अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों के लिए बंद कर दिया है, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए है। अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद लगातार दूसरे दिन बड़ा अटैक है। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. जॉर्डन बोला- 5 ईरानी मिसाइलें हवा में मार गिराईं: जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। 2. ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया: तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी ईरान के जाम इलाके में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को गिराया गया। अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। 3. होर्मुज के पास टैंकर पर अमेरिकी हमला: ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय समेत 28 क्रू मेंबर सवार थे। एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कुछ क्रू मेंबर लापता बताए गए। 4. रूस ने अमेरिका-ईरान से हमले रोकने की अपील की: मॉस्को ने दोनों देशों से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई बंद कर कूटनीति का रास्ता अपनाने को कहा। 5. कतर का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा: कतर ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान टकराव पर बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल ईरान भेजा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी

लंबे समय बाद टीवी पर वापसी कर रहे अभिनेता यशपाल शर्मा अपने नए शो ‘बरेली के बच्चन’ को लेकर उत्साहित हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस शो के लिए उन्होंने अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं। यशपाल ने कहा कि ‘नीली छतरी वाले’ के बाद करीब 12 साल बाद वह टीवी शो कर रहे हैं और इस बार भी पूरी तरह एक ही प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहे हैं। बातचीत में उन्होंने फिल्मों और टीवी का फर्क, अच्छी कहानियों की कमी और नए कलाकारों के लिए जरूरी सलाह साझा की। वहीं अंश मनुजा ने अपने किरदार सतलुज को रिबेल और रियल बताया। सवाल: आपने सिनेमा और टेलीविजन दोनों माध्यमों में काम किया है। आज के समय में दोनों में सबसे बड़ा फर्क क्या महसूस करते हैं? जवाब/यशपाल शर्मा: सिनेमा और टीवी में सबसे बड़ा फर्क काम करने के तरीके का है। फिल्में बहुत प्लानिंग के साथ बनाई जाती हैं। दो-तीन घंटे की कहानी को बारीकी से तैयार किया जाता है और उसे लंबे समय तक देखा जा सकता है। वहीं टीवी का काम काफी तेज होता है। यहां लगातार शूटिंग चलती रहती है और कलाकारों को हर समय तैयार रहना पड़ता है। फिल्मों में कई टेक्स लिए जा सकते हैं, लेकिन टीवी में समय कम होता है और उसी हिसाब से काम करना पड़ता है। सवाल: आपको अक्सर पावरफुल और लेयर्ड किरदारों में देखा गया है। ‘अजब सिंह’ में ऐसा क्या था जिसने आपको आकर्षित किया? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह का किरदार बहुत अलग और दिलचस्प है। उसके अंदर कई परतें हैं और उसकी भावनात्मक यात्रा में उतार-चढ़ाव हैं। वह अपने परिवार से प्यार करता है, लेकिन उसे जाहिर नहीं करता। यही वजह है कि मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। इतना ही नहीं, मैंने इस शो के लिए अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं और पूरी तरह इसी काम पर ध्यान दे रहा हूं। सवाल: आप फिल्मों के मामले में काफी चुनिंदा माने जाते हैं। क्या आज भी स्क्रिप्ट सबसे बड़ा फैक्टर होती है? जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। सबसे पहले मैं स्क्रिप्ट देखता हूं। उसके बाद किरदार, मेहनताना, प्रोडक्शन हाउस, डायरेक्टर और टीम को देखता हूं। जब सारी चीजें सही लगती हैं, तभी काम करता हूं। सवाल: ओटीटी, टीवी और फिल्मों के इस दौर में एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है? जवाब/यशपाल शर्मा: जो भी काम करो, उसमें पूरी ईमानदारी और समर्पण होना चाहिए। मैं ओटीटी, फिल्म और टीवी- तीनों में काम करता हूं, लेकिन जब किसी एक प्रोजेक्ट पर काम करता हूं तो पूरी तरह उसी में डूब जाता हूं। करीब 12 साल बाद मैं टीवी पर वापसी कर रहा