्टर में अभिनेता अन्नू कपूर अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। वह एक बड़े वास्तु-प्रेरित चक्र के ऊपर रखी कमोड सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। फिल्म की तरह पोस्टर का विजुअल भी हटकर और व्यंग्यात्मक है। इसमें भाग्य, दिशा और रोजमर्रा की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाया गया है। फिल्म की टैगलाइन ‘करम बड़े या किस्मत?’ कहानी के मूल विचार को सामने लाती है। यह सवाल उठाती है कि इंसान की जिंदगी फैसले और कर्म तय करते हैं या किस्मत उसकी दिशा बदलती है। पोस्टर में मौजूद बाकी किरदार भी कहानी के दिलचस्प मोड़ों की झलक देते हैं। फिल्म में अन्नू कपूर के साथ रुखसार रहमान, बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, इश्तियाक खान, जीवेशु अहलूवालिया, राजेंद्र सेठी, सुमित गुलाटी और नितिन अरोड़ा अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्माण संदीप कपूर और प्रिया कपूर ने प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। कहानी संदीप कपूर ने लिखी है, जबकि निर्देशन रविंदर सिवाच ने किया है। पोस्टर को लेकर निर्माता संदीप कपूर ने कहा, “हम चाहते थे कि पोस्टर फिल्म की असली पहचान को सामने लाए। यह मजेदार, थोड़ा अलग और दर्शकों में जिज्ञासा पैदा करने वाला है। फिल्म दिखाती है कि लोग अक्सर अपने सवालों के जवाब बाहर ढूंढ़ते हैं, जबकि जिंदगी उन्हें अपने तरीके से नई सीख देती रहती है।”

फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर' का नया पोस्टर रिलीज:अन्नू कपूर की फिल्म में किस्मत या कर्म? हल्के-फुल्के अंदाज में बड़ा सवाल उठाया

फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर' का नया पोस्टर रिलीज:अन्नू कपूर की फिल्म में किस्मत या कर्म? हल्के-फुल्के अंदाज में बड़ा सवाल उठाया

हाल ही में टीजर रिलीज के बाद चर्चा में आई फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ का नया पोस्टर सामने आया है। पोस्टर फिल्म की अनोखी दुनिया और अलग अंदाज की झलक देता है। इसके जरिए मेकर्स ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाने की कोशिश की है। पोस्टर में अभिनेता अन्नू कपूर अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। वह एक बड़े वास्तु-प्रेरित चक्र के ऊपर रखी कमोड सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। फिल्म की तरह पोस्टर का विजुअल भी हटकर और व्यंग्यात्मक है। इसमें भाग्य, दिशा और रोजमर्रा की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाया गया है। फिल्म की टैगलाइन ‘करम बड़े या किस्मत?’ कहानी के मूल विचार को सामने लाती है। यह सवाल उठाती है कि इंसान की जिंदगी फैसले और कर्म तय करते हैं या किस्मत उसकी दिशा बदलती है। पोस्टर में मौजूद बाकी किरदार भी कहानी के दिलचस्प मोड़ों की झलक देते हैं। फिल्म में अन्नू कपूर के साथ रुखसार रहमान, बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, इश्तियाक खान, जीवेशु अहलूवालिया, राजेंद्र सेठी, सुमित गुलाटी और नितिन अरोड़ा अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्माण संदीप कपूर और प्रिया कपूर ने प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। कहानी संदीप कपूर ने लिखी है, जबकि निर्देशन रविंदर सिवाच ने किया है। पोस्टर को लेकर निर्माता संदीप कपूर ने कहा, “हम चाहते थे कि पोस्टर फिल्म की असली पहचान को सामने लाए। यह मजेदार, थोड़ा अलग और दर्शकों में जिज्ञासा पैदा करने वाला है। फिल्म दिखाती है कि लोग अक्सर अपने सवालों के जवाब बाहर ढूंढ़ते हैं, जबकि जिंदगी उन्हें अपने तरीके से नई सीख देती रहती है।”

