क्रिकेटर ऋषभ पंत ने किए आदि कैलाश के दर्शन:आईटीबीपी जवानों के साथ मिलकर बढ़ाया हौसला, स्थानीय लोगों और प्रशंसकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश और पंचाचूली क्षेत्र का दौरा किया। अपने निजी दौरे के दौरान उन्होंने भगवान शिव के पवित्र धाम आदि कैलाश में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का भी आनंद लिया। पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि ऋषभ पंत जैसे लोकप्रिय क्रिकेटर के इस दौरे से आदि कैलाश, पंचाचूली और दारमा घाटी को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इससे न केवल धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सीमांत क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। 10 जून को पंचाचूली का किया दीदार भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने 10 जून को पिथौरागढ़ की दारमा घाटी पहुंचकर अपने सीमांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत की। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध पंचाचूली पर्वत श्रृंखला और आसपास की प्राकृतिक वादियों का भ्रमण किया। नाबी गांव के होम स्टे में रुके दारमा घाटी दौरे के दौरान ऋषभ पंत नाबी गांव स्थित एक होम स्टे में ठहरे। उनके आगमन की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल बन गया और कई लोग उनसे मिलने पहुंचे। 12 जून को आदि कैलाश पहुंचकर की पूजा-अर्चना होम स्टे संचालक सुरेंद्र सिंह नबियाल ने बताया कि 12 जून को ऋषभ पंत ज्योलिंगकांग स्थित आदि कैलाश पहुंचे। यहां उन्होंने शिव-पार्वती मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और पवित्र धाम में कुछ समय बिताया। आईटीबीपी के जवानों से की मुलाकात आदि कैलाश दौरे के दौरान ऋषभ पंत ने भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र में तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय लोगों और प्रशंसकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं तथा कई फैंस को ऑटोग्राफ देकर अपने दौरे का समापन किया। गंगोलीहाट में है पैतृक गांव ऋषभ पंत का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव है। उनका पैतृक संबंध पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र से है। यही वजह है कि उनका आदि कैलाश और दारमा घाटी का दौरा स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। सीमांत क्षेत्र पहुंचने पर लोगों ने उन्हें अपने बीच पाकर खुशी जताई, जबकि पंत ने भी स्थानीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत के प्रति अपना लगाव प्रदर्शित किया।
एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद:अमेरिकी सरकार को साइबर हमले का डर, विदेशी नागरिकों तक पहुंच रोकने का आदेश दिया था

AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स ‘क्लाउड फेबल 5’ और ‘मिथॉस 5’ को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को ‘जेलब्रेक’ यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को ‘सप्लाई-चेन रिस्क’ की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘जेलब्रेक’ और ‘सॉवरेन AI’? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे ‘जेलब्रेक’ कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ———— ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद:अमेरिकी सरकार को साइबर हमले का डर, विदेशी नागरिकों तक पहुंच रोकने का आदेश दिया था

AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स ‘क्लाउड फेबल 5’ और ‘मिथॉस 5’ को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को ‘जेलब्रेक’ यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को ‘सप्लाई-चेन रिस्क’ की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘जेलब्रेक’ और ‘सॉवरेन AI’? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे ‘जेलब्रेक’ कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ———— ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का पारंपरिक इलाज- चॉकलेट से इलाज! 3 लाख करोड़ रुपए का इलाज करा चुके हैं ‘जड़ी-मजबूत की रानी’ पद्मश्री यानुंग जामोह