हूं। ‘नीली छतरी वाले’ के बाद यह मेरा दूसरा टीवी शो है। उस समय भी मैंने बाकी कामों से दूरी बनाकर सिर्फ उसी शो पर ध्यान दिया था और इस बार भी यही किया है। सवाल: आज के युवा एक्टर्स को कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए? जवाब/यशपाल शर्मा: दिखावा नहीं करना चाहिए। अभिनय दिखाने की नहीं, महसूस करने की चीज है। अगर आप किरदार को अंदर से जीते हैं, तो दर्शक उसे खुद महसूस करेंगे। सवाल: आपको लगता है कि अच्छे एक्टर्स की कमी है या अच्छी कहानियों की? जवाब/यशपाल शर्मा: अच्छे एक्टर्स की कमी नहीं है। अच्छी कहानियों की कमी जरूर रही है, लेकिन ओटीटी और नई पीढ़ी के आने से अब बेहतर काम हो रहा है। सवाल: क्या कोई ऐसा रोल है जिसे आप अब भी करना चाहते थे और अब मौका मिला? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह वैसा ही किरदार है। इसमें इमोशन, इंटेंसिटी, प्यार और कई रंग हैं। इसे लेकर मैं उत्साहित हूं। सवाल: सतलुज का किरदार आपको सबसे ज्यादा किस वजह से दिलचस्प लगा? जवाब/अंश मनुजा: सतलुज अलग और रिबेल स्वभाव का किरदार है। वह सबके खिलाफ नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा में रखने वाला इंसान है। उसका गुस्सा और सोच उसे बाकी लोगों से अलग बनाती है। सवाल: युवा दर्शकों को इस शो में क्या नया देखने को मिलेगा? जवाब/अंश मनुजा: यह एक रियल कॉन्सेप्ट वाला शो है। टीवी पर अक्सर ड्रामा और मेलोड्रामा देखने को मिलता है, लेकिन यह शो थोड़ा अलग है। मुझे लगता है कि यह युवाओं को टीवी की तरफ फिर आकर्षित करेगा। सवाल: सेट पर सीनियर एक्टर्स से कोई ऐसी सीख मिली जो हमेशा याद रहेगी? जवाब/अंश मनुजा: यशपाल सर ने सीधे सलाह कम दी है, लेकिन उनके काम को देखकर बहुत कुछ सीखा है। सेट पर अनुशासन कितना जरूरी है, छोटे-छोटे एक्सप्रेशन कितने मायने रखते हैं और किरदार को सच्चाई से कैसे निभाना चाहिए, यह सब उनसे सीखा। सवाल: आपकी असल जिंदगी और इस किरदार में कितनी समानता है? जवाब/अंश मनुजा: बहुत कम समानता है। सिर्फ एक चीज मिलती है कि मैं भी थोड़ा रिबेल स्वभाव का हूं। अपने पिता से कई बातों पर बहस होती है, लेकिन आखिर में हम साथ बैठकर खाना जरूर खाते हैं। यही बात इस किरदार में भी दिखती है। सवाल: क्योंकि यह फैमिली शो है, परिवार में गलतफहमियों को संभालने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? जवाब/अंश मनुजा: बात करना सबसे जरूरी है। अगर कोई बात परेशान कर रही है तो खुलकर सामने वाले से पूछ लेना चाहिए। मेरे हिसाब से हर रिश्ते में कम्युनिकेशन सबसे जरूरी चीज है।
सिर काटने की कोशिश के बाद आयरलैंड-ब्रिटेन में भड़के दंगे:प्रदर्शनकारियों के निशाने पर प्रवासी, घर-दुकानें लूटीं; गाड़ियों में आग लगाई

आयरलैंड के बेलफास्ट में एक आयरिश व्यक्ति का सिर काटने की कोशिश के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार को बड़े एंटी-इमिग्रेशन दंगों में बदल गया। आयरलैंड और ब्रिटेन में एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटना सामने आई। बेलफास्ट और उसके आसपास के इलाकों में नकाबपोश भीड़ ने घरों, दुकानों, बसों और कारों को निशाना बनाया। बेलफास्ट के न्यूटाउनार्ड्स रोड पर कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया शैंकिल में दो दुकानें लूट ली गईं और एक अफ्रीकी प्रवासी की दुकान को आग के हवाले कर दिया गया। लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर व स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी प्रवासी विरोधी प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा हुई। वीडियो वायरल होते ही लोग ड़कों पर उतरे हिंसा की शुरुआत बेलफास्ट में चाकूबाजी की घटना के बाद हुई। सूडान के एक शरणार्थी का एक आयरिश व्यक्ति से विवाद हो गया था। इसी बीच हादी ने चाकू से उसका गला काटने की कोशिश की थी। हमले में 40 वर्षीय आयरिश व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। इस वारदात का वीडियो वायरल होते ही प्रदर्शन की अपीलें तेज हो गईं थीं। पुलिस के मुताबिक चाकूबाजी घटना का आरोपी हादी अलोदिद सूडान से पेरिस और फिर डबलिन आया था। 