अविष्का के शतक से श्रीलंका-ए ट्राई सीरीज के फाइनल में:अफगानिस्तान को 103 रन से हराया; 21 जून को भारत से मुकाबला

अविष्का के शतक से श्रीलंका-ए ट्राई सीरीज के फाइनल में:अफगानिस्तान को 103 रन से हराया; 21 जून को भारत से मुकाबला

अविष्का फर्नांडो के शतक से श्रीलंका-ए वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने दांबुला में अफगानिस्तान-ए को 103 रन से हरा दिया। 21 जून को इसी मैदान भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल खेला जाएगा। शुक्रवार को अफगानिस्तान-ए ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। श्रीलंका-ए ने 50 ओवर 322/8 का स्कोर बनाया। जवाब में अफगानिस्तान-ए की टीम 42.5 ओवर में 219 रन पर सिमट गई। श्रीलंका-ए की जीत के हीरो अविष्का फर्नांडो रहे। उन्होंने 97 गेंदों पर 110 रन की पारी खेली। 13 चौके और एक छक्का भी लगाया। गेंदबाजी में दुलाज समुधिता ने 25 रन देकर 5 विकेट झटके। कुगाथस मथुलान ने 3 विकेट लिए। अविष्का को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। डिकवेला और अविष्का ने बड़े स्कोर की नींव रखी टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका-ए को निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 133 रन जोड़कर अफगानिस्तान के गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। डिकवेला ने 54 गेंदों पर 66 रन बनाए। पारी में 12 चौके भी शामिल रहे। डिकवेला के आउट होने के बाद भी अविष्का ने रन गति बनाए रखी। उन्होंने नुवानिदु फर्नांडो (45) के साथ दूसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अविष्का ने 97 गेंदों पर 110 रन की पारी खेली और 35वें ओवर में आउट हुए। लोअर ऑर्डर ने फिनिश किया अविष्का के आउट होने के बाद रविंदु फर्नांडो ने 18 गेंदों पर 25 रन। वहीं वनुजा साहन ने 16 गेंदों में 19 रन बनाकर टीम को गे बढ़ाया। आखिरी ओवरों में अफगानिस्तान के गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे और श्रीलंका-ए ने 50 ओवर में 322/8 का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। अफगानिस्तान की ओर से फरीदून दावूदजई सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 10 ओवर में 60 रन देकर 4 विकेट लिए। फारमनुल्लाह सफी ने 3 विकेट हासिल किए। समुधिता के शुरुआती झटकों से बिखरा अफगानिस्तान 323 रन का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान-ए की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान इमरान मीर पहली ही गेंद पर खाता खोले बिना आउट हो गए। नूर उल रहमान भी बिना रन बनाए पवेलियन लौट गए। दुलाज समुधिता ने शुरुआती ओवरों में दो बड़े झटके देकर अफगानिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। हसन ईसाखिल ने एक छोर संभालते हुए संघर्ष जरूर किया। उन्होंने 78 गेंदों पर 74 रन बनाए और बहीर शाह (35) के साथ चौथे विकेट के लिए 75 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन विकेट गिरते रहे। सफी को साथ नहीं मिला मध्यक्रम में फारमनुल्लाह सफी ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 39 गेंदों पर 43 रन बनाए और कुछ समय के लिए श्रीलंका की चिंता बढ़ाई। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें कोई बड़ा साथ नहीं मिला। समुधिता और मथुलान ने लगातार विकेट निकालकर अफगानिस्तान की वापसी की उम्मीद खत्म कर दी। समुधिता ने 6.5 ओवर में सिर्फ 25 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि मथुलान ने 38 रन देकर 3 विकेट चटकाए। अफगानिस्तान-ए की पूरी टीम 42.5 ओवर में 219 रन पर सिमट गई और श्रीलंका-ए ने 103 रन से जीत दर्ज की।