कैंसर बहुत आम बीमारी बन गयी है। यह शरीर की ड्रिल में खराबी का कारण होता है। आम भारतीय घरों में जब तक इस बीमारी का पता चलता है, इलाज बहुत देर से होता है। इसका आधुनिक इलाज बहुत महंगा है और ज्यादातर केसों में पीड़ितों के बच निकलने की उम्मीद ना के बराबर है। एक पुरानी कहावत है “एल पैथी घाव पर मरहम है, तो आयुर्वेद और हर्बल जड़ से इलाज है।” अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध हर्बल चिकित्सक यानुंग जामोह लेगो (पद्म श्री यानुंग जामोह लेगो) स्वास्थ्य- उपचार और पारंपरिक चिकित्सा के मदद से कई दशकों से कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे प्लास्टिक चिकित्सक का इलाज कर रहे हैं। यानुंग जामोह लेगो को मिर्ज़ा- पारंपरिक चिकित्सा और खेती में उनके शानदार योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा 2024 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने 3 लाख से अधिक मिलियन लोगों का इलाज किया है। इनमें कैंसर के कई मरीज भी शामिल हैं। उन्होंने पिता से सीखी पारंपरिक सामग्री-माता-पिता की मदद से पीड़ितों को राहत दी और कई मामलों में बीमारी को नियंत्रित करने या ठीक करने में सफलता पाई। यानुंग जमोह लेगो कौन हैं? यानुंग जामोह लेगो का जन्म 9 जुलाई 1963 को अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के सिका तोडे गांव में हुआ था। उनके पिता एक प्रसिद्ध लोक चिकित्सक थे। बचपन से ही उन्होंने पिता से चॉकलेट का इलाज बताया। उन्होंने असम कृषि विश्वविद्यालय से कृषि की पढ़ाई की। 1988 में यूक्रेन प्रदेश सरकार के कृषि विभाग में नौकरी शुरू हुई और 2023 में टूट गयी। लेकिन उनका असली जुनून हमेशा के लिए प्लांट मेडिसिन बना हुआ है। पिता के साथ 15 साल तक ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने लोगों का इलाज शुरू कर दिया। लाखों लोगों की जान बचाई यानुंग ने अब तक 3 लाख से ज्यादा गरीबों का इलाज किया है। इनमें कैंसर, कैंसर, उच्च रक्त रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं। वे सिर्फ सलाह नहीं देते, बल्कि शर्तिया को जड़ से खत्म करने पर जोर देते हैं। उनके इलाज से हजारों लोगों को नई जिंदगी मिली है। कैंसर के निदान हेतु सहायता यानुंग जामोह लेगो ने स्थानीय स्वाद- मसाले का इस्तेमाल करके कैंसर जैसे गंभीर सामानों को इकट्ठा करने में मदद की। उनके उपचार का आधार उनके वास्तुशिल्प पुराने पारंपरिक ज्ञान और यूक्रेनी प्रदेश की प्राकृतिक औषधि-बूटियां हैं। उन्होंने न सिर्फ इलाज किया, बल्कि बीमारी को रोकने के लिए भी लोगों से सलाह ली। उनका कहना है, सही प्रभाव- जड़ी-बूटियों के नियमित इस्तेमाल और स्वस्थ्य रसायन से शरीर के रोग विशेषज्ञ की क्षमता प्रबल होती है, जो कैंसर रोगियों से लेकर मांसपेशियों में कमजोरी तक हो सकती है। कैंसर जैसी तैलियाँ में आधुनिक स्त्रियाँ बहुत जरूरी हैं, लेकिन पारंपरिक बूटियों की भी सहायक भूमिका हो सकती है। लेगो ने बताया कि हमारे मित्र का ज्ञान आज भी कितना मूल्यवान है। 2009 में खास संस्था की शुरुआत हुई 2009 में उन्होंने “स्वदेशी हर्बल विरासत” नाम से एक संस्था बनाई। इस संस्था का उद्देश्य औषधीय विज्ञान की खेती को बढ़ावा देना और लोगों को हर्बल औषधि के बारे में सलाह देना है। अब तक 1 लाख से ज्यादा लोगों को प्लांट दवाओं के फायदे दिए जा रहे हैं। हर साल करीब 5,000 औषधीय नुस्खे सुझाए जाते हैं ताकि ये औषधि-बूटियां हमेशा उपलब्ध रहें। पहले भी मिल चुके हैं कई अवॉर्ड 2024 में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इससे पहले 2019 में डेमोक्रेटिक प्रदेश राज्य पुरस्कार, 2007 में सृष्टि सम्मान पुरस्कार और 2013 में पारंपरिक वैद्यक रत्न पुरस्कार मिल चुका है। पद्म श्री पुरस्कार