2023 में वह बेलफास्ट पहुंचा और शरण मांगी। उसे ब्रिटेन में 2028 तक रहने की अनुमति मिल गई थी। आयरलैंड में हुई हिंसा की 5 तस्वीरें… प्रवासी विरोधियों परहिंसा भड़काने के आरोप दक्षिणपंथी और प्रवासी विरोधियों ने सोशल मीडिया पर चाकूबाजी की घटना का वीडियो तेजी से फैलाया। कट्टरपंथी व प्रवासी-विरोधी टॉमी रॉबिनसन ने वीडियो शेयर करते हुए पूरे ब्रिटेन में लोगों से ‘सड़कों पर उतरने’ की अपील की थी। इसके बाद मास्क पहने हजारों लोगों की भीड़ सड़कों पर जमा हो गई। कई प्रवासियों ने घर छोड़ा,नमाज रोकनी पड़ी बेलफास्ट में नकाबपोशों ने कई घरों को निशाना बनाया है। कुछ जगह ‘विदेशियों को निकालो’ जैसे नारे भी लगाए। स्थानीय पादरी जैक मैकी ने बताया कि लोग सिर्फ प्रवासी होने के कारण घर छोड़ने को मजबूर हुए। सैंडी रो इलाके में सूडानी दुकानदारों ने दुकानें जल्द बंद कर दीं। बेलफास्ट इस्लामिक सेंटर ने शाम की नमाज रोक दी। इलॉन मस्क ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया दिग्गज कारोबारी इलॉन मस्क ने भी सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए कहा- जोरदार प्रदर्शन से ही बदलाव आएगा। ब्रिटेन की कट्टरपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके ने घटना को प्रवास नीति का नतीजा बताते हुए वीजा प्रतिबंध की अपनी पार्टी की बात दोहराई। वहीं, सांसद क्लेयर हन्ना ने मस्क, रिफॉर्म यूके के चीफ नाइजल फराज व अन्य को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया। ———————— ये खबर भी पढ़ें… अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी मिसाइल हमले में 13 की मौत:इनमें 11 बच्चे; पाकिस्तान का दावा- 26 भारत समर्थित आतंकी मारे पाकिस्तान ने मंगलवार रात अफगानिस्तान के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। इसके अलावा 14 महिलाएं घायल हुई हैं। पूरी खबर पढ़ें…
ट्राई सीरीज में इंडिया-A का दूसरा मैच:अफगानिस्तान-A के खिलाफ उतरेंगे वैभव सूर्यवंशी; बारिश के 50% चांस

श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई नेशन वनडे सीरीज में इंडिया-A आज अफगानिस्तान-A के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। मुकाबला दांबुला के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। भारत-A ने अपने पहले मैच में श्रीलंका-A को 8 रन से हराया था। उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड ने शतक लगाया था। कप्तानी तिलक वर्मा कर रहे हैं। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका के खिलाफ 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। दांबुला में बारिश की संभावना दांबुला में गुरुवार को बारिश की संभावना 50% है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। नमी 76% और हवा की रफ्तार 27 किमी प्रति घंटा रह सकती है। बादल छाए रहने और नमी के कारण तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में मदद मिलने की उम्मीद है। दोनों मुकाबलों में भारत-A का दबदबा भारत-A और अफगानिस्तान-A के बीच अब तक दो लिस्ट-A मुकाबले खेले गए हैं और दोनों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। भारत-A ने 2017 में खेले गए दोनों मैचों में अफगानिस्तान-A को हराया था। 1 अगस्त 2017 को हुए मुकाबले में भारत-A ने 113 रन से जीत हासिल की थी। वहीं 28 जुलाई 2017 को भारत-A ने अफगानिस्तान-A को 7 विकेट से हराया था। उस मैच में भारतीय टीम ने 116 गेंद रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। गायकवाड ने पहले मैच में जमाया था शतक श्रीलंका-A के खिलाफ पहले मुकाबले में भारत-A की जीत के हीरो ऋतुराज गायकवाड रहे थे। उन्होंने 114 गेंदों में 101 रन की शतकीय पारी खेली थी। कप्तान तिलक वर्मा ने भी अर्धशतक लगाया था। मीर-फरीदून पर रहेगी जिम्मेदारी अफगानिस्तान-A की कप्तानी इमरान मीर कर रहे हैं। उन्होंने 43 लिस्ट-A मैचों में 1338 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 32.63 रहा है और वे 4 शतक व 3 अर्धशतक भी लगा चुके हैं। बल्लेबाजी में हसन इसाखिल, बहीर शाह, नूर रहमान और मोहम्मद इशाक भी टीम की अहम कड़ी होंगे। गेंदबाजी में फरीदून दाऊदजई ने 16 लिस्ट-A मैचों में 23 विकेट लिए हैं। उनका बवसत प्रदर्शन 52 रन देकर 3 विकेट रहा है। उनके अलावा जहीर खान पक्तीन भी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश कर सकते हैं। रंगिरी दांबुला स्टेडियम में 71 वनडे खेले गए दांबुला का रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम श्रीलंका के प्रमुख वनडे मैदानों में से एक है। यहां अब तक 71 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 34 और टारगेट का पीछा करने वाली टीम ने 34 मैच जीते हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 213 रन है। वनडे में सबसे बड़ा स्कोर पाकिस्तान ने 2010 में बांग्लादेश के खिलाफ 385/7 बनाया था, जबकि सबसे सफल रन चेज 289/4 का रहा है। दोनों टीमों के पॉसिबल प्लेइंग-XI भारत-A: तिलक वर्मा (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह, प्रियांश आर्या, ऋतुराज गायकवाड, आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, अरशद खान, विपराज निगम, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज। अफगानिस्तान-A: इमरान मीर (कप्तान), हसन इसाखिल, खालिद तनावल, एजाज अहमदजई, बहीर शाह, फैसल खान, फारमान सफी, शम्स उर रहमान, नूर रहमान और जहीर पक्तीन, फरीदून दाऊदजई।
‘खट्टा, मसालेदार, कुरकुरा’: अमित शाह की गुप्त झालमुड़ी पोस्ट पर हर कोई टीएमसी के बारे में क्यों बात कर रहा है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 23:16 IST हालाँकि, गृह मंत्री ने ममता बनर्जी, उनकी पार्टी या टीएमसी में चल रहे संसदीय विद्रोह का कोई सीधा उल्लेख नहीं किया है स्नैक के संदर्भ पर विचार करने पर पाक संबंधी सबटेक्स्ट और गहरा हो जाता है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक गुप्त सोशल मीडिया पोस्ट ने राजधानी भर में तीव्र राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है, यह ठीक उसी दिन आया है जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को संसद में विनाशकारी विभाजन का सामना करना पड़ रहा है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की एक हाई-प्रोफाइल सभा के बाद, शाह ने क्लासिक बंगाली स्ट्रीट फूड के लिए अपनी सराहना साझा करने के लिए माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म हालाँकि यह पोस्ट सतही तौर पर एक अनौपचारिक पाक अद्यतन प्रतीत होती है, लेकिन अनुभवी राजनीतिक पर्यवेक्षक जल्दी से इसे डिकोड कर रहे हैं जो एक अत्यधिक गणना की गई वर्डप्ले प्रतीत होती है। विशेषणों का बड़े अक्षरों में चयन – “टी”एंजी, “एम”असलेदार, और “सी”रंची – स्पष्ट रूप से संक्षिप्त नाम “टीएमसी” का उच्चारण करता है। भाजपा के मुख्य राजनीतिक रणनीतिकारों में से एक की ओर से, एक एन्क्रिप्टेड संदेश देने के लिए एक विशिष्ट बंगाली स्नैक की पसंद ने क्षेत्रीय राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। बड़े अक्षरों में लिखी पंक्तियों के बीच पढ़ना इससे पहले दिन में, खबर आई थी कि काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 बागी टीएमसी लोकसभा सांसदों के एक दुर्जेय गुट ने स्पीकर ओम बिरला को ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होने और एनडीए गठबंधन को समर्थन देने के अपने फैसले के बारे में औपचारिक रूप से सूचित किया था। पश्चिम बंगाल से आने वाले नाश्ते के विवरण में टी, एम और सी अक्षरों को शामिल करके, शाह ने तीव्र अटकलों को हवा दी है कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपने प्रमुख क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी के पतन की ओर इशारा कर रहा है। स्नैक के संदर्भ पर विचार करने पर पाक संबंधी सबटेक्स्ट और गहरा हो जाता है। झालमुरी बंगाल का एक सर्वोत्कृष्ट स्ट्रीट फूड है, जो कि तृणमूल कांग्रेस का हृदय स्थल है, और हाल ही में भाजपा द्वारा जीते गए विधानसभा चुनावों के दौरान यह एक प्रमुख चर्चा का विषय भी बन गया। पर्यवेक्षकों का सुझाव है कि बंगाली सांस्कृतिक पहचान से इतनी गहराई से जुड़े नाश्ते का उपयोग एक दोधारी रूपक के रूप में कार्य करता है, जो संकेत देता है कि राजनीतिक “मसाला” अब केंद्रीय सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में निर्णायक रूप से बदल गया है। सूक्ष्म विजय और राजनीतिक कलात्मकता गृह मंत्री ने अपने सार्वजनिक संचार में ममता बनर्जी, उनकी पार्टी या चल रहे संसदीय विद्रोह