अविष्का के शतक से श्रीलंका-ए ट्राई सीरीज के फाइनल में:अफगानिस्तान को 103 रन से हराया; 21 जून को भारत से मुकाबला

अविष्का के शतक से श्रीलंका-ए ट्राई सीरीज के फाइनल में:अफगानिस्तान को 103 रन से हराया; 21 जून को भारत से मुकाबला

अविष्का फर्नांडो के शतक से श्रीलंका-ए वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने दांबुला में अफगानिस्तान-ए को 103 रन से हरा दिया। 21 जून को इसी मैदान भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल खेला जाएगा। शुक्रवार को अफगानिस्तान-ए ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। श्रीलंका-ए ने 50 ओवर 322/8 का स्कोर बनाया। जवाब में अफगानिस्तान-ए की टीम 42.5 ओवर में 219 रन पर सिमट गई। श्रीलंका-ए की जीत के हीरो अविष्का फर्नांडो रहे। उन्होंने 97 गेंदों पर 110 रन की पारी खेली। 13 चौके और एक छक्का भी लगाया। गेंदबाजी में दुलाज समुधिता ने 25 रन देकर 5 विकेट झटके। कुगाथस मथुलान ने 3 विकेट लिए। अविष्का को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। डिकवेला और अविष्का ने बड़े स्कोर की नींव रखी टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका-ए को निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 133 रन जोड़कर अफगानिस्तान के गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। डिकवेला ने 54 गेंदों पर 66 रन बनाए। पारी में 12 चौके भी शामिल रहे। डिकवेला के आउट होने के बाद भी अविष्का ने रन गति बनाए रखी। उन्होंने नुवानिदु फर्नांडो (45) के साथ दूसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अविष्का ने 97 गेंदों पर 110 रन की पारी खेली और 35वें ओवर में आउट हुए। लोअर ऑर्डर ने फिनिश किया अविष्का के आउट होने के बाद रविंदु फर्नांडो ने 18 गेंदों पर 25 रन। वहीं वनुजा साहन ने 16 गेंदों में 19 रन बनाकर टीम को गे बढ़ाया। आखिरी ओवरों में अफगानिस्तान के गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे और श्रीलंका-ए ने 50 ओवर में 322/8 का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। अफगानिस्तान की ओर से फरीदून दावूदजई सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 10 ओवर में 60 रन देकर 4 विकेट लिए। फारमनुल्लाह सफी ने 3 विकेट हासिल किए। समुधिता के शुरुआती झटकों से बिखरा अफगानिस्तान 323 रन का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान-ए की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान इमरान मीर पहली ही गेंद पर खाता खोले बिना आउट हो गए। नूर उल रहमान भी बिना रन बनाए पवेलियन लौट गए। दुलाज समुधिता ने शुरुआती ओवरों में दो बड़े झटके देकर अफगानिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। हसन ईसाखिल ने एक छोर संभालते हुए संघर्ष जरूर किया। उन्होंने 78 गेंदों पर 74 रन बनाए और बहीर शाह (35) के साथ चौथे विकेट के लिए 75 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन विकेट गिरते रहे। सफी को साथ नहीं मिला मध्यक्रम में फारमनुल्लाह सफी ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 39 गेंदों पर 43 रन बनाए और कुछ समय के लिए श्रीलंका की चिंता बढ़ाई। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें कोई बड़ा साथ नहीं मिला। समुधिता और मथुलान ने लगातार विकेट निकालकर अफगानिस्तान की वापसी की उम्मीद खत्म कर दी। समुधिता ने 6.5 ओवर में सिर्फ 25 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि मथुलान ने 38 रन देकर 3 विकेट चटकाए। अफगानिस्तान-ए की पूरी टीम 42.5 ओवर में 219 रन पर सिमट गई और श्रीलंका-ए ने 103 रन से जीत दर्ज की।