उनके दशकों की मेहनत और विरासत को दर्शाता है। यह बताता है कि हमारे देश की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आज भी बहुत उपयोगी और प्रभावशाली है। यानुंग जामोह लेगो हमें सिखाता है कि पुराने ज्ञान को आधुनिक तरीकों से अपनाकर हम बहुत कुछ कर सकते हैं। वे सिर्फ इलाज नहीं करते हैं, बल्कि आने वाली दवाओं के लिए औषधीय औषध से भी छुटकारा पाने का काम कर रही हैं। अरुणाचल प्रदेश जैसे इलाकों में पाई जाने वाली लाल-बूटियां प्राकृतिक हैं और कई प्लास्टिक में कमाल साबित हुई हैं। इसका इस्तेमाल सही तरीके से और अनुभवी व्यक्ति की राय में करना चाहिए। यदि आप या आपके परिवार में कोई कैंसर जैसी बीमारी चल रही है, तो डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा के बारे में भी जानकारी लें। लेकिन याद रखें- बिना विशेषज्ञ की सलाह के कोई भी इलाज शुरू न करें। ये भी पढ़ें: सास-ससुर के बाद मां-बाप को दिखे चकाचौंध पड़े अरमान आमिर की पहली पत्नी पायल के दोस्त, उनकी कृतिका के छूटे आंकड़े- वीडियो (टैग अनुवाद करने के लिए)पद्म श्री यानुंग जामोह लेगो(टी)पारंपरिक हर्बल चिकित्सा विशेषज्ञ(टी)कैंसर हर्बल उपचार(टी)कैंसर उपचार के लिए हर्बल थेरेपी(टी)यानुंग जामोह लेगो(टी)पद्म श्री 2024(टी)अरुणाचल प्रदेश हर्बल हीलर(टी)पारंपरिक चिकित्सा भारत(टी)आदि जनजाति हर्बल ज्ञान(टी)हर्बल उद्यान आंदोलन
विमेंस टी-20 वर्ल्डकप, पाकिस्तान के खिलाफ भारत मजबूत दावेदार:नासिर हुसैन बोले- पाकिस्तान को फियरलेस क्रिकेट खेलना होगा, इंडिया के लिए रन रेट रहेगा अहम

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले से पहले पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन ने टीम इंडिया को जीत का प्रबल दावेदार बताया है। जियोस्टार मीडिया डे के दौरान ICC विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप एक्सपर्ट नासिर ने कहा, पाकिस्तान को भारत जैसी मजबूत टीम को हराने के लिए अपने सामान्य स्तर से ऊपर उठकर निडर क्रिकेट खेलनी होगी। वहीं, भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के लिहाज से भी बेहद अहम रहेगा। भारतीय बॉलिंग अटैक अलग लेवल का ICC एक्सपर्ट का मानना है कि पाकिस्तान ने हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ एक अच्छी सीरीज खेली थी। उस सीरीज में पाकिस्तानी बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट में काफी सुधार देखने को मिला था और वह काफी ऊपर गया था। लेकिन जिम्बाब्वे के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए यह समझना होगा कि उनका बॉलिंग अटैक भारतीय बॉलिंग अटैक जैसा मजबूत नहीं है। इसलिए पाकिस्तान को भारत के खिलाफ अपनी रणनीति बदलनी होगी। सामान्य खेल से भारत को हराना नामुमकिन एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर पाकिस्तान की टीम भारत के खिलाफ केवल अपने सामान्य स्तर पर ही खेलती है, तो भारतीय टीम उनके लिए बहुत ज्यादा मजबूत साबित होगी। केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट की अन्य बड़ी टीमों जैसे इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए किसी भी टीम को अपने सामान्य स्तर से काफी ऊपर का खेल दिखाना होगा। डरकर खेलने से नहीं बनेगा काम, 120 रन का टारगेट काफी नहीं पाकिस्तान की टीम इस मुकाबले में डरकर या संभलकर क्रिकेट नहीं खेल सकती। अगर पाकिस्तानी टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 120 रनों के आसपास का सामान्य स्कोर बनाती है, तो भारतीय टीम इस लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लेगी। इसलिए पाकिस्तान को बड़े उलटफेर के लिए निडर होकर खेलना होगा और उनके पास ऐसे खिलाड़ी होने चाहिए जो इस सोच के साथ मैदान पर उतर सकें। भारत को दबाव में लाने की रणनीति अपनानी होगी मैच जीतने के लिए पाकिस्तान को भारतीय टीम पर शुरुआत से ही थोड़ा दबाव बनाना होगा। हर कोई जानता है कि भारतीय खिलाड़ी देश के लिए खेल रहे हैं और इस ग्रुप में अब उनके ऊपर उम्मीदों का भारी दबाव भी है। पाकिस्तान को इसी दबाव का फायदा उठाने की कोशिश करनी होगी। भारत के लिए यह मस्ट-विन मैच भारतीय टीम जिस ग्रुप में है, उसमें साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी दो अन्य बेहद मजबूत टीमें भी शामिल हैं। इस कड़े ग्रुप को देखते हुए भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ यह मैच मस्ट-विन (हर हाल में जीतने वाला) मुकाबला बन जाता है। भारत को न सिर्फ यह मैच जीतना होगा, बल्कि आगे की राह आसान करने के लिए अपने नेट रन रेट को भी काफी बेहतर रखना होगा। शुरुआती मैच में भारत को चौंकाने का मौका अगर पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में भारतीय टीम को थोड़ा चौंका देती है और उन पर शुरुआती दबाव बना देती है, तो भारतीय टीम बैकफुट पर आ सकती है। ऐसे में भारत सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि वे यह मैच नहीं हार सकते, क्योंकि उन्हें आगे जाकर अभी साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी खतरनाक टीमों से भिड़ना है। हालांकि, एक्सपर्ट ने साफ किया कि इस सब के बावजूद मैच जीतने के लिए भारत ही उनका पसंदीदा विकल्प है। ICC विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सभी मुकाबलों का लाइव प्रसारण 12 जून से 5 जुलाई तक जियोस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकते हैं।
“जाओ पीएम मोदी को गले लगाओ!” | पिनाराई विजयन ने राहुल गांधी की “नो हग” टिप्पणी पर पलटवार किया | ब्रेकिंग | न्यूज18

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‘हम विलय नहीं कर रहे हैं’: एमपी विद्रोह के बीच कल्याण बनर्जी ने टीएमसी-कांग्रेस विलय से इनकार किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:13 जून, 2026, 16:41 IST टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और कीर्ति आज़ाद ने कांग्रेस के साथ किसी भी विलय से इनकार किया, रिपोर्टों को निराधार बताया, स्पीकर ओम बिड़ला से मिलने की योजना बना रहे बागी टीएमसी सांसदों पर ध्यान केंद्रित किया गया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है कि कई असंतुष्ट सांसदों के भविष्य पर बढ़ती अनिश्चितता के बीच पार्टी का एक धड़ा कांग्रेस में विलय कर सकता है। एएनआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पिछले हफ्ते कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अफवाहों को बल मिला, जबकि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ एक अलग बैठक की। बैठकों से ऐसी अटकलें शुरू हो गईं कि टीएमसी का एक वर्ग कांग्रेस के साथ अधिक निकटता से जुड़ सकता है क्योंकि पार्टी के भीतर आंतरिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। हालाँकि, कल्याण बनर्जी ने इन रिपोर्टों को दृढ़ता से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ”हम कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं।” बागी सांसदों पर तीखा हमला बनर्जी ने असंतुष्ट टीएमसी सांसदों पर भी निशाना साधा जो कथित तौर पर पार्टी से अपने अलगाव को औपचारिक रूप देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क करने की तैयारी कर रहे हैं। “उन्हें जो करना है करने दो। उन्हें भाजपा की शरण में रहना होगा। यह सब एक चाल है। वे इसका कारण अपने निर्वाचन क्षेत्रों का विकास बताते हैं, लेकिन जो लोग अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा भी नहीं कर सकते, वे क्या काम करेंगे?” उसने कहा। टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा और राज्य मशीनरी उनकी पार्टी को निशाना बना रही है और विद्रोहियों के दावों पर सवाल उठाया कि किसी अन्य राजनीतिक गठबंधन में शामिल होने से उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में किसी भी विपक्ष को कभी भी ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा जैसा हमें करना पड़ रहा है। जो 19 