का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया है। अपनी अत्यधिक संरचित और प्रतीकात्मक जनसंपर्क रणनीति के लिए जाने जाने वाले नेतृत्व के लिए, स्नैक की विशेषताओं की पूंजीकृत वर्तनी को कई लोगों द्वारा राजनीतिक ट्रोलिंग में एक मास्टरक्लास के रूप में देखा जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पथिकृत सेन गुप्ता पथिकृत सेन गुप्ता News18.com के वरिष्ठ एसोसिएट संपादक हैं और लंबी कहानी को छोटा करना पसंद करते हैं। वह राजनीति, खेल, वैश्विक मामलों, अंतरिक्ष, मनोरंजन और भोजन पर छिटपुट रूप से लिखते हैं। वह …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘खट्टा, मसालेदार, कुरकुरा’: क्यों अमित शाह की गूढ़ झालमुड़ी पोस्ट पर हर कोई टीएमसी के बारे में बात कर रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)झालमुरी(टी)अमित शाह(टी)नरेंद्र मोदी(टी)एनडीए(टी)ममता बनर्जी
FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार बिलेनियर फुटबॉलर खेलते दिखेंगे:रोनाल्डो सबसे अमीर खिलाड़ी, दूसरे नंबर पर मेसी; दोनों की नेटवर्थ 1 बिलियन से ज्यादा

फीफा वर्ल्ड कप में इस बार पहली बार बिलेनियर खिलाड़ी खेलते नजर आएंगे। फोर्ब्स ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाले सबसे अमीर खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है। इसमें पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो टॉप पर हैं। वहीं, अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी दूसरे नंबर पर हैं। रोनाल्डो और मेसी दोनों की ही नेटवर्थ $1 बिलियन (करीब ₹9,530 करोड़) से ज्यादा है। फोर्ब्स के मुताबिक, वर्ल्ड कप के टॉप 11 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले पिछले 12 महीनों में कुल $950 मिलियन (करीब ₹9,050 करोड़) की कमाई की है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। टॉप-11 हाइएस्ट पेड फुटबॉलर रोनाल्डो की कमाई ₹2,800 करोड़ पार, मेवेदर के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की 41 साल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस समय दुनिया के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। पिछले एक साल में उनकी अनुमानित कमाई $300 मिलियन (करीब ₹2858.25 करोड़) रही है। इसमें से ₹3191.71 करोड़ ($235 मिलियन) उन्हें मैदान पर खेल (सैलरी और बोनस) से मिले हैं, जबकि ₹619.38 करोड़ ($65 मिलियन) एंडोर्समेंट और अन्य बिजनेस वेंचर्स से आए हैं। सऊदी अरब के क्लब अल-नासर के लिए खेलने वाले रोनाल्डो दुनिया के उन चुनिंदा 4 एक्टिव एथलीट्स में शामिल हैं, जिनकी नेटवर्थ $1 बिलियन से ज्यादा है। उनकी यह सालाना कमाई बॉक्सिंग लेजेंड फ्लॉयड मेवेदर जूनियर के उस रिकॉर्ड के बराबर है, जो फोर्ब्स के इतिहास में किसी खिलाड़ी की एक साल की सबसे बड़ी कमाई मानी जाती है। रोनाल्डो अपने करियर का छठवां वर्ल्ड कप खेल रहे हैं और हाल ही में उन्होंने अल-नासर को सऊदी प्रो लीग का खिताब भी जिताया है। दूसरे नंबर पर मेसी, इस बार सबसे बड़े स्कोरर बन सकते हैं अर्जेटीना को पिछला वर्ल्ड कप जिताने वाले लियोनेल मेसी लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। मेसी ने पिछले 12 महीनों में $140 मिलियन (करीब ₹1333.78 करोड़) की कमाई की है। खास बात यह है कि मेसी की यह कमाई फील्ड और ऑफ-फील्ड (विज्ञापन और बिजनेस) में आधी-आधी ($70-70 मिलियन) बंटी हुई है। इंटर मियामी के लिए खेल रहे मेसी हाल ही में फोर्ब्स की बिलेनियर लिस्ट में शामिल हुए हैं, उनकी कुल नेटवर्थ $1.1 बिलियन (करीब ₹1048 करोड़) आंकी गई है। रोनाल्डो की तरह मेसी का भी यह छठवां वर्ल्ड कप होगा। अगर मेसी इस टूर्नामेंट में 4 गोल और कर देते हैं, तो वह जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज (16 गोल) को पीछे छोड़कर वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर बन जाएंगे। एम्बापे तीसरे और हालैंड चौथे पायदान पर फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। रियल मैड्रिड के इस खिलाड़ी की सालाना कमाई $95 मिलियन (करीब ₹905.13 करोड़) रही है। एम्बापे इस समय फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड्स में से एक हैं और उन्होंने हाल ही में कई नए इन्वेस्टमेंट किए हैं। मैनचेस्टर सिटी के साथ बड़ा कॉन्ट्रैक्ट करने वाले नॉर्वे के स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड $80 मिलियन (करीब ₹762.27 करोड़) की कमाई के साथ चौथे नंबर पर हैं। वहीं ब्राजील के विनीसियस जूनियर $60 मिलियन (करीब ₹571.70 करोड़) कमाकर पांचवें स्थान पर काबिज हैं। सिर्फ 18 साल की उम्र में लामिन यामल टॉप-10 में शामिल इस लिस्ट का सबसे बड़ा सरप्राइज स्पेन के 18 वर्षीय सनसनी लामिन यामल हैं। यामल ने पिछले एक साल में $43 मिलियन (करीब ₹409.68 करोड़) की बंपर कमाई की है और वह लिस्ट में 9वें नंबर पर हैं। इतनी कम उम्र में उनकी इतनी बड़ी कमाई फुटबॉल मार्केट में उनके बढ़ते दबदबे को दिखाती है। लिवरपूल के मोहम्मद सालाह $55 मिलियन (करीब ₹523.96 करोड़) के साथ छठे, सेनेगल के सादियो माने $54 मिलियन (करीब ₹514.44 करोड़) के साथ सातवें और इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम $44 मिलियन (करीब ₹419.17 करोड़) के साथ आठवें नंबर पर हैं। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन $41 मिलियन (करीब ₹390.59 करोड़) कमाकर 10वें और चोट से जूझ रहे ब्राजील के नेमार $38 मिलियन (करीब ₹362.01 करोड़) के साथ 11वें नंबर पर हैं। फोर्ब्स कैसे तय करता है खिलाड़ियों की कमाई? फोर्ब्स की इस लिस्ट में खिलाड़ियों की पिछले 12 महीनों की सैलरी, बोनस, इमेज राइट्स और एंडोर्समेंट (विज्ञापनों से कमाई) को शामिल किया जाता है। हालांकि, इसमें खिलाड़ियों के पर्सनल इन्वेस्टमेंट से मिलने वाले रिटर्न, टैक्स, ट्रांसफर फीस और एजेंट्स को दी जाने वाली कमीशन को शामिल नहीं किया जाता है। यह रैंकिंग साफ करती है कि आज के दौर में बड़े फुटबॉलर सिर्फ खिलाड़ी नहीं बल्कि एक ग्लोबल ब्रांड बन चुके हैं।
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच टीएमसी सांसद आजादी की मांग कर रहे हैं, ममता बनर्जी को बगावत का सामना करना पड़ रहा है |#thehardfacts

ममता बनर्जी को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि 19 बागी टीएमसी सांसद उनके नेतृत्व को चुनौती देते हुए एक अलग गुट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच, पार्टी की एकता टूट रही है, जिससे इसके भविष्य और बनर्जी के राजनीतिक अस्तित्व पर सवाल उठ रहे हैं। समाचार(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी संकट(टी)ममता नेतृत्व संकट(टी)ममता राजनीतिक अस्तित्व(टी)न्यूज18(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)बागी टीएमसी सांसद(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी भ्रष्टाचार के आरोप(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी आंतरिक संकट(टी)टीएमसी सांसद विद्रोह(टी)टीएमसी भाई-भतीजावाद विवाद(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)टीएमसी विद्रोही(टी)टीएमसी अलग गुट(टी)टीएमसी विभाजन(टी)टीएमसी उथल-पुथल(टी)टीएमसी एकता टूट गई(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
दूसरे दिल्ली दौरे में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी से मुलाकात की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 21:50 IST राष्ट्रीय राजधानी के तीन दिवसीय दौरे पर आए विजय के गुरुवार को नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद नई दिल्ली में विजय की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से यह पहली मुलाकात थी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने बुधवार को नई दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। राष्ट्रीय राजधानी के तीन दिवसीय दौरे पर आए विजय के गुरुवार को नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। मई में दक्षिणी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में बागडोर संभालने के बाद यह उनकी नई दिल्ली की दूसरी यात्रा है। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय पहली बार सीपीपी प्रमुख के 10, जनपथ स्थित आवास पर गांधी परिवार से मिले। विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए राहुल गांधी पिछले महीने चेन्नई गए थे। के अनुसार पीटीआई सूत्रों के अनुसार, यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी और गांधी परिवार ने विजय को आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। इससे पहले आज विजय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। विजय-कांग्रेस गठबंधन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद, कांग्रेस ने तेजी से डीएमके के साथ अपना गठबंधन खत्म कर दिया और सरकार बनाने के लिए विजय की टीवीके से हाथ मिला लिया। 234 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ पांच विधायक होने के बावजूद, पार्टी ने सत्ता-साझाकरण व्यवस्था के हिस्से के रूप में नए मंत्रिमंडल में दो सीटें और प्रवीण चक्रवर्ती के लिए एक राज्यसभा सीट हासिल की। इस कदम से लगभग छह दशकों के बाद तमिलनाडु में कांग्रेस की सत्ता में वापसी भी हुई। पार्टी ने आखिरी बार 1967 में राज्य पर शासन किया था, हिंदी विरोधी आंदोलन के बीच सत्ता से बाहर होने से पहले, जिसने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार दिया और द्रविड़ पार्टियों के उदय का मार्ग प्रशस्त किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं न्यूज़ इंडिया दूसरे दिल्ली दौरे में तमिलनाडु के सीएम विजय ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)सी जोसेफ विजय(टी)सोनिया गांधी की बैठक(टी)राहुल गांधी की बैठक(टी)नई दिल्ली यात्रा(टी)नीति आयोग परिषद(टी)तमिलनाडु में कांग्रेस
12 साल, 12 योजनाएं: कैसे पीएम मोदी की प्रमुख कल्याण नीतियों ने भारत को नया आकार दिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 21:34 IST मोदी सरकार ने प्रत्येक पात्र नागरिक तक कल्याणकारी लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमुख योजनाओं की एक श्रृंखला शुरू की है। बैंकिंग सुविधा से वंचित लोगों के लिए बैंक खाते खोलने और गांवों में शौचालय बनाने से लेकर मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल, आवास और नल जल कनेक्शन प्रदान करने तक, ये पहल सरकार के शासन मॉडल की आधारशिला बन गई हैं। (फोटो: एक्स/पीएमओ) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधान मंत्री बन गए, जिन्होंने कार्यालय में लगातार 12 साल पूरे किए। उनके कार्यकाल को व्यापक कल्याण एजेंडा, वित्तीय समावेशन पहल और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास द्वारा परिभाषित किया गया है। नई दिल्ली में एनडीए नेताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ और ‘सबका प्रयास’ हमारे मार्गदर्शक सिद्धांत रहे हैं।” उन्होंने कहा, “पिछले बारह वर्षों की यात्रा उपलब्धियों से भरी रही है। आने वाले वर्ष और भी नए और बड़े मील के पत्थर लेकर आएंगे।” पिछले 12 वर्षों में, मोदी सरकार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और लक्षित सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रत्येक पात्र नागरिक तक कल्याणकारी लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमुख योजनाओं की एक श्रृंखला शुरू की है। बैंकिंग सुविधा से वंचित लोगों के लिए बैंक खाते खोलने और गांवों में शौचालय बनाने से लेकर मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल, आवास और नल जल कनेक्शन प्रदान करने तक, ये पहल सरकार के शासन मॉडल की आधारशिला बन गई हैं। यहां उन 12 प्रमुख पहलों पर एक नजर डाली गई है जिन्होंने मोदी युग को परिभाषित किया है। 1. जनधन योजना: प्रत्यक्ष कल्याण की बुनियाद 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई, प्रधान मंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) ने बिना बैंक वाले लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में लाकर भारत के डिजिटल कल्याण वास्तुकला की नींव तैयार की। योजना के तहत 56 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। RuPay डेबिट कार्ड और दुर्घटना बीमा से सुसज्जित, ये खाते प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए प्राथमिक चैनल बन गए, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि सरकारी सब्सिडी बिना बिचौलियों या रिसाव के लाभार्थियों तक पहुंचे। 2. स्वच्छ भारत: भारत की स्वच्छता क्रांति 2 अक्टूबर 2014 को लॉन्च किए गए स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य खुले में शौच को खत्म करना और पूरे देश में स्वच्छता मानकों में सुधार करना था। कार्यक्रम के तहत 12 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों का निर्माण किया गया है। बुनियादी ढांचे से परे, अभियान ने व्यवहार में बदलाव लाया और विशेष रूप से ग्रामीण भारत में महिलाओं के लिए स्वच्छता पहुंच में उल्लेखनीय सुधार किया। 3. पीएम आवास योजना: गरीबों को आवास पीएम आवास योजना का शहरी घटक जून 2015 में लॉन्च किया गया था, इसके बाद अप्रैल 2016 में ग्रामीण संस्करण लॉन्च किया गया था। यह योजना अस्थायी घरों को बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित स्थायी पक्के घरों से बदलने पर केंद्रित है। योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा घरों का निर्माण किया गया है। एक प्रमुख विशेषता यह है कि स्वामित्व अक्सर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत होता है, जिससे महिला लाभार्थियों के बीच वित्तीय सुरक्षा और संपत्ति का स्वामित्व बढ़ता है। 4. जल जीवन मिशन: घर तक पानी 15 अगस्त, 2019 को लॉन्च किए गए जल जीवन मिशन का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण घर में नल का पानी उपलब्ध कराना है। ग्रामीण नल जल कवरेज 2019 में 3.2 करोड़ घरों से बढ़कर आज 15.8 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच गया है। इस योजना ने उन महिलाओं पर बोझ कम कर दिया है जो परंपरागत रूप से दूर के स्रोतों से पानी लाने में घंटों बिताती थीं। 5. उज्ज्वला योजना: धुआं मुक्त रसोई 1 मई 2016 को शुरू की गई, प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करती है। 10 करोड़ से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन बांटे जा चुके हैं. जलाऊ लकड़ी और पारंपरिक खाना पकाने के ईंधन को प्रतिस्थापित करके, इस योजना ने घर के अंदर वायु प्रदूषण को कम करने में मदद की है और लाखों महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार किया है। 5. आयुष्मान भारत: गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवा सितंबर 2018 में शुरू की गई, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम है। यह योजना प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है। 44 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं। कार्यक्रम को हाल ही में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था, चाहे उनकी आय कुछ भी हो। 6. पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना: बड़े पैमाने पर खाद्य सुरक्षा मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई और बाद में 2029 तक विस्तारित, पीएम गरीब कल्याण योजना दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरी है। यह योजना 81.3 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को हर महीने 5 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करती है, जिससे कमजोर परिवारों को मुद्रास्फीति और आर्थिक व्यवधानों से निपटने में मदद मिलती है। 7. पीएम-किसान: किसानों को सीधा समर्थन फरवरी 2019 में लॉन्च किया गया, पीएम-किसान किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करता है। 9.5 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं। अब तक, 4.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए हैं, जिससे उन्हें अनौपचारिक ऋणदाताओं पर निर्भर हुए बिना कृषि खर्चों को पूरा करने में मदद मिली है। 8. मुद्रा योजना: छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देना 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई, पीएम मुद्रा योजना छोटे उद्यमियों और सूक्ष्म उद्यमों को संपार्श्विक-मुक्त ऋण प्रदान करती है। 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 58 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किये गये हैं। लाभार्थियों में लगभग 68 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो इस योजना को जमीनी स्तर पर उद्यमिता और स्वरोजगार का एक प्रमुख चालक बनाती है। 9. अटल पेंशन योजना: श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा 9 मई 2015 को पेश की गई, अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के