सांसद बीजेपी में जा रहे हैं, उन्हें बीजेपी स्वीकार नहीं करेगी।” कीर्ति आजाद ने भी विलय की खबरों को खारिज किया टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की खबरों का खंडन किया। नई दिल्ली में बोलते हुए, आज़ाद ने रिपोर्टों को ग़लत बताया और कहा कि दोनों पार्टियाँ इंडिया ब्लॉक ढांचे के तहत मिलकर काम करना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, “कोई विलय नहीं होगा; यह सब गलत खबर है। चुनाव गठबंधन के रूप में लड़ा जाएगा और गठबंधन बरकरार रहेगा।” कांग्रेस ने रिपोर्टों को ‘आधारहीन’ बताया कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने पहले विलय की अटकलों को खारिज कर दिया था और ऐसे दावों को “निराधार अफवाहें” बताया था। वेणुगोपाल के अनुसार, ममता बनर्जी और सोनिया गांधी के साथ-साथ अभिषेक बनर्जी और राहुल गांधी के बीच हालिया बैठकें भारत गठबंधन को मजबूत करने पर केंद्रित नियमित चर्चाएं थीं। वेणुगोपाल ने कहा, “हर कोई भारत गठबंधन को मजबूत करना चाहता है। हर कोई इस अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना चाहता है। हम इसी तरह साथ चलेंगे। यह केवल चर्चा का बिंदु है, और कुछ नहीं।” फोकस स्पीकर मीटिंग पर शिफ्ट हो गया राजनीतिक सुर्खियां अब बागी टीएमसी सांसदों के समूह पर हैं, जिनके लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपनी असहमति जताने और अपनी भविष्य की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने की उम्मीद है। ऐसी रिपोर्टों से पता चलता है कि बड़ी संख्या में टीएमसी सांसद ममता बनर्जी के खेमे को छोड़ सकते हैं, इस घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक संभावित मोड़ के रूप में करीब से देखा जा रहा है। फिलहाल, ममता बनर्जी ने रिपोर्टों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है और सभी की निगाहें असंतुष्ट सांसदों द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदम पर हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘हम विलय नहीं कर रहे हैं’: एमपी विद्रोह के बीच कल्याण बनर्जी ने टीएमसी-कांग्रेस विलय से इनकार किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी कांग्रेस का विलय(टी)ममता बनर्जी सोनिया गांधी की मुलाकात(टी)अभिषेक बनर्जी राहुल गांधी की बातचीत(टी)बागी टीएमसी सांसद(टी)भारत गठबंधन की राजनीति(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट(टी)कल्याण बनर्जी का बयान(टी)कीर्ति आजाद का खंडन
पीएम मोदी पर संजय राउत की ‘औरंगजेब’ टिप्पणी पर भड़की बीजेपी: ‘वे पागल हो गए हैं’ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:13 जून, 2026, 16:28 IST राउत ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका जन्म उसी भूमि पर हुआ है जहां मुगल बादशाह औरंगजेब का जन्म हुआ था, जिस पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से करके राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, “भारतीय राजनीति में ऐसा ‘अघोरी’ व्यक्ति कभी पैदा नहीं हुआ। इतना क्रूर व्यक्ति कभी पैदा नहीं हुआ।” वीडियो | पुणे, महाराष्ट्र: एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शिव सेना (यूबीटी) नेता संजय राउत कहते हैं, “इस देश ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पीवी नरसिम्हा राव, राजीव गांधी, बीआर अंबेडकर और बाल ठाकरे जैसे महान नेता पैदा किए हैं। ऐसे महान… pic.twitter.com/e4h7J6Ceme– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 13 जून, 2026 “इस देश ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पीवी नरसिम्हा राव, राजीव गांधी, बीआर अंबेडकर और बाल ठाकरे जैसे महान नेता पैदा किए हैं। ऐसे महान नेता इस देश की मिट्टी से पैदा हुए थे। लेकिन जब मैं नरेंद्र मोदी के पूरे चरित्र को देखता हूं, तो मुझे चिंता होती है। वह उसी मिट्टी से आते हैं जहां से औरंगजेब का जन्म हुआ था। औरंगजेब का जन्म गुजरात में हुआ था, है ना?” उन्होंने टिप्पणी की. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया पीएम मोदी पर संजय राउत की ‘औरंगजेब’ टिप्पणी पर भड़की बीजेपी: ‘वे पागल हो गए हैं’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)संजय राउत मोदी औरंगजेब टिप्पणी(टी)संजय राउत विवाद(टी)नरेंद्र मोदी तुलना(टी)औरंगजेब संदर्भ(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)बीजेपी प्रतिक्रिया(टी)भारतीय राजनीति विवाद(टी)राजनीतिक तूफान भारत
IMAX फिल्मों का साल:6 महीने में आएंगी 10 बड़ी फिल्में, बजट 16 हजार करोड़ से भी अधिक

क्रिस्टोफर नोलन की आगामी फिल्म ‘द ऑडेसी’ 17 जुलाई को रिलीज होनी है, लेकिन भारत में फिल्म की आईमैक्स टिकटों की एडवांस बुकिंग खुलते ही दर्शकों ने रिकॉर्ड स्तर पर सीटें बुक कर ली हैं। रिलीज से करीब 1 महीने पहले ही भारत में इस फिल्म के 1.5 लाख टिकट बिक चुके हैं। नोलन की पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘ओपनहाइमर’ ने 2023 में बुकिंग शुरू होने के इसी चरण में 65 हजार टिकट बेचे थे। ‘द ऑडेसी’ इतिहास की पहली ऐसी फिल्म भी है जो पूरी तरह से आईमैक्स कैमरा पर शूट हुई है। यह यूनानी कवि होमर की प्रसिद्ध महाकाव्य रचना पर आधारित है। कहानी ट्रॉय युद्ध के बाद इथाका के राजा की यात्रा दिखाती है। IMAX फिल्मों के बारे में जानिए – IMAX यानी Image Maximum – स्क्रीन सामान्य थिएटर से कहीं बड़ी होती है। – स्क्रीन में बेहतर रिजॉल्यूशन मिलता है। – विशेष IMAX कैमरों से शूट दृश्य अधिक प्रभावशाली दिखते हैं। साउंड सिस्टम से फिल्म के भीतर होने का एहसास मिलता है। – एक्शन, साइंस-फिक्शन और फैंटेसी फिल्मों के लिए सबसे पसंदीदा फॉर्मेट माना जाता है। एवेंजर्स-ड्यून के नए पार्ट… नोलन ला रहे अपनी सबसे महंगी फिल्म हॉलीवुड अब प्रीमियम स्क्रीन एक्सपीरियंस पर दांव लगा रहा है। द ऑडेसी, एवेंजर्स, ड्यून, सुपरगर्ल और टॉय स्टोरी-5 जैसी फिल्मों समेत सिर्फ 10 बड़ी रिलीज का संयुक्त बजट ₹16 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा आंका जा रहा है। सबसे महंगी फिल्मों में एवेंजर्स और द ऑडेसी शामिल हैं, जिनका बजट क्रमशः ₹3,400 करोड़ रु. और ₹2,100 करोड़ रु. के आसपास है। 2026 की सबसे चर्चित फिल्में अगले 6 महीनों में करीब 13 ऐसी फिल्में आने वाली हैं जो आईमैक्स एक्सपीरियंस देंगी। उनमें से कुछ प्रसिद्ध फिल्में ये हैं। Dune : Part Three- रिलीज: 18 दिसंबर, डेनिस की साइंस-फिक्शन का तीसरा पार्ट Toy Story 5- रिलीज: 19 जून, पिक्सर की सबसे लोकप्रिय एनीमेशन फ्रेंचाइजी है। Supergirl- रिलीज: 26 जून, डीसी यूनिवर्स की नई सुपरहीरो फिल्म है। The Odyssey- रिलीज: 17 जुलाई, नोलन की फिल्म, आईमैक्स पर शूट की गई है। Resident Evil- रिलीज: 18 सितंबर, मशहूर हॉरर फ्रेंचाइजी का नया पार्ट आ रहा है। Godzilla Minus Zero- रिलीज: 6 नवंबर, बड़े मॉन्स्टर यूनिवर्स की अगली पेशकश। Avengers: Doomsday- रिलीज: 18 दिसंबर, मार्वल की मेगा इवेंट फिल्म होगी।
‘मैं ममता के साथ रहूंगा’: कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के साथ सुलह का संकेत दिया, विद्रोहियों पर निशाना साधा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:13 जून, 2026, 12:37 IST कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह मौजूदा संकट के बावजूद ममता के साथ बने रहेंगे, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का प्राथमिक ध्यान भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करना है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी (बाएं) ने अभिषेक बनर्जी पर तृणमूल कांग्रेस को नष्ट करने का आरोप लगाया था। (पीटीआई छवि) अनुभवी तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी ने टीएमसी के भीतर चल रहे विद्रोह के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी का समर्थन किया है, और काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले सांसदों के विद्रोही गुट पर तीखा हमला किया है। से बात हो रही है सीएनएन-न्यूज18कल्याण बनर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह मौजूदा संकट के बावजूद ममता के साथ बने रहेंगे, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का प्राथमिक ध्यान भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से मुकाबला करना है। उन्होंने टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को पहले “भ्रष्ट” कहने के बाद उनके साथ सुलह का संकेत देते हुए कहा, “मैंने अभिषेक को बड़े होते देखा है। उन्होंने कहा है कि मैं उन्हें चीजें बता सकता हूं, तो ठीक है। अब हमें एनडीए के खिलाफ लड़ना है।” टीएमसी संकट लाइव अपडेट अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कल्याण बनर्जी मुझसे बड़े हैं। उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने मुझे बचपन से देखा है। मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा।” कल्याण बनर्जी – टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी और पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक – विद्रोही हो गए क्योंकि उन्होंने उनके भतीजे अभिषेक पर पार्टी को नष्ट करने और अपमानित करने का आरोप लगाया। टीएमसी सांसद ने पार्टी के भीतर विभिन्न शक्ति केंद्रों के बीच संबंधों पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित करते हुए, ममता बनर्जी को या तो उन्हें या अभिषेक बनर्जी को चुनने का अल्टीमेटम दिया। कल्याण बनर्जी ने ‘अवसरवादी’ विद्रोहियों पर निशाना साधा वरिष्ठ टीएमसी सांसद ने पार्टी के भीतर एक अलग गुट बनाने वाले बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विकास के लिए काम करने के उनके दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वे उन लोगों से जुड़े रहे हैं जिन्होंने उन्हें चुना था। “ये लोग जो ब्लॉक बना रहे हैं, क्या वे कभी अपने निर्वाचन क्षेत्र में गए हैं? काकोली घोष दस्तीदार अपने निर्वाचन क्षेत्र में क्यों नहीं जा रही हैं?” उसने पूछा. कल्याण ने कहा कि पार्टी उन लोगों के साथ अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी जो तृणमूल कांग्रेस के प्रति वफादार रहेंगे। उन्होंने कहा, “वे सभी अवसरवादी हैं। हमारे पास जो लोग हैं हम उनसे लड़ेंगे।” उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हालिया पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की. तलाशी और जांच का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला प्रशासन विपक्षी हस्तियों को निशाना बनाने के लिए राज्य एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा है। उनकी टिप्पणी तब आई है जब टीएमसी एक व्यापक संकट का सामना कर रही है जिसने उसके राजनीतिक भविष्य के बारे में संदेह पैदा कर दिया है। संसदीय स्तर पर काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि करीब 20 सांसद एनडीए में शामिल होने के इच्छुक हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में कमालिका सेनगुप्ता कमलिका सेनगुप्ता CNN-News18 / News18.com में संपादक (पूर्व) हैं, जो राजनीति, रक्षा और महिलाओं के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। वह एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं जिनके पास रिपोर्टिंग का 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘मैं ममता के साथ रहूंगा’: कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के साथ सुलह का संकेत दिया, विद्रोहियों पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) कल्याण बनर्जी टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)टीएमसी आंतरिक दरार(टी)काकोली घोष दस्तीदार विद्रोही गुट(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)ममता बनर्जी नेतृत्व(टी)एनडीए के खिलाफ लड़ाई(टी